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Adultery सपना या हकीकत [ INCEST + ADULT ]

DREAMBOY40

सपनों का सौदागर 😎
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Raj ab bahut bada madar chod banta ja raha hai. Kaajal bhabhi ko bhi apne lund ke kaante mein lagbhag fansa hi liya hai.

Nice One. Waiting for another one.
:approve: shukriya dost
 

Sanju@

Well-Known Member
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UPDATE 133

पिछले अपडेट मे आपने पढा कि जहा राहुल और निशा के बीच मस्तिया शुरु हो चुकी है और दोनो एक ही कहानी के किरदारो को फॉलो करते हुए आगे बढ रहे है ,,वही दुसरी ओर राज अभी भी अनुज का भेद जानने मे लगा है ।
अब आगे



लेखक की जुबानी

अग्ली सुबह राहुल की नीद खुली । वो और उसका लण्ड अंगड़ाई लेते हुए उठे और राहुल कमरे से बाहर आकर छत पर फ्रेश होने चला गया ।

छत पर निशा ब्रश कर रही थी बाथरूम के बाहर और जैसे ही उसने राहुल को छत पर आते देखा तो उसने ब्रश तेजी से करना शुरु कर दिया
जिस्से टीशर्ट के अन्दर उसकी खुली चुचिया हिलने लगी ।

राहुल का लण्ड उस नजारे को देख कर टनं हो गया और उसके सुपाडे मे खुजली सी होने लगी । तो उसने लोवर के उपर निशा के सामने ही बडी बेशर्मी से अपने लण्ड का मुहाना लोवर के उपर से भिचा और निशा की ओर चल पड़ा ।

निशा ने नजर भर राहुल की हरकतों को निहारा और मुह फेर ली क्योकि उसकी हसी छूटने वाली थी और ब्रश करते हुए मुस्कुरा दी ।

राहुल - दीदी टॉयलेट मे कोई गया है क्या

निशा ब्रश मुह मे घिसते हुए उसकी ओर पल्टी और राहुल की नजर अपनी दीदी की टीशर्ट मे उभरी हुई नुकीली निप्प्ल्स पर गयी और वो थुक गटकने लगा ।

निशा ने ना मे सर हिलाते हुए बेसिन के पास गयी और कुल्ला करने लगी ।
राहुल ने नजर भर निशा के कूल्हो को ताड़ा और वापस से फुकार मारते लण्ड को दबाया


निशा कुल्ला करके - जल्दी फ्रेश हो ले अभी पापा आने वाले है ,,,

ये बोल कर निशा अपना टीशर्ट उठाते हुए बाथरूम मे घुस गयी और दरवाजा बंद कर लिया ।
लेकिन अंदर घुसने से पहले वो राहुल को अपना साइड वियू दे कर गयी । टीशर्ट उठाकर बाथरूम मे घुसते समय राहुल ने निशा की नंगी कमर और गुदाज पेट के साथ साथ उसकी झुल्ती गोरी गोरी चुचियो के निचे की गोलाईयो की हलकी सी झलक भी देखी ली ।

निशा के दरवाजे भिड़काने की आवाज से राहुल होश मे आया और मन ही मन गदगद हो गया । उसके चेहरे पर एक उत्साही मुस्कान थी और लण्ड मे जोर का कड़ा पन

वो भी पाखाने मे घुस गया और फ्रेश होने के बाद भी निशा के नहा कर बाहर आने का वेट करने लगा ।

उसे उम्मीद थी कि उस कहानी के जैसे शायद उसकी दीदी तौलिया और दुप्प्टा लपेटे बाहर आयेगी ।मगर निशा बखूबी जानती थी राहुल उसका बाहर इन्तजार कर रहा था इसिलिए उसने वही टीशर्ट लोवर पहन कर बाहर आई और नहाने के समय जो कल पहनी हुई ब्रा पैंटी और शॉर्ट्स लाई थी उन्हे धुल कर बाहर आई ।

राहुल ने जैसे अपनी दीदी को उन्ही कपड़ो मे देखा उसे थोडी निराशा हुई
मगर जल्द उसका लण्ड टनं हो गया जब निशा ने बाथरूम के बाहर की दिवाल पर लगी अरगन पर अपनी ब्रा पैंटी और शॉर्ट्स फैलानी शुरु कर दी ।

हालाकी पहले ऐसा निशा कभी नही करती थी , वो हमेशा अपने अंडरगार्मेंट्स बाथरूम के अन्दर या अपने किसी कपडे के अंदर रख ही सुखने के लिए डालती थी ।


इधर राहुल अपने मुह मे ब्रश घुमा रहा था और अपनी दीदी को ब्रा फैलाते हुए निहार रहा था । उसके लोवर मे लण्ड तना हुआ था । तभी निशा को एक शरारत सुझी और उसने अपनी पैंटी को निचोड और फिर उसे राहुल के सामने की झाडा जिससे पैंटी के पानी के कुछ छीटे राहुल के चेहरे पर गये । वो बारीक ठंडे छीटे अपने चेहरे पर पाकर राहुल की आन्खे बंद हो गयी । मानो प्यार की बारिश ठंडी फुहार उसके देह पर पड रही हो ।

निशा वही राहुल की हरकतो पर होठ दबा कर हस रही थी और फिर निचे चली गयी ।

इधर राहुल ने आखे खोली तो निशा जा चुकी थी।

वो मुस्कुराया और एक पल को पुरे छत पर निशा को खोजा और फिर उसकी पैंटी के पास जाकर उसकी मियानी को सुँघा । सरफ की खुस्बु मे उसने कुछ पल निशा की चुत की खुशबू को तलाशा और फिर नहाने चला गया ।
इधर निशा निचे आकर कमरे मे अपने कपडे बदले और फिर से बिना ब्रा पैंटी पहने सिर्फ प्लाजो और टीशर्ट मे अपनी चुचिया हिलाती किचन मे नासता बनाने के लिए चली गयी ।

राहुल भी नहाने के बाद दुकान खोलने चला गया क्योकि ये उसका रूटीन था,,रोजाना सुबह दुकान खोलकर साफ सफाई करना ।
राहुल ने भी अंडरवियर का त्याग किया हुआ था और साफ सफाई मे लगा था कि कुछ औरते साडी लेने के लिए आ गयी ।
राहुल जब उन ग्राहको को सम्भाल न्ही पाया फिर उसने अपने पापा को आवाज दे दी ।

किचन मे काम कर रही शालिनी ने जब राहुल की आवाज सुनी तो उसने निशा को उपर छत पर जाकर अपने पापा को बुलाने को बोल दिया । क्योकि सुबह की बोहनी कोई खराब करना नही चाहता ।


इधर उपर जन्गीलाल नहा चुके थे और कमर मे तौलिया लपेटे बाथरूम से बाहर आकर अपना अंडरवियर निचोड कर बाथरूम के दिवाल वाली अरगन की ओर बढ रहे थे ।

जैसे ही उन्होने ने अपना अंडरवियर अरगन पर फैलाया उनकी नजर अपनी दुलारि बिटिया निशा के अन्तरवस्त्रो पर पड गयी और उन्हे आश्चर्य हुआ कि आज निशा ने बाहर क्यू अपने अंडरगार्मेंट्स डाल है ।

पहले तो जंगीलाल ने उससे इंकार किया और फिर ना जाने क्या सुझा कि उन्होंने अपनी बिटिया के ब्रा के लेबल को देखने लगे ।


मगर उन्हे क्या पता था उनकी ये हरकत जीने के दरवाजे पर खड़ी उनकी दुलारि बिटिया निशा देख रही थी ।


निशा शर्म और भय से लाल हो गयी । उसको शर्म से हसी भी आ रही थी और उसका दिल भी जोरो से धडक रहा था । उसके पेट मे तितलिया उड़ रही थी ।

निशा मन मे शर्मा कर - पापा मेरी ब्रा क्यू देख रहे ,,, धत्त मैने उसे बाहर डाला ही क्यू??? इस कमीने राहुल की वजह से हुउह्ह

इधर निशा परेशान थी वही जन्गिलाल ने जब लेबल पढा और निशा ने साइज़ को देखा तो सोचने लगा कि अब उसकी बितिया शयानी हो गयी है । सोनल की शादी के बाद उसके लिए भी कोई रिश्ता देखना पडेगा । लेकिन ये ब्रा बड़ा शोफ्ट है ,,शालिनी क्यू नही पहनति इसमे का ?? आज शालिनी से कहूँगा कि वो भी इसमे का ही ब्रा ले ,,कितना खुबसूरत लगेगा उसके भरे भरे गोल चुचो पर , अह्ह्ह्ह

जंगीलाल उस ब्रा मे अपनी बीवी की कल्पना करके सिस्क उठा और तौलिये के उपर से अपना सर उठाया लण्ड सेट करते हुए बाथरूम मे वापस चला गया ।

इधर जीने के दरवाजे पर खड़ी निशा के जहन मे कुछ गलतफहमीयो मे जगह बना ली थी । कि कही उसके पापा भी तो नही राहुल की तरह उसके बारे मे .....।

निशा ने खुद को झकझोरा - नही नही ऐसा नही हो सकता... अभी तो राहुल ही था मेरे पीछे अब पापा भी ...।

निशा जड होकर जीने के दरवाजे पर अपने सवालो मे खोई हुई थी कि उधर जन्गीलाल बाथरूम से फुल बनियान और तौलिया लपेटे बाहर आता है और उसकी नजर निशा पर जाती है ।


जंगीलाल - क्या हुआ निशा बेटा
निशा ने जैसे ही अपने पापा की आवाज सुनी वो चौकी लेकिन खुद को सम्भाला - हा पापा वो जल्दी चलो ,,दुकान मे ग्राहक आये है

जंगीलाल जो अब तक जीने तक आ चुका था - हा बेटी चलो
निशा तेजी से सरकते हुए सीढियो से निचे भाग गयी और किचन मे चली गयी ।
उसकी तेज सासो से उसकी चुचिया उपर निचे हो रही थी और थोडी देर पहले ही उसके पापा की हरकतो ने उसके निप्प्ल कड़े कर दिये ।

शालिनी की नजर जैसे ही निशा के कड़े जोबनो पर गयी और निप्प्ल की नोख को टीशर्ट फाडते देखा तो उसने निशा को डाट लगाइ- ये क्या है निशा ,,तुने अन्दर कुछ पहना क्यू नही ?? देख सब पता चल रहा है । इस घर मे तेरे पापा और भाई है उनकी नजर गयी तो ।


निशा शर्मायी और मन मे - उसी कमीने भाई के लिए तो खोल रखा है मम्मी हिहिहिही

निशा - मम्मी वो मेरे काटन वाले टेप नही मिल रहे है और गर्मी मे ब्रा से बहुत खुजली होती है ,,,इसिलिए नही पहना


शालिनी भला उसकी बात से इंकार कैसे कर सकती थी । अक्सर वो खुद ही गर्मी मे बिना ब्रा के हल्के रंग के सूती ब्लाऊज पहना करती थी ,,जिसमे पसीना होने पर उसके निप्प्ल का भूरा घेरा साफ दिखता था ।




राज की जुबानी

रोज की तरह मै अगली सुबह उठा और फ्रेश होकर नहाने के बाद जैसे ही कमरे से बाहर आया तो हाल मे आते ही मेरी आंखे चमक उठी ।

हाल मे काजल भाभी ,,रोहन और शकुन्तला ताई आयी थी ।
कारण था आज रोहन की छुट्टी पूरी हो गयी थी । उसे अपनी ड्यूटी पर वापस जाना था ।
मै ये खबर सुन कर गदगद हो गया कि चलो अब काजल भाभी से फिर से नजदीकिया बढाने का मौका मिलेगा और फिर वो पार्सल वाला आईटेम था उसपे बात भी तो करनी थी । बीते एक महिने मे अनुज और राहुल को लेके काफी बिज़ी था और रोहन के कारण काजल भाभी से कोई खास बात चित नही हो पाई थी ।

मगर अब मै खुश था और थोडी देर बाद मै ही रोहन को बस स्टैंड पर ले गया ।
रोहन से बाते करने से मुझे आभास हुआ वो ब्डा ही डिस्पेलिन और शांत स्व्भाव का है । लेकिन उसकी शालीनता मे भी उसका वो ब्रुटल ह्वसी चेहरा मै देख सकता था ।

रोहन को बस पकडवा कर मै वापस अपने घर आया और फिर नाश्ता करके दुकान पर निकल गया ।
आज मेरे जहन बस काजल भाभी को लेके ख्वाब मचल रहे थे ,, नयी नयी कल्पनाओ से मन मचल रहा था ।
ऐसे मे ही निशा का फोन आता है और सहसा मेरा ध्यान वापस से अनुज और राहुल की ओर चला जाता है ।

करीब 10 बजे होगे और निशा के चहकपने से मुझे भी उत्सुकता होने लगी थी । फिर उसने एक एक करके बताया कि कैसे उसने राहुल उस्से उस कहानी के हिसाब से नजदीकिया बढाने मे लगा है और कैसे निशा ने कल रात से आज सुबह नहाने तक राहुल को परेशान किया ।

निशा की सारी बाते और मस्तिया सुन कर मै समझ गया कि ये अब जल्द ही राहुल से चुदने के फिराक मे है ,,मगर मुझे समझ नही आ रहा था कि अनुज इनसब मे कैसे कामयाब होगा ? क्या वो निशा को लपेट पायेगा या मुझे ही उसकी कुछ मदद करनी चाहिये ?

