Awesome update broगतांक से आगे ____________________________________________
अगली सुबह मेरी आंख थोड़ी जल्दी खुल गई तो महसूस हुआ कि मम्मी का पेटिकोट पूरा हटा हुआ है और उनकी दोनों टांगें नंगी हैं और दोनों चूतड़ भी नंगे है ।
मै उठा और पेशाब के लिए जाने लगा ,फिर कुछ टाइम बाद मैने मोबाइल में टाइम देखा तो 5 बज रहे थे , मैने एक बार कमरे की लाइट जलाकर मम्मी के पूरे बदन का दीदार करना चाहा, जब लाइट जलाई तो देखा मम्मी के चूतड़ वास्तव में बात बड़े और मस्त चिकने है ,जिस पर मै रोजाना लन्ड से मालिश करता हूं ।
फिर मै भी मम्मी के बदन से थोड़ा और खेलने के विचार से मम्मी से चिपक कर लेता गया ,मैने नेकर तो अपना रात को ही निकाल दिया था अभी मै सिर्फ बनियान और मम्मी सिर्फ ब्लाउज पहने थी पेटीकोट तो पूरा सिमटकर ऊपर चला गया था ।
मैने तीन चार बार मम्मी को आवाज दी लेकिन मम्मी नहीं उठी फिर मैने सोचा एक बार मम्मी की गांड़ की दरार में लन्ड डालकर निकाल लूं फिर देखूंगा मम्मी क्या करती हैं ।
मैने वैसा ही किया अपने खड़े हुए लन्ड को मम्मी के दोनों चूतड़ फैलाकर उसकी गांड़ के छेद पर रखा और करीब आठ दस बार आगे पीछे किया उसके बाद मैने अपना लैंड हटा लिया और मैं थोड़ा पीछे होकर लेट गया, इसका रिस्पोंस ये हुआ कि मम्मी अपनी नींद से जाग गई और मैं सोने का नाटक करने लगा , फिर मम्मी उठी और उठकर टॉयलेट में गई करीब 10 मिनट बाद मम्मी फिर वापस आकर मेरे पास लेट गई ।
मैने महसूस किया कि मम्मी मुझसे चिपकना चाह रही है और बार बार अपनी टांगें मेरी टांगों पर रख रही हैं। फिर एक बार ऐसा हुआ कि मम्मी की नंगी टांग से मेरा खड़ा हुआ लन्ड टच होने लगा ,फिर मम्मी ने मुझे दो तीन बार आवाजे दी लेकिन मैं ऐसे कर रहा था जैसे पता नहीं कितने गहरी नींद में हूं ।
फिर मम्मी ने अपना एक हाथ मेरे पेट पर रखा और धीरे धीरे मेरे पेट को सहलाने लगी ।और देखते देखते धीरे धीरे उन्होंने अपना हाथ मेरे लन्ड तक लाना शुरू कर दिया ।मेरा लन्ड तो पहले से ही खड़ा था मम्मी के हाथ का स्पर्श पाकर और ज्यादा सख्त हो गया।
करीब पांच मिनट तक मम्मी ने मेरे लैंड को सहलाया ,इसी बीच उन्होंने अपने ब्लाउज़ के ऊपर के बटन खोलकर अपने दोनों दूधों को बाहर निकाल लिया और मेरे सीने पर रगड़ने लगी ।
मै ज्यों का त्यों लेटा रहा और मम्मी की करतूत देखता रहा , फिर मम्मी अपना मुंह मेरे कान के पास लाकर मेरी गर्दन मेरे गाल और मेरी छाती पर किस करने लगी ।
और साथ साथ बोलती जा रही थी ।
आह ! मेरे लाल, क्या मस्त फलान है तुम्हारा,ऐसा फलान तो मैने अपनी जिंदगी में पहली बार देखा है ,।।
