omidd
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Maa bhi chudegi lgta haiमें शालिनी को देखा तो उसने शॉर्ट नाइटी पहनी थी जो उसकी गांड को कवर कर रही थी जिसे देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया तो में सोचा कि आज इसको लंड का टच करवा देता हूं ।
में मुस्करा कर खड़ा हुआ और शालिनी मेरे गले में बाहें डालकर मेरे गाल पर पप्पी ली और बोली ,-- कल से तुम उस से हाथ मिला सकते हों।
...
में कुछ देर शालिनी के मोटे बूब्स अपनी छाती पर महसूस किया और जैसे ही उसे मेरे लंड का तनाव अपनी चूत पर महसूस हुआ वो मुझे शैतान बोलकर भाग गई ।
में अपने लंड को एडजस्ट करके चाय पिया और टीवी देखने लगा। तभी मुझे सिगरेट की तलब हुई तो में सिगरेट पीने चला आया बाथरूम में और में सिगरेट पीने लगा तो गेट बंद नहीं किया था और तभी शालिनी अपने गाउन को ऊपर करके पेशाब करने अंदर आ गई और मुझे सिगरेट पीते देख कर गुस्से में मेरे हाथ से सिगरेट लेकर फेंक दी और बोली।
शालिनी,-- में जनाब को दूध बादाम खिला रही हूं और ये महाशय सिगरेट फूंक रहे है।
में चुपचाप आकर टीवी देखने लगा ।
रात मे खाने के टाइम मां का फोन आया तो मैने फोन स्पीकर पर करके हेलो बोला।
सरोजनी ,- तुझे मां से बात करने का फुर्सत नहीं होता क्या । शालिनी के जाने के बाद लगता है मां को भूल गया।
में ,- अब आप की क्या जरूरत है मां । शालिनी पूरे अनुशासन में रखती है और दूध में बादाम डालकर दोनों टाइम पिलाती है।
सरोजनी ,- तभी तो मेरा बेटा सांड बनेगा । दूध पीकर।
मां के सांड बोलने पर मुझे सांडा तेल की याद आई और फिर भाभी की दूध बादाम पीने से सांड बोलने की याद आई तो में मन में सोचा कि तेरा ये बेटा एक गाय को तो आज जीभ निकलवा दिया अब दूसरी की बारी है।
में ,-- मां शालिनी को वापस बुला ले । ये मुझ पर दादागिरी चलाने लगी है ।
सरोजनी,-- क्या दादा गिरी कर दी मेरी बेटी ने ।
में शालिनी का मुंह देखने लगा कि बोलूं या नहीं तो शालिनी फोन को पास खींच करके बोली ,-- आपके सुपुत्र सिगरेट पी रहे थे छुप कर । मैने उसे फेंक दिया तो दादागिरी हो गई ।
सरोजनी,-- बेटा , सिगरेट ही तो पी रहा था । कोई दारू बाज़ी और रॉड बाजी तो नहीं कर रहा था ना।
मां के इस तरह खुलकर बोलने से मुझे सुनीता भाभी की बात याद आई कि कही मां खुद रांड़ तो नहीं बन गई ।
शालिनी ,-- बिगाड़ दीजिए अपने लाडले को और बोलिए कि वो काम भी शुरू कर दे ।
मां,-- तो तू है ना वहां उसके साथ ।
में मां की बात को सुनकर मन में सोचा कि मां शालिनी को मेरी रांड़ बन ने को तो नहीं बोल रही कही। ताकि वो वहाँ यारों के साथ रांडबाजी करे और बेटी यहां मेरे साथ ।
शालिनी ,-- तो में क्या करूं
मां प्वाइंट बदल कर ,-- तू उसे दिन में दो से ज्यादा सिगरेट मत पीने देना।
शालिनी ,-- में आपकी और आपके राजकुमार की दासी हूं ना ।