मै मन मे - नही नही ,जल्दीबाजी नही !!! वैसे भी इस खेल मे बहुत मजा आने वाला है हिहिहिही पहले निशा को राहुल के लण्ड का स्वाद लेने दो और फिर अनुज को कैसे उसके उपर लाना ये करूंगा ।


निशा फ़ोन पर - क्या हुआ राज ? क्या सोच रहे हो ?
मै अपनी कलपना से बाहर आकर - हा , याररर मै सोच रहा था कि तुम कितनी शातिर हो अपने छोटे भाई को इतना तडपा रही हो हिहिहिही

निशा इतरा कर - और क्या ,, मै कोई सड़क छाप हू जो ऐसे ही उसके निचे आ जाऊंगी ,,अभी तो बहुत पापड़ बेलने है उसे हिहिहिही

मै - तो अब आगे का क्या सोचा है ?
निशा खिलखिला कर मुझे अपना प्लान बताती है और मै उसकी तारिफ करने से कतरा नही सकता था ।

थोडी बाते हुई और फिर वो दोपहर के खाने मे लग गयी ।
इधर मै भी दुकान मे लग गया ।



लेखक की जुबानी

समय बीता और शाम को अनुज फिर से राहुल से मिलने उसके घर पहुचा तो हाल मे बैठा मोबाईल चला रहा था और नजरे उसकी किचन मे खड़ी निशा के चुतड निहार रही थी ।


अनुज आया और राहुल के पास बैठा और वो समझ गया कि राहुल यहा से क्या कर रहा है और उसने मोबाइल पर नजर मारी तो स्क्रीन पर वही स्टोरी खुली हुई थी , जिसके बारे मे कल राहुल ने उसे बताया था ।

अनुज की नजरे भी उस सिल्क प्लाजो मे उभरी निशा की गाड पर थी और उस हल्के प्लाजो मे कही भी पैंटी की शेप की धारिया नजर नही आ रही थी । अनुज समझ गया कि निशा आज बिना पैंटी के है ।


इधर निशा ने चाय छान कर अनुज और राहुल को दी ।
फिर शालिनी को बोल कर नहाने चली गयी ।


राहुल ने चाय पीते हुए और अपनी मा और दीदी को सुनाते हुए बोला- यार अनुज आज चल छत पर ही टहलते है ।

निशा जो कि अपने कमरे मे कपडे लेने गयी थी वो मुस्कुरा उठी । उसने एक स्कर्ट लिया और एक बडे गले वाला टीशर्ट । फिर अपने चुतड हिलाते उपर चली गयी ।

वही राहुल और अनुज भी अपनी चाय खतम कर उपर चल दिये ।

इधर अनुज को यकीन था कि राहुल से कुछ होने वाला नही है इसिलिए सीढिया चढ़ते हुए वो राहुल का मजा लेने के भाव से - तब भाई कुछ बात बनी या फिर शर्त हार रहा है तू


राहुल मुस्कुरा कर - तू चिंता ना कर एक दिन तेरे सामने दीदी को चोद कर दिखाऊँगा ,वैसे मैने कल उन्हे लोवर के उपर से अपना लण्ड दिखा दिया ।

अनुज की आंखे फैल गयी फिर भी उसने इस बात से इंकार ही किया - चल बे फेक मत ,

फिर राहुल कल रात से लेकर आज सुबह की सारी मस्ती भरे पल को अनुज को बताया और वो भी जब निशा ने खुद अपनी पैंटी निचोड कर राहुल के मुह के सामने झाडा था ।

राहुल की बतायी बाते इतनी दिलचस्प और ऊततेज्क थी कि अनुज चाह कर भी इस्से अब इन्कार नही कर पा रहा था । उस्का लण्ड राहुल की बाते सुन कर तन गया था । उसे यकीन होने लगा था कि राहुल सच मे कामयाब हो सकता है और अगर ऐसी बात है तो इसमे मेरा ही फाय्दा है । मुफ्त की चुत मिल जायेगी ।

राहुल अनुज को खोया देखकर -तुझे यकीन नही होता ना ,,,रुक अभी देखना मै कैसे दीदी को परेशान करता हू ।

इधर निशा बाथरूम मे तो थी लेकिन उसने जानबुझ कर अपने कपडे बाहर ही रखे हुए थे । वो जानती थी कि राहुल और अनुज उपर आने वाले है । वो अपने दोनो दिवानो के साथ मस्ती के मूड मे थी ।


इधर राहुल बाथरूम के पास जाकर अरगन पर टंगी हुई निशा की ब्रा पैंटी उतार कर अपनी जेब मे रख लेता है ।

अनुज बडी हैरानी ने राहुल को देखता है ,,उसका लण्ड ये सोच कर खड़ा हो जाता है कि क्या अब निशा दीदी बिना ब्रा पैंटी के ही कपडे पहनेगी ।

इधर वो दोनो छत पर टहलने लगे ,,वही निशा नहाने के बाद तौलिया लपेटे बाथरूम का दरवाजा खोल कर बाहर झाकी और फिर राहुल को आवाज दी ।

राहुल मुस्कुरा कर - अब देख मेरा कमाल

अनुज वही खड़ा रहा और राहुल चल कर बाथरूम के पास गया ,,जहा निशा दरवजे की ओट मे खड़ी थी- वो मेरे कपडे देना राहुल ,,

राहुल ने मुस्कुरा कर निशा के कपड़े देते हुए - अरे दीदी आपके वो अन्दर वाले कपडे नही है यहा ,

निशा ने मुस्कुरा कर राहुल के लोवर की जेब का फुलाव देखा और समझ गयी कि उसने खुद उसकी ब्रा पैंटी अपने जेब मे रखी हुई है और नाटक कर रहा है ।

निशा मुस्कुरा कर - अरे कोई बन्दर ले गया होगा ,,,जाने दे वैसे भी गर्मी है

ये बोलकर निशा ने दरवाजा बन्द कर लिया

अनुज उन दोनो की खुली बातचित से जड़ हो गया कि कोई भाई बहन सच मे ऐसे बाते कर सकते है ।

इधर थोडी देर मे निशा बाहर निकाली और अनुज की नजरे अब उसके बडे गले वाले टीशर्ट पर थी ।

इधर निशा अपने धुले हुए कपडे निचोड कर उन्हे झाड़ने लगी ,,और झाडते वक़्त उसकी चुचिया हिल्कोरे मारती जिससे अनुज और राहुल दोनो की हालत खराब थी ।

फिर वो कपडे डाल कर मुस्कराते हुए अपनी चुतड मटका कर निचे चली गयी ।
दोनो उसकी स्कर्ट मे नंगी गाड़ की थिरकन देख कर अपना लण्ड मसल कर रह गये ।


थोडे समय बाद अनुज फिर वापस घर चला गया ।
वही राहुल का उसकी दीदी के साथ आंख मिचौली जारी रही । रात को खाना बनाने खाने के बाद निशा अपने कमरे मे चली गयी क्योकि उसे अपनी कहानी की अगली कड़ी पढनी थी जिसमे अमर रेखा को बुरी तरह पेलता है । निशा की चुत पानी पानी हो जाती है और बेताब होकर वो फिर से उथकर राहुल के कमरे की ओर चली जाती है ।


वही एक कमरे मे जंगीलाल और शलिनी के सेक्स कार्यक्रम हो रहे थे और एक राउंड चुदाई के बाद जंगीलाल ने अपने मन की बात शलिनी से कहनी शुरु की ।


जंगीलाल - जानेमन अगर नाराज ना हो तो एक बात कहू ?
अपने पति से सन्तोष जनक चरम सुख पाकर शलिनी खिली हुई थी और वो हुकारि भरते हुए बोली - हम्म्म्म कहो ना मेरे राजा

जन्गीलाल - वो आज सुबह मैने निशा के ब्रा देखे

शलिनी का दिल धड़का - छीई आपको शर्म नही आती जो आप अपनी बेटी के ऐसे कपडे निहार रहे थे ।

जन्गीलाल सफाई देते हुए हस कर - अरे जानेमन मेरी बात तो सुनो ,,,हुआ यू कि मै नहा कर अपना अंडरवियर डालने अरगन के पास गया तो वहा निशा ने ब्रा सुखने के लिए डाली थी ।

शलिनी थोडा चिढ़ कर - हे भगवान क्या हो गया है इस लड़की को !!! आपको पता है आज उसने अपनी ब्रा भी नही पहनी थी और बिना दुपट्टे के घर मे घूम रही थी और उसके वो दिख रहे थे ।

जंगीलाल का दिल धडका और लण्ड मे कसावट होने लगी और वो हिचक कर - क्या ?

शालिनी नजरे फेरते हुए - वो उसके निप्प्ल कड़े थे और वो ऐसे ही घर मे घूम रही थी , कही राहुल की नजर पड जाती तो

जंगीलाल कुछ सोच कर - हम्म्म्म तो तुमने उसे समझाया
शालिनी - हा बोला तो उसने बताया कि उसके पास गर्मियो वाले टेप नही है और ब्रा मे खुजली होती है ।


जंगीलाल कुछ सोच कर - तुम्हे नही लगता शालिनी निशा भी अब बडी हो गयी है उसकी शादी के लिए हमे कोई लड़का देखना चाहिये ।

शालिनी निशा की शादी और उसके दुर होने की बात से भावुक हो गयी - नही नही मुझे नही करनी अभी अपने लाडो की शादी ।

जन्गीलाल शालिनी को अपनी बाहो मे भर कर - अरे शालिनी तु समझ क्यू नही रही । इस उम्र में उसका यू कपड़ो से दुरी बनाना एक इशारा है । अब धीरे धीरे उसके खुले कपडे पहनने के समय आ रहे है । साडी ब्लाउज जैसे कपड़ो मे ही अब उसे आराम मिलेगा ।


शालिनी मुस्कुरा कर नजरे उठा कर- आपको बड़ा पता है औरतो के बारे मे , ऐसे कोई सोचता है अपनी बेटी के बारे मे हम्म्म्म


जंगीलाल - अच्छा ठिक है नही कहता कुछ , लेकिन कम से कम मेरी बिटिया के लिए वो टेप तो लेते आओ जिसे वो आराम से रह सके गर्मी मे और

शलिनी मुस्कुरा कर - और क्या
जन्गीलाल - और वो जिसमे का निशा ब्रा पहनती है उसने का तुम भी लेलो ना अपने लिये

शालिनी शर्म से लाल हो गयी - धत्त आप भी ना

जंगीलाल उसको पकड कर - सच मे जान बहुत खुबसूरत लगेंगे तेरे ये पपिते उसमे और वो जो बिच मे फुल बना हुआ है वो ऐसे लगेगा कि मानो तेरी चुचियो की गिफ्ट पैकिंग की गयी हो ।


शालिनी शर्म से लाल हो गयी और जंगीलाल से चिपक गयी - धत्त आप भी ना ,
जंगीलाल - प्लीज ना जानेमन मेरे लिये

शालिनी - अच्छा ठिक है कल राज के पास से लेते आऊंगी

जंगीलाल - और निशा के लिए वो टेप भी

शालिनी शरारत भरे लहजे मे - हा हा वो भी लेते आऊंगी , नही तो कही आपकी लाडली के चुचे ना लटक जाये हिहिहिही


जंगीलाल का लण्ड निशा के चुचो की चर्चा सुन कर ठुमका और वो शालिनी की मस्ती पर उसके दुध मसलता हुआ - अरे अभी मेरी लाडो के स्तन कोरे है ऐसे कैसे लटक जायेंगे।

ये बोल कर उसने शालिनी के चुची को मूह मे भरते हुए उसके उपर चढ गया

शालिनी हस के मगर सिस्किया लेते हुए - सीई अहहहह आपको कैसे पता कि उसके स्तन कोरे ,,,कभी पकड कर देखा है क्या हिहिहिही


जंगीलाल के लंड मे अपनी बीवी से बेटी के चुचो के बारे मे बाते सुन कर कड़ा होने लगा और वो बडे जोश से शालिनी ने कड़े चुचे मसलने लगा ।

शालिनी - क्या पता किसी ने उसके चुचे चुस कर ढीले कर दिये हो

जंगीलाल चौका और उसका दिल बडी जोरो से धडक रहा था - ये क्या कह रही हो शालिनी तुम

शालिनी जानती थी कि निशा के खिलाफ जंगीलाल एक लफ्ज भी नही सुन सकता था ,,मगर उसे अपनी पति को परेशान करने मे मजा आ रहा था ।

शालिनी मुस्कुरा कर - अरे मेरे कहने का मतलब है कि कही निशा का भी सोनल की तरह कोई बॉयफ्रेंड हुआ तो

जन्गीलाल का दिल अब धक कर गया ,,उसके मन मे शालिनी की बाते घर करने लगी और ढ़ेरो उत्तेजक सवाल उसके जहन मे आने लगे
" क्या सच मे निशा का कोई बॉयफ्रेंड होगा ?
" क्या किसी ने निशा को स्तन को मसला होगा ?
" क्या वो चुदी भी होगी ?
" वो कैसे चुदी होगी , चूदते हुए उसके चेहरे पर क्या भाव आये होंगे ? उसे ज्यादा दर्द तो नही हुआ होगा ना ? क्या सच मे निशा की सील टुट गयी होगी ,,ढेर सारा खुन भी निकला होगा उसकी चुत से , उसकी चुत कैसी दिखती होगी ।

जन्गीलाल ऐसे काफी सारे सवालो से घिर कर जड़ हो गया था ,,वही उसका लण्ड फौलादी हुआ जा रहा था ,,उसकी तपन और कडकपन शालिनी अपनी जांघो पर मह्सूस कर रही थी ।

शालिनी हसी और बोली- क्या जी कहा आप अपनी बेटी के सुहागरात वाले सीन देखने लगे हिहिहिनी ,,,पहले मेरा ख्याल तो कर लो ना

जन्गीलाल चौका कि शालिनी को कैसे पता कि मै ,,,फिर उसने खुद को झिंझोड़ा और शालिनी की खिदमत मे लग गया ।


जारी रहेगी
बहुत ही सुंदर लाजवाब और उत्तेजना से भरपूर कामोत्तेजक अपडेट है भाई मजा आ गया
निशा अपने प्लान में कामयाब हो रही है राहुल धीरे धीरे निशा को चोदने में लग गया है अब तो अनुज का भी नंबर लग सकता है दूसरी और राज काजल भाभी को लाइन पे लाने की कोशिश कर रहा है
 