काश!! अगर ये मेरी बुर में घुस जाए तो शायद मै दो तीन दिन तक ठीक से चल भी न पाऊंगी ,मेरी पूरी भोसड़ी का भोसड़ा बना देगा तुम्हारा ये लन्ड!!! आह !! कब दोगे अपनी मम्मी को ,ये बताओ, रात में भी तुमने मेरी गांड़ को कितना मस्ती से रगड़ा था मेरी गांड़ पर तुम्हारे लन्ड के रगड़ के निशान पड़ गए हैं , मेरे बेटे बहुत मस्त लन्ड हैं तुम्हारा , ।।
अगर तुम ये अपनी मम्मी को दे दो तो चाहे जब भी तुम्हारा मन करे तुम अपनी मम्मी की सलवार खोल के डाल देना बुर में या जब भी पेटिकोट पहने हूं तुरंत उठकर मेरी बुर में डाल देना मै कभी भी मन नहीं करूंगी।।
इतना कहकर मम्मी इतना गरम हो गई कि वो कब मेरे ऊपर आ गई पता ही नहीं चला ,और मेरा लन्ड उनकी दोनों जांघों के बीच से निकलकर बाहर दोनों चूतड़ों के भी बाहर जा रहा था शायद मेरे लन्ड की लंबाई भी अच्छी खासी थी।
मम्मी अपनी बुर को मेरे लन्ड पर ऐसे रगड़ रही थी जिसे पता नहीं कब से चुदासी हो और मेरे लन्ड को अपनी बुर में अभी समेट लेना चाहती हो।
मै भी अपने लन्ड को पूरी ताकत से मम्मी की जांघों के आर पार निकालने के लिए नीचे से धीरे धीरे धक्के मार रहा था जिसका एहसास भी मम्मी को हो गया था पर उन्होंने रंग ने भंग न पड़े कुछ नहीं कहा और अपने काम में लगी रही ।
ऐसे ही हम दोनों को रगड़ते हुए करीब आधे घंटे से ज्यादा हो गया , फिर मैने सोचा अब मम्मी के सामने खुलने का नंबर आ गया है अगर आज नहीं खुलकर बोला तो कभी नहीं बोल पाऊंगा ।
फिर मैने धीरे से मम्मी के कान में कहा _ मम्मी! आह! आप बहुत अच्छी हो ,भगवान मुझे हर जन्म में आप जैसी मम्मी दे । मम्मी एक काम करो अपना ब्लाउज़ भी निकाल दो न आप ।
मम्मी _ (मेरे काम में कहते हुए अपनी कमर को ऊपर नीचे करते हुए) तुम भी बहुत अच्छे हो , मुझे भी भगवान हर जन्म में तुम्हारे जैसा बेटा दे , पर जल्दी दे , ताकि मेरा बेटा ,जल्दी से बड़ा हो जाए ।
फिर मम्मी बोली, अपने हाथों से ही निकाल दो न मेरा ब्लाउज़।
फिर मैने मम्मी का ब्लाउज के बटन खोले और खुलते ही मम्मी के दोनों दूध बिल्कुल नंगे हो गए फिर मम्मी ने भी मेरी बनियान को निकल दिया अब मै बिल्कुल नंगा था मम्मी भी नंगी थी बस मम्मी के ऊपर सिर पेटीकोट बचा था जो सिकुड़ कर उनकी कमर में हिलग गया था ,बाकी मम्मी और मेरे जिस्म बिल्कुल नंगे थे ।
फिर करीब 15 मिनट तक हम दोनों के जिस्म एक दूसरे से रगड़ खाते रहे ,फिर मैने मम्मी के काम में कहा मम्म", अब रहने दो ,कहानी ऐसा न हो आप मेरा और अपना कीमती पानी यही बहा दो हम दोनों के जिस्म के ऊपर ।
फिर मम्मी _ पानी बिना बहाए सुकून कहां मिलेगा मेरे लाल।
मै_ मम्मी ये दुनिया का सबसे महंगा पानी है जो जल्दी पीने को भी नहीं मिलता ।
मम्मी _ ये बात तो है, फिर क्या करूं, अभी तो ये लग रही है कि बस पानी बाहर आ जाए ।
मै_ नहीं मम्मी इसके लिए अभी थोड़ा और समय दो , इसे हम दोनों को ऐसे नहीं बेकार करना चाहिए ,अभी आप रुको वरना मेरा भी निकल जाएगा ।
