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vakharia

ℜ𝔬𝔪 𝔅𝔞𝔯𝔬
Supreme
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Kahani Samiksha: Vikas Ka Package
Lekhak Mahoday: SpiceSquadron

Vikas-ka-Package-by-Spice-Squadron
SpiceSquadron ji,

Achchi kahani hai. Kahani mein ek chhote se shehar ki journalism aur politics ka swad ekdum adrak wali tapri ki chai jaisa tha.. kadak aur sachha..!!

Naman Tiwari. Prime time wali hawa lekar aata hai aur local netaon ke cake ki photo kheenchne par ruk jaata hai. Corruption expose karne ka sapna aur stray cattle ki khabrein likhne ki reality.. humari society ke media culture ka ek standard thappa hai. Aur woh Ghanshyam Babu vala kirdaar? Kya baat hai..!! Aisa editor har newsroom mein mil jaayega jisko apna akhbar bechna bhi hai aur relation bhi. In donon ke aapsi tension ko padhne mein maza aata hai.

Phir aate hai vidhayak ji Adarsh Bihari Sengar.. woh to bhai kamaal ka character hai..!! Sab kuch promise karta hai, aur end mein surprise chhod deta hai, aise hi to hote hai real life politicians..!! Ye political observation ka aalekhan badhiya tha. Aur ye Vikas vaale package ki sirf hawa hi hai.. project ka koi thikaana nahi hai, yehi to hamare aaspas ki aam raajneeti ki reality hai.

Aapka writing flow bohot earthy hai, aise hi likhte rahiye.

Saprem..

vakharia
 

Prompt_Writer

New Member
9
48
14
Story — Bhabhi
Writer — Prompt_Writer
Genre — Incest

Story Rahul naam ke ladke ki hai. Jiska uski bhabhi ke sath jismani rishta ban jata hai...

Story ka plot incest based hai jo kafi readers ko pasand aa sakta hai.
Story me erotic bhi hai toh masterbation ke liye acchi choice ho sakti hai kuch readers ke liye.

Story ke characters weak hain. Unko aur depth di jati toh story strong ban jati.
Story me erotic dikhaya gaya hai, thoda emotional depth add ki ja sakti thi.

Rating — 5.5/10​
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Clipmaster99

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Story - अंजान खूनी
Written by - DEVIL MAXIMUM



Review by: Clipmaster99


कहानी “अंजान खूनी” पढ़ते हुए सबसे पहले जो बात मन में आती है, वह है इसकी रोचक शुरुआत और माहौल का सजीव चित्रण। आपने 1960 के दिल्ली शहर का जो वातावरण बनाया है, उसमें पार्टी, पुलिस अधिकारियों की बातचीत और पुराने कमिश्नर की यादें सब मिलकर पाठक को तुरंत ही कहानी के भीतर खींच लेते हैं। यह आपकी सबसे बड़ी ताकत है कि आप दृश्य को इस तरह गढ़ते हैं कि पाठक को लगता है जैसे वह खुद उस जगह मौजूद है। सूरज और रोमेश सक्सेना जैसे किरदारों की एंट्री भी बहुत सहज है। खासकर रोमेश का परिचय, जिसमें उनकी डिटेक्टिव एजेंसी और पुलिस ट्रेनिंग का जिक्र है, पाठक को उनके व्यक्तित्व से जोड़ देता है। संवादों को आपने बहुत ही नैचुरल रखा है, जिससे पढ़ते समय ऐसा लगता है जैसे हम खुद उस पार्टी में मौजूद हों और बातचीत सुन रहे हों।

कहानी का असली आकर्षण तब शुरू होता है जब नरेश बाबू अपने अधूरे केस का जिक्र करते हैं। नलिनी की हत्या और उसके पीछे छिपा रहस्य कहानी को आगे बढ़ाने का असली इंजन है। यह हिस्सा कहानी को थ्रिलर और सस्पेंस की दिशा में ले जाता है। पाठक को यह जानने की उत्सुकता रहती है कि आखिर नलिनी की हत्या किसने की और क्यों की। यही उत्सुकता कहानी को बांधे रखती है।

