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शांत लेडी भीम शांत।F
Fir sabdo ko tol mol karke bolna sikh lo. Kyo ki inshan khud ki juban ka khud jimmedar hota he

अब वो नही बोलेगा ज्यादा
शांत लेडी भीम शांत।F
Fir sabdo ko tol mol karke bolna sikh lo. Kyo ki inshan khud ki juban ka khud jimmedar hota he

Me shant hi hu. Me koi galat wards nahi boleशांत लेडी भीम शांत।
अब वो नही बोलेगा ज्यादा
Ye bhi sahi he
Aap ka likha bahot mazedar he. Padhne me maza aaega. Aap likhe. Me khud topic dekh kar padhne aai hu. Shuru rakho please.
Waiting for next update
Riky007 bhai next update kab tak aayega?
Weating too next update
अपडेट पोस्टेडअरे मेरा मतलब वो नही था, मै ये कहना चाहता था कि आप इसे स्टोरी सेक्शन में पोस्ट कर सकती थी। इस तरह टुकड़ो में नही......
बांकी जैसा आपको ठीक लगे....
सही कह रहे हो भाई, शैतान जी तो मै pranshak हू।अरे ऐसे नही बोलो भाई, मैने ही बोला उनको लिखने को। मजाक सब जगह अच्छा नही लगता।
खुरदुरी जीभअपडेट २#
अब तक आपने पढ़ा..
युवती (मुस्कुराते हुए बेड से उठ कर सम्राट के करीब आती है): मैं कौन, और यहां कैसे आई, इन बातों में वक्त क्यों बर्बाद करना? आओ और बस मेरी बाहों में समा जाओ।
_____________________________________
अब आगे....
सम्राट उसकी ओर आश्चर्य से देखता है, और उसकी नजरें जैसे ही युवती से मिलती हैं, सम्राट की सुधबुध खो सी जाती है, और वो युवती सम्राट को अपनी बाहों में भर लेती है, और उसके आधारों को चूमने लगती है। सम्राट जो की किसी और दुनिया में गुम हो चुका था, वो भी उस युवती का साथ देने लगता है।
दोनो में एक होड़ लगी थी कि कौन दूसरे के अधरों का रसपान ज्यादा कर सकता है। तभी उस युवती ने अपनी जीभ को सम्राट के मुंह में धकेल दिया जिससे सम्राट को नया अनुभव मिला और वो उसकी जीभ के स्वाद का मजा लेने लगा। साथ ही साथ उसके हाथ युवती केबदन पर घूमते हुए उसके उभारों को महसूस करने लगे। युवती सम्राट को उसके बेड पर ले कर आती है, और आधारों को छोड़ कर उसकी शर्ट को उतारने लगती है। उधर सम्राट की हालत ऐसी होती है जैसे उससे किसी ने उसका सबसे प्यारा खिलौना छीन लिया हो, मगर तभी वो युवती उसके सीने को चूमते हुए अपने एक हाथ से सम्राट की पैंट को भी खोलने लगती है।
सम्राट बेसब्र हो कर अपने हाथ से उसके स्तनों को दबाने लगता है, तो वो युवती उठ कर अपनी टीशर्ट उतार देती है, और उसके उन्नत स्तन सम्राट के आंखों के सामने आ कर उसकी आमंत्रण देने लगते हैं, सम्राट आगे बढ़ते हुए एक स्तन पर अपना मुंह लगता है, और दूसरे के हाथों से सहलाने लगता है, युवती अपने एक हाथ से उसके सर को अपने वक्षों पर दबाते हुए दूसरे से सम्राट के लंड को मसलने लगती है, जिससे सम्राट की सिसकारी निकल पड़ती है। थोड़ी देर बाद वो युवती फिर से उठती है और अपनी जींस भी निकाल फेकती है, और दुबारा से सम्राट की छाती पर बैठ जाती है मगर इस बार उसके मुंह की तरफ पीठ करके, और आगे झुक कर सम्राट के लंड को अपनी जीभ से चाटने लगती है, सम्राट ने ये सब पढ़ा और देखा भर था, पर जीवन में पहले बार उसके साथ पहली बार हो रहा था, उतेजना के आसमान पर पहुंच चुका था वो।
युवती की गुलाबी फूल जैसी साफ और चिकनी योनि सम्राट के मुंह के सामने थी, और वो योनि के मदहोश करने वाली गंध उसकी उत्तेजना को और बढ़ा ही रही थी। और अभी तक के अर्जित ज्ञान को इकट्ठा करते हुए, उसने अपने मुंह योनि से लगाया और उससे बहते हुए काम रस का को चखने लगा। उससे इतनी उत्तेजना बर्दास्त नही हुई और वो भरभरा कर युवती के मुंह में झड़ गया। युवती ने भी उसके वीर्य को पूरी तरह से गटकते हुए उसके लंड को पूरी तरह से चाट कर साफ कर दिया।
