Dark.King
Active Member
- 1,290
- 2,736
- 143
Bhot hi pyara or saandaar updateUpdate 14
वीर खाना पीना खा कर जमीदार के यहां काम करने चला जाता है और कार से फिर दोपहर को आता है।
वीर - ये बेटी चोद इंसान है या लन्ड बहन चोद बस भोसड़ा मैं खोया रहता है ।
तभी वीर ऊपर कार को तबेले के पास खड़ा कर के जब जाने लगता है तो उसे कुछ आवाज आती है
वीर देखता है
निधि - आआआहहह हट जाइए वरना अच्छा नहीं होगा, आआआआहह्हह मम्मी छोड़ दीजिए उई मां रात को चोदने में क्या दिक्कत रहता है आपको अभी कोई आ जाएगा तो क्या रह जायेगा
निधि - निकल गया ना अब हटो , कुत्ता कही का रोज रोज का यही हो गया है।
वीर इन दोनो की चूदाई देख कर तेज से सास लेता हुआ भाग गया।
वीर - आज एक बात तो समझ गया ना मैं भी हा होती है और सभी पत्नी की गाली खाते है , लेने के लिए।
तभी वीर ऊपर चला जाता हैं तो उसको दीवाल के पास बैठी हुई काव्या दिखती है।
और अंदर तीनो पत्नियां बैठ कर कुछ कर रही थी।
जैसे ही वीर काव्या को ले कर रूम में आता है तो देखता है तीनो उसको देखने लगती है
तभी काव्या बोलती है मम्मी चलो ना घूमने चलते है बाहर।
तभी तनु वीर को देखती है और मन मैं कहती है फिर कुछ दिमाग लगा कर आया है
साक्षी - हा बेटा हम सब चलेंगे परेशान मत हो।
तभी साक्षी और अनु काव्या को तैयार करने लगती है, और वीर बाहर आता है तभी उसको तनु बाहर दिखती है, जो दीवाल पर चढ़ के बैठी थी।
वीर - चलो ना घूमने तुम भी
तनु - वो दोनो जा रही है ना, काव्या को ले कर जाओ ना, आराम से।
वीर - नही मैने तो तुम्हारे लिया सब किया, चलो ना मैं तुमको पसन्द करता हूं।
तनु वही दीवाल पर टेक लगा कर वीर को देखती है।
और कहती है मुझे सब पता है तुम्हे क्यो पसन्द आ रही हूं मैं, हट जाओ वर्ना कूट दूंगी हटो जरा साक्षी को बताने दो मुझे ये मेरे लिया है ना रुको।
तनु की इतनी बात सुन कर वीर की गांड़ फट जाती है और वो तनु को पकड़ लेटा है, अरे प्लीज़ मत बताओ ना।
ये सुन कर तनु कुछ नहीं कहती है वीर को हटने का इशारा करती है, लेकिन वीर फिर से जज्बातों मैं बह गया था। और तनु की खोपड़ी अब हिल गई थी।
तनु - बार बार आ कर छूना जरूरी है बिना छुए बात नहीं हो सकती तुम्हारी।
और वीर को थोड़ा धकेल देती है और आगे बड़ जाती है
वीर - मेरी ही गलती है पता नही इसको देख कर क्या हो जाता है कंट्रोल खो क्यो देता हूं।
तभी तनु गुस्से में नीचे जाती है और उसने ध्यान नहीं दिया की सीढ़ी के बगल ऊपर साइड गरम पानी है और वीर जस्ट उसके पीछे होता है।
तभी तनु की हाथ उस बर्तन पर लग जाता है, जिसमें गर्म पानी था और वो गर्म पानी तनु के ऊपर गिरने लगता है।
तभी वीर तनु को अपनी बाहों में दबोच लेता है, और सीढ़ी पर ही उसके ऊपर लेट जाता हा, जिससे गर्म पानी उसके ऊपर गिर पड़ता है और तनु बिल्कुल सेफ रहती है।
तभी वीर का ध्यान आता है, की उसके एक हाथ तनु की मुलायम चुचियों पर होते है , जिसके अहसास से ही वीर का दिल खुश हो जाता है, लेकिन तभी वीर की आंखों में आसू आ जाते है।
जब शरीर पर पूरा गरम पानी गिरता है ना तो सारी आशिकी गांड़ के रास्ते निकल जाती है और वही वीर के साथ हुआ।
उसकी पूरी पीठ जल गई और इस आवाज़ से हर कोई आ गया।
काव्या - ही ही ही ही पापा क्या हुआ गिर पड़े, मम्मी के ऊपर।
वही वीर काव्या की आवाज़ सुन कर जल्दी से अपना हाथ तनु के ऊपर से हटा लेता है और खड़ा हो जाता है।
साक्षी - क्या हुआ वीर, तनु, तुम दोनो ठीक हो ना।
अनु - कैसे गिर पड़े दिखाई नहीं देता क्या, अंधे हो जरा देख लिया करो, बेटी है तुम्हारी कुछ तो शर्म कर लिया करो।
तभी ये शोर सुन कर राज और उसका चाचा सूर्य और उदय दोनो खड़े थे।
उदय - दिमाग़ सही नहीं रहता क्या तेरा, तीन तीन बीवी मिलने से पागल हो गया है तू।
सूर्य - कैसे गिर पड़े , ये तुझे परेशान कर रहा था क्या बिटिया।
मधु - अरे आप दोनो कहा बच्चो के बीच आ गए है।
उदय - अरे ये तो इंसान ही गिरा हुआ है, पता नहीं कहा मेरी बिटिया फस गई इस करमजले के चक्कर में, कल को मेरी बेटी गिर पड़ती, चोट लग जाती तो , आज बच गई आगे क्या होगा भगवान जाने।
मधु - कुछ नहीं होगा वो दोनो खुश है।
तभी तनु चिल्लाती है , अरे इतनी ही फिकर है तो बर्तन किसने रखा था , वीर की गलती नहीं है समझे अपनी हरकतें देखे।
तभी तनु कुछ और बोलती उसके पहले वीर ने उसको इशारे से मना कर दिया।
और ऊपर जाने लगा और काव्या को देख कर बोला परेशान मत हो बेटा हम सब घूमने चलेंगे।
तनु ये सुनती है तो उसकी आंखें नम हो जाती हैं , और तनु का गुस्सा देख कर सब सटक लेते है और सब को पता चल गया था गलती वीर की नहीं थी।
वीर ऊपर आता है और तनु उसके पीछे रहती है।
साक्षी - ठीक हो तुम दोनो, बर्तन में पानी था इसलिए चोट लगी।
तभी तनु कुछ बोलती उसके पहले वीर बोलता है हा बाबा मैं बिल्कुल ठीक हूं आप टेंशन मत लो अब चलो वर्ना काव्या रो देगी।
तभी वो दोनो और काव्या नीचे जाने लगती है।
तनु - बताने क्यो नहीं दिया।
वीर - काव्या बहुत खुश है अगर तुम बता देती तो साक्षी कभी जाने नहीं देती, और मैं काव्या को उदास नहीं देख पाता।
