भाई तू तो रहेगा ही ,अगर मेरे से कोई चूक हुई तभी तुम संभाल लेना,
क्या बोलते हो पप्पू । पप्पू बोला जैसे आपका हुकुम मेरे आका,,,
इतने में ,,माहिरा बोली की पप्पू ठीक बोल रहा है हम दोनो के लिए ये खेल नया है, और पप्पू पहले काफी खेल चुका ये खेल अगर मेरी मानो तो पप्पू ही ठीक रहेगा पहले ,,
मैने बोला ,, की तू उसकी चिंता न कर छीनाल मैं सब संभाल लुंगा।
पप्पू,,,उसकी चूची के दाने को सहलाते हुए बोला राजू चल बेटा अब सुरू कर ,,,माहिरा भी लन्ड खाने के लिए त्यार है
क्या बोलती है माहिरा जन्नत की सैर सुरु किया जाए ।।
माहिरा,,,,बोली की नेकी और पूछ पूछ लेकिन मुझे बहुत फिकर हो रहीं है,, किस बात किस बात कि फिकर है मेरी जान,,, पप्पु बोलते हु उसके होंटों पे एक चुम्मा जड़ दिया,,
माहिरा,, बोली की मेरी चूत की होल इतनी छोटी है उसमे
राजू जी का लन्ड कैसे जाएगा मै यही नहीं समझ पा रही हु
मुझे ये सोच के ही बहुत डर लग रही हैं की कहीं कुछ हो गया तो मैं । क्या करूंगी ,,
मैने बोला पप्पु इसको समझा ये फोकट में इतना सदमे में है
जो चीज जिसके लिए है तो इसमें डरने वाली क्या बात है,
फिर पप्पू बोला रानी , लन्ड चूत में जाने के लिए ही होता है।
और सबकी चूत ऐसे ही रहती है जैसे तुम्हारी है एक बार जायेगा तो रास्ता अपने आप ही बन जायेगा ,,
लेकिन,, पहेली ही बार में इतना बड़ा और मोटा लन्ड कैसे जाएगा ,, इसलिए बोली थी की पहले पप्पु तुम करते तो मुझे कम तकलीफ होती,,
मैने,, बोला देख अगर आज मेरे लन्ड से शुरुआत कर लेगी तो जो होना है आज ही हो जायेगा, कल फिर कैसा भी लन्ड से तू मजे लेते रहेगी । इसलिए मुझे करने दे । पहले और तू आंखे बंद करके जन्नत की सैर कर।
पप्पू ,, बोला चल अब देर मत कर मै दोनो घुटने के बल उसकी टांगों के बीच में बैठ गया अब मेले उसकी चूत को सामने से देख पा रहा था और पप्पू उसके सर की तरफ बैठ के उसके होठ चूसते हुए उसकी निप्पल साहेला रहा था मैं उसकी चूत के फाकों को अपनी उंगली से खोला तो मैं उसकी रसीली गुलाबी चूत को देख कर उत्तेजित होगया क्या गजब की रस भरी गुलाबी चूत थी माहिरा की मै ने देरी करना मुनासिब नहीं समझा और उसकी दोनो टांगो के बीच में बैठ कर अपने मुंह से ढेर सारा थूक निकाल कर अपने लन्ड के सुपाड़े और माहिरा की चूत पर लगाने के बाद अपने लन्ड का सुपाड़ा उस के चूत के मुंह पर रख ही था की माहिरा मचल उठी मुझे ऐसा लगा की अब वो लन्ड लेने के लिए तैयार है,
मैने पप्पू से बोला पप्पू पोजीसन संभाल लो ,
