फिर दीपिका , पूजा करने चले गयी।
और भगवान से प्रार्थना करने लगी कि वो अपने पति के साथ जल्द से जल्द चली जाये।
।
उसके बाद दीपा सुनीता को देखती है सुनीता बस मुस्कुरा जाती है ये सोच कर कि दीपिका और रवि कितने खुश है।
और वो मन ही मन रवि के बारे में सोचती है।
वही दीपिका रवि को देख कर सोचती है।।
मुझे रात भर सोने नहीं देते है और अपना देखो।।
और फिर रवि को धीरे से उठाती है।।
दीपिका:: सुनो ।। सुनो!!! ( उठाते हुए)
रवि करवट ले कर सो जाता है।
दीपिका उसको फिर से उठाती है।
और रवि का टेस्टोस्टेरोन लेवल हाई होता है और वो दीपिका को फिर से खींच लेता है।
द::अरे।। छोड़ों!! पागल हो जाते हो क्या?? दरवाजा खुला है । अक्ल है कि नहीं?? रात भर मुझे सोने नहीं दिया है।।अब फिर वो ही ।।( कसमसा के)
तो रवि उसके गाल में चूम कर अपना हाथ उसके उरोजों पर डालता है ।

तो दीपिका हड़बड़ा के बोलती है ।
द: मैं बात नहीं करूंगी सुन लो ।
र: मत कर ।।
दीपिका की दर्द से हालत खराब हो जाती है क्योंकि रवि ने कल रात २ बार किया था और उसके निप्पल लाल कर दिये थे।
तभी रवि उसके कान पे कुछ कहेगा ।
दीपिका एक दम से बोलेगी।।
द: न न न।। बिलकुल नहीं।।। हर जगह आपकी ही नहीं चलेगी।।
ना रात देखते हो ना दिन।
जाना है यार।। पैकिंग करनी है।।
रवि दीपिका के गले पे किस करके बोलता है फुसफुसाते हुए।
र:: अकेले जाऊं क्या मैं? तू छुट्टी ले ले और चल मेरे साथ।
द: आप क्यों नहीं ले रहे।।बड़े आये।।( रवि के आँखों मे देख कर)
र: चल ना। दिन रात लेनी है तेरी।।( दीपा के कूल्हे मसल कर)
दीपिका शर्म से मर गई। और थोड़ा तुनक के बोली।।
द: इतने बदतमीज़ हो न आप।।।छोड़ों मुझे ।।
तो रवि दीपिका को अपने नीचे ले लेगा। और उससे बोलेगा।।
र: एक बार करने दे बस।।
द: न न ना.. मैं न फ्री नहीं हु आपके जैसे। अपना भी बैग पैक करना है और आपका भी । छोड़ो ना यार। देर हो रही है।

र: न न।।कल रात तूने क्या कहा था सुबह कर लेना।
द: मेरी बात तो बहुत याद है अपनी रहती है? मैं तो बोल रही हूँ।, मन नहीं है बोलने का।
अपना प्रॉमिस याद नहीं रहता खुद को।
रवि एक दम से चिढ़ गया और उठ गया।।।
ठीक है मत कर।।।
द: अब मुंह बन गया होगा।।बनाओ मुझे क्या।।
रवि टी शर्ट डाल कर
बाहर को चला गया।।
और दीपा मन ही मन बोली।।
अब ये नोज रिंग कहा गई होगी।।( बेड में ढूंढते हुए)