तनु कुछ और कहती तभी वीर कहता है माफ करना मैने तुम्हे छुआ, अब से नही टच करूंगा।
तनु - क्यो बचाया मुझे , में तुम्हे दिन भर मारती रहती हूं फिर भी मुझे बचाया।
वीर - प्यार करता हूं , तुमसे अपनी आंखों के सामने ऐसे जलता नहीं देख सका, तो सोचा दुनिया भर की गाली सुन सकता हूं, तुम्हे बचा कर तो किया।
तनु अपनी आंखों को पोछती है और कहती है शर्ट उतारो, कमरे में चल कर।
वीर - अरे ठीक है
तभी तनु अपनी चप्पल उतार लेती है।
वीर- उतार दिया मैने आओ।
तनु - बिना डाट खाए दिमाग चलता नहीं तुम्हारा।
फिर वो वीर के पीठ पर क्रीम लगती है और धीरे धीरे पोछती है फिर शर्ट पहने को बोल देती है।
वीर जाने लगता है और कहता तुम भी चलो।
तनु - एक शर्त है
वीर - कैसी
तनु - तुमने कहा था तुम अब से मुझे टच नहीं करोगे।
वीर - हा तो
तनु - वैसे मैने तो रोका नहीं, इसीलिए अगर तुम उस बात के लिया सॉरी बोलो तो मैं चलूंगी।
वीर - ठीक है सॉरी, अब चलो।
तनु - ही ही ही तुमने मुझसे एक सवाल पूछा था ना, कल रात को।
वीर - हा , यही की तुम सजती क्यो नहीं, सवारती क्यो नहीं , बेकार सी सकल क्यों बनाए रहती हों, और मेरे प्यार झूठा है क्या, यही पूछा था।
तनु - एक औरत, तब सजती है जब उसको अपने पति को लुबाना हो, उसके लिया ही औरत सजती है , और तुमने कहा था ना बहुत प्यार करते हो मुझसे।
वीर - हा
तनु - तुमको तुम्हारी तनु को सजती हुई देखना था, वादा रहा अब से तुम्हारी तनु तुमको हमेशा सजी हुई मिलेगी, तुम्हारे लिए , अब जाओ पागल।
वीर आगे आता है और तनु भाग जाती है पीछे
तनु - ओह हेलो, मिस्टर बेताब मैने सजने को बोला की तुम्हारे लिए सजूँगी, सज नहीं गई, और वैसे भी मैने इज़हार नही किया।
वीर उदास हो कर जाने लगता है , तभी तनु कहती है लेकिन क्या पता तुम्हारा हस्ता चहरा देख कर कर दूं,
वीर हस्ते हुआ चला जाता है,
और तनु स्माइल करती है और कहती है बेरूपिए ने मेरा दिल तो जीत लियाऔर ये कहते हुए उसके गाल लाल हो जाते है।
तनु - आज तुमको पागल ना कर दिया तो मेरा नाम भी तनु नहीं, पागल लड़का कुछ भी कर देता है बताओ, बंदर कहता है तुम तो मेरी हो ही ही ही ही।
राखी - तुम्हे खुश देख कर अच्छा लगा बेटी।
तनु - मां बहुत खुश हूं मैं, बहुत प्यार करने वाला मिला, अब जो भी हो ये मुझे अपनाया है इसने अब मेरी पारी इसे दिखाने की, की इसकी तनु कोई गांव की ऐसी वैसी नहीं है।
राखी - पागल
इधर तनु तैयार होना शुरू कर देती है, और दूसरी तरफ कार में साक्षी और अनु और काव्या बोर हो जाती है।
काव्या - पापा मम्मी कहा है , कब आएगी वो, मैं बोर हो गई।
अनु - यार दीदी बुलाओ ना, बड़ी दीदी को।
साक्षी - मेरे मैं इतनी हिम्मत नहीं , जिसको दात खाना हो बुलाओ।
वीर पहले सोचता है तनु को बुलाने जाए लेकिन फिर वो कहता है आज दात खाना का मन नही तनु कभी भी गुस्सा हो जाती है।
तभी 1.5 घंटे बाद तनु नीचे आती है, और उसको देख कर वीर की सास अटक आती है वो जल्दी से पानी पीने लगता है।
वही सूरज ढल चुका था और हल्का हल्का चांद निकला था, ऊपर से तनु ने ग्रीन साड़ी पहनी थी जिस पर स्ट्रीट लाइट की रोशनी तनु की कमर पर पड़ती है, खुले खुले बाल, होठ मैं हल्की लिपस्टिक, और हवा में उसके बाल लहरा रहे था, और तनु के बाल उसकी आंखों में लग रहे था इसलिए उसने अपनी आंखें बंद कर ली ।
और तनु का ये रूप देख कर वीर का रोम रोम हिल गया, उसे अपनी सास कंट्रोल करने मैं दिक्कत होने लगी, उसे ये समझ नहीं आ रहा था की सुबह वाली तनु कही कोई दूसरी तो नही थी ये तो पूरी चेंज हो गई।
वीर - तो ये है तनु जिसने पूरा गांव में अपना सिक्का चला रखा था
वीर खुद अब किसी तरह अपने लन्ड और सास को बैठने की कोशिश कर रहा था।
और वही तनु का ऐसा रूप देख कर राज और उसके चाचा और पापा सब तनु को घूर रहे था।
काव्या - हाए मेरी मम्मी।
साक्षी हल्की स्माइल के साथ तनु को देखती है और कार का डोर खोल कर सबसे पहले तनु को अंदर बैठने देती है।
काव्या - मम्मी मुझे चिपका लो।
उसकी ये बात सुन कर तनु को हसी आ जाती है और उसने काव्या को अपनी गोद मैं बैठा लिया और वीर को हल्की स्माइल के साथ देखने लगी।
साक्षी आगे बैठी थी वो खांसती है और कहती है चले।
अनु बस चुपके चुपके तनु को घूर रही थी वो भी लड़की थी उसे भी पता था एक लड़की कब सजती है।
अनु मन में सोचती है दीदी ने सजना शुरू कर दिया मतलब.
साक्षी - इतना टाइम कैसे लग गया।
तनु - पानी भरी नहाई, और फिर तैयार हुई, और थोड़ा हेयर रिमूवर की।
साक्षी भी अब तनु को तिरछी नज़र से देख रही थी या ये कहे उसको भी जलन हो रही थी की तनु इतना सज कर आई है।
तनु मन मैं कहती है वीर तुम्हारी सास तो तेज है अभी ही, इज़हार करूंगी तो पागल हो जाओगे,
तनु को मन ही मन हसी आ रही थी क्युकी उसको पता था , वीर को इज़हार के बाद भी बहुत प्रोब्लम होगी, उसकी 2 वाइफ और भी है।
तनु - अभी तो पार्टी शुरू हुई है वीर
नेक्स्ट सीन
"हा भाई वीर का गेम बजा डाल" ऊपर से ऑर्डर है रमेश भाई ने बोला है।
लेकिन उन्हें क्या पता था उनकी ये कॉल अंजली बैठी सुन रही थी।
अंजलि - now game start ramesh
..
.
..
.
