अपडेट 3.
शिवम् मैडम। मैं नहीं चाहता कि बोर्ड परिक्षा में मेरे मार्क्स ख़राब आयें।
रूही मैडम तो आखिर तुम अंत में सही लाइन पर आ ही गये।
हाँ मैडम। मुझे पता है कि मुझे कड़ी मेहनत करनी होगी।
और मैं कुछ भी करने को तैयार भी हूँ। लेकिन मुझे नहीं पता कि कहाँ से शुरू करूँ… और मेरे बेसिक्स भी ठीक नहीं हैं। तो मैडम आप मुझे गाईड करें कि मैं कहाँ से और कैसे शुरू करूँ।”
रूही ठीक है शिवम्। मैं तुम्हारी टीचर हूँ और यह मेरा फ़र्ज़ बनता है कि मैं तुम्हें सही दिशा में गाईड करूँ। तुम एक काम करो। तुम मेरा फोन नम्बर ले लो और कल शाम 5 बजे के बाद मुझे रिंग करो।
ओके… थैंक्स मैडम फिर मैंने मैडम का फोन नम्बर और ऐड्रस ले लिया। कल
शाम 5 बजें मैंने मैडम को फोन किया।
हैलो, क्या रूही मैडम से बात कर सकता हूँ?
बोल रही हूँ
मैडम, मैं शिवम् बोल रहा हूँ… मैडम आपने कहा था कि कल शाम 5 बजें के बाद फोन कर लेना
हाँ याद है। फोन पर तो तुम्हारी प्रॉब्लम डिस्कस कर पाना मुश्किल है…. तुम एक काम करो कल शाम ५ बजे मेरे घर आ जाओ। तभी तुम्हारी प्रॉब्लम डिस्कस कर लेंगे… ठीक है?
ओके मैडम…बाय।
बाय।
फिर अगले दिन मैं शाम ५ बजे मैडम के घर गया। मैंने बेल बजायी और मैडम ने दरवाज़ा खोला।
हैलो मैडम!
रूही हैलो शिवम्… आओ… अन्दर आओ… बैठो। एड्रस ढूँढने में कोई दिक्कत तो नहीं हुई?
शिवम थोड़ी परेशानी तो हुई क्योंकि आपकी कॉलोनी मेरे लिये नई है।
रूही मैडम चलो… धीरे-धीरे इस कॉलोनी में पुराने हो जाओगे। खैर… क्या लोगे, टी कॉफी या कोल्ड ड्रिंक?
शिवम् नथिंग मैडम। कुछ नहीं।
रूही मैडम शरमाओ मत.. तुम्हें कुछ ना कुछ तो लेना ही पड़ेगा।
शिवम् मन में मुझे तो आप की गान्ड चाहिए जो मैं लेकर रहूंगा।
ओके, कॉफी!
बस अभी लाती हूँ!
शिवम् मैडम की बड़ी गान्ड देखें जा रहा था कि अभी दबोच लू।
फिर मैडम कॉफी ले आयीं
यह लो
कॉफी तो पियो… ठंडी हो रही है।
शिवम् येस मैडम। मैडम आपकी फैमिली में कौन-कौन है?
रूही मैडम मैं, मेरे हसबैंड और एक बेटी और एक बेटा।
शिवम् मैडम… कहाँ हैं सब… कोई दिख नहीं रहा।
बच्चे तो अपनी नानी के यहाँ छुट्टियाँ बिताने गये हैं। एकचुअली मैं भी वहाँ से चार दिन पहले ही आयी हूँ पर बच्चे वहीं रुक गये हैं… और हसबैंड २ हफ़्ते के लिये बिज़नस काम से आउट आफ स्टेशन गये हैं।
शिवम् बच्चे कब तक आयेंगे?
रूही मैडम वो भी दो हफ़्ते बाद आयेंगे… यही तो दिक्कत है… अब मुझे मार्केट से कुछ भी लाना हो तो मैं नहीं ला सकती।
शिवम् क्यों मैडम?
रूही मैडम मार्केट यहाँ से काफ़ी दूर है… रिक्शॉ से जाने में बहुत टाइम लगता है… और स्कूटर और कार मुझे चलानी नहीं आती।
शिवम् मैडम इस में प्रॉब्लम क्या है…। आपको जब कुछ चाहिए तो आप मुझे कह दीजिएगा।
रूही मैडम नहीं ऐसी बात नहीं है… दैट्स नाईस आफ़ यू…. शिवम् तुम्हे कार चलानी आती है क्या?
