दूसरे दिन नहाकर नास्ता किया आज मेरे बहुत टाइम् था माया की लैब देखने का लेकिन उसके लिए मुझे रात होने तक इंतजार करना पढ़ता
मैं बैठा सोच रहा अब मुझे वो प्रॉपर्टी चाहिए जो आकाश ने धोखे से अपने नाम कर लिया
मेरे पास वीडियों था सबका जिस से मैं सच सब के सामने ल सकता लेकिन मुझे अभी उस प्रॉपर्टी को हासिल भी करना होगा लेकिन कैसे तभी अरे advocate संतोष वो कब काम आयेगे
मैंने संतोष को मिलने के लिए फोन किया तो उसने मुझे अपने ऑफिस मे बुला लिया
मैं आधे घंटे तक संतोष के ऑफिस पहुंच गया संतोष मुझ से हाथ मिलाया
संतोष
कैसे हो समीर कैसे अना हुआ क्या बात करनी थी जिस लिए मुझ से मिलने वाले थे
मैं
मुझे अपकी हेल्प चाहिए बस आप ही मेरी आखिरी उम्मीद है मुझे विस्वास है आप मेरा काम करोगे
संतोष
कैसा काम क्या करना होगा मुझे जो सिर्फ मैं कर सकता हू कोई और नहीं
मैं
भाई किसी की प्रॉपर्टी को अपने नाम करना मुझे धोखे से आपको जितना पैसा चाहिए मिलेगा
संतोष
तुम इस लिए मिलना चाहते थे देख समीर हम अच्छे और बुरे दोनों काम ही करते हैं लेकि य़ह प्रॉपर्टी का मामला तो पहले मुझे पूरी जानकारी दो किसकी प्रॉपर्टी
मैं
रेणुका पटेल और आकाश मेहता की सारी प्रॉपर्टी अपने नाम करना बदले मे आपको वो मिलेगा जो आप चाहते हो
मेरी बात सुन संतोष जोर जोर से हसने लगा मैं उनकी तरफ देख रहा था लेकिन वो हस्ते ही जा रहे थे
संतोष
तुम जानते हो रेणु पटेल कोण है और आकाश मेहता रेणु के पास जहा तक मुझे पता 20 हज़ार करोड़ की प्रॉपर्टी होगी और तुम चाहते हो वो तुम्हारे नाम हो जाए अगर ऐसा होता तो मैं अपने सारे शहर की प्रॉपर्टी कर लेता
मैं
अगर आकाश मेहता 7 हज़ार करोड़ की प्रॉपर्टी अपने नाम कर चुका और वो सारी प्रॉपर्टी अपने नाम करने वाला फिर मैं ऐसा क्यूँ नहीं कर सकता मैंने सब बता दिया कैसे आकाश ने रेणु की प्रॉपर्टी अपने नाम पर की
संतोष
य़ह कैसे हो सकता के रेणुका को कुछ पता ना हो और अगर य़ह सच है तुम्हें पता होना चाहिए आकाश के पास पावर है और मंत्री बहुत से उसके साथ कानून उसकी जेब मे तुम्हारे पास क्या
ऐसा नहीं हो सकता तुम कुछ और बोलो जिस से तुम्हारी मदद करूं
मैं
अगर प्रॉपर्टी रेणु के बेटे के नाम पर हो जाए और फिर तो हो सकता
संतोष
यहा तक मुझे पता उसकी बेटियाँ है कोई बेटा नहीं
मैं
आपके सामने बैठा है मैं हू रेणु का बेटा समीर और कुछ सच बता दिया
मैं अब आप किसी भी तरह करे वो सब मुझे चाहिए अपने परिवार की बचाना है मुझे
हमने बहुत बाते की उसको विश्वास हुआ मैं ही रेणुका का बेटा समीर हू
संतोष
ठीक है इसके लिए प्लान करना होगा जो प्रॉपर्टी के पेपर पर आकाश साइन लेने वाला अपने नाम करने के लिए उसकी जगह तुम्हारे नाम के पेपर पर साइन हो
कैसे फाइल को बदलना कैसे सब मुझे बता दिया