To be continued.... Next scene bahut romantic hoga..i know update chota hai lekin ab bahut jald chudai hone walai haiaur next scene main aap shyad anjali se bhi mile
i dont know lekin romance toh bahut gajab wala hoga....dekho yaha tak aaye ho toh like kar hi doge
Mast jabardast updateUpdate 13
जल्दी से तनु नहा कर बाहर आती है तो देखती है अब वीर काव्या को अपने सीने में छिपाए हुए सो रहा है और उसका दूसरा हाथ साक्षी की कमर पर था।
अब आगे
थोड़े देर बाद साक्षी की नींद खुल जाती है और वो देखती है की वो खुद वीर की बाहों में सो रही है उनके बीच काव्या सो रही है जो साक्षी से चिपकी हुई थी।
थोड़े देर बाद काव्या की नींद खुल जाती है और वो हस्ते हुआ कहती है गुड मार्निंग मम्मी
साक्षी - गुड मार्निंग मेरी बच्ची, रात को अच्छी नींद आई।
उसके बाद साक्षी ऐसे ही काव्या को बातों मैं फुसलाकर वीर का हाथ अपने कमर से हटाती है और ब्लाउज ठीक कर के काव्या को ले कर जाने लगती है और जाते टाइम चुपके से वीर के सर पर तपली मार कर जाती है, और कहती है पागल
वही साक्षी के जाने के बाद वीर कसमसाने लगता है और साक्षी जल्दी से भाग जाती है।
साक्षी जब रूम में जाती है तो तनु बस एक कोने बैठी थी।
तनु - गुड मार्निंग बेबी।
काव्या खूब कस के तनु के सीने में घूस जाती है, मम्मी आप बहुत प्यारे लग रहे हो, नई नई साडी में अच्छी लग रही हो।
तनु - तो अच्छी नही लगूंगी, काव्या की मम्मी हूं अब तो सुन्दर लगना ही पड़ेगा।
तभी साक्षी की नज़र तनु की हालत पर जाती है जिसे देख कर उसे हसी आ जाती है, और मन मैं कहती है वाह प्यार की निशानी ले कर ही मानी आप।
इधर तनु जान बूझकर काव्या को अपने दूर नहीं जाने दे रही थी उसकी हिम्मत नहीं हो रही थी साक्षी से बात करने की
तभी हस्ते हुआ साक्षी बोलती है तनु बेटा जाओ जल्दी से तैयार हो फ्रेश हो कर फिर आराम से खेलना।
"जी मम्मा" काव्या इतना बोल कर भाग गई।
काव्या के जाते ही तनु को देखती हुई साक्षी बोलती है चुम्मा चाटी मैं आप तो हमसे भी आगे निकली मैम।
तनु - दिमाग़ मत खराब कर समझी, कुत्ता रात को सटक गया था।
साक्षी - अच्छा कुत्ता सटक और कुटिया का दिल
तनु - हा तो थोड़ा प्यार आ रहा था बस, है मुझे उससे प्यारइतनी मासूम सी सकल बना कर प्यार देखता है तो पीगल जाती हूं मैं।
साक्षी - वैसे एक बात बताऊं , यार यही हाल मेरा भी है लेकिन अब को भी अच्छा फील करता है खुश रहता है।
तनु - हवस भरी है खुश नहीं होगा दिन भर ताड़ता रहत है तो अच्छा नही लगेगा।
साक्षी - वैसे रात को में मजा आई सच्ची बता
तनु - हट कामिनी, इतना लात खाया लेकिन मारा नहीं।
साक्षी मन मैं सोचती है चल कम से कम तू खुश रहना सीख गई वीर तुमने सच मैं कर दिखाया
इधर तनु किसी तरह साक्षी से बच जाती है और साक्षी कहती जल्दी से इसको उठाओ।
साक्षी - तू जा कर उठा , मैं नहा धो कर फ्रेश हो लूं।
तनु वीर को उठाने जाती है और जब देखती है तो वीर अब अनु की कमर पकड़ कर के सो रहा होता है वीर का हाथ उसके सलवार के अंदर जा कर उसके पेट पर था।
तनु वहा पर अनु को बुलाती है जब अनु थोड़ा नींद से बाहर आई तो तनु को देख कर बोली दीदी गुड़ मार्निंग।
तनु - तुम्हार रोमांस बिगाड़ने के लिए माफी चाहती हूं लेकिन अब कृपा उठ जाए वरना कुछ देर में काव्या आएगी तो ये देख कर पूरे घर में बताएगी।
वही अनु को अपनी हालत का अंदाजा हुआ तो वीर का हाथ झटक देती है और एक हाथ घुमा कर मारती है
और ये देख कर दरवाजे के गेट पर वही बैठ जाती है।
वीर पहले अपनी नज़र खोल कर आजू बाजू देखता है और उसकी नज़र अनु पर पड़ती है वो साक्षी समझ कर एक बार और उसके गले पड़ जाता है और कहता है साक्षी गुड मॉर्निंग।
लेकिन इस बार वो झापड़ तेज होता है
वीर जल्दी से उठ जाता है।
और उसको ऐसे खड़े होते हुआ देख तनु हस देती है दरवाजे पर बैठे बैठे।
जैसे ही वीर की नज़र तनु पर पड़ती है वो देखता है वो हसी वीर को अच्छा लग रहा था।
तभी साक्षी कहती है अरे इतना क्यों हस रही हो कुछ हुआ क्या वो अंदर बेड के पास बैठते हुए पूछती है।
वीर - हा मैने आज नोटिस किया की तुम्हारी और अनु की सकल 70% मिलती है बस तुम भाभी हो वो मॉडर्न पटाका।
ये सुन कर साक्षी हसने लगती है और वीर को देखती है
भले ही जो भी हो वीर को साक्षी पर हमेशा से बहुत लगाव रहा है तो वो साक्षी को ऐसे देखता है तो वो उसकी गोद मैं सर रख कर लेट जाता है और उसकी कमर को बहुत कस के जकड़ लेता है और कहता है मैने तुम्हे समझ कर अनु को हग कर लिया और तुम मुझे छोड़ कर मत जाया करो ना सुबह और इस तनु ने भी नहीं बचाया मुझे बस पटाका जैसे बन कर सज जाती है और हस रही थी।
वही वीर सारी शिकायत करता है साक्षी से और साक्षी उसे प्यार से उसके बालो को सहला रही थी तभी अनु अंदर आती है और जब वो देखती है वीर को ऐसे तो उसको हटाने के लिए आगे आती है और कहती है इसको जब देखो हवस ही चढ़ी हुई है, हटो दीदी इसको मैं बताती हूं ये कह कर वो वीर के बालों पर आती है।
तभी साक्षी उसकी तरफ देखती है और कहती है खबरदार अगर छुआ भी तो अभी वो मेरे पास है समझी।
फिर वीर सबकी शिकायत कर रहा था साक्षी हंसते हुए उसके गाल सहला रही थी।
साक्षी - अच्छा अब बस जाओ और नहा कर आओ फ्रेश हो कर।
जैसे ही वीर उठता है वैसे ही बाहर निकल जाता है जहा तनु आराम से काम करने मैं लगी थी बिस्तर हटाने में।
अब वीर तनु को देखता है तो उसके पास चला जाता है और बैठ जाता है
तनु - क्या है अब
वीर धीरे से फुसफुसाते हुए कहता है बहुत अच्छी लग रही हो।
तनु - ज्यादा मस्का मत लगाओ, हटो मेरे पास से काम करने दो।
वीर - तुम हस्ते हुआ बहुत प्यारी लगती हूं, लेकिन गुस्सा मैं इतना प्यारी की पूछो मत लेकिन ये बताओ इतना मारती क्यो हो मैं तो तुम्हे
तनु - तुम्हे नही पता क्यों मारती हूं तुमको
तभी वहा पर काव्या आ जाती है और हस्ते हुआ गले लग जाती है वीर के गुड मॉर्निंग पापा।
वीर - अरे मेरा बच्चा गुड मॉर्निंग
काव्या - अरे पापा आप ने दोनो गाल पर मेकअप किया किया है बुधु पापा मेकअप लड़कियां करती है।
उसकी बात सुन कर तनु और साक्षी हस देती है, दोनो हस्ते हुए पेट पकड़ लेती है और वीर झेप जाता है।
लेकिन तनु कहती है अरे बेटा वो पापा को ना किसी कीड़े ने मार दिया।
काव्या - उसी कीड़े ने आपके होठ और गले में कटा है ना मम्मा
तनु अब झेप जाती है और वीर को देखती है और धीरे से कहती है हा गंदा कीड़ा था, फायदा उठा रहा था बहला कर।
ये सुन कर अनु और साक्षी हसने लगती है और तभी काव्या कहती है उफ्फ मम्मा ये कीड़ा बहुत गंदा है यार, इसी कीड़े ने परसो बड़ी मम्मा को काट लिया था।
ये सुन कर वीर जल्दी से उसे गोद मैं उठा लेता है और बिना कुछ कहे बाथरूम में घुस जाता है।
और फिर दोनो की हसी बाहर आ रही थी और उनकी इस हसी ने तनु साक्षी और अनु का रोम रोम खुश कर दिया था।
लेकिन तभी गेट नॉक होता है और निधि अंदर आती है जिसके साथ राखी भी होती है, और जब वो दोनो तनु को देखती है तो उसकी हसी देख कर दोनो सरप्राइज हो जाती है।