मां खिलखिला कर,-- दासी तो नहीं पर बहन तो है ही।
शालिनी ,-- तो आपका आदेश हो तो । आपके सुपुत्र को आप कहो तो जला कर भी दूं क्या ।
मां ,-- क्या
शालिनी ,-- सिगरेट ।
मां ,-- बेटी अब सागर पूरा मर्द बन चुका है और अगर उसे तू घर में सिगरेट पीने से रोकेगी तो बाहर जाकर पीने लगेगा । फिर क्या करेगी ।
में शालिनी को जीभ निकाल कर चिढ़ाया तो शालिनी भी चिढ़ गई और बोली ,-- कितनी सिगरेट पिलानी है नवाब को में अपने हाथ से पिला दूंगी ।
मां ,-- बेटी ,आजकल सब पीते है सिगरेट
शालिनी गुस्से से ,-- तो में भी पीने लगूं फिर ।
मां खिलखिला कर,-- अगर भाई जी पिलाए तो पी लेना । अब वही तेरे सब कुछ है । और सिगरेट आज कल लड़कियां भी पीती है।
शालिनी ,-- और वो कल शराब लाकर देंगे कि के शालू पी तो वो भी पी लूं फिर ।
मां,-- तुम दोनों बालिग हो बेटा, अब तुम दोनों को जो अच्छा लगे वो करो मेरी तरफ से कोई पाबंदी नहीं है। अपनी लाइफ को एंजॉय करो खुलकर ।
शालिनी ,-- ऐसे ही अपने नवाब जादे का बचाव करना। है ना बोल दीजिए उनको की कल शराब भी ले आए ।
मां ,-- बेटा तू सागर के पास उसको खुश रखने के लिए गई है या उसे परेशान करने , कभी उठक बैठक करवाती है कभी उसकी आजादी को भंग करने लग जाती है ऐसे तो वो तुमसे बोर हो जाएगा।
शालिनी ,-- तो आप बता दीजिए माता श्री ।आपके राज कुमार को कैसे खुश करूं ।
मां,- दोनों प्यार से रहो और उसे प्यार की झप्पी दिया कर ।
शालिनी ,-- और वो किसी लड़की को लाए तो वो भी करने दूं।
मां ,-- मेरा बेटा ऐसा नहीं है । उसे इन सब चीजों का ज्ञान नहीं है।
शालिनी ,-- हां ,दूध पिता बच्चा है आपका बेटा ।
मां,- यही समझ ले । उसने कुछ नहीं देखा पहले पढ़ने में बिजी था अब बहन को पढ़ा रहा है । अब तू भी बालिग है बेटी , उसे परेशान मत किया कर । एक सिगरेट ही तो पिया होगा वो भी तुमसे छुप कर तो इतनी नाराज मत हुआ कर ।
शालिनी मुस्करा कर ,,-- लो , अपने राज कुमार से बात करो ।
शालिनी ने फोन मेरी तरफ कर दिया तो में उसे जीभ दिखा कर बोला,-- हां मां , हो गई अपनी राजकुमारी से बात ।
मां,-- हां हो गई । तू उसे प्यार से समझा लिया कर बेटा। मुझे पता है उसके आने से तेरी आजादी में खलल पड़ गया होगा पर उसे बच्ची की तरह नहीं अब बालिग की तरह ट्रीट किया कर।
में शालिनी के मोटे बूब्स देख कर ,-- हां मां ,अब वो बड़ी हो गए वो ।
शालिनी ने मेरी नजर को अपने 36 के बूब्स पर देखा और फिर मेरी बात सुनी तो मुझे मारने के लिए हाथ दिखाया तो मां बोली ।
मां ,-- हां बेटा, बड़ी तो हो ही गई उसकी उम्र में तो तुम मेरे पेट में थे ।
में ,-- आप ही उसे पढ़ने भेज दी नहीं तो वो भी छोटी नहीं है ।
मां,-- बेटा उसके अभी खेलने खाने के दिन है ।तू उसे मजे करने दे । कॉलेज में ही तो बच्चे होशियार होते है पढ़ कर ।