पप्पू अब सीधा उसके सर के पास बैठ के अपने दोनो घुटने जोडके जमीन पर बिछा दिया और माहिरा कर अपने गोदी में रख कर अपने दोनो हाथ उसके कंधे पे रख कर उसके निप्पल सहलाते हुए मुझे बोला अब अपना काम कर उधर माहिरा अपनी चूतड उछाल रही थी मैं ने उसके दोनो जांघो को अपने हाथों से पकड़ कर एक ऐसा झटका मारा की मानो जमीन हिल गई माहिरा तड़प के चिल्ला उठी वो तो पप्पू झट से उसके मुंह पर हाथ रख दिया और जोर से उसका मुंह बंद करदी माहिरा के आंखो से आंसू छलक वो बस छूटने की नाकाम कोसिसे करने लगी मैंने वो झटका मरते ही रुक गया मुझे ऐसा लगा की किसी गरम भट्टी में , मैने अपना लन्ड डाल दिया हु,, गज़ब की गर्मी महेसुस हो रही थी करीब दो मिनट तक हम लोग वैसे ही बैठे रहे अब धीरे धीरे उसका तड़पना काम हुआ तो पप्पू ने उसके मुंह को खोल दिया मुंह खुलते ही माहिर फुदक फुदक के रोने लगी बोली राजु तरस खाओ मेरे ऊपर रोते हुए बोली ,,
इतने में पप्पू बोला,,,
पगली अब क्या अब जो होना था होगया ,,
नही पप्पू ,, मुझे छोड़ दो मेहर बानी होगी मैने अपनी अभी तक के जिंदगी में ऐसा दर्द कभी नहीं झेली हूं जो आज मेरे चूत और उसके अगल बगल में जो दर्द है सिर्फ मै ही महेसूस, कर रही हु तुम्हे क्या पता की मै किस तकलीफ से गुजरी हु
अभी ,, पप्पू,,बोला रानी अब कैसा हैं, तुम्हारा दर्द अब ठीक है ना,,माहिरा बोली अब थोड़ा बेहतर महेसुस हो रहा है लेकिन मुझे मेरे कमर के नीचे कुछ भी महेसुस नही हो रहा है रानी अभी सब महेसुस होगा और मजा भी मिलेगा तुम खुद ही चोदने के लिए बोलो गी,।
अब मैं अपनी लन्ड की तरफ देखा तो पूरा लन्ड मेरा लाल खून से नहा चुका था,,
गांड़ तो मेरी भी फट गई देख कर इतना खून। जो चूत थोड़ी देर पहले इतनी रशीली दिख रही थी इस वक्त पूरा खून से नहा चुकी थी
मैने पप्पू को हाथ मारके इसारह किया उसे दिखाया तो बोला चुप रह मैने बोला साले अभी सिर्फ तीन इंच गया है वोह बोला ठीक है ,,,
पप्पू,,, ने महिरा से पूछा की कैसा लग रहा है रानी अब तुम्हे
माहिरा,,,बोली की दर्द तो अब नही है लेकिन थोड़ी थोड़ी खुजली हो रही है ,,पप्पू बोला डार्लिंग अब तुम्हे मजा आयेगा फिर वो मुझे बोला राजू आराम आराम से कर और अपने फिर पहले वाले पोजीसन में माहिरा के निप्पल को चूसने लगा उसके निप्पल को चूसते ही महिरा रंग में आने लगी और अपनी चूतड हिलाने की कोशिश करने लगी पर मेरे उपर होने की वजह से वो हिल नही पा रही थी , मैने पप्पू को एक नजर देखा और मुंडी नीचे कर के ढेर सारा थूक निकाल के उसके चूत पे लगाया और फिर एक जोरदार धक्का मारा इस बार मेरा 3 इंच लन्ड और उसकी चूत में समा गया उधर पप्पू उसके मुंह पे हाथ रख कर दबाए हुए था , और माही की आवाज नहीं निकल पा रही थी , मानो की वो एक दम से निढाल होगई मुझे तो ऐसा लग रहा था की अभी जान दे देगी,, लेकिन मेरे अंदर जैसे कोई सैतांन परवेस कर गया हो मुझे
उसपर कोई दया नही अरही थी
पप्पू,, बोला जान बस ये अखरी था अब तुम्हारी बारी है मजे लेने की,, जब तुम्हे मजा आयेगा तभी हमे भी मजा आयेगा,