तभी निधि की नज़र तनु पर पड़ जाती है जो बहुत ध्यान से देखने पर उसे सारे लव बाइट नज़र आ जाते है और हस्ते हुआ कहती है।
निधी- क्या बात है तनु तू तो छिपी रुस्तम निकलीं।
वही ये सुन कर तनु थोड़ा शरमा जाती है वीर ने हरक़त ही ऐसी की थी वो लव बाइट तो छिपा देती लेकिन होठ उसके कटे पड़े था।
तभी निधि कहती है वैसे साक्षी तू भी कम पिछे नही है होठ तो तेरे भी चीख चीख के कह रहे है।
लेकिन जब तनु और साक्षी को ऐसे चुप और शरमाते देखती है तो अनु बोलती है अरे भाभी पूछो ही मत ऐसे ऐसे दर्द देते है की पूछो मत।
लेकिन हम तीन रहते है ना तो संभाल लेते है वर्ना घंटो तक मेहनत करनी पड़ती है।
उसकी ये बात सुन कर निधि ही झेप जाती है और कहती है अरे अनु तू तो बेशरम हो गई है।
अनु - अब शादी बाद तो बेशरम होना ही पड़ता है क्यो।
तनु - और नहीं तो क्या वर्ना कभी कभी लोग चिलाते है रुक रुक कर गाड़ी चलाओ ना
वही ये बात सुन कर निधि भाग जाती है गाल लाल कर के नीचे क्युकी ये चीज़ उसने राज से बोली थी चूदाई के टाइम जो सुन लिया वीर ने और वीर सब कुछ बताता था तनु से।
तभी निधि को ऐसे भागते देख तीनो हस पड़ती है, तभी राखी आ कर तनु को साक्षी को गले लगा लेती है और कहती है ऐसे ही हस्ते रहा बेटा तुम दोनो।
तभी वीर बाहर आता है जिसने बस एक टॉवल लगा रखा था और काव्या चिलाती है अरे नानी मुझसे मिलने आई हो।
राखी - हा तुमंसे मिलने आई हूं।
वही वीर को देख कर साक्षी उसके आगे खड़ी हो जाती है ताकि उसका शरीर राखी ना देख पाए।
और तभी तनु धीरे से कहती है, रूम में जाओ जल्दी।
तभी वीर रूम में कपड़े पहन रहा होता है तभी उसके सामने अनु आती है और रेड ड्रेस में वो बहुत सुंदर लग रही थी वो वीर को देख कर कहती है सॉरी सुबह के लिए।
तभी वीर कहता है सॉरी किस लिए
अनु - सुबह तुमको मारने के लिए
वीर - अरे तुम मेरी वाइफ हो कोई किरायेदार थोड़ी चिल खिली खिली रहती हो तो अच्छा लगता है।
अनु उसकी बात सुन कर एक टक हस देती है और कहती है शैतान, वैसे भी में तो सबसे पतली दुबली वाइफ हो ना छोटी सी।
वही वीर उसको रोक कर कहता है पतली दुबली नहीं, सबसे मॉडर्न वैसी मुझे पसंद हो तुम।
अनु - कामिने मुझे सब पता है, 2 गदराई हुई है पहले ही इसीलिए तुझे 1 चिकनी चाहिए मॉडर्न वाली
तभी अनु को कुछ याद आ जाता है और वो कहती मेरी सहेली के लिए तुमने तनु दीदी से बात की
लेकिन जब अनु वीर को देखती है तो पाती है वो तो उसको ऊपर से नीचे तक देख रहा है।
अनु - घुर लो आराम से, घूर लो घूर कर ही काम चला लोगे ना।
वीर - और क्या करू थोड़ा छु लिया तो इतनी मार पड़ी।
अनु - तो ऐसे करोगे तो मार पड़ेगी ना, हू नहीं तो
अनु जाने लगती है और उसको जाते हुए ऐसे देखना वीर को अच्छा नहीं लग रहा था।
वीर - उदास मत हो अच्छा सुनो, आज तुम्हे अपनी सहेली की शादी मैं ले कर चलूंगा परेशान मत हो, तुम ही तो मेरी शान हो हमेशा हस्ती रहा करो ना तुम्हे उदास देखता हूं तो बुरा लगता है।
अनु कुछ नहीं कहती बस वीर को देखती है जो उसका हाथ थामे हुआ था और अब अनु को थोड़ी सी कपकपी हुई उसे अहसास हुआ एक पत्नी होने का, लेकिन साथ मैं उसे ये भी पता चला की वीर उससे प्यार करता है लेकिन डरता है।
अनु - ठीक है
और अनु जाने लगती है तभी वीर उसका हाथ पकड़ लेटा है और कहता है मुझे नहीं पता तुम मेरा बारे में क्या सोचती हो लेकिन मैं तुमसे प्यार करता हूं , हा मैने बहुत गलतियां किया लेकिन मैं इसीलिए तो सुधारना चाहता हूं ना, आई लव यू अनु
अनु प्यार का इजहार सुन कर कप कपा जाती है और तेजी से सास लेते हुए कहती है मेरे हाथ छोड़ो वीर , मुझे नहीं पता कुछ।
लेकिन वीर उसका हाथ नहीं छोड़ रहा था।
वीर कुछ कहता उसके पहले वो वीर के गाल पर एक थप्पड़ जड़ देती है और तेजी से भाग जाती है।
और उसको ऐसे भागता हुआ देख तनु और साक्षी हस देती है।
वीर - बहन चोद ये लड़कियां का दिमाग अलग लेवल का चलता है में तो इसको शांत करना चाह रहा था ताकि ये आराम से मस्ती कर सके विश्वास करे मुझ पर।
तभी वीर कहता है मुझे कुछ भी कर के तनु और साक्षी को मनाना पड़ेगा, वर्ना ये मेरी जान ले लेगी, तभी वो मन मैं सोचता है अगर तनु और साक्षी खुश हो जाती है तो आज रात वो मुझे किस करने देंगी।
तभी वो देखता है साक्षी आईने के सामने झुमके पहन रही होती है जिसे देख कर वीर की नज़र उसकी कमर और पीट पर टिक जाती है।
तभी वो साक्षी के पीछे खड़ा होता है।
साक्षी - क्या हुआ कुछ चहिए
तभी साक्षी वीर की हालत देख कर समझ जाती है क्या बात है।
लेकिन तभी वीर पीछे से उसकी उसकी कमर पकड़ कर के हग कर लेट है और उसके कंधे पर अपना सर रख देता है
साक्षी उसे कुछ नहीं कहती और और उसकी तेज सास और उसकी बेबसी देखती है आखिर वीर भी तो इंसान था, वो अपना प्यार ले लिया सब कुछ कर रहा था।
साक्षी उसका हाथ पर अपना हाथ रख देती है और कहती है आराम से सास लो मैं तुम्हारी बाहों में हूं ना, चुप बिलकुल।
साक्षी - मेरे सामने तुम्हारी सिटी पीटी क्यों गुल हो जाती है हा, अच्छा देखो मेरी आंखों में देखो बाबा
तभी साक्षी हस्ती है और उसकी तरफ मुड़ जाती है और वीर उसे कस के गले लगा लेटा है।
अब वीर के हाथ थोड़े थोड़े कप रहे था।
साक्षी - रेड साडी में अच्छी लग रही हूं ना।
वीर - हम्म
साक्षी - i love you ना बाबा इतना बेबस मत हो मैं तुम्हारी ही तो हूं ना, तुम्हारी इसी अदा पर तो मुझे प्यार है।
साक्षी - वीर प्लीज़ ना मेरी तरफ तो देखो
वीर अब साक्षी की तरफ देखता है तो साक्षी स्माइल करते हुआ कहती है तुम्हारी साक्षी सबसे खास है ना तुम्हरे लिए
वीर - हा
साक्षी - तो मैं तुमसे प्यार करती हूं बहुत, तुमने बहुत ध्यान रखते हो मेरा।
वीर अब साक्षी से दूर हटने को तैयार नहीं था।
साक्षी - वीर वीर जब मुझसे दूर नहीं रह पाते तो क्यों रहते हो।
साक्षी वीर के सीने में घुसती है और उसे खूब टाइट हग कर लेती है जिससे वीर की सास अटक जाती है और धीरे से साक्षी कहती है वैसे मेरे लिया इतना तड़प रहा है आप हा।
वीर - बहुत ज्यादा
तभी काव्या अंदर आने लगती है और वीर हट जाता है।
साक्षी वीर का उदास चहरा देख कर हसी आ जाती है।
साक्षी - ये लड़का ना साड़ी उतरवा कर मानेगा मानना पड़ेगा, प्यार तो बहुत करता है।
तनु - इसी लिया मैं आज इसके सामने नहीं आई
साक्षी - तो तड़पता हुआ छोड़ दोगी तो बेचारा क्या करे
तनु - तड़पना जरूरी है
साक्षी - कामिनी तू भी जानती है और मैं भी प्यार हम दोनो करते है
तनु - ही ही ही हा लेकिन इतना भी नहीं की साडी उतर जाए
साक्षी - जल्दी किसको है लेकिन किस करना सीखना पड़ेगा वर्ना दिक्कत हो जाएगी।
तनु - खुद कुछ करेगा हम दोनो को खुश करने के लिया अगर मैं इंप्रेस हुई तो पक्का करना सीखा दूंगी , तू और मैं बारी बारी, लेकिन अगर मैं खुश नहीं हुई तो छुने भी नही दूंगी।
साक्षी - तू कब तक सामने नहीं आयेगी, और तुझे लगता है वो हम दोनो को देख कर कंट्रोल कर पाएगा
.
