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very very............................................................................................................................................................Nice
मॉम मेरी तरफ एक स्माइल देती है और फिर तुरंत ही अपनी साड़ी को अपने बदन से अलग कर देती है और फिर ब्लाउज और पेटिकोट भी उतार देती है... अब वो रेड कलर की छोटी सी ब्रा और पेन्टी मे थि, जिसमे वो बहोत सेक्सी लग रही थी मे तुरंत ही उनकी कमर के पीछे अपना हाथ ले जाकर उन्हें अपनी तरफ खिंच लेता हु... अब में उनके होंठो को अपने होंठो मे भर कर चुस्ने लगता हु, माँ मेरी पीठ को अपने हाथों से सहला रही थी और अपने लेफ्ट हैंड से उनके लेफ्ट स्तन को जोकि आधे से ज्यादा ब्रा से बाहर निकला हुआ था पकड़ कर मसलने लगता हूँ और दूसरा हाथ निचे उनकी चुत पर पेन्टी के ऊपर से ही रख कर मसलने लगता हु, उनकी चुत बहोत पनिया गई थी जिससे उनकी पेन्टी गिली हो गई थी... माँ अब मेरे होंठो को चुसते हुए अपना हाथ निचे ले जाती है और मेरे लंड को अपने हाथो मे लेकर मुठियाने लगती है... बसंती वहि पर खड़ी हुई अपनी हैरत भरी नजरो से हम माँ बेटे को देख रही थी...
ओर हम सबसे बेख़बर अपने मे खोये हुए थे, काफी देर तक हम एक दूसरे को किस करने के बाद हम अलग होते हैं हम दोनों की साँसे फूल रही थी और हम अपनी साँसे कण्ट्रोल करने लगते है तभी मुझे किसी का मुह अपने लंड पर महसूश होता है... मे नीचे देखता हूँ तो निचे बसंती बिलकुल नंगी बैठि हुई थी और वो मेरे लंड को अपने मुह मे भर कर चुस रही थी.... मुझे अपनी तरफ देखता पाकर वो लंड को मुह से बाहर निकल कर एक सेक्सी सी स्माइल देती है और फिर टोपे पर अपनी जीभ फिरती है उसकी इस हरक़त से मेरे मुह से एक सिसकि निकल जाती है...
ओर जब मे माँ की तरफ देखता हूँ तो वो भी बसंती को ही देख रही थी और फिर वो मेरी तरफ देखति है मुझे अपनी तरफ देखता पाकर वो एक सेक्सी सी स्माइल देती है और फिर मेरी और देखते हुए बड़ी अदा से अपनी ब्रा को अपने बदन से अलग कर देती है और फिर वो मुड जाती है अब उनकी पीठ मेरी तरफ थी और मेरी नजर उनके नितम्बो पर जाम जाती है, माँ की छोटी से पेन्टी उनके भारी नितम्बो को छुपाने मे पूर्णतया असमर्थ थी.. माँ पलट कर देखति है और मुझे अपने नितम्बो को देखता पाकर वो अपने हाथ से अपने नितम्ब पै थप्पड़ मारती है और फिर अपनी पेन्टी मे अपनी उंगलियाँ फसा कर वो आगे की और झुक जाती है जिससे उनके चुत्तड़ और उभार कर मेरे सामने आ जाते है... अब वो अपनी गर्दन पीछे करके मेरे चेहरे पर आ रहे एक्सप्रेशन को देखते हुए अपनी पेन्टी धीरे धीरे निचे खिसकाने लगती है, और थोड़ा सा पेन्टी को खिसकाने के बाद वो अपने चूतडो को गोल गोल घुमने लगती है, अब वो अपने चूतडो को मटकाते हुए अपनी पेन्टी को निचे खिसका रही थि, और मे तो आँखे फाडे उनके इस शो को देख रहा था, उनकी हर अदा मुझ पर जुल्म ढा रही थी अब उनकी पेन्टी उनकी गांड से निचे आ गई थी और मे सोच लेता हूँ की इस मस्तानी गांड मे तो अपना लंड जरूर चोदना है....
एक तो माँ की अदायें और ऊपर से बसंती का मेरे लंड को चुसना मे अपने ऊपर से कण्ट्रोल खो देता हूँ और मेरा लंड एक के बाद एक पिचकारी बसन्ती के मुह मे छोडने लगता है जोकि बसंती पूरा पि जाती है... और मस्ती मे मेरी आँखें बंद हो जाती है...
अब बसंती मेरे लंड को चाट चाट कर साफ़ कर देती है और उधर माँ भी अपनी पेन्टी उतार कर फेक देती है और मेरी तरफ देख कर अपनी गांड मटकते हुए अपने रूम मे चलि जाती है...
माँ अपनी गांड मटकाते हुए कमरे मे चलि जाती है और मे भी बसंती को आने का इशारा करके उनके पीछे चल देता हूँ और बसंती भी मेरे साथ चल देती है....
