खिलौने और खेल - गुड्डी ननदिया के
सामने और ढेर सारे डिब्बे और पड़े थे , गुड्डी अब उन्हें ललचायी निगाह से देख रही थी ,
" मीठी भाभी ये क्या हैं ,... " बोली वो।
" अरे मेरी ननद माना की अपने भाइयों से चुदवाने के लिए बड़ी हो गयी है , पर मेरे लिए तो छोटी ही है न , अभी इत्ती बड़ी भी नहीं हुयी तू की खिलौने से खेलना छोड़ दे , तो बस अपनी दुलारी ननद के लिए ट्वॉयज लायी हूँ। "
गुड्डी के निप को अपने अंगूठे और तर्जनी के बीच हलके से दबाती मसलती रीनू बोली।
" सो स्वीट भाभी ,... " और गुड्डी ने पहला पैकेट खोल दिया
तीन बट्ट प्लग्स , अलग अलग साइज के , एक बिगनर्स के लिए दूसरा मिडल साइज का तीसरा एकदम जायंट , कोई जनम से गांड मराने वाली हो वो भी चीख उठे
लेकिन सबके अंत में सेमी प्रिसियस स्टोन , बिगनर्स के पीछे ग्रीन , नार्मल वाले के पीछे रेड
और जायंट वाले के पीछे ब्लैक ,... लम्बाई सबकी बराबर थी , पांच छह इंच रही होगी लेकिन जायंट वाले की चौड़ाई ४. ५ -५ इंच रही होगी, करीब करीब मुट्ठी के बराबर, हर भौजाई की साध तो होती है न की ननद की गांड में मुट्ठी करे तो बस उसी लायक वो ननद की गांड बना देता, और बिगनर्स वाले की २. ५ -३. इंच , करीब तीन ऊँगली के बराबर,औसत आदमी के लंड की मोटाई के बराबर बल्कि थोड़ी ज्यादा ही .
गुड्डी हाथ में पकड़ कर सहला रही थी उन्हें , छू कर देख रही थी।उसके चेहरे से लग रहा था, उसे बहुत अच्छा लग रहा है बट्ट प्लग
" अच्छा है न , अरे यार कल ही तेरे पिछवाड़े का उद्घाटन हुआ है , उसी के लिए ,... अब ये तेरी गांड में पेल के रखना , बस धीरे धीरे , ... और मोटा देख कर घबड़ाना मत कभी , मैं हूँ न। जाने से पहले ये काले मोटू की तुझे आदत डलवा के जाउंगी , आराम से खुद ही ले लेगी। "
रीनू बोली लेकिन अब मुझे भी बदमाशी सूझ रही थी, लड़के सब तो सो रहे थे बस हम तीन जगे थे। मैंने अपनी बड़ी बहन को उकसाया
" क्या रीनू यार, गुड्डी क्या सोचेगी, शुभ काम में देरी क्या, एक बच्चा टाइप वाला तो अभी दे दो न उसे, कल अपने तीन भाइयों का तो अपनी कुँवारी कच्ची गांड में मजे से मांग मांग के लिया, और अब पेली पिलाई फटी गांड में ये बच्चा टाइप भी नहीं घोंट पाएगी, और इसी बहाने सीख भी लेगी कैसे इसे अंदर लेना है, "
कल तक जहां बड़ी मुश्किल से दरार दिखती थी वहां अब एक बहुत छोटा सा छेद दिख रहा था वो भी एकदम चिपका, जैसे बहुत मुश्किल से इसके दरवाजे खुलेंगे, डाक्टर गिल ने मुझे बताया भी था की गुड्डी रानी की चूत और गांड की मसल्स ऐसी है की कितनी भी चुदे, टाइट की टाइट रहेगी,
और बहन तो मेरी पैदायशी कमीनी, वो गुड्डी के पीछे पड़ गयी, : अरे ननद रानी सबसे छोटा वाला, तुझे कुछ करना थोड़े ही है, बस चुप चाप निहुर जा, जिसके दो दो भौजाई सामने हों वो ननद तरसे, बस मान जा यार, देख तूने कहा तो तो इन तीनो मुस्टंडों से तेरा पिछवाड़ा कल तेरी इस मीठी भौजी ने बचाया, अब गुड गर्ल जरा सा
गुड्डी सच में गुड गर्ल थी निहुर गयी और हम दो दो भौजाई, अपने दोनों अंगूठों से मैंने गुड्डी का पिछवाड़ा चौड़ा किया और मेरी बहन ने छोटा वाला, लेकिन वो भी तीन इंच चौड़ा था, नहीं ठेला नहीं, बस जरा सा सटाया, थोड़ा सा धक्का दिया फिर गोल गोल घुमाती रही जैसे ढक्क्न बंद करते हैं चूड़ी वाला और जब कुछ अंदर चला गया, सबसे चौड़ा वाला बचा तो पूरी ताकत से पुश किया,
उईईई, गुड्डी की हलकी सी चीख निकली
गप्प
गुड्डी की गांड ने बट्ट प्लग गप्प कर लिया और एक बार जब सबसे चौड़ा वाला हिस्सा गांड के अंदर का छल्ला पार कर गया तो निकलने का कोई खतरा नहीं और बेस तो चौड़ा था ही, वो अंदर जाकर सेट हो गया
" देख कितना सुन्दर लग रहा है " रीनू ने गुड्डी के पिछवाड़े घुसे बट्ट प्लग की फोटो खिंच के गुड्डी को दिखाई भी भेजी भी।
