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माया ने अपनी बिकिनी पर coverlet बंधा और दरवाजा खोला क्योंकि सिक्योरिटी ने उसे कॉल कर बताया था कि उसकी बहन उस से मिलने आ रही थी। माया मॉडल बनने से पहले कुछ अच्छे हालात में नहीं थी। पिता की तनख्वा कम थी, मां गृहिणी और माया के शौक महंगे। घर की छोटी बेटी छाया गरीबी में खुश पर पढ़ाकू थी। वह 23 साल की लड़की CA कर रही थी और उसकी ऐसे आने की वजह जरूर खास होगी।
छाया ने दौड़ते हुए आकर सोफा पर गिर कर अपने सीने पर हाथ रखे।
माया, “अगर तुम heart attack से मर रही हो तो मैं कपड़े पहन लेती हूं।”
छाया, “तीन साल होने को आए पर वह छोटा लड़का तुम को घास भी नहीं डालता। क्यों पहनती हो ऐसे कपड़े?”
माया छाया के सामने बेझिझक बैठ कर, “मैं उसे ललचा रही हूं। अब तक मैंने अपने आप को रोके रखा क्योंकि एक तो वह नाबालिक है और दूसरा की वरुण अब भी शहर में है तो आदि को फंसाने का वक्त नहीं। पर आदि के अठारहवें जन्मदिन के अगले दिन से तीन महीनों के लिए एक खुफिया मिशन पर वरुण जा रहा है। तब मैं आदि को ऐसा तड़पाऊंगी की वह बेकाबू हो कर मेरा रेप कर दे। फिर मैं उसे जेल भेज दूंगी और बेचारी बन कर वरुण की इकलौती वारिस बन जाऊंगी।”
छाया impress होकर, “खतरनाक प्लान है दीदी!!”
माया, “छोड़, तू बता ऐसे भागे भागे क्यों आई है?”
छाया कुछ हिचकिचाहट के साथ, “दीदी याद है, जब तेरी शादी हुई थी और मुझे एडमिशन के लिए दो लाख की जरूरत थी?”
माया आह भरते हुए, “और मैने बताया था कि वरुण के पास पैसा है मेरे पास नहीं। तुम अब भी उस बात पर गुस्सा हो?”
छाया, “नहीं दीदी!! पर एक राज बताती हूं। मेरा एडमिशन हो गया पर किसी स्कॉलरशिप से नहीं पर ऑनलाइन कसीनो से!!”
माया, “क्या!!”
छाया, “हां दीदी! मैंने उस रात स्कॉलरशिप ढूंढने के लिए तुम्हारा पुराना लैपटॉप लगाया तो एक स्पैम पर नजर गई। यूरोप का एक ऑनलाइन कसीनो टूर्नामेंट रख रहा था और कुछ कूपन दिए थे। मेरे खाते में कुछ नहीं था तो मैंने खेलने की हिम्मत की।”
छाया की आंखें चमक रही थी।
छाया आगे बढ़कर, “उस रात मैने गणित का इस्तमाल कर खेला और 3 लाख जीत गई। उन्हीं पैसों से मेरी पढ़ाई भी हुई और नया लैपटॉप वगैरह लिया।”
माया, “तू तो बड़ी किस्मत वाली है! पर तू यह राज़ अब क्यों बता रही है?”
छाया, “दीदी, कसीनो ने पुराने विजेताओं की टूर्नामेंट रखी है। Prize 10 million dollar!! अगर हम जीत गईं तो तुझे वरुण की कोई जरूरत नहीं होगी!”
माया, “तू यह मुझे क्यों बता रही है? मुझसे क्या चाहिए?”
छाया सर झुकाकर हाथ में देखते हुए, “ एंट्री फीस हजार डॉलर यानी सत्तर हजार रुपए है। अगर वह तुम दे दो तो जीत की रकम आधी आधी कर सकते हैं।”
माया ने कुछ सोच कर हां कहा तो छाया खुश होकर माया से पैसे लेकर चली गई। रजिस्ट्रेशन के बाद छाया ने माया को बताया कि टूर्नामेंट आदि के अठारहवें जन्मदिन के दो दिन बाद होगी। माया ने कहा इस उस दिन आदि बाहर जानेवाला था और वरुण मिशन पर तो कसीनो माया के घर से खेला जाए।
आदि ने अपने जन्मदिन की पार्टी में माया को इठलाते हुए देखा और वरुण से मिन्नतें करने लगा कि उसे भी मिशन पर जाना है।
वरुण हंसकर, “आदि, जवान से जवांमर्दी तक हो ले फिर मिशन पर आना!”
