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Incest नफरत और धोखा

Riky007

उड़ते पंछी का ठिकाना, मेरा न कोई जहां...
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आज सूरज की जिंदगी फिर चौराहे पर आकार रुक गयी थीं यहा एक तरफ खुशी सूरज का इंतजार कर रही थी वहां दुख भी सूरज के इंतजार में थे अंधकार सूरज की जिंदगी में छाने लगा था सूरज सोच रहा था क्या वो पीछे मूड जाए जा सभी कुछ भूल कर आगे एक तरफ उसके बच्चे की खुशी थीं दूसरी तरफ सूरज की खुसी
सुबह हुई तो आज सूरज काफी लेट हुया रात सोचते हुए काफी देर तक सोया था जब सूरज नहीं तो तो सूरज को जगाने के समीर आय़ा था
समीर ने सूरज को उठा दिया और तबीयत के बारे मे पूछा
सूरज मैं ठीक हू और यादा बात नहीं की
सभी ने नास्ता किया लेकिन आज सूरज के चेहरे पर उदासी की झलक साफ देखाई ਦੇ रही थी बचो के पूछने पर भी सूरज ने कोई खास जवाब नहीं दिया
बच्चे अपने स्कूल को निकाल जाते है तो वही सूरज अपने ऑफिस में आज रुबीना से hi हैलो हुआ यादा बात नहीं की लेकिन ना चाहते हुए भी सूरज का ध्यान रुबीना पर रहता
ऐसे ही चार पांच दिन निकले सूरज जब भी office से घर आता तो यादा अपने रूम में रहने लगा बच्चे परेशान हो इस लिए उन्हें बोल दिया office में काम यादा होने के कारण वो थक जाता है
रुबीना ने भी बहुत बार कोशिश की लेकिन सूरज ने उसे कुछ नहीं बिताया था
वही माधव और पूनम भी सूरज.से फोन बात करते उसे बच्चों को सच्चाई बता देने के लिए कहते
सूरज परेशान रहने लगा अब वो शराब का सहारा तो ले नहीं सकता था उसने अपनी गुड़िया से जो वादा किया था सूरज का साथ अब उसे वफा के बदले मिले धोखा प्यार के बदले मिली नफरत सूरज अपने पिछले दिनों के बारे सोच अकेले में रोने लगता उसका दर्द तो सिर्फ वही जान सकता था
यहा सूरज दर्द में तड़प रहा था वही रुबीना के जिस्म पर चोटों के निशाँ भड़ रहे थे जो सूरज को अंदर से खोखला करने के लिए काफी थे वही दोनों की हमदर्द होने रिसता अपना नया रूप सामने आने वाला था रुबीना की खूबसूरती सूरज को कुछ पल खुसी तो देती जब लेकिन ज़ख्मी के निशान देखता तो उसका दिल खून के अंशु रोने लगता रुबीना के बदन की महक सूरज को कुछ पल उसका बिता हुआ कल भूल जाने के लिए मजबूर कर देती सूरज के ख्याल जब वापिस आए तो फिर मायूस हो जाता
ऐसे ही 15 दिन बीत गए माधव और पूनम भी अब चले गए थे रह गया सूरज फिर से अकेला आज सूरज office से जल्दी घर आया तनु ने पूछा तो सूरज ने जवाब दिया आज उसकी तबीयत ठीक नहीं कुछ उसे आराम करना है सूरज अपने रूम में चला गया बैड पर बैठ अपनी किस्मत को कोष रहा सूरज अपनी पिछली यादों मे में लौट ने लगा


चलते है कुछ साल पीछे

सूरज अपने दोस्तों के साथ कालेज की कैन्टीन में बैठा लंच कर कहा यहा उसके दोस्त लडक़ियों से मस्ती मज़ाक कर रहे थे वही सूरज शांत बैठा हुया उनकी बाते सुन थोड़ा मुस्करा देता था सूरज अभी बीस साल का ही तो था
सूरज की आदत थी के कभी कुछ गलती नहीं उसकी कोई gf नहीं थी जबकि उसके दोस्त अपनी gf के साथ घूमते रहते
सूरज सब टीचर को इज्जत देता हर किसी से प्यार बात करना उसके संस्कार थे सूरज अपने माता पिता की इकलौता बेटा था सूरज के माता पिता उसे बहुत प्यार करते थे सूरज भी उनको बहुत प्यार कर्ता था सूरज पढ़ाई में बहुत अच्छा था दूसरे स्टूडेंट्स नहीं की पढ़ने में हेल्प किया कर्ता था इसी कारण सूरज की चर्च अक्सर कहीं ना कहीं होती सूरज को अभी यहा दो साल हुए थे

वहीं दूसरी तरफ ल़डकियों में में भी एक लड़की सभी की चर्च में रहती लड़के तो उसके दीवाने थे उसकी खूबसूरत जिसम लड़कों को दीवाना बना देता था हर कोई लड़का चाहता था वो उसकी दोस्त हो उसकी gf हो वो हर लड़के की धड़कन बन चुकी थी
लड़कों को अपनी अदा से घायल करना उसे आता था इसकी आदत अपने अमीर माँ बाप की इकलौती बेटी थी रेणुका अभी 18 साल की ही तो थी जिसे कभी दोलत की कमी नहीं पानी की तरह पैसा खर्च करना नए कपड़े नयी गाड़ियां बदलना इसके इसके लिए रोज का काम था माँ बाप की लाडली होने के कारण इसे कोई रोक नहीं थी इसकी हर जिंद पूरी की जाती जो इसे पसंद हो वो इसका होना तेह था लड़कों से अपना काम निकलवाना इसके लिए कोई बड़ी बात नहीं थी लड़कों के साथ अक्सर मस्ती करती लेकिन कभी किसी को bf नहीं बनाया था कपड़े तो इसके जिसम पर इतने छोटे होते जो किसी का भी पानी निकाल देते

सुनीता नाम की लड़की बोलती हुए यार रेणु कब कातिल करने का इरादा है उसे
रेणु सुनीता की तरफ घूर कर देखती है पास में और भी लड़किया बैठी थी
सुनीता यार मेरे कहने का मतलब कब प्रपोज कर रही हो कर दो कहीं य़ह ना हो कोई और उसके दिल मे उतार जाए तुमने अभी तक रोका है नहीं तो मैं कब कर कर देती
रेणु सुनीता के मुहै पर थापर मारते हुए अगर ऐसा दुबारा बोला ना तो जान से मार दूंगी वो मेरा है मेरा प्यार कोई और उसके करीब भी आया तो बर्बाद कर दूंगी उसे
सुनीता अपनी गाल पर हाथ रखते हुए sorry मेरा य़ह मतलब नहीं था लेकिन तुम खुद भी उसे नहीं कह रहीं ना किसी ल़डकि को उसके पास जाने देती हो
रेणु के आने से पहले सब सही चल रहा था कालेज में लेकिन जब रेणु आयी तो धीरे धीरे सब बदल गया यहा पहले लड़किया सूरज से बात करती दिल मे उसे चाहती थी धीरे धीरे सभी सूरज से दूर होती गई यहा तक कि अब सूरज भी किसी ल़डकि बात करने की कोशिश कर्ता तो लड़की बहाना बना निकल जाते वहां से य़ह सब के पीछे अपने माँ बाप के पैसे से बिगड़ी हुई लड़की रेणु की वज़ह से हुआ था अब सूरज के दोस्त लड़के ही होते थे
सूरज को पता भी चला तो उसने रेणु से बात भी की लेकिन रेणु ने कुछ नहीं बटाया जिसके कारण दोनों में काफी झगड़ा हुआ फिर सूरज ने कभी रेणु की तरफ देखा भी नहीं था
य़ह सब सुरु हुआ जब रेणु को आए 6 महीने हुए थे एक दिन विकी नाम का लड़के ने रेणु जा ज़बर्दस्ती हाथ पकडा था और रेणु को प्रपोज किया लेकिन रेणु ने उसे थापर मार दिया जिससे विकी ने अपनी बेजती महसूस की ओर दिल मे रेणु से बदला लेने की सोची थी
विकी बिगड़ा हुआ लड़का था जिसे नयी नयी लड़की के जिसम का शौक लगा वही उसकी नजरिए मे रेणु भी थी
एक बार रेणु रात के वक़्त पार्टी से घर जा रही होती है तभी उसकी गाड़ी के आगे 3 लड़के आ जाते रेणु गाड़ी रोकते हुए बाहर निकल गाली देने लगती हैं जब सामने खाडे विकी को देख चौंकने लगे विकी रेणु की तरफ बड़ने लगा उसके चेहरे पर घिनौनी हसी देख रेणु डर जाती है विकी आज जितना गाली देना है दे दो कल से तू मेरी गुलाम होंगी गाली देना वाला सिर्फ मैं तेरे थापर का हिसाब आज पूरा करने आया हू
रेणु डरते हुए क्या चाहते हो तुम अगर मुझे हाथ भी लगाया तो जान से मार दूंगी तुम सबको
विकी मैं क्या चाहता हू बताता हू मुझे उस थापर का बदला चाहिए उसकी कीमत तुम्हारा य़ह जिसम
विकी और उसके साथी रेणु को पकड़ कार मे ले जाने लगे लेकिन तबी तीनों की पीठ पर किसी लात पढ़ने पर गिर जाते है
विकी और उसके साथी खाडे होते हैं और मरने वाले को देख तुम यहा य़ह सूरज था जिसने विकी को मारा
सूरज हाँ मैं अब तुम यहा से निकलो और यादा नहीं बोलता
विकी देख सूरज य़ह हम लोगों के बीच का मसला तुम ज्यों यहा से नहीं तो अच्छा नहीं होगा सूरज और विकी के बीच युद्ध सुरु होता है विकी और उसके दोस्त वहां से भागने लगे सूरज भी रेणु को बिना कुछ देखे निकाल जाता है जिससे रेणु के दिल मे सूरज बस गया उसकी जिंद सूरज को अपना बना लेना जिसके कारण रेणु ने हर लड़कियों को सूरज से दूर किया जो उसके बात भी किया करती थी