य़ह भी के रेणु के घर मे जो शादी के लिए वेटर होंगे वो बी हमारे आदमी हर जगह कैमरे लगाना होगा सब हमने प्लान किया मुझे कैसे भेष बदल कर रेणु के घर मे घुसने का प्रोग्राम सब सेट किया
संतोष
समीर इस काम के बहुत आदमी चाहिए मेरे पास है लेकिन खर्च होगा
मैं
अगर आप ने य़ह सब किया तो आपको 10 करोड़ दूंगा बस आप मुझे वो पेपर तैयार कर दो जिस से आकाश की ओर रेणु की प्रॉपर्टी मेरे नाम हो जाए
संतोष
समझो काम हो गया तुम तो मेरे लकी हो मेरी बेटी और वाइफ को बचाया अब इतना पेसा ਵੈਸੇ माँ बाप की प्रॉपर्टी पर तो बेटे का ही हक होता तुम्हारे नाम का में आज पेपर तैयार कर दूंगा
कल मेरे आदमी वेटर के भेस मे रेणु के घर होंगे कैमरे भी लगा दिए जायेगे जिसे सिर्फ तुम ही देख सकते और कोई नहीं मैं भी नहीं क्युकी
य़ह तुम्हारे घर का मामला
मैं
बहुत बहुत धन्यावाद भाई मैं कल मिलता हू आप से मुझे भी तैयारी करनी होगी भेस बदल रेणु के घर मे घुसने की
कुछ देर हमने बातें की सब प्लान कर मैं घर आया
मैं सोचते हुए अब मजा सब के सामने मुझे gay बोला था लेकिन तुम सब gay बनोगे अब सब भीख मागने पर पर तुम सबको मौत नसीब नहीं होगा
रेणु रेणु मेरी मोम अगर आपका हाथ पापा की मौत जा किसी और मौत मे हुया तो आपको वो सजा दूंगा जो आपने कभी सोचा भी नहीं होगा अब किसी पर रहम नहीं करूगा अब मेरा बदला देखना मुझे सबसे सामने ल़डकियों के कपड़े पहनाकर खड़ा किया था
मैं तुम सबको बिना कपड़ों के सब के सामने नंगा करने वाला हू मेरी कोई माँ नहीं कोई बहन नहीं मर चुकी है मेरे लिए सभी अब मुझे जीना है सिर्फ अपने लिए अपनी पयाल के लिए अपनी नेहा के लिए जितना जुल्म तुम लोग़ ने नेहा पर किया उसका बदला तुम्हें हर एक दिन जुल्म झेलना होगा चीखना होगा
आज की रात बस कल से तुम सब मर्द नहीं ना मर्द बनने वाले हो आ रहा हू मैं रोहित अपना बदला लेने अपनी नेहा का बदला लेने
रात को खाना खाया और निकल लिया माया की लैब तरफ
आज भी मैंने अपनी बाईक बाहर दीवार के पास खाड़ी की ओर कूद कर दूसरी तरफ गया आज लैब मैं कोई नहीं था सब खाली खाली आज मुझे माया का डर भी नहीं मैं आराम से लैब मे घूमने लगा जैसे लैब माया का नहीं मेरा हो
दूसरी तरफ बड़े बड़े लोग रेणु के घर मे आए हुए थे यहा कोमल का बर्थडे ओर प्रिया की रोहित से सगाई भी होने वही थी
कोमल तनु प्रिया साक्षी आज बहुत खुस नजर आ रहे थे वहीं रेणु बी बहुत खुस थी उसकी वज़ह कोमल का बर्थडे ओर प्रिया की सगाई दूसरा उसका दुश्मन समीर जेल मे जो था
मैं लैब के बेसमेंट मे बने रूम को खोला सब तरफ अंधेरा था मैंने लाइट जलाया ओर आगे बड़ा मैंने वहीं रूम खोला जिसमें कल रात माया आकाश सभी लोग बाते कर रहे थे मैं वहा रूम की अच्छा से जांच किया तो मेरे हाथ वो पेपर लगे जिस पर आकाश ने धोखे से रेणु की प्रॉपर्टी अपने नाम किया था
मैंने वो फाइल को अपने पास रख लिया फिर मैं और आगे बड़ा जहा पर वहीं पहले जैसे कुछ जानवर पिंजरे मे कैद थे मैंने 5 रूम अच्छे से खोल कर देखा लेकिन मुझे वो औरते नहीं मिली जिसके बारे मे आकाश और माया बात कर रहे थे
