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Incest परिवार बिना कुछ नहीं।

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करण ऑफिस पहुंचता हैं और काम में लग जाता है । लेकिन आज उसका मन काम में नहीं लग रहा था । रह रह कर उसे माही की याद आ रही थी , कितनी खूबसूरत हैं वो और उम्र बढ़ने के साथ साथ उसकी खूबसूरती और बढ़ती जा रही थी। रात कितनी तड़प थी उसके अंदर , आखिर वो एक जवान लड़की थी , उसकी भी कुछ भावनाए है, शारीरिक जरूरतें हैं ।
तभी वो निश्चय करता है कि अब ऐसा नहीं होगा , उसकी बहन जवानी की आग में नहीं जलेगी क्योंकि वो जल्दी ही एक अच्छा लड़का देख कर उसकी शादी कर देगा ताकि उसे वो सभी खुशियां नसीब हो सके जो कि हर एक लड़की का सपना होता है । साथ ही साथ एक बहन को सारे सुख देना भी तो एक भाई का परम कर्तव्य होता है और फिर माही का मेरे सिवा हैं ही कौन।
सारे दिन वो इसी उधे़डबुन में लगा रहता है । उधर घर में काम्या अकेली थी और घर के सारे काम देख रही थी । दोपहर के बाद माही लंच करने घर पर आती है क्योंकि ब्यूटी पार्लर घर के पास ही था। माही घर के अंदर घुसती हैं और काम्या को आवाज लगती हैं ,
माही : हेल्लो भाभी कहां हो आप , दिखाई नहीं पड़ रही हो
उसे कोई उत्तर नहीं मिलता हैं तो वो भाभी के घर के अंदर ढूंढ़ती हैं लेकिन उसे वो नहीं मिलती । गर्मी के कारण उसका सारा शरीर पसीने से नम हो गए था इसलिए वो पहले नहाने का फैसला करती हैं और तौलिया लेकर जैसे ही बाथरूम का गेट खोलती हैं तो उसे काम्या नजर आती हैं जो इस वक़्त नंगी थी और अपने बदन को साफ कर रही थी ।
जैसे ही दरवाजा खुलता है तो काम्या डर जाती हैं कि पर नहीं को आ गया है ?
जब वो माही को देखती हैं तो उसे सुकून मिलता है लेकिन आह पहली बार ऐसा हुआ था कि वो माही के सामने नंगी थी । माही ध्यान से पास से उसकी चूचियां देखती हैं जो कि नारियल के आकार की थी और उन पर पिंक रंग के निप्पल अकड़े हुए खड़े थे और नीचे उसकी टांगो के बीच उसकी चूत का उभर साफ दिख रहा था जो की रात हुई दमदार चुदाई के कारण सूज गई थी । काम्या को जैसे ही माही की नजरो का एहसास होता है शर्म से अपने दोनो हाथ अपनी चूचियों पर रख देती हैं और अपना चेहरा छुपा लेती हैं तो माही के होंठो पर मुस्कान आ जाती हैं और वो अपनी भाभी को सॉरी बोलती हैं और दरवाजे को बंद करते हुए फिर से एक नजर काम्या के जिस्म पर डालती हैं और बाहर आ जाती हैं ।

उधर काम्या का शर्म के मारे बुरा हाल था , उसकी नजर अभी तक उपर नहीं उठ पा रही थी । जैसे ही वो गेट बंद होने की आवाज सुनती हैं तो देखती हैं कि माही बाहर जा चुकी हैं तो एक चैन की सांस लेती हैं ।
फिर अपने आपको कोसते हुए की मुझे दरवाजा ध्यान से बंद करना चाहिए था , कहीं माही के जगह कोई और होता तो । वो अच्छे से नहाने के बाद बाहर आती हैं तो उसने जिस्म पर सिर्फ एक टॉवेल लपेटा हुआ था । माही बाहर ही उसे मिल जाती हैं जिसके होंठो पर फिर से एक कातिल मुस्कान आ जाती हैं जिसे देख कर काम्या चिड जाती हैं और वो वो माही को मारने के लिए उसकी और तेजी से बढ़ती है, । जैसे ही माही काम्या को अपनी और आते हुए देखते हैं तो वो अपनी जान बचाने के लिए भागती है लेकिन जल्दबाजी में कुर्सी में पैर फस जाने के कारण गिर जाती हैं और फिर से खड़ी होकर भागने कि कोशिश करती हैं लेकिन तब तक काम्या उसके पास पहुंच चुकी थी और वो माही को पकड़ लेती हैं और उसकी पीठ पर हल्के हल्के मुक्के बरसाने लगती हैं ।