अब आगे

रेणु कुछ सोचते खाड़ी होती है और किसी की परवाह किए बिना सूरज की ओर बढ़ने लगी रेणु सूरज की शार्ट का कलर पकड़ उसे खड़ा कर देती है
सूरज को अभी समझता कुछ तब तक रेणु के कोमल होंठ सूरज के होंठो से मिल जाते है रेणु और सूरज को देख सब शक्क होते वही रेणु के दीवानों के दिल के टुकड़े होने लगे
रेणु किस तोड़ सूरज मैं तुमसे प्यार करती हू और तुमसे शादी करना चाहती हू अभी रेणु इस से आगे कुछ बोलती
सूरज थापर मारते हुए कहता नफरत है मुझे तुमसे कैसे सोचा के मैं तुम जैसी लड़की से शादी करूगा य़ह बोलते सूरज वहां से निकल जाता है
रेणु अपनी गाल पर हाथ रखे मुस्कराने लगी जहा सूरज क्लास मे गया वही रेणु अपने घर
कालेज खत्म होने पर जब सूरज घर पहुँचा तो सामने रेणु और उसके माता बैठे थे साथ मे उसके माता पिता
सूरज हिरानी से देखता हुआ अपने रूम की तरफ जाने लगा वही सूरज के पिता उसे रोक लेते है
सूरज अपने पापा के पास जाता हैं तो उसे रेणु के माता पिता से मिलवाया यहा सूरज ने उनको प्रणाम किया
सूरज के पापा बोलते हुए बेटे य़ह रेणु तुम्हारे ही कालेज मे है य़ह तुम्हें पसंद करती है तुमसे शादी के लिए रेणु के माता पिता आए है
सूरज अपने पिता के आगे कुछ बोल नहीं सका कुछ दिनों बाद सूरज और रेणु की शादी हुयी दोनों कालेज भी जाते और बिजनैस भी देखने लगे 9 महीने बाद रेणु ने बेटी को जन्म दिया जिसका नाम प्रिया रखा गया साल बाद फिर रेणु को बेटी हुयी इस बार उसका नाम साक्षी रखा तब तक एक्सीडेंट मे सूरज के माता पिता मारे गए अब सूरज घर पर बच्चों का खयाल रखा वही रेणु बिजनेस देखती फिर साल बाद बेटा पैदा हुआ जिसका नाम समीर रखा
रेणु का बिजनैस के सिलसिले मे मर्दों से मिलना यादा होता घर पर भी कभी कभी कोई ना कोई आया रहता लेकिन सूरज ने कभी कोई शक नहीं किया एक बार सूरज कुछ दिन के लिए बाहर गया था जब वापिस आया तो लड़कियों सो रही थी लेकिन उसका बेटा बेटा रोये जा रहा था सूरज समीर की उठा रेणु को देखने लगा जब वो बैडरूम के पास पहुँचा तो की किसी मर्द की आवाज आयी यहा रेणु की भी सूरज ने दरवाजा खोला तो वो आदमी रेणु के उपर झुका हुआ गालों पर किस किए जारहा था
दरवाजे की आवाज सुन दोनों देखते है तो सामने सूरज था वो आदमी सूरज को देखते निकाल जाता यहा रेणु ने सूरज को सफ़ाई देनी चाहि तो सूरज उसे थापर मार देता दोनों मे काफी झगड़ा होता य़ह अब सूरज के सामने होने लगा जिस से सूरज रेणुका पर हाथ उठा देता फिर एक दिन रेणु ने सूरज से तलाक ले लिया दोनों ल़डकियों को साथ ले गयी लेकिन समीर को सूरज ने अपने पास रखा कुछ दिन बाद सूरज से पूजा मिली जिसका कोई नहीं था दुनिया मे माधव और पूनम के कहने पर सूरज से समीर ने शादी की पूजा को दो बेटी हुई तनु और कोमल पूजा ने समीर को माँ का प्यार दिया अपना बेटा माना फिर वो भी एक्सीडेंट मे खो गई एक बार जब सूरज को पता चला उसके ससुर और ससु की किसी एक्सीडेंट मे मौत हो गयी तो सूरज गया था यहा रेणु किसी आदमी के साथ मिली सूरज ने कोशिश की लेकिन वो नहीं मानी थी सूरज ने वहां भी रेणु को मारा उस वक़्त प्रिया और साक्षी भी वहा थी जो जो सूरज को अपनी माँ को मारते हुए देख रोने लगी और bad अंकल कहने लगी

अब आगे
सूरज अपने पिछली जिंदगी के बारे मे सोच रहा था तनु की आवाज ने उसे वापिस ल्या तनु सूरज को खाने के लिए बुलाने आयी तो सूरज को पता नहीं चला कब से वो पिछली जिंदगी मे खोया हुआ था फिर सभी साथ मे खाना खाया सूरज तो बस आज बैठा रहा उसका खाने का मन नहीं बस बचों के लिए एक रोटी खाया
नाइस ट्विस्ट

मतलब रेणु की झलक दिखाई आपने।

पर पूजा की लाश का ना मिलना भी कोई राज ही है जो आगे खुलेगा।

वैसे रेणु का हाथ भी हो सकता है इसके पीछे।
 

kamdev99008

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वेसे कोई खास रिस्पॉन्स नहीं मिल रहा सायद मैं स्टोरी अच्छा नहीं लिख पाता
भाई रीडर्स तो धीरे-धीरे ही आएंगे.............
पहली कहानी है तो रीडर्स आपके नाम से नहीं, आपके रीडर्स के नाम और कमेंट से आकर्षित होंगे............
फिर स्टोरी पढ़कर ही आपको जान-समझ पाएंगे

आप धैर्यपूर्वक लिखते रहिए
 

king cobra

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आज सूरज की जिंदगी फिर चौराहे पर आकार रुक गयी थीं यहा एक तरफ खुशी सूरज का इंतजार कर रही थी वहां दुख भी सूरज के इंतजार में थे अंधकार सूरज की जिंदगी में छाने लगा था सूरज सोच रहा था क्या वो पीछे मूड जाए जा सभी कुछ भूल कर आगे एक तरफ उसके बच्चे की खुशी थीं दूसरी तरफ सूरज की खुसी
सुबह हुई तो आज सूरज काफी लेट हुया रात सोचते हुए काफी देर तक सोया था जब सूरज नहीं तो तो सूरज को जगाने के समीर आय़ा था
समीर ने सूरज को उठा दिया और तबीयत के बारे मे पूछा
सूरज मैं ठीक हू और यादा बात नहीं की
सभी ने नास्ता किया लेकिन आज सूरज के चेहरे पर उदासी की झलक साफ देखाई ਦੇ रही थी बचो के पूछने पर भी सूरज ने कोई खास जवाब नहीं दिया
बच्चे अपने स्कूल को निकाल जाते है तो वही सूरज अपने ऑफिस में आज रुबीना से hi हैलो हुआ यादा बात नहीं की लेकिन ना चाहते हुए भी सूरज का ध्यान रुबीना पर रहता
ऐसे ही चार पांच दिन निकले सूरज जब भी office से घर आता तो यादा अपने रूम में रहने लगा बच्चे परेशान हो इस लिए उन्हें बोल दिया office में काम यादा होने के कारण वो थक जाता है
रुबीना ने भी बहुत बार कोशिश की लेकिन सूरज ने उसे कुछ नहीं बिताया था
वही माधव और पूनम भी सूरज.से फोन बात करते उसे बच्चों को सच्चाई बता देने के लिए कहते
सूरज परेशान रहने लगा अब वो शराब का सहारा तो ले नहीं सकता था उसने अपनी गुड़िया से जो वादा किया था सूरज का साथ अब उसे वफा के बदले मिले धोखा प्यार के बदले मिली नफरत सूरज अपने पिछले दिनों के बारे सोच अकेले में रोने लगता उसका दर्द तो सिर्फ वही जान सकता था
यहा सूरज दर्द में तड़प रहा था वही रुबीना के जिस्म पर चोटों के निशाँ भड़ रहे थे जो सूरज को अंदर से खोखला करने के लिए काफी थे वही दोनों की हमदर्द होने रिसता अपना नया रूप सामने आने वाला था रुबीना की खूबसूरती सूरज को कुछ पल खुसी तो देती जब लेकिन ज़ख्मी के निशान देखता तो उसका दिल खून के अंशु रोने लगता रुबीना के बदन की महक सूरज को कुछ पल उसका बिता हुआ कल भूल जाने के लिए मजबूर कर देती सूरज के ख्याल जब वापिस आए तो फिर मायूस हो जाता
ऐसे ही 15 दिन बीत गए माधव और पूनम भी अब चले गए थे रह गया सूरज फिर से अकेला आज सूरज office से जल्दी घर आया तनु ने पूछा तो सूरज ने जवाब दिया आज उसकी तबीयत ठीक नहीं कुछ उसे आराम करना है सूरज अपने रूम में चला गया बैड पर बैठ अपनी किस्मत को कोष रहा सूरज अपनी पिछली यादों मे में लौट ने लगा


