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गतांक से आगे
मै तो रात भर ठीक से सो भी नहीं पाया , सुबह जब अंक खुली तो कमरे में कुछ आवाज सी आ रही थी ,सही से देखा तो मम्मी कमरे की साफ सफाई में लगी हुई थी , और झाड़ू लगा रही थी ।
उस समय मम्मी जब झुककर झाड़ू लगा रही थी तो उसके दोनों दूध बाहर आने के लिए फड़फड़ा रहे थे ऐसा लग रहा था कि दोनों के कई सालों से दूध भरा है और कई साल से इनको किसी ने छुआ तक नहीं है , टाईट होने को वजह से ज्यादा लटक भी नहीं रहे थे ,और गांड़ के कपड़ा ऐसे फंसा था जैसे अभी लन्ड लेने के लिए तैयार हो , बस मम्मी की इन्हीं सब चीजों को देखकर मै लेटे हुए अपने लन्ड को सहला रहा था बिस्तर के अंदर चादर में ।

फिर सब साफ सफाई करने के बाद मम्मी ने मुझे आवाज दी फिर मै उठकर फ्रेश होने चला गया ।
फ्रेश होकर जब वापस आया तो देखा मम्मी रसोई में नाश्ता बना रहे थी ,मैने मम्मी के पास जाकर पीछे से टच होते हुए कहा मम्मी आज भूख बहुत तेज लग रही है तो मम्मी ने कहा अभी तेरे पसंद का नाश्ता बना रही हूँ खा लेना ।
फिर मम्मी नाश्ता बनाकर लाई और मैने नाश्ता किया मम्मी ने भी मेरे साथ नाश्ता किया । मम्मी ने पूछा रात को ठीक से नींद आई की नहीं , मैने कहा कहां नींद आई (मैने मजाकिया अंदाज में कहा ) आपके साथ पहली बार सोया था इसलिए नींद नहीं आई ।
फिर मम्मी ने कहा _ कोई बात नहीं आज पहली रात थी दो चार बार और सोओगे तो आदत पड़ जाएगी,अभी दिल्ली की आदत छूटने में टाइम लगेगा।इतना कहकर मम्मी मुस्कुरा दी ।
फिर बोली क्या सोचा है दिल्ली वापस जाओगे या यही कोई काम करोगे ,
मैने कहा मम्मी यहां गांव में काम क्या स्टार्ट करु ,गाय भैंसों के अलावा कोई काम है यहां
मम्मी _ गाय भैंसों का ही काम कर लो , अच्छी कमाई है इसमें भी , रोजाना दूध बेचो, तुम्हे भी पीने को मिलेगा , वहां दिल्ली में प्योर दूध कहां मिलता होगा , कम से कम यहां अपने घर का दूध तो पीने को मिलेगा तुम्हे ।
मै_ हां ये बात तो ठीक है , (फिर मजाकिया अंदाज में) कम से कम मेरी मम्मी तो दूध पिला दिया करेगी ।
मम्मी _ बिल्कुल पिलाऊंगी दूध , ये बताओ ये काम स्टार्ट करने के लिए रुपए हैं तुम्हारे पास ।
मै _ हां मम्मी लगभग सात आठ लाख रुपयों की बचत की है मैने वही मेरे अकाउंट में पड़े हैं ।
मम्मी _ हमारा रोड किनारे वाला जो चार बीघा खेत पड़ा है उसमें इसका काम कर लो
मै_ ठीक है मम्मी, किसी से बात करता हूं क्योंकि , मैने तो काम आज तक किया नहीं है किसी से राय लेकर देखता हूं ,और दो चार लोग भी चाहिए इस काम में उनकी व्यवस्था भी करनी पड़ेगी।
मम्मी _जब तक तुम जाकर बाते करो मै खाना बनकर तैयार करती हूं और तुम्हारे कपड़े हो धोने के लिए तो बता दो वो भी धुल दूं
मैने कहा मम्मी हां थोड़े से हैं वो मेरे नीले वाले बैग में है आप निकाल लेना।
फिर मै गांव की तरफ निकल पड़ा तो रस्ते में एक जगह चाचा और ताऊ दोनों बैठकर बाते कर रहे थे , मैने जाकर दोनों को नमस्ते किया और पैर छूए, मेरा हालचाल पूछने के बाद मैने उन्हें डेयरी खोलने के बारे में बताया तो उन्होंने कहा कि सोच तो सही रहे हो पर दूध बेचने के लिए शहर जाना पड़ेगा , वैसे भी अपने गांव में कोई डेयरी भी नहीं है ,काम तो यह ठीक रहेगा ।
मैने दो चार आदमियों के लिए भी उनसे बात की जो काम में मेरी मदद कर सके , तो उन्होंने मुझे कुछ नाम बताए ,बोलें ये लोग कम पैसे के भी काम कर लेंगे एक बार इनसे बात कर लेना जरूरत पड़े तो मुझे ले चलना , मैने कहा चाचा आप ही चलकर बात करवा देना, फिर मै उनके साथ लोगो से मिलने चला गया ।
फिर मम्मी का फोन आया कि दोपहर हो गई है कहां हो ,खाना बन गया है ,जल्दी आओ।
मै घर आया तो मम्मी बोली कहां घूमते रहे खाना तक ठंडा हो गया है ,तुम्हारे इंतजार में मैने तक नहीं खाया ,
मै_ अरे मम्मी तुम तो खा लेती मै तो आकर खा लेता, फिर मैने सब बाते मम्मी को बताई
मम्मी बोली कि कल से ही खेत में काम शुरू करवा दो
मम्मी _ ये लो तुम्हारे पसंद की सब्जी ,भरा हुआ करेला और सोयाबीन की सब्जी।
मै_ मम्मी ये तो सूखी सब्जी है ,
मम्मी _ तो क्या हुआ तुम्हे तो पसंद है
मै_ मम्मी पहले बहुत पसंद थी (मन में मम्मी की बुर को सोचकर) अब तो जब तक सब्जी में रस न हो अच्छी नहीं लगती ।
मम्मी _लेकिन भरी हुई तो है ,अंदर से ।