शिवम् चलनी मुझे तो उड़ानी भी आती हैं मैडम।
रूही मैडम तुम मुझे कार चलाना सिखा सकते हो… मेरे हसबैंड तो सारा दिन बिज़ी रहते हैं… और आज कल तो हमारी कार खाली ही खड़ी है… हसबैंड तो दोस्त की कार ले गये हैं
शिवम् येस मैडम मॉयप्लेज़र। मैं आपको कार चलाना सिखा दूँगा।
रूही मैडम कितना टाईम लगेगा कार सीखने में?
शिवम् तकरीबन एक हफ़्ता तो लगेगा ही।
रूही मैडम तो ठीक है तुम मुझे कल से ही कार सिखाना शुरू कर दो।”
शिवम् ओके मैडम… पर किस टाईम?
रूही तुम 5 बजे पढ़ने तो आओगे ही… तुम्हें पढ़ाने के बाद मैं तुमसे कार सीख लिया करूँगी… पर शिवम्… कोई बहुत बड़ा ग्राऊँड है क्या… एक्चुअली कोई मुझे सीखते देखे तो मुझे शरम आयेगी… इसलिए ऐसी जगह हो जो एक दम खाली हो और जहाँ ज्यादा लोग ना आते हों।”
शिवम् येस मैडम… शहर से बाहर निकलते ही एक ग्राऊँड है जो एकदम खाली रहता है।
रूही मैडम ठीक है… तो वहीं चलेंगे कल शाम में।
शिवम् पर मैडम शाम में तो काफ़ी अंधेरा होने लगता है।
मैं ऐसा करता हु कल स्कूल अपनी कर ले आता हूं कल दोपहर में ही कर चलना सीखता हूं।
रूही मैडम दोपहर में तो बहुत गर्मी लगेगी।
शिवम् मेरी कार तो फूल तो एयर कंडिशंड है…
रूही मैडम लोग मुझे कार सीखते देखें तो मुझे शरम आती है… बॉय द वे… तुम्हें तो कोई प्रॉब्लम नहीं है ना?
शिवम् बिल्कुल नहीं… तो मैडम मैं कल स्कूल से 2:30बजे।
रूही मैडम ओके शिवम्…बाय
मैं अगले दिन मैं स्कूल अपनी कार लेकर गया मैडम आज काफ़ी अच्छेसे तैयार हुई थीं। उन्होंने ग्रीन कलर का सलवार-कमीज़ और बहुत ही सुंदर ब्लैक कलर के ४ इन्च हाई हील के सैंडल पहने हुए थे। मुझे तो मैडम सैक्सी लगती ही थी।
ज़ीशान आज स्कूल नहीं आया था।
स्कूल में मैडम की क्लास 2 बजे तक
स्कूल की छुट्टी हुई। उसके बाद
मैडम मेरी कार के पास आई।
रूही मैडम ये सुपर स्पोर्ट कार है क्या कार तुम्हारी है शिवम्।
शिवम् जी मैडम।
रूही मैडम तुम मेरी कार चलना सीखा देते ।
शिवम कुछ नहीं सब कार एक जैसे होते है।
फिर मैडम कार में बैठ जाती हैं ।
और हम लोग शहर से बाहर एक ग्राऊँड में गये। आस-पास कोई भी नहीं था क्योंकि दोपहर का वक्त था। ग्राऊँड में पहुँच कर मैंने मैडम को कार सिखानी शुरू की।
मैडम… पहले तो मैं आपको गेयर डालना सिखाता हूँ।
मैं कुछ देर तक उनको गेयर, एक्सलरेटर, क्लच, ब्रेक वगैरह के बारे में बताता रहा।
चलिए मैडम… अब आप चलाइए।
रूही मैडम मुझे डर लग रहा है!
शिवम् कैसा डर?
रूही मैडम कहीं मुझसे कंट्रोल नहीं हुई तो?
