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Incest Part-2 बेटी की जवानी - बाप बेटी का प्यार।

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मनिका को क्या करना चाहिए??

  • झगड़ा

    Votes: 10 8.3%
  • समझोता

    Votes: 13 10.8%
  • प्यार

    Votes: 95 79.2%
  • दूरियां

    Votes: 2 1.7%

  • Total voters
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Speedy_rocket

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Speedy_rocket

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Part-2 बेटी की जवानी - बाप बेटी का प्यार।

Part -1 बेटी की जवानी - बाप ने अपनी ही बेटी को पटाया - 🔥 Super Hot 🔥
Original writer : Daddy's whore
All credit goes to her for part -1

Part -1 आप सभी लोग original thread पे पढ़ सकते हैं।

ये स्टोरी का लास्ट अपडेट राइटर ने 4-Feb-2022 को दिया था। ऑलमोस्ट 4 महीने कम्प्लेट हो चुके बट नो अपडेट।

तो में खुद ही ये स्टोरी लिख रहा हु ।
मूल लेखिका ये स्टोरी चाहे तो आहे बढा सकती हे ।

30 - 31- उलझन part 2

हीतेश अंदर आते ही बोला कनु कहा हे।

मनिका ने लड़खड़ाते हुए जबान से कहा के वो निरा के घर पे हे ।

" क्या " उसने मुझे बताया भी नहीं चलो कॉल कर लेता हु उसे बाय गुड नाईट दीदी ।

इतना कहके हितेश अपने रूम में चला जाता हे ।

मनिका राहत की सांस लेती हे और अपने सीने पे हाथ रखके बिस्तर बैठ जाती है बादमे अपना सर पकड़ कर सिसक कर रोने लगती है।

बाथरूम में घुसा जयसिंह ये सब सुन रहा त। उसे समझ में आता हे हितेश चला गया हे और मणि अभी भी घबरायी हुए हे। मामला अभी बहुज ज्यादा नाजुक है इसलिए कुछ भी बोलना खतरे से खाली नहि।

इस्लिये वो चुचपाप सिर्फ थोडा खांस के अपने रूम की और चल देता है।

मनिका तुरन्त उठ के कमरे की कुण्डी बैठ कर देती हे। ताकि कोई भी अंदर न आने पाए

फर वो बेड पे पेट के बल गिर जाती है और सोचने लगती है ये क्या हो रहा है। आज तो पापा की वजह से में सच में रांड कहलाई जाती अगर सब को पता चल जाता तो क्या में सच में रांड जैसी हु जो अपने ही पापा की गर्लफ्रेंड बन गयी हु में क्या कर रही हु??

इतना सोचते सोचते मणिका रोने लगती है और ऐसे ही उसे कब नींद आ जाती है पता नहीं चलता।
 
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Speedy_rocket

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32 - विचार

अगले दिन हितेश स्कूल चला जाता है
जयसिंह भी ऑफिस मनिका के आने से पहले ही निकल जाता है ।

तो कुल मिलाके मधु मनिका और दादी ही घरपे थे ।

मनिका थोड़ी देरी से उठ कर फ्रेश होके नीचे आती है नाश्ता करने के लिए टेबल पर मधु से उसकी थोड़ी इधर उधर की बाते होती है फिर मनिका अपने रूम मे चली जाती है ।

रूम मे आने के बाद थोड़ा इधर उधर टहलती है और कुछ सोचने के बाद अपने drawing table ke आईने के सामने बैठ जाती है और खुद को आईने में निहारने लगती है।

यकायक उसे एक किताब में पढ़ी बात याद आ गई और वो तुरंत उठ के पैन और पेपर लेकर ड्रॉइंग टेबल पर बैठ गई ।
दरअसल उसने एक किताब ने पढ़ा था के जब किसी समस्या का समाधान न मिले तो अपनी उस समस्या को कही लिखना चाहिए ।