फिर वो वापस घूम कर सम्राट के मुंह की तरफ आ गई और उसके पूरे चेहरे पर चुम्बानो की झड़ी लगा दी, और धीरे धीरे नीचे आते हुए उसकी गर्दन को चूमने और चाटने लगी, उसकी गरमा गरम खुरदुरी जीभ ने तुरंत अपना असर दिखाना शुरू कर दिया जो सम्राट के लंड में दिखना शुरू हो गया, गर्दन से नीचे आते हुए वो अब उसके सीने पर वही हरकत करने लगी, और एकदम से उसके चुचकों को अपने मुंह में भर कर चूस लिया, इसी के साथ सम्राट एक बार फिर उत्तेजना के शिखर पर पहुंच गया। युवती ने ये महसूस करते ही अपनी योनि को उसके लंड पर लगाते हुए उस पर सवार हो गई।
सम्राट को ऐसा लगा जैसे उसका लुंड किसी गरम भट्टी में चला गया हो, योनि की दीवारों ने लंड को जकड़ कर रखा था, युवती ने जोर लगा कर लंड को अपने भीतर लेना चालू किया और दोनो की सिसकारी एक साथ फूट पड़ी, दोनो के चेहरे पर दर्द की लकीर दिखने लगी, मगर कामोतेजना की आग के आगे वो दर्द जरा भी टिक न पाया, और बिस्तर पर एक घमासान सा छिड़ गया, दोनो एक दूसरे को अपने अंदर लेने की होड़ में लग गए। कभी सम्राट ऊपर तो कभी युवती ऊपर, दोनो एक दूसरे को चूमने और चाटने लगे थे। ये घमासान करीब आधे घंटे तक चला और दोनो लगभग एक साथ ही स्खलित हुए।
इसी के साथ सम्राट थकान से चूर हो कर उस युवती बाहों में सो गया।
कुछ समय बाद बाहर सड़क पर एकदम अंधेरे में एक काला साया एक ओर जाते हुए दिखता है, और जिस दिशा में वो साया जा रहा होता है, वहां अंधकार और भयानक हो जाता है, सड़क के किनारे जलते बल्ब खुद ब खुद बुझ जा रहे थे, सड़क के आवारा कुत्ते जो शायद ही किसी पर न भौंकते हों, दुम दबा कर पता नही किस कोने में जा छुपे थे। वो साया कोने पर मौजूद एक कब्रिस्तान के अंदर गया, और एक अट्टहास सा गूंज गया, और एक आवाज, जो कह रही थी, "मैं कल फिर आऊंगी।"
Kya seen create kiya he. Amezing. Erotic seen ke bad jo kala saya ka movment tha jabardast.अपडेट २#
अब तक आपने पढ़ा..
युवती (मुस्कुराते हुए बेड से उठ कर सम्राट के करीब आती है): मैं कौन, और यहां कैसे आई, इन बातों में वक्त क्यों बर्बाद करना? आओ और बस मेरी बाहों में समा जाओ।
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अब आगे....
सम्राट उसकी ओर आश्चर्य से देखता है, और उसकी नजरें जैसे ही युवती से मिलती हैं, सम्राट की सुधबुध खो सी जाती है, और वो युवती सम्राट को अपनी बाहों में भर लेती है, और उसके आधारों को चूमने लगती है। सम्राट जो की किसी और दुनिया में गुम हो चुका था, वो भी उस युवती का साथ देने लगता है।
दोनो में एक होड़ लगी थी कि कौन दूसरे के अधरों का रसपान ज्यादा कर सकता है। तभी उस युवती ने अपनी जीभ को सम्राट के मुंह में धकेल दिया जिससे सम्राट को नया अनुभव मिला और वो उसकी जीभ के स्वाद का मजा लेने लगा। साथ ही साथ उसके हाथ युवती केबदन पर घूमते हुए उसके उभारों को महसूस करने लगे। युवती सम्राट को उसके बेड पर ले कर आती है, और आधारों को छोड़ कर उसकी शर्ट को उतारने लगती है। उधर सम्राट की हालत ऐसी होती है जैसे उससे किसी ने उसका सबसे प्यारा खिलौना छीन लिया हो, मगर तभी वो युवती उसके सीने को चूमते हुए अपने एक हाथ से सम्राट की पैंट को भी खोलने लगती है।