शिवम् उसके लिये मैं साथ हूँ ना
फिर मैडम ड्राइवर सीट पर बैठ गयीं और मैं ड्राइवर की साथ वाली सीट पे आ गया। फिर मैडम ने कार चलानी शुरू की लेकिन मैडम ने एक दम से ही रेस दे दी तो एक दम से कार बहुत स्पीड में चल पड़ी। मैडम घबरा गयीं।
मैंने कहा, मैडम एक्सलरेटर से पैर हटाइये!
मैडम ने पैर हटा लिया तो मैंने स्टियरिंग पकड़ कर कार कंट्रोल में करी।
रूही मैडम मैंने कहा था ना मुझ से नहीं चलेगी!
शिवम कोई बात नहीं मैडम… पहली बार ऐसा होता है।
रूही नहीं… मैं कार सीख ही नहीं सकती… मुझ से नहीं चलेगी
शिवम् चलेगी… चलिए अब स्टार्ट कीजिये और फिर ट्राई करिये । पर इस बार एक्सलरेटर आराम से छोड़ियेगा।
रूही मैडम नहीं मुझसे नहीं होगा!
शिवम् मैडम… शुरू-शुरू में गलतियाँ होती हैं… कोई बात नहीं!
रूही मैडम नहीं मुझे डर लगता है!
शिवम् अच्छा… एक काम करते हैं… मैं भी आपकी सीट पर आ जाता हूँ… फिर तो आपको डर नहीं लगेगा!
रूही मैडम लेकिन एक सीट पर हम दोनों कैसे आ सकते हैं?
शिवम् आप मेरी गोद में बैठ जाना… मैं स्टियरिंग कंट्रोल करूँगा और आप गेयर कंट्रोल करना… मेरे डैडी ने भी मुझे ऐसे ही ड्राइविंग सिखायी थी।
रूही मैडम लेकिन कोई हमें देखेगा तो कैसा लगेगा?
शिवम् मैडम इस वक्त यहाँ कोई नहीं आयेगा… और वैसे भी इस कार में यह शीशों पर फ़िल्म लगी है जिससे अंदर का कुछ भी बाहर से दिखाई नहीं देता। सो डोंट वरी, नो वन कैन सी व्हॉट इज़ गोइंग आन इनसाइड।”
रूही मैडम चलो ठीक है!
फिर मैं ड्राइवर सीट पर बैठा और मैडम मेरी गोद में। जैसे ही मैडम मेरी गोद में बैठी, मेरे बदन में करंट सा दौड़ गया। हम दोनों का यह पहला स्पर्श था। मैंने कार स्टार्ट करी।
रैडी मैडम?
रूही मैडम हाँ… मुझे सिर्फ़ गेयर ही सम्भालने हैं ना?
शिवम्। आज के दिन आप सिर्फ़ गेयर ही सीखो
कार चलनी शुरू हुई। क्योंकि मेरे हाथ स्टियरिंग पर थे और मैडम मेरी गोद में, इसलिए मेरी बाहें मैडम की चूचियों की साईड से छू रही थी और मैडम की चूचियाँ थी भी काफ़ी बड़ी। वोह थोड़ा अनकम्फर्टेबल फ़ील कर रही थीं और इसलिए वो मेरी जाँघों पे न बैठ के मेरे घुटनों के पास बैठी थी। जैसे ही मैं कार को टर्न करता तो मैडम की पूरी चूचियाँ मेरी बाहों को छूती थी। मैडम गेयर सही बदल रही थीं।
रूही मैडम क्यों शिवम् … ठीक कर रही हूँ ना?
शिवम् परफैक्ट मैडम! अब आप थोड़ा स्टियरिंग भी कंट्रोल कीजिए!
रूही मैडम ओके!
क्योंकि मैडम मेरी गोद में काफ़ी आगे होकर बैठी थीं इसलिए स्टियरिंग कंट्रोल करने में उन्हें प्रॉब्लम हो रही थी।
शिवम् मैडम… आप थोड़ी पीछे खिसक जाईये… तभी स्टियरिंग सही कंट्रोल हो पायेगा।
अब मैडम मेरी जाँघों पे बैठ गयी और हाथ स्टियरिंग पर रख लिये।
मैडम! थोड़ा और पीछे हो जाईये!
मेरी परफेक्ट मैडम..
मैडम और कितना पीछे होना पड़ेगा?