(फिर मम्मी ने किस करते हुए अपने को मुझसे अलग किया लेकिन न तो उन्होंने अपना पानी निकलने दिया न ही मेरा)
इस सब कार्यक्रम में हमे लगभग एक घंटे से ज्यादा हो गया फिर मै सो गया और साथ में मम्मी भी सो गई ।
जब दोबारा मेरी आंख खुली तो सामने मम्मी खड़ी थी सूट पहने हुए ,जब कमरे में लगी घड़ी की तरफ देख तो 10 बज रहे थे सुबह के ।
क्या मस्त मॉल लग रही थी मस्त मोती गांड़, जैसे अभी अभी चुदकर आई हो किसी से ।
फिर मम्मी मुझसे बोली क्या बात है अभी तक सो रहे हो कितना टाइम हो गया देखो दस बज गए , आज डेयरी पर नहीं जाना है ,पता नहीं पूरी रात सोते रहे मै भी सो गई मै खुद 9 बजे के आस पास उठी हूँ सोकर , आज मुझे भी बहुत नींद आ गई थी , आज सुबह तो मेरी आंख भी नहीं खुली थी ।और कहकर वही पास में जीने के पास बैठ गई ।
मम्मी ऐसे बैठी जिससे उनकी मस्त मोटी जांघ और हल्का सा पिछवाड़ा बिल्कुल मस्त लग रहा था ।
(लेकिन मै सोच में पड़ गया ये साला वाकई में मम्मी 9 बजे उठी हैं और फिर जो सुबह हुआ वो क्या था जिसके बाद हम दोनों सो गए थे ,मेरी समझ में नहीं आ रहा था को चल क्या रहा है ,मम्मी ऐसे कर रही थी जैसे शायद सुबह कुछ हम दोनों ने किया ही नहीं है, मै खुद ये सोचकर सोच में डूब गया था, तभी मम्मी ने आवाज दी कि कहां खो गए चलो उठो बिस्तर से अब , बहुत टाइम हो गया है , मैने तुमसे कल कहा था कि तुम्हारी मालिश करने के लिए मैने तेल बनाया है आज , नहाने से पहले उससे मालिश करवा लेना ध्यान से मुझसे )
मैने ओके कहा और उठकर फ्रेश होने निकल गया।
Awesome update broगतांक से आगे ____________________________________________
अगली सुबह मेरी आंख थोड़ी जल्दी खुल गई तो महसूस हुआ कि मम्मी का पेटिकोट पूरा हटा हुआ है और उनकी दोनों टांगें नंगी हैं और दोनों चूतड़ भी नंगे है ।मै उठा और पेशाब के लिए जाने लगा ,फिर कुछ टाइम बाद मैने मोबाइल में टाइम देखा तो 5 बज रहे थे , मैने एक बार कमरे की लाइट जलाकर मम्मी के पूरे बदन का दीदार करना चाहा, जब लाइट जलाई तो देखा मम्मी के चूतड़ वास्तव में बात बड़े और मस्त चिकने है ,जिस पर मै रोजाना लन्ड से मालिश करता हूं ।
फिर मै भी मम्मी के बदन से थोड़ा और खेलने के विचार से मम्मी से चिपक कर लेता गया ,मैने नेकर तो अपना रात को ही निकाल दिया था अभी मै सिर्फ बनियान और मम्मी सिर्फ ब्लाउज पहने थी पेटीकोट तो पूरा सिमटकर ऊपर चला गया था ।
मैने तीन चार बार मम्मी को आवाज दी लेकिन मम्मी नहीं उठी फिर मैने सोचा एक बार मम्मी की गांड़ की दरार में लन्ड डालकर निकाल लूं फिर देखूंगा मम्मी क्या करती हैं ।