फिर महिरा सिसकते हुए बोली की जो दर्द मै सहे रही हु वैसा दर्द राजू जी आपको भी हुआ है क्या ,, मैंने बोला दर्द तो हुआ है , लेकीन तेरे इतना नही थोड़ा सा हुआ है , फिर पप्पू उसके honto को चूमते हुए उसके पसीने को पोछने लगा कियोकी वो इतना पसीने में डुबी हुई थी, इधर मेरे तरफ अभी भी खून निकल के टपक रहा था मैं अब धीरे धीरे हिला तो माहिरा के मुंह से उई मां निकल पड़ी, मैने बोला क्या हुआ मैने कुछ नही किया है वो बोली हा लेकिन हिलने से भी थोड़ा सा दर्द हुआ
पप्पू,,बोला रानी बस थोड़ा सा और उसके बाद तुम जन्नत के मजे लो ,
महिरा, बोली अभी तक तो जहन्नम के ही मजे मिले है देखते है तुम कितने सच्चे हो,
पप्पू ,,बोला रानी जो होना था हो चुका अब तुम्हे ये दर्द कभी नही सहेना पड़े गा, ये दर्द हर लड़की को एक बार झेलना पड़ता है ।जब लड़कियों की चूत की सील टूट ती है तभी ये दर्द होता है , हा ये बात और है की तुम्हे ज्यादा दर्द हुआ क्यो की जिस लन्ड से तुम्हारा उद्घाटन समारोह हुआ है वो कोई आम लन्ड नही है एक दम गधे की साइज की है इस लन्ड से तो तुम्हारी मां के पसीने छूट जायेंगे , तुम तो अभी कली हो खैर जो होना था होगया इतना बोलते ही पप्पु उसके निप्पल को चूसते हुए मुझे बोला राजू अब अंदर डालने की कोसीस मत करना अब अंदर बाहर थोड़ी देर करो जब माहिरा इशारा करे तभी थोड़ा सा अन्दर घुसाने की प्रयास करना समझ गए ना,
मैने बोला,, हा गुरु जी समझ गया जैसे आपकी आज्ञा फिर मैने धीरे से उसकी टांगों को ढीला किया और लन्ड बहार करने लगा तो माहिरा के मुंह सिसकारी निकल पड़ी hss hmmm,, अब मैं अपने लन्ड को धीरे धीरे आगे पीछे करते हुए चुदाई करने लगा और पप्पू भी अब अपना लुंड उसके मुंह देके उसकी चूची को दबाते हुए मजे ले रहा था , अब माहिरा भी मस्ती में आने लगी और अपनी चूतड को उछालने लगी मैं समझ गया की अब ये मजे ले रही है, और मस्त होके चुदाई।
का आनंद ले रही थी अब उसके मुंह से आआह्ह,,, उह,, निकल रहा था मैने थोड़ा सा और दबाया, उई मां,,, आह
मैने पूछा कैसे लग रहा है तो वो बोलने की स्थिति में नहीं थी बस आंखे बंद करके मजे ले रही थी इस समय मेरा छे इंच लन्ड अंदर बाहर हो रहा था और माहिरा मस्ती में chudai का भरपूर आनंद ले रही थी मैने फिर थोड़ी kosis ki lekin मेरी कोशिश बेकार गई मुझे ऐसा लगने लगा की मेरा लन्ड कन्ही जाके टकरा रही थी, फिर मैं छे इंच से chudai karte हुए बोला अब बोल छीनाल मजा आराहा है बोली राजू जी करते रहो bahot मजा आ रहा है , थोड़ा और धक्के मारो जल्दी जल्दी , मुझे पता नही क्या हो रहा है ऐसे लग रहा जैसे मै पेसाब कर दूंगी ,
पप्पू,, को रहा नही गया बोला जान मुतास नही लगी है अब तुम अपनी चरम सुख के अंत में आगयी हो ,
इतना बोल ही रहा था की एक पानी का सैलाब माहिरा चूत से निकल कर मेरे पूरे लन्ड को गीला कर दिया और माहिरा अपना चूतड हिला हिला कर झड़ गई मैं अभी भी पेलना चालू रखा ,