मेरे सामने आखिरी कमरा रह गया जिसके बाहर लोक लगा हुआ था मैं सोचने लगा इस रूम को लॉक लगा दूसरे किसी कमरे को नहीं क्या वो औरते इसी कमरे मे तो बंद नहीं यही सोच मैं वापिस दूसरे रूम मे गया वहा पर हेमर कुछ और भी समान रखा हुया था मुझे लॉक तोड़ने के लिए हेमर का जरूरत था उसे उठा लिया उस रूम की तरफ जाते हुए मेरे दिल मे बहुत सवाल हुए
अगर इस रूम मे वो औरते ना हो कुछ और हो जैसे कोई खुंखार जानकार जिसे माया ने कैद किया हों क्या हो सकता कुछ खास जिसे माया ने लॉक लगा कर रखा हुआ
यही सोचते हुए मैं उस दरवाजे का पास पहुँचा लॉक तोड़ने के लिए मुझे डर भी लग रहा था मेरे हाथ कंप लगे मैंने जोर से हेमर उस लॉक पर मारा तो लॉक टूट गया अंदर कोई हलचल नहीं लगी मुझे मैं जैसे ही दरवाजा खोला तो कमरे के अंदर से बहुत गंदी बदबू आने लगी ऐसा लग रहा था जैसे कोई जानवर काफी दिन पहले मरा हो
कमरे मे फूल अंधेरा बस एक छोटी सी खिड़की से रात बल्ब की थोड़ी रोशनी बाहर से उस कमरे मे मे आ रही थी
मुझे उस कमरे मे कुछ साफ दिखाई नहीं दिया तो मैंने फोन का टार्च ऑन किया मैंने अपने फोन की टार्च को रूम के चारो तरफ घुमा कर देखा वही मुझे उस कमरे के एक कोने दो लोगों के बैठे होने का एहसास हुआ उनकी आँखों मुझे ही देख रही थी
मैं
कोण हो तुम बोलो कोण हो जवाब क्यूँ नहीं देते
लेकिन उनकी कोई जवाब नहीं दिया
मैंने कमरे फिर टार्च मारी तो मुझे लाइट का स्विच दिखा जैसे ही मैंने स्विच ऑन किया
मेरे सामने दो औरते थी जिन्हों ने लाइट ऑन होते ही अपने चेहरे छपा लिए उनकी हालत देख ऐसा ऐसा लग रहा था जैसे वो बहुत सालो से कमरे मे बंध हो उनके हाथो पर ज़ख्मों जिनमे से अभी भी खून बेह रहा था
मैं धीरे धीरे उनके पास गया जिसे ही मैंने उनके जिस्म को छुआ तो वो डर के मारे कम्पने लगी उनके मुह ऐसी आवाज आने लगी ना ना ना ना ना न न न ह ह ह ही मैं समझ गया य़ह वही दो औरते है जो मेरे परिवार की हेल्प करना चाहती थी लगता माया इसी की कल बातें कर रही थी
मैं
आप डर मत मुझ से मैं कुछ नहीं करूगा मैं आपको बचाने के लिए आया हू आपको यहा से ले जाने आया हू अब आप पर कोई जुल्म नहीं होगा मेरी तरफ देखो
लेकिन अभी भी उन्हों ने ना तो मेरी तरफ देखा और ना ही कोई जवाब दिया उनका जिस्म अभी डर के मारे कंप रहा था सायद जब रूम का दरवाजा खुलता था कोई अंदर आता तो इनके उपर जुल्म करने के लिए ही इन्हें मारने के लिए दरवाजा खुलता होगा जिसका डर अब भी इनको मुझ से लग रहा था
मैं
देखो मैं सच मे आप लोगों को लेने आया हू आज यहा कोई नहीं आप जल्दी से से मेरे साथ चलो कहीं कोई आ गया तो हम सब मुसीबतों मे फंस जायेगे
आज इतने सालो बाद उन दोनों औरतों को आजाद होने के शब्द सुनायी दिए उन्हें तो कभी लगा भी नहीं होगा वो इस नर्क से जिंदा बाहर जाएगी आज एक छोटी सी उम्मीद की किरण उनके दिल उगी होगी