चलते है कुछ साल पीछे

सूरज अपने दोस्तों के साथ कालेज की कैन्टीन में बैठा लंच कर कहा यहा उसके दोस्त लडक़ियों से मस्ती मज़ाक कर रहे थे वही सूरज शांत बैठा हुया उनकी बाते सुन थोड़ा मुस्करा देता था सूरज अभी बीस साल का ही तो था
सूरज की आदत थी के कभी कुछ गलती नहीं उसकी कोई gf नहीं थी जबकि उसके दोस्त अपनी gf के साथ घूमते रहते
सूरज सब टीचर को इज्जत देता हर किसी से प्यार बात करना उसके संस्कार थे सूरज अपने माता पिता की इकलौता बेटा था सूरज के माता पिता उसे बहुत प्यार करते थे सूरज भी उनको बहुत प्यार कर्ता था सूरज पढ़ाई में बहुत अच्छा था दूसरे स्टूडेंट्स नहीं की पढ़ने में हेल्प किया कर्ता था इसी कारण सूरज की चर्च अक्सर कहीं ना कहीं होती सूरज को अभी यहा दो साल हुए थे

वहीं दूसरी तरफ ल़डकियों में में भी एक लड़की सभी की चर्च में रहती लड़के तो उसके दीवाने थे उसकी खूबसूरत जिसम लड़कों को दीवाना बना देता था हर कोई लड़का चाहता था वो उसकी दोस्त हो उसकी gf हो वो हर लड़के की धड़कन बन चुकी थी
लड़कों को अपनी अदा से घायल करना उसे आता था इसकी आदत अपने अमीर माँ बाप की इकलौती बेटी थी रेणुका अभी 18 साल की ही तो थी जिसे कभी दोलत की कमी नहीं पानी की तरह पैसा खर्च करना नए कपड़े नयी गाड़ियां बदलना इसके इसके लिए रोज का काम था माँ बाप की लाडली होने के कारण इसे कोई रोक नहीं थी इसकी हर जिंद पूरी की जाती जो इसे पसंद हो वो इसका होना तेह था लड़कों से अपना काम निकलवाना इसके लिए कोई बड़ी बात नहीं थी लड़कों के साथ अक्सर मस्ती करती लेकिन कभी किसी को bf नहीं बनाया था कपड़े तो इसके जिसम पर इतने छोटे होते जो किसी का भी पानी निकाल देते

सुनीता नाम की लड़की बोलती हुए यार रेणु कब कातिल करने का इरादा है उसे
रेणु सुनीता की तरफ घूर कर देखती है पास में और भी लड़किया बैठी थी
सुनीता यार मेरे कहने का मतलब कब प्रपोज कर रही हो कर दो कहीं य़ह ना हो कोई और उसके दिल मे उतार जाए तुमने अभी तक रोका है नहीं तो मैं कब कर कर देती
रेणु सुनीता के मुहै पर थापर मारते हुए अगर ऐसा दुबारा बोला ना तो जान से मार दूंगी वो मेरा है मेरा प्यार कोई और उसके करीब भी आया तो बर्बाद कर दूंगी उसे
सुनीता अपनी गाल पर हाथ रखते हुए sorry मेरा य़ह मतलब नहीं था लेकिन तुम खुद भी उसे नहीं कह रहीं ना किसी ल़डकि को उसके पास जाने देती हो
रेणु के आने से पहले सब सही चल रहा था कालेज में लेकिन जब रेणु आयी तो धीरे धीरे सब बदल गया यहा पहले लड़किया सूरज से बात करती दिल मे उसे चाहती थी धीरे धीरे सभी सूरज से दूर होती गई यहा तक कि अब सूरज भी किसी ल़डकि बात करने की कोशिश कर्ता तो लड़की बहाना बना निकल जाते वहां से य़ह सब के पीछे अपने माँ बाप के पैसे से बिगड़ी हुई लड़की रेणु की वज़ह से हुआ था अब सूरज के दोस्त लड़के ही होते थे
सूरज को पता भी चला तो उसने रेणु से बात भी की लेकिन रेणु ने कुछ नहीं बटाया जिसके कारण दोनों में काफी झगड़ा हुआ फिर सूरज ने कभी रेणु की तरफ देखा भी नहीं था
य़ह सब सुरु हुआ जब रेणु को आए 6 महीने हुए थे एक दिन विकी नाम का लड़के ने रेणु जा ज़बर्दस्ती हाथ पकडा था और रेणु को प्रपोज किया लेकिन रेणु ने उसे थापर मार दिया जिससे विकी ने अपनी बेजती महसूस की ओर दिल मे रेणु से बदला लेने की सोची थी
विकी बिगड़ा हुआ लड़का था जिसे नयी नयी लड़की के जिसम का शौक लगा वही उसकी नजरिए मे रेणु भी थी
एक बार रेणु रात के वक़्त पार्टी से घर जा रही होती है तभी उसकी गाड़ी के आगे 3 लड़के आ जाते रेणु गाड़ी रोकते हुए बाहर निकल गाली देने लगती हैं जब सामने खाडे विकी को देख चौंकने लगे विकी रेणु की तरफ बड़ने लगा उसके चेहरे पर घिनौनी हसी देख रेणु डर जाती है विकी आज जितना गाली देना है दे दो कल से तू मेरी गुलाम होंगी गाली देना वाला सिर्फ मैं तेरे थापर का हिसाब आज पूरा करने आया हू
रेणु डरते हुए क्या चाहते हो तुम अगर मुझे हाथ भी लगाया तो जान से मार दूंगी तुम सबको
विकी मैं क्या चाहता हू बताता हू मुझे उस थापर का बदला चाहिए उसकी कीमत तुम्हारा य़ह जिसम
विकी और उसके साथी रेणु को पकड़ कार मे ले जाने लगे लेकिन तबी तीनों की पीठ पर किसी लात पढ़ने पर गिर जाते है
विकी और उसके साथी खाडे होते हैं और मरने वाले को देख तुम यहा य़ह सूरज था जिसने विकी को मारा
सूरज हाँ मैं अब तुम यहा से निकलो और यादा नहीं बोलता
विकी देख सूरज य़ह हम लोगों के बीच का मसला तुम ज्यों यहा से नहीं तो अच्छा नहीं होगा सूरज और विकी के बीच युद्ध सुरु होता है विकी और उसके दोस्त वहां से भागने लगे सूरज भी रेणु को बिना कुछ देखे निकाल जाता है जिससे रेणु के दिल मे सूरज बस गया उसकी जिंद सूरज को अपना बना लेना जिसके कारण रेणु ने हर लड़कियों को सूरज से दूर किया जो उसके बात भी किया करती थी


