• If you are trying to reset your account password then don't forget to check spam folder in your mailbox. Also Mark it as "not spam" or you won't be able to click on the link.

Recent content by Lord haram

  1. Lord haram

    Erotica मेरी माँ कामिनी

    कामिनी, भाग -4 कमला काकी की मिट्टी की झोपड़ी के अंदर पीतल के दीये की मद्धम लौ कांप रही थी, जो दीवार पर अजीब और लंबी परछाइयाँ बना रही थी। बाहर सियारों के रोने की आवाज़ें अब और गहरी और डरावनी हो गई थीं, जो यह बता रही थीं कि रात अब परवान चढ़ चुकी है। झोपड़ी के टूटे-फूट खटोले पर फागुन और प्रमिला बैठी...
  2. Lord haram

    Erotica मेरी माँ कामिनी

    मेरी माँ कामिनी 2.0 - अध्याय 3 धूल उड़ाती हुई टैक्सी किशनगंज के उस विशाल लोहे के गेट से अंदर घुसी। फार्महाउस की आलीशान बनावट, ऊँची दीवारें और वो शाही रुतबा देखकर बंटी और कामिनी की आँखें फटी की फटी रह गईं। रमेश ने शहर में रहकर जो दौलत कमाई थी, उसका असली रूप आज इस गाँव में दिख रहा था। टैक्सी...
  3. Lord haram

    Erotica मेरी माँ कामिनी

    मेरी माँ कामिनी 2.0, भाग -2 बाहर आँगन में कड़ाके की ठंड थी और रमेश शराब के नशे में चारपाई पर बेसुध पड़ा था। लेकिन रसोई के अंदर... एक अलग ही किस्म की आग सुलगने वाली थी। रसोई में सिर्फ मिट्टी के चूल्हे में जल रही लकड़ियों की धीमी-धीमी, लाल आंच चमक रही थी। उस पीली और कांपती हुई रौशनी में सुगंधा...
  4. Lord haram

    Erotica मेरी माँ कामिनी

    मेरी माँ कामिनी 2.0 - अध्याय 1 टैक्सी किशनगंज की तरफ दौड़ती चली जा रही थी, और आगे बैठे रमेश की आंखे धुंधला रही थी. साल 1990 दिसंबर की कड़ाके की ठंड थी। किशनगंज गाँव के उस पुराने सरकारी घर के आँगन में कोहरा और अलाव का धुआँ आपस में लिपट रहे थे। आँगन में बिछी एक पुरानी चारपाई पर रमेश और...
  5. Lord haram

    Erotica मेरी माँ कामिनी

    मेरी माँ कामिनी, भाग -42 शमशेर का भारी, पसीने से तर बदन अभी भी कामिनी की पीठ से पूरी तरह चिपका हुआ था। उसका 8 इंच का काला, नसों वाला लंड कामिनी की गांड के सबसे गहरे हिस्से में जड़ तक धँसा हुआ था, पूरी तरह अंदर, अभी भी धड़क रहा था। दोनों के साँसें एक साथ चल रही थीं। कमरे में सिर्फ उनकी भारी...
  6. Lord haram

    Erotica मेरी माँ कामिनी

    रमेश नीचे बिल्कुल बेसुध था। उसकी छाती पर कामिनी का बदन बार-बार पटक रहा था। उसकी चुत से बहता कामरस रमेश की जांघों पर टपक रहा था। लेकिन कामिनी को अब रमेश की कोई परवाह नहीं थी। वह पूरी तरह शमशेर की थी। उसकी गांड पूरी तरह शमशेर के लंड की गुलाम बन चुकी थी। शमशेर ने अब रफ़्तार थोड़ी बढ़ाई। लेकिन अभी...
  7. Lord haram