में ,-- हां मां , शालू भी होशियार हो जाएगी ।
मां,-- तू ध्यान रखना बेटा, कहीं वो किसी के साथ ऊंच बीच नहीं कर बैठे ।
में ,-- में हूं ना मां , वो मेरे साथ कॉलेज जाती है और मेरे साथ ही वापस आती है।
मां ,-- तब तो ठीक है , तुझे पैसे की दिक्कत हो तो बोल देना ।अब खर्चा बढ़ गया होगा तुम्हारा ।
में ,,-- ठीक है मां ।
तभी फोन पर मां की चीख निकली तो में बोला ,-- क्या हुआ मां ।
मां ,-- कुछ नहीं बेटा, छिपकली थी ।
उसके साथ ही फोन कट गया तो मुझे समझ नहीं आया कि मां का फोन ऐसे अचानक कैसे कट जाता है।
शालिनी बरतन उठा कर किचन में ले गई और वापस आई तो मैने कहा ,-- शालू , मुझे सिगरेट पीनी है।
शालिनी ,-- तो जाकर पी लो , अब तो सुप्रीम कोर्ट से भी परमिशन मिल गई ।
में ,-- तूने ही तो कहा था अभी मां से की तू मुझे जला कर देगी ।
शालिनी ,-- मुझे नहीं जला कर देनी तुम रिया से दोस्ती कर लो वो जला कर दे देगी ।
में ,,-- कौन रिया ।
शालिनी ,-- वही जो आज मेरे साथ थी ।
में ,-- माल तो ठीक ही थी वो भी ।
शालिनी,-- तुम्हे शर्म नहीं आती मेरी फ्रेंड को माल बोलते हुए ।
में ,-- ठीक है सॉरी , बस।
शालिनी ,-- बात सॉरी की नहीं है भैया , कल को मुझे भी माल बोलेगा कोई तो ।
में ,-- तो में कितने लोगों को रोक लूंगा । सुंदर लड़की को कॉलेज में माल ही बोलते है सब ।
शालिनी ,,-- तो तुम भी उनकी तरह ही बोलोगे।
में ,-- कौनसी दुनिया में रहती है बहना , कॉलेज में तो सेक्सी लड़कियों को माल , आइटम , बेब यही बोलते है लड़के और लड़कियां भी खुश होती है सुनकर ।
शालिनी ,-- तुम्हे अच्छा लगेगा जब कोई मुझे इन नामों से बुलाएगा ।
में ,-- तो फिर कॉलेज जाना छोड़ दे , घर में कोई बोलने नहीं आएगा । तुम्हे सिगरेट जला कर देनी है या नहीं ।
शालिनी ,-- कल रिया को बोलना वो जला कर देगी ।
में ,-- सोच ले फिर मुंह फूला कर मत घूमना।
शालिनी ,-- आप सच में उसके साथ सिगरेट पियोगे ।
में ,-- हां , वो बड़े घर की बेटी होगी ।
शालिनी ,-- आप को कैसे पता ।
में ,-- बड़े घरों में ये सब नॉर्मल होता है और तुम ठहरी बैकवर्ड फैमिली से ।
शालिनी ,-- और आप ।
में ,-- में कौनसा बड़े घर का नवाब हूं । मेरे फ्रेंड्स कॉलेज में ड्रिंक करते थे । और सिगरेट तो नॉर्मल बात थी उनके लिए ।
शालिनी ,-- क्या मजा आता है सिगरेट पीने में ।
में ,-- वो तो तुम पियोगी तब पता चलेगा । वो एडल्ट के पीने की चीज है।
शालिनी ,-- में तुम्हे बच्ची लगती हूं ।
में ,-- बॉडी तो बच्ची की मां जैसी हो गई पर अभी है बच्ची ही ।
शालिनी ,-- और सिगरेट पीने से बालिग हो जाऊंगी ।
में ,,-- तो एक बार मुझे जलाकर दे दे अगर नहीं अच्छी लगे तो मत पीना।
शालिनी ,-- रिया जब पीती है तो उसके धुएं से नशा जैसा होता है।
में ,-- फिर रहने दे तू अभी बच्ची है ।
