भाग -3
आज रविवार है, और जैसे ही उठकर हॉल में आई
मेरा मोबाइल की घंटी बजी, दौड. कर फोन कॉल उठाया
मैं - हलो कौन..
2री ओर से हलो अंजू बेटी मैं तुम्हारा मामा बोल रहा हूँ
मामा- सबसे पहले तो बधाई हो, नई जॉब के लिए
मैं -थैंक्स मामा जी, पर आप को कैसे पता चला
मामा -तुम्हारी मां से कल बात हुई थी, तुम तब बाजार गयी थी
मैं -अच्छा, और सब कैसे हैं
मामा -सब बढ़िया, पार्टी कब दे रही हो
मैं - पहली सैलेरी के बाद मामा
मेरे मामा के अलावा हमारा कोई क्लोज रिश्ते दार नहीं है, और हमलोग काफी घुलेमिले हैं
मामा -कल क्या शौपिंग हुई
मैं -कुछ खास नहीं, कपड़े और घर के सामान
ये सुनकर मामा को शरारत सूझी
मामा -कौन से कपड़े ली
मैं - साड़ी ,पेटीकोट और..... बोलते -2 रूक सी गई
मामा -और क्या
मैं - जी कुछ नहीं शरमाते हुए
मामा- और भी ली हो गी, बता न अंजू
मैं - अरे मामा आपको नहीं पता....
मामा -नहीं
मैं -सब मालूम है क्या मामी के लिए नहीं ले देते हो
मामा -तो तू ही बता दो
मैं -वही जो साडी के साथ पहनते हैं
मामा -क्या क्या पहनती हो तुम साडी के साथ
सुनकर मेरे गोरे गदराये बदन और जांघो पर लगा की चींटी रेंग रही है
मुझे भी मामा को तड़पाने में मजा आ रहा था
मैं -ब्लाउज
मामा -केवल ब्लाउज..... या फिर और भी उसके अंदर
मैं - साडी के साथ साया और ब्लाउज
मामा -इतना ही
मैं -लगता है आप सुनना ही पसंद करेंगे
मामा - हां
मैं -ब्रा और पैंटी भी साथ में नाईट ड्रेस भी ली
ये सुनकर शायद मामा जी का तन गया था तभी कुछ देर शांति छा गयी
मैं -मामा जी कहां खो गये
मामा -हक्लाते हुए ह.... हा.. हां, अंजू 1 बात कहू बुरा तो नहीं मानोगी न
मैं -हां बोलिए मामा
मैं सोच रही थी की अब क्या बोलेगें मामा
मामा- ब्रा और पैंटी के अंदर क्या होता है
मैं -छी... आप कैसा बोल रहे हैं ,थोड़ा
नाराज हो कर पर मुझे मजा भी आ रहा था
मामा - सॉरी अंजू
मैं - चलिए कोई बात नहीं,
मामा- सारे कपड़े पहनने पर फिट हुआ
मैं -जी
मामा - मुझे भी नाईट ड्रेस पहन कर दिखाओ न विडियो कॉल पर
मैं -आपको फिर से शरारत सूझी है
मैं बोली नहीं मामा जी ये गलत है
मामा -अरे मैं तो मजाक कर रहा था
दरअसल मेरी मामी जॉब के कारण दूसरे शहर में रहती है और मामा जी बच्चों के साथ इससे उनका मिलना कम ही होता है
मुझे भी मामा जी साथ मजा आ रहा था बातकरने में इसलिए मैनें जानबूझकर एैसा बोला....
मैं -क्या आप मामी के साथ एैसे ही फोन पर बातचीत करते हैं
मामा -बहुत ही रोमांस के साथ
मैं -कैसे बताईये न.....
मामा- पर तुम नाराज होगी बताने पर
मैं -नहीं होती नाराज अब
मामा -नहीं.... नहीं
मैं -मामा जी प्लीज
मामा- ओके ,पर शुरू कैसे करू
मैं - चलिए मान लो मैं आपकी बीबी हूं
मामा- अच्छा तो वो बातें बताओ
मैं -कौन सी
मामा- ब्रा और पैंटी के अंदर क्या होता है
मैं -शरम आ रही है जी मुझे
मामा -बोलो न बेबी..... उम्म पुच्च.....
और मामा ने फोन किस कर दिया
मैं - ब्रा के अंदर स्तन होता है और पैंटी के अंदर योनी
मामा- मैं ये भाषा नहीं जानता हूँ
मामा और खुलकर सुनना चाहते थे
मैं -तो.....
मामा- स्तन क्या होता है बोल मेरी जान
मैं -बूब्स
मामा- क्या.....
मैं (धीरे से बोली क्योकि मां सुन लेती) - वो ब्रा के अंदर मेरी चूची है और ब्राउन कलर के निप्पल
मामा की सांसे फोन पर तेज सुनाई दे रही थी
मामा - योनी मतलब....
मैं-पैंटी के अंदर गुलाबी चिकनी बूर है मामा जी
मामा- दिखा दो चिकनी गुलाबी रसीला बूर तुम्हारा
मैं -बाद में
मामा- तुम हमेशा बूर के बाल साफ रखती हो
मैं -मदहोशी में हां डियर
ये सुनकर..... अब
मेरी अब पैंटी गीली हो रही थी, रस से पूरा बूर चिपचिपा हो गया
और मामा जी भी लगता है लंड को हिला कर पानी निकाल दिया था
तभी मामा के घर पर शायद कोई आया था
मामा - बेटी मैं रखता हूँ वो घर में गेस्ट आ गये हैं
मैं -ठीक है मामा जी बॉय
कहकर कॉल काट दिया
मैं सीधे बाथरूम की ओर चली नहाने क्योंकि मैं बहुत उतेजित हो गई थी

नहाते समय में बूर में अंगुली से स्वखलित हुई अब नहा कर 1 ड्रेस पहन कर घर के कामों में लग रही
दिनभर बधाई देने वालों का कॉल आता रहा
कल सुबह मुझको जल्दी ही जाना था इसलिए जल्द ही सो गई

To be continued........