तो मनिका ने भी यही किया फिलहाल उसे उस किताब का नाम याद नही आ रहा था पर जो भी हो वो खुश हो गई के जो भी कुछ तो परिणाम जरूर निकलेगा ।

मनिका ने सोचा कहा से सरू करे अगर सीधा सीधा लिखा और किसीने पढ़ लिया तो ? इसलिए वह तय करती है के वो कोडवर्ड में लिखेगी ताकि उसे कोई भी समझ न पाए ।

खेर वो कोडवर्ड तो मनिका ही जाने क्या थे ।

मनिका कुछ सवाल लिखे कुछ इस तरह
१. मेरे और पापा का रिश्ता क्या हे?
२. क्या हम सही कर रहे है ?
३. क्या में सही कर रही हु ?
४. क्या पापा सही कर रहे हैं?
५. हमने ये क्यों होने दिया?
६. मेने ये क्यों होने दिया?
७. पापा ने ये क्यों होने दिया?
८. हमे आगे क्या करना चाहिए?
९. मुझे आगे क्या करना चाहिए?
१०. पापा को आगे क्या करना चाहिए?

खेर उसने सोच सोच कर विचार और समस्या लिख तो दी पर उसका समाधान उसके पास नही था ।

वह इस सब समस्या के बारे में सोचते सोचते कब टेबल से कब उठी कब बेड पे लेटी कब उसके हाथ से कागज गिरा और कब वो से गई पता ही न चला ।

उधर जयसिंह अपने आलीशान ऑफिस की कुर्सी पे बैठा सोच में डूबा था की अचानक उसका peon चाय का कप टेबल पर रखता है और जयसिंह की तंद्रा टूट जाती है ।

Peon( हरिकाका) बोलता है साब सुबह सुबह आप तो ऑफिस में सोने लगे रात को मैडम ने सोने नही दिया क्या ?

हरी जाओ ना क्यों मजाक करते तो जयसिंह बोला ।

दरअसल हरिकाका ऑफिस में बहुत पुराने थे इसलिए जयसिंह भी कभी कभी मजाक कर लिया करता था ।

हरी के जाते ही चाय की चुस्की लेते लेते जयसिंह ने सोचा ये मनिका को क्या हो गया है ? अब तक तो सब सही चल रहा था फिर अचानक क्या हो गया ? अब क्या में करू? ताकि उसे जल्दी ही अपने पास बुलाया जा सके ।

और हितेश आते ही वो बहुत ही ज्यादा गभरा गई थी , किसी इंसान को इतना भी गभराना नही चाहिए ।

लगता है मुझे अब उसे आपने पास करने के सबसे पहला काम
मेरे इस प्रोजेक्ट का दूसरा चरण स्टार्ट करना पड़ेगा ।

मेरे ख्याल से दूसरा चरण क्या होना चाहिए ?

जयसिंह को चाय पीते पीते एकदम से जैसे जवाब मिल गया
हां..... याद आया Training .

अगर किसके पास से काम निकलवाना हो तो सबसे पहले ट्रेनिंग देनी चाहिए ।

चलो तो फिर मनिका की ट्रेनिंग सरु की जाए , तो अबसे दूसरा चरण सरू ।

जयसिंह खुश हो जाता है और अपने काम में बिजी हो जाता है। ।।।
 
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Raj9977

Girls aunty housewife widow n aunty DM for sex.
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अगले दिन हितेश स्कूल चला जाता है
जयसिंह भी ऑफिस मनिका के आने से पहले ही निकल जाता है ।

तो कुल मिलाके मधु मनिका और दादी ही घरपे थे ।

मनिका थोड़ी देरी से उठ कर फ्रेश होके नीचे आती है नाश्ता करने के लिए टेबल पर मधु से उसकी थोड़ी इधर उधर की बाते होती है फिर मनिका अपने रूम मे चली जाती है ।

रूम मे आने के बाद थोड़ा इधर उधर टहलती है और कुछ सोचने के बाद अपने drawing table ke आईने के सामने बैठ जाती है और खुद को आईने में निहारने लगती है।