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Jayada khush mat ho aur update jaldi se do nahin to hum sab mil ke tumhaari band baja denge. :lol1:
Aj muskil hai dost ....
Sunday yani room day :D

सुबह से झाडू पोछा , बाथरूम की क्लीनिंग , पुरे हफते का कपड़ा चादर धुलने के बाद अभी खाना बनाने जा रहा हू । फिर खा कर थोडा रेस्ट और एक मूवी देखने के बाद अगर समय मिला तो लिखूंगा ।
नही तो कल ही मिलेगा :DD:
 

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बहुत ही सुंदर लाजवाब और उत्तेजना से भरपूर कामोत्तेजक अपडेट है भाई मजा आ गया
निशा अपने प्लान में कामयाब हो रही है राहुल धीरे धीरे निशा को चोदने में लग गया है अब तो अनुज का भी नंबर लग सकता है दूसरी और राज काजल भाभी को लाइन पे लाने की कोशिश कर रहा है
बहुत बहुत आभार मित्र
साथ बनाये रखे
 
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Ladies man

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अब आगे



लेखक की जुबानी

अग्ली सुबह राहुल की नीद खुली । वो और उसका लण्ड अंगड़ाई लेते हुए उठे और राहुल कमरे से बाहर आकर छत पर फ्रेश होने चला गया ।

छत पर निशा ब्रश कर रही थी बाथरूम के बाहर और जैसे ही उसने राहुल को छत पर आते देखा तो उसने ब्रश तेजी से करना शुरु कर दिया
जिस्से टीशर्ट के अन्दर उसकी खुली चुचिया हिलने लगी ।

राहुल का लण्ड उस नजारे को देख कर टनं हो गया और उसके सुपाडे मे खुजली सी होने लगी । तो उसने लोवर के उपर निशा के सामने ही बडी बेशर्मी से अपने लण्ड का मुहाना लोवर के उपर से भिचा और निशा की ओर चल पड़ा ।

निशा ने नजर भर राहुल की हरकतों को निहारा और मुह फेर ली क्योकि उसकी हसी छूटने वाली थी और ब्रश करते हुए मुस्कुरा दी ।

राहुल - दीदी टॉयलेट मे कोई गया है क्या

निशा ब्रश मुह मे घिसते हुए उसकी ओर पल्टी और राहुल की नजर अपनी दीदी की टीशर्ट मे उभरी हुई नुकीली निप्प्ल्स पर गयी और वो थुक गटकने लगा ।

निशा ने ना मे सर हिलाते हुए बेसिन के पास गयी और कुल्ला करने लगी ।
राहुल ने नजर भर निशा के कूल्हो को ताड़ा और वापस से फुकार मारते लण्ड को दबाया


निशा कुल्ला करके - जल्दी फ्रेश हो ले अभी पापा आने वाले है ,,,

ये बोल कर निशा अपना टीशर्ट उठाते हुए बाथरूम मे घुस गयी और दरवाजा बंद कर लिया ।
लेकिन अंदर घुसने से पहले वो राहुल को अपना साइड वियू दे कर गयी । टीशर्ट उठाकर बाथरूम मे घुसते समय राहुल ने निशा की नंगी कमर और गुदाज पेट के साथ साथ उसकी झुल्ती गोरी गोरी चुचियो के निचे की गोलाईयो की हलकी सी झलक भी देखी ली ।

निशा के दरवाजे भिड़काने की आवाज से राहुल होश मे आया और मन ही मन गदगद हो गया । उसके चेहरे पर एक उत्साही मुस्कान थी और लण्ड मे जोर का कड़ा पन

वो भी पाखाने मे घुस गया और फ्रेश होने के बाद भी निशा के नहा कर बाहर आने का वेट करने लगा ।

उसे उम्मीद थी कि उस कहानी के जैसे शायद उसकी दीदी तौलिया और दुप्प्टा लपेटे बाहर आयेगी ।मगर निशा बखूबी जानती थी राहुल उसका बाहर इन्तजार कर रहा था इसिलिए उसने वही टीशर्ट लोवर पहन कर बाहर आई और नहाने के समय जो कल पहनी हुई ब्रा पैंटी और शॉर्ट्स लाई थी उन्हे धुल कर बाहर आई ।

राहुल ने जैसे अपनी दीदी को उन्ही कपड़ो मे देखा उसे थोडी निराशा हुई
मगर जल्द उसका लण्ड टनं हो गया जब निशा ने बाथरूम के बाहर की दिवाल पर लगी अरगन पर अपनी ब्रा पैंटी और शॉर्ट्स फैलानी शुरु कर दी ।

हालाकी पहले ऐसा निशा कभी नही करती थी , वो हमेशा अपने अंडरगार्मेंट्स बाथरूम के अन्दर या अपने किसी कपडे के अंदर रख ही सुखने के लिए डालती थी ।


इधर राहुल अपने मुह मे ब्रश घुमा रहा था और अपनी दीदी को ब्रा फैलाते हुए निहार रहा था । उसके लोवर मे लण्ड तना हुआ था । तभी निशा को एक शरारत सुझी और उसने अपनी पैंटी को निचोड और फिर उसे राहुल के सामने की झाडा जिससे पैंटी के पानी के कुछ छीटे राहुल के चेहरे पर गये । वो बारीक ठंडे छीटे अपने चेहरे पर पाकर राहुल की आन्खे बंद हो गयी । मानो प्यार की बारिश ठंडी फुहार उसके देह पर पड रही हो ।

निशा वही राहुल की हरकतो पर होठ दबा कर हस रही थी और फिर निचे चली गयी ।

इधर राहुल ने आखे खोली तो निशा जा चुकी थी।

वो मुस्कुराया और एक पल को पुरे छत पर निशा को खोजा और फिर उसकी पैंटी के पास जाकर उसकी मियानी को सुँघा । सरफ की खुस्बु मे उसने कुछ पल निशा की चुत की खुशबू को तलाशा और फिर नहाने चला गया ।
इधर निशा निचे आकर कमरे मे अपने कपडे बदले और फिर से बिना ब्रा पैंटी पहने सिर्फ प्लाजो और टीशर्ट मे अपनी चुचिया हिलाती किचन मे नासता बनाने के लिए चली गयी ।

राहुल भी नहाने के बाद दुकान खोलने चला गया क्योकि ये उसका रूटीन था,,रोजाना सुबह दुकान खोलकर साफ सफाई करना ।
राहुल ने भी अंडरवियर का त्याग किया हुआ था और साफ सफाई मे लगा था कि कुछ औरते साडी लेने के लिए आ गयी ।
राहुल जब उन ग्राहको को सम्भाल न्ही पाया फिर उसने अपने पापा को आवाज दे दी ।

किचन मे काम कर रही शालिनी ने जब राहुल की आवाज सुनी तो उसने निशा को उपर छत पर जाकर अपने पापा को बुलाने को बोल दिया । क्योकि सुबह की बोहनी कोई खराब करना नही चाहता ।


इधर उपर जन्गीलाल नहा चुके थे और कमर मे तौलिया लपेटे बाथरूम से बाहर आकर अपना अंडरवियर निचोड कर बाथरूम के दिवाल वाली अरगन की ओर बढ रहे थे ।

जैसे ही उन्होने ने अपना अंडरवियर अरगन पर फैलाया उनकी नजर अपनी दुलारि बिटिया निशा के अन्तरवस्त्रो पर पड गयी और उन्हे आश्चर्य हुआ कि आज निशा ने बाहर क्यू अपने अंडरगार्मेंट्स डाल है ।

पहले तो जंगीलाल ने उससे इंकार किया और फिर ना जाने क्या सुझा कि उन्होंने अपनी बिटिया के ब्रा के लेबल को देखने लगे ।


मगर उन्हे क्या पता था उनकी ये हरकत जीने के दरवाजे पर खड़ी उनकी दुलारि बिटिया निशा देख रही थी ।


निशा शर्म और भय से लाल हो गयी । उसको शर्म से हसी भी आ रही थी और उसका दिल भी जोरो से धडक रहा था । उसके पेट मे तितलिया उड़ रही थी ।

निशा मन मे शर्मा कर - पापा मेरी ब्रा क्यू देख रहे ,,, धत्त मैने उसे बाहर डाला ही क्यू??? इस कमीने राहुल की वजह से हुउह्ह

इधर निशा परेशान थी वही जन्गिलाल ने जब लेबल पढा और निशा ने साइज़ को देखा तो सोचने लगा कि अब उसकी बितिया शयानी हो गयी है । सोनल की शादी के बाद उसके लिए भी कोई रिश्ता देखना पडेगा । लेकिन ये ब्रा बड़ा शोफ्ट है ,,शालिनी क्यू नही पहनति इसमे का ?? आज शालिनी से कहूँगा कि वो भी इसमे का ही ब्रा ले ,,कितना खुबसूरत लगेगा उसके भरे भरे गोल चुचो पर , अह्ह्ह्ह

जंगीलाल उस ब्रा मे अपनी बीवी की कल्पना करके सिस्क उठा और तौलिये के उपर से अपना सर उठाया लण्ड सेट करते हुए बाथरूम मे वापस चला गया ।

इधर जीने के दरवाजे पर खड़ी निशा के जहन मे कुछ गलतफहमीयो मे जगह बना ली थी । कि कही उसके पापा भी तो नही राहुल की तरह उसके बारे मे .....।

निशा ने खुद को झकझोरा - नही नही ऐसा नही हो सकता... अभी तो राहुल ही था मेरे पीछे अब पापा भी ...।

निशा जड होकर जीने के दरवाजे पर अपने सवालो मे खोई हुई थी कि उधर जन्गीलाल बाथरूम से फुल बनियान और तौलिया लपेटे बाहर आता है और उसकी नजर निशा पर जाती है ।


जंगीलाल - क्या हुआ निशा बेटा
निशा ने जैसे ही अपने पापा की आवाज सुनी वो चौकी लेकिन खुद को सम्भाला - हा पापा वो जल्दी चलो ,,दुकान मे ग्राहक आये है

जंगीलाल जो अब तक जीने तक आ चुका था - हा बेटी चलो
निशा तेजी से सरकते हुए सीढियो से निचे भाग गयी और किचन मे चली गयी ।
उसकी तेज सासो से उसकी चुचिया उपर निचे हो रही थी और थोडी देर पहले ही उसके पापा की हरकतो ने उसके निप्प्ल कड़े कर दिये ।

शालिनी की नजर जैसे ही निशा के कड़े जोबनो पर गयी और निप्प्ल की नोख को टीशर्ट फाडते देखा तो उसने निशा को डाट लगाइ- ये क्या है निशा ,,तुने अन्दर कुछ पहना क्यू नही ?? देख सब पता चल रहा है । इस घर मे तेरे पापा और भाई है उनकी नजर गयी तो ।


निशा शर्मायी और मन मे - उसी कमीने भाई के लिए तो खोल रखा है मम्मी हिहिहिही

निशा - मम्मी वो मेरे काटन वाले टेप नही मिल रहे है और गर्मी मे ब्रा से बहुत खुजली होती है ,,,इसिलिए नही पहना


शालिनी भला उसकी बात से इंकार कैसे कर सकती थी । अक्सर वो खुद ही गर्मी मे बिना ब्रा के हल्के रंग के सूती ब्लाऊज पहना करती थी ,,जिसमे पसीना होने पर उसके निप्प्ल का भूरा घेरा साफ दिखता था ।




राज की जुबानी

रोज की तरह मै अगली सुबह उठा और फ्रेश होकर नहाने के बाद जैसे ही कमरे से बाहर आया तो हाल मे आते ही मेरी आंखे चमक उठी ।

हाल मे काजल भाभी ,,रोहन और शकुन्तला ताई आयी थी ।
कारण था आज रोहन की छुट्टी पूरी हो गयी थी । उसे अपनी ड्यूटी पर वापस जाना था ।
मै ये खबर सुन कर गदगद हो गया कि चलो अब काजल भाभी से फिर से नजदीकिया बढाने का मौका मिलेगा और फिर वो पार्सल वाला आईटेम था उसपे बात भी तो करनी थी । बीते एक महिने मे अनुज और राहुल को लेके काफी बिज़ी था और रोहन के कारण काजल भाभी से कोई खास बात चित नही हो पाई थी ।

मगर अब मै खुश था और थोडी देर बाद मै ही रोहन को बस स्टैंड पर ले गया ।
रोहन से बाते करने से मुझे आभास हुआ वो ब्डा ही डिस्पेलिन और शांत स्व्भाव का है । लेकिन उसकी शालीनता मे भी उसका वो ब्रुटल ह्वसी चेहरा मै देख सकता था ।

रोहन को बस पकडवा कर मै वापस अपने घर आया और फिर नाश्ता करके दुकान पर निकल गया ।
आज मेरे जहन बस काजल भाभी को लेके ख्वाब मचल रहे थे ,, नयी नयी कल्पनाओ से मन मचल रहा था ।
ऐसे मे ही निशा का फोन आता है और सहसा मेरा ध्यान वापस से अनुज और राहुल की ओर चला जाता है ।

करीब 10 बजे होगे और निशा के चहकपने से मुझे भी उत्सुकता होने लगी थी । फिर उसने एक एक करके बताया कि कैसे उसने राहुल उस्से उस कहानी के हिसाब से नजदीकिया बढाने मे लगा है और कैसे निशा ने कल रात से आज सुबह नहाने तक राहुल को परेशान किया ।

निशा की सारी बाते और मस्तिया सुन कर मै समझ गया कि ये अब जल्द ही राहुल से चुदने के फिराक मे है ,,मगर मुझे समझ नही आ रहा था कि अनुज इनसब मे कैसे कामयाब होगा ? क्या वो निशा को लपेट पायेगा या मुझे ही उसकी कुछ मदद करनी चाहिये ?