.
.
To be continued.... Ab romance ki shruuwaat ho chuki hai... next update bahot jyada romantic hoga...... Kis ladki ke sath dekna hai bta dena... Like kar dena bye bye next update bhi aaj aayga... Bas time nhi pta...
Superb superb updateUpdate 14
वीर खाना पीना खा कर जमीदार के यहां काम करने चला जाता है और कार से फिर दोपहर को आता है।
वीर - ये बेटी चोद इंसान है या लन्ड बहन चोद बस भोसड़ा मैं खोया रहता है ।
तभी वीर ऊपर कार को तबेले के पास खड़ा कर के जब जाने लगता है तो उसे कुछ आवाज आती है
वीर देखता है
निधि - आआआहहह हट जाइए वरना अच्छा नहीं होगा, आआआआहह्हह मम्मी छोड़ दीजिए उई मां रात को चोदने में क्या दिक्कत रहता है आपको अभी कोई आ जाएगा तो क्या रह जायेगा
निधि - निकल गया ना अब हटो , कुत्ता कही का रोज रोज का यही हो गया है।
वीर इन दोनो की चूदाई देख कर तेज से सास लेता हुआ भाग गया।
वीर - आज एक बात तो समझ गया ना मैं भी हा होती है और सभी पत्नी की गाली खाते है , लेने के लिए।
तभी वीर ऊपर चला जाता हैं तो उसको दीवाल के पास बैठी हुई काव्या दिखती है।
और अंदर तीनो पत्नियां बैठ कर कुछ कर रही थी।
जैसे ही वीर काव्या को ले कर रूम में आता है तो देखता है तीनो उसको देखने लगती है
तभी काव्या बोलती है मम्मी चलो ना घूमने चलते है बाहर।
तभी तनु वीर को देखती है और मन मैं कहती है फिर कुछ दिमाग लगा कर आया है
साक्षी - हा बेटा हम सब चलेंगे परेशान मत हो।
तभी साक्षी और अनु काव्या को तैयार करने लगती है, और वीर बाहर आता है तभी उसको तनु बाहर दिखती है, जो दीवाल पर चढ़ के बैठी थी।
वीर - चलो ना घूमने तुम भी
तनु - वो दोनो जा रही है ना, काव्या को ले कर जाओ ना, आराम से।
वीर - नही मैने तो तुम्हारे लिया सब किया, चलो ना मैं तुमको पसन्द करता हूं।
तनु वही दीवाल पर टेक लगा कर वीर को देखती है।
और कहती है मुझे सब पता है तुम्हे क्यो पसन्द आ रही हूं मैं, हट जाओ वर्ना कूट दूंगी हटो जरा साक्षी को बताने दो मुझे ये मेरे लिया है ना रुको।
तनु की इतनी बात सुन कर वीर की गांड़ फट जाती है और वो तनु को पकड़ लेटा है, अरे प्लीज़ मत बताओ ना।
ये सुन कर तनु कुछ नहीं कहती है वीर को हटने का इशारा करती है, लेकिन वीर फिर से जज्बातों मैं बह गया था। और तनु की खोपड़ी अब हिल गई थी।
तनु - बार बार आ कर छूना जरूरी है बिना छुए बात नहीं हो सकती तुम्हारी।
और वीर को थोड़ा धकेल देती है और आगे बड़ जाती है
वीर - मेरी ही गलती है पता नही इसको देख कर क्या हो जाता है कंट्रोल खो क्यो देता हूं।
तभी तनु गुस्से में नीचे जाती है और उसने ध्यान नहीं दिया की सीढ़ी के बगल ऊपर साइड गरम पानी है और वीर जस्ट उसके पीछे होता है।
तभी तनु की हाथ उस बर्तन पर लग जाता है, जिसमें गर्म पानी था और वो गर्म पानी तनु के ऊपर गिरने लगता है।
तभी वीर तनु को अपनी बाहों में दबोच लेता है, और सीढ़ी पर ही उसके ऊपर लेट जाता हा, जिससे गर्म पानी उसके ऊपर गिर पड़ता है और तनु बिल्कुल सेफ रहती है।
तभी वीर का ध्यान आता है, की उसके एक हाथ तनु की मुलायम चुचियों पर होते है , जिसके अहसास से ही वीर का दिल खुश हो जाता है, लेकिन तभी वीर की आंखों में आसू आ जाते है।
जब शरीर पर पूरा गरम पानी गिरता है ना तो सारी आशिकी गांड़ के रास्ते निकल जाती है और वही वीर के साथ हुआ।
उसकी पूरी पीठ जल गई और इस आवाज़ से हर कोई आ गया।
काव्या - ही ही ही ही पापा क्या हुआ गिर पड़े, मम्मी के ऊपर।
वही वीर काव्या की आवाज़ सुन कर जल्दी से अपना हाथ तनु के ऊपर से हटा लेता है और खड़ा हो जाता है।
साक्षी - क्या हुआ वीर, तनु, तुम दोनो ठीक हो ना।
अनु - कैसे गिर पड़े दिखाई नहीं देता क्या, अंधे हो जरा देख लिया करो, बेटी है तुम्हारी कुछ तो शर्म कर लिया करो।
तभी ये शोर सुन कर राज और उसका चाचा सूर्य और उदय दोनो खड़े थे।
उदय - दिमाग़ सही नहीं रहता क्या तेरा, तीन तीन बीवी मिलने से पागल हो गया है तू।
सूर्य - कैसे गिर पड़े , ये तुझे परेशान कर रहा था क्या बिटिया।
मधु - अरे आप दोनो कहा बच्चो के बीच आ गए है।
उदय - अरे ये तो इंसान ही गिरा हुआ है, पता नहीं कहा मेरी बिटिया फस गई इस करमजले के चक्कर में, कल को मेरी बेटी गिर पड़ती, चोट लग जाती तो , आज बच गई आगे क्या होगा भगवान जाने।
मधु - कुछ नहीं होगा वो दोनो खुश है।
तभी तनु चिल्लाती है , अरे इतनी ही फिकर है तो बर्तन किसने रखा था , वीर की गलती नहीं है समझे अपनी हरकतें देखे।
तभी तनु कुछ और बोलती उसके पहले वीर ने उसको इशारे से मना कर दिया।
और ऊपर जाने लगा और काव्या को देख कर बोला परेशान मत हो बेटा हम सब घूमने चलेंगे।
तनु ये सुनती है तो उसकी आंखें नम हो जाती हैं , और तनु का गुस्सा देख कर सब सटक लेते है और सब को पता चल गया था गलती वीर की नहीं थी।
