बहुत ही सुंदर लाजवाब और अद्भुत मनमोहक अपडेट हैं भाई मजा आ गया
वैभव अब लगबग सामान्य तरीके से रहने लगा
रागिणी के साथ विवाह करने के विषय को सुगंधादेवी ने उसको अनेक तर्कवितर्क देकर उसके मन की द्विधा स्थिती को सामान्य करके विवाह के लिये तयार कर ही लिया पर वैभव ने अपनी माँ को एक बार चंदनपुर जाने का पुछा वहा भी हामी दे दी लेकीन क्या दादा ठाकुर परवानगी देगे
इधर रागिणी की सहेली शालिनी ने वैभव से विवाह के लिये भी उसे समझाया और उसने हा भी कह दी वही वैभव के बारें में शालिनी के कुछ कहने पर वो सब अच्छा ही बोलकर वैभव अब बदल गया है कही मुझे लगता है शालिनी को वंदना भाभी ने ही रागिणी के पास भेजा हैं कयी बार अपने मन की बात घर वालों से ज्यादा सहेली को बता कर मन हलका होता है खैर देखते हैं आगे क्या होता है