हम दोनों रूम मे एंटर होते है... अंदर माँ नंगी ही अपने मुह मे अपनी ऊँगली लिये लेटी थी और अपने एक हाथ से अपनी चुत को सेहला रही थी... क्या लग रही थी माँ उस समय, कसम से एक सेक्स की देवी लग रही थी....
मै बेड पर पहुच कर उनके पैरों के बीच बैठ जाता हूँ और उनके हाथ को पकड़ कर उनकी चुत के रस मे भीगी उँगलियों को अपने मुह मे लेकर चूसता हूँ और फिर उनकी टाँगो को फैला कर अपना मुह उनकी चुत पर रख देता हु....
अब में माँ की चुत को अपने मुह मे भरकर चुस्ने लगता हूँ और जब्कि ऊपर बसंती माँ के पास आकर उनके होंठो को अपने होंठो मे भर लेती है और साथ ही साथ उनके मम्मो को मसलने लगती है.... थोड़ी देर चुत को चुस्ने और चाटने के बाद मे अब टाँगो के बीच बैठ जाता हूँ और अपना लंड माँ की चुत पर सेट करके एक जोर का शॉट मारता हूँ और मेरा आधे से ज्यादा लंड अब उनकी चुत की गहराई मे चला गया था बसंती के किस के कारन उनकी आवाजें बसंती के मुह मे ही दम तोड़ रही थि, पर फिर भी मुझे ऊऊह्ह्ह्हम्मम्मम्ह....यमममममम की आवाजें सुनाइ दे रही थी.... अब मे दूसरा शॉट मारकर अपना लंड पूरा अंदर कर देता हूँ और लंड को पूरा अंदर करके धक्के लगाने लगता हु..... जब्कि उधर बसंती अब माँ के होंठो को छोड़ देती है और उनके मुह के ऊपर अपने दोनों पेर करके बैठ जाती है
अब उसकी चुत मम्मी के मुह पर थी और माँ अपने होंठो से उसकी चुत चुस्ने लगती है और बसंती आगे बढ़ कर मुझे किस करने लगती है... मुझे थ्रीसम मे बहोत मजा आ रहा था, में माँ की चुत मे अपना लंड डाले हुये उनकी चुदाई कर रहा था और साथ ही साथ बसंती के होंठो को भी चुस रहा था... और बसंती भी मुझे किस करते हुए अपनी चुत माँ से चटवा रही थी... इस एक्ससाइटमेंट से माँ का बाँध भी अब तूट जाता है और उनकी चुत अपना रस छोड़ देती है.... माँ के झरते ही मे अपने लंड को उनकी चुत से निकाल लेता हूँ मेरे लंड निकलते ही बसंती भी माँ के ऊपर से उठ जाती है... माँ का मुह बसंती की चुत के रास से साना हुआ था और वो झरने के कारन गहरी गहरी साँसे ले रही थी....
मै बसंती को डॉगी पोजीशन मे लाता हूँ अब उसका मुह मम्मी की चुत के पास था वो आगे बढ़ के माँ की चुत से निकले हुए रस को अपनी जीभ से चाट्ने लगती है.... और में पीछे आकर उसकी चुत पर अपना लंड सेट करके एक तेज का धक्का मारकर लंड को एक ही बार मे चुत मे घुसेड देता हूँ और फिर तेज धक्के लगाते हुए उसकी चुदाई करने लगता हु.... बसंती की चुत माँ की चुत से ढीली थी पर फिर भी मजा आ रहा था....पर माँ की चुत की तो बात ही अलग है.... में अपने दोनों हाथो को आगे ले जाकर उसके मम्मो को पकड़ कर मसलते हुए उसकी चुदाई करने लगता हु... बसंती माँ की चुत चाट और चुस रही थी..... और माँ सिसकियाँ लेते हुए अपने दूधों को मसल रही थी...
मै अब अपने लंड को तेजी मे बाहर निकलता और फिर उसी तेजी से लंड को वापस अंदर करके उसकी चुदाई करने लगा....
मेरे हर धक्के पर बसंती अपनी गांड आगे पीछे करके ताल से ताल मिला रही थी....
मेरे धक्को की स्पीड अब बढ्ने लगी थी और मे झड़ने के करीब था....
मै- आआअह्ह्ह्हह.....मेरा छूटने वाला है हीीी....आआह्ह्ह्ह
ओर में अपना सारा माल उसकी चुत मे ही दाल देता हूँ और बसंती भी मेरे गरम लावे को महसूस करके झड जाती है.....
मै बसंती की चुत से अपना लंड बाहर निकल कर बेड पर लेट जाता हूँ और अपनी आँखें बांध कर अपनी साँसे कण्ट्रोल मे करने लगता हु.... तभी मुझे अपने मुरझाये लंड पर किसी का हाथ महसूस होता है में अपनी आँखे खोल कर देखता हूँ तो मेरे पैरों के बीच मे माँ बैठि हुई मेरे लंड को मुठिया रही थी... थोड़ी देर तक लंड को मुठियाने के बाद भी जब लंड खड़ा नहीं होता तो माँ उसे पूरा अपने मुह मे लेकर चुस्ने लगती है, माँ पुरे लंड को बड़ी आसानी से अपने मुह मे लेकर चुस रही थी और उनकी चूसाइ का असर भी लंड पर दिखाइ दिया, मेरा २ बार झडा हुआ लंड फिर से अपना सर उठाने लगा था...