मै_ मम्मी अंदर से भरी होने से क्या फायदा , ऊपर से भी रासा दिखाई दे , तभी तो खाने का मजा है ।
मम्मी _ कोई बात नहीं अभी ये खा लो फिर शाम को रसीली ही सब्जी बनाऊंगी।
मै खाना खाते समय मम्मी की रसीली बुर के बारे में सोचता रहा ।

मै तो रात भर ठीक से सो भी नहीं पाया , सुबह जब अंक खुली तो कमरे में कुछ आवाज सी आ रही थी ,सही से देखा तो मम्मी कमरे की साफ सफाई में लगी हुई थी , और झाड़ू लगा रही थी ।
उस समय मम्मी जब झुककर झाड़ू लगा रही थी तो उसके दोनों दूध बाहर आने के लिए फड़फड़ा रहे थे ऐसा लग रहा था कि दोनों के कई सालों से दूध भरा है और कई साल से इनको किसी ने छुआ तक नहीं है , टाईट होने को वजह से ज्यादा लटक भी नहीं रहे थे ,और गांड़ के कपड़ा ऐसे फंसा था जैसे अभी लन्ड लेने के लिए तैयार हो , बस मम्मी की इन्हीं सब चीजों को देखकर मै लेटे हुए अपने लन्ड को सहला रहा था बिस्तर के अंदर चादर में ।

