पैतालिसवां भाग
बहुत ही बढियस कहानी।।
अनिकेत की मजबूरी ये है कि वो भाग भी नहीं सकता, क्योंकि कोमल पर नजर रखी जा रही है। इधर अनिकेत भागा और उधर कोमल का अपहरण हुआ। तक हर कर उसने अपने हालात से समझौता कर लिया।
रामेश्वर ने उसे कंटेनर में भरकर फ्रांस के लिए रवाना कर दिया, अब आगे क्या होता है ये देखना दिलचस्प होगा।। मुझे लगता है कि अविनाश और यश कुछ न कुछ करेंगे अनिकेत के लिए।।
bhai aaya hai bata ke jayega )
) hame jo chahiye wo hame na mile ye to niyati ka pasandida khel hai aur har love story puri hoti hai aisa bhi nahi hai..