मैने वैसा ही किया अपने खड़े हुए लन्ड को मम्मी के दोनों चूतड़ फैलाकर उसकी गांड़ के छेद पर रखा और करीब आठ दस बार आगे पीछे किया उसके बाद मैने अपना लैंड हटा लिया और मैं थोड़ा पीछे होकर लेट गया, इसका रिस्पोंस ये हुआ कि मम्मी अपनी नींद से जाग गई और मैं सोने का नाटक करने लगा , फिर मम्मी उठी और उठकर टॉयलेट में गई करीब 10 मिनट बाद मम्मी फिर वापस आकर मेरे पास लेट गई ।
मैने महसूस किया कि मम्मी मुझसे चिपकना चाह रही है और बार बार अपनी टांगें मेरी टांगों पर रख रही हैं। फिर एक बार ऐसा हुआ कि मम्मी की नंगी टांग से मेरा खड़ा हुआ लन्ड टच होने लगा ,फिर मम्मी ने मुझे दो तीन बार आवाजे दी लेकिन मैं ऐसे कर रहा था जैसे पता नहीं कितने गहरी नींद में हूं ।
फिर मम्मी ने अपना एक हाथ मेरे पेट पर रखा और धीरे धीरे मेरे पेट को सहलाने लगी ।और देखते देखते धीरे धीरे उन्होंने अपना हाथ मेरे लन्ड तक लाना शुरू कर दिया ।मेरा लन्ड तो पहले से ही खड़ा था मम्मी के हाथ का स्पर्श पाकर और ज्यादा सख्त हो गया।करीब पांच मिनट तक मम्मी ने मेरे लैंड को सहलाया ,इसी बीच उन्होंने अपने ब्लाउज़ के ऊपर के बटन खोलकर अपने दोनों दूधों को बाहर निकाल लिया और मेरे सीने पर रगड़ने लगी ।
मै ज्यों का त्यों लेटा रहा और मम्मी की करतूत देखता रहा , फिर मम्मी अपना मुंह मेरे कान के पास लाकर मेरी गर्दन मेरे गाल और मेरी छाती पर किस करने लगी ।
और साथ साथ बोलती जा रही थी ।
आह ! मेरे लाल, क्या मस्त फलान है तुम्हारा,ऐसा फलान तो मैने अपनी जिंदगी में पहली बार देखा है ,।।
काश!! अगर ये मेरी बुर में घुस जाए तो शायद मै दो तीन दिन तक ठीक से चल भी न पाऊंगी ,मेरी पूरी भोसड़ी का भोसड़ा बना देगा तुम्हारा ये लन्ड!!! आह !! कब दोगे अपनी मम्मी को ,ये बताओ, रात में भी तुमने मेरी गांड़ को कितना मस्ती से रगड़ा था मेरी गांड़ पर तुम्हारे लन्ड के रगड़ के निशान पड़ गए हैं , मेरे बेटे बहुत मस्त लन्ड हैं तुम्हारा , ।।
अगर तुम ये अपनी मम्मी को दे दो तो चाहे जब भी तुम्हारा मन करे तुम अपनी मम्मी की सलवार खोल के डाल देना बुर में या जब भी पेटिकोट पहने हूं तुरंत उठकर मेरी बुर में डाल देना मै कभी भी मन नहीं करूंगी।।इतना कहकर मम्मी इतना गरम हो गई कि वो कब मेरे ऊपर आ गई पता ही नहीं चला ,और मेरा लन्ड उनकी दोनों जांघों के बीच से निकलकर बाहर दोनों चूतड़ों के भी बाहर जा रहा था शायद मेरे लन्ड की लंबाई भी अच्छी खासी थी।
मम्मी अपनी बुर को मेरे लन्ड पर ऐसे रगड़ रही थी जिसे पता नहीं कब से चुदासी हो और मेरे लन्ड को अपनी बुर में अभी समेट लेना चाहती हो।
मै भी अपने लन्ड को पूरी ताकत से मम्मी की जांघों के आर पार निकालने के लिए नीचे से धीरे धीरे धक्के मार रहा था जिसका एहसास भी मम्मी को हो गया था पर उन्होंने रंग ने भंग न पड़े कुछ नहीं कहा और अपने काम में लगी रही ।ऐसे ही हम दोनों को रगड़ते हुए करीब आधे घंटे से ज्यादा हो गया , फिर मैने सोचा अब मम्मी के सामने खुलने का नंबर आ गया है अगर आज नहीं खुलकर बोला तो कभी नहीं बोल पाऊंगा ।
