• If you are trying to reset your account password then don't forget to check spam folder in your mailbox. Also Mark it as "not spam" or you won't be able to click on the link.

Incest अनोखे संबंध ।।। (Completed)

Which role you like to see

  • Maa beta

    Votes: 248 81.0%
  • Baap beti

    Votes: 73 23.9%
  • Aunty bhatija

    Votes: 59 19.3%
  • Uncle bhatiji

    Votes: 21 6.9%

  • Total voters
    306
  • Poll closed .

Tyler herro

Go hard or go home
Banned
509
1,378
139
Kahani bahot garam aur mast hai.... Flashback bhi accha tha , flashback padhne me tab zyada maza aata hai jab flashback ko kahani ka koi characters sunaye.... Btw radha is the best milf of the story par ye komal bhi kam nahi hai, ek baat aur vo ye ki Raghu aur radha dhere dhere paas aa rahe hain

Ye dono jaldi se aur kareeb aaye iske liye ramu aur komal ki help lo , ramu aur komal toh ek ho chuke hain unke kuchh romance scenes dikhao yar.... In dono ko romance karta hua dekh kya pata raghu aur radha bhi ek dusre ke paas aane ke liye tadapne lage , aag me ghee daalo bhai
 
Last edited:

Babulaskar

Active Member
753
4,746
139
suggestion ke liye bahut bahut shukriya! I try to add your idea into my writing. But maza tabhi aata hai jab usme suspence ho. Agar aap ki suggestion main ne le li to aap ko pata chal jayega ke kahani me ehi hoga. Is liye.... Baki main chahta hoon aap log suggestion dete rahen.
 

Tyler herro

Go hard or go home
Banned
509
1,378
139
Aap apne tareeke se mera idea add karne ki koshish karna aur bhai suggestion tabhi koi dega jab aap uske suggestion ko apne tareeke se story line me add karoge warna suggestion dene ka faida he kya?? aapko accha lagta hai add karo nahi lagta toh mat karo ye aapki choice hai baaki mujhe aapki kahani behad pasand hai, aap ekdum manjhe hue writer lagte hain aapki kahani ka narration style mujhe bahot pasand hai.... Aapke updates me emotions ka bahut acchha mishran rehta hai jo mujhe behad bhaata hai, aise emotions main apni kahani me bhi add karne ki koshish karunga
 
Last edited:
  • Like
Reactions: Babulaskar

Babulaskar

Active Member
753
4,746
139
I apologise to you if you feel hurt. I didn’t say I ll not add suggestions. I m saying what I add or cut I ll not tell anyone. Because this is the suspense. And a story will be enjoyable when there are suspense in it. I want like you readers always. And I ll read your story. Thanks!!!
Aap apne tareeke se mera idea add karne ki koshish karna aur bhai suggestion tabhi koi dega jab aap uske suggestion ko apne tareeke se story line me add karoge warna suggestion dene ka faida he kya?? aapko accha lagta hai add karo nahi lagta toh mat karo ye aapki choice hai baaki mujhe aapki kahani behad pasand hai, aap ekdum manjhe hue writer lagte hain aapki kahani ka narration style mujhe bahot pasand hai.... Aapke updates me emotions ka bahut acchha mishran rehta hai jo mujhe behad bhaata hai, aise emotions main apni kahani me bhi add karne ki koshish karunga
 
  • Like
Reactions: Tyler herro

Tyler herro

Go hard or go home
Banned
509
1,378
139
I apologise to you if you feel hurt. I didn’t say I ll not add suggestions. I m saying what I add or cut I ll not tell anyone. Because this is the suspense. And a story will be enjoyable when there are suspense in it. I want like you readers always. And I ll read your story. Thanks!!!
Hurt kiss baat ka pagle vo toh main apni baat samjha raha tha :drunk::lol1:
 
  • Like
Reactions: Babulaskar

Babulaskar

Active Member
753
4,746
139
Update 16


एक ही घर के अलग अलग कमरे में रेखा उसका भाई और माँ लेटे हुए थे। एक तरफ राधा। दुसरी तरफ रघु अपनी माँ के सोने का इन्तज़ार कर रहा था। उसे जब लगा माँ शायद सो चुकी होगी वह दबे दबे पाँव उपर अपनी बहन के कमरे के पास आता है। और दरवाज़ा पे हाथ लगाते ही दरवाजा खुल जाता है। उसकी बहन रेखा धीमी आवाज में बोलती है" आ गए भाई!"