मै बसंती की तरफ देखता हु, वो हम दोनों को देखते हुए अपनी चुत मे उँगलियाँ कर रही थी...
तभी बसंती वहां से उठकर मम्मी के पास आ जाती है और मेरी गोटियों को अपने हाथों मे लेकर मसलने लगती है... अब सीन ये था की दो कामुक औरतेँ मेरे पैरों की दोनों तरफ बैठ कर मेरे लंड और गोटियों से खेल रही थी.....
मै- आह्ह्ह्हह्ह्ह्...... सक इटतत्त्त.....
मेरा लंड अब अकड कर पूरा खड़ा हो गया था.... अब बसंती मेरे लंड को निचे से पकड़ कर उसे हिलाते हुये मेरी गोटियों को एक एक करके अपने मुह मे लेकर चुस रही थी... और मम्मी लंड को आधा अपने मुह मे लेकर चुस रही थी.... थोड़ी देर तक मेरी गोटियों को चुस्ने के बाद वो गोटियों को छोड़कर लंड पर हमला कर देती है और अपनी जीभ निकालकर उसे चाटने लगती है... में तो मजे की अलग ही दुनिया मे था, माँ मेरे लंड को अपने मुह से निकाल कर वहां से उठ कर मेरे पास आती है और फिर मेरे मुह के दोनों तरफ अपने पेर करके अपना मुह मेरे लंड की तरफ करे हुए अपनी चुत को मेरे मुह पर रख कर बैठने लगती है और में भी अपनी जीभ बाहर निकल कर उनकी चुत का स्वागत करता हूँ और जैसी ही माँ की चुत से मेरी जीभ का स्पर्श होता है, माँ एकदम से मेरी जीभ पर बैठ जाती है और मेरी जीभ और होंठ भी उनकी चुत मे गुम हो जाते है....
अब में माँ की चुत की चूसाई करने लगता हु, जब्कि नीचे बसंती, मम्मी के लंड को छोड़ते ही उसे अपने मुह मे भर कर चुस्ने लगती है.... बसंती मेरे लंड को जितना ले सकती थी अपने मुह मे लेकर लॉलीपोप की तरह चुस्ने लगती है और साथ ही साथ अपने हाथ से मेरी गोटियों को भी सहला रही थी..... और ऊपर माँ अपने चुत्तड़ हिलाते हुए अपनी चुत को मेरे मुह पर रगड़ने लगती है.....
सोनाली : आआह्ह्ह्हह्ह्.....स्स्स्सह्ह्हह्ह्....हाआनं ऐसीईए ही चुसस्स ली बेटाआह
तभी वो ६९ की पोजीशन मे आते हुए मेरे लंड को अपने हथेलियों मे भर कर उसे मसलने लगती है.... और फिर अपनी जीभ निकल कर उसपर फेरने लगती है.... बसंती मम्मी का उतावला पण देख कर लंड से अपना मुह हटा लेती है, शायद वो सोच रही होगी की इस लंड की पहली हक़दार मेरी माँ है जोकि सही भी था.... माँ बसंती को हटता देख कर उसके बालों को पकड़ कर अपनी तरफ खिंच कर उसके होंठो को अपने होंठो मे लेकर चुस्ने लगती है.... और थोड़ी देर मे दोनों अलग होते है और फिर दोनों मेरे लंड पर किस करने लगते है....
आहाहठ क्या मजा आ रहा था....
फिर दोनों अपनी जीभ निकालकर मेरे लंड पर ऊपर से निचे तक चलाते हुये उसे चाटने लगते है.... अब माँ मेरे लंड को अपने मुह मे लेकर एक चुप्पा लगाती है और फिर उसे अपने मुह से निकल देती है उसके लंड को छोड़ते ही बसंती लंड.को अपने मुह में.भर एक चुप्पा लगाती है और फिर दोनों एक एक करके मेरे लंड चूम चाट और चुस्ने लगते है और मे तो जैसे जन्नत मे था....
तभी माँ मेरे ऊपर से हट जाती है और बसंती भी लंड को छोड़कर मेरी तरफ बाद कर मेरे मुह पर अपनी चुत रख कर बैठ जाती है... वो मेरी मुह की तरफ मुह करके बैठि थी इस्लिये उसकी बड़ी बड़ी २ बॉल्स मुझे दिखाइ दे रही थी....
वइसे तो माँ की चुत चाट चाट के मेरी जीभ थक गई थी पर में बसंती का मजा ख़राब नहीं करना चाहता था इस्लिये में अपनी जीभ निकाल कर उसकी चुत मे दाल कर चुस्ने लगता हुं.....
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