यकायक उसे एक किताब में पढ़ी बात याद आ गई और वो तुरंत उठ के पैन और पेपर लेकर ड्रॉइंग टेबल पर बैठ गई ।
दरअसल उसने एक किताब ने पढ़ा था के जब किसी समस्या का समाधान न मिले तो अपनी उस समस्या को कही लिखना चाहिए ।

तो मनिका ने भी यही किया फिलहाल उसे उस किताब का नाम याद नही आ रहा था पर जो भी हो वो खुश हो गई के जो भी कुछ तो परिणाम जरूर निकलेगा ।

मनिका ने सोचा कहा से सरू करे अगर सीधा सीधा लिखा और किसीने पढ़ लिया तो ? इसलिए वह तय करती है के वो कोडवर्ड में लिखेगी ताकि उसे कोई भी समझ न पाए ।

खेर वो कोडवर्ड तो मनिका ही जाने क्या थे ।

मनिका कुछ सवाल लिखे कुछ इस तरह
१. मेरे और पापा का रिश्ता क्या हे?
२. क्या हम सही कर रहे है ?
३. क्या में सही कर रही हु ?
४. क्या पापा सही कर रहे हैं?
५. हमने ये क्यों होने दिया?
६. मेने ये क्यों होने दिया?
७. पापा ने ये क्यों होने दिया?
८. हमे आगे क्या करना चाहिए?
९. मुझे आगे क्या करना चाहिए?
१०. पापा को आगे क्या करना चाहिए?

खेर उसने सोच सोच कर विचार और समस्या लिख तो दी पर उसका समाधान उसके पास नही था ।

वह इस सब समस्या के बारे में सोचते सोचते कब टेबल से कब उठी कब बेड पे लेटी कब उसके हाथ से कागज गिरा और कब वो से गई पता ही न चला ।

उधर जयसिंह अपने आलीशान ऑफिस की कुर्सी पे बैठा सोच में डूबा था की अचानक उसका peon चाय का कप टेबल पर रखता है और जयसिंह की तंद्रा टूट जाती है ।

Peon( हरिकाका) बोलता है साब सुबह सुबह आप तो ऑफिस में सोने लगे रात को मैडम ने सोने नही दिया क्या ?

हरी जाओ ना क्यों मजाक करते तो जयसिंह बोला ।

दरअसल हरिकाका ऑफिस में बहुत पुराने थे इसलिए जयसिंह भी कभी कभी मजाक कर लिया करता था ।

हरी के जाते ही चाय की चुस्की लेते लेते जयसिंह ने सोचा ये मनिका को क्या हो गया है ? अब तक तो सब सही चल रहा था फिर अचानक क्या हो गया ? अब क्या में करू? ताकि उसे जल्दी ही अपने पास बुलाया जा सके ।

और हितेश आते ही वो बहुत ही ज्यादा गभरा गई थी , किसी इंसान को इतना भी गभराना नही चाहिए ।

लगता है मुझे अब उसे आपने पास करने के सबसे पहला काम
मेरे इस प्रोजेक्ट का दूसरा चरण स्टार्ट करना पड़ेगा ।

मेरे ख्याल से दूसरा चरण क्या होना चाहिए ?

जयसिंह को चाय पीते पीते एकदम से जैसे जवाब मिल गया
हां..... याद आया Training .

अगर किसके पास से काम निकलवाना हो तो सबसे पहले ट्रेनिंग देनी चाहिए ।

चलो तो फिर मनिका की ट्रेनिंग सरु की जाए , तो अबसे दूसरा चरण सरू ।

जयसिंह खुश हो जाता है और अपने काम में बिजी हो जाता है। ।।।
Nice start part 2
 

player7

Apsingh
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Mujhe lagta ha original writer hi complete kare but i will more happy if new writer achieved his gole like old one
 
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Speedy_rocket

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33 - मोड

शाम का वक्त हो चला था करीब 5 बजे जयसिंह , हितेश और कनिका के आने में अभी भी 1 घंटे ज्यादा का वक्त बाकी था ।