मै मन मे - नही नही ,जल्दीबाजी नही !!! वैसे भी इस खेल मे बहुत मजा आने वाला है हिहिहिही पहले निशा को राहुल के लण्ड का स्वाद लेने दो और फिर अनुज को कैसे उसके उपर लाना ये करूंगा ।


निशा फ़ोन पर - क्या हुआ राज ? क्या सोच रहे हो ?
मै अपनी कलपना से बाहर आकर - हा , याररर मै सोच रहा था कि तुम कितनी शातिर हो अपने छोटे भाई को इतना तडपा रही हो हिहिहिही

निशा इतरा कर - और क्या ,, मै कोई सड़क छाप हू जो ऐसे ही उसके निचे आ जाऊंगी ,,अभी तो बहुत पापड़ बेलने है उसे हिहिहिही

मै - तो अब आगे का क्या सोचा है ?
निशा खिलखिला कर मुझे अपना प्लान बताती है और मै उसकी तारिफ करने से कतरा नही सकता था ।

थोडी बाते हुई और फिर वो दोपहर के खाने मे लग गयी ।
इधर मै भी दुकान मे लग गया ।



लेखक की जुबानी

समय बीता और शाम को अनुज फिर से राहुल से मिलने उसके घर पहुचा तो हाल मे बैठा मोबाईल चला रहा था और नजरे उसकी किचन मे खड़ी निशा के चुतड निहार रही थी ।


अनुज आया और राहुल के पास बैठा और वो समझ गया कि राहुल यहा से क्या कर रहा है और उसने मोबाइल पर नजर मारी तो स्क्रीन पर वही स्टोरी खुली हुई थी , जिसके बारे मे कल राहुल ने उसे बताया था ।

अनुज की नजरे भी उस सिल्क प्लाजो मे उभरी निशा की गाड पर थी और उस हल्के प्लाजो मे कही भी पैंटी की शेप की धारिया नजर नही आ रही थी । अनुज समझ गया कि निशा आज बिना पैंटी के है ।


इधर निशा ने चाय छान कर अनुज और राहुल को दी ।
फिर शालिनी को बोल कर नहाने चली गयी ।


राहुल ने चाय पीते हुए और अपनी मा और दीदी को सुनाते हुए बोला- यार अनुज आज चल छत पर ही टहलते है ।

निशा जो कि अपने कमरे मे कपडे लेने गयी थी वो मुस्कुरा उठी । उसने एक स्कर्ट लिया और एक बडे गले वाला टीशर्ट । फिर अपने चुतड हिलाते उपर चली गयी ।

वही राहुल और अनुज भी अपनी चाय खतम कर उपर चल दिये ।

इधर अनुज को यकीन था कि राहुल से कुछ होने वाला नही है इसिलिए सीढिया चढ़ते हुए वो राहुल का मजा लेने के भाव से - तब भाई कुछ बात बनी या फिर शर्त हार रहा है तू


राहुल मुस्कुरा कर - तू चिंता ना कर एक दिन तेरे सामने दीदी को चोद कर दिखाऊँगा ,वैसे मैने कल उन्हे लोवर के उपर से अपना लण्ड दिखा दिया ।

अनुज की आंखे फैल गयी फिर भी उसने इस बात से इंकार ही किया - चल बे फेक मत ,

फिर राहुल कल रात से लेकर आज सुबह की सारी मस्ती भरे पल को अनुज को बताया और वो भी जब निशा ने खुद अपनी पैंटी निचोड कर राहुल के मुह के सामने झाडा था ।

राहुल की बतायी बाते इतनी दिलचस्प और ऊततेज्क थी कि अनुज चाह कर भी इस्से अब इन्कार नही कर पा रहा था । उस्का लण्ड राहुल की बाते सुन कर तन गया था । उसे यकीन होने लगा था कि राहुल सच मे कामयाब हो सकता है और अगर ऐसी बात है तो इसमे मेरा ही फाय्दा है । मुफ्त की चुत मिल जायेगी ।

राहुल अनुज को खोया देखकर -तुझे यकीन नही होता ना ,,,रुक अभी देखना मै कैसे दीदी को परेशान करता हू ।

इधर निशा बाथरूम मे तो थी लेकिन उसने जानबुझ कर अपने कपडे बाहर ही रखे हुए थे । वो जानती थी कि राहुल और अनुज उपर आने वाले है । वो अपने दोनो दिवानो के साथ मस्ती के मूड मे थी ।


इधर राहुल बाथरूम के पास जाकर अरगन पर टंगी हुई निशा की ब्रा पैंटी उतार कर अपनी जेब मे रख लेता है ।

अनुज बडी हैरानी ने राहुल को देखता है ,,उसका लण्ड ये सोच कर खड़ा हो जाता है कि क्या अब निशा दीदी बिना ब्रा पैंटी के ही कपडे पहनेगी ।

इधर वो दोनो छत पर टहलने लगे ,,वही निशा नहाने के बाद तौलिया लपेटे बाथरूम का दरवाजा खोल कर बाहर झाकी और फिर राहुल को आवाज दी ।

राहुल मुस्कुरा कर - अब देख मेरा कमाल

अनुज वही खड़ा रहा और राहुल चल कर बाथरूम के पास गया ,,जहा निशा दरवजे की ओट मे खड़ी थी- वो मेरे कपडे देना राहुल ,,

राहुल ने मुस्कुरा कर निशा के कपड़े देते हुए - अरे दीदी आपके वो अन्दर वाले कपडे नही है यहा ,

निशा ने मुस्कुरा कर राहुल के लोवर की जेब का फुलाव देखा और समझ गयी कि उसने खुद उसकी ब्रा पैंटी अपने जेब मे रखी हुई है और नाटक कर रहा है ।

निशा मुस्कुरा कर - अरे कोई बन्दर ले गया होगा ,,,जाने दे वैसे भी गर्मी है

ये बोलकर निशा ने दरवाजा बन्द कर लिया

अनुज उन दोनो की खुली बातचित से जड़ हो गया कि कोई भाई बहन सच मे ऐसे बाते कर सकते है ।

इधर थोडी देर मे निशा बाहर निकाली और अनुज की नजरे अब उसके बडे गले वाले टीशर्ट पर थी ।

इधर निशा अपने धुले हुए कपडे निचोड कर उन्हे झाड़ने लगी ,,और झाडते वक़्त उसकी चुचिया हिल्कोरे मारती जिससे अनुज और राहुल दोनो की हालत खराब थी ।

फिर वो कपडे डाल कर मुस्कराते हुए अपनी चुतड मटका कर निचे चली गयी ।
दोनो उसकी स्कर्ट मे नंगी गाड़ की थिरकन देख कर अपना लण्ड मसल कर रह गये ।


थोडे समय बाद अनुज फिर वापस घर चला गया ।
वही राहुल का उसकी दीदी के साथ आंख मिचौली जारी रही । रात को खाना बनाने खाने के बाद निशा अपने कमरे मे चली गयी क्योकि उसे अपनी कहानी की अगली कड़ी पढनी थी जिसमे अमर रेखा को बुरी तरह पेलता है । निशा की चुत पानी पानी हो जाती है और बेताब होकर वो फिर से उथकर राहुल के कमरे की ओर चली जाती है ।


वही एक कमरे मे जंगीलाल और शलिनी के सेक्स कार्यक्रम हो रहे थे और एक राउंड चुदाई के बाद जंगीलाल ने अपने मन की बात शलिनी से कहनी शुरु की ।


जंगीलाल - जानेमन अगर नाराज ना हो तो एक बात कहू ?
अपने पति से सन्तोष जनक चरम सुख पाकर शलिनी खिली हुई थी और वो हुकारि भरते हुए बोली - हम्म्म्म कहो ना मेरे राजा

जन्गीलाल - वो आज सुबह मैने निशा के ब्रा देखे

शलिनी का दिल धड़का - छीई आपको शर्म नही आती जो आप अपनी बेटी के ऐसे कपडे निहार रहे थे ।

जन्गीलाल सफाई देते हुए हस कर - अरे जानेमन मेरी बात तो सुनो ,,,हुआ यू कि मै नहा कर अपना अंडरवियर डालने अरगन के पास गया तो वहा निशा ने ब्रा सुखने के लिए डाली थी ।

शलिनी थोडा चिढ़ कर - हे भगवान क्या हो गया है इस लड़की को !!! आपको पता है आज उसने अपनी ब्रा भी नही पहनी थी और बिना दुपट्टे के घर मे घूम रही थी और उसके वो दिख रहे थे ।

जंगीलाल का दिल धडका और लण्ड मे कसावट होने लगी और वो हिचक कर - क्या ?

शालिनी नजरे फेरते हुए - वो उसके निप्प्ल कड़े थे और वो ऐसे ही घर मे घूम रही थी , कही राहुल की नजर पड जाती तो

जंगीलाल कुछ सोच कर - हम्म्म्म तो तुमने उसे समझाया
शालिनी - हा बोला तो उसने बताया कि उसके पास गर्मियो वाले टेप नही है और ब्रा मे खुजली होती है ।


जंगीलाल कुछ सोच कर - तुम्हे नही लगता शालिनी निशा भी अब बडी हो गयी है उसकी शादी के लिए हमे कोई लड़का देखना चाहिये ।

शालिनी निशा की शादी और उसके दुर होने की बात से भावुक हो गयी - नही नही मुझे नही करनी अभी अपने लाडो की शादी ।

जन्गीलाल शालिनी को अपनी बाहो मे भर कर - अरे शालिनी तु समझ क्यू नही रही । इस उम्र में उसका यू कपड़ो से दुरी बनाना एक इशारा है । अब धीरे धीरे उसके खुले कपडे पहनने के समय आ रहे है । साडी ब्लाउज जैसे कपड़ो मे ही अब उसे आराम मिलेगा ।


शालिनी मुस्कुरा कर नजरे उठा कर- आपको बड़ा पता है औरतो के बारे मे , ऐसे कोई सोचता है अपनी बेटी के बारे मे हम्म्म्म


जंगीलाल - अच्छा ठिक है नही कहता कुछ , लेकिन कम से कम मेरी बिटिया के लिए वो टेप तो लेते आओ जिसे वो आराम से रह सके गर्मी मे और

शलिनी मुस्कुरा कर - और क्या
जन्गीलाल - और वो जिसमे का निशा ब्रा पहनती है उसने का तुम भी लेलो ना अपने लिये

शालिनी शर्म से लाल हो गयी - धत्त आप भी ना

जंगीलाल उसको पकड कर - सच मे जान बहुत खुबसूरत लगेंगे तेरे ये पपिते उसमे और वो जो बिच मे फुल बना हुआ है वो ऐसे लगेगा कि मानो तेरी चुचियो की गिफ्ट पैकिंग की गयी हो ।


शालिनी शर्म से लाल हो गयी और जंगीलाल से चिपक गयी - धत्त आप भी ना ,
जंगीलाल - प्लीज ना जानेमन मेरे लिये

शालिनी - अच्छा ठिक है कल राज के पास से लेते आऊंगी

जंगीलाल - और निशा के लिए वो टेप भी

शालिनी शरारत भरे लहजे मे - हा हा वो भी लेते आऊंगी , नही तो कही आपकी लाडली के चुचे ना लटक जाये हिहिहिही


जंगीलाल का लण्ड निशा के चुचो की चर्चा सुन कर ठुमका और वो शालिनी की मस्ती पर उसके दुध मसलता हुआ - अरे अभी मेरी लाडो के स्तन कोरे है ऐसे कैसे लटक जायेंगे।

ये बोल कर उसने शालिनी के चुची को मूह मे भरते हुए उसके उपर चढ गया

शालिनी हस के मगर सिस्किया लेते हुए - सीई अहहहह आपको कैसे पता कि उसके स्तन कोरे ,,,कभी पकड कर देखा है क्या हिहिहिही


जंगीलाल के लंड मे अपनी बीवी से बेटी के चुचो के बारे मे बाते सुन कर कड़ा होने लगा और वो बडे जोश से शालिनी ने कड़े चुचे मसलने लगा ।

शालिनी - क्या पता किसी ने उसके चुचे चुस कर ढीले कर दिये हो

जंगीलाल चौका और उसका दिल बडी जोरो से धडक रहा था - ये क्या कह रही हो शालिनी तुम

शालिनी जानती थी कि निशा के खिलाफ जंगीलाल एक लफ्ज भी नही सुन सकता था ,,मगर उसे अपनी पति को परेशान करने मे मजा आ रहा था ।

शालिनी मुस्कुरा कर - अरे मेरे कहने का मतलब है कि कही निशा का भी सोनल की तरह कोई बॉयफ्रेंड हुआ तो

जन्गीलाल का दिल अब धक कर गया ,,उसके मन मे शालिनी की बाते घर करने लगी और ढ़ेरो उत्तेजक सवाल उसके जहन मे आने लगे
" क्या सच मे निशा का कोई बॉयफ्रेंड होगा ?
" क्या किसी ने निशा को स्तन को मसला होगा ?
" क्या वो चुदी भी होगी ?
" वो कैसे चुदी होगी , चूदते हुए उसके चेहरे पर क्या भाव आये होंगे ? उसे ज्यादा दर्द तो नही हुआ होगा ना ? क्या सच मे निशा की सील टुट गयी होगी ,,ढेर सारा खुन भी निकला होगा उसकी चुत से , उसकी चुत कैसी दिखती होगी ।

जन्गीलाल ऐसे काफी सारे सवालो से घिर कर जड़ हो गया था ,,वही उसका लण्ड फौलादी हुआ जा रहा था ,,उसकी तपन और कडकपन शालिनी अपनी जांघो पर मह्सूस कर रही थी ।

शालिनी हसी और बोली- क्या जी कहा आप अपनी बेटी के सुहागरात वाले सीन देखने लगे हिहिहिनी ,,,पहले मेरा ख्याल तो कर लो ना