फिर मैने धीरे से मम्मी के कान में कहा _ मम्मी! आह! आप बहुत अच्छी हो ,भगवान मुझे हर जन्म में आप जैसी मम्मी दे । मम्मी एक काम करो अपना ब्लाउज़ भी निकाल दो न आप ।मम्मी _ (मेरे काम में कहते हुए अपनी कमर को ऊपर नीचे करते हुए) तुम भी बहुत अच्छे हो , मुझे भी भगवान हर जन्म में तुम्हारे जैसा बेटा दे , पर जल्दी दे , ताकि मेरा बेटा ,जल्दी से बड़ा हो जाए ।
फिर मम्मी बोली, अपने हाथों से ही निकाल दो न मेरा ब्लाउज़।फिर मैने मम्मी का ब्लाउज के बटन खोले और खुलते ही मम्मी के दोनों दूध बिल्कुल नंगे हो गए फिर मम्मी ने भी मेरी बनियान को निकल दिया अब मै बिल्कुल नंगा था मम्मी भी नंगी थी बस मम्मी के ऊपर सिर पेटीकोट बचा था जो सिकुड़ कर उनकी कमर में हिलग गया था ,बाकी मम्मी और मेरे जिस्म बिल्कुल नंगे थे ।
फिर करीब 15 मिनट तक हम दोनों के जिस्म एक दूसरे से रगड़ खाते रहे ,फिर मैने मम्मी के काम में कहा मम्म", अब रहने दो ,कहानी ऐसा न हो आप मेरा और अपना कीमती पानी यही बहा दो हम दोनों के जिस्म के ऊपर ।
फिर मम्मी _ पानी बिना बहाए सुकून कहां मिलेगा मेरे लाल।
मै_ मम्मी ये दुनिया का सबसे महंगा पानी है जो जल्दी पीने को भी नहीं मिलता ।
मम्मी _ ये बात तो है, फिर क्या करूं, अभी तो ये लग रही है कि बस पानी बाहर आ जाए ।
मै_ नहीं मम्मी इसके लिए अभी थोड़ा और समय दो , इसे हम दोनों को ऐसे नहीं बेकार करना चाहिए ,अभी आप रुको वरना मेरा भी निकल जाएगा ।(फिर मम्मी ने किस करते हुए अपने को मुझसे अलग किया लेकिन न तो उन्होंने अपना पानी निकलने दिया न ही मेरा)
इस सब कार्यक्रम में हमे लगभग एक घंटे से ज्यादा हो गया फिर मै सो गया और साथ में मम्मी भी सो गई ।
जब दोबारा मेरी आंख खुली तो सामने मम्मी खड़ी थी सूट पहने हुए ,जब कमरे में लगी घड़ी की तरफ देख तो 10 बज रहे थे सुबह के ।
क्या मस्त मॉल लग रही थी मस्त मोती गांड़, जैसे अभी अभी चुदकर आई हो किसी से ।
फिर मम्मी मुझसे बोली क्या बात है अभी तक सो रहे हो कितना टाइम हो गया देखो दस बज गए , आज डेयरी पर नहीं जाना है ,पता नहीं पूरी रात सोते रहे मै भी सो गई मै खुद 9 बजे के आस पास उठी हूँ सोकर , आज मुझे भी बहुत नींद आ गई थी , आज सुबह तो मेरी आंख भी नहीं खुली थी ।और कहकर वही पास में जीने के पास बैठ गई ।
मम्मी ऐसे बैठी जिससे उनकी मस्त मोटी जांघ और हल्का सा पिछवाड़ा बिल्कुल मस्त लग रहा था ।