मनिका अपने रूम से बाहर आने के बाद नीचे आती है तो पाति है की मधु और दादी tv ऑन करने अपनी ही धुन में बाते कर रही है।

वो सीधा किचन में जाती है और अपने लिए कॉफी बनाती है , कॉफी कप में लेते ही उसे खयाल आया कि इस बोरिंग जगह में तो कॉफी नही पीने वाली , रूम में वापिस जाने का तो सवाल ही नहीं था ।

images

तो वह सीधा घरके अंदर बनी सिडियो से ही घरकी छत पर चली जाती है ।

Ohh My God ..... मनिका के मुख से सबसे पहला वाकया यही निकला , क्योंकि मौसम काफी सुहाना और रोमाटिक था ।

उसने अपने आप को ही कोसा में पहले छत पे क्यों नही आया करती थी ।

उसके घरकेे आजू बाजू काफी पेड़ थे तो हवा काफी अच्छी आ रही थी ऊपर से sunset हो रहा था , वह काफी खुश थी तभी उसका ध्यान खट खटट की आवाज पे जाता है पता चलता है कि लकड़ी का दरवाजा हवा की वजह से हिल रहा ही और आवाज कर रहा हे , तो उसे बन्ध करना ही पड़ेगा ।

दरवाजा बन्ध करके उसकी नजर छत पर पड़े कुर्सी टेबल और फर्श पर जाती ही और पाति है काफी धूल जमी पड़ी है ।

खेर वह अपना ज्यादा समय न बर्बाद करते हुए कॉफी और रोमांटिक माहौल का लुफ्त उठाती है ।

तभी तभी !!!!!..... Ohh my God .....!!!!!

ये मेरे दिमाग में पहले क्यू नही आया....

दरअसल मौसम काफी सुहाना था और मनिका के दिमाग के घोड़े तेज रफ्तार से दौड़ रहे थे सो उसे खयाल आया कि उस दिन पार्टी वाली रात जब वो पापा के रूम में गई थी और जयसिंह और उसके बीच जो कुछ हुआ उस दौरान जयसिंह काफी पिया हुआ था , या फिर यह कहलो की जयसिंह नशे में धूत था ।

मनिका ने सोचा शायद पापा को उस रात का वाकया याद हो न हो , तो मेरा रांड कहलाना ने का कोई सवाल ही नहीं नही है । मनिका की मनोस्थिति ठीक नही चल रही थी इसलिए उसने इन सब चीजों पर बीते दिनों में पहले गौर नही किया था ।

खामखा में अपने आप को कोस रही थी , इसी उधेनबुन में मनिका अपने आप को सती सावित्री साबित करना चाह रही थी ।

अब ये
उसने सोचा के पापा को अगर सब याद है तो ? पापा को सब याद हे के नही यह केसे पता लगाया जाए ? अगर पापा को कुछ याद नही तो अब तक जो कुछ हमारे बीच बीते दिनों में हुआ उसे तो प्यार कहा जा सकता है और अगर पापा को सब याद हे तो में रांड हु ही इतना सोचते ही उसकी आंखे नम हो जाती है ।।

ये हम कहा से कहा आ गए , क्या हो रहा हे ? और वो आगे का प्लान सोचने लगती है .

Idea.... अब में ऐसा ही करुंगी और ऐसा सोचते सोचते वह जयसिंह का बेसब्री से इंतज़ार करने लगी थी ।
 
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Speedy_rocket

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.................................
34 - फ्लैशबैक !!!
...............................

पार्टी वाली रात को जयसिंह सबको ऑफिस का सीक्रेट डिस्कशन है ऐसा कहके ड्राइवर के साथ घरपे भेज देता है .