काम्या : माही की बच्ची भूत शैतान हो गई है आज कल तू । अभी मजा चखाती हूं तुझे ।
माही हंसते हुए : भाभी मेरी कोई गलती नहीं थी आपको रूम को लॉक करके नहाना चाहिए था ।
काम्या: और और तू जो मुंह उठाए चली आई अंदर , तुझे कम से कम दरवाजा तो नॉक करण चाहिए था ।
माही मासूम सी सूरत बनाकर अपने कान पकड़ते हुए :भाभी गलती हो गई मुझे , अच्छा बाबा माफ कर दो ।
काम्या : गलती का अभी मजा चाखती हूं तुझे " और ऐसा कहते हुए माही को पकड़ कर बिस्तर पर गिरा देती हैं और खुद उसे दबाने के लिए उसके उपर लेट जाती हैं और उसके गल पकड़ कर खीचने लगती हैं । माही अपने आपको बचाने के लिए उसे अपने ऊपर से हटाने के कोशिश करती है जिस कारण काम्या का तौलिया खुल जाता है और वो एक बार फिर से माही के सामने नंगी हो जाती हैं जिसे देखकर की फिर से जोरदार हंसी छूट जाती हैं और वो ठहाका मारकर हसने लगती हैं । काम्या की हालत फिर से खराब हो जाती हैं और वो गुस्से में आ जाती हैं और माही को सबको लेती हैं ।
काम्या : बच्चू मेरे नंगे होने का मजाक उड़ाती है अभी तेरी अकल ठिकाने लगाती हूं" और ऐसा बोलकर वो माही के सूट पकड़ा कर खिचने लगती हैं और माही अपने आपको बचाने की कोशिश करती हैं लेकिन जीत काम्या की होती है और वो उसका सूट फाड़ देती हैं जिस कारण माही का उपर का हिस्सा नंगा हो जाता है और ब्रा में कैद उसकी चूचियां उछल पड़ी थी जो आकार में को काम्या से कम थी लेकिन टाइट बहुत ज्यादा थी और ब्रा के अंदर से निप्पल अपना मुंह उठाए खड़े महसूस हो रहे थे । माही शर्म के मारे पानी पानी हो रही थी । आप पहली बार वो किसी के सामने इस हालत में थी । और वो अपने दोनो हाथ अपनी चूचियों पर रख लेती हैं और शर्म के मारे अपनी आंखे बंद कर लेती हैं जिसका पूरा फायदा काम्या उठाती हैं और वो आगे बढ़ते हुए उसकी सलवार का नाड़ा खोल देती हैं । जैसे ही माही को कुछ समझ में आता है वो तुरंत अपनी सलवार को थामे की कोशिश करती हैं तो काम्या अपने दोनो हाथ पीछे ले जाकर उसकी ब्रा खोल देती हैं और खींच कर अलग कर देती हैं जिससे उसके दोनो सफेद कबूतर फड़फड़ाते हुए बाहर आ जाते हैं । माही बोखलाहट के मारे अपने दोनो हाथ अपनी चूचियों पर रखती हैं तो इसकी सलवार जिसका नाड़ा पहले ही खुल चुका था सरक कर नीचे आती हैं और उसकी काले रंग की पेंटी नजर आ जाती हैं जिसमें उसकी भारी और उभरी हुई गांड़ समाए नहीं समा पा रही थी ।
काम्या जोर जोर से हंसते हुए माही का मजाक उड़ाती है और बोलती हैं कि अब मजा आया कि नहीं ।
 