अब अगर हम सुधार की बात करें तो सबसे पहले यह कहना होगा कि कहानी थोड़ी लंबी और फैली हुई है। कई बार संवादों में एक ही बात दोहराई जाती है, जिससे गति धीमी हो जाती है। उदाहरण के लिए, पार्टी में बार‑बार परिचय और तारीफों का सिलसिला थोड़ा लंबा खिंच गया है। अगर आप इन हिस्सों को थोड़ा संक्षिप्त कर दें तो कहानी और भी धारदार लगेगी।

दूसरी बात यह है कि किरदारों की भावनाओं पर और गहराई से काम किया जा सकता है। नलिनी की मौत का जिक्र आते ही रवि का रिएक्शन थोड़ा सतही लगता है। अगर आप उसकी मनःस्थिति, डर, गुस्सा या सदमे को और विस्तार से दिखाते तो पाठक उससे ज्यादा जुड़ पाता। इसी तरह नरेश बाबू का अधूरा केस सुनाते समय उनकी निराशा या बेचैनी को और गहराई से दिखाया जा सकता था। इससे कहानी में भावनात्मक वजन और बढ़ जाता।

तीसरी बात भाषा और प्रस्तुति की है। आपने संवादों को अंग्रेज़ी और हिंदी के मिश्रण में लिखा है, जैसे “Many Many Congratulation सर।” यह स्टाइल कहानी को आधुनिक बनाता है, लेकिन कभी‑कभी प्रवाह टूटता है। अगर आप इसे पूरी तरह हिंदी में रखें, तो कहानी और भी सहज लगेगी। साथ ही, कुछ जगहों पर वाक्य बहुत लंबे हैं। छोटे‑छोटे वाक्यों में लिखने से पढ़ना आसान होगा और असर भी ज्यादा होगा।

कहानी का सबसे मजबूत पहलू है इसका सस्पेंस और रहस्य। आपने जिस तरह से नरेश बाबू के केस को अधूरा छोड़ा है, वह पाठक को आगे पढ़ने के लिए मजबूर करता है। यह एक अच्छी तकनीक है। लेकिन ध्यान रहे कि सस्पेंस को बनाए रखने के लिए बीच‑बीच में छोटे‑छोटे क्लू देना जरूरी होता है। अगर आप नलिनी के चरित्र और उसके रहस्यमय व्यवहार के बारे में और संकेत देते तो कहानी और भी रोमांचक हो जाती।

आपकी लेखन शैली में एक खास बात है—बोलचाल की सहजता। यह कहानी को आम पाठक के लिए आकर्षक बनाती है। इसमें कोई भारी‑भरकम शब्द नहीं हैं, जिससे पढ़ते समय बोझिलपन नहीं होता। यही आपकी ताकत है और इसे बनाए रखना चाहिए।

कहानी में पुलिसिया जांच, रहस्य और मानवीय रिश्तों का अच्छा मिश्रण है। लेखक DEVIL MAXIMUM ने जिस तरह से 1960 के दिल्ली का माहौल बनाया है, वह काबिले तारीफ है। अगर आप ऊपर बताए गए सुधारों पर ध्यान दें तो यह कहानी और भी प्रभावशाली बन सकती है।

आपकी मेहनत और कल्पना सराहनीय है। यह कहानी पाठकों को बांधकर रखती है और यही किसी भी लेखक की सबसे बड़ी सफलता होती है।



Clipmaster99


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Story - Existence Of The Ghost
Written by - dhalchandarun