जन्गीलाल चौका कि शालिनी को कैसे पता कि मै ,,,फिर उसने खुद को झिंझोड़ा और शालिनी की खिदमत मे लग गया ।


जारी रहेगी
Bhai Nisha ko teeno se ek sath chudwao maza ayega
 

Ladies man

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UPDATE 133

पिछले अपडेट मे आपने पढा कि जहा राहुल और निशा के बीच मस्तिया शुरु हो चुकी है और दोनो एक ही कहानी के किरदारो को फॉलो करते हुए आगे बढ रहे है ,,वही दुसरी ओर राज अभी भी अनुज का भेद जानने मे लगा है ।
अब आगे



लेखक की जुबानी

अग्ली सुबह राहुल की नीद खुली । वो और उसका लण्ड अंगड़ाई लेते हुए उठे और राहुल कमरे से बाहर आकर छत पर फ्रेश होने चला गया ।

छत पर निशा ब्रश कर रही थी बाथरूम के बाहर और जैसे ही उसने राहुल को छत पर आते देखा तो उसने ब्रश तेजी से करना शुरु कर दिया
जिस्से टीशर्ट के अन्दर उसकी खुली चुचिया हिलने लगी ।

राहुल का लण्ड उस नजारे को देख कर टनं हो गया और उसके सुपाडे मे खुजली सी होने लगी । तो उसने लोवर के उपर निशा के सामने ही बडी बेशर्मी से अपने लण्ड का मुहाना लोवर के उपर से भिचा और निशा की ओर चल पड़ा ।

निशा ने नजर भर राहुल की हरकतों को निहारा और मुह फेर ली क्योकि उसकी हसी छूटने वाली थी और ब्रश करते हुए मुस्कुरा दी ।

राहुल - दीदी टॉयलेट मे कोई गया है क्या

निशा ब्रश मुह मे घिसते हुए उसकी ओर पल्टी और राहुल की नजर अपनी दीदी की टीशर्ट मे उभरी हुई नुकीली निप्प्ल्स पर गयी और वो थुक गटकने लगा ।

निशा ने ना मे सर हिलाते हुए बेसिन के पास गयी और कुल्ला करने लगी ।
राहुल ने नजर भर निशा के कूल्हो को ताड़ा और वापस से फुकार मारते लण्ड को दबाया


निशा कुल्ला करके - जल्दी फ्रेश हो ले अभी पापा आने वाले है ,,,

ये बोल कर निशा अपना टीशर्ट उठाते हुए बाथरूम मे घुस गयी और दरवाजा बंद कर लिया ।
लेकिन अंदर घुसने से पहले वो राहुल को अपना साइड वियू दे कर गयी । टीशर्ट उठाकर बाथरूम मे घुसते समय राहुल ने निशा की नंगी कमर और गुदाज पेट के साथ साथ उसकी झुल्ती गोरी गोरी चुचियो के निचे की गोलाईयो की हलकी सी झलक भी देखी ली ।

निशा के दरवाजे भिड़काने की आवाज से राहुल होश मे आया और मन ही मन गदगद हो गया । उसके चेहरे पर एक उत्साही मुस्कान थी और लण्ड मे जोर का कड़ा पन

वो भी पाखाने मे घुस गया और फ्रेश होने के बाद भी निशा के नहा कर बाहर आने का वेट करने लगा ।

उसे उम्मीद थी कि उस कहानी के जैसे शायद उसकी दीदी तौलिया और दुप्प्टा लपेटे बाहर आयेगी ।मगर निशा बखूबी जानती थी राहुल उसका बाहर इन्तजार कर रहा था इसिलिए उसने वही टीशर्ट लोवर पहन कर बाहर आई और नहाने के समय जो कल पहनी हुई ब्रा पैंटी और शॉर्ट्स लाई थी उन्हे धुल कर बाहर आई ।

राहुल ने जैसे अपनी दीदी को उन्ही कपड़ो मे देखा उसे थोडी निराशा हुई
मगर जल्द उसका लण्ड टनं हो गया जब निशा ने बाथरूम के बाहर की दिवाल पर लगी अरगन पर अपनी ब्रा पैंटी और शॉर्ट्स फैलानी शुरु कर दी ।

हालाकी पहले ऐसा निशा कभी नही करती थी , वो हमेशा अपने अंडरगार्मेंट्स बाथरूम के अन्दर या अपने किसी कपडे के अंदर रख ही सुखने के लिए डालती थी ।


इधर राहुल अपने मुह मे ब्रश घुमा रहा था और अपनी दीदी को ब्रा फैलाते हुए निहार रहा था । उसके लोवर मे लण्ड तना हुआ था । तभी निशा को एक शरारत सुझी और उसने अपनी पैंटी को निचोड और फिर उसे राहुल के सामने की झाडा जिससे पैंटी के पानी के कुछ छीटे राहुल के चेहरे पर गये । वो बारीक ठंडे छीटे अपने चेहरे पर पाकर राहुल की आन्खे बंद हो गयी । मानो प्यार की बारिश ठंडी फुहार उसके देह पर पड रही हो ।

निशा वही राहुल की हरकतो पर होठ दबा कर हस रही थी और फिर निचे चली गयी ।

इधर राहुल ने आखे खोली तो निशा जा चुकी थी।

वो मुस्कुराया और एक पल को पुरे छत पर निशा को खोजा और फिर उसकी पैंटी के पास जाकर उसकी मियानी को सुँघा । सरफ की खुस्बु मे उसने कुछ पल निशा की चुत की खुशबू को तलाशा और फिर नहाने चला गया ।
इधर निशा निचे आकर कमरे मे अपने कपडे बदले और फिर से बिना ब्रा पैंटी पहने सिर्फ प्लाजो और टीशर्ट मे अपनी चुचिया हिलाती किचन मे नासता बनाने के लिए चली गयी ।

राहुल भी नहाने के बाद दुकान खोलने चला गया क्योकि ये उसका रूटीन था,,रोजाना सुबह दुकान खोलकर साफ सफाई करना ।
राहुल ने भी अंडरवियर का त्याग किया हुआ था और साफ सफाई मे लगा था कि कुछ औरते साडी लेने के लिए आ गयी ।
राहुल जब उन ग्राहको को सम्भाल न्ही पाया फिर उसने अपने पापा को आवाज दे दी ।

किचन मे काम कर रही शालिनी ने जब राहुल की आवाज सुनी तो उसने निशा को उपर छत पर जाकर अपने पापा को बुलाने को बोल दिया । क्योकि सुबह की बोहनी कोई खराब करना नही चाहता ।


इधर उपर जन्गीलाल नहा चुके थे और कमर मे तौलिया लपेटे बाथरूम से बाहर आकर अपना अंडरवियर निचोड कर बाथरूम के दिवाल वाली अरगन की ओर बढ रहे थे ।

जैसे ही उन्होने ने अपना अंडरवियर अरगन पर फैलाया उनकी नजर अपनी दुलारि बिटिया निशा के अन्तरवस्त्रो पर पड गयी और उन्हे आश्चर्य हुआ कि आज निशा ने बाहर क्यू अपने अंडरगार्मेंट्स डाल है ।

पहले तो जंगीलाल ने उससे इंकार किया और फिर ना जाने क्या सुझा कि उन्होंने अपनी बिटिया के ब्रा के लेबल को देखने लगे ।


मगर उन्हे क्या पता था उनकी ये हरकत जीने के दरवाजे पर खड़ी उनकी दुलारि बिटिया निशा देख रही थी ।


निशा शर्म और भय से लाल हो गयी । उसको शर्म से हसी भी आ रही थी और उसका दिल भी जोरो से धडक रहा था । उसके पेट मे तितलिया उड़ रही थी ।

निशा मन मे शर्मा कर - पापा मेरी ब्रा क्यू देख रहे ,,, धत्त मैने उसे बाहर डाला ही क्यू??? इस कमीने राहुल की वजह से हुउह्ह

इधर निशा परेशान थी वही जन्गिलाल ने जब लेबल पढा और निशा ने साइज़ को देखा तो सोचने लगा कि अब उसकी बितिया शयानी हो गयी है । सोनल की शादी के बाद उसके लिए भी कोई रिश्ता देखना पडेगा । लेकिन ये ब्रा बड़ा शोफ्ट है ,,शालिनी क्यू नही पहनति इसमे का ?? आज शालिनी से कहूँगा कि वो भी इसमे का ही ब्रा ले ,,कितना खुबसूरत लगेगा उसके भरे भरे गोल चुचो पर , अह्ह्ह्ह

जंगीलाल उस ब्रा मे अपनी बीवी की कल्पना करके सिस्क उठा और तौलिये के उपर से अपना सर उठाया लण्ड सेट करते हुए बाथरूम मे वापस चला गया ।

इधर जीने के दरवाजे पर खड़ी निशा के जहन मे कुछ गलतफहमीयो मे जगह बना ली थी । कि कही उसके पापा भी तो नही राहुल की तरह उसके बारे मे .....।

निशा ने खुद को झकझोरा - नही नही ऐसा नही हो सकता... अभी तो राहुल ही था मेरे पीछे अब पापा भी ...।

निशा जड होकर जीने के दरवाजे पर अपने सवालो मे खोई हुई थी कि उधर जन्गीलाल बाथरूम से फुल बनियान और तौलिया लपेटे बाहर आता है और उसकी नजर निशा पर जाती है ।


जंगीलाल - क्या हुआ निशा बेटा
निशा ने जैसे ही अपने पापा की आवाज सुनी वो चौकी लेकिन खुद को सम्भाला - हा पापा वो जल्दी चलो ,,दुकान मे ग्राहक आये है

जंगीलाल जो अब तक जीने तक आ चुका था - हा बेटी चलो
निशा तेजी से सरकते हुए सीढियो से निचे भाग गयी और किचन मे चली गयी ।
उसकी तेज सासो से उसकी चुचिया उपर निचे हो रही थी और थोडी देर पहले ही उसके पापा की हरकतो ने उसके निप्प्ल कड़े कर दिये ।

शालिनी की नजर जैसे ही निशा के कड़े जोबनो पर गयी और निप्प्ल की नोख को टीशर्ट फाडते देखा तो उसने निशा को डाट लगाइ- ये क्या है निशा ,,तुने अन्दर कुछ पहना क्यू नही ?? देख सब पता चल रहा है । इस घर मे तेरे पापा और भाई है उनकी नजर गयी तो ।


निशा शर्मायी और मन मे - उसी कमीने भाई के लिए तो खोल रखा है मम्मी हिहिहिही

निशा - मम्मी वो मेरे काटन वाले टेप नही मिल रहे है और गर्मी मे ब्रा से बहुत खुजली होती है ,,,इसिलिए नही पहना


शालिनी भला उसकी बात से इंकार कैसे कर सकती थी । अक्सर वो खुद ही गर्मी मे बिना ब्रा के हल्के रंग के सूती ब्लाऊज पहना करती थी ,,जिसमे पसीना होने पर उसके निप्प्ल का भूरा घेरा साफ दिखता था ।




राज की जुबानी

रोज की तरह मै अगली सुबह उठा और फ्रेश होकर नहाने के बाद जैसे ही कमरे से बाहर आया तो हाल मे आते ही मेरी आंखे चमक उठी ।

हाल मे काजल भाभी ,,रोहन और शकुन्तला ताई आयी थी ।
कारण था आज रोहन की छुट्टी पूरी हो गयी थी । उसे अपनी ड्यूटी पर वापस जाना था ।
मै ये खबर सुन कर गदगद हो गया कि चलो अब काजल भाभी से फिर से नजदीकिया बढाने का मौका मिलेगा और फिर वो पार्सल वाला आईटेम था उसपे बात भी तो करनी थी । बीते एक महिने मे अनुज और राहुल को लेके काफी बिज़ी था और रोहन के कारण काजल भाभी से कोई खास बात चित नही हो पाई थी ।

मगर अब मै खुश था और थोडी देर बाद मै ही रोहन को बस स्टैंड पर ले गया ।
रोहन से बाते करने से मुझे आभास हुआ वो ब्डा ही डिस्पेलिन और शांत स्व्भाव का है । लेकिन उसकी शालीनता मे भी उसका वो ब्रुटल ह्वसी चेहरा मै देख सकता था ।

रोहन को बस पकडवा कर मै वापस अपने घर आया और फिर नाश्ता करके दुकान पर निकल गया ।
आज मेरे जहन बस काजल भाभी को लेके ख्वाब मचल रहे थे ,, नयी नयी कल्पनाओ से मन मचल रहा था ।
ऐसे मे ही निशा का फोन आता है और सहसा मेरा ध्यान वापस से अनुज और राहुल की ओर चला जाता है ।

करीब 10 बजे होगे और निशा के चहकपने से मुझे भी उत्सुकता होने लगी थी । फिर उसने एक एक करके बताया कि कैसे उसने राहुल उस्से उस कहानी के हिसाब से नजदीकिया बढाने मे लगा है और कैसे निशा ने कल रात से आज सुबह नहाने तक राहुल को परेशान किया ।

निशा की सारी बाते और मस्तिया सुन कर मै समझ गया कि ये अब जल्द ही राहुल से चुदने के फिराक मे है ,,मगर मुझे समझ नही आ रहा था कि अनुज इनसब मे कैसे कामयाब होगा ? क्या वो निशा को लपेट पायेगा या मुझे ही उसकी कुछ मदद करनी चाहिये ?