रघु बैड के पास आ कर उससे सट कर कहता है" तो तू भी मेरा इन्तज़ार कर रही थी? है ना!!"

दौनों का शरीर अब एक हो चुका था। रेखा: क्या करूं। अब मेरे इस भाई को कोई देखने वाला नहीं है। इसी लिये उसकी सेवा करने के लिए मुझे दरवाजा खोल के रखना पड्ता है। कहीं मेरे भाई को ज्यादा बेचैनी ना हो जाये। रेखा और रघु दोनो एक दूसरे को टटोलने में बिजी थे। यूँ तो रेखा ने आज तक किसी से चूदवाया नहीं। लेकिन अपनी चुद की प्यास बुझाने में वह दूसरे से सारा काम करवा लेती है। और यह बात रघु भी अच्छी तरह जानता है के उसकी नाजुक कमसिन कली जैसी बहन की चुत उसके बाप को मिलनी है। बाकी रेखा के शरीर के जितने उभार है, वह सब अपने भाई रघु की क्र्पया है। दो साल से अपने भाई के हाथों मसलते मसलते रेखा के बुब्स उसकी गांड और बाकी शरीर काफी भरपुर हो गये हैं। दौनों भाई बहन चुम्मा चाटी के बाद नंगे हो गये। और रघु रेखा के उभरे हुए छाती से खेलने लगता है। वह बारि बारि एक एक दुध को चुस्ता और दबाता रहता। रेखा ने रघु गुस्से से भरा हुया लौडा अपने हाथ पकड़ लेती है।

रेखा: भाई आज तो तुम्हारा यह लण्ड कुछ ज्यादा ही सख्त मालुम हो रहा है। क्या बात है?

रघु: क्या करूं! अब रहा नहीं जाता। अब हर वक्त लगता है के किसी गदराई औरत की चुत ढूंड के मेरा यह लौड़ा उसकी चुत में डाल दूँ। और उसे तब तक चोदूं जब मेरा यह लण्ड पानी ना छोड़ दे।

रेखा उसके लौड़े को सहलाती हुई बोली: फिक्र क्यों करते हो भाई। तुम्हारे इस लौड़े का दिन भी आयेगा। और जब आयेगा तब इस से खुब अच्छी तरह चोद लेना। कभी कभी तो मैं भी बेचैन हो जाती हुँ। मुझे भी लगता के बस चुदवा ही लूँ। जो होगा देखा जायेगा। लेकिन अपने दिल पर पत्थर रख कर काबू करती हुँ।

रघु उसकी चुत पे हाथ फेरता हुया बोलता है: हाँ रेखा। हम दौनों ही चोदने और चुदवाने के मारे बहुत बेचैन हैं। बस एक दूसरों को कब तक इस तरह प्यार करते रहेंगे पता नहीं। वैसे अब तेरी चुत को ही देख किस तरह मुझे इशारा कर रही है। मानो मेरा लौड़ा मांग रही हो।" रघु अपनी बहन की चुत को गौर से देखता रहता है। चुत की खुबसूरती से उसकी नजर नहीं हटती।

रेखा: भाई इतने गौर से क्या देख रहे हो। पहली बार देख रहे हो क्या मेरी चुत?