Review by: Clipmaster99

कहानी “Existence Of The Ghost” पढ़ते हुए सबसे पहले जो बात मन में आती है, वह है इसकी पृष्ठभूमि और वातावरण का सजीव चित्रण। आपने कहानी को 200 साल पुराने भारत में रखा है, जब अंग्रेज़ों का शासन था और किसानों पर भारी कर लगाया जाता था। इस ऐतिहासिक संदर्भ ने कहानी को एक गहरी गंभीरता दी है और पाठक को तुरंत ही उस दौर की कठिनाइयों का अहसास कराता है। किसानों की गरीबी, उनकी मजबूरी और अंग्रेज़ों की कठोर नीतियों का वर्णन बहुत ही प्रभावशाली है। यह हिस्सा कहानी को सिर्फ एक हॉरर कथा नहीं रहने देता बल्कि उसे सामाजिक और ऐतिहासिक गहराई भी देता है।

दहशतपुर गांव का चित्रण कहानी का सबसे रोचक हिस्सा है। यह गांव उपजाऊ है, यहां के लोग भूखे नहीं रहते, लेकिन फिर भी यहां एक रहस्यमय डर का साया है। रात में बाहर जाने वाले लोगों की मौत हो जाती है और किसी को कारण समझ नहीं आता। यही रहस्य कहानी को हॉरर का रंग देता है। गांव का नाम ही “दहशतपुर” होना इस डर को और गहरा बना देता है। पाठक को यह जानने की उत्सुकता रहती है कि आखिर इस गांव में मौतों का कारण क्या है और क्या सच में कोई भूत है।

कहानी का नायक रजु इस डर को चुनौती देता है। उसका भूतों पर विश्वास न करना और सच्चाई को सामने लाने का संकल्प कहानी को आगे बढ़ाता है। रजु का किरदार साहसी और तर्कशील है, जो पाठक को प्रभावित करता है। उसके दोस्तों के साथ संवाद और उनका डर भी बहुत स्वाभाविक लगता है। रात में आम के पेड़ के पास जाकर खूँटी ठोकने वाला दृश्य कहानी का सबसे रोमांचक हिस्सा है। यहां पाठक भी रजु के साथ डर और तनाव महसूस करता है। जब रजु बेहोश हो जाता है और बाद में पता चलता है कि उसने गलती से अपनी ही कंबल में खूँटी ठोक दी थी, तो यह दृश्य कहानी को यथार्थवादी मोड़ देता है और यह साबित करता है कि डर अक्सर हमारे मन का भ्रम होता है।

कहानी का दूसरा हिस्सा, जहां रजु और उसके दोस्त असली अपराधियों को पकड़ते हैं, बहुत ही प्रभावशाली है। यह खुलासा कि अंग्रेज़ ही गांव वालों को मारते थे ताकि उनकी जमीन पर कब्जा कर सकें, कहानी को सामाजिक और राजनीतिक गहराई देता है। यह मोड़ कहानी को हॉरर से हटाकर यथार्थवादी रहस्य और ऐतिहासिक अन्याय की ओर ले जाता है। यह हिस्सा पाठक को सोचने पर मजबूर करता है कि असली भूत डर नहीं बल्कि शोषण और अन्याय है।

अब अगर सुधार की बात करें तो सबसे पहले यह कहना होगा कि कहानी थोड़ी लंबी है और कई जगह विवरण दोहराया गया है। किसानों की समस्याओं और गांव के डर का वर्णन कई बार आता है, जिसे थोड़ा संक्षिप्त किया जा सकता है। इससे कहानी की गति और तेज हो जाएगी।

दूसरी बात यह है कि पात्रों की भावनाओं को और गहराई से दिखाया जा सकता है। रजु के साहस और उसके दोस्तों के डर को और विस्तार से लिखा जाए तो पाठक उनसे ज्यादा जुड़ पाएगा। खासकर जब रजु बेहोश होता है, उस समय उसके मन के डर और भ्रम को और विस्तार से दिखाया जा सकता था।