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माही की हालत ऐसी मानो काटो तो खून नहीं और वो बोखलाहट के मारे अपनी सलवार उपर उठाती है जिससे उसकी चूचियां फिर से नंगी हो जाती हैं जिन्हें देख कर काम्या की फिर से हंसी छूट जाती हैं । माही को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि वो क्या करे तो वो चुपचाप शर्म के मारे आंखे बंद कर लेती हैं । काम्या आज पहली बार उसके नंगे जिस्म को ध्यान से देखती हैं तो नारी स्वभाव के कारण उसे जलन होने लगती है। उपर के नीचे तक पूरी कयामत थी माही । गोल चेहरा, झुकी हुई बड़ी बड़ी आंखे, गुलाब की पंखुड़ियों से नाजुक रसीले होंठ जोकि कुदरती ही पिंक रंग के थे मानो उन्हें लिपिस्टिक लगा दी गई हो, लंबी पतली गर्दन, और उठा हुए सीना, जिसके दोनो तरफ सेब के आकार के उसकी दो ठोस चूचियां, एक दम सही साइज़, और उन पर तने हुए पिंक रंग के निप्पल जो किसी के झुकाए भी ना झुके , मानो उन्हें टाइट खड़े रहने का कोई वरदान मिला हो , सपाट पेट बिल्कुल अंदर की तरफ, पतली कटावदार कमर, सुडौल चिकनी जांघें और गांड़ ऐसी मानो जो बड़े ढोल हो , बिल्कुल उठी हुई और बाहर की ओर निकली हुई ।

इस वक़्त वो काम्या को किसी काम देवी से कम नहीं लग रही थी, काम्या आगे बढ़ती हैं और उसे अपनी बांहों में ले लेती हैं तो शर्म और डर के मारे वो घबराकर तेजी से काम्या के गले लग जाती हैं । जैसे ही दोनो की नंगी चूचियां आपस में टकराती हैं तो दोनो के मुंह से एक मीठी आह निकल जैत हैं और माही उसे और कस के जकड़ लेती है जिस कारण माही की चूचियों को कठोरता का एहसास हुए अपने सीने पर होता हैं और वो उन्हें अपनी चूचियों से दबाने लगती है । माही का तो उत्तेजना के कारण पूरा जिस्म कांप रहा था , काम्या फिर धीरे धीरे उसकी कमर पर हाथ फिराने लगती हैं और उसकी कमर को हल्के हल्के दबाने लगती हैं जिस कारण काम्या की चूत गीली होने लगती हैं ।
तभी वो माही के गालों पर किस करती हैं और उसके चेहरे को पकड़ कर ऊपर उठाती हैं तो माही अपनी नाजुक पलके झुका लेती हैं और काम्या उसके होंठो की तरफ देखते हुए आगे बढ़ती है , जैसे ही काम्या के होंठ माही ले होंठो से टकराते हैं उसका जिस्म रोमांच से भर जाती हैं क्योंकि उसकी जिंदगी का आज पहला किस होने जा रहा था । और वो काम्या से किसी अमरबेल की तरफ लिपट जाती हैं। काम्या प्यार से उसके होंठो को चूमने लगती है , कभी उपर वाले को तो कभी नीचे वाले को। माही भी उसका साथ देते हुए उसके होंठो को चूसने लगती हैं ।
जैसे जैसे किस बढ़ता जा रहा था वैसे वैसे ही मजा भी बढ़ता जा रहा था। काम्या अपनी जीभ का दबाव उसके होंठो पर बनाती हैं जिससे माही को मुंह खुल जाता है और काम्या अपनी जीभ उसके मुंह के अंदर घुसा देती हैं जिससे माही के धैर्य का बांध टूट जाता है और वो भी जोश में आते हुए उसके मुंह के अंदर जीभ घुसा देती हैं और दोनो हाथ काम्या के चूतड़ों पर ले जाकर उन्हें दबाने लगती हैं। किस इतना मजेदार होता है आज उसे एहसास हुआ।
फिर काम्या किस तोड़कर थोड़ा नीचे आती है और माही के ठोस चूचियां को अपने हाथो में भर लेती हैं और दबाने लगती हैं जिससे माही की सिसकी की आवाज गूंजने लगती हैं और वो पागलों की तरफ अपनी चूचियों को उसके हाथ पर उभारने लगती हैं । काम्या आगे बढ़ते हुए उसके एक चूची को मुंह में भर लेती हैं और चूसने लगती है ।
माही का बुरा हाल हो गया था मजे के कारण , निप्पल पर जीभ का एहसास ऐसा मजा देता है उसे सपने में भी उम्मीद नहीं थी ।
