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Incest आह..तनी धीरे से.....दुखाता.

whether this story to be continued?

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Lovely Anand

Love is life
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159
आह ....तनी धीरे से ...दुखाता
(Exclysively for Xforum)
यह उपन्यास एक ग्रामीण युवती सुगना के जीवन के बारे में है जोअपने परिवार में पनप रहे कामुक संबंधों को रोकना तो दूर उसमें शामिल होती गई। नियति के रचे इस खेल में सुगना अपने परिवार में ही कामुक और अनुचित संबंधों को बढ़ावा देती रही, उसकी क्या मजबूरी थी? क्या उसके कदम अनुचित थे? क्या वह गलत थी? यह प्रश्न पाठक उपन्यास को पढ़कर ही बता सकते हैं। उपन्यास की शुरुआत में तत्कालीन पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सेक्स को प्रधानता दी गई है जो समय के साथ न्यायोचित तरीके से कथानक की मांग के अनुसार दर्शाया गया है।

इस उपन्यास में इंसेस्ट एक संयोग है।
अनुक्रमणिका
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भाग 126 (मध्यांतर)
 
Last edited:

DUSHMAN

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500 पेज पूरे होने पर बधाई, शुभकामनाओं सहित. अपडेट क्रमांक 114 का इन्तजार है.
धन्यवाद सहित...
 

Ghevade123

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500 पेज पुरे करने के बहोत बधाई अब सोनु और सगुना कि मिलन कि धमाकेदार अपडेट दिजीए|
 

Guddu sharma

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Congratulations for 500 -

advance wishes for 5000 more posts

20220922-183652
Sugna
500 पेज तक का सफर पार करने की हार्दिक शुभकामनाएं ।आपकी कहानी के लिए दीवानगी का ये आलम है कि इस फोरम पर सिर्फ आपकी कहानी के अपडेट या कॉमेंट देखने आते है बाकी फोरम पर क्या हो रहा हमे कोई मतलब नही है
 
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