तीसरी बात भाषा की है। कहानी में हिंदी और अंग्रेज़ी का मिश्रण है, जैसे “Existence Of The Ghost” या “Farmers malnutrition”। अगर इसे पूरी तरह सरल हिंदी में रखा जाए तो प्रवाह और भी सहज होगा। छोटे वाक्यों में लिखने से पढ़ना आसान होगा और असर भी ज्यादा होगा।

कहानी का सबसे मजबूत पहलू है इसका संदेश। आपने दिखाया है कि असली डर भूत नहीं बल्कि इंसानों का लालच और अन्याय है। यह संदेश कहानी को साधारण हॉरर से अलग बनाता है और उसे गहराई देता है।

कुल मिलाकर, “Existence Of The Ghost” एक मौलिक और रोचक कहानी है, जिसमें हॉरर, रहस्य और ऐतिहासिक संदर्भ का अच्छा मिश्रण है। लेखक ने जिस तरह से दहशतपुर गांव का वातावरण बनाया है और अंत में असली अपराधियों को उजागर किया है, वह काबिले तारीफ है। अगर आप ऊपर बताए गए सुधारों पर ध्यान दें तो यह कहानी और भी प्रभावशाली बन सकती है।

निष्कर्ष में यही कहा जा सकता है कि यह कहानी अपने डरावने माहौल और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के कारण पाठकों को सोचने पर मजबूर करती है, और लेखक ने जिस तरह से भूत के भ्रम को तोड़कर असली अन्याय को उजागर किया है, वह इसे यादगार और प्रभावशाली बनाता है।


Clipmaster99


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Story - Ajnabi Raaste
Written by - beauty_lover11


Review by: Clipmaster99

कहानी “अजनबी रास्ते” पढ़ते हुए सबसे पहले जो बात सामने आती है, वह है इसकी भावनात्मक गहराई और यथार्थवादी चित्रण। लेखक ने ज़ैन और सना के रिश्ते को बहुत ही मासूम और प्यारे अंदाज़ में शुरू किया है। उनकी बातचीत, वादे और छोटी‑छोटी शर्तें पाठक को मुस्कुराने पर मजबूर करती हैं। लेकिन जैसे ही ज़ैन बैंकॉक जाता है, कहानी का स्वर बदल जाता है और यह एक साधारण प्रेमकथा से निकलकर जटिल मानवीय भावनाओं और सामाजिक सच्चाइयों की ओर बढ़ जाती है।

बैंकॉक का वातावरण बहुत ही सजीव तरीके से दिखाया गया है। भीड़, रोशनी, शोर और अजनबीपन सब मिलकर पाठक को उसी शहर में ले जाते हैं। ज़ैन का असहज होना और फिर माली से मिलना कहानी को एक नया मोड़ देता है। माली का किरदार शुरुआत में एक साधारण गाइड लगता है, लेकिन धीरे‑धीरे उसकी असली ज़िंदगी सामने आती है। उसकी मासूमियत, उसकी मजबूरी और उसके परिवार की हालत कहानी को गहराई देती है।

ज़ैन और माली के बीच का रिश्ता बहुत ही जटिल है। ज़ैन एक तरफ सना से वादा निभाने की कोशिश करता है, दूसरी तरफ माली की सच्चाई और उसकी तकलीफ उसे अंदर से हिला देती है। ट्रेन स्टेशन का दृश्य, जहां ज़ैन लगभग माली के करीब चला जाता है लेकिन सना की याद उसे रोक देती है, कहानी का भावनात्मक शिखर है। यह पल पाठक को भी सोचने पर मजबूर करता है कि वफादारी और आकर्षण के बीच इंसान किस तरह टूट जाता है।