शिवम् जीतना हो सकती हों
रूही मैडम ठीक है। अब मैडम पूरी तरह से मेरे लौड़े पर बैठी थी। मैंनेअपने हाथ मैडम के हाथों पर रख दिये और स्टियरिंग कंट्रोल करना सिखाने लगा। जब भी कार टर्न होती तो मैडम के चुत्तड़ मेरे लौड़े में धँस जाते। मैडम की चूचियाँ इतनी बड़ी थी कि वो मेरे हाथों को छू रही थी। मैं जान बूझ कर उनकी चूचियों को टच करता रहा।
मैडम अब एक्सलरेटर भी आप संभालिये!
रूही मैडम कहीं कार फिर से आउट आफ़ कंट्रोल ना हो जाये…!
शिवम् मैडम अब तो मैं बैठा हूँ ना
मैडम ने फिरसे पूरा एक्सलरेटर दबा दिया तो कार ने एक दम स्पीड पकड़ ली। इस पर मैंने एक दम से ब्रेक लगा दी तो कार एक दम से रुक गयी। मैडम को झटका लगा तो वो स्टियरिंग में घुसने लगी। इस पर मैंने मैडम की चूचियों को अपने हाथों में पकड़ कर मैडम को स्टियरिंग में घुसने से बचा लिया। कार रुक गयी थी और मैडम की चूचियाँ मेरे हाथों में थी।
मैडम बोली, मैंने कहा था ना कि मैं फिर कुछ गलती करूँगी।
शिवम् कोई बात नहीं। कम से कम गेयर तो बदलना सीख लिया।” मैडम की चूचियाँ अभी भी मेरे हाथ में थीं।
रूही मैडम शायद मुझे स्टियरिंग संभालना कभी नहीं आयेगा
शिवम् एक बार और ट्राई कर लेते हैं!
रूही मैडम ठीक है!
मुझे एहसास दिलाने के लिये कि मेरे हाथ उनकी चूचियों पर हैं, मैडम ने चूचियों को हल्का सा झटका दिया तो मैंने अपने हाथ वहाँ से हटा लिये। मैंने कार फिर से स्टार्ट करी। मैडम ने अपने हाथ स्टियरिंग पर रख लिये और मैंने अपने हाथ मैडम के हाथों पर रख दिये।
शिवम् मैडम एक्सलरेटर मैं ही संभालुँगा… आप सिर्फ़ स्टियरिंग ही संभालिये!
रूही मैडम यही मैं कहने वाली थी!
कुछ देर तक मैडम को स्टियरिंग में हेल्प करने के बाद मैं बोला, मैडम अब मैं स्टियरिंग से हाथ उठा रहा हूँ… आप अकेले ही संभालिये।”
रूही मैडम ओके…अब मुझे थोड़ा कॉनफिडैंस आ रहा है… लेकिन तुम अपने हाथ रैडी रखना कहीं कार फिर से आउट आफ कंट्रोल हो जाये।
शिवम् मेडम मेरे हाथ हमेशा रैडी रहते हैं।
रूही मैडम शिवम् मुझे कस के पकड़ना… कहीं ब्रेक मारने पर मैं स्टियरिंग में ना घुस जाऊँ!
शिवम् येस मैडम मैं कस के पकड़ता हूँ।
मैंने अपने हाथ स्टियरिंग से उठा कर मैडम की चूचियों पर रख दिये। मैं तो मैडम से डाँट की उम्मीद कर रहा था लेकिन मैडम ने कुछ ना कहा। मैंने तब मैडम की चूचियों को दबा दिया तो उनके के मुँह से आह निकल गयी।
रूही मैडम शिवम्… मेरे ख्याल से आज इतना सीखना ही काफ़ी है। चलो अब घर चलते हैं!
शिवम् ओके मैडम। मैडम मेरी गोद से उठ कर अपनी सीट पर बैठ गयी और हम मैडम के घर चल दिये। शाम हो चुकी थी
मैडम के घर पहुंचने में 6 बज चुके थे
दो घंटे पढ़ाई की रात के आठ बज जाते है
शिवम् ओके मैडम… मैं चलता हूँ!
रूही मैडम खाना खाके जाना!
शिवम् नहीं मैडम… मेरा किसी के साथ डिनर करना है
रूही मैडम तो ठीक है… तो कल स्कूल में मिलते है
शिवम् येस मैडम… आफ़ कोर्स!