मै मन मे - नही नही ,जल्दीबाजी नही !!! वैसे भी इस खेल मे बहुत मजा आने वाला है हिहिहिही पहले निशा को राहुल के लण्ड का स्वाद लेने दो और फिर अनुज को कैसे उसके उपर लाना ये करूंगा ।


निशा फ़ोन पर - क्या हुआ राज ? क्या सोच रहे हो ?
मै अपनी कलपना से बाहर आकर - हा , याररर मै सोच रहा था कि तुम कितनी शातिर हो अपने छोटे भाई को इतना तडपा रही हो हिहिहिही

निशा इतरा कर - और क्या ,, मै कोई सड़क छाप हू जो ऐसे ही उसके निचे आ जाऊंगी ,,अभी तो बहुत पापड़ बेलने है उसे हिहिहिही

मै - तो अब आगे का क्या सोचा है ?
निशा खिलखिला कर मुझे अपना प्लान बताती है और मै उसकी तारिफ करने से कतरा नही सकता था ।

थोडी बाते हुई और फिर वो दोपहर के खाने मे लग गयी ।
इधर मै भी दुकान मे लग गया ।



लेखक की जुबानी

समय बीता और शाम को अनुज फिर से राहुल से मिलने उसके घर पहुचा तो हाल मे बैठा मोबाईल चला रहा था और नजरे उसकी किचन मे खड़ी निशा के चुतड निहार रही थी ।


अनुज आया और राहुल के पास बैठा और वो समझ गया कि राहुल यहा से क्या कर रहा है और उसने मोबाइल पर नजर मारी तो स्क्रीन पर वही स्टोरी खुली हुई थी , जिसके बारे मे कल राहुल ने उसे बताया था ।

अनुज की नजरे भी उस सिल्क प्लाजो मे उभरी निशा की गाड पर थी और उस हल्के प्लाजो मे कही भी पैंटी की शेप की धारिया नजर नही आ रही थी । अनुज समझ गया कि निशा आज बिना पैंटी के है ।


इधर निशा ने चाय छान कर अनुज और राहुल को दी ।
फिर शालिनी को बोल कर नहाने चली गयी ।


राहुल ने चाय पीते हुए और अपनी मा और दीदी को सुनाते हुए बोला- यार अनुज आज चल छत पर ही टहलते है ।

निशा जो कि अपने कमरे मे कपडे लेने गयी थी वो मुस्कुरा उठी । उसने एक स्कर्ट लिया और एक बडे गले वाला टीशर्ट । फिर अपने चुतड हिलाते उपर चली गयी ।

वही राहुल और अनुज भी अपनी चाय खतम कर उपर चल दिये ।

इधर अनुज को यकीन था कि राहुल से कुछ होने वाला नही है इसिलिए सीढिया चढ़ते हुए वो राहुल का मजा लेने के भाव से - तब भाई कुछ बात बनी या फिर शर्त हार रहा है तू


राहुल मुस्कुरा कर - तू चिंता ना कर एक दिन तेरे सामने दीदी को चोद कर दिखाऊँगा ,वैसे मैने कल उन्हे लोवर के उपर से अपना लण्ड दिखा दिया ।

अनुज की आंखे फैल गयी फिर भी उसने इस बात से इंकार ही किया - चल बे फेक मत ,

फिर राहुल कल रात से लेकर आज सुबह की सारी मस्ती भरे पल को अनुज को बताया और वो भी जब निशा ने खुद अपनी पैंटी निचोड कर राहुल के मुह के सामने झाडा था ।

राहुल की बतायी बाते इतनी दिलचस्प और ऊततेज्क थी कि अनुज चाह कर भी इस्से अब इन्कार नही कर पा रहा था । उस्का लण्ड राहुल की बाते सुन कर तन गया था । उसे यकीन होने लगा था कि राहुल सच मे कामयाब हो सकता है और अगर ऐसी बात है तो इसमे मेरा ही फाय्दा है । मुफ्त की चुत मिल जायेगी ।

राहुल अनुज को खोया देखकर -तुझे यकीन नही होता ना ,,,रुक अभी देखना मै कैसे दीदी को परेशान करता हू ।

इधर निशा बाथरूम मे तो थी लेकिन उसने जानबुझ कर अपने कपडे बाहर ही रखे हुए थे । वो जानती थी कि राहुल और अनुज उपर आने वाले है । वो अपने दोनो दिवानो के साथ मस्ती के मूड मे थी ।


इधर राहुल बाथरूम के पास जाकर अरगन पर टंगी हुई निशा की ब्रा पैंटी उतार कर अपनी जेब मे रख लेता है ।

अनुज बडी हैरानी ने राहुल को देखता है ,,उसका लण्ड ये सोच कर खड़ा हो जाता है कि क्या अब निशा दीदी बिना ब्रा पैंटी के ही कपडे पहनेगी ।

इधर वो दोनो छत पर टहलने लगे ,,वही निशा नहाने के बाद तौलिया लपेटे बाथरूम का दरवाजा खोल कर बाहर झाकी और फिर राहुल को आवाज दी ।

राहुल मुस्कुरा कर - अब देख मेरा कमाल

अनुज वही खड़ा रहा और राहुल चल कर बाथरूम के पास गया ,,जहा निशा दरवजे की ओट मे खड़ी थी- वो मेरे कपडे देना राहुल ,,

राहुल ने मुस्कुरा कर निशा के कपड़े देते हुए - अरे दीदी आपके वो अन्दर वाले कपडे नही है यहा ,

निशा ने मुस्कुरा कर राहुल के लोवर की जेब का फुलाव देखा और समझ गयी कि उसने खुद उसकी ब्रा पैंटी अपने जेब मे रखी हुई है और नाटक कर रहा है ।

निशा मुस्कुरा कर - अरे कोई बन्दर ले गया होगा ,,,जाने दे वैसे भी गर्मी है

ये बोलकर निशा ने दरवाजा बन्द कर लिया

अनुज उन दोनो की खुली बातचित से जड़ हो गया कि कोई भाई बहन सच मे ऐसे बाते कर सकते है ।

इधर थोडी देर मे निशा बाहर निकाली और अनुज की नजरे अब उसके बडे गले वाले टीशर्ट पर थी ।

इधर निशा अपने धुले हुए कपडे निचोड कर उन्हे झाड़ने लगी ,,और झाडते वक़्त उसकी चुचिया हिल्कोरे मारती जिससे अनुज और राहुल दोनो की हालत खराब थी ।

फिर वो कपडे डाल कर मुस्कराते हुए अपनी चुतड मटका कर निचे चली गयी ।
दोनो उसकी स्कर्ट मे नंगी गाड़ की थिरकन देख कर अपना लण्ड मसल कर रह गये ।


थोडे समय बाद अनुज फिर वापस घर चला गया ।
वही राहुल का उसकी दीदी के साथ आंख मिचौली जारी रही । रात को खाना बनाने खाने के बाद निशा अपने कमरे मे चली गयी क्योकि उसे अपनी कहानी की अगली कड़ी पढनी थी जिसमे अमर रेखा को बुरी तरह पेलता है । निशा की चुत पानी पानी हो जाती है और बेताब होकर वो फिर से उथकर राहुल के कमरे की ओर चली जाती है ।


वही एक कमरे मे जंगीलाल और शलिनी के सेक्स कार्यक्रम हो रहे थे और एक राउंड चुदाई के बाद जंगीलाल ने अपने मन की बात शलिनी से कहनी शुरु की ।


जंगीलाल - जानेमन अगर नाराज ना हो तो एक बात कहू ?
अपने पति से सन्तोष जनक चरम सुख पाकर शलिनी खिली हुई थी और वो हुकारि भरते हुए बोली - हम्म्म्म कहो ना मेरे राजा

जन्गीलाल - वो आज सुबह मैने निशा के ब्रा देखे

शलिनी का दिल धड़का - छीई आपको शर्म नही आती जो आप अपनी बेटी के ऐसे कपडे निहार रहे थे ।

जन्गीलाल सफाई देते हुए हस कर - अरे जानेमन मेरी बात तो सुनो ,,,हुआ यू कि मै नहा कर अपना अंडरवियर डालने अरगन के पास गया तो वहा निशा ने ब्रा सुखने के लिए डाली थी ।

शलिनी थोडा चिढ़ कर - हे भगवान क्या हो गया है इस लड़की को !!! आपको पता है आज उसने अपनी ब्रा भी नही पहनी थी और बिना दुपट्टे के घर मे घूम रही थी और उसके वो दिख रहे थे ।

जंगीलाल का दिल धडका और लण्ड मे कसावट होने लगी और वो हिचक कर - क्या ?

शालिनी नजरे फेरते हुए - वो उसके निप्प्ल कड़े थे और वो ऐसे ही घर मे घूम रही थी , कही राहुल की नजर पड जाती तो

जंगीलाल कुछ सोच कर - हम्म्म्म तो तुमने उसे समझाया
शालिनी - हा बोला तो उसने बताया कि उसके पास गर्मियो वाले टेप नही है और ब्रा मे खुजली होती है ।


जंगीलाल कुछ सोच कर - तुम्हे नही लगता शालिनी निशा भी अब बडी हो गयी है उसकी शादी के लिए हमे कोई लड़का देखना चाहिये ।

शालिनी निशा की शादी और उसके दुर होने की बात से भावुक हो गयी - नही नही मुझे नही करनी अभी अपने लाडो की शादी ।

जन्गीलाल शालिनी को अपनी बाहो मे भर कर - अरे शालिनी तु समझ क्यू नही रही । इस उम्र में उसका यू कपड़ो से दुरी बनाना एक इशारा है । अब धीरे धीरे उसके खुले कपडे पहनने के समय आ रहे है । साडी ब्लाउज जैसे कपड़ो मे ही अब उसे आराम मिलेगा ।


शालिनी मुस्कुरा कर नजरे उठा कर- आपको बड़ा पता है औरतो के बारे मे , ऐसे कोई सोचता है अपनी बेटी के बारे मे हम्म्म्म


जंगीलाल - अच्छा ठिक है नही कहता कुछ , लेकिन कम से कम मेरी बिटिया के लिए वो टेप तो लेते आओ जिसे वो आराम से रह सके गर्मी मे और

शलिनी मुस्कुरा कर - और क्या
जन्गीलाल - और वो जिसमे का निशा ब्रा पहनती है उसने का तुम भी लेलो ना अपने लिये

शालिनी शर्म से लाल हो गयी - धत्त आप भी ना

जंगीलाल उसको पकड कर - सच मे जान बहुत खुबसूरत लगेंगे तेरे ये पपिते उसमे और वो जो बिच मे फुल बना हुआ है वो ऐसे लगेगा कि मानो तेरी चुचियो की गिफ्ट पैकिंग की गयी हो ।


शालिनी शर्म से लाल हो गयी और जंगीलाल से चिपक गयी - धत्त आप भी ना ,
जंगीलाल - प्लीज ना जानेमन मेरे लिये

शालिनी - अच्छा ठिक है कल राज के पास से लेते आऊंगी

जंगीलाल - और निशा के लिए वो टेप भी

शालिनी शरारत भरे लहजे मे - हा हा वो भी लेते आऊंगी , नही तो कही आपकी लाडली के चुचे ना लटक जाये हिहिहिही


जंगीलाल का लण्ड निशा के चुचो की चर्चा सुन कर ठुमका और वो शालिनी की मस्ती पर उसके दुध मसलता हुआ - अरे अभी मेरी लाडो के स्तन कोरे है ऐसे कैसे लटक जायेंगे।

ये बोल कर उसने शालिनी के चुची को मूह मे भरते हुए उसके उपर चढ गया

शालिनी हस के मगर सिस्किया लेते हुए - सीई अहहहह आपको कैसे पता कि उसके स्तन कोरे ,,,कभी पकड कर देखा है क्या हिहिहिही


जंगीलाल के लंड मे अपनी बीवी से बेटी के चुचो के बारे मे बाते सुन कर कड़ा होने लगा और वो बडे जोश से शालिनी ने कड़े चुचे मसलने लगा ।

शालिनी - क्या पता किसी ने उसके चुचे चुस कर ढीले कर दिये हो

जंगीलाल चौका और उसका दिल बडी जोरो से धडक रहा था - ये क्या कह रही हो शालिनी तुम

शालिनी जानती थी कि निशा के खिलाफ जंगीलाल एक लफ्ज भी नही सुन सकता था ,,मगर उसे अपनी पति को परेशान करने मे मजा आ रहा था ।

शालिनी मुस्कुरा कर - अरे मेरे कहने का मतलब है कि कही निशा का भी सोनल की तरह कोई बॉयफ्रेंड हुआ तो

जन्गीलाल का दिल अब धक कर गया ,,उसके मन मे शालिनी की बाते घर करने लगी और ढ़ेरो उत्तेजक सवाल उसके जहन मे आने लगे
" क्या सच मे निशा का कोई बॉयफ्रेंड होगा ?
" क्या किसी ने निशा को स्तन को मसला होगा ?
" क्या वो चुदी भी होगी ?
" वो कैसे चुदी होगी , चूदते हुए उसके चेहरे पर क्या भाव आये होंगे ? उसे ज्यादा दर्द तो नही हुआ होगा ना ? क्या सच मे निशा की सील टुट गयी होगी ,,ढेर सारा खुन भी निकला होगा उसकी चुत से , उसकी चुत कैसी दिखती होगी ।

जन्गीलाल ऐसे काफी सारे सवालो से घिर कर जड़ हो गया था ,,वही उसका लण्ड फौलादी हुआ जा रहा था ,,उसकी तपन और कडकपन शालिनी अपनी जांघो पर मह्सूस कर रही थी ।

शालिनी हसी और बोली- क्या जी कहा आप अपनी बेटी के सुहागरात वाले सीन देखने लगे हिहिहिनी ,,,पहले मेरा ख्याल तो कर लो ना

जन्गीलाल चौका कि शालिनी को कैसे पता कि मै ,,,फिर उसने खुद को झिंझोड़ा और शालिनी की खिदमत मे लग गया ।


जारी रहेगी
Bhai Nisha ko teeno bhaiyo se ek sath chudwao mazaa ayega
 

sunoanuj

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शुक्रिया और आभार
थोडा ध्यान से पढो भैया , लास्ट 4 अपडेट मे कहानी एक महीने फास्ट फॉरवर्ड मे चली है । अपडेट 133 मे भी मेंसन किया है इस बात को ।
Aapki baat sahi hai … lekin ab kahani fir ruki hui lag rahi hai mujhe aisa lag raha yeh kewal ek sujhav hai … aap isko anaytha na len ..
agar aapko bura laga toh uske liye sorry mitr … mujhe kahani ko padhte hue jo laga wo aapko bata diya … aap isko dil par mat lena ..
 

