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Hot update.chulbuli aur sexy dosti hai najma ki jarur Apne bhai se sex kargi aur Apne dost (najma) Jo bhi karegee
कहानी के किरदार चुलबुले होंगे तभी तो मज़ा आएगा
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Wah.... Badhiya tareeka nikala hai bhai ko seduce karne ka...
शैतानी से भी आगे.................ये देख लोनज़मा का शैतानी दिमाग ....
नज़मा: मम्मी, ये क्या टट्टी जैसा रंग दे रहे हो| मेरी प्यारी मम्मी, प्लीज सफ़ेद वाला दे दो ना|

This is tooooo much ... Lala k chele se hi masti kar li khule me omgभाग 22
लड़के ने अपनी उँगलियों का दबाव नज़मा की चूत पे थोड़ा सा बढ़ाया और बोला: पानी ही तो है दीदी|
नज़मा: सी ... सी .... आह्ह्ह्ह
लड़के ने अब तकरीबन अपनी आधी उँगलियाँ नज़मा की चूत में उतार दी थी| नज़मा वासना में डूब कर अपनी आँखें बंद करके सीसिया रही थी| सान्या भी ये सारा खेल देखते हुए सोफे पे बैठी अपनी चूत मसल रही थी| सान्या को समझ आ गया था की अब अगर इस खेल को नहीं रोका तो आज पक्का नज़मा इस लड़के से चुद ही जाएगी| सान्या ने पास पड़ा एक स्टील का जग नीचे गिरा दिया| जग के नीचे गिरने से बहुत तेज आवाज़ हुई और उस आवाज़ से नज़मा वासना की दुनिया से वापिस असली ज़िन्दगी में आ गयी| नज़मा अचानक से खड़ी हो गयी| नज़मा के खड़े होने पर लड़का भी खड़ा हो गया|
नज़मा: क्या पानी-२ लगा रखा है, कोई पानी-वानी नहीं है| ले लिया ना तूने थैला, अब जा यहाँ से|
लड़का (अपनी उँगलियाँ दिखते हुए): दीदी है पानी, ये देखो ना|
नज़मा: नहीं देखना मुझे कोई पानी|
लड़का (उँगलियाँ चाटते हुए): दीदी .... वो .... बहुत टेस्टी है आपका पानी
ये कहते हुए लड़का ने अपना हाथ नज़मा के बोबे की तरफ बढ़ा दिया| नज़मा ने तेजी से लड़के के हाथ को झटक दिया|
नज़मा: दफा हो यहाँ से| नहीं तो लाला को शिकायत कर दूंगी तेरी|
लड़का: जी ... दीदी ... वो मैं ... कोई गलती हुई क्या दीदी
नज़मा: कोई बात नहीं अब, चुप हो ..... एक बार में बाहर ...
लड़का: दीदी ....
नज़मा: बोला ना ... बाहर ... बाहर ....
लड़का बेमन से नज़मा के घर से निकल गया| जैसे ही लड़के ने घर का दरवाज़ा पार किया, सान्या भाग के नज़मा के पास आयी और बिना कुछ कहे-सुने अपनी दो उँगलियाँ पूरी अंदर तक नज़मा की चूत में उतार दी|
नज़मा: कमीनी, क्या कर रही है?
सान्या: मुझे छिनाल बोल रही थी| मैं अपने भाई पे डोरे डाल रही हूँ| सस्ती रंडी कहीं की, तू तो किसी भी चलते फिरते आदमी से अपनी चूत फड़वाने को तैयार बैठी है| अगर में बीच में ना रोकती तो तू आज चुद जाती इस लड़के से|
नज़मा: आह ... आह्ह्ह्ह ... नहीं ... नहीं तो .... वैसे लड़का बुरा नहीं था ....
सान्या: बुरा तो मेरा भाई भी नहीं है| बोल चुदेगी उससे|
नज़मा: नहीं .... पागल है क्या?
