शालिनी मुस्करा कर,-- हर औरत यही चाहती है सागर की उसका मर्द उसे झाग छुड़वा दे नहीं तो फिर उसे दूसरे सांड के पास जाना पड़ता है।
मैने खाना खाकर सिगरेट सुलगा लिया था और शालिनी बर्तन उठा कर किचन में चली गई तो फिर मैने दूध पिया और हम सो गए ।
रविवार को सुबह में अनिता भाभी को चोदने नहीं गया क्योंकि सुनील भैया आए हुए थे और रात के हम दोनों बार से दो दो पैग लगाकर आए थे इसलिए शालिनी ने मुझे आठ बजे उठाया और चाय दी तो हम बैठकर चाय पीने लगे ।
शालिनी ,-- कितने बजे चलना है भाईजी ।
में ,-- खाना खा कर चलते है और तू मुझे वहां भाईजी मत बोल देना ।
शालिनी मुस्करा कर,-- फिर क्या बोलूं ।
में ,-- जो एक पति अपने पति को बोलती है ।
शालिनी मुस्करा कर,-- ए जी , ओ जी , सुनो जी ऐसे ।
में ,-- नाम से भी बुला सकती है । आज कल सब नाम से ही बुलाती है ।
शालिनी मुस्करा कर,-- चलो फिर में खाना बनाती हूं जल्दी चलेंगे तो कही और भी घूम सकते है ।
में ,-- ह्म्म ।
शालिनी उठकर चली गई तो में भी नहाकर तैयार हुआ और हम खाना खाकर रेडी हुए तो शालिनी रूम में गई और आधे घंटे बाद साड़ी पहनकर बाहर निकली तो में उसको देखते ही रह गया ।
…
शालिनी को देख कर कोई भी नहीं बोल सकता था कि वो उनिस साल की होगी बल्कि वो पच्चीस साल की महिला लग रही थी उसके बूब्स और गांड उसे शादी शुदा महिला बना रहे थे ।
शालिनी बिंदी लगा कर आई थी और हाथ में सिंदूर था । उसने मेरे पास आकर कहा ,-- ए जी , मेरी मांग में सिंदूर भर दीजिए ।
में मुस्करा कर,-- क्यों नहीं जी । ये तो मेरा धर्म है अपनी बीबी की माँग में सिंदूर में नहीं भरूंगा तो कौन भरेगा ।
शालिनी ने मुझे सिंदूर की डिब्बी दी और अपना सर नीचे कर दिया तो मैने चुटकी में सिंदूर लेकर उसकी मांग में भर दिया और बोला ,-- पूरी औरत लग रही हो शालू ।
….
शालिनी मुस्करा कर,-- अब चलें ।
में ,-- हां डार्लिंग चलो ।
शालिनी ,-- आप बाइक निकालिये में लॉक करके बैठ जाऊंगी तो आप बाइक स्टार्ट रखना जल्दी से बाइक को कॉलोनी से बाहर ले चलना।
मैने बाहर आकर गेट खोला और बाइक निकाली और स्टार्ट की तो शालिनी अपने सिर को साड़ी से ढक ली थी और जैसे ही वो गेट लॉक करके बाहर निकली मैने बाइक भगा दी ।
कॉलोनी से बाहर निकलने के बाद शालिनी ने मुझे कमर से पकड़ लिया और अपना एक चुचि मेरी पीठ पर गड़ा कर बोली ,-- बहुत अच्छा फील हो रहा पतिदेव ।
में ,-- तो फिर बन जा ना परमानेंट पत्नी शालू।
शालिनी ,-- वो तो बन ना ही है वरना आप का क्या भरोसा पूरे रांड बाज़ हो गए हो
में ,-- साली कुतीया, तूने ही तो बनाया है ।
शालिनी ,-- जरूरी था सागर , एक तो में शर्मीली और ऊपर से तुम भी चुतिया। इसलिए तुम्हे होशियार करना था ।
में ,-- और तुम्हारी शर्म कैसे निकलेगी ।
शालिनी ,-- वो तुम्हे सोचना है । अगर नहीं निकलोगे तो फिर सुहागरात को मेरी आंखों पर पट्टी बांध कर मना लेना।
में ,,-- अब तुम्हे बेशर्म बनाने की तैयारी करता हूं । देखता हूं तेरी शर्म कैसे नहीं निकलती।
हम ऐसे ही बात करते करते सोसाइटी में पहुंच गए और फिर सिक्योरिटी गेट पर मेने अपना आईडी दिया तो गार्ड ने नमस्कार करके गेट खोला । वो सोसायटी बहुत हाई फाई लोगों की थी और हर बार अंदर से किसी को फोन करवाने पर ही एंट्री मिलती थी ।
मुझे विला खरीदने के साथ ही आई डी बनवा दी थी सौरभ अंकल ने जो हम दोनों की अलग अलग थी ।
हम लगभग एक किलोमीटर अंदर आए तो हमारा मकान आया और उसके सामने मैने बाइक पार्क की तो शालिनी बाहर का इंटीरियर देखकर खुश हो गई ।
मैने गेट खोला तो हम अंदर आए और अंदर गेट के बाहर सिर्फ एक आदमी काम कर रहा था बाकी लोग आज छुट्टी पर थे । आदमी ने मुझे नमस्कार किया तो मेरे शालू को बाहों में लेकर कहा ,-- चाचा ये मेरी बीबी है शालिनी ।
आदमी ,-- नमस्ते मैडम ।
शालिनी की छाती फूल गई तो में शालिनी के गाल पर उसकी दिखा कर किस किया और बोला ,-- कैसे हो चाचा मेरी बीबी ।
..