अब आगे

रेणु कुछ सोचते खाड़ी होती है और किसी की परवाह किए बिना सूरज की ओर बढ़ने लगी रेणु सूरज की शार्ट का कलर पकड़ उसे खड़ा कर देती है
सूरज को अभी समझता कुछ तब तक रेणु के कोमल होंठ सूरज के होंठो से मिल जाते है रेणु और सूरज को देख सब शक्क होते वही रेणु के दीवानों के दिल के टुकड़े होने लगे
रेणु किस तोड़ सूरज मैं तुमसे प्यार करती हू और तुमसे शादी करना चाहती हू अभी रेणु इस से आगे कुछ बोलती
सूरज थापर मारते हुए कहता नफरत है मुझे तुमसे कैसे सोचा के मैं तुम जैसी लड़की से शादी करूगा य़ह बोलते सूरज वहां से निकल जाता है
रेणु अपनी गाल पर हाथ रखे मुस्कराने लगी जहा सूरज क्लास मे गया वही रेणु अपने घर
कालेज खत्म होने पर जब सूरज घर पहुँचा तो सामने रेणु और उसके माता बैठे थे साथ मे उसके माता पिता
सूरज हिरानी से देखता हुआ अपने रूम की तरफ जाने लगा वही सूरज के पिता उसे रोक लेते है
सूरज अपने पापा के पास जाता हैं तो उसे रेणु के माता पिता से मिलवाया यहा सूरज ने उनको प्रणाम किया
सूरज के पापा बोलते हुए बेटे य़ह रेणु तुम्हारे ही कालेज मे है य़ह तुम्हें पसंद करती है तुमसे शादी के लिए रेणु के माता पिता आए है
सूरज अपने पिता के आगे कुछ बोल नहीं सका कुछ दिनों बाद सूरज और रेणु की शादी हुयी दोनों कालेज भी जाते और बिजनैस भी देखने लगे 9 महीने बाद रेणु ने बेटी को जन्म दिया जिसका नाम प्रिया रखा गया साल बाद फिर रेणु को बेटी हुयी इस बार उसका नाम साक्षी रखा तब तक एक्सीडेंट मे सूरज के माता पिता मारे गए अब सूरज घर पर बच्चों का खयाल रखा वही रेणु बिजनेस देखती फिर साल बाद बेटा पैदा हुआ जिसका नाम समीर रखा
रेणु का बिजनैस के सिलसिले मे मर्दों से मिलना यादा होता घर पर भी कभी कभी कोई ना कोई आया रहता लेकिन सूरज ने कभी कोई शक नहीं किया एक बार सूरज कुछ दिन के लिए बाहर गया था जब वापिस आया तो लड़कियों सो रही थी लेकिन उसका बेटा बेटा रोये जा रहा था सूरज समीर की उठा रेणु को देखने लगा जब वो बैडरूम के पास पहुँचा तो की किसी मर्द की आवाज आयी यहा रेणु की भी सूरज ने दरवाजा खोला तो वो आदमी रेणु के उपर झुका हुआ गालों पर किस किए जारहा था
दरवाजे की आवाज सुन दोनों देखते है तो सामने सूरज था वो आदमी सूरज को देखते निकाल जाता यहा रेणु ने सूरज को सफ़ाई देनी चाहि तो सूरज उसे थापर मार देता दोनों मे काफी झगड़ा होता य़ह अब सूरज के सामने होने लगा जिस से सूरज रेणुका पर हाथ उठा देता फिर एक दिन रेणु ने सूरज से तलाक ले लिया दोनों ल़डकियों को साथ ले गयी लेकिन समीर को सूरज ने अपने पास रखा कुछ दिन बाद सूरज से पूजा मिली जिसका कोई नहीं था दुनिया मे माधव और पूनम के कहने पर सूरज से समीर ने शादी की पूजा को दो बेटी हुई तनु और कोमल पूजा ने समीर को माँ का प्यार दिया अपना बेटा माना फिर वो भी एक्सीडेंट मे खो गई एक बार जब सूरज को पता चला उसके ससुर और ससु की किसी एक्सीडेंट मे मौत हो गयी तो सूरज गया था यहा रेणु किसी आदमी के साथ मिली सूरज ने कोशिश की लेकिन वो नहीं मानी थी सूरज ने वहां भी रेणु को मारा उस वक़्त प्रिया और साक्षी भी वहा थी जो जो सूरज को अपनी माँ को मारते हुए देख रोने लगी और bad अंकल कहने लगी

अब आगे
सूरज अपने पिछली जिंदगी के बारे मे सोच रहा था तनु की आवाज ने उसे वापिस ल्या तनु सूरज को खाने के लिए बुलाने आयी तो सूरज को पता नहीं चला कब से वो पिछली जिंदगी मे खोया हुआ था फिर सभी साथ मे खाना खाया सूरज तो बस आज बैठा रहा उसका खाने का मन नहीं बस बचों के लिए एक रोटी खाया
superb update
 

kamdev99008

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Story to achhi h update bhi achha h ....
Pichhle kuch updates me story slow thi laga jaise bachho ki story padhne aa gaye ...

Magar previous update me story ne raftaar pakdi h lagbhag 1 year beet chuke h....

Suraj ko pyar ho raha h to wahi Sameer ki maa ki sachhai bhi samne aa rahi h ....

Asha karta hu Sameer ki maa wo aurat na nikle jiska aapne sex scene dikhaya tha phir to ye story adultry based ho jayegi....

Aur phir aapko story ka theme bhi (Sympathy for faminist brother)
Jaisi ho jayegi....

Please maa ko adultry scene me mat gused dena baki story achhi h ....

Abhi to aapne story ko suruwat hi kiya abhi to story track pe aayi hi nahi h ...

Abhi to story ke nayak nayika abhi chhote bachhe h to unko bada to karo...

Phir to story me reviews milenge ....

At the end....

🔙 We are waiting for your next update 😉🙂
भाई लेखक जो लिख रहा है......... वो अपने हिसाब से लिख रहा है............

हम रीडर्स का काम उसकी खासियत और कमियाँ निकालना है..........
ना की कहानी कैसी हो ये बताना......... इससे तो कहानी का आकर्षण ही खत्म हो जाएगा..........
प्लीज! अगर कोई स्टोरीलाइन से जुड़ा कोई सुझाव हो तो मैसेज में दिया करें, जिससे रीडर्स का इंटरेस्ट बना रहे
 

karn karn

New Member
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भाई लेखक जो लिख रहा है......... वो अपने हिसाब से लिख रहा है............

हम रीडर्स का काम उसकी खासियत और कमियाँ निकालना है..........
ना की कहानी कैसी हो ये बताना......... इससे तो कहानी का आकर्षण ही खत्म हो जाएगा..........
प्लीज! अगर कोई स्टोरीलाइन से जुड़ा कोई सुझाव हो तो मैसेज में दिया करें, जिससे रीडर्स का इंटरेस्ट बना रहे
भाई आप .जब चाहो सवाल कर सकते हैं जवाब देना होगा मेरा फर्ज हैं मेरे पास बहुत कम साम्य होता लिखने के लिए इस लिए मेरा अपडेट थोड़ा छोटा होता भाई मैं आपको अपडेट मुझे लगता 9 जा 10 बजे मिल जाता होगा लेकिन पास उस वक़्त 12:00 जा 1 बज गया होता रात का दिन में काम करना रात को खाना बनना आप सब समझदार हो और देशों में रहना इतना आसान नहीं होता अपने 8 जा 10 दोस्तों के साथ रूम में रहना मैं पोस्ट के लिए फोन use कर्ता हू लैपटॉप तो मेरे पास नहीं
 

Riky007

उड़ते पंछी का ठिकाना, मेरा न कोई जहां...
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40,102
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आज सूरज की जिंदगी फिर चौराहे पर आकार रुक गयी थीं यहा एक तरफ खुशी सूरज का इंतजार कर रही थी वहां दुख भी सूरज के इंतजार में थे अंधकार सूरज की जिंदगी में छाने लगा था सूरज सोच रहा था क्या वो पीछे मूड जाए जा सभी कुछ भूल कर आगे एक तरफ उसके बच्चे की खुशी थीं दूसरी तरफ सूरज की खुसी
सुबह हुई तो आज सूरज काफी लेट हुया रात सोचते हुए काफी देर तक सोया था जब सूरज नहीं तो तो सूरज को जगाने के समीर आय़ा था
समीर ने सूरज को उठा दिया और तबीयत के बारे मे पूछा
सूरज मैं ठीक हू और यादा बात नहीं की
सभी ने नास्ता किया लेकिन आज सूरज के चेहरे पर उदासी की झलक साफ देखाई ਦੇ रही थी बचो के पूछने पर भी सूरज ने कोई खास जवाब नहीं दिया
बच्चे अपने स्कूल को निकाल जाते है तो वही सूरज अपने ऑफिस में आज रुबीना से hi हैलो हुआ यादा बात नहीं की लेकिन ना चाहते हुए भी सूरज का ध्यान रुबीना पर रहता
ऐसे ही चार पांच दिन निकले सूरज जब भी office से घर आता तो यादा अपने रूम में रहने लगा बच्चे परेशान हो इस लिए उन्हें बोल दिया office में काम यादा होने के कारण वो थक जाता है
रुबीना ने भी बहुत बार कोशिश की लेकिन सूरज ने उसे कुछ नहीं बिताया था
वही माधव और पूनम भी सूरज.से फोन बात करते उसे बच्चों को सच्चाई बता देने के लिए कहते
सूरज परेशान रहने लगा अब वो शराब का सहारा तो ले नहीं सकता था उसने अपनी गुड़िया से जो वादा किया था सूरज का साथ अब उसे वफा के बदले मिले धोखा प्यार के बदले मिली नफरत सूरज अपने पिछले दिनों के बारे सोच अकेले में रोने लगता उसका दर्द तो सिर्फ वही जान सकता था
यहा सूरज दर्द में तड़प रहा था वही रुबीना के जिस्म पर चोटों के निशाँ भड़ रहे थे जो सूरज को अंदर से खोखला करने के लिए काफी थे वही दोनों की हमदर्द होने रिसता अपना नया रूप सामने आने वाला था रुबीना की खूबसूरती सूरज को कुछ पल खुसी तो देती जब लेकिन ज़ख्मी के निशान देखता तो उसका दिल खून के अंशु रोने लगता रुबीना के बदन की महक सूरज को कुछ पल उसका बिता हुआ कल भूल जाने के लिए मजबूर कर देती सूरज के ख्याल जब वापिस आए तो फिर मायूस हो जाता
ऐसे ही 15 दिन बीत गए माधव और पूनम भी अब चले गए थे रह गया सूरज फिर से अकेला आज सूरज office से जल्दी घर आया तनु ने पूछा तो सूरज ने जवाब दिया आज उसकी तबीयत ठीक नहीं कुछ उसे आराम करना है सूरज अपने रूम में चला गया बैड पर बैठ अपनी किस्मत को कोष रहा सूरज अपनी पिछली यादों मे में लौट ने लगा


