मीना -रीना
"तुम सब खाली चकर-चकर बतिया रही हो! अरे, शादी-ब्याह का घर है, कुछ नाच-वाच ना होई? अरे, दूल्हे की दर्जन भर बहनें बैठी हैं, ? चलो, बाँधो पैर में घुँघरू!"
कल की बुच्ची और चुनिया के नाच की आज दिन भर तारीफ़ हुई थी।
लेकिन एक तो बुच्ची को इतना कसकर, रगड़कर और निहुराकर सूरजु ने चोदा था कि...