वीर ऊपर आता है और तनु उसके पीछे रहती है।
साक्षी - ठीक हो तुम दोनो, बर्तन में पानी था इसलिए चोट लगी।
तभी तनु कुछ बोलती उसके पहले वीर बोलता है हा बाबा मैं बिल्कुल ठीक हूं आप टेंशन मत लो अब चलो वर्ना काव्या रो देगी।
तभी वो दोनो और काव्या नीचे जाने लगती है।
तनु - बताने क्यो नहीं दिया।
वीर - काव्या बहुत खुश है अगर तुम बता देती तो साक्षी कभी जाने नहीं देती, और मैं काव्या को उदास नहीं देख पाता।
तनु कुछ और कहती तभी वीर कहता है माफ करना मैने तुम्हे छुआ, अब से नही टच करूंगा।
तनु - क्यो बचाया मुझे , में तुम्हे दिन भर मारती रहती हूं फिर भी मुझे बचाया।
वीर - प्यार करता हूं , तुमसे अपनी आंखों के सामने ऐसे जलता नहीं देख सका, तो सोचा दुनिया भर की गाली सुन सकता हूं, तुम्हे बचा कर तो किया।
तनु अपनी आंखों को पोछती है और कहती है शर्ट उतारो, कमरे में चल कर।
वीर - अरे ठीक है
तभी तनु अपनी चप्पल उतार लेती है।
वीर- उतार दिया मैने आओ।
तनु - बिना डाट खाए दिमाग चलता नहीं तुम्हारा।
फिर वो वीर के पीठ पर क्रीम लगती है और धीरे धीरे पोछती है फिर शर्ट पहने को बोल देती है।
वीर जाने लगता है और कहता तुम भी चलो।
तनु - एक शर्त है
वीर - कैसी
तनु - तुमने कहा था तुम अब से मुझे टच नहीं करोगे।
वीर - हा तो
तनु - वैसे मैने तो रोका नहीं, इसीलिए अगर तुम उस बात के लिया सॉरी बोलो तो मैं चलूंगी।
वीर - ठीक है सॉरी, अब चलो।
तनु - ही ही ही तुमने मुझसे एक सवाल पूछा था ना, कल रात को।
वीर - हा , यही की तुम सजती क्यो नहीं, सवारती क्यो नहीं , बेकार सी सकल क्यों बनाए रहती हों, और मेरे प्यार झूठा है क्या, यही पूछा था।
तनु - एक औरत, तब सजती है जब उसको अपने पति को लुबाना हो, उसके लिया ही औरत सजती है , और तुमने कहा था ना बहुत प्यार करते हो मुझसे।
वीर - हा
तनु - तुमको तुम्हारी तनु को सजती हुई देखना था, वादा रहा अब से तुम्हारी तनु तुमको हमेशा सजी हुई मिलेगी, तुम्हारे लिए , अब जाओ पागल।
वीर आगे आता है और तनु भाग जाती है पीछे
तनु - ओह हेलो, मिस्टर बेताब मैने सजने को बोला की तुम्हारे लिए सजूँगी, सज नहीं गई, और वैसे भी मैने इज़हार नही किया।
वीर उदास हो कर जाने लगता है , तभी तनु कहती है लेकिन क्या पता तुम्हारा हस्ता चहरा देख कर कर दूं,
वीर हस्ते हुआ चला जाता है,
और तनु स्माइल करती है और कहती है बेरूपिए ने मेरा दिल तो जीत लियाऔर ये कहते हुए उसके गाल लाल हो जाते है।
तनु - आज तुमको पागल ना कर दिया तो मेरा नाम भी तनु नहीं, पागल लड़का कुछ भी कर देता है बताओ, बंदर कहता है तुम तो मेरी हो ही ही ही ही।
राखी - तुम्हे खुश देख कर अच्छा लगा बेटी।
तनु - मां बहुत खुश हूं मैं, बहुत प्यार करने वाला मिला, अब जो भी हो ये मुझे अपनाया है इसने अब मेरी पारी इसे दिखाने की, की इसकी तनु कोई गांव की ऐसी वैसी नहीं है।
राखी - पागल
इधर तनु तैयार होना शुरू कर देती है, और दूसरी तरफ कार में साक्षी और अनु और काव्या बोर हो जाती है।
काव्या - पापा मम्मी कहा है , कब आएगी वो, मैं बोर हो गई।
अनु - यार दीदी बुलाओ ना, बड़ी दीदी को।
साक्षी - मेरे मैं इतनी हिम्मत नहीं , जिसको दात खाना हो बुलाओ।
वीर पहले सोचता है तनु को बुलाने जाए लेकिन फिर वो कहता है आज दात खाना का मन नही तनु कभी भी गुस्सा हो जाती है।
तभी 1.5 घंटे बाद तनु नीचे आती है, और उसको देख कर वीर की सास अटक आती है वो जल्दी से पानी पीने लगता है।
वही सूरज ढल चुका था और हल्का हल्का चांद निकला था, ऊपर से तनु ने ग्रीन साड़ी पहनी थी जिस पर स्ट्रीट लाइट की रोशनी तनु की कमर पर पड़ती है, खुले खुले बाल, होठ मैं हल्की लिपस्टिक, और हवा में उसके बाल लहरा रहे था, और तनु के बाल उसकी आंखों में लग रहे था इसलिए उसने अपनी आंखें बंद कर ली ।
और तनु का ये रूप देख कर वीर का रोम रोम हिल गया, उसे अपनी सास कंट्रोल करने मैं दिक्कत होने लगी, उसे ये समझ नहीं आ रहा था की सुबह वाली तनु कही कोई दूसरी तो नही थी ये तो पूरी चेंज हो गई।
वीर - तो ये है तनु जिसने पूरा गांव में अपना सिक्का चला रखा था
वीर खुद अब किसी तरह अपने लन्ड और सास को बैठने की कोशिश कर रहा था।
और वही तनु का ऐसा रूप देख कर राज और उसके चाचा और पापा सब तनु को घूर रहे था।
काव्या - हाए मेरी मम्मी।
साक्षी हल्की स्माइल के साथ तनु को देखती है और कार का डोर खोल कर सबसे पहले तनु को अंदर बैठने देती है।
काव्या - मम्मी मुझे चिपका लो।
उसकी ये बात सुन कर तनु को हसी आ जाती है और उसने काव्या को अपनी गोद मैं बैठा लिया और वीर को हल्की स्माइल के साथ देखने लगी।
साक्षी आगे बैठी थी वो खांसती है और कहती है चले।
अनु बस चुपके चुपके तनु को घूर रही थी वो भी लड़की थी उसे भी पता था एक लड़की कब सजती है।
अनु मन में सोचती है दीदी ने सजना शुरू कर दिया मतलब.