में उठकर बाथरूम में गया और सिगरेट पीकर आकर सो गया । मुझे नींद नहीं आ रही थी पर में शालिनी को दिखाना चाहता था कि उसने मेरी बात नहीं मानी इसलिए में नाराज हूं ।
शालिनी कुछ देर तक सोचती रही और फिर मुझे नींद आ गई ।
Bhai I really loved it jis tarah ye story likhi hai, specially this update and maa ka role/character sabse publicly puchne ke baad jis tarah tumne khud aage continue kiya hai that was really nice, bas meri request hai ki aage story me maa ka bete se sex baadme karwana, pehle beta ko maa ka bold hidden roop dikhana jisme maa bhi khud cigarette aur daru ka maza leti hai aur khulke sex enjoy karti hai jisko dekh beta pehle shockingly surprise hojata hai, phir aage beta bhi maa ko support karta hai unki khushiyon zarooraton ko poora karne ke liye aur aage maa beta dono saat me ek dusre ke saat khulke enjoy karte hai.में शालिनी को देखा तो उसने शॉर्ट नाइटी पहनी थी जो उसकी गांड को कवर कर रही थी जिसे देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया तो में सोचा कि आज इसको लंड का टच करवा देता हूं ।
में मुस्करा कर खड़ा हुआ और शालिनी मेरे गले में बाहें डालकर मेरे गाल पर पप्पी ली और बोली ,-- कल से तुम उस से हाथ मिला सकते हों।
...
में कुछ देर शालिनी के मोटे बूब्स अपनी छाती पर महसूस किया और जैसे ही उसे मेरे लंड का तनाव अपनी चूत पर महसूस हुआ वो मुझे शैतान बोलकर भाग गई ।
में अपने लंड को एडजस्ट करके चाय पिया और टीवी देखने लगा। तभी मुझे सिगरेट की तलब हुई तो में सिगरेट पीने चला आया बाथरूम में और में सिगरेट पीने लगा तो गेट बंद नहीं किया था और तभी शालिनी अपने गाउन को ऊपर करके पेशाब करने अंदर आ गई और मुझे सिगरेट पीते देख कर गुस्से में मेरे हाथ से सिगरेट लेकर फेंक दी और बोली।
शालिनी,-- में जनाब को दूध बादाम खिला रही हूं और ये महाशय सिगरेट फूंक रहे है।
में चुपचाप आकर टीवी देखने लगा ।
रात मे खाने के टाइम मां का फोन आया तो मैने फोन स्पीकर पर करके हेलो बोला।
सरोजनी ,- तुझे मां से बात करने का फुर्सत नहीं होता क्या । शालिनी के जाने के बाद लगता है मां को भूल गया।
में ,- अब आप की क्या जरूरत है मां । शालिनी पूरे अनुशासन में रखती है और दूध में बादाम डालकर दोनों टाइम पिलाती है।
सरोजनी ,- तभी तो मेरा बेटा सांड बनेगा । दूध पीकर।
मां के सांड बोलने पर मुझे सांडा तेल की याद आई और फिर भाभी की दूध बादाम पीने से सांड बोलने की याद आई तो में मन में सोचा कि तेरा ये बेटा एक गाय को तो आज जीभ निकलवा दिया अब दूसरी की बारी है।
में ,-- मां शालिनी को वापस बुला ले । ये मुझ पर दादागिरी चलाने लगी है ।
सरोजनी,-- क्या दादा गिरी कर दी मेरी बेटी ने ।