(लेकिन मै सोच में पड़ गया ये साला वाकई में मम्मी 9 बजे उठी हैं और फिर जो सुबह हुआ वो क्या था जिसके बाद हम दोनों सो गए थे ,मेरी समझ में नहीं आ रहा था को चल क्या रहा है ,मम्मी ऐसे कर रही थी जैसे शायद सुबह कुछ हम दोनों ने किया ही नहीं है, मै खुद ये सोचकर सोच में डूब गया था, तभी मम्मी ने आवाज दी कि कहां खो गए चलो उठो बिस्तर से अब , बहुत टाइम हो गया है , मैने तुमसे कल कहा था कि तुम्हारी मालिश करने के लिए मैने तेल बनाया है आज , नहाने से पहले उससे मालिश करवा लेना ध्यान से मुझसे )
मैने ओके कहा और उठकर फ्रेश होने निकल गया।
Superb update broगतांक से आगे _____________________________________________
फ्रेश होने के बाद जब मै टॉयलेट से लौटा तो मम्मी ने कहा अभी नहाना मत रुक जाओ मै तुम्हारे शरीर को मालिश कर देती हूं, आज वैसे भी इतने दिनो के बाद धूप निकली है ,एक काम करो , बाहर आंगन में मै चारपाई बिछा दे रही हूँ उस पर अपने कपड़े निकाल कर लेट जाओ ,फिर मै तेल लगाकर मालिश कर देती हूं ।
मै_ हां मम्मी,आज शाम को डेयरी पर चला जाऊंगा ।कोई नहीं आप मालिश कर दो ,आज धूप भी अच्छी है हल्की गर्मी है धूप में ।
(मन में सोचते हुए ,धूप से ज्यादा गर्मी तेरी बुर में है)
फिर मैने अपने कपड़े निकाले और खाली नेकर पहनकर बाहर आंगन में पड़ी चारपाई पर लेट गया, धूप में ।
फिर मम्मी एक कटोरी में तेल लेकर आई और मेरी कमर के पास बैठ गई और मुझसे बोली थोड़ा उल्टे हो जाओ पहले , पहले पीछे से मालिश कर देती हूं ।
मै_ क्या बात है मम्मी, लगता है आपको भी पीछे से पसंद है मालिश करना ।
मम्मी _ क्यों ,पसंद क्यों नहीं होगा , जब बेटा इतनी मेहनत करेगा दिन रात अपनी मम्मी के लिए ,फिर उसमें क्या पूछ और क्या आगे ,मुझे हर तरफ से पसन्द है ।
मै_ ठीक है मम्मी,जैसे आपको पसंद हो वैसे आप करो ,मुझे मंजूर है।
(फिर मम्मी ने अपने दोनों हाथों में तेल लिया कटोरी से और मेरी पीठ, दोनों पैर और दोनों कन्धों पर लगाकर मसलने लगी जिससे मम्मी जो सूट पहने थी उस पर भी तेल लगने लगा ,फिर मैने कहा मम्मी अपने जो सूट पहना है वो तेल से सन जाएगा ,तो मम्मी ने हंसते हुए कहा ,तो क्या करु निकाल दूं क्या ?
मै_ नहीं मम्मी निकालो मत ,बस ये कह रहा था अगर कोई पुराना सूट हो तो पहन लेती आप।
मम्मी _ कोई बात नहीं सन जाने दो , मै दूसरा बदल लूंगी ,अगर खराब भी हो जाएगा तो तुम मुझे नया दिखावा देना ।
मै_ आपके ऊपर तो 1000 सूट न्योछावर मम्मी, आप करो मालिश।
फिर मम्मी अपने दोनों हाथों से मेरी मालिश करने लगी ,मालिश करते टाइम मम्मी के जिस्म का हर अंग मेरे शरीर से टच हो रहा था ,और मालिश करते करते सूट और सलवार भी आगे से पूरी तेल से सन गई थी ।
फिर मैने मम्मी से कहा मम्मी आपको बैठे हुए तकलीफ होती होगी आप एक काम करो आप मेरे ऊपर आ जाओ और बैठ जाओ फिर आराम से मालिश कर देना ।
मम्मी _ मेरा वजन बहुत ज्यादा है , झेल लोगे ?