कहानी का सबसे प्रभावशाली हिस्सा है माली की सच्चाई। उसका पति उसे मजबूर करता है, उसकी मां बीमार है और छोटी बहन मासूम है। यह सब दिखाते हुए लेखक ने समाज की कठोरता और स्त्रियों की मजबूरी को बहुत ही सच्चाई से पेश किया है। माली का यह कहना कि “ज़िंदगी deserve से नहीं, ज़रूरत से चलती है” कहानी का सबसे गहरा संवाद है। यह लाइन पाठक के दिल में उतर जाती है और लंबे समय तक याद रहती है।

ज़ैन का संघर्ष भी बहुत वास्तविक है। वह मदद करना चाहता है, माली को बचाना चाहता है, लेकिन जानता है कि यह उसका अधिकार नहीं है। उसका दिल और दिमाग लगातार लड़ते रहते हैं। अंत में जब वह माली को गले लगाता है और फिर हमेशा के लिए अलविदा कहता है, तो यह दृश्य बहुत ही मार्मिक बन जाता है। माली का जाना, उसका मुस्कुराना और ज़ैन का टूट जाना कहानी को एक दर्दनाक लेकिन सच्चा अंत देता है।

सना का किरदार भी महत्वपूर्ण है। वह पूरी कहानी में मौजूद रहती है, भले ही दूर से। उसकी मासूम उम्मीदें और उसका भरोसा ज़ैन को बार‑बार याद दिलाते हैं कि वह “जेंटलमैन” बने। लेकिन जब ज़ैन लौटता है, तो दोनों के बीच की दूरी साफ दिखाई देती है। कोई बड़ा झगड़ा नहीं होता, कोई नाटकीय ब्रेकअप नहीं होता, बस धीरे‑धीरे रिश्ते खत्म हो जाते हैं। यह यथार्थवादी चित्रण कहानी को और भी असरदार बनाता है।

अब अगर सुधार की बात करें तो सबसे बड़ी कमी यह है कि कहानी लगभग पूरी तरह एक‑एक वाक्य में लिखी गई है। इस शैली से पढ़ने का प्रवाह टूटता है और पाठक को बार‑बार रुकना पड़ता है। अगर लेखक इसे छोटे‑छोटे पैराग्राफ़ में लिखे, तो भावनाएं और दृश्य और भी प्रभावशाली बनेंगे। एक वाक्य वाली शैली कहानी को नोट्स या स्क्रीनप्ले जैसा बना देती है, जबकि पैराग्राफ़ में लिखने से यह एक परिपक्व साहित्यिक रचना लगेगी।

इसके अलावा, कुछ हिस्सों में अंग्रेज़ी और हिंदी का मिश्रण है, अगर इसे पूरी तरह सरल हिंदी में रखा जाए तो प्रवाह और भी सहज होगा। साथ ही, ज़ैन और माली के भावनात्मक क्षणों को और गहराई से दिखाया जा सकता था, ताकि पाठक उनके दर्द को और ज्यादा महसूस कर सके।

कुल मिलाकर, “अजनबी रास्ते” एक बेहद संवेदनशील और मौलिक कहानी है। इसमें प्रेम, वफादारी, आकर्षण और मजबूरी सब कुछ है। लेखक ने बहुत ही ईमानदारी से यह दिखाया है कि ज़िंदगी हमेशा आसान नहीं होती और कभी‑कभी खो देना भी मोहब्बत का हिस्सा होता है। कहानी का अंत, जहां ज़ैन और माली दोनों अपनी‑अपनी दुनिया में लौट जाते हैं लेकिन एक दूसरे की याद हमेशा साथ रहती है, बहुत ही खूबसूरत और असरदार है।

यह कहानी पाठक को सोचने पर मजबूर करती है कि रिश्तों में सच्चाई, वफादारी और मजबूरी किस तरह टकराती है। लेखक की मेहनत और संवेदनशीलता साफ दिखाई देती है। यह कहानी लंबे समय तक याद रहती है क्योंकि यह सिर्फ एक प्रेमकथा नहीं, बल्कि इंसानी हालात और भावनाओं का सच्चा आईना है।


