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Mast kahani hai vai . Hinglish ho sake to lekhoUpdate 01
"आहहहह... आह........... ओ आह....... धीरे से किजिए ना......"
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"सॉरी आंटी वो आप को देख के आह..कितनी खूबसूरत हो आप" एक भेड़िया औरत को चोदते हुए बोला...
"आह ये आप क्या बोल रहे हो.. लडू के भैया... आह.."
"चूतिये क्या बक रहा है... आंटी नही..अंगूरी बोल..." दूसरा भेड़िया अंधेरे में खड़ा हुआ बोलता है...
"आह लडू भैया..मेरी सुसु निकल जायेगी आह..अब और कितना आह"
"आह आह ओह ओह... कितनी मीठी आवाज है आह..और तुम्हारे ये आह.." भेड़िया औरत की योनि को उसके वीर्य से चलो चल करता हुआ उसकी खूबसूरती में खो गया... और उसके दोनो स्तनों को मुंह में भर उनका स्तनपान करने लगा.. अंगूरी से ये सब बर्दास्त नही हुए और वो तीसरी बार अपना पानी छोड़ दी.. वो उसके छोटे से गरदाये हुए जिस्म से भेड़िए को कस के पकड़ ली और वो पूरी तरह उस भेड़िए की बाहों में उठी हुए थी... भेड़िया उसे अपने ऊपर लेकर ही लेट गया अपनी पीठ का सहारा लेकर...
भेड़िया धीमी आवाज में दूसरे भेड़िए से बोला जो अब उसके पास आ चुका था.. अंगूरी अपनी आखें बंद किए हुए सुकून से सीने से लग के लेटी थी..
"अब क्या शादी करेगा.. चल हट अब.."
"मुखीया जी मुझे सोने दोनो.." पहला भेड़िया जैसे अंगूरी के भोलेपन का दीवाना हो चुका था और जैसे वो इसकी बाहों में लेटी थी जैसे कोई छोटी बच्ची उसके पापा की गोद में सो रही हो..
"बेटा मेने उसका शिकार किया है पता है ना"
"मुखिया जी लेकिन कितनी मासूमियत से सो रही हे.. आप किसी और को ढूंढ लो मुझे तो भाभी से प्यार हो गया है"
दूसरा भेड़िया एक दो घुसे मारता है पहले भेड़िए को जो की कद में काफी छोटा था.. और दूसरे ही पल अंगूरी को उस से चीन लेता है.. और पहला भेड़िया दुखी लेकर बाहर निकल आया... और आग के आगे बैठ गया...
अंदर गुफा से अंगूरी की दर्द से भरी सिसकारियों की आवाज छोटे भेड़िए को परेशान कर रही थी.. एक पल में उसके अरमान चकना चूर हो गई.. उसकी आखों से आसू निकल आई...
अंगूरी की चिल्लाने की आवाजे पूरे जंगल को कंपकपा रही थी.. कोई कुंवारी लड़की इसी आवाजे सुन ले तो कभी संभोग का सोचे भी ना"
दर्द भाई आवाजे धीरे धीरे मीठी मीठी सिसकारियों में कब बदल गई उसे पता ही न चला...
कुछ देर में बड़ा भेड़िया बाहर आया..उसका मोटा गुलाबी लौड़ा वहा में लहरा रहा था..कुछ शख्ती अभी तक उस में थी.. काले बदन पे बड़ा सा गुलाबी लिंग..और उसके लिंग पे लाल खून उसे और भी डरावना बना रहा था.. छोटे भेड़िए को देर नही लगी ये खून केसे आया... उसकी आंखों से आसूं छलक आए...
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मुखिया मुस्कराते हुए बोल पड़ा "बेटा वीर.. मुझे पता है तुम्हारे लिए है समझना आसान नही होगा.. लेकिन तुम अंगूरी के बारे में इतना न सोचो... उसकी योनि जैसी थी वैसी हो जायगी.. हमारा वीर्य साधरण नही बेटा.."
"लेकिन अंगूरी आंटी प्रेगनेंट हो गई तो"
"पहले तो वो तेरी आंटी कहा से हो गई क्या आंटी को भी तू चोदता क्या पागल.. वो एक औरत थी और तू एक मर्द.. यानी भेड़िया.. उसके जिस्म का शिकारी"
"और दूसरी बात हमारा वीर्य साधरण नही है जैसा तू चाहेगा वैसे काम करेगा.. बांझ को बना दे मां.. और रण्डी को भी कुवारी लड़की"
"लेकिन आप उन्हे इतना दर्द क्यों दिए.. आराम से भी किया जा सकता था"
"बेटा अभी तू छोटा है.. जरा देख के आ अपनी आंटी को हा हा" और मुखिया मुस्कराते हुए वही बैठ गया...
छोटा भेड़िया यानी वीर गुफा में जाने लगा.. उसके पाऊं काप रहे थे...
"बेटा वीर तेरी अंगूरी को आंटी उसके घर भी पहुंजा दे में सोने जा रहा हु"
अंगूरी
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Nice n fantastic
Bohut badhiya update bhainice