में शालिनी का मुंह देखने लगा कि बोलूं या नहीं तो शालिनी फोन को पास खींच करके बोली ,-- आपके सुपुत्र सिगरेट पी रहे थे छुप कर । मैने उसे फेंक दिया तो दादागिरी हो गई ।
सरोजनी,-- बेटा , सिगरेट ही तो पी रहा था । कोई दारू बाज़ी और रॉड बाजी तो नहीं कर रहा था ना।
मां के इस तरह खुलकर बोलने से मुझे सुनीता भाभी की बात याद आई कि कही मां खुद रांड़ तो नहीं बन गई ।
शालिनी ,-- बिगाड़ दीजिए अपने लाडले को और बोलिए कि वो काम भी शुरू कर दे ।
मां,-- तो तू है ना वहां उसके साथ ।
में मां की बात को सुनकर मन में सोचा कि मां शालिनी को मेरी रांड़ बन ने को तो नहीं बोल रही कही। ताकि वो वहाँ यारों के साथ रांडबाजी करे और बेटी यहां मेरे साथ ।
शालिनी ,-- तो में क्या करूं
मां प्वाइंट बदल कर ,-- तू उसे दिन में दो से ज्यादा सिगरेट मत पीने देना।
शालिनी ,-- में आपकी और आपके राजकुमार की दासी हूं ना ।
मां खिलखिला कर,-- दासी तो नहीं पर बहन तो है ही।
शालिनी ,-- तो आपका आदेश हो तो । आपके सुपुत्र को आप कहो तो जला कर भी दूं क्या ।
मां ,-- क्या
शालिनी ,-- सिगरेट ।
मां ,-- बेटी अब सागर पूरा मर्द बन चुका है और अगर उसे तू घर में सिगरेट पीने से रोकेगी तो बाहर जाकर पीने लगेगा । फिर क्या करेगी ।
में शालिनी को जीभ निकाल कर चिढ़ाया तो शालिनी भी चिढ़ गई और बोली ,-- कितनी सिगरेट पिलानी है नवाब को में अपने हाथ से पिला दूंगी ।
मां ,-- बेटी ,आजकल सब पीते है सिगरेट
शालिनी गुस्से से ,-- तो में भी पीने लगूं फिर ।
मां खिलखिला कर,-- अगर भाई जी पिलाए तो पी लेना । अब वही तेरे सब कुछ है । और सिगरेट आज कल लड़कियां भी पीती है।
शालिनी ,-- और वो कल शराब लाकर देंगे कि के शालू पी तो वो भी पी लूं फिर ।
मां,-- तुम दोनों बालिग हो बेटा, अब तुम दोनों को जो अच्छा लगे वो करो मेरी तरफ से कोई पाबंदी नहीं है। अपनी लाइफ को एंजॉय करो खुलकर ।
शालिनी ,-- ऐसे ही अपने नवाब जादे का बचाव करना। है ना बोल दीजिए उनको की कल शराब भी ले आए ।
मां ,-- बेटा तू सागर के पास उसको खुश रखने के लिए गई है या उसे परेशान करने , कभी उठक बैठक करवाती है कभी उसकी आजादी को भंग करने लग जाती है ऐसे तो वो तुमसे बोर हो जाएगा।
शालिनी ,-- तो आप बता दीजिए माता श्री ।आपके राज कुमार को कैसे खुश करूं ।
मां,- दोनों प्यार से रहो और उसे प्यार की झप्पी दिया कर ।
शालिनी ,-- और वो किसी लड़की को लाए तो वो भी करने दूं।
मां ,-- मेरा बेटा ऐसा नहीं है । उसे इन सब चीजों का ज्ञान नहीं है।
शालिनी ,-- हां ,दूध पिता बच्चा है आपका बेटा ।
मां,- यही समझ ले । उसने कुछ नहीं देखा पहले पढ़ने में बिजी था अब बहन को पढ़ा रहा है । अब तू भी बालिग है बेटी , उसे परेशान मत किया कर । एक सिगरेट ही तो पिया होगा वो भी तुमसे छुप कर तो इतनी नाराज मत हुआ कर ।
शालिनी मुस्करा कर ,,-- लो , अपने राज कुमार से बात करो ।