Clipmaster99


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Story - “खामोश अलविदा”
Written by - ayush01111


Review by: Clipmaster99

कहानी “तूफ़ान की पहली रात” एक भावनात्मक और नाटकीय यात्रा है जिसमें पूनम और आरव के जीवन की उलझनें, गलत फैसले और रिश्तों की जटिलताएँ सामने आती हैं। शुरुआत से ही लेखक ने वातावरण को बहुत तीव्र और सिनेमाई अंदाज़ में प्रस्तुत किया है—बारिश, अंधेरा, टूटे सपने और अचानक हुई मुलाक़ात। यह सब पाठक को तुरंत कहानी के भीतर खींच लेता है।

पूनम का किरदार एक अमीर घराने की बेटी के रूप में सामने आता है, जिसके पास सब कुछ है लेकिन प्यार में धोखा खाकर वह टूट जाती है। राघव के स्वार्थ और पैसे की भूख ने उसकी ज़िंदगी को बर्बाद कर दिया। इसी टूटन में आरव की एंट्री होती है, जो ईमानदार और नेकदिल इंसान है। आरव का चरित्र कहानी का सबसे मजबूत स्तंभ है—वह पूनम को बचाता है, उसका सम्मान करता है और शादी के बाद भी कभी उसे मजबूर नहीं करता। लेकिन पूनम का लगातार तिरस्कार और राघव के प्रति अंधा आकर्षण उसकी ज़िंदगी को और कठिन बना देता है।

कहानी का सबसे प्रभावशाली हिस्सा वह है जब आरव, पाँच साल तक चुपचाप सब सहने के बाद, तलाक की मांग करता है। उसका यह निर्णय शांत लेकिन बेहद गहरा है। वह पूनम को यह एहसास दिलाता है कि रिश्ते सिर्फ प्यार से नहीं, बल्कि सम्मान से चलते हैं। यह संवाद कहानी का भावनात्मक केंद्र है।

इसके बाद आरव का अमेरिका जाना और वहाँ नई ज़िंदगी शुरू करना कहानी को प्रेरणादायक मोड़ देता है। समीरा के साथ उसका नया सफर, स्टार्टअप की सफलता और अंततः एक सुखी परिवार का निर्माण यह दिखाता है कि गलत रिश्ते से निकलना भी आज़ादी है और इंसान को नई शुरुआत का मौका देता है। दूसरी ओर, पूनम का पतन और राघव की लालच से कंपनी का बर्बाद होना कहानी को संतुलन देता है। यह स्पष्ट हो जाता है कि पूनम ने आरव को कभी समझा ही नहीं और जब तक उसे उसकी अहमियत का एहसास हुआ, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

कहानी का अंत बेहद मार्मिक है। पूनम का पछतावा और आरव का नए परिवार के साथ संतोषपूर्ण जीवन यह दिखाता है कि जीवन में किए गए गलत फैसले कभी‑कभी अपूरणीय होते हैं। पूनम का यह स्वीकार करना कि उसने अपना स्वर्ग खुद जलाया, और आरव का यह कहना कि जो चला गया वह किसी वजह से गया था, कहानी को एक गहरी सीख के साथ समाप्त करता है।

हालाँकि कहानी की भावनात्मक ताक़त बहुत प्रभावशाली है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी कमजोरी यह है कि इसे लगभग पूरी तरह छोटे और झटकेदार वाक्यों में लिखा गया है। यह शैली पढ़ने के प्रवाह को बार‑बार तोड़ देती है और पाठक को लगातार रुकना पड़ता है। एक‑एक वाक्य वाली संरचना कहानी को नोट्स या पटकथा जैसा बना देती है, जबकि पैराग्राफ़ में लिखने से यह एक परिपक्व साहित्यिक रचना लगती। अगर लेखक वाक्यों को जोड़कर छोटे‑छोटे अनुच्छेद बनाए, तो भावनाएँ और दृश्य और भी प्रभावशाली बनेंगे और पाठक कहानी में अधिक सहजता से डूब पाएगा।