Sanju@

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UPDATE 134

पिछले अपडेट मे आपने पढ़ा कि निशा की मस्ती कैसे उसी पर भारी पड गयी ,,भाई को रिझाने के चक्कर मे बाप भी लाईन मे आ गया । वही राज के जीवन मे रौनक लौट आई है क्योकि रोहन के जाने के बाद अब वो फिर से काजल भाभी से नजदीकिया बढाने के मूड मे है । देखते आगे क्या होता है क्योकि फिलहाल तो अभी निशा अपनी गीली चुत लेके राहुल के पास जा रही है ।


अब आगे


लेखक की जुबानी

निशा की चुत वो कहानी पढने के बाद रसने लगी । उसका मन हो रहा था कि अभी राहुल आये और उसे हचक के चोद दे । मगर इतना आसान था कहा उसने खुद ही अपनी खुशियो पर बंदीसे लगा रखी थी ।
वो कुछ सोच कर राहुल के कमरे मे जाती है और दरवाजा पर हल्का सा खटखट करती है ताकी मम्मी पापा को आवाज ना जाये ।

अन्दर राहुल अपनी दीदी की उसी पैंटी के साथ खेल रहा था जिसे उसने शाम को अरगन से उतारा था और उसे सूंघते हुए अपना लण्ड हिला रहा था ।
दरवाजे पर खट खट से वो समझ गया कि दीदी ही आई होगी ।

उसने वो पैंटी वापस से लोवर मे रख ली और अपना लण्ड सीधा करके लोवर मे टेन्ट बनाते हुए दरवाजा खोला ।

राहुल की नजरे सीधे निशा के कड़े निप्प्ल पर गयी जो उसके ढीले टीशर्ट मे भी बाहर की ओर तने हुए थे ।

निशा ने एक नजर राहुल के तने हुए लण्ड पर मारा और उसकी चुत कुलबुलाने लगी ।
पैंटी ना पहनने की वजह से उसके चुत का रस उसकी जांघो पर रिसने लगा था ।

तभी निशा की नजर राहुल के लोवर की जेब से झाकती उसकी पैंटी पर गयी और उसे बात करने का एक मुददा मिला गया । उसके जहन मे वाप्स से अमर और रेखा की मस्तिया याद आई
राहुल मुस्कराता हुआ - दीदी मोबाइल देने आई हो क्या ?

निशा ने नशीली आंखो से राहुल को निहारा - ना

राहुल की धडकनें तेज हो रही थी
" त त तो क्याआआ देने आई हो ", राहुल ने कापते हुए स्वर मे कहा

निशा मुस्कुरा कर राहुल की जेब से झाकती पैंटी की ओर इशारा करके बोला - मै वो लेने आई हू

पहले तो राहुल की आंखे चमकी की निशा उसके लण्ड की ओर इशारा कर रही है ,,लेकिन जल्द ही उसकी गलतफहमी दुर हो गयी जब निशा ने लपक कर राहुल के जेब से अपनी पैंटी खिच ली

फिर उसे राहुल के सामने फैलाकर देखते हुए - इसमे दाग तो नही लगाया ना

राहुल - नहीं दीदी

निशा - हम्म्म और मेरी ब्रा दे चल।
राहुल ने उसे भी दुसरी जेब से निकाल कर निशा के दिया ।
निशा उसे भी चेक करते हुए - इतना ही मन होता है तो किसी को पटा क्यू नही लेता ।

राहुल मुस्कुरा कर - पटा तो रहा हू लेकिन आप भाव ही नही दे रहे हो हिहिहिही

निशा हस्ते हुए - अच्छा वो कब ट्राई किया तुने मुझे तो पता ही चला कि तु मुझपे लाईन मार रहा था ।

राहुल ने उसके सामने ही अपना लण्ड भीचते हुए अपने होठो पर जीभ फिराने लगा ।

निशा हसकर राहुल के कान के पास चपट लगाते हुए - कमीने इसे हवस कहते है प्यार नही , सुधर जा सुधर जा

राहुल आंखे निशा के चुचो पर गिराते हुए - कैसे सुधरु दीदी कोई चाह्ता ही है कि मै बिगडा रहू

निशा - छीईई कितना कमीना है रे तु , कहा से सिख रहा है ये सब हम्म्म बोल

राहुल बेशरम होकर निशा के चुचो की ओर इशारा करके - बता दू तो ये दिखाओगे

निशा की दिल की धडकनें तेज हो गयी । जी तो उस्का भी यही चाह रहा था कि अभी अपना टीशर्ट खोल कर अपनी चुचिया राहुल के हवाले कर दे ।

निशा आंखे उठा कर - तु तो ऐसे कह रहा है ,,जैसे तुने इन्हे देखा ही नही हो


राहुल निशा की बाते सुन कर अपना सुपाडा मुठियाने लगा , उसकी सासे गहरी होने लगी और दाँत पिसते हुए बोला - कहा दीदी , कभी नसीब ही नही हुआ

निशा इतराइ- मुझे तो लगा कि जब तु मुझे लाईन मार ही रहा है तो तुने चोरी छिपे इन्हे देख ही लिया होगा

राहुल की हालात खराब हो रही थी और वो नशे मे डुबा जा रहा था उसके हाथ खुद निशा के चुचो की ओर बढने लगे - काश दीदी मै इन्हे अह्ह्ह्ह

निशा खिल्खिला के फौरन हट गयी - हिहिहिही पहले बता कहा से सिख रहा है ये फलर्टबाजी हम्म्म फिर

राहुल मुस्कुरा कर - वही तो बता रहा हू दीदी इधर आओ तो
उसने निशा के हाथ पकड कर अपने पास खीचा और उसके कमर से हाथ को सरकाते हुए उसके कूल्हो पर फिराने लगा ।

निशा आंखे बन्द कर गहरी सासे लेने लगी और एक कसमसाहट थी उसकी सिस्कियो मे उसके चुचे अब और फुलने लगे थे ।
राहुल निशा के कूल्हो को सहलाते हुए - दीदी इसको हिलता देखता हू ना तो सब कुछ अपने आप मन मे चलाने लगता है और

निशा - उम्म्ंम्म्ं सीईईई लेकिन कैसेहह अम्म्म्ंं

राहुल निशा के करीब होकर उसके कान के पास जाकर उसके चुतडो को स्कर्ट के उपर से सहलाता हुआ - दीदी ये जो आपकी गाड़ है ना

निशा ऐसे खुले शब्द सुन कर थोडा शर्मायी और राहुल के सीने पर मुक्का मारते हुए - धत्त बेशरम ,,

राहुल थोडा मुस्कुरा कर निशा को अपने करीब खिचकर उसके चुतडो को सहलाते हुए - सुनो ना दीदी पहले ,, ये जो आपके गाड है ना इनको हिलते देखता हू ना तो मेरा वो खड़ा हो जाता है ।

निशा का दिल जोर से धड़का- क क क्याआआ

राहुल के निशा के हाथ को पकड कर अपने लण्ड पर लोवर के उपर से रख दिया - यही मेरा लण्ड

निशा ने फौरन अपना हाथ खिच लिया और राहुल के बाहो से छिटकने लगी ।
राहुल ने वापस उसे खिचते हुए उसका हाथ वापस से अपने खडे लण्ड पर रखते हुए - सुनो ना दीदी , जब ये मेरा लण्ड खड़ा हो जाता है ना तो अपने आप से सारी बाते दिमाग मे आने लगती है ।

निशा को राहुल का लण्ड अपने हथेली मे महसुस हो रहा था ,,उसे यकीन ही नही था कि सब कुछ ऐसे हो जायेगा ,,,कहा वो राहुल तडपाना चाह रही थी लेकिन अभी खुद तडप रही थी ।
उसने राहुल के लण्ड को पकड कर भीचना शुरु कर दिया ।

निशा - क्या बाते आती है राहुल उम्म्ंम्ं

राहुल समझ गया कि अब निशा उसके लिए तैयार है तो उसने उसे कमरे के अन्दर खिचकर दरवाजा बंद कर दिया और निशा को पीछे से दबोच लिया

राहुल उसके दोनो चुचो को मसलता हुआ - मेरे मन मे आता है ना दीदी

निशा अपने चुचो पर राहुल के स्पर्श पाकर पागल होने लगी ,,वही उसके चुतडो पर राहुल अपना लण्ड भी चुबा रहा था ।
निशा - क्याआह्ह्ह आता है उम्म्ंम्म्ं बोल ना राहुल

राहुल - दिदीईई मेरे मन मे आता है कि मै ऐसे ही आपकी ये चुचिया मिजू और

निशा अपने जिस्म को राहुल के उपर ढिला छोडती हुई - उम्म्ंम और क्याआह्ह राहुल

राहुल ने झटके मे निशा को सामने किया और झुककर टीशर्ट के उपर से ही उसके निप्प्ल को मुह मे भर लिया

निशा - अह्ह्ह्ह सीई उम्म्ं ओह्ह्ह भाईई उम्म्ंम

राहुल थोडा उपर से चुचियो को चुसा और अगले ही पल एक झटके मे निशा के टीशर्ट निकाल दिये और उसे बिस्तर पर गिरा दिया ।

निशा आधी नंगी बिस्तर पर थी और तकिये से अपनी चुचिया छिपा ली

राहुल ने यहा एक एक करके अपने सारे कपडे निकाल दिया और लण्ड मसल्ता हुआ बिस्तर पर आने लगा

निशा मुस्कुराते हुए उसे देख रही थी - ये क्या कर रहा है तू ,,,इसे क्यू निकाला

राहुल निशा के टांगो को फैलाते हुए अपनी ओर किया और जांघो को खोलकर उसके उपर आ गया

राहुल- अभी ब्ताता हू ना दीदी ,,पहले इन्हे चुस तो लू

राहुल ने निशा की दोनो चुचिता थाम ली और निप्प्ल को मुह मे भर लिया ।


निशा कसमसाने लगी ।
दोनो को देख कर लग ही नही रहा था कि ये उनके बिच पहली बार हो रहा था , किसी के मन मे कोई झिझक ना थी और दोनो ही एक दुसरे को पाने के लिए बेकरार हुए जा रहे थे ।
राहुल अपना लण्ड निचे के जांघो पर घिसता हुआ निशा की चुचिया पी रहा था ,,वही निशा उसके बालो मे हाथ फेर रही थी ।

निशा - राहुल सुन ना भाई ,अह्ह्ज सीईई सुन ना

राहुल ने नजरे उठा कर निशा को देखा
निशा मुस्कुरा कर - वो निचे डाल कर चुस ना इसे

राहुल का लण्ड तन गया और वो निशा के होठो को चुसने लगा और वही निशा अपनी स्कर्ट उथाने लगी ।

राहुल उठा और निशा की जांघो को खोला और लण्ड को अपनी दीदी की चुत पर लगाते हुए - दीदी तैयार हो ना ,, दर्द होगा थोडा

निशा मुस्कुराइ और मन मे बडबड़ाई - अरे तू डाल, तेरी दीदी ने इससे बड़ा वाला लिया है ।

निशा - आराम से डाल ना भाई उम्म्ंम अह्ह्ह ऐसे ही ओह्ह्ह्ह धिरे धीरे अह्ह्ह हाआ हा सीईईई उफ्फ्फ्फ

राहुल निशा के चेहरे के हाव भाव देखता हुआ बहुत ही आराम से लंड को अपनी दीदी की चुत मे डाल रहा था ,,हालकी उसे उतनी दिक्कत हो नही रही लण्ड घुसाने मे जितना निशा दिखा रही थी ।

राहुल ने जब पुरा लण्ड घुसा दिया तो वो निशा के उपर आकर उसकी चुचिया मिजता हुआ- अब पेलू दीदी
निशा ने एक गहरी सास ली और मुस्कुरा कर हा मे सर हिलाया

राहुल ने हल्के हल्के धक्के लगाने शुरु किया और वही निशा ने भी सिसकिया लेना शुरु कर दिया ।
राहुल - उम्म्ं दीदी थैंक्स अह्ह्ह्ह बहुत मजा आ रहा है हम्म्म्म ओह्ह्ह कितना गरम है

निशा - हम्म्म हा तेरा लण्ड भी तो गरम है भाईई अह्ह्ह चोद मुझे उम्म्ंम सीईई अह्ह्ह्ह थोडा कसके कर ना उम्म्ंम्ं

राहुल मुस्कुरा कर अपनी गती बढाता हुआ - ओह्ह्ह दीदीईई येलो और तेज्ज्झ्ह्ह अह्ह्ह्ह उम्म्ंम और कस के पेलू उम्म्ं

निशा - हा भाई खुब तेज चोद ना उम्म्ंम अह्ह्ह ओह्ह्ह ऐसे ही हा बहुत खुजली हो रही थी उम्म्ंम अह्ह्ह

राहुल - आह्ह दीदी मै हू ना ,,मै पेल पेल के सारी खुजली मिटा दूँगा उम्म्ंम

निशा मुस्कुराइ और बोली - क्यू तु अकेले ही मजे लेगा ,,अनुज को नही बुलायेगा

राहुल जहा था वही रुक गया
निशा मुस्कुरा के - मुझे पता है तुम दोनो मेरे पीछे हो

राहुल निशा को मुस्कुराता देखा तो उसका डर थोडा कम हुआ और वो वापस से हल्के हल्के धक्को से शुरुवात करने लगा - लेकिन आपको कैसे पता

निशा मुस्कुरा कर - तु मेरे मोबाइल मे क्या देख रहा क्या नही मुझे नही पता चलेगा उम्म्ंम ,अब चोद ना रुक क्यू गया