शालिनी ने फोन मेरी तरफ कर दिया तो में उसे जीभ दिखा कर बोला,-- हां मां , हो गई अपनी राजकुमारी से बात ।
मां,-- हां हो गई । तू उसे प्यार से समझा लिया कर बेटा। मुझे पता है उसके आने से तेरी आजादी में खलल पड़ गया होगा पर उसे बच्ची की तरह नहीं अब बालिग की तरह ट्रीट किया कर।
में शालिनी के मोटे बूब्स देख कर ,-- हां मां ,अब वो बड़ी हो गए वो ।
शालिनी ने मेरी नजर को अपने 36 के बूब्स पर देखा और फिर मेरी बात सुनी तो मुझे मारने के लिए हाथ दिखाया तो मां बोली ।
मां ,-- हां बेटा, बड़ी तो हो ही गई उसकी उम्र में तो तुम मेरे पेट में थे ।
में ,-- आप ही उसे पढ़ने भेज दी नहीं तो वो भी छोटी नहीं है ।
मां,-- बेटा उसके अभी खेलने खाने के दिन है ।तू उसे मजे करने दे । कॉलेज में ही तो बच्चे होशियार होते है पढ़ कर ।
में ,-- हां मां , शालू भी होशियार हो जाएगी ।
मां,-- तू ध्यान रखना बेटा, कहीं वो किसी के साथ ऊंच बीच नहीं कर बैठे ।
में ,-- में हूं ना मां , वो मेरे साथ कॉलेज जाती है और मेरे साथ ही वापस आती है।
मां ,-- तब तो ठीक है , तुझे पैसे की दिक्कत हो तो बोल देना ।अब खर्चा बढ़ गया होगा तुम्हारा ।
में ,,-- ठीक है मां ।
तभी फोन पर मां की चीख निकली तो में बोला ,-- क्या हुआ मां ।
मां ,-- कुछ नहीं बेटा, छिपकली थी ।
उसके साथ ही फोन कट गया तो मुझे समझ नहीं आया कि मां का फोन ऐसे अचानक कैसे कट जाता है।
शालिनी बरतन उठा कर किचन में ले गई और वापस आई तो मैने कहा ,-- शालू , मुझे सिगरेट पीनी है।
शालिनी ,-- तो जाकर पी लो , अब तो सुप्रीम कोर्ट से भी परमिशन मिल गई ।
में ,-- तूने ही तो कहा था अभी मां से की तू मुझे जला कर देगी ।
शालिनी ,-- मुझे नहीं जला कर देनी तुम रिया से दोस्ती कर लो वो जला कर दे देगी ।
में ,,-- कौन रिया ।
शालिनी ,-- वही जो आज मेरे साथ थी ।
में ,-- माल तो ठीक ही थी वो भी ।
शालिनी,-- तुम्हे शर्म नहीं आती मेरी फ्रेंड को माल बोलते हुए ।
में ,-- ठीक है सॉरी , बस।
शालिनी ,-- बात सॉरी की नहीं है भैया , कल को मुझे भी माल बोलेगा कोई तो ।
में ,-- तो में कितने लोगों को रोक लूंगा । सुंदर लड़की को कॉलेज में माल ही बोलते है सब ।
शालिनी ,,-- तो तुम भी उनकी तरह ही बोलोगे।
में ,-- कौनसी दुनिया में रहती है बहना , कॉलेज में तो सेक्सी लड़कियों को माल , आइटम , बेब यही बोलते है लड़के और लड़कियां भी खुश होती है सुनकर ।
शालिनी ,-- तुम्हे अच्छा लगेगा जब कोई मुझे इन नामों से बुलाएगा ।
में ,-- तो फिर कॉलेज जाना छोड़ दे , घर में कोई बोलने नहीं आएगा । तुम्हे सिगरेट जला कर देनी है या नहीं ।
शालिनी ,-- कल रिया को बोलना वो जला कर देगी ।
में ,-- सोच ले फिर मुंह फूला कर मत घूमना।
शालिनी ,-- आप सच में उसके साथ सिगरेट पियोगे ।
में ,-- हां , वो बड़े घर की बेटी होगी ।
शालिनी ,-- आप को कैसे पता ।
