गतांक से आगे ________₹₹₹₹₹₹₹_______________
अगले दिन सुबह मेरी आंख जल्दी खुल गई लगभग 5 बजे के आसपास देखा तो मम्मी बिल्कुल मुझसे चिपकी हुईं लेटी हैं, मैने जानबूझकर मम्मी को अपने से अलग नहीं किया उल्टे और कसकर पकड़कर लेटा रहा।
सुबह सुबह लन्ड इतना टाइट खड़ा हुआ था कि मम्मी की सलवार में घुसा जा रहा था ,मुझे ऐसा महसूस हो रहा था जैसे मम्मी भी मेरे लैंड को अपनी बुर में रगड़ने का मजा के रही हो , मैने जानकर अपनी कमर को थोड़ा पीछे किया तो मम्मी ने भी थोड़े टाइम बाद अपनी कमर को फिर से मेरे लन्ड पर रख दिया जिससे मुझे समझ में आ गया को मम्मी की बुर भी शायद अब रस छोड़ रही है ,
फिर मैने धीरे से मम्मी के कान में कहा " कि मम्मी मै पेशाब करने जा रहा हूं ,जब तक आप अपने सूट को थोड़ा ऊपर कर लेना " इतना कहकर मै उठकर पेशाब करने चला गया , जब दो मिनट बाद लौट कर आया तो आकर तुरंत मम्मी के साथ कम्बल में घुस गया , जैसे ही मै आकर लेटा मम्मी ने फिर से मेरी तरफ मुंह कर लिया ,मैने जैसे ही मम्मी के पेट पर। हाथ लगाया तो मम्मी का चिकना पेट बिल्कुल नहीं था ,मै समझ गया कि मम्मी अब मुझसे क्या चाहती है ,मैने आराम से पेट को सहलाकर मम्मी की पीठ सहलाने लगा ।

कुछ देर सहलाने के बाद मैने सोचा मम्मी को

करके देखते हैं मैने हल्के से एक किस मम्मी कर दी।जवाब में मम्मी ने भी अपने होठों को खोलकर मुझे करने का मौजूद दिया।
कुछ टाइम बाद मम्मी भी उठ गई और टॉयलेट में जानें लगी ,मैंने सोचा चलो आज मम्मी की बुर के दर्शन भी कर लेते है क्योंकि मम्मी अभी नीद में होंगी ,मैने सोचा चलो आज चला जाए ।
फिर मै उठकर टॉयलेट की तरफ गया तो देखा दरवाजा खुला हैं पर मम्मी की गांड़ मेरी तरफ है एकदम मस्त मोटी गद्देदार चौड़ी गांड़ ,क्या मस्त मॉल है मम्मी मैने सोचा ।
शायद आगे का नज़ारा ऐसा होगा
इतना सोचकर ही मन में करंट दौड़ने लगा , फिर तने उठकर अपनी सलवार बंद की और कमरे में आने लगी मै तुरंत भागकर कंबल में आ गया ।
फिर मम्मी बिना दुपट्टे के ही झाड़ू लगाने लगी जिससे उनके दोनों दूध सूट से बाहर आधे दिख रहे थे

फिर कुछ देर ऐसे ही दूधो के दर्शन करने के बाद मम्मी ने पोछा लगाना स्टार्ट किया और झुककर बेड के नीचे पोछा लगाने लगीं जिससे उनकी उठी हुई गांड़ के दर्शन भी हो गए ।

मैने सोचा लगता हैं रोज सुबह जल्दी उठने में बहुत फायदा है।
फिर मैने रोज सुबह जल्दी उठने का मन बना लिया और अपने बिस्तर से उठा और कपड़े पहनने लगा ।तभी मम्मी ने कहा ।
मम्मी _ क्या बात है आज बहुत जल्दी उठ गए ?
मै_ हां मम्मी सोच रहा हूं रोज जल्दी उठकर अपनी मम्मी के दर्शन कर लिया करूं ।
मम्मी _ अच्छा , मम्मी के दर्शन की जरूरत क्यों पड़ गई ?
मै_ मम्मी आपके दर्शन करने से मेरा पूरा दिन अच्छा गुजरता है।
मम्मी _( शायद मम्मी सब समझ गई और बोली) एक काम किया करो थोड़ा और जल्दी उठा करो ,बढ़िया से दर्शन हो जाएंगे ।
मै_ मम्मी, सच में , तो फिर कल से रोज और थोड़ा जल्दी उठने को कोशिश करूंगा।
मम्मी _ ऐसा मत करना कही , मम्मी के जल्दी दर्शन करने के चक्कर में अपनी सेहत का ध्यान भी भूल जाओ।
मै_ मम्मी मेरी सेहत का ध्यान रखने के लिए आप हो न ।
मम्मी _ जब रात को देर से सोओगे और सुबह जल्दी उठोगे तो सेहत तो खराब हो ही जाएगी न या तो रात को जल्दी सो जाया करो ।
मै_ (अपने मन में सोचकर आपकी बुर और गांड़ मुझे सोने ही कहां देती है) ठीक है मम्मी।
फिर मैं बाहर घूमने निकल गया
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एक नया अध्याय शुरू
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जैसे ही घर से निकला तो देखा कि हमारे पड़ोस में एक घर है जिसमें मेरी एक मौसेरी बहन (दूर के रिश्तेदारों में ) की शादी हुई है (पहले तो मै उससे दीदी कहता था फिर कभी कभी मजाक मजाक में भाभी भी कह किया था ,क्योंकि उसका पति मेरा भाई लगता था) , लेकिन उसका पति ज्यादा शराब पीने के कारण लीवर फेल होने से मर गया था 1 साल पहले उसके दो बच्चे हैं दोनों अभी छोटे हैं, पति के मरने के बाद वो एकदम सूख गई है हालांकि उसका नाकनक्शा बहुज बढ़िया है लेकिन , शरीर में कोई किसी तरह का मांस नहीं बिल्कुल हड्डी की सी दिखने लगी है , हमारे घर से उसकी बोलचाल बंद है , इसका कारण था हमारे घरों के पानी के निकास को नाली का ,जिसके चलते मम्मी और उसमें कई बार लड़ाई भी हुई है,

