अगले दिन सुबह करण की आवाज घर में स्थित छोटे से मंदिर से आने वाली घंटियों की आवाज से खुलती हैं और साथ ही साथ माही के भजन की मीठी आवाज उनके कानों में गूंजती हैं । वो अपनी बांहों में लेती काम्या को किस करता हैं और:
करण: उठ जाओ मेरी जान। सुबह हो गई है ।
काम्या उसके गाल पर किस करते हुए : हां मेरी जान । माही की पूजा की आवाज भी आ रही हैं
और ऐसा बोलते हुए वो उठ जाती है और अपने नंगे बदन पर कपड़े पहनती हैं और फ्रेश होने के लिए बाथरूम में घुस जाती हैं ।
समर और राम्या सुबह जल्दी उठकर रोजाना की तरह जॉगिंग पर गए हुए थे। राम्या का गजब का स्टेमिना था आज रनिंग का । वो किसी भी तरह से समर से कमतर नहीं थी। उसके कदम समर के क़दमों से कदम मिलाते हुए भागे चले जा रहे थे मानो दोनो में एक दूसरे को हराने का चैलेंज लगा हो। लेकिन रोज की तरह दोनो एक साथ मंजिल तक जाते है और फिर दोनो वापिस मुड़कर भागने लगते हैं तो राम्या की स्पीड समर के मुकाबले कुछ ज्यादा ही थी । राम्या जैसे ही सामर से आगे निकलती हैं तो समर के होंठो से हंसी छूट जाती हैं ।
समर हांफते हुए: सिस तुझे देखकर लग रहा है जैसे आज मैराथन जीत कर है मानेगी ।
राम्या( और तेज भागते हुए ): मैराथन तो कुछ भी नहीं है बच्चू मेरे लिए । बाए हाथ का खेल हैं ।
समर: हा हा हा बाए हाथ का खेल" और ऐसा कहते हुए वो उसकी हंसी उड़ाने लगता है जिसका असर सीधा राम्या के दिल पर होता है और उसकी स्पीड बिजली की गति से अचानक बढ़ जाती है और और वो समर को पीछे छोड़ते हुए तेजी से आगे निकल जाती है ।
जैसे ही राम्या आगे निकलती हैं वैसे ही भागने के कारण उसकी थिरकती हटाई गान्ड समर के सामने आ जाती है जो उसके भागते हुए कदमों के साथ उपर नीचे हो रही थी । राम्या की गांड़ उसके ट्रैक सूट में बहुत कसी हुई हुई लग रही थी । चूतड़ ट्रैक सूट को फाड़कर बाहर आने को बेताब लग रहे थे मानो उन्हें वहां जबरदस्ती कैद किया गए हो । आज उसके चूतड़ कुछ ज्यादा ही उछल रहे थे जिस कारण ना चाहते हुए समर का ध्यान उसके नितम्बो पर चला जाता है और उसे उस आज पहली बार एहसास होता है कि उसकी बहन की गांड़ कितनी बड़ी और मस्त हैं ।
वो नजरे गड़ाए हुए उसके नितम्बों को घूरता रहता है और साथ ही साथ अपनी भागने कि गति बढ़ा देता है , उसे डर था कि राम्या भागती हुई ज्यादा आगे निकल जाए जिससे उसे उसकी उछालती हुई भारी गांड़ ना दिखनी बंद हो जाए । जैसे जैसे वो राम्या के नजदीक आता गया था राम्या और तेजी से भागने लगती हैं जिससे उसकी चौड़ी गांड़ की थिरकन ज्यादा होने लगती हैं जिसका असर सीधे समर के लिंग पर हो रहा था जो जिसने लोवर के अंदर अपना मुंह उठाना शुरू कर दिया था ।
जैसे ही लिंग खड़ा होने लगता हैं समर को हैरानी होती है उसका लिंग ऐसे कैसे अपनी बहन की। गांड़ देख कर खड़ा हो सकता है । वो अपने दिमाग को झटकता हैं और नजरे दूसरी तरफ करते हुए दौड़ने लगता हैं लेकिन आज राम्या की गांड़ इतनी ज्यादा उछल रही थी कि वो अपने आप पर काबू नहीं रख पा रहा था और वासना से अभिभूत होकर अपनी नजरे फिर से अपनी सगी बहन के मस्त पिछवाड़े पर टिका देता है । जैसे जैसे घर नजदीक आता जा रहा था वैसे वैसे उनके दौड़ने की स्पीड बढ़ती जा रही थी । आज राम्या अपना पूरा दम लगा रही थी जीतने के लिए ।
तभी आवाज पीछे से बहुत तेज स्पीड से आते हुए समर उसके बराबर से निकलता है और ना चाहते हुए भी वो अपने आपको नहीं रोक पाता और भागते हुए एक हाथ राम्या की कामुक गांड़ पर मारते हुए घर के अंदर घुस जाता है मानो उसे चिडा रहा हो कि मैं आज फिर से जीत गया और राम्या उसे हैरानी से देखती रह जाती हैं और उसे बुरा भला कहते हुए घर के अंदर घुस जाती हैं ।
सारे परिवार की मुलाकात नाश्ते की टेबल पर होती है जहां सबसे पहले माही सबको पूजा के बाद प्रसाद देती हैं । माही ने आज एक व्हाइट कलर का सूट सलवार पहन रखा था और माथे पर चंदन का तिलक लगा हुआ था जो उसके सुंदर मुखड़े को और सुंदर बना रहा था। जैसे ही करण की नजर माही पर पड़ती है उसे रात ही बात याद आ जाती हैं कि कैसे वो खुद अपने ही निप्पल को चूस रही थी । ये बात याद आते ही उसका ध्यान माही के भारी और उठे हुए बूब्स की तरफ चला जाता है जोकि उसे ढीले कपड़े होने की वजह से सही से नजर नहीं आ रहे थे।
उसे यकीन नहीं हो रहा था कि ये वो रात वाली माही हैं जो अपने भाभी के बेडरूम में अपनी भाभी को चुदते हुए देखकर मस्त हो गई थी।
माही : भैया कहां खो गए प्रसाद लीजिए।
करण चौंकते हुए : न न नहीं । यहीं हूं ,
और दोनो हाथ फैलाते हुए प्रसाद ले लेता है जैसे ही माही समर को प्रसाद देती हैं समर उसे छेड़ते हुए : बुआ इसे ज्यादा प्रसाद देना , बेचारी आज फिर से हार गई।
ये सुनते ही राम्या का गुस्सा सातवे आसमान पर पहुंच जाता है और गुस्से से अपनी आंखे निकालते हुए : समर के बच्चे में तुझे देख लूंगी ।
और सभी हसने लगते हैं ।
नाश्ता करते हुए करण बार बार सबकी नजर बचाकर माही की तरफ देख रहा था कि उसकी बहन कितनी खूबसूरत हैं लेकिन प्रकृति ने उसके साथ न्याय नहीं किया हैं ।
नाश्ते के बाद करण अपने ऑफिस चला जाता है और माही ब्यूटी पार्लर ।
समर अपने कॉलेज जाने लगता है और काम्या अपने घर में काम में लग जाती है