चलते है कुछ साल पीछे

सूरज अपने दोस्तों के साथ कालेज की कैन्टीन में बैठा लंच कर कहा यहा उसके दोस्त लडक़ियों से मस्ती मज़ाक कर रहे थे वही सूरज शांत बैठा हुया उनकी बाते सुन थोड़ा मुस्करा देता था सूरज अभी बीस साल का ही तो था
सूरज की आदत थी के कभी कुछ गलती नहीं उसकी कोई gf नहीं थी जबकि उसके दोस्त अपनी gf के साथ घूमते रहते
सूरज सब टीचर को इज्जत देता हर किसी से प्यार बात करना उसके संस्कार थे सूरज अपने माता पिता की इकलौता बेटा था सूरज के माता पिता उसे बहुत प्यार करते थे सूरज भी उनको बहुत प्यार कर्ता था सूरज पढ़ाई में बहुत अच्छा था दूसरे स्टूडेंट्स नहीं की पढ़ने में हेल्प किया कर्ता था इसी कारण सूरज की चर्च अक्सर कहीं ना कहीं होती सूरज को अभी यहा दो साल हुए थे

वहीं दूसरी तरफ ल़डकियों में में भी एक लड़की सभी की चर्च में रहती लड़के तो उसके दीवाने थे उसकी खूबसूरत जिसम लड़कों को दीवाना बना देता था हर कोई लड़का चाहता था वो उसकी दोस्त हो उसकी gf हो वो हर लड़के की धड़कन बन चुकी थी
लड़कों को अपनी अदा से घायल करना उसे आता था इसकी आदत अपने अमीर माँ बाप की इकलौती बेटी थी रेणुका अभी 18 साल की ही तो थी जिसे कभी दोलत की कमी नहीं पानी की तरह पैसा खर्च करना नए कपड़े नयी गाड़ियां बदलना इसके इसके लिए रोज का काम था माँ बाप की लाडली होने के कारण इसे कोई रोक नहीं थी इसकी हर जिंद पूरी की जाती जो इसे पसंद हो वो इसका होना तेह था लड़कों से अपना काम निकलवाना इसके लिए कोई बड़ी बात नहीं थी लड़कों के साथ अक्सर मस्ती करती लेकिन कभी किसी को bf नहीं बनाया था कपड़े तो इसके जिसम पर इतने छोटे होते जो किसी का भी पानी निकाल देते

सुनीता नाम की लड़की बोलती हुए यार रेणु कब कातिल करने का इरादा है उसे
रेणु सुनीता की तरफ घूर कर देखती है पास में और भी लड़किया बैठी थी
सुनीता यार मेरे कहने का मतलब कब प्रपोज कर रही हो कर दो कहीं य़ह ना हो कोई और उसके दिल मे उतार जाए तुमने अभी तक रोका है नहीं तो मैं कब कर कर देती
रेणु सुनीता के मुहै पर थापर मारते हुए अगर ऐसा दुबारा बोला ना तो जान से मार दूंगी वो मेरा है मेरा प्यार कोई और उसके करीब भी आया तो बर्बाद कर दूंगी उसे
सुनीता अपनी गाल पर हाथ रखते हुए sorry मेरा य़ह मतलब नहीं था लेकिन तुम खुद भी उसे नहीं कह रहीं ना किसी ल़डकि को उसके पास जाने देती हो
रेणु के आने से पहले सब सही चल रहा था कालेज में लेकिन जब रेणु आयी तो धीरे धीरे सब बदल गया यहा पहले लड़किया सूरज से बात करती दिल मे उसे चाहती थी धीरे धीरे सभी सूरज से दूर होती गई यहा तक कि अब सूरज भी किसी ल़डकि बात करने की कोशिश कर्ता तो लड़की बहाना बना निकल जाते वहां से य़ह सब के पीछे अपने माँ बाप के पैसे से बिगड़ी हुई लड़की रेणु की वज़ह से हुआ था अब सूरज के दोस्त लड़के ही होते थे
सूरज को पता भी चला तो उसने रेणु से बात भी की लेकिन रेणु ने कुछ नहीं बटाया जिसके कारण दोनों में काफी झगड़ा हुआ फिर सूरज ने कभी रेणु की तरफ देखा भी नहीं था
य़ह सब सुरु हुआ जब रेणु को आए 6 महीने हुए थे एक दिन विकी नाम का लड़के ने रेणु जा ज़बर्दस्ती हाथ पकडा था और रेणु को प्रपोज किया लेकिन रेणु ने उसे थापर मार दिया जिससे विकी ने अपनी बेजती महसूस की ओर दिल मे रेणु से बदला लेने की सोची थी
विकी बिगड़ा हुआ लड़का था जिसे नयी नयी लड़की के जिसम का शौक लगा वही उसकी नजरिए मे रेणु भी थी
एक बार रेणु रात के वक़्त पार्टी से घर जा रही होती है तभी उसकी गाड़ी के आगे 3 लड़के आ जाते रेणु गाड़ी रोकते हुए बाहर निकल गाली देने लगती हैं जब सामने खाडे विकी को देख चौंकने लगे विकी रेणु की तरफ बड़ने लगा उसके चेहरे पर घिनौनी हसी देख रेणु डर जाती है विकी आज जितना गाली देना है दे दो कल से तू मेरी गुलाम होंगी गाली देना वाला सिर्फ मैं तेरे थापर का हिसाब आज पूरा करने आया हू
रेणु डरते हुए क्या चाहते हो तुम अगर मुझे हाथ भी लगाया तो जान से मार दूंगी तुम सबको
विकी मैं क्या चाहता हू बताता हू मुझे उस थापर का बदला चाहिए उसकी कीमत तुम्हारा य़ह जिसम
विकी और उसके साथी रेणु को पकड़ कार मे ले जाने लगे लेकिन तबी तीनों की पीठ पर किसी लात पढ़ने पर गिर जाते है
विकी और उसके साथी खाडे होते हैं और मरने वाले को देख तुम यहा य़ह सूरज था जिसने विकी को मारा
सूरज हाँ मैं अब तुम यहा से निकलो और यादा नहीं बोलता
विकी देख सूरज य़ह हम लोगों के बीच का मसला तुम ज्यों यहा से नहीं तो अच्छा नहीं होगा सूरज और विकी के बीच युद्ध सुरु होता है विकी और उसके दोस्त वहां से भागने लगे सूरज भी रेणु को बिना कुछ देखे निकाल जाता है जिससे रेणु के दिल मे सूरज बस गया उसकी जिंद सूरज को अपना बना लेना जिसके कारण रेणु ने हर लड़कियों को सूरज से दूर किया जो उसके बात भी किया करती थी