चाचा ,,-- बहुत सुंदर है सर।
में ,,-- सिर्फ सुंदर है चाचा शेक्सी नहीं है क्या चाचा ।
चाचा मुझे और शालिनी को हैरानी से देखा तो शालिनी शर्मा गई । चाचा ,-- सर इतनी खूबसूरत औरत मैने आज तक नहीं देखी ।
में ,-- शालिनी शर्मीली है चाचा इसकी तरफ से में ही थैंक्स बोल देता हूं ।
चाचा ,-- वो तो दिख रही है सर, इस कॉलोनी में मैने बहुत घरों में काम किया है सब औरतें बिकनी में घूमती है ।
में ,-- चाचा हम पहले शहर से बाहर बैकवर्ड कॉलोनी में थे इसलिए शालिनी शर्माती है पर कुछ दिन में ये भी बिकिनी में घूमेगी । शालू चाचा को पीछे घूमकर दिखा ।
शालिनी की धड़कत तेज हो गई और वो घूम गई तो उसकी 36 की मोटी गांड चाचा के सामने आ गई ।
में ,-- चाचा कैसी है शालिनी की गांड ।
चाचा अपना लंड मसलकर ,-- बहुत भारी है सर ।
में ,-- इसको अपनी गांड पर सपाट खाने में मजा आता है ।
चाचा ,-- वो तो आयेगा ही सर, मेडम की गांड पर मस्त चर्बी है ।
…
में ,-- चाचा में इसको घर दिखा लेता हूं आप काम कीजिए ।
चाचा ,-- ठीक है सर ।
में शालिनी को लेकर मैन गेट खोला और अंदर आया तो शालिनी घर का बाहरी हॉल देख कर खुश हो गई क्योंकि उसमें बड़ी सी LCD शानदार सोफा और महंगा फर्नीचर लगा था ।
शालिनी उन्हें देखने लगी और फिर घूम कर मेरे को बाहों में भर कर चूम कर बोली ,-- बहुत शानदार हॉल है ।
में मुस्करा कर,-- तुमने हमारा बेडरूम तो देखा है नहीं ।
शालिनी ,-- कौनसा है बेडरूम ।
में शालिनी का हाथ पकड़ा और उसे बेडरूम में लेकर आया तो वो मेरे पीछे पीछे आई और बेडरूम देखने लगी । बेडरूम में किंग साइज का बेड और शानदार फर्नीचर था साथ में सोफा वगैरह सब थे ।
में ,-- जाओ बाथरूम देखकर आओ ।
में सोफे पर बैठ कर उसके आने की प्रतीक्षा करने लगा क्योंकि में रोज ही देखता था बाथरूम और मैने ही उसमें सारी फिटिंग करवाई थी गीजर वगैरह सब मैने ही फिट करवाया था ।
शालिनी पंद्रह मिनट बाद बाहर आई और खुश होते हुए बोली ,-- बहुत शानदार बाथरूम है भाईजी , इस रूम जितना बड़ा है ।
में ,-- इस बात पर आज इन शानदार चुचियो का दूध पिला दो अपने सजन को ।
शालिनी मुस्करा कर,-- इतना इतराने कि जरूरत नहीं है पतिदेव । शालू का दूध इतना सस्ता नहीं है ।
में ,-- ओह्ह , तो फिर मेडम को और महंगा चीज दिखाना पड़ेगा ।
शालिनी ,-- इस से भी महंगा कुछ है क्या ।
में ,-- ये गेट खोलो और पीछे देखो शायद तुम्हे अच्छा लगे ।
शालू बेडरूम के कोने में बने गेट को खोली तो पीछे छोटा सा स्विमिंग पूल और गार्डन देखने लगी तो में खड़ा हो कर उसके पीछे आया और उसे बाहों में भरकर बोला ,-- पसंद आया मेडम को ।
शालिनी घूमकर मेरे सामने आ गई और मेरे होठों पर होंठ रख दी तो में उसके गुलाबी होंठ चूमने लगा और फिर उसके ब्लाउज का हुक खोला तो वो सिसक कर देखने लगी ।
मैने शालिनी का ब्लाउज का सब हुक खोल दिया और ब्रा से उनके चूचे निकालकर उसकी निपल को मुँह में लिया तो शालिनी की गरम भाप निकलने लगी और वो जोर जोर से सिसकने लगी ।
…