रघु अपनी उंगली से चुत के दाने पे रगड़ देता है। उस से रेखा एकदम सहम जाती है। "भईया! इस तरह क्यों तडपा रहे हो" रेखा बेचैन होकर बोलती है।

रघु अपना हाथ चुत पे फेरता हुया गांड की कुच्ली जगह लेकर जाता है और अपनी एक उंगली से रेखा की गांड के दरारों पे घिस्ता रहता है। "रेखा जरा अपनी चूतड को उपर उठा ना" रघु के यह बोलते ही रेखा जो अपनी आंखों को बन्द करके सहलाने का मजा ले रही थी, अपने भाई की मदद करती हुई गांड उपर उठा लेती है। रघु अपनी नाक को रेखा की सफेद चुतड़ के बीच सुक्ड़ी हुई हल्की काली दरार की गांड के पास ले जाके रख देता है। और फुल सूंघने के अन्दाज में गांड के दरारों को नाक में लेने की कोशिश करता है।

रेखा अपने भाई की इस हरकत से हंस के पूछती है: भईय्या क्या हुया है तुम्हें?

रघु: तेरे शरीर के हर हिस्सों को देख कर मैं बेकाबू हो रहा हुँ। मन करता है की पुरा दिन तुझे नंगी करके यूँ ही देखता रहूँ।

रेखा: भाई आज एक साथ करते है!

रघु: ठीक है। इस में और मजा आयेगा। तू मेरे उपर चढ़ जा। मैं नीचे से तेरी चुत चुसंगा। और तू उपर से मेरा लण्ड चूसना।

दोनो ने पोजीशन बदल ली। और चुत लौड़ा चूसने चुस्वाने में मगन हो गये। आज रघु का लण्ड सच में कुछ ज्यादा ही सख्त था। इस लिये रेखा कडक लोड़ा मुहं में लेने में कुछ दिक्कत आ रही थी। लेकिन रघु को अपनी बहन की चुत हमेशा प्यारी लगती है। वह तो बस ललिपॉप की तरह चुसता ही जा रहा था। रघु का लण्ड चाहे जितना भी गुर्राये रेखा के प्यार में वह कुछ देर में अपना जवाब देने लगा था। करीब 15 20 मिनिट की चुसाई के बाद दोनो अपना अपना पानी गेर के बेड पर निढ्ल हो कर लेट गए। थोडी देर बाद रघु रेखा को अपनी बाहों में भर के बोलता है: रेखा यह बात तू भी जानता है के माँ से मैं कितना प्यार करता हुँ और उसे पाना चाहता हुँ। चोद चोद के मैं उसका बुरा हाल बनाना चाहता हुँ। लेकिन मैं तेरे से भी कम प्यार नहीं करता। कभी कभी मेरी एसी इच्छाएं भी होती हैं के माँ के साथ साथ तेरे साथ भी शादी कर लूँ। और तुझे भी वह प्यार दूँ जो मैं माँ को दूँगा।

रेखा रघु को एक प्यार भरा चुम्मा दे कर कहती है: भाई मुझे पता है तुम अगर मेरे से और माँ से एक साथ शादी करते हो तो हम दौनों को खुश रखोगे। और मुझे माँ को अपनी सौतन बनाने में भी कोई तकलीफ नहीं। भाई एक दिन एसा शायद आयेगा भी के मैं तुम्हारी पत्नी बनूँगी। तब माँ भी मेरी सौतन बनेगी।

रघु उसके मुलायम चुतड़ को सहलाता हुया बेचैन हो जाता है:: लेकिन केसे रेखा। तुझे बापू लेकर शहर चले जायेंगे। फिर मैं तुझे अपनी बीबी केसे बना पाऊँगा।

रेखा: देखो भाई यह तो तुम भी जानते हो माँ और बापू दोनो की उम्र हो गई है। अगर मैं बापू की लगाई बन भी जाऊँगी तो भी मुझे नहीं लगता के बापू 10 साल से ज्यादा से ज्यादा मेरी प्यास बुझा पाये। क्यौंकि तुम खुद सोचो जूं जूं मैं बड़ी होती जाऊँगी मेरी चुदाई की प्यास भी बड़ती जायेगी एसे में बापू मुझे केसे सम्भाल पायेंगें। फिर उसके बाद तो मुझे तुम्हारे पास ही आना है। और तब माँ भी तुम्हारे से चुदवा चुदवा के निढ्ल हो चुकी होगी। एसे में मैं ही तुम्हारे इस लौड़े की प्यास बुझा सकती हुँ।