तभी एक औरत का हाथ मेरी बाजू पर आया मैंने देखा वो धीरे धीरे अपना चेहरा उपर उठा रही थी जिसके चेहरे पर सूजन दिख रही थी जैसे ही उसने मेरी आँखों मे देखा तो मैं शौक हो गया य़ह यहा कैसे नहीं य़ह वो नहीं हो सकती एक रात मे कैसे किसी हालत इतनी बुरी हो सकती है कैसे इतने ज़ख्म एक ही रात मे इसके कपड़े तो मिट्टी से भरे हुए इतने मेले जिसे कभी इसने कपड़े बदले होंगे सालो से मैं अपनी सोचो मे घूम
औरत
क्या तुम सच कह रहे हों क्या हमे आजाद करोगे कितने साल हो गये यहा पर कभी ऐसा लगा ही कोई हमे यहा से ले जाएगा
मैं सोचने लगा य़ह कह रही है बहुत सालो से यहा पर कैद है फिर जिसे मैंने देखा था वो कोण कैसे एक ही शकल के दो इंसां क्या य़ह दोनों जुड़वां बहनो है अगर दोनों बहनो है तो कोई अपनी बहन पर इतने ज़ुल्म क्यूँ करेगा
औरत
क्या हुआ तुम सच मे हमे यहा से ले जाओगे
दूसरी औरत का चेहरा अभी हाथो मे छुपा हुआ नीचे था
मैं
हाँ मैं आप लोगों को यहा से लेके जायेगा अब हमे जाना होगा
औरत
दूसरी औरत का हाथ पकड़ पूजा चलो उठो देखो आज कोई भगवान भेजा हुया दूत आया जो हमे आजाद कर इस नर्क से हमे मुक्ति देगा
जैसे ही दूसरी औरत ने मेरी तरफ देखा तो मुझे दूसरी बार झटका लगा मेरे सामने जो औरत थी उसकी हाल भी वैसी ही जिस्म पर ज़ख़्म से खून फाटे हू बदबूदार कपड़े उस औरत के चेहरे को देख मेरी आँखों से अंशु बहनो लगे मेरी अंदर तक रूह कंप गई मेरे मुह
माँ माँ माँ माँ मैं रोते हुए उस औरत को गले लग रोने लगा माँ तुम कहां चली गई थी माँ मुझे छोड़ कर माँ तेरा बेटा अकेला हो गया माँ इतने साल माँ आप जिंदा हो माँ
औरत हैरानी से देखने लगी उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था य़ह लड़का कोण उसे क्यूँ बार बार माँ बोल रहा कोण है
मैं वापिस उस औरत का चेहरा अपने हाथो से पकड़ माँ देख माँ मैं आपका बेटा आपका समीर माँ मैं समीर हू माँ देखो आपका बेटा पहचान लो माँ
य़ह सुन उस औरत कोई को अपने बेटे समीर की याद आयी उसकी आँखों से अंशु बहनो लगे वो मुझे अपने सीने से कस कर लगा लेती है उसके मुह से सिर्फ एक ही आवाज निकली
औरत
समीर मेरे बेटे मेरे बच्चे
उसके बाद कोई आवाज नहीं निकलती सायद इतने सालो बाद अपने बेटे से अचानक मिल जाने से इतनी खुसी हुयी के खुसी के मारे बेहोश हो गयी
जी हाँ य़ह औरत कोई और नहीं मेरी माँ पूजा थी जिसका बहुत 14,15 साल पहले एक्सीडेंट हुया मेरु वही माँ पूजा आज मेरी आँखों के सामने जिंदा थी मेरे सीने से लगी हुयी भले ही माँ की हालत बहुत बुरी थी ज़ख्मों के लेकिन माँ का चेहरा आज भी वेसे ही था जैसे 15 साल पहले शायद माया के फार्मूले के कारण
मैं उस औरत के सीने लग रोये जा रहा था हाँ मैं मैं आपका समीर हू माँ आपका बेटा माँ आप जिंदा हो माँ
लेकिन पूजा मोम की कोई आवाज नहीं आयी मुझे