कुल मिलाकर, “तूफ़ान की पहली रात” एक गहरी और प्रेरणादायक कहानी है जो रिश्तों में सम्मान की अहमियत और गलत फैसलों के परिणाम को उजागर करती है। यह कहानी पाठक को सोचने पर मजबूर करती है कि जीवन में सही इंसान को पहचानना और उसका मूल्य समझना कितना ज़रूरी है। लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट है कि लेखन शैली में सुधार की आवश्यकता है ताकि कहानी की ताक़त और भी प्रभावी ढंग से सामने आ सके।


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Story - Six of the Crows
Written by - mistyvixen


Comments by : Clipmaster99

कहानी Six of the Crows लेखक mistyvixen ने बहुत मेहनत और कल्पना से लिखी है। शुरुआत से ही भाषा और माहौल पाठक को खींचते हैं—समय, इंसानी हिम्मत और पुराने जासूस की ज़िंदगी का चित्रण रोचक है। लेकिन यहाँ एक बड़ी समस्या है।

कॉन्टेस्ट के नियम साफ़ कहते हैं कि अधिकतम शब्द सीमा 8000 है। आपकी कहानी 12,385 शब्दों की है, यानी सीमा से काफ़ी ज़्यादा। इस वजह से, लगभग निश्चित है कि जज इसे नियमों के आधार पर अस्वीकार कर देंगे, चाहे कहानी कितनी भी अच्छी क्यों न हो।

आपकी मेहनत और लेखन सराहनीय है, लेकिन शब्द सीमा का पालन करना ज़रूरी है। इसी कारण मैं इस कहानी की समीक्षा नहीं दे रहा हूँ। बेहतर होगा कि आप इसे छोटा करें, मुख्य घटनाओं और भावनाओं पर ध्यान दें, ताकि यह 8000 शब्दों के भीतर आ सके। तभी इसे प्रतियोगिता में सही तरह से आंका जा सकेगा।

संक्षेप में, कहानी में दम है, लेकिन नियमों का पालन न करने से यह स्वीकार नहीं की जाएगी।


Clipmaster99


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Mrxr

“𝕾𝖐𝖞— 𝕿𝖍𝖊 𝖍𝖊𝖆𝖗𝖙 𝖔𝖋 𝖊𝖑𝖊𝖒𝖊𝖓𝖙𝖘”
12,845
8,797
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Story — haseena reveals the secret of har big boobs
Writer — Clipmaster99
Genre — Incest + Erotica​
Story rakha naam ki ladki ki hai, jo apni dost haseena ke jaise big boobs chahti hai. Jiska raaj haseena use bata deti hai...ab wo raaj kya tha ye aap story me padhiye.​
Positive points
Story me scenes ko kafi details ke sath likha gaya hai. Jisse reader story se jald hi connect ho jata hai.
Story ka 2 way pov (Rekha aur Jay) story ko aur bhi intresting bana dete hain. Ye ek writer ke liye strong story telling point hota hai.​
Negative points
Story mein emotions ki kami hai aur incest jaise relationship me jo guilt aur conflict hota hai wo missing hai story mein.
Jay ka character puppet aur cockold brother jaisa lagta hai. Ali jitna kahta hai,wo utna karta hai. Uski apni koi identity hai hi nahi jaise, uski inner feelings, missing hain.
Story ke title ke hisab se dekhein toh story wahin khatam ho gayi thi jab haseena ne apna secret revel kiya tha. Aur story title story se match nahi kar raha.

Rating — 6/10
 
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Shetan

Well-Known Member
18,178
52,896
259
Story — Biwi ne pi sarab
Writer — Shetan
Genre —??