सम्राट बेसब्र हो कर अपने हाथ से उसके स्तनों को दबाने लगता है, तो वो युवती उठ कर अपनी टीशर्ट उतार देती है, और उसके उन्नत स्तन सम्राट के आंखों के सामने आ कर उसकी आमंत्रण देने लगते हैं, सम्राट आगे बढ़ते हुए एक स्तन पर अपना मुंह लगता है, और दूसरे के हाथों से सहलाने लगता है, युवती अपने एक हाथ से उसके सर को अपने वक्षों पर दबाते हुए दूसरे से सम्राट के लंड को मसलने लगती है, जिससे सम्राट की सिसकारी निकल पड़ती है। थोड़ी देर बाद वो युवती फिर से उठती है और अपनी जींस भी निकाल फेकती है, और दुबारा से सम्राट की छाती पर बैठ जाती है मगर इस बार उसके मुंह की तरफ पीठ करके, और आगे झुक कर सम्राट के लंड को अपनी जीभ से चाटने लगती है, सम्राट ने ये सब पढ़ा और देखा भर था, पर जीवन में पहले बार उसके साथ पहली बार हो रहा था, उतेजना के आसमान पर पहुंच चुका था वो।
युवती की गुलाबी फूल जैसी साफ और चिकनी योनि सम्राट के मुंह के सामने थी, और वो योनि के मदहोश करने वाली गंध उसकी उत्तेजना को और बढ़ा ही रही थी। और अभी तक के अर्जित ज्ञान को इकट्ठा करते हुए, उसने अपने मुंह योनि से लगाया और उससे बहते हुए काम रस का को चखने लगा। उससे इतनी उत्तेजना बर्दास्त नही हुई और वो भरभरा कर युवती के मुंह में झड़ गया। युवती ने भी उसके वीर्य को पूरी तरह से गटकते हुए उसके लंड को पूरी तरह से चाट कर साफ कर दिया।
फिर वो वापस घूम कर सम्राट के मुंह की तरफ आ गई और उसके पूरे चेहरे पर चुम्बानो की झड़ी लगा दी, और धीरे धीरे नीचे आते हुए उसकी गर्दन को चूमने और चाटने लगी, उसकी गरमा गरम खुरदुरी जीभ ने तुरंत अपना असर दिखाना शुरू कर दिया जो सम्राट के लंड में दिखना शुरू हो गया, गर्दन से नीचे आते हुए वो अब उसके सीने पर वही हरकत करने लगी, और एकदम से उसके चुचकों को अपने मुंह में भर कर चूस लिया, इसी के साथ सम्राट एक बार फिर उत्तेजना के शिखर पर पहुंच गया। युवती ने ये महसूस करते ही अपनी योनि को उसके लंड पर लगाते हुए उस पर सवार हो गई।
सम्राट को ऐसा लगा जैसे उसका लुंड किसी गरम भट्टी में चला गया हो, योनि की दीवारों ने लंड को जकड़ कर रखा था, युवती ने जोर लगा कर लंड को अपने भीतर लेना चालू किया और दोनो की सिसकारी एक साथ फूट पड़ी, दोनो के चेहरे पर दर्द की लकीर दिखने लगी, मगर कामोतेजना की आग के आगे वो दर्द जरा भी टिक न पाया, और बिस्तर पर एक घमासान सा छिड़ गया, दोनो एक दूसरे को अपने अंदर लेने की होड़ में लग गए। कभी सम्राट ऊपर तो कभी युवती ऊपर, दोनो एक दूसरे को चूमने और चाटने लगे थे। ये घमासान करीब आधे घंटे तक चला और दोनो लगभग एक साथ ही स्खलित हुए।
इसी के साथ सम्राट थकान से चूर हो कर उस युवती बाहों में सो गया।
कुछ समय बाद बाहर सड़क पर एकदम अंधेरे में एक काला साया एक ओर जाते हुए दिखता है, और जिस दिशा में वो साया जा रहा होता है, वहां अंधकार और भयानक हो जाता है, सड़क के किनारे जलते बल्ब खुद ब खुद बुझ जा रहे थे, सड़क के आवारा कुत्ते जो शायद ही किसी पर न भौंकते हों, दुम दबा कर पता नही किस कोने में जा छुपे थे। वो साया कोने पर मौजूद एक कब्रिस्तान के अंदर गया, और एक अट्टहास सा गूंज गया, और एक आवाज, जो कह रही थी, "मैं कल फिर आऊंगी।"
Bat ye nahi he manu. Tumhe samazna hoga ki tum kis jagah kiske lie kya comment pas kar rahe ho. Me gussa nahi hu. Par esi post par koi ese wards use kare to samne vala to nahi sunega. Vo 200% react karega.सही कह रहे हो भाई, शैतान जी तो मै pranshak हू।
वैसे कुछ और भी लिखना चाहता था लेकिन अब
Leave it भूल गए
सही बात है।Bat ye nahi he manu. Tumhe samazna hoga ki tum kis jagah kiske lie kya comment pas kar rahe ho. Me gussa nahi hu. Par esi post par koi ese wards use kare to samne vala to nahi sunega. Vo 200% react karega.