दूसरी
औरत मुझे माँ से अलग करते हुए
समीर तुम समीर हो ना पूजा के बेटे सूरज के बेटे
मैं
रोते हुए उसकी तरफ देख हाँ मैं सूरज का बेटा हू अपनी पूजा माँ का बेटा समीर हू जैसे मैं बोलते माँ की तरफ देखा तो माँ कुछ बोल ही नहीं रही थी माँ की आँख बंद मेरे कंडे पर लटक गयी
मैं
घबराहट मे माँ क्या हुया माँ माँ आँखों खोल माँ मेरी तरफ देखो माँ मैं और भी जोर जोर से रोने लगा मैं आप बोलती क्यूँ नहीं माँ बोलो ना माँ
दूसरी औरत
समीर लगता पूजा बेहोश हो गयी हमे जल्दी से यहा से निकला होगा पूजा को किसी हॉस्पिटल लेके जाना होगा
मैं
हाँ हाँ मैं मैं को कुछ नहीं होने दूंगा ऐसा कहते मैंने माँ को उठा अपनी गोद मे उठा लिया वो दूसरी औरत भी बहुत मुश्किल से खाड़ी हुयी जैसे ही चलने लगी तो वो गिर गयी जमीन पर उसके मुह से चीख निकली
मैंने माँ को कंधे पर उठा कर उस औरत का हाथ पकडा वो ठीक से चल भी नहीं पा रही थी उसके जिस्म से इतना दर्द हो रहा था
मैं माँ और उस औरत को पकड़ धीरे धीरे लैब से बाहर निकला आसपास देखा तो बाहर मुझे कोई नजार नहीं आया मैं चलते दीवार के पास पहुंचा पहले माँ को जमीन पर रखा फिर उस औरत को दीवार पर चड़ दिया फिर माँ का हाथ पकड उस औरत ने माँ को दीवार पर रख लिया मैं दीवार के ऊपर चड़
दूसरी तरफ उतरा तो उस औरत ने माँ मुझे पकड़ा दिया मैंने सड़क पर माँ को लिटा कर उस औरत को उतारा
औरत
समीर जल्दी से हास्पिटल चलो पूजा को लेकर जल्दी करो
मैं सोचने लगा अगर मैं किसी हॉस्पिटल गया तो पुलिस का चक्कर चल सकता माया को पता चल जाएगा
तभी मुझे सोनाली आंटी का खयाल आया वो भी डॉक्टर है और वो मेरी जरूर हेल्प करेगी वो आकाश से मिली भी नहीं यही सोचते मैंने पायल को फोन किया फोन रिंग होता रहा लेकिन फोन नहीं उठाया कैट हो गया
मैंने दूसरी बार फोन किया तो दो रिंग बाजने पर पयाल ने फोन उठा लिया
पयाल
समीर क्या बात इतनी रात को फोन कर रहे हों सब ठीक तो है ना
मैं
पयाल मैं ठीक हू तुम मुझे अपने घर का एड्रेस भेजे मैं तुम्हारे घर आ रहा जल्दी भेजो मुझे बहुत जरूरी है
पयाल ने मुझे अपने घर एड्रेस भेजा
मैं
मोम को बीच मे बिठा लिया उस औरत ने पीछे बैठ मोम को अच्छा से पकड़ लिया मैंने इतना तेज बाईक चलाया 15 मिनट मे मैं मोम और उस औरत के साथ पयाल के घर के बाहर खड़ा था जैसे हू मैंने बैल बजा पयाल ने दरवाजा खोल दिया साथ मे पयाल की मोम सोनाली भी थी सायद पयाल ने बता दिया होगा मैं घर आ रहा हू कोउ गडबड होगी
जैसे सोनाली और पयाल ने देखा एक औरत मेरे कंधे पर दूसरी को मैं पकडा हुआ
सोनाली
कोण है य़ह इनकी य़ह हालत कैसे हुयी किसके किया इनके साथ जानवरों जैसा सलूक पयाल और सोनाली ने मेरी हेल्प की माँ और उस औरत को अंदर लेके गए अभी भी सोनाली ने माँ और उस औरत का चेहरा ठीक से नहीं देखा था बस ज़ख़्म और फाटे कपड़े ही देखे थे