    Erotica मेरी माँ कामिनी

    मेरी माँ कामिनी - भाग 41 सुबह के 9:00 बजे रमेश अपना ब्रीफकेस लेकर ऑफिस चला गया था, और बंटी स्कूल। घर के मुख्य दरवाज़े पर ताला लगने की 'खट' की आवाज़ गूंजी, और उसके साथ ही कामिनी के घर में एक ऐसा सन्नाटा पसर गया जो कानों के पर्दों को फाड़ रहा था। कामिनी डाइनिंग हॉल के बीचों-बीच खड़ी थी। वह पहले भी...
  8. Lord haram

    Erotica मेरी माँ कामिनी

    मेरी माँ कामिनी - भाग 40 सुबह 6:00 बजे, स्टोर रूम बाहर हल्का-हल्का उजाला फूटने लगा था। स्टोर रूम की छोटी सी खिड़की से सुबह की पहली सर्द किरण अंदर आई और दरी पर सो रहे दो नंगे, पसीने और कामरस में लिपटे शरीरों पर पड़ी। रात भर का वह जंगली तांडव अब शांत हो चुका था। कामिनी की नींद खुली। उसने करवट...
  9. Lord haram

    Erotica मेरी माँ कामिनी

    मेरी माँ कामिनी - भाग 39 रात के 9:00 बजे किचन की लाइट बंद करके कामिनी जब बाहर निकली, तो घर में मौत जैसा सन्नाटा था। रमेश बेसुध सो रहा था, और बंटी अपने कमरे में था। कामिनी के नंगे पैर ठंडे फर्श पर पड़ते हुए स्टोर रूम की तरफ बढ़ रहे थे। उसके हाथ में खाने की थाली थी, लेकिन हथेलियां पसीने से भीग...
  10. Lord haram

    Erotica मेरी माँ कामिनी

    लाभ मिलेगा... जरूर मिलेगा... कहानी को आगे जाने दो. बंटी ही तो मुख्य चरित्र है, वही तो सूत्रधार है. समय आएगा दोस्त जब माँ कामिनी और बंटी आगे बढ़ेंगे.... भविष्य मे क्या लिखा है कौन जानता है?
  11. Lord haram

    Erotica मेरी माँ कामिनी

    भाई माँ बेटे की कहानी नहीं है यार ये. बात को समझ.... ये बस एक औरत की कहानी है. माँ बेटे का कुछ भी नहीं है इसमें
  12. Lord haram

    Erotica मेरी माँ कामिनी

    मेरी माँ कामिनी - भाग 38 कामिनी ने बंटी के जाने के बाद अपनी गांड और चुत पर वह तेल अच्छी तरह से रगड़ लिया था। कादर खान का दिया वह तेल वाकई कोई साधारण तेल नहीं था। लगाते ही एक मीठी सी गर्माहट ने उसके रोम-रोम को सेक दिया। वह जलन, वह टीस, जो कल रात की बर्बरता और आज दिन के स्कूटर के झटकों से हुई...
  13. Lord haram

    Erotica मेरी माँ कामिनी

    मेरी माँ कामिनी, भाग -37 कादर खान की सांसें अब सामान्य हो रही थीं, लेकिन उसकी आँखों में अभी भी खून उतरा हुआ था। दोनों चलते हुए स्कूटर तक आ गए थे, जो शांत गली मे खड़ा था. उसने एक नज़र अपनी उस नई नीली टी-शर्ट पर डाली जो अब गुंडों के खून के छींटों से 'लाल' हो चुकी थी। "साला... आपकी पसंद की पहली चीज़...
  14. Lord haram

    Erotica मेरी माँ कामिनी

    मेरी माँ कामिनी - भाग 36 दीवार घड़ी की 'टिक-टिक' ने अचानक कामिनी की नींद में खलल डाला। कामिनी की आँखें झटके से खुलीं। कमरे में अभी भी ट्यूबलाइट जल रही थी, लेकिन खिड़की के बाहर हल्का-हल्का नीलापन (भोर) दिखाई दे रहा था। कामिनी का दिमाग कुछ पल के लिए सुन्न था, उसे समझ नहीं आया कि वह कहाँ है। लेकिन...
Top