अब आगे

रेणु कुछ सोचते खाड़ी होती है और किसी की परवाह किए बिना सूरज की ओर बढ़ने लगी रेणु सूरज की शार्ट का कलर पकड़ उसे खड़ा कर देती है
सूरज को अभी समझता कुछ तब तक रेणु के कोमल होंठ सूरज के होंठो से मिल जाते है रेणु और सूरज को देख सब शक्क होते वही रेणु के दीवानों के दिल के टुकड़े होने लगे
रेणु किस तोड़ सूरज मैं तुमसे प्यार करती हू और तुमसे शादी करना चाहती हू अभी रेणु इस से आगे कुछ बोलती
सूरज थापर मारते हुए कहता नफरत है मुझे तुमसे कैसे सोचा के मैं तुम जैसी लड़की से शादी करूगा य़ह बोलते सूरज वहां से निकल जाता है
रेणु अपनी गाल पर हाथ रखे मुस्कराने लगी जहा सूरज क्लास मे गया वही रेणु अपने घर
कालेज खत्म होने पर जब सूरज घर पहुँचा तो सामने रेणु और उसके माता बैठे थे साथ मे उसके माता पिता
सूरज हिरानी से देखता हुआ अपने रूम की तरफ जाने लगा वही सूरज के पिता उसे रोक लेते है
सूरज अपने पापा के पास जाता हैं तो उसे रेणु के माता पिता से मिलवाया यहा सूरज ने उनको प्रणाम किया
सूरज के पापा बोलते हुए बेटे य़ह रेणु तुम्हारे ही कालेज मे है य़ह तुम्हें पसंद करती है तुमसे शादी के लिए रेणु के माता पिता आए है
सूरज अपने पिता के आगे कुछ बोल नहीं सका कुछ दिनों बाद सूरज और रेणु की शादी हुयी दोनों कालेज भी जाते और बिजनैस भी देखने लगे 9 महीने बाद रेणु ने बेटी को जन्म दिया जिसका नाम प्रिया रखा गया साल बाद फिर रेणु को बेटी हुयी इस बार उसका नाम साक्षी रखा तब तक एक्सीडेंट मे सूरज के माता पिता मारे गए अब सूरज घर पर बच्चों का खयाल रखा वही रेणु बिजनेस देखती फिर साल बाद बेटा पैदा हुआ जिसका नाम समीर रखा
रेणु का बिजनैस के सिलसिले मे मर्दों से मिलना यादा होता घर पर भी कभी कभी कोई ना कोई आया रहता लेकिन सूरज ने कभी कोई शक नहीं किया एक बार सूरज कुछ दिन के लिए बाहर गया था जब वापिस आया तो लड़कियों सो रही थी लेकिन उसका बेटा बेटा रोये जा रहा था सूरज समीर की उठा रेणु को देखने लगा जब वो बैडरूम के पास पहुँचा तो की किसी मर्द की आवाज आयी यहा रेणु की भी सूरज ने दरवाजा खोला तो वो आदमी रेणु के उपर झुका हुआ गालों पर किस किए जारहा था
दरवाजे की आवाज सुन दोनों देखते है तो सामने सूरज था वो आदमी सूरज को देखते निकाल जाता यहा रेणु ने सूरज को सफ़ाई देनी चाहि तो सूरज उसे थापर मार देता दोनों मे काफी झगड़ा होता य़ह अब सूरज के सामने होने लगा जिस से सूरज रेणुका पर हाथ उठा देता फिर एक दिन रेणु ने सूरज से तलाक ले लिया दोनों ल़डकियों को साथ ले गयी लेकिन समीर को सूरज ने अपने पास रखा कुछ दिन बाद सूरज से पूजा मिली जिसका कोई नहीं था दुनिया मे माधव और पूनम के कहने पर सूरज से समीर ने शादी की पूजा को दो बेटी हुई तनु और कोमल पूजा ने समीर को माँ का प्यार दिया अपना बेटा माना फिर वो भी एक्सीडेंट मे खो गई एक बार जब सूरज को पता चल
भाई आप .जब चाहो सवाल कर सकते हैं जवाब देना होगा मेरा फर्ज हैं मेरे पास बहुत कम साम्य होता लिखने के लिए इस लिए मेरा अपडेट थोड़ा छोटा होता भाई मैं आपको अपडेट मुझे लगता 9 जा 10 बजे मिल जाता होगा लेकिन पास उस वक़्त 12:00 जा 1 बज गया होता रात का दिन में काम करना रात को खाना बनना आप सब समझदार हो और देशों में रहना इतना आसान नहीं होता अपने 8 जा 10 दोस्तों के साथ रूम में रहना मैं पोस्ट के लिए फोन use कर्ता हू लैपटॉप तो मेरे पास नहीं
घबराओ नहीं, राणा भाई आपको नही बोल रहे, ना वो कोई सवाल करते हैं मेरे जैसे।

आप आराम से लिखिए, और जब समय मिले तब आराम से अपडेट दो।
 
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sunoanuj

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Jabardast update….
 

Mr.007

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Fantastic update bhai keep going well waiting for next update 🙏🏻
 

karn karn

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सभी अपने में सोने चल दिये वही अपने रूम में जाते सूरज टहलने लगता उसका मन अशांत था आज उसके सामने दो रास्ते थे पहले अपनी खुसी को चुनने का वो आज तक बिना हमसफ़र के जिया दूसरे अपने बच्चों की खुशी सूरज जनता था उसकी जिन्दगी अब उस मोड़ पर चली गयी जहा से कभी वापिस नहीं आ सकती लेकिन बच्चों का बच्चपान तो माँ के बिना गुजरा लेकिन अब बच्चों को माँ की जरूरत है खास कर ल़डकियों को सूरज को आज अपनी जिंदगी का वो अहम फेसला करना था जिस से इसकी जिंदगी.में खुसी मिलती जा फिर दुख लेकिन कहते माँ बाप जब हरा करते है तो अपने बच्चों के लिए सूरज भी आज अपने बच्चों के प्यार के आगे हार गया और चल दिया अपने बच्चों के रूम

दरवाजा खुला था सूरज अंदर गया और अभी समीर तनु और कोमल जग हुए थे ,
समीर पापा आप कोई काम था मुझे आवाज देकर बुला लेते
सूरज बैड पर बैठते हुए नहीं कुछ खास नहीं बोलता और खामोश हो जाता
जिसे देख समीर फिर से सवाल करते हुए पापा आप कुछ परेशान दिख रहे हो क्या हुआ हमे बताए
सूरज को कुछ समझ नहीं आया वो कहा से शुरुआत करे कैसे बताए अपने बेटे को उसकी माँ जिंदा है
सूरज कुछ देर खामोश रखकर फिर समीर की तरफ प्यार से देखते हुए सिर पर हाथ फेरते हुए बोला बेटा मुझे माफ कर देना मैंने तुमसे बहुत बड़ा झूठ बोला
समीर सूरज की तरह देख पापा आप य़ह क्या कह रहे कैसा झूठ पापा लगता अपकी तबीयत ठीक नहीं आप आराम करो अपने ऐसा कोई झूठ नहीं बोला जिस से आप हमसे माफी मांगे
तनु बीच मे बोलते हुए पापा माँ के बाद आप ने ने हमे माँ का प्यार दिया आप ही हमारे लिए सब कुछ हो अगर अपने हमे कभी झूठ भी बोला तो इसमे हमारे अच्छा ही होगा
सूरज की मे अंशु बहनो लगा आज बच्चों का सूरज के लिए प्यार विश्वास सूरज के अंशु नहीं रोक पाया
सूरज अपने अंशु पोछते हुए बेटा जनता हू तुम सब मुझ से बहुत प्यार करते हो लेकिन मैंने एक ऐसा झूठ बोला तुमसे एक गुनाह किया मैंने जिसकी सजा जितनी मिले उतनी कम है
समीर तनु और कोमल सूरज की तरफ देखे जा रहे थे उन्हें समझ नहीं आया आज पापा ऐसा क्यूँ कर रहे है और कोमल को तो बिल्कुल समझ नहीं रहा था य़ह क्या हो रहा
सूरज बेटे आज तुमको मैं सच बताओगे जो बरसे से मेरे दिल मे दबा है
समीर कैसा सच पापा आप बताओं ना आप ऐसे क्यूँ
सूरज बीच मे बोलते बेटा तुमने अपनी माँ के बिना बचपन गुजर दिया और मैं कुछ ना कर सका लेकिन अब और नहीं मैं सब सच तुम्हें बताओगे
सूरज बेटा तुम्हारी माँ अभी भी है तीनों बच्चे एक साथ
समीर पापा माँ जिंदा है कहा है मेरी माँ कहा मुझे माँ से मिलना
बीच मे तनु पापा मुझे अभी माँ के पास जाना आप उन्हे घर क्यूँ नहीं लाए पापा बोलो ना
कोमल रोते हुए पापा मुझे पास ले चलिए पापा मुझे माँ
के जाना रोते हुए सूरज से लिपट जाती है
सूरज सब को रोकते हुए बेटा तुम जल्द ही माँ से मिलोगे पहले मेरी बात सुन लो
सभी खामोश होकर सूरज की बात सुनने लगते है सूरज बता देता कैसे रेणु से शादी की लेकिन तलाक की वज़ह झगडा बता देता पूरा सच नहीं
जिसे सुन कर सब की आँखों मे अंशु थे सबसे बड़ा झटका तो समीर को लगा जिसे उसने माँ समझा वो तो उसकी माँ है ही नहीं जिस से उसे बचपन से लेकर प्यार मिला वो उसकी माँ नहीं जो उसे बचपन से छोड़ कर चली गयी वो उसकी माँ है
तनु और कोमल मायूस हो जाती है जिसके साथ उन दोनों ने बचपन बिताया वो उनका सागा भाई नहीं जिससे उन्हें प्यार मिला वो उसकी माँ के पेट से नहीं जन्मा
समीर रोते हुए पापा आप झूठ बोल रहे हो
तनु नहीं पापा य़ह सच नहीं समीर मेरा भाई है
कोमल तो समीर से लिपट जाती है जाकड़ कर रोने लगी
सूरज बेटा य़ह सच है पूजा ने तुम्हारी देखभाल की माँ का प्यार दिया वही य़ह भी सच हैं तुम्हारा जन्म पूजा से नहीं तुम्हें जन्म देने वाली माँ रेणु है कोई और है
तीनों बच्चों को कुछ समझ नहीं आया बस आँखों से अंशु बिरसा रहे थे
सूरज अपने बच्चों को प्यार से समझाते हुए चुप कराने मे लगा था लेकिन उनके अंशु कम होने नाम नहीं ले रहे थे