मोम और उस औरत को लिटा जैसे ही सोनाली ने उस औरत का चेहरा देखा
सोनाली
तुम जहा मेरे घर मे निकल जाओ अभी के अभी सोनाली एक दम गुस्से मे आ गयी पयाल अपनी मोम को हैरानी से देखने लगी मोम को क्या हुया
सोनाली
क्यूँ आयी हो यहा मेरी जिन्दगी बर्बाद कर दी तुमने दूर हो जा मेरी नजरों से
मैं समझ गया सायद सोनाली आंटी भी उस औरत को गलत समझ रही है
मैं
अंटी अभी नहीं मैं सब जनता हू अभी आप इसका और मेरी मोम का इलाज करे सच कुछ और है आप अभी बस इलाज करो देखो मेरी मोम बेहोश है आप कुछ करो मेरी मोम कुछ बोल नहीं रही
सोनाली ने जैसे ही मोम की तरफ देखा
सोनाली
य़ह तो पूजा है मेरी तरफ देखते हुए य़ह तुम्हारी माँ है तुम सूरज के बेटे समीर हो
मैं
हाँ अंटी मैं समीर हू य़ह मेरी माँ पूजा है आप एन दोनों का इलाज करे मैं आपको बाद मे सब सच बता देगा
वही पयाल भी आँख फाड़ मुझे देख रही थी उसे विस्वास नहीं हो रहा था के मैं समीर हो किसने दिन से मेरे साथ थी भी मुझे पहचान नहीं पायी आज पयाल का प्यार उसके सामने जिंदा खड़ा था
सोनाली
समीर तुम बाहर जाकर बैठो और पयाल तुम मेरे साथ हेल्प करो हमे इने साफ कर कपड़े बदलने होंगे
मैं बाहर आ कर बैठ गया 1 घंटे बाद पयाल और सोनाली आंटी बाहर आए
सोनाली
सोनाली तुम्हें कहा मिली तुम्हारी मोम किसने की इसकी ऐसी हालत और तुमने कभी किसी को बताया क्यूँ नहीं तुम जिंदा हो पयाल को भी ना अपनी बहनो ना अपनी मोम को क्यूँ अनजान बन रहे तुम यहा
पयाल अभी भी मुझे घूर घूर देख रही थी
मैं
माँ और वो कैसी अब ठीक तो है ना
सोनाली
हाँ वो ठीक बहुत कमजोरी होने के कारण पूजा बेहोश हुयी मेने नीद का दवा दिया वो सुबह उठेगी उनके कपड़े बदल जिस्म पर ज़ख्मों पर दवा लगा दिया
तुम हॉस्पिटल क्यूँ नहीं गए जो यहा लेकर आए इन
मैंने सब कुछ बता दिया कैसे मोम का रेणु मोम का मुझे पता लगा कैसे कहा कहा गया कैसे मुझे माया की लैब से मोम का मिलना सब कुछ बता दिया जिसे पयाल और सोनाली का गुस्सा उनके चेहरे से नजर आ रहा था
फिर मैंने पयाल और सोनाली को अभी य़ह सब राज रखने के लिए कसम दिया आज की रात मैं पयाल के घर ही रुका
पयाल के दिल मे खुसी का माहौल था उसका प्यार उसे फिर मिल गया वही सोनाली के पुराने ज़ख़्म आज फिर से खुल गए जिसका दर्द और गुस्सा दिल उबाल रहा था
वहीं मेरे दिल मे सिर्फ नफरत थी अपनी मोम के लिए बहनो के कैसे वो उनके साथ है जिन्हों ने मेरी मेरी मोम पूजा की और मेरे पापा की जिंदगी बर्बाद कर दी अब मुझे बस उनके घर मे जाना था प्रिया के प्रिया ही नहीं कोमल तनु साक्षी की शादी भी कराना था शादी तो भले ही प्रिया और रोहित की थी लेकिन मुझे सभी की शादी करवा बदला लेना था सब से सभी को दर्द देना था जो पता चले कैसे दर्द होता जब जिसे प्यार करते है वो धोखा करे जब अपनों को ही तकलीफ दे धोखा मेरे अपनों ने किया अब मेरी बारी थी नफरत की अब मेरी नफरत ही उनकी जिंदगी को नर्क बना देगी