रघु: हाँ राधा। मैं ने इतना दूर का सोचा भी नहीं था।" रघु खुशी के मारे रेखा को अपनी बाहों में कस के जकड़ लेता है। और बे तहाशा उसे चूमने लगता है।

र्रेखा: भाई बस भी करो। इसी लिये तो मैं कहती हुँ के तुम तब तक माँ का ख्याल रखो। उन्हें जी भर के चुदाई का सुख दो। और जब मैं तुम्हारे पास आऊँगी तब तो तुम चुदाई में पुरे खिलाडी बन जाओगे फिर मुझे भी तुम्हारे चुदवाने ज्यादा मजा आयेगा। तब देख लेना मैं ही तुम्हारी असली पत्नी बनूँगी। मैं पत्नी होने की सारी जिम्मेदारियां पूरी करूंगी। तुम्हारे साथ एक पत्नी के रुप में रहूँगी।

रघु: हाय रेखा मुझे तो अपनी किस्मत पर यकीन ही नहीं हो रहा। मेरी जिन्दगी में अपने ही घर की औरतों को बीबी बनाने का सुख मिलेगा मुझे। मैं भी तेरे साथ वादा करता हूँ जब भी तू मेरी बीबी या पत्नी बन कर आयेगी मैं पुरे रीति रिवाजों के साथ तेरे साथ बियाह करूंगा। और तुझे एक पति वाला प्यार दूँगा।

रेखा: हाँ मुझे तुम पर यकीन हैं। मैं जब तुम्हारी पत्नी बनूँगी तब तुम मुझे एक पति वाला प्यार ही दोगे। मैं भी तुम्हें यह कभी एहसास नहीं होने दूँगी के तुम मेरे भाई हो या मैं तुम्हारी बहन हुँ। तुम्हारे साथ एक पत्नी की तरह ही रहा करूंगी। तुम्हारी हर तरह से सेवा करूंगी। तुम्हारे नाम की अपने मांग में सिंदूर लगाती रहूँगी। ता की सब को चले के मैं तुम्हारी धर्मपत्नी हुँ। और तो और तुम्हारे दिये हुए बच्चों को भी अपने पेट में पालुंगी। तुम जितना बच्चा बोलोगे मैं अपने कोख में भर कर उन्हें जनम दूँगी। फिर हम भाई बहन होने के बा वजुद अपने बच्चों के माँ बाप कहलवाएंगे।
 
Last edited:

Babulaskar

Active Member
753
4,746
139
Update 17


रघु अपनी बहन की इन सपनों भरी बातों से रोमांचित हो जाता है। कुछ देर पहले ही उसका लण्ड पानी छोड़ चुका था। लेकिन बहन की इन सपनों भरी बातों से उसका लण्ड फिर से तन जाता है। वह अपनी बहन को प्यार से और ताकत से अपने शरीर के साथ समा लेता है। उसके अन्दर खो जाना चाहता है।

रघु: मेरी प्यारी बहना। आज तेरी बात सुनकर मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। मुझे तो अभी से लग रहा है के तुझे बापू के पास जाने न दूँ। और माँ के साथ साथ मैं तुझे भी एक ही मंडप पे शादी कर लूँ। लेकिन मुझे पता है यह मुमकिन नहीं है। बापू के भी तुझे लेकर बहुत अरमान है। जो वह तेरे साथ पुरा करना चाहता है। तेरे साथ एक नई जिन्दगी की शुरुआत करना चाहता है।

रेखा: हाँ भईया! और हमें अपने साथ साथ बापू का भी ख्याल रखना चाहिये!