सूरज कुछ देर बाद बोलते हुए
रुको मैं अभी आया सूरज कुछ देर बाद वापिस आया तो उसके हाथ मे कुछ तस्वीरे थी सूरज वो तस्वीरे समीर के हाथ मे रख देता
समीर जब उन तस्वीरे देखने लगा तो उसमे उसके पापा सूरज के साथ एक औरत खाड़ी हुयी थी जिसमें उस औरत ने शादी का जोड़ा पहन रखा था समीर समीर ने दूसरी तस्वीर देखी जिस मे उसके पापा औरत के साथ और उस औरत ने एक लड़के को उठा रखा था जो दिखने मे तीन जा चार महीने का होगा और उसके पापा ने अपने दोनों कंधों पर दो ल़डकियों को उठा रखा था जो 1 साल दो साल की होगी
समीर तीसरी तस्वीर मे देखता जिसमें छोटा लड़का और दो लड़किया उस लड़कों के दोनों तरफ झूले मे लिट्टे हुए सोयी हुयी थी
समीर तस्वीरे देख रहा था उसके दिल मानने को तैयार नहीं था कुछ उसे समझ मे नहीं आया य़ह बच्चे कोण है वो औरत कोण है जो उसके पापा के साथ
सूरज समीर के सिर पर हाथ फेरते हुए हुए बेटा य़ह तुम्हारी माँ है जिसने तुम्हें जन्म दिया रेणु और और इस तस्वीर मे तुम हो य़ह छोटा लड़का और य़ह दोनों तुम्हारी बहनो है तुम्हारी बड़ी दीदी
य़ह तुम्हारी बड़ी दीदी प्रिया और य़ह तुम्हारी छोटी दीदी साक्षी
समीर नहीं पापा य़ह मेरी माँ नहीं हो सकती मेरी माँ पूजा है और य़ह मेरी बहनो बहनो नहीं मेरी बहनो सिर्फ कोमल और तनु है मेरी य़ह गुड़िया है और कोई नहीं
सूरज बेटा यही सच है य़ह तुम्हारी माँ और बहनो है मैं चाहता हू तुम उनसे मिलों
समीर मुझे नहीं मिलना किसी से मेरु माँ पूजा है जो मर चुकी है और य़ह दोनों मेरी बहनो है वो औरत कभी मेरी माँ नहीं हो सकती जो मुझे छोड़ कर चली गयी और वो सच मे मेरी माँ है अगर उसने मुझे जन्म दिया है तो सुन लीजिए आप वो मेरे अब से मर चुकी है
अभी समीर इससे आगे कुछ बोल पता तक तक सूरज उसे थापर मार चुका था सूरज रोते हुए गुस्से से वो माँ है तुम्हारी और य़ह सच बदल नहीं सकता रोते हुए रूम से निकल जाता
सूरज अपने रूम मे बैड पर लेट सोचने लगा कहीं आज उसने अपने बच्चों खो तो नहीं दिया अगर रेणु ने समीर को मुझ से छीन लिया अगर समीर ने मुझे छोड़ दिया ऐसे ही अच्छा बुरे खयाल दिमाग मे चलते रहे
वही कोमल अबी भी समीर से लिपटी हुयी थी जैसे उस से समीर को कोई खो ना ले कहीं वो समीर को इतना कस के जाकड़ रखा था जैसे आज समीर उसके पास आखिरी रात हो
तनु भी आँखों से अंशु बहाए जा रही थी जिस भाई के हाथ पर राखी बंधी वो उसका भाई नहीं जिस पर भाई होने का हक था उसका उसका है है ही नहीं
समीर भी अपनी सोचो मे गुमसुम उसे विस्वास नहीं था जो उसके पापा ने कहा वो सच है उसकी बहने तो है लेकिन कोमल और तन्वी नहीं ब्लकि प्रिया और साक्षी उसकी माँ मारी नहीं जिंदा है लेकिन पूजा नहीं रेणु
सभी को आज किस्मत ने दर्द से जोड़ दिया आज का य़ह सच सभी की जिंदगी बदलने वाला था किसी को कुछ मिलने वाला था तो कोई सभी कुछ खो देने वाला
दूसरे दिन सभी नास्ता किया लेकिन किसी ने किसी से बात नहीं की सूरज भी ऑफिस मे गया लेकिन रुबीना से यादा बात नहीं किया ऐसे दो तीन दिन गुजरे तो
रात मे सोने से से पहले
तनु भाई समीर तनु की तरह देखने लगा तनु भाई आप क्यूँ दुखी है आपको तो खुश होना चाहिए अपकी माँ जिंदा है अपकी दो बहने और भी है
समीर नहीं तनु और उसके मासूम चेहरे को अपने हाथो मे लेकर मेरी बहने तुम दोनों हो और कोई नहीं मेरी माँ पूजा है
तनु भाई हम हमेशा अपकी ही बहनो रहेगी लेकिन आपको अपनी माँ से मिलना चाहिए अपने लिए नहीं तो पापा के लिए हम सब के लिए भाई पापा ने हमारे लिए सब कुछ किया है पापा ही हमारा दुनिया जब आपको माँ की जरूरत थी तो हमरी माँ ने अपकी माँ बना भाई हम सबको जरूरत है माँ की पापा को जरूरत है तनु के बार बार समझौते से समीर मान जाता है
सुबह नाश्ते पर समीर सूरज से माफी मांग लेता जिससे सूरज को भी बहुत खुसी होती है समीरा माँ के बारे मे पूछता है तो सूरज सब बता देता है एड्रेस देते हुए सूरज office चाला जाता बच्चे स्कूल
आज सूरज भी रुबीना से अच्छा से मिला
यहा य़ह सब हो रहा था वही किसी को इनकी खबर मिल रहीं थीं
तबी फोन का रिंग बजा
Trrrr, Trrrr,Trrrr
सामने आदमी फोन उठा हैलो बॉस बोलिए क्या हुक्म
सामने वाला क्या चल रहा
आदमी सब ठीक है बॉस
सामने वाला उसकी कोई ख़बर
आदमी बॉस आज वो काफी खुश दिखाई दिया
सामने वाला कोई वज़ह
नहीं बॉस अभी तो कुछ खास पता नहीं चला
सामने वाला साले बहनचौद तुमसे एक काम ठीक से नहीं होता मुझे पूरी जानकारी चाहिए
आदमी sorry बॉस आपको बहुत जल्द ही सब जानकारी मिल जाएगी
फोन काट कर आदमी किसी दूसरे no पर बात करने लगा
ऐसे ही अभी दो दिन गुजरे आज रुबीना जब office आयी तो काफी सेक्सी ड्रेस पहन रखा था जिसे देख सूरज का बेइमानी करने लगा सूरज की नजरों आज रुबीना पर ही रुकी हुयी थी दुपहर मे दोनो साथ मे लांच किया
रुबीना सूरज से आज कल बहुत खुश नजर आ रहे हो क्या बात है
सूरज कुछ खास नहीं रुबीना जी और मज़ाक करते हए जिसके पास आपके जैसी खूबसूरत औरत बैठी हो वो उदास कैसे हो सकता
रुबीना शर्माते हुए आप भी ना सूरज जी मैं इतनी भी खूबसूरत नहीं
सूरज रुबीना जी य़ह तो आप हमारी आँखों से पूछो आप कितनी खूबसूरत हो आज आप गलती से शीशे के सामने मत चली जाना वर्ना वो बेमानी करने लगेगा
रुबीना आँख चुराते हुए मुस्कराने लगी
सूरज आपका य़ह मुस्कुराना हवाओं मे खुशबु बखेर देता य़ह अपकी काली झील के जैसी आंखे मे हर कोई डूब जाए
रुबीना अपनी तारीफ सुनते पानी पानी हुए जा रही थी नीचे पानी बहने लगा दिल मे हल चल
फिर दिनों हसी मज़ाक करते लांच करते है शाम को घर जाते हुए रुबीना सूरज को एक काग़ज़ का टुकड़ा देती है और आँख मार हस्ती हुयी चली गयी
सूरज ने वो काग़ज़ को खोला तो सूरज के चेहरे पर मुस्कान तैरने लगी