में ,-- बड़े घरों में ये सब नॉर्मल होता है और तुम ठहरी बैकवर्ड फैमिली से ।
शालिनी ,-- और आप ।
में ,-- में कौनसा बड़े घर का नवाब हूं । मेरे फ्रेंड्स कॉलेज में ड्रिंक करते थे । और सिगरेट तो नॉर्मल बात थी उनके लिए ।
शालिनी ,-- क्या मजा आता है सिगरेट पीने में ।
में ,-- वो तो तुम पियोगी तब पता चलेगा । वो एडल्ट के पीने की चीज है।
शालिनी ,-- में तुम्हे बच्ची लगती हूं ।
में ,-- बॉडी तो बच्ची की मां जैसी हो गई पर अभी है बच्ची ही ।
शालिनी ,-- और सिगरेट पीने से बालिग हो जाऊंगी ।
में ,,-- तो एक बार मुझे जलाकर दे दे अगर नहीं अच्छी लगे तो मत पीना।
शालिनी ,-- रिया जब पीती है तो उसके धुएं से नशा जैसा होता है।
में ,-- फिर रहने दे तू अभी बच्ची है ।
में उठकर बाथरूम में गया और सिगरेट पीकर आकर सो गया । मुझे नींद नहीं आ रही थी पर में शालिनी को दिखाना चाहता था कि उसने मेरी बात नहीं मानी इसलिए में नाराज हूं ।
शालिनी कुछ देर तक सोचती रही और फिर मुझे नींद आ गई ।
Bhai I really loved it jis tarah ye story likhi hai, specially this update and maa ka role/character sabse publicly puchne ke baad jis tarah tumne khud aage continue kiya hai that was really nice, bas meri request hai ki aage story me maa ka bete se sex baadme karwana, pehle beta ko maa ka bold hidden roop dikhana jisme maa bhi khud cigarette aur daru ka maza leti hai aur khulke sex enjoy karti hai jisko dekh beta pehle shockingly surprise hojata hai, phir aage beta bhi maa ko support karta hai unki khushiyon zarooraton ko poora karne ke liye aur aage maa beta dono saat me ek dusre ke saat khulke enjoy karte hai.
Jis tarah story aage badh rahi hai, yahi sahi time hai maa ka bold roop aur affair dikhane ka, jisse read karne ke liye mere saat saat almost sabhi readers besabri se intezaar kar rahe honge.
Bhai ho sake toh maa wale updates me photos bhi zaroor daalna jisse story aur bhi thrilling aur bold hojayegi, keep it up bro aur jaldi update karna jisse readers engaged aur connected rehte hai
Besabri se intezaar hai next update ka, kab tak update karoge bhai....धन्यवाद भाई,
मैने इनबॉक्स एडवाइस मांगी थी पर सबकी अलग राय थी इसलिए सेल्फ डिसीजन लेकर ये फाइनल किया कि मां को बोल्ड दिखाना मजेदार होगा ।
आगे अपडेट में मां का रोल बहुत शॉकिंग रहने वाला है जिसके बारे में आपको पढ़कर मजा आएगा ।
ये कहानी में किसी रीडर की रिक्वेस्ट पर ही आगे लिख रहा हूं और एडिशनल करेक्टर इसलिए कुछ देर के लिए ऐड किए है कि भाई बहन के सीन को मजेदार बनाया जाए । अगर इसे ही स्पोर्ट मिलेगा तो लिखने का मन करेगा।
संजू