साक्षी - इतना टाइम कैसे लग गया।
तनु - पानी भरी नहाई, और फिर तैयार हुई, और थोड़ा हेयर रिमूवर की।
साक्षी भी अब तनु को तिरछी नज़र से देख रही थी या ये कहे उसको भी जलन हो रही थी की तनु इतना सज कर आई है।
तनु मन मैं कहती है वीर तुम्हारी सास तो तेज है अभी ही, इज़हार करूंगी तो पागल हो जाओगे,
तनु को मन ही मन हसी आ रही थी क्युकी उसको पता था , वीर को इज़हार के बाद भी बहुत प्रोब्लम होगी, उसकी 2 वाइफ और भी है।
तनु - अभी तो पार्टी शुरू हुई है वीर
नेक्स्ट सीन
"हा भाई वीर का गेम बजा डाल" ऊपर से ऑर्डर है रमेश भाई ने बोला है।
लेकिन उन्हें क्या पता था उनकी ये कॉल अंजली बैठी सुन रही थी।
अंजलि - now game start ramesh
..
.
..
.
To be continued.... Next scene bahut romantic hoga..i know update chota hai lekin ab bahut jald chudai hone walai haiaur next scene main aap shyad anjali se bhi mile
i dont know lekin romance toh bahut gajab wala hoga....dekho yaha tak aaye ho toh like kar hi doge
Mast update bhaiUpdate 14
वीर खाना पीना खा कर जमीदार के यहां काम करने चला जाता है और कार से फिर दोपहर को आता है।
वीर - ये बेटी चोद इंसान है या लन्ड बहन चोद बस भोसड़ा मैं खोया रहता है ।
तभी वीर ऊपर कार को तबेले के पास खड़ा कर के जब जाने लगता है तो उसे कुछ आवाज आती है
वीर देखता है
निधि - आआआहहह हट जाइए वरना अच्छा नहीं होगा, आआआआहह्हह मम्मी छोड़ दीजिए उई मां रात को चोदने में क्या दिक्कत रहता है आपको अभी कोई आ जाएगा तो क्या रह जायेगा
निधि - निकल गया ना अब हटो , कुत्ता कही का रोज रोज का यही हो गया है।
वीर इन दोनो की चूदाई देख कर तेज से सास लेता हुआ भाग गया।
वीर - आज एक बात तो समझ गया ना मैं भी हा होती है और सभी पत्नी की गाली खाते है , लेने के लिए।
तभी वीर ऊपर चला जाता हैं तो उसको दीवाल के पास बैठी हुई काव्या दिखती है।
और अंदर तीनो पत्नियां बैठ कर कुछ कर रही थी।
जैसे ही वीर काव्या को ले कर रूम में आता है तो देखता है तीनो उसको देखने लगती है
तभी काव्या बोलती है मम्मी चलो ना घूमने चलते है बाहर।
तभी तनु वीर को देखती है और मन मैं कहती है फिर कुछ दिमाग लगा कर आया है
साक्षी - हा बेटा हम सब चलेंगे परेशान मत हो।
तभी साक्षी और अनु काव्या को तैयार करने लगती है, और वीर बाहर आता है तभी उसको तनु बाहर दिखती है, जो दीवाल पर चढ़ के बैठी थी।
वीर - चलो ना घूमने तुम भी
तनु - वो दोनो जा रही है ना, काव्या को ले कर जाओ ना, आराम से।
वीर - नही मैने तो तुम्हारे लिया सब किया, चलो ना मैं तुमको पसन्द करता हूं।
तनु वही दीवाल पर टेक लगा कर वीर को देखती है।
और कहती है मुझे सब पता है तुम्हे क्यो पसन्द आ रही हूं मैं, हट जाओ वर्ना कूट दूंगी हटो जरा साक्षी को बताने दो मुझे ये मेरे लिया है ना रुको।
तनु की इतनी बात सुन कर वीर की गांड़ फट जाती है और वो तनु को पकड़ लेटा है, अरे प्लीज़ मत बताओ ना।
ये सुन कर तनु कुछ नहीं कहती है वीर को हटने का इशारा करती है, लेकिन वीर फिर से जज्बातों मैं बह गया था। और तनु की खोपड़ी अब हिल गई थी।
तनु - बार बार आ कर छूना जरूरी है बिना छुए बात नहीं हो सकती तुम्हारी।
और वीर को थोड़ा धकेल देती है और आगे बड़ जाती है
वीर - मेरी ही गलती है पता नही इसको देख कर क्या हो जाता है कंट्रोल खो क्यो देता हूं।
तभी तनु गुस्से में नीचे जाती है और उसने ध्यान नहीं दिया की सीढ़ी के बगल ऊपर साइड गरम पानी है और वीर जस्ट उसके पीछे होता है।
तभी तनु की हाथ उस बर्तन पर लग जाता है, जिसमें गर्म पानी था और वो गर्म पानी तनु के ऊपर गिरने लगता है।
तभी वीर तनु को अपनी बाहों में दबोच लेता है, और सीढ़ी पर ही उसके ऊपर लेट जाता हा, जिससे गर्म पानी उसके ऊपर गिर पड़ता है और तनु बिल्कुल सेफ रहती है।
तभी वीर का ध्यान आता है, की उसके एक हाथ तनु की मुलायम चुचियों पर होते है , जिसके अहसास से ही वीर का दिल खुश हो जाता है, लेकिन तभी वीर की आंखों में आसू आ जाते है।
जब शरीर पर पूरा गरम पानी गिरता है ना तो सारी आशिकी गांड़ के रास्ते निकल जाती है और वही वीर के साथ हुआ।
उसकी पूरी पीठ जल गई और इस आवाज़ से हर कोई आ गया।
काव्या - ही ही ही ही पापा क्या हुआ गिर पड़े, मम्मी के ऊपर।
वही वीर काव्या की आवाज़ सुन कर जल्दी से अपना हाथ तनु के ऊपर से हटा लेता है और खड़ा हो जाता है।
साक्षी - क्या हुआ वीर, तनु, तुम दोनो ठीक हो ना।
अनु - कैसे गिर पड़े दिखाई नहीं देता क्या, अंधे हो जरा देख लिया करो, बेटी है तुम्हारी कुछ तो शर्म कर लिया करो।
तभी ये शोर सुन कर राज और उसका चाचा सूर्य और उदय दोनो खड़े थे।
उदय - दिमाग़ सही नहीं रहता क्या तेरा, तीन तीन बीवी मिलने से पागल हो गया है तू।
सूर्य - कैसे गिर पड़े , ये तुझे परेशान कर रहा था क्या बिटिया।
मधु - अरे आप दोनो कहा बच्चो के बीच आ गए है।
उदय - अरे ये तो इंसान ही गिरा हुआ है, पता नहीं कहा मेरी बिटिया फस गई इस करमजले के चक्कर में, कल को मेरी बेटी गिर पड़ती, चोट लग जाती तो , आज बच गई आगे क्या होगा भगवान जाने।
मधु - कुछ नहीं होगा वो दोनो खुश है।
तभी तनु चिल्लाती है , अरे इतनी ही फिकर है तो बर्तन किसने रखा था , वीर की गलती नहीं है समझे अपनी हरकतें देखे।
तभी तनु कुछ और बोलती उसके पहले वीर ने उसको इशारे से मना कर दिया।
और ऊपर जाने लगा और काव्या को देख कर बोला परेशान मत हो बेटा हम सब घूमने चलेंगे।
तनु ये सुनती है तो उसकी आंखें नम हो जाती हैं , और तनु का गुस्सा देख कर सब सटक लेते है और सब को पता चल गया था गलती वीर की नहीं थी।
वीर ऊपर आता है और तनु उसके पीछे रहती है।
साक्षी - ठीक हो तुम दोनो, बर्तन में पानी था इसलिए चोट लगी।