जयसिंह को पता था के वो जब घर जायेगा तब मधु अपनी मां के कमरे में होगी तो मेरे पकड़े जाने वाला नही।

सबके जाने के बाद जयसिंह माथुर उसके दोनो भाई रूम में शराब पीने बैठने लगे ।

जयसिंह बोला असली पार्टी तो अब सुरु होगी , अरे माथुर क्या लाए हो हमारे लिए ।

माथुर भी किसी मांझे हुए अदाकार की तरह ये लीजिए साहब कहके एक से एक अंग्रेजी शराब की बोतले रख देता है और सब एक साथ हस देते है ।

images-1

4 राउंड होने और अनाब सनाब बाते करने के बाद जयसिंह एकदम खड़ा हो जाता ही और गाना गाने लगता है ..

मुझे पीने का सोख नहीं पीता हु गम भुलाने को तेरी यादें मिटाने को तेरी यादें मिटाने को पीता हु गम भुलाने को ।

उसके दोनो भाई बोल पड़ते ही हमे डरा मत तु कोई भी गाना गाले बस ये गाना मत गा ।

माथुर बोल पड़ता हैं क्या खराबी है इस गाने में इतना अच्छा तो गाना है ।
अरे तुम नही जानते इसके पीछे की कहानी और हम क्यू डरते इसके इस गाने से ।

माथुर बोला तो बताओ ना क्या है मे भी तो जानू ।

तो सुनो दरअसल भाईसाहब को कॉलेज के बाद कोई मनीषा नामकी लड़की से एक तरफा प्यार हो गया था ये उसे प्रपोज कर पाते उससे पहले ही उसका ब्याह हो गया ।

तो इस साहबजादे ने उसके गम में इतना शराब पीया करते थे के कुछ ही महीनों में हॉस्पिटल में भर्ती करवाना पड़ा ।

और इस दौरान भाईसाहब किसी दिल टूटे आशिक की तरह हाथ में शराब की बोतल लेके एक ही गाना गया करते थे की

मुझे पीने का सोख नहीं पीता हु गम भुलाने को तेरी यादें मिटाने को तेरी यादें मिटाने को पीता हु गम भुलाने को ।

और तो और शादी के बाद हमे लगा की ये उसे भूल गए है लेकिन हम तब गलत साबित हुए जब इन्होंने अपनी बड़ी बेटी का नाम मनीषा के नाम से ही मनिका रखा था ।

और रही बात डरने की तो अस्पताल वाला वो मंजर हमे याद आ जाता है जब हम दोनो भाई इसे अस्पताल ले गए थे ।

जयसिंह ये सब चुपचाप सुन रहा था और एकदम बोल पड़ा बंध करो बकवास शराब खत्म हो गई मुझे घर जाना हे ।

माथुर ने कम पी थी तो उसे थोड़ा होस था वो बोला के हा यार शराब की पांच बोतले खतम हो गई पर बाते नही ।

शराब की वजह से तीनो भाई नशे में धुत थे उन्हे कोई होश ही न था ।

माथुर ड्राइवर को बुलाता है और सबको घर भेज देने को बोलता ही .
तीन ड्राइवर सबको एक एक करके अपनी अपनी गाड़ी में बिठा देते है और अपने अपने मालिक के घर की और चल देते है ।

घर पहुंच के ड्राइवर ही जयसिंह को उसके कमरे तक पहुंचता है । मधु तो अपनी मां के कमरे में थी तो उसे पता कहा चलने वाला था की कौनसी सिक्रेट मीटिंग करके आए है ।

करीब आधा पोना घंटे के बाद जयसिंह को पेशाब लगती हैं तो वो जैसे करके उठता है और मूतने के बाद बेड के मुहाने के पास तकिया रखके लेट जाता है और इसके हाथ में मोबाइल आ जाता हैं ।
वह बड़बड़ाने लगता है .... मनीषा मनिका .... मनीषा मनिका .... मनीषा मनिका .... मनीषा मनिका .... मनीषा मनिका .... मनीषा मनिका .... मनीषा मनिका .... मनीषा मनिका
और फिर वो मनिका को मेसेज करता है

आगे का वाकया तो आपको पता ही हे ।।।।।
 
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