माही : आह उफ्फ है भगवान , कितना आनंद हैं , और जोर से चूसो , खा जाओ भाभी । उफ्फ मर डालो आज तो मुझे । "
उसकी सिसकियां सुनकर काम्या जोश में आते हुए उसकी चूची को पूरा मुंह में भर कर चूसने लगती हैं जिसका असर सीधे माही की चूत पर होता है और उसकी पेंटी गीली हो गई थी। काम्या अब इसके निप्पल को चूसने लगती हैं जिससे माही के मजे की कोई सीमा नहीं थी , वो तो जैसे स्वर्ग में थी।
तभी काम्या नीचे आते हुए अपनी धीरे धीरे उसकी पेंटी जो कि पूरी गीली हो चुकी थी उसे निकाल देती हैं जिसका माही कोई विरोध नही करती और अपनी टांगे उठा कर उसका सहयोग करती है।
काम्या उसकी जांघ पर फैले उसके चूत रस को जीभ से चाट लेती है जिस कारण काम्या का गला सूख जाता है । और काम्या अगला हमला करते हुए उसकी चूत पर एक जोरदार किस करती हैं और फिर उसकी जांघो पर जीभ फिराने लगती हैं। चूत पर पहली बार हुआ जीभ का एहसास माही को दिन में तारे दिखा गया था। उसका रोम रोम सुलग उठा था, कितना सुखमय था वो एहसास , लेकिन काम्या ने अपने होठ हटा लिए और थे जिससे माही तड़प उठी थी । काम्या उसकी चूत के पास आती चूसते हुए और माही का बदन कांप जाता की अब उसके चूत वो चुसेगी लेकिन काम्या फिर से अपने होठ हटा लेती और जांघ चाटने लगती। माही का सब्र टूट चुका था, उससे अब बर्दाश्त नहीं होता और वो काम्या का सिर पकड़ कर अपनी चूत से चिपका देती हैं। काम्या तो जैसे इसी इंतजार में थी।
चूत पर लिप्स पड़ते ही माही अपनी टांगो को पूरा खोल देती हैं जिससे काम्या आराम से उसकी चूत चूसने लगती है। वो जीभ को पूरी लंबाई में उपर से नीचे घुमा रही थी । माही का जिस्म उछलने लगा था जिसे काम्या बाद मुश्किल से दबा रही थी । पूरे कमरे में माही की मस्त सिसकियां गूंज रही थी।
काम्या: आह आह उफ्फ , मर डाला री आज तो, और चूसो , चाट जाओ पूरी।
काम्या दोनो हाथ से उसकी चूत के होंठो को फैलाती है और एक उंगली चूत के छेद पर जैसे ही रखती है तो माही उसका हाथ पकड़ लेती हैं और बोलती हैं: आह आह नहीं भाभी उंगली मत डालो । आजतक नहीं डाली मैंने । में चाहती हूं कि सबसे पहले लौड़ा ही घुसे मेरी चूत में । "
काम्या उसकी बात मान लेती हैं और फिर से उसकी चूत चूसने लगती हैं । और चूत के लिप्स को खोलती हैं तो उसे काफी ताकत लगानी पड़ती है क्योंकि चूत बहुत टाइट थी। लिप्स पुट की आवाज के साथ खुल जाते हैं और उसकी थोड़ी सी जीभ चूत के अंदर घुस जाती हैं ।
 

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जैसे ही जीभ उसकी चूत कि अनछुई दीवारों को रगड़ती हुई अंदर घुसती है तो दर्द के मारे माही का सारा शरीर अकड़ जाता है और उसका मुंह खुल जाता है और एक दर्द भरी आह उसके मुंह से निकाल जाती हैं। माही की चूत एकदम गरम थी जिस कारण काम्या की जीभ भी जल रही थी । काम्या को लग रहा था जैसे उसने अपनी चूत किसी गरम भट्टी में घुसा दी हो। जैसे ही काम्या उसकी चूत कि दीवारों को चाटना शुरू करती हैं माही उत्तेजना के कारण पागल हो जाती हैं और उसका खुद पर कोई काबू नहीं रहता । काम्या की खुरदरी जीभ उसकी चूत को रगड़ रही थी जिस करण माही मस्ती से उछल पड रही थी। उसकी गान्ड अपने आप काम्या के मुंह पर दबाव बना रही थी और माही मस्ती में आते हुए सिसकती हैं :