फिर सब साफ सफाई करने के बाद मम्मी ने मुझे आवाज दी फिर मै उठकर फ्रेश होने चला गया ।
फ्रेश होकर जब वापस आया तो देखा मम्मी रसोई में नाश्ता बना रहे थी ,मैने मम्मी के पास जाकर पीछे से टच होते हुए कहा मम्मी आज भूख बहुत तेज लग रही है तो मम्मी ने कहा अभी तेरे पसंद का नाश्ता बना रही हूँ खा लेना ।
फिर मम्मी नाश्ता बनाकर लाई और मैने नाश्ता किया मम्मी ने भी मेरे साथ नाश्ता किया । मम्मी ने पूछा रात को ठीक से नींद आई की नहीं , मैने कहा कहां नींद आई (मैने मजाकिया अंदाज में कहा ) आपके साथ पहली बार सोया था इसलिए नींद नहीं आई ।
फिर मम्मी ने कहा _ कोई बात नहीं आज पहली रात थी दो चार बार और सोओगे तो आदत पड़ जाएगी,अभी दिल्ली की आदत छूटने में टाइम लगेगा।इतना कहकर मम्मी मुस्कुरा दी ।
फिर बोली क्या सोचा है दिल्ली वापस जाओगे या यही कोई काम करोगे ,
मैने कहा मम्मी यहां गांव में काम क्या स्टार्ट करु ,गाय भैंसों के अलावा कोई काम है यहां
मम्मी _ गाय भैंसों का ही काम कर लो , अच्छी कमाई है इसमें भी , रोजाना दूध बेचो, तुम्हे भी पीने को मिलेगा , वहां दिल्ली में प्योर दूध कहां मिलता होगा , कम से कम यहां अपने घर का दूध तो पीने को मिलेगा तुम्हे ।
मै_ हां ये बात तो ठीक है , (फिर मजाकिया अंदाज में) कम से कम मेरी मम्मी तो दूध पिला दिया करेगी ।
मम्मी _ बिल्कुल पिलाऊंगी दूध , ये बताओ ये काम स्टार्ट करने के लिए रुपए हैं तुम्हारे पास ।
मै _ हां मम्मी लगभग सात आठ लाख रुपयों की बचत की है मैने वही मेरे अकाउंट में पड़े हैं ।
मम्मी _ हमारा रोड किनारे वाला जो चार बीघा खेत पड़ा है उसमें इसका काम कर लो
मै_ ठीक है मम्मी, किसी से बात करता हूं क्योंकि , मैने तो काम आज तक किया नहीं है किसी से राय लेकर देखता हूं ,और दो चार लोग भी चाहिए इस काम में उनकी व्यवस्था भी करनी पड़ेगी।
मम्मी _जब तक तुम जाकर बाते करो मै खाना बनकर तैयार करती हूं और तुम्हारे कपड़े हो धोने के लिए तो बता दो वो भी धुल दूं
मैने कहा मम्मी हां थोड़े से हैं वो मेरे नीले वाले बैग में है आप निकाल लेना।
फिर मै गांव की तरफ निकल पड़ा तो रस्ते में एक जगह चाचा और ताऊ दोनों बैठकर बाते कर रहे थे , मैने जाकर दोनों को नमस्ते किया और पैर छूए, मेरा हालचाल पूछने के बाद मैने उन्हें डेयरी खोलने के बारे में बताया तो उन्होंने कहा कि सोच तो सही रहे हो पर दूध बेचने के लिए शहर जाना पड़ेगा , वैसे भी अपने गांव में कोई डेयरी भी नहीं है ,काम तो यह ठीक रहेगा ।
मैने दो चार आदमियों के लिए भी उनसे बात की जो काम में मेरी मदद कर सके , तो उन्होंने मुझे कुछ नाम बताए ,बोलें ये लोग कम पैसे के भी काम कर लेंगे एक बार इनसे बात कर लेना जरूरत पड़े तो मुझे ले चलना , मैने कहा चाचा आप ही चलकर बात करवा देना, फिर मै उनके साथ लोगो से मिलने चला गया ।
फिर मम्मी का फोन आया कि दोपहर हो गई है कहां हो ,खाना बन गया है ,जल्दी आओ।
मै घर आया तो मम्मी बोली कहां घूमते रहे खाना तक ठंडा हो गया है ,तुम्हारे इंतजार में मैने तक नहीं खाया ,
मै_ अरे मम्मी तुम तो खा लेती मै तो आकर खा लेता, फिर मैने सब बाते मम्मी को बताई
मम्मी बोली कि कल से ही खेत में काम शुरू करवा दो
मम्मी _ ये लो तुम्हारे पसंद की सब्जी ,भरा हुआ करेला और सोयाबीन की सब्जी।
मै_ मम्मी ये तो सूखी सब्जी है ,
मम्मी _ तो क्या हुआ तुम्हे तो पसंद है
मै_ मम्मी पहले बहुत पसंद थी (मन में मम्मी की बुर को सोचकर) अब तो जब तक सब्जी में रस न हो अच्छी नहीं लगती ।
मम्मी _लेकिन भरी हुई तो है ,अंदर से ।

मै_ मम्मी अंदर से भरी होने से क्या फायदा , ऊपर से भी रासा दिखाई दे , तभी तो खाने का मजा है ।
मम्मी _ कोई बात नहीं अभी ये खा लो फिर शाम को रसीली ही सब्जी बनाऊंगी।
मै खाना खाते समय मम्मी की रसीली बुर के बारे में सोचता रहा ।