आदि वरुण को कैसे बताता की वह जवमर्दी करने से खुद को कैसे रोके हुए था!
वरुण उसी सबेरे चला गया, तो वरुण को विदा करते हुए माया ने आदि को अपनी जांघ पर से बहता वीर्य देखने दिया। आदि thermodynamics के नियम याद करते हुए नहाने चला गया।
आदि सुबह जल्दी किसी दोस्त से मिलने का बहाना बना कर चला गया तो दोपहर 12 बजे दोनों बहने कसीनो खेलने बैठी। माया को जल्द ही पता चल गया कि छाया की समर्णशक्ति और गणित का ज्ञान उसे आसानी से जीता रहा था। पहला qualifier जितने तक उनके हजार डॉलर दस हजार डॉलर बन चुके थे और दोनों बहने main event के लिए तैयार हो रही थी जब छाया की चीख ने माया को आगे लाया। छाया फटी आंखों से screen देख रही थी।
माया, “क्या हुआ छाया?”
छाया screen दिखाते हुए, “qualifier जितनेवालों को 1 लाख डॉलर्स का सामान गिरवी रखना होगा। हम बाहर हो गए दीदी!!”
माया कुछ सोचते हुए, “देख छाया तू जीत रही है और यह सब तुझे भगाने के लिए हो रहा है! उन्हें हां बोल। कुछ जुगाड करते हैं! पर अब हम 10 million dollar जीत कर रहेंगे!”
छाया, “दीदी, 1 लाख डॉलर्स यानी सत्तर लाख रुपए! इतना महंगा क्या है?”
माया मुस्कुराकर, “यह घर!”
छाया, “पर घर तो वरुण का है!”
माया, “गिरवी रखना है, बेचना नहीं है! घर के कागज लॉकर मैं हैं। आज रात तक सब जीत कर वापस रख देंगे!”
दोनों बहनों ने लालच के मारे घर के पेपर्स जमा कराए और कसीनो खेलने लगी।
आखिरी दांव बड़ा ही रोमांचक था। Double beauties (माया छाया) के पास दिल का एक्का, दुग्गा, तिया थे। इस से बेहतर सिर्फ एक मुमकिन हाथ था, हुकुम का एक्का, राजा, रानी जो गणित के हिसाब से नामुमकिन था!
Double beauties पैसे लगते गई जब तक सिर्फ दो खिलाड़ी बचे थे और मेज पर थे 12 million dollar। आखिर में माया छाया ने जीते और घर के मिलाके 3 million dollar लगाकर show कहा तो skywarrior के पत्ते देख कर दोनों के होश उड़ गए।
हुकुम का एक्का, राजा और रानी!!
Skywarrior को 12 million dollar का उपहार मिला और माया छाया को एक ईमेल। उन्हें 1 दिन में सत्तर लाख रुपए जमा करने होंगे या यह घर खाली कराने वसीम भाई के लोग दूसरे दिन पहुंच जाएंगे।
माया और छाया ने डरते हुए ईमेल को जवाब देते हुए पूछा कि उन्हें कुछ वक्त मिले पैसे लौटाने के लिए तो वहां से जवाब आया कि बॉस से वीडियो कॉल पर बात करो।
माया ने अपने आप को संवारा और छाया का भी अच्छा मेक अप किया ताकि बॉस कुछ नरमी बरते। बॉस अल्बानिया माफिया का आदमी था जिसे पैसे से बड़ा कुछ नहीं था। माया और छाया ने मदद की गुहार लगाई तो बॉस कुछ सोचने लगा।
बॉस, “You girls look alike! Sisters?”
माया छाया को अपने बगल में सटाकर, “Yes!!”
बॉस, “You have Brother?”
माया सोचते हुए, “No man here. Only my step son.”
बॉस हाथ हिलाकर, “Step son useless. 3 year – 5 year?”
माया, “No!! आदि is 18!! Why?”
बॉस, “My brother make movies for special group. People who like certain movies. Exclusive movie club!! Name
Home Sex Films”
माया और छाया चौंक कर, “No!!”
बॉस, “Think!! Per episode 1000 dollar per actor. We give scene. You play, make movie, send. After 30 to 50 episodes you are clear and movie not on internet. Nobody knows.”
छाया रोनी सूरत कर, “I am virgin. Pretty sure Adi is too. Please!!”
Boss, “Boo fucking hoo!! Either do acting or pay money!!”
माया और छाया के पास कोई रास्ता नहीं था। उन्हें आज कुछ भी करके आदि को मनाना पड़ेगा कि वह कैमरा के सामने माया को मां कहते हुए चोदे।