Story ek couple ke erd gird ghumti hai. Kavita jo housewife hai, aur uska pati army me hai. Dono ke bich ki understanding aur naughty moments ko dikhaya gaya hai, humor ke sath.

Story me hindi aur bhojpuri ka desi mix aur humor kafi acchi tarah se likha gaya hai. Reader jaldi connect ho jata hai Story se.
Kavita aur veer ke beech ki understanding aur noughty moments kafi acche se likhe gaye hain.

Story me ek ** saal je bacche ko sexual activities me envolve kiya gaya hai. Bhale hi wo humor ke liye ho. Par ye sahi nahi laga mujhe.
Aarav ka character accha hai. Par wo apni Maa ko Kavita bolta hai. Aur bhi bahut kuch karta hai. Yye sab pahle toh accha lagta hai par baad me jab baccha bade ho kar aise bolta hai toh sunne Wale ko kharab lagta hai. Story me respect aur discipline missing hai. Atleast kuch jagah par toh hona chahiye tha.
Kavita ka bhi kuch waisa hi hai. Apne baap ko dayashankar, sukla ji, Abe... Kar ke baat karti hai. Jo parents ki kahin na kahin disrespect hai, bhale hi wo friendly behaviour me hin kyon na ho.

Rating — 7/10​
Thank you so much for wonderful review
 
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Story - मैं पंडित जी का बेटा था, वो काज़ी साहब की बेटी
Written by - ayush01111

Comment by Clipmaster99

कहानी मैं पंडित जी का बेटा था, वो काज़ी साहब की बेटी लेखक ayush01111 ने भावनात्मक और संवेदनशील अंदाज़ में लिखी है। आरव और ज़ैनब की ट्रेन यात्रा पर आधारित यह प्रेमकथा पाठक को छूती है और धर्म तथा समाज की सीमाओं के कारण अधूरी रह जाती है।

लेकिन यहाँ एक महत्वपूर्ण समस्या है। हमारे कॉन्टेस्ट के नियम साफ़ कहते हैं कि न्यूनतम शब्द सीमा 700 है। आपकी कहानी 673 शब्दों की है, यानी निर्धारित सीमा से कम। इस वजह से, बहुत संभावना है कि जज इसे नियमों के आधार पर अस्वीकार कर देंगे, चाहे कहानी कितनी भी अच्छी क्यों न हो।

आपकी मेहनत और लेखन सराहनीय है, लेकिन नियमों का पालन करना ज़रूरी है। इसी कारण मैं इस कहानी की समीक्षा नहीं दे रहा हूँ। बेहतर होगा कि आप इसे थोड़ा विस्तार दें, कुछ और दृश्य या भावनात्मक क्षण जोड़ें, ताकि यह 700 शब्दों की न्यूनतम सीमा को पार कर सके। तभी इसे प्रतियोगिता में सही तरह से आंका जा सकेगा।

संक्षेप में, कहानी में गहराई और असर है, लेकिन शब्द सीमा पूरी न होने के कारण यह स्वीकार नहीं की जाएगी।


(Aarav और ज़ैनब की अनकही प्रेम कहानी है, जो कन्याकुमारी से जम्मू की ट्रेन यात्रा पर आधारित है। यह लगभग 4000 शब्दों (वास्तविक 3950 शब्द) की हिंदी कहानी है, जिसमें 69 घंटे 40 मिनट की यात्रा का पूरा वर्णन है। हिंदू-मुस्लिम पृष्ठभूमि के कारण प्रेम अधूरा रह जाता है।)

Your opening sentence looks more like a note or summary than part of the actual story. It explicitly mentions the word count (“3950 words”) and describes the structure of the narrative (“69 hours 40 minutes of train journey”), which is unusual for a creative story introduction. Writers typically don’t announce the word count inside the text itself.

Since the actual story you have posted is only 673 words, the mismatch suggests that you have made some error while posting your Story. You can request Staff to help you repost the complete story.

Clipmaster99



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