रघु: हाँ। तू सही कह रही है। वैसे मुझे और माँ को भी यहां थोड़ा एकान्त मिल जायेगा और तू और बापू शहर जाके अपने अपने मन की कर सकेंगें।

रेखा: हाँ भईया।

रघु: अच्छा रेखा क्या तू बापू से चुदवा के गर्भवती हो जायेगी?

रेखा: अरे भईया। चिंता क्यौ करते हो। वैसे भी मैं ने अभी तक इस बारे में ज्यादा कुछ सोचा नहीं। और वैसे भी मुझे लगता है अभी आप को अपने कमरे में जाना चाहिये। माँ रात को एकबार जरुर बाथरुम जाती है। अगर उन्होनें तुम्हे मेरे साथ यहाँ देखा तो वह बुरा मान जायेगी।

रघु: अच्छा अच्छा ठीक है। तुझे भी सोना है। कल तो तुझे शीतल के घर भी जाना है। चल मैं चलता हुँ। आज मैं इस उम्मीद के तेरे से जा रहा हुँ के एक दिन हमारा कमरा एक होगा। एक पति पत्नी के कमरे के जैसा।" और यह बोल के वह रेखा को प्यार भरे एक चुम्बन देता है। और अपने कमरे में चला जाता है।

अगला दिन

दो पहर से पहले ही राकेश और कमल शादी की खरीदारी करके अपने घर आ गए थे। राकेश नहा धोकर अपने कमरे में आराम कर रहा था। वहीं राधा और रेखा घर का काम सम्भाल के कोमल के घर जाने की तैयारी कर रही थीं। रेखा ने अपनी माँ से कहा उसे जाने में थोड़ा टाईम लगेगा।

रेखा बोलती है: माँ। एक साथ चलते है ना!

राधा: नहीं रे। अगर एसी हालात में हमने तेरी मौसी का साथ नहीं दिया तो वह बुरा मान जायेगी। वैसे भी शीतल तेरी फ्रेंड कम बहन ज्यादा लगती है। उसकी खुशीवाले दिन में तुझे उसके साथ रहना चाहिए।

रेखा: हाँ माँ। लेकिन शीतल से मेरी बात हो चुकी है। मुहुरत रात के 9 बजे है। अगर मैं शाम को भी जाऊँगी तब भी चलेगा। वैसे माँ आप को जाना चाहिये क्योंकि फिलहाल वहाँ मौसी का हाथ बटाने में आप की जरुरत पड़ेगी। मेरी नहीं।

राधा: ठीक है फिर। मैं कोमल के पास चली जाती हुँ। खाना तो बन ही गया। तेरे बापू को किसी चीज़ की ज़रूरत पड़ेगी तो सम्भाल लेना।

रेखा: कोई बात नहीं माँ। मैं देख लुंगी। आप कोमल मौसी के पास चली जाओ।

राधा, रेखा और राकेश को घर पे छोड़ के कोमल के घर चली जाती है। अपनी माँ के जाते ही रेखा के दिल की धड़कन बढ्ने लगी। कल जब बापू घर आये थे तो एक बार बापू ने रेखा को कहा था" रेखा तेरे से कुछ बात करनी है, जब तेरी माँ आस पास नहीं होगी तो मेरे पास आ जाना" रेखा को कल से यह बात सताने लगी के उसके बापू पता नहीं उसके साथ क्या बात करने वाले हैं! लेकिन अब लगता है बापू से बात करनी पड़ेगी। शायद कुछ देर बाद वह भी कमल अंकल के पास चले जाये। रेखा अपने दिल की धड़कनों को मह्सूस करती हुई अपने बापू के कमरे की तरफ पावँ जाने लगती है।।।
 
Last edited:

Lutgaya

Well-Known Member
2,159
6,437
159
  • Like
Reactions: Jasvir

Mass

Well-Known Member
11,691
24,977
229
congrats guys! Crossing 50k views!!
more update will be added shortly.
It shows how popular and erotic your story is ...Congrats!! Looking forward to the next part..
 
Top