माही: उफ्फ , आह आह ,ओह नो , कितना सुखद हैं ये सब, रगड़ रगड़ कर चाटो काम्या मेरी जान। अगर मुझे पता होता इतना मजा आएगा तो में तो कब से चटवा लेती। "
पूरे कमरे में माही की मस्ती भरी सिसकारियां गूंज रही थी । काम्या और जोर से उसकी चूत चाटने लगती हैं , तो माही के मजे की कोई सीमा नही थी। वो जो जी में आए रहा था बडबडा रही थी। मस्ती के कारण फिर से उसकी आंखो बंद हो चुकी थी । माही अपने एक निप्पल को हाथ से पकड़ कर मुंह में भर लेती हैं और चूसने लगती हैं । माही इस वक़्त पूरी तरह से पागल हो चुकी थी और काम्या की जीभ लगातार अपना कमाल दिखा रही थी। माही की चूत में बाढ़ सी आयु हुई थी जिसे काम्या चट करती जा रही थी ।
माही उसके सिर को पकड़ कर अपने चूत पर दबा रही थी और काम्या जोर जोर से उसकी चूत चूस रही थी । माही की गांड़ उपर नीचे उछल रही थी , उसका पूरा जिस्म मस्ती से भर रहा था। तभी उसकी चूत में हलचल शुरू होने लगती हैं तो वो अपनी चूत को जोर जोर से काम्या की जीभ पर पर मारने लगती हैं और तभी उसे लगता लगता हैं कि मजे के कारण उसकी चूत फट जाएगी और वो काम्या के सिर को पूरी ताकत से अपनी चूत पर दबा देती हैं और मस्ती के कारण उसका मुंह खुल जाता है : उफ्फ हाय मेरी चूत , आह है भगवान में गई "
और उसकी चूत का बांध टूट जाता है और उसका रस चूत काम रस बहा देती हैं जिसे काम्या चूसती जाती हैं ।
आनंदितिरेक में माही की आंखे बंद हों जाती हैं और वो बेड पर पड़ी पड़ी आन्हे भरती हैं । काम्या तो जैसे निहाल हो गई थी इतनी मस्त चूत को चूस कर और मजे के कारण उसका भी पानी निकाल जाता हैं और वो माही के चूचियों पर ढह जाती हैं ।

थोड़ी देर के बाद दोनो को होश आता है और नहाकर खाना खाती हैं और माही अपने कमरे में चली जाती है ।और बेड पर लेट जाती हैं । आज उसे एहसास हुआ कि चूत इतना मजा भी से सकती हैं । उफ्फ अगर सिर्फ जीभ घुसने से ही इतना मजा आया हैं तो जब लौड़ा अंदर जाएगा तो वो धन्य हो जाएगी । लौड़ा शब्द ध्यान में आते ही उसे करण का लन्ड याद आ जाता है क्योंकि उसने आज तक सिर्फ एक ही लन्ड देखा था वो भी अपने सगे भाई का। उफ्फ कितना बड़ा और मोटा था वो । कितना भयंकर लग रहा था जैसे कोई अजगर हो , उसे तो यकीन ही नहीं हुआ था कि वो उसकी भाभी की छोटी सी चूत के अंदर घुस गया था पूरा । हाय भाभी कैसे उसे रोज लेती होगी, कितना दर्द होता होगा उन्हें लेकिन वो तो उस दिन खूब मजे से चुदवा रही थी ।
 

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है भागवान , हाय मैं क्या सोच रही हूं , ये सब गलत हैं वो मेरा सगा भाई हैं , मुझे ऐसा नहीं सोचना चाहिए ।
और वो सोने की कोशिश करने लगी थी। थोड़ी देर बाद वो गहरी नींद में चली जाती हैं
उधर काम्या की तो जैसे आज लॉटरी निकाल गई थी। उसे रह रह माही की टाइट चूत याद आ रही ही जिसे आज उसने जी भरकर चूसा था । सारा दिन घर के कारण करने के कारण काम्या भी थक चुकी थी और वो भी अपने कमरे में सोने चली जाती हैं।
 
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