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Plot -
गुस्से में उदभव अपनी पत्नी का मुँह दबोच लेता है और अपनी देहाती आवाज़ में उसे फुसफुसाता है " तु तो मरेगी ही साथ ही साथ मेरेको भी मरवाएगी। तू जानती है न कि हम अपने राजा के ऋणी हैं और उनके सभी आदेशों का पालन करते है? तू भूल गई कि राजा ने हमारे दरवाजे के बाहर सख्त पेहरा लगा रखा हैं, चुपचाप उर्मि को सौप दे, नहीं तो हम दोनों मर जाएंगे। अगर उसके भाग्य में राजयोग है, तो ऐसा होने दें। हम नियति के विरुद्ध कुछ नहीं कर पाएंगे। अगर उसकी नियति में मरना लिखा है, तो हम इसे चाह कर भी रोक नहीं सकेंगे,
Black Aakash.
Bahot badiya