राहुल समझ गया कि दीदी ने ब्राऊजर से देख लिया होगा और वो धक्के लगाते हुए ।
निशा अब झटके खाते हुए - उम्म्ंम सीईई अह्ह्ह तो बता अनुज के साथ तेरा क्या प्लान है हम्म्म

राहुल थोडा मुस्कुरा कर धक्क लगाता हुआ - वो दीदी ,,,उसका कोई प्लान नही है लेकिन मैने उससे शर्त लगाई कि मै उसके सामने आपको चोदूंगा

निशा राहुल की बातो से उत्तेजित हो गयी और वो लण्ड अपने चुत मे कसते हुए बोली - तु सच मे बहिनचोद है रे ,,,कमीन कही का दुसरे के सामने अपनी दीदी को पेलेगा हम्म्म

राहुल अपना ध्क्का तेज करता हुआ - अह्ह्ह दीदी मान जाओ ना उम्म्ं प्लिज्ज

निशा मुस्कुरा कर - तु तो अनुज को दिखा कर शर्त जीत जायेगा ,,लेकिन मेरा क्या फायदा उम्म्ंम बोल

राहुल थोडा हिचक कर - आप चाहो तो अनुज से भी चुद लेना , हम दोनो मिल कर चोदेंगे दीदी बहुत मजा आयेगा आपको भी

निशा एक साथ दो लण्ड से चुदने का सोच्कर कर पागल सी होने लगी ,,लेकिन अब इत्नी जल्दी इसके लिए राजी नही हो सकती थी ।

निशा - नही मै नही अह्ह्ह सीईई मै नही अनुज से चुदुंगी उम्म्ंम अह्ह्ह
राहुल - अह्ह्ह दीदी प्लीज ना ,,देखो जैसे अभी मै आपको चोद रहा हू ना वैसे अनुज भी चोदेगा

निशा - न्हीई राहुल उम्म्ं अह्ह्ह
राहुल अब कस कस कर धक्के लगाने लगा और मिन्ंते करता हुआ - प्लीज ना दीदी ,,आह्ह प्लीज

निशा अब झड़ने के करीब थी तो उसने सिस्कते हुए हामी भर दी वही राहुल और जोश मे आ गया और तेजी से लण्ड गचागच निशा की चुत मे डाले जा रहा था।

निशा झड़ चुकी थी तो अपनी चुत का छ्लला राहुल के लण्ड पर कसने लगी ।
राहुल बार बार निशा से कबुलवा रहा था अनुज के साथ चुदवाने के लिए उसे एक जबरदस्त उत्तेजना मिल रही थी और वही निशा मुस्कुरा कर ना मे सर हिला रही थी । जिससे राहुल की चरम पर जाने गति और बढने लगी ।

राहुल - दिदीईई अह्ह्ह बोलो ना चुदोगी ना अनुज से भीई अह्ह्ह प्लिज्ज्ज सीईईई बोलो ना दीदी चुदवाओगी ना हम दोनो भाई से

निशा अब राहुल को पूरी तरह से अपने कब्जे मे ले चुकी थी और मुस्कुरा कर बडी अदा से राहुल की बातो को नकार रही थी लेकिन राहुल को उत्तेजना ही मिल रही थि और फीर उसने अपना लण्ड बाहर खीचा- अह्ह्ह दीदीईई अह्हीई ओह्ह्ह्ह्ह अह्ह्ह माआअह्ह उम्म्ह्ह्ह्ह सीईई दीदीईई आई लव युउउउऊ अह्ह्ह्ह

राहुल निशा के पेड़ू पर झड़ने लगा था उसके वीर्य के कुछ छीटे निशा के स्त्नो तक गये थे । फिर वो ढह कर वही लेट गया ।

निशा मुस्कुरा कर उठी और अपने जिस्मो को साफ किया फिर कपडे पहन कर चली गयी अपने कमरे मे ।
राहुल वही उसी हालत मे सो गया ।


अगली सुबह निशा उठी और अपने अपने कामों में लग गयी और जब किचन मे आई तो उसकी मा ने फिर से उसे टोका ।

शालिनी - ये क्या है , तु अब बडी हो गयी है , कम से कम दुपट्टा लेके तो रहा कर

निशा - क्या मा एक इत्नी गर्मी है और उपर से दुपट्टा । घर मे पापा और राहुल ही तो है ना कोई बाहर का तो नही है ना

शालिनी - हा तभी तो कल रात तेरे पापा ने बोला कि तुझे टेप लाकर देदू ,,

निशा चौकी - मतल्ब
शालिनी को लगा कि अगर निशा को उसके पापा के नाम पर थोडा डरायेगी तो शायद वो अपनी आदत सुधार ले और थोडा शालीनता से ढंग के कपड़े मे रहे ।

शालिनी झूठ का गुस्सा दिखाते हुए - और क्या कल तेरे पापा मुझपर गुस्सा हो रहे थे कि निशा के पास अन्दर वाले कपडे नही है क्या जो ऐसे घुमाती है ।

निशा का कालेज धक्क करके रह गया कि उसके पापा ने उसके हिलते चुचो को देख लिया ,,क्या सोच रहे होगे उसके बारे मे ।

निशा - सॉरी मम्मी लेकिन सच मेरे पास फुल टेप नही है और अब से मै ख्याल रखूंगी ।

शालिनी एक विजयी मुस्कुराहट के साथ - अच्छा वो तेरा नम्बर बता मै आज राज के यहा से लेते आऊंगी

निशा थोडा मुस्कुरा कर - वो 34 नम्बर का मम्मी , व्हाईट मे लेना काटन वाला

शालिनी - अच्छा ठिक है और जरा अभी तु मुझे अपनी ब्रा दिखाना तो वो जो तु लाई थी राज के यहा से , वो आरामदायक है ना तुझे


निशा हस्कर - हा मा बहुत कम्फोर्तेबल है ,,लेकिन एक ही है मेरे पास

शालिनी - थिक है मुझे दिखाना उसी माडल मे मै भी लूंगी ,,,, ये मेरी वाली चुबती है सोने पर

निशा - अरे मा तो आप ब्रा पहन के क्यू सोती हो , ब्रा पहन कर नही सोना चाहिये

शालिनी हस कर - अगर मै ना पहनू तो तेरे पापा रोज हिहिही.....।

निशा को शर्म आने लगी - धत्त मम्मी आप भी ना हिहिहिही ....।

शालिनी हस कर - और क्या देखना शादी के बाद तु पहन कर ही सोयेगी ,,,क्योकि इन मर्दो को रात भर टटोलने की आदत होती है हिहिहिही और तेरे पापा तो ....

निशा हसकर शर्म से लाल होती हुई - माआ बस भी करो हिहिहिही मुझे शर्म आ रही है ,,,,,हा नही तो ।


शालिनी - अरे मुझसे क्या शर्माना , बेटी जब बडी हो जाये तो उसकी मा उसकी दोस्त बन जाती है

निशा हस कर - रहने दो मा ,, आपको मेरी दोस्ती मह्गी पड़ जायेगी हिहिहिही

शालिनी - अच्छा वो भल क्यू

निशा - अरे आपसे दोस्ती कर ली तो पापा को जीजू कह के बूलाना पडेगा ना हिहिहिही

ये बोल कर निशा किचन से खिलखिलाकर भागी और शालिनी उसके जवाब सुन के उसके पीछे भागी - रुक बेशर्म कही की ,,, अपने पापा को जीजू बनायेगी हिहिहिही

निशा अन्तत: शालिनी के पकड मे थी ।
निशा हस्ते हुए - क्या मम्मी अब सहेली का पति को जीजू ही कहुन्गी ना हिहिही

शालिनी हस दी - धत्त पागल ,,,तुझसे तो बात ही करना बेकार है

शालिनी किचन मे जाने लगी तो निशा उसके बगल मे आकर उसके कन्धे पर हाथ रख कर - यार शालिनी , जीजू बड़े स्मार्ट लगते है ,,नम्बर देदे ना

शालिनी हस्कर गुस्सा दिखाते हुए निशा के कान ऐंठते हुए -बहुत बोल रही है तू ,,थोडी छूट क्या दी ह्म्म्ं ,,अप्ने बाप को लाईन मारेगी

निशा दर्द मे हस्ते हुए - अरे नही माआ सॉरी ना हिहिहिही प्लीज छोड दो वो तो मै मेरे जीजू का नम्बर माग रही थी हिहिहिह्जी पापा का थोडी

शालिनी वापस से उसके कान खीचते हुए - क्या बोली

निशा हसते हुए माफी मागने लगी - हिहिहिही सॉरी मम्मी प्लीज छोड दो अह्ह्ह दर्द हो रहा ,, नही कहूँगी अब

शालिनी ने उसके कान छोड दिये और निशा हस कर भागते हुए - देखना मै जीजू का नम्बर लेके रहूँगी हिहिहिही

ये बोलकर निशा अपने कमरे मे भाग गयी और शालिनी उसकी चंचलता और बचकानी हरकतो पर हसने लगी । ये सोच कर कि अभी कुछ सालो के लिए ही तो यहा पर है फिर अपने ससुराल चले ही जायेगी । शालिनी ने थोडा अपनी नम होती आंखो को आंचल से पोछा और किचन मे खाना ब्नाने चली गयी ।



राज की जुबानी

रोज की तरह आज भी मै दुकान पर बैठा हुआ था ।
शादियो का सीजन खतम हो गया और काफी सारे स्टॉक्स कम हो गये थे ।
अनुज भी मेरी हैल्प कर रहा था ,हमने सामानो की पर्ची बनानी शुरु की ।

फिर फोन पे ही ओर्डेर दे दिया
क्योकि ज्यादा सामानो के लिए मुझे अब बडे शहर नही जाना होता था । ऑर्डर कर देने पर अगले ही दिन सारा सामान और बिल आ जाता ।
नेक्स डे पर मै बैंक से पेमेंट करवा देता था ।

दोपहर तक हमने पर्ची बनाई और फिर अनुज खाने के लिए घर निकल गया ।

अभी भी मै कुछ बचे खुचे समान पर नजरे मार रहा था कि मेरे मोबाइल की घंटी बजी । ये निशा ही थी ।


दुकान मे कोई ग्राहक था नही तो मै भी मस्ती मे

मै - और जानेमन क्या हाला है ,,,कहातक बात पहुची
निशा हस कर - बिस्तर तक हिहिहिही
मै चहक कर - कर लिया ,,लेकिन कब और कैसे? अभी तो दो ही दिन हुए ना बताये ???
निशा - अब क्या करती वो जो कहानी पढ रही थी मै । उसी ने मेरे जज्बातो को बहला दिया और मै खुद को रोक नही पाई

मै हस कर - तब कितने राउंड हुए कल हम्म्म्म
निशा - धत्त एक ही तो ,,उसका पहली बार था और पता है उसने अनुज से शर्त लगायी है कि वो उसके सामने मुझे .....हिहिहिहिही

मै निशा को छेड़ता हुआ - उंहू एक साथ दो दो हा ...। मजे ले रही हो जानेमन

निशा - धत्त मै नही ऐसा कुछ करने वाली ...।
मै - अरे कर लो ना जान,,ट्राई करने मे क्या है अब ऐसे अपने छोटे भाई का दिल दुखाना अच्छा नही है ।

निशा - ओहोहोहो और मेरा वो दुखेगा तो ,,राहुल का तो एक हिसाब से तुमसे छोटा था पता नही अनुज का कैसा होगा । नही बाबा नही एक साथ दो नही ।

मै हस कर - कोई बात नही जैसी तुम्हारी मर्जी ,,वैसे अब रातो मे तडपना नही पडेगा

निशा शर्मा कर - हा लेकिन तुम्हारी कमी वो नही पूरी कर सकता ना

मै - कोई नही कभी मौका लगा तो मै भी हाथ साफ कर ही लूंगा


मै निशा से बात कर ही रहा था कि मेरे मोबाइल पर मैसेज बिप हुआ , जो काजल भाभी का था । मै मुस्कराया और निशा से बाद मे बात करने का बोल कर जल्दी से WhatsApp खोला

काजल - hey good morning
मै - are dophar ho gayi hai bhaabhi 😁
काजल - 😄😄 Ha ji
काजल - achcha suno ek kaam tha
मै - Ha kahiye na bhaabhi
काजल - wo kal mera ek parcel aayega le loge kya
मै चहक कर - isbaar kya hai
काजल - Wo kapde hi hai aur kya
मै - lekin pichli baar box bada tha , kya tha usme ? 🤔
काजल - 😄 kapde hi the ji
मै - lekin mai us din us box par item details padha tha to
मै - usme koi complete gadgets set ke baare me likha tha .

काजल थोडा रुक कर रिप्लाई की ...

काजल - Nahi to , aisa kuch nahi tha ... aur tum mere samaano ki jaasusi karate ho kya
मै -😄 are nahi nahi wo box bada tha to aise hi man hua dekh lu .
काजल - hmmm
मै - lekin Jab maine uska Barcode scan kiya to 😁 saare aujaar dikhe mujhe jo ap magwayi thi

काजल ने मैसेज देखा और थोडा देर चुप रही ....
मै - aap tensn na lo . Mai kisi ko nahi kahunga , bas mere kuch sawaal hai
काजल - kya ??
मै - wo mai kal parcel leke aaunga to btaaunga abhi bye
काजल - ok bye


मै समझ गया कि काजल भाभी की फट चुकी है और उसकी धडकनें इस समय तेज होगी । वो तो इस समय ये सोच रही होगी कि मुझसे सामना कैसे करेगी और मेरे सवाल क्या होने वाले है ।

जारी रहेगी
बहुत ही सुंदर लाजवाब और उत्तेजना से भरपूर कामोत्तेजक अपडेट है भाई मजा आ गया
आखिर निशा राहुल से चूद ही गई स्टोरी पढ़ते हुए गरम हो गई और अपनी वासना की आग ठंडी कर ली दूसरी और राज काजल भाभी को पटाने में लगा हुआ है देखते हैं काजल को ठोकता है या नहीं
 
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