तभी तनु कुछ बोलती उसके पहले वीर बोलता है हा बाबा मैं बिल्कुल ठीक हूं आप टेंशन मत लो अब चलो वर्ना काव्या रो देगी।
तभी वो दोनो और काव्या नीचे जाने लगती है।
तनु - बताने क्यो नहीं दिया।
वीर - काव्या बहुत खुश है अगर तुम बता देती तो साक्षी कभी जाने नहीं देती, और मैं काव्या को उदास नहीं देख पाता।
तनु कुछ और कहती तभी वीर कहता है माफ करना मैने तुम्हे छुआ, अब से नही टच करूंगा।
तनु - क्यो बचाया मुझे , में तुम्हे दिन भर मारती रहती हूं फिर भी मुझे बचाया।
वीर - प्यार करता हूं , तुमसे अपनी आंखों के सामने ऐसे जलता नहीं देख सका, तो सोचा दुनिया भर की गाली सुन सकता हूं, तुम्हे बचा कर तो किया।
तनु अपनी आंखों को पोछती है और कहती है शर्ट उतारो, कमरे में चल कर।
वीर - अरे ठीक है
तभी तनु अपनी चप्पल उतार लेती है।
वीर- उतार दिया मैने आओ।
तनु - बिना डाट खाए दिमाग चलता नहीं तुम्हारा।
फिर वो वीर के पीठ पर क्रीम लगती है और धीरे धीरे पोछती है फिर शर्ट पहने को बोल देती है।
वीर जाने लगता है और कहता तुम भी चलो।
तनु - एक शर्त है
वीर - कैसी
तनु - तुमने कहा था तुम अब से मुझे टच नहीं करोगे।
वीर - हा तो
तनु - वैसे मैने तो रोका नहीं, इसीलिए अगर तुम उस बात के लिया सॉरी बोलो तो मैं चलूंगी।
वीर - ठीक है सॉरी, अब चलो।
तनु - ही ही ही तुमने मुझसे एक सवाल पूछा था ना, कल रात को।
वीर - हा , यही की तुम सजती क्यो नहीं, सवारती क्यो नहीं , बेकार सी सकल क्यों बनाए रहती हों, और मेरे प्यार झूठा है क्या, यही पूछा था।
तनु - एक औरत, तब सजती है जब उसको अपने पति को लुबाना हो, उसके लिया ही औरत सजती है , और तुमने कहा था ना बहुत प्यार करते हो मुझसे।
वीर - हा
तनु - तुमको तुम्हारी तनु को सजती हुई देखना था, वादा रहा अब से तुम्हारी तनु तुमको हमेशा सजी हुई मिलेगी, तुम्हारे लिए , अब जाओ पागल।
वीर आगे आता है और तनु भाग जाती है पीछे
तनु - ओह हेलो, मिस्टर बेताब मैने सजने को बोला की तुम्हारे लिए सजूँगी, सज नहीं गई, और वैसे भी मैने इज़हार नही किया।
वीर उदास हो कर जाने लगता है , तभी तनु कहती है लेकिन क्या पता तुम्हारा हस्ता चहरा देख कर कर दूं,
वीर हस्ते हुआ चला जाता है,
और तनु स्माइल करती है और कहती है बेरूपिए ने मेरा दिल तो जीत लियाऔर ये कहते हुए उसके गाल लाल हो जाते है।
तनु - आज तुमको पागल ना कर दिया तो मेरा नाम भी तनु नहीं, पागल लड़का कुछ भी कर देता है बताओ, बंदर कहता है तुम तो मेरी हो ही ही ही ही।
राखी - तुम्हे खुश देख कर अच्छा लगा बेटी।
तनु - मां बहुत खुश हूं मैं, बहुत प्यार करने वाला मिला, अब जो भी हो ये मुझे अपनाया है इसने अब मेरी पारी इसे दिखाने की, की इसकी तनु कोई गांव की ऐसी वैसी नहीं है।
राखी - पागल
इधर तनु तैयार होना शुरू कर देती है, और दूसरी तरफ कार में साक्षी और अनु और काव्या बोर हो जाती है।
काव्या - पापा मम्मी कहा है , कब आएगी वो, मैं बोर हो गई।
अनु - यार दीदी बुलाओ ना, बड़ी दीदी को।
साक्षी - मेरे मैं इतनी हिम्मत नहीं , जिसको दात खाना हो बुलाओ।
वीर पहले सोचता है तनु को बुलाने जाए लेकिन फिर वो कहता है आज दात खाना का मन नही तनु कभी भी गुस्सा हो जाती है।
तभी 1.5 घंटे बाद तनु नीचे आती है, और उसको देख कर वीर की सास अटक आती है वो जल्दी से पानी पीने लगता है।
वही सूरज ढल चुका था और हल्का हल्का चांद निकला था, ऊपर से तनु ने ग्रीन साड़ी पहनी थी जिस पर स्ट्रीट लाइट की रोशनी तनु की कमर पर पड़ती है, खुले खुले बाल, होठ मैं हल्की लिपस्टिक, और हवा में उसके बाल लहरा रहे था, और तनु के बाल उसकी आंखों में लग रहे था इसलिए उसने अपनी आंखें बंद कर ली ।
और तनु का ये रूप देख कर वीर का रोम रोम हिल गया, उसे अपनी सास कंट्रोल करने मैं दिक्कत होने लगी, उसे ये समझ नहीं आ रहा था की सुबह वाली तनु कही कोई दूसरी तो नही थी ये तो पूरी चेंज हो गई।
वीर - तो ये है तनु जिसने पूरा गांव में अपना सिक्का चला रखा था
वीर खुद अब किसी तरह अपने लन्ड और सास को बैठने की कोशिश कर रहा था।
और वही तनु का ऐसा रूप देख कर राज और उसके चाचा और पापा सब तनु को घूर रहे था।
काव्या - हाए मेरी मम्मी।
साक्षी हल्की स्माइल के साथ तनु को देखती है और कार का डोर खोल कर सबसे पहले तनु को अंदर बैठने देती है।
काव्या - मम्मी मुझे चिपका लो।
उसकी ये बात सुन कर तनु को हसी आ जाती है और उसने काव्या को अपनी गोद मैं बैठा लिया और वीर को हल्की स्माइल के साथ देखने लगी।
साक्षी आगे बैठी थी वो खांसती है और कहती है चले।
अनु बस चुपके चुपके तनु को घूर रही थी वो भी लड़की थी उसे भी पता था एक लड़की कब सजती है।
अनु मन में सोचती है दीदी ने सजना शुरू कर दिया मतलब.
साक्षी - इतना टाइम कैसे लग गया।
तनु - पानी भरी नहाई, और फिर तैयार हुई, और थोड़ा हेयर रिमूवर की।
साक्षी भी अब तनु को तिरछी नज़र से देख रही थी या ये कहे उसको भी जलन हो रही थी की तनु इतना सज कर आई है।
तनु मन मैं कहती है वीर तुम्हारी सास तो तेज है अभी ही, इज़हार करूंगी तो पागल हो जाओगे,
तनु को मन ही मन हसी आ रही थी क्युकी उसको पता था , वीर को इज़हार के बाद भी बहुत प्रोब्लम होगी, उसकी 2 वाइफ और भी है।
तनु - अभी तो पार्टी शुरू हुई है वीर
नेक्स्ट सीन
"हा भाई वीर का गेम बजा डाल" ऊपर से ऑर्डर है रमेश भाई ने बोला है।
लेकिन उन्हें क्या पता था उनकी ये कॉल अंजली बैठी सुन रही थी।
अंजलि - now game start ramesh
..
.
..
.
To be continued.... Next scene bahut romantic hoga..i know update chota hai lekin ab bahut jald chudai hone walai haiaur next scene main aap shyad anjali se bhi mile
i dont know lekin romance toh bahut gajab wala hoga....dekho yaha tak aaye ho toh like kar hi doge