सान्या अब तेजी से अपनी उँगलियाँ नज़मा की चूत से उदार बाहर कर रही थी| सान्या ने दूसरे हाथ से नज़मा का एक निप्पल पकड़ लिया और निप्पल को मसलने लगी|
सान्या: तो मेरा भाई बुरा है क्या?
नज़मा: आह्ह्हह्ह्ह्ह ... नहीं ... मैंने ये तो नहीं कहा
सान्या: फिर चुद ले ना मेरे भाई से
नज़मा: हम्म्म्म्मम्म ...... आह्ह्हह्ह्ह्ह
सान्या: चुदेगी क्या? 8 इंच से बड़ा है उसका
नज़मा: हम्म्म्म्मम्म ... आह्ह्ह्हह ... क्या ......
सान्या: बोल ना चुदेगी मेरी रानी
नज़मा: आह ... आह ... हाँ ... हाँ .... हाँ चुदूँगी तेरे भईईईईया .... भाई ... इरफ़ान ... भाई .... चुदूँगी तेरे से ... मेरे भाई ...
नज़मा फिर कुछ बुदबुदाती हुई बुरी तरह से झड़ गयी| नज़मा का पूरा शरीर कांप रहा था| सान्या को लगा कहीं नज़मा गिर ना जाये| सान्या ने नज़मा को अपने गले लगा लिया| नज़मा ने भी सहारा मिलते ही अपनी आँखें बंद करके अपना चेहरा सान्या के विशाल बोबों के बीच छुपा लिया और चूत से निकलते कामरस आनंद लेने लगी|
नज़मा की चूत से रस निकल के उसकी जाँघों से होता हुए नीचे तक बह रहा था| कोई देखता तो ऐसा लगता जैसे नज़मा ने खड़े-२ थोड़ा पेशाब कर दिया हो| थोड़ी देर में नज़मा झड़ने की मदहोशी से बाहर आने लगी| नज़मा ने अपना चेहरा थोड़ा सा घुमाया और टी-शर्ट के ऊपर से ही सान्या के बोबे को मुंह में भर लिया| कुछ देर तक दोनों सहेलियां एक दूसरे के साथ को एन्जॉय करती रही|
नज़मा: कमीनी, तू मेरे को अपने भाई से चुदवाना चाहती है?
सान्या: अरे यार वो ही मेरे पीछे पड़ा है ... जब से तेरे से टक्कर हुई है सौ बार बोल चूका है तेरे से दोस्ती करवाने के लिए .... बोल रहा था की तेरी दोस्त बहुत डेयरिंग (हिम्मतवाली) है|
नज़मा: मुझे कोई इंटरेस्ट नहीं है| तेरा भाई तुझे मुबारक| तू तो कह रही थी की अभी कोशिश कर रही है, तूने अपने भाई का लंड भी देख लिया|
सान्या: अरे वो तो गलती से ... एक दिन बाथरूम में नहाते हुए देख लिया था उसे ... पूरा नंगा होके नहाता है ... क्या बॉडी है ... कितना मस्त लंड है ... मुसल जैसा लटक रहा था ...
नज़मा: बस-२ ...अब ज्यादा सपने मत ले अपने भाई के लंड के ...
सान्या: कम तो तू भी नहीं है ... झड़ते हुए इरफ़ान का नाम ले रही थी ...
सान्या इरफ़ान को पसंद करती थी और जब भी मौका मिलता तो इरफ़ान को अपना बदन दिखा के रिझाने की कोशिश करती थी|
नज़मा: हाँ तो फिर क्या .... भाई है मेरा ... नाम ले सकती हूँ मैं उसका ....
सान्या: तेरा भी चुदने का प्लान है क्या इरफ़ान से ...
नज़मा: अभी कहाँ ... कोशिश जारी है|
ये कह के दोनों सहेलियां जोर-से से हसने लगी| कुछ देर बाद सान्या अपने घर चली गयी|