रुबीना की जुबानी
सूरज य़ह जो आप तारीफ करते हो ना
मेरी मुस्कान की इसके नीचे दर्द की नदी बहती है
य़ह जो काली आँखों मे डूब जाने वाले को क्या पता एन आँखों मे रात भर अंशु बहनो लगते है
खुशबु की जगह ज़ख़्म दिखाई देते हैं
अगर आप इस खुशबु को महसूस करना चाहते हो अगर आप एन आँखों मे डूब जाना चाहते हो तो आज आप मेरे घर आए सूरज मैं मैं आपको कह नहीं सकीं लेकिन मैं तुमसे प्यार करती हू अगर तुम्हारे दिल मे मेरे लिए प्यार है तो मैं आपका इंतजार करेगी अपकी रुबीना आज दिनेश काम से दो दिन के लिए बाहर गया है मुझे विश्वास है तुम मेरा दिल नहीं तोड़ने वाले मैं भी इस प्यार को महसूस करना चाहती हू कुछ ख्वाब देखे जो तुम्हारे साथ पूरे करने है
सूरज य़ह पद बहुत खुस था जिसे वो बोल नहीं प्यार आज खुद उसे प्यार का इजहार कर रही है सूरज जल्दी से घर जाता नहाकर बचो काम है बता रुबीना की घर चल दिया
घर की बैल बजते ही रुबीना दरवाजा खोलता जिसे देख सूरज के जिस्म मे बिजली दोङने लगी सामने रुबीना
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कुछ कपडे में खाड़ी होती है
रुबीना सूरज से मज़ाक करते हुए देखते ही रहेगे जा बाहर रोकने का इरादा है चलो अंदर
रुबीना मुझे विश्वास था तुम जरूर आयेगे सूरज और आगे आगे चलने लगती है सूरज पीछे पीछे पीछे चलने लगता

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रुबीना की हिलती हुयी बड़ी गाङ देख सूरज का लिंग अपना आकार बदलने लगा
सूरज अपना कंट्रोल खो रुबीना को पीछे से पकड़ लेता हैं और गार्डन पर अपने होंट रख देता
रुबीना की सिसकी निकल जाती है और सूरज की तरफ घूम कर इतने बेसब्र ना हो जान अभी तो रात बाकी है
सूरज रुबीना की आँखों में देखते सब्र ही तो नहीं हो जिसके सामने सेक्सी माल हो हो वो सब्र कैसे करे और अपने होंट रुबीना के होंठो पर रख देता सूरज रुबीना के रसीले होंट चूसने में इतना आनंद आता के अपनी जीभ रुबीना के मुहै में धकेलने लगता रुबीना भी भी अपना मुह खोल सूरज की जीभ का स्वागत करती हैं सूरज के हाथ रुबीना की पीठ से होते रुबीना की गाङ मसले लगे जब दोनों की साँस फूल जाती हैं तो दोनों किस तोड़ देते रुबीना सूरज को बैठते हुए पीने को लाकर देती हैं फिर दोनों कुछ देर बाद डिनर करते हैं डिनर के बाद रुबीना सूरज को अपने रूम में ले जाती घर मे कोई नहीं था तो गैट बंद करने की जरूरत ही नहीं थी सूरज रुबीना को पीछे से पकड रुबीना की बड़ी बड़ी चर्चि मसले किस करने लगता दोनों में हावस इतनी बड़ जाती है कब दोनों बैड पर आए कब उनके जिस्म से कपड़े उतरे
अब सूरज के हाथ रुबीना की नंगी चर्चि मसल रहे होते है सूरज का मुह रुबीना का निप्पल मुह में लिए इतना चूस रहा था के रुबीना की सिसकियाँ रूम से बाहर जा रही थी
सूरज रुबीना की चर्चि छोड़ पैट पर किस करते रुबीना की की chut तक पहुंच चुका था सूरज नजरिए रुबीना को देखता तो रुबीना अपना अपा खोए सूरज सिर पकड अपनी chut पर दबा देती हैं
सूरज का मुझ लगते ही रुबीना की chut से पानी रसना और भी तेज हो जाता रुबीना सिसकी लेते हुए चूस मेरी जान और जोर पी जाओ सारा रस आ आ ए खा जाओ मेरी chut को सूरज भी पूरी सिद्दत से चूसने लगता अपनी जीभ अंदर बाहर करने लगता कुछ ही देर में रुबीना चलाने लगती हैं
और जोर से मेरा निकलने वाला है खा जाओ जान ऊ ऊ ऊ आ आ आ ब ब और एक जोरदार चीख के साथ मैं गई अपना सारा पानी सूरज के मुह में छोड़ देती हैं
सूरज भी सारा रस पी जाता और रुबीना के बराबर लैटि उसे किस करने लगता
कुछ देर किस करने पर रुबीना उठ जाती हैं और सूरज के पैरों में बैठ सूरज की आँखों में देख सूरज के लिंग पर झुकने लगती
सूरज का 6 इंच लामा और ढाई इंच मोटा लंड छत की तरफ मुह किए खड़ा था
रुबीना सूरज लंड पर अपनी जीभ घुमाते हुए मुहै में पूरा लंड समा लेती है
सूरज सिसक लेते हुए रुबीना का सिर दबा रुबीना का मुह chodne लगता सूरज हवास में इतना अंधा हो जाता उसे रुबीना का जरा भी खयाल नहीं होता सूरज रुबीना के मुह में धक्का- लगाये जा रहा था रुबीना के मुह लंड का पानी और थूक बैड पर गिरने लगा रुबीना की आँखों में लगातर पानी बहनो लगा 15 लंड chusayi से सूरज का बदन अकड़ और सारा लावा रुबीना के मुह में उगल दिया रुबीना के मुह से कुछ पानी नीचे गिर जाता कुछ अंदर गले में उतर जाता रुबीना जोर जोर से खास रही थी
जब सूरज को थोड़ा हो आता तो रुबीना से माफी माँगा कुछ देर बया दोनों फिर गर्म होने लगे इस बार सूरज रुबीना की टांग के बीच बैठ जाता और अपना लंड chut पर मरने लगा रुबीना सूरज से अब मत देर करो डाल दो अंदर अब और सहन नहीं ही सूरज अपना लंड chut के मुहै पर रोक धक्का- मार देता जिस रुबीना सिसक कर रह गयी
दूसरी बार फिर दूसरा धक्का मार सारा लंड chut में मार देता सूरज धक्का मरने की स्पीड बड़ा देता रुबीना जोर जोर से चलाने लगी और जोर आ आ आ हा हा मजा आ आ आ आ ग ग ग या या ऊ ऊ ऊ
सूरज अपने हाथो से से रुबीना की चर्चि मसले जा रहा था रुबीना सूरज को और उकसा ने लगी कुछ देर में दोनों अपना पानी निकाल शांत हो गए
कुछ देर बाद रुबीना सूरज से आज मैंने प्यार का पहली बार आनंद लिया य़ह एहसास मैं खोना नहीं चाहती
सूरज रुबीना से मैंने भी बरसे से आज तक किसी सेक्स नहीं किया जाने क्यूँ तुमसे प्यार हो गया
रुबीना सूरज को देखते हुए सूरज क्या हम एक नहीं हो सकते हम
सूरज क्या मतलब मैं साझा नहीं
रुबीना .
मैं दिनेश के साथ नहीं रहना चाहती मैं य़ह जिंदगी तुम्हारे साथ जीना चाहती हू
सूरज ऐसा नहीं हो सकता मेरी बीबी जिंदा है और रुबीना को सच्चाई बता देता
सूरज मैं जल्द ही बच्चों को अपनी पत्नी से मिलाना चाहता हू
रुबीना सूरज से मुझे जितना प्यार मिला मेरे लिए काफी हैं मैं बस इतना तो हक दे सकते हो के मुझे मेरे हिस्से का प्यार मिले
सूरज रुबीना को गले से लगा लेता उस रात सूरज 3 बार रुबीना से सेक्स कर्ता
दोनों सेक्स सेक्स में बेख़बर थे वही दो आँखों से को इनको देख रहा होता सुन रहा होता
सुबह दोनों साथ में office गए
शाम को सूरज घर आया तो काफी खुसी से बच्चों से मिला य़ह कल दिन इनकी जिंदगी बदलने वाला वाला क्या होगा सब बेख़बर थे

वही आदमी किसी को कॉल कर्ता
रिंग रिंग रिग
सामने वाला क्या हुया कोई खबर
आदमी बॉस गडबड हो गयी
सामने वाला चीला कर अब क्या हुआ
आदमी बॉस वो बच्चों को माँ से
सामने वाला बीच मे बोलते हुए साले तुमसे एक काम ठीक से नहीं हुया
आदमी sorry बॉस
सामने वाला बच्चों को माँ के बारे पता है कोण है उसकी माँ क्या उसने बता दिया
आदमी बॉस य़ह तो नहीं पता जितना पता ਚਲਾ बता दिया
सामने वाला ठीक है तुम बच्चों पर नजर रखो कुछ भी हो तो मुझे बताना उसको मैं देख लूँगा और तुम अपना काम करते रहो किसी को शक मत होने देना
तभी फोन काट सामने वाला कुछ सोचते हुए बोलता तुम नहीं बदले य़ह तुमने आज फिर गलती कर दी
और गाना गाने लगा
आज जिंदा हो तो जी ले जिंदगी
कल तक तो मर ही जाएगा
छोड़ा था तुमको बर्बाद किया
सोचा ना तू सुधर जाएगा
आज जिंदा है तो जी ले जिंदगी
कल तक तो मर ही जाएगा
 
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