मैने देखा कि वो अपने घर के दरवाजे पर खड़ी होकर मुझे देख रही थी और धीरे धीरे झाड़ू भी लगाए जा रहीं थी , और साथ में उसके चेहरे पर एक अजीब सी मुस्कान भी थी जैसे मुझसे बात करना चाह रही हो , मैने भी हल्के से मुस्कुरा कर अपने घूमने के लिए निकल गया ।

पता नहीं मेरे मन में क्या आया मैने एक बार फिर पलटकर उसे देखा तो वह अब भी मुझे ही देख रही थीं और हल्के से मुस्कुरा भी रही थी ।
मैने हालांकि कभी भी उसे इस नजर से नहीं देखा क्योंकि एक तो उसका पति नहीं है ऊपर से दो बच्चे है फिर गांव में है ही क्या ,काम नहीं तो पैसा नहीं पैसा नहीं तो सुकून नहीं ।
करीब दो घंटे बाद मै घूमकर घर वापस आया , फिर मैने सोचा लाओ मम्मी से ही पूछ लेते है
मै_ मम्मी, एक बात बताओ जो हमारे पड़ोस में दीदी रहती हैं माया ,जिसका पति मर गया है उसकी जमीन है या नहीं थोड़ी बहुत ,रहती तो ऐसे है जैसे की कुछ है ही नहीं।
मम्मी _ अरे सुबह सुबह ये सब क्यों पूछने लगा ?
मै_ मम्मी जब मैं आज सुबह घूमने गया तो वो घर के बाहर झाड़ू लगा रही थी उसकी हालत बहुत खराब लग रही थी, इसलिए पूछ रहा हूं।
मम्मी _ सब नाटक करती है चुड़ैल, उसकी इतनी जमीन है कि जिंदगी भर कुछ न करे तो बैठे बैठे खायेगी , पर मालीछपन ओड रखा है उसने , 40 बीघा जमीन है ,हमारी तो सिर्फ 15 बीघा है , और उसकी तो मेन रोड पर भी है जिसकी कीमत आज करोड़ों में है ।
मै_ मम्मी रहती तो बिल्कुल गंदी है , लगता नहीं है इतनी बड़ी आसामी होगी।
मम्मी _ सब इकट्ठे कर रही है ,पता नहीं क्या करेगी इतने पैसे का , शादी भी नहीं कर रही है ,अभी कौन सी बूढ़ी हो गई है?
मै_ होगा मम्मी, छोड़ो , आप नाश्ता बनाओ , मै आज शाम को थोड़ा लेट आऊंगा थोड़ा काम है शहर जाना है ।
मम्मी _ किसी को ले जाना अपने साथ, अकेले मत जाना और शाम को जल्दी आने की कोशिश करना ।
मै_ ठीक है मम्मी डेयरी पर से किसी को ले जाऊंगा ।
फिर मैने नाश्ता किया , और रोज की तरह मम्मी को अपने गले लगाया ,और हल्के से किस किया फिर अपने काम पर निकल आया ।
जैसे ही घर से निकला देखा माया नहाकर बाहर दरवाजे पर ही खड़ी है अपने खुले हुए बालों को कंघे से सुखा रही है , पता नहीं क्यों सुबह से अच्छी दिख रही थी ,

(मेरे मन में भी कुछ अजीब से विचार आने लगे थे , फिर मैने सोचा अगर इसे पटा लिया जाए तो इसकी जमीन भी मिलने के चांस हैं ,मैने मन में सोचकर एक हल्की सी इस्माइल उसे दी, फिर उसने भी मुझे पहले से ज्यादा प्यार से मुस्कुरा कर जवाब दिया)
मैं उसे एक दो बार देखकर अपने काम पर निकल गया ।