गुड्डी ने खुद ही बाकी पैकेट खोल डाले , दर्जन भर से ज्यादा पैकेट रहे होंगे , कई तरह के वाइब्रेटर , डिलडो , बेन वा बॉल्स , ऐनल बिड्स ,
उसके साथ ही हैंडकफ ,
कॉलर में लगाने के लिए लीश , ब्लैंडफोल्ड ,...मुंह बंद कराने के लिए बाल गैग, पिछवाड़े कमल खिलाने के लिए पैडल, निपल क्लैप्म्पस, यानी मजे के साथ, लेजड़ाम के लिए भी लाइट बी डी ऐस एम् भी और गुड्डी जिस तरह से ललचायी नजरो से देख रही थी, रीनू समझ गयी गुड़ स्वभाव से ही सब्मिसिव है और उसको तंग करने, रंगड़ने में बहुत मजा आएगा। हाँ उस समय ये तीनो लौंडे अपनी बहन के भतार घर से बाहर हो तभी हम बहने खुले के रगड़ पाएंगी इस कली को, गुड्डी को चिढ़ाते रीनू बोली
" अरे रंडी रानी, घबड़ा मत ये सब तेरे ऊपर इस्तेमाल होगा और जल्द ही, बल्कि लायी ही तेरे लिए हूँ "
" घबड़ाने से क्या आप छोड़ देंगी, मीठी भाभी " खिलखिलाते हुए गुड्डी बोली और एक खूबसूरत ब्लाइंड फोल्ड उसने लगा लिया
मैंने रीनू और गुड्डी को वही छोड़ दिया , और किचेन की ओर चल दी , ...
चाय बनाने.
मैंने अपनी बहन और ननद दोनों को खिलौने खेलने के लिए छोड़ दिया ,
लेकिन ये जवानी के खिलौने थे , और रीनू से अच्छा गुड्डी को इन खिलौनों से खेलना कोई और नहीं सिखा सकता था।
उधर लड़के लोग सब सो रहे थे , गहरी नींद में , अजय और कमल जीजू तो , दिन भर की कल की जर्नी के थके , और उस की बाद शाम को पहले मेरी ननद के साथ कबड्डी , और फिर मेरे साथ ,... ये भी परसों की फ्लाइट से गए थे , रात में मीटिंग की तैयारी , कल उनकी मैराथन मीटिंग ,कम्पनी के साथ इनके और हम लोगों के भी भविष्य का सवाल था , ... आफ्टरनून की फ्लाइट से आये और देर रात तक ,...सबके साथ ,... फिर कल रात क्या मस्त रीनू की रगड़ाई की , तीन बार उसको झाड़ने के बाद ही , खुद ,... और अजय और कमल जीजू के बाद ,...
रीनू भी मान गयी इनकी ताकत को भी और इनके जादू को भी ,... और ये भी तो एकदम अपनी साली के दीवाने ,... रीनू के कहने पर गुड्डी की गांड भी मारी और कमल जीजू के साथ उसकी सैंडविच भी बनाई , सबके सामने ,...
मैं चाय लेकर उस कमरे में ही आयी , जहाँ सब लोग सो रहे थे , और साथ में गुड्डी रीनू को भी आवाज दी तो वो भी दोनों ,... और गुड्डी तो ,.. जैसे कोई छोटी बच्ची अपनी फेवरिट गुड़िया लेकर इधर उधर फिरती है वो भी उस 'खिलौने ' का एक डब्बा लेकर ,...
हम लोग चाय पीने बैठे तो रीनू खुद बोली ,
अजय और कमल के बारे में की ये दोनों तो बारह साढ़े बारह से पहले उठेंगे नहीं और उन्हें उठाना भी नहीं है। रीनू के जीजू भी गहरी नींद में सो रहे थे। और हम तीनों वहीँ बगल में बैठे चाय सुड़ुक रहे थे ,
और गुड्डी ने खुद अपनी मुसीबत मोल ली , रीनू को छेड़कर ,चाय ख़तम करते वो रीनू से बोली ,
" मैं तो सोच रही थी की आज सुबह सुबह , मीठी भाभी , ...बेड टी ,.. पिलायेंगी , ... लेकिन आज भी रोज की तरह वाली ही ,... "
रीनू की भी चाय ख़तम हो चुकी ही , वो मुझे अपना और गुड्डी का कप पकड़ाते गुड्डी को हलके से हग कर , बोली ,
" अरे तो न तो तेरी मीठी भाभी दूर हैं , न उनकी ननदिया ही , ... अभी पिलाती हूँ , लेकिन अगर कुछ ना नुकुर की न तो ,... "
मैंने हम तीनो के कप प्लेट पास की मेज पर रख दिया , और उधर रीनू ने हलके से धक्के से गुड्डी को गद्दे पर गिरा दिया , एकदम जहाँ उसके भैया लेटे थे वहीँ , आलमोस्ट सटे ,...
और गुड्डी दुष्ट , उस शोख ने अपनी बड़ी कजरारी आँखे नचाते हुए , रीनू को उकसाते बोला ,
लाइव डेमो के साथ-साथ ट्रेनिंग भी जरुरी है...
तो एक के बाद एक सारे खिलौनों को ...
अब तो मांग करके बेड टी...
लेकिन थोड़ी जोर जबरदस्ती के बाद राजी होती तो....