में उसकी दोनों निपल को बारी बारी से चूसने लगा तो शालिनी अपनी साड़ी के ऊपर से चूत को पकड़ ली और आँखें बंद करके एंजॉय करने लगी । मेरा लण्ड पूरा टाइट होकर प्रीकम छोड़ रहा था और कुछ देर में शालिनी के चेहरे का एक्सप्रेशन बदल गया ।
शालिनी मेरे निपल चूसने से पिघल गई थी और लंबी सांस लेने लगी तो में निपल चुसना छोड़कर उसके चेहरे को देखने लगा । शालिनी ने अपनी आँखें खोली और मुझे देखते पाकर तुरंत अपना चुचि ब्रा में डालकर ब्लाउज का हुक लगाने लगी ।
में ,-- शालू इतनी जल्दी ।
शालिनी ,,-- में चाचा के साथ जब आप बात कर रहे थे तभी से गरम थी ।
में ,-- मतलब तुम्हे पसंद आया था चाचा के साथ मेरा बातचीत ।
शालिनी आँखें बंद करके ,-- ह्म्म ।
में ,- जाओ पेंटी बदल लो ।
शालिनी मुस्करा कर,-- में पेंटी नहीं लाई एकस्ट्रा।
में ,-- तो फिर उसे खोल दो भीगी पेंटी से इचिंग हो जाएगी ।
शालिनी ,-- नहीं , मुझे बिना पेंटी बहुत अजीब लगता है ।
में ,-- तुम बिना पेंटी कब रहती हो ।
शालिनी ,-- आपके बर्थ डे वाले दिन बिना पेंटी ही थी ।
में ,-- ओह्ह , तब तो तुम्हारी ड्रेस नहीं खुलवाई नहीं तो तुम्हारी मुनिया देखने को मिल जाती।
शालिनी मुस्करा कर - वो सब पहले से प्लान किया हुआ था । उन दोनों को पता था में पेंटी लेस थी ।
में ,-- चलो फिर दूसरी पेंटी मंगवाते है ।
शालिनी ,-- किस से ।
में ,-- चाचा से , उनको भी मजा आएगा ।
शालिनी मेरी छाती में सिर छिपा ली तो में उसे बाहर हॉल में सोफे पर बिठाया और चाचा को आवाज लगाई तो चाचा दौड़कर अंदर आए ।
चाचा ,-- जी सर ।
में ,-- चाचा यहां ब्रांडेड ब्रा पेंटी कहां मिलेगी ।
चाचा ,-- बगल में ही तो मॉल है उसमें मिल जाएगी सर।
में ,-- चाचा शालिनी के लिए एक पेंटी ला दोगे।
चाचा ,-- क्यों नहीं सर।
में चाचा को पांच सो को नोट दिया और बोला ,-- लो लेकर आओ ।
चाचा जाने लगे तो मैने कहा ,-- चाचा साइज कौनसी लाओगे ।
शालिनी ये सुनी तो अपना सर मेरे कंधे पर छुपा ली और मुझे प्यार से मुक्का मारी ।
चाचा ,-- कौनसा साइज लाऊँ सर ।
में ,-- आप देख लो शालिनी का गांड ।
चाचा शालिनी की गांड को देखने लगे और बोले ,-- सर पेंटी का नाप इंच में मिलेगा या सेंटीमीटर में ।
में ,-- इंच में ।
चाचा ,-- तब तो मेडम को छत्तीस से कम पेंटी नहीं आएगी ।
में ,-- हां चाचा , 36 की ही है शालिनी की गांड , आप जल्दी से लेकर आइए ।
चाचा चले गए तो शालिनी ने मेरे होंठ चूमे और मेरी आंखों में देख कर बोली ,-- लगता है आज जनाब ने शालू को बहन से प्रेमिका के रूप में देखना शुरू कर दिया ।
में ,-- ह्म्म,, जा पेंटी खोल कर आ जा बाथरूम में ।
शालिनी मेरी छाती में मुक्का मारकर ,-- शैतान कही के ।
में शालिनी के इस तरह प्यार से शैतान बोलने पर में सोचने लगा कि शालिनी शैतान क्यों बोली उसे तो नाराज होना चाहिए था । में फिर मां और शालिनी की बातें याद किया तो मुझे समझ में आया कि शालिनी सेक्स स्टोरीज पढ़कर खुद को एक्सपोज करवाने में एंजॉय फील करती होगी ।
कुछ देर में शालिनी वापस आई तो में उसकी साड़ी के अंदर झांकने की कोशिश की पर मुझे अंदाज नहीं लगा कि वो पेंटी लेस थी ।
शालिनी मुस्करा कर,-- क्या देख रहे हो