मै_ आप ऊपर तो आओ सही ,जब उस दिन रात में अपने मेरा वजन अपने ऊपर झेल लिया तो क्या मै आपका वजन नहीं झेल सकता , आप आओ तो सही ।
(फिर मम्मी अपनी दोनों टांगें फैलाकर मेरी पीठ पर बैठ गई और अपने हाथों से मेरी बैक की मालिश करने लगी , मम्मी मजाक मजाक में मेरे चूतड़ों को भी छू लेती तो मै चिहुंक उठता,फिर मम्मी कहती क्या हुआ ,अगर सब की मालिश करूंगी और कूल्हों की नहीं करूंगी तो क्या फायदा ,फायदा तो तब है जब शरीर के हर हिस्से की मालिश हो , तभी तो ये तेल और मालिश का फायदा होगा। फिर करीब 15 मिनट तक मम्मी मेरी पीठ और दोनों चूतड़ों की, पैरों की और कंधों की मालिश करती रही ,इससे उनकी बुर के पास की सलवार पूरी तेल से भींग गई और उनके दोनों मोटे दूध भी और पेट भी तेल से भीगने लगा।
फिर मम्मी बोली कि चलो अब सीधे हो जाओ , अब आगे से कर दें मालिश तुम्हारी।
फिर मै सीधे होकर लेट गया ,तो मैने मम्मी से कहा मम्मी आप मेरे ऊपर ही बैठकर मालिश करो बहुत अच्छा लग रहा है ,आपका वजन भी ज्यादा नहीं है।
फिर मम्मी मेरे ऊपर मेरे पेट के पास मेरे लन्ड से लगभग एक दो इंच दूर बैठ गई और मेरे सीने और पेट पर मालिश करने लगी ।
ऐसे में मम्मी के दोनों भींगे हुए दूध ,पेट और माथे पर हल्का सा पसीना ,और मम्मी की बुर के पास भींगी हुई सलवार से मेरा लन्ड पूरा खड़ा होकर रॉड बन गया था ।
ऐसे में मम्मी बिल्कुल अप्सरा लग रही थी , फिर चिकने तेल की वजह से मम्मी इधर उधर सरकने लगी तो मैने कहा मम्मी आपको पकड़ लूं कही आप गुर मत जाना चारपाई से , फिर मम्मी बोली हा पकड़ लो पता लगे ,मै नीचे दिखूं कही ,?
फिर मैने अपने दोनों हाथों से मम्मी की कमर को कस के पकड़ लिया और तेल लगे होने की वह से मेरे हाथ भी मम्मी के शरीर पर इधर उधर फिसल रहे थे ,कभी कूल्हों तक चले जाते कभी ऊपर पीठ तक पहुंच जाते, मम्मी ने फिर कहा और तुम्हारे निचले हिस्से की मालिश कर दूं ,एक काम करती हूँ मै तुम्हारी तरफ अपनी पीठ करके तुम्हारे ऊपर बैठ जाती हूं ,फिर मम्मी ने अपनी भींगी हुई गांड़ उठाई और मेरी तरफ कर दी और अपने सूत को भी ऊपर कर दिया जिससे उनकी तेल से भींगी हुई सलवार में उसकी गांड़ और मोटे चूतड़ों के दर्शन मुझे हो सके ,फिर मम्मी ने अचानक मेरे नेकर में हाथ डाल दिया और बोली सबके साथ साथ इसका भी ख्याल रखा करो ,इसकी जीवन में बहुत जरूरत है सबको , मैने कहा हां मम्मी आप हो तो इसका और मेरा ख्याल रखने के लिया ,फिर मैने मम्मी को उनकी चूतड़ों से पकड़ लिया और अपने हाथ से उनके मोटे कमर और चूतड़ों को सहलाने लगा ,तेल लगे होने से हाथ और भी मस्ती से इधर उधर जा जरा था कभी गांड़ के छेद तक कभी दोनों चूतड़ों के बीच में गंद से चूत के पास तक , अब मम्मी ने में लन्ड को हाथ में लेकर मस्ती से मालिश करना शुरू किया ,मै भी मस्ती से मम्मी के बदन को सहला रहा था
करीब 25 मिनट तक ऐसा करने पर जब मम्मी को लगा मेरा पानी निकलने वाला है तभी मम्मी ने ने मुझे छोड़ दिया और वही मेरे ऊपर लेट गई , और बोली बहुत थक गई ,फिर मुझे किस की और अपने कपड़े ठीक करके वहां से चली गई और बोली अभी 15 मिनट बाद नहा लेना , फिर खाना बनाती हूं, आज अपने खेत पर भी जाना है, फसल देखने , खेत से वापस आकर फिर शाम को डेयरी पर चले जाना।
मैने कहा ठीक है मम्मी,आप खाना बनाओ मै नहाकर अभी आया ।
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अगली सुबह मेरी आंख थोड़ी जल्दी खुल गई तो महसूस हुआ कि मम्मी का पेटिकोट पूरा हटा हुआ है और उनकी दोनों टांगें नंगी हैं और दोनों चूतड़ भी नंगे है ।मै उठा और पेशाब के लिए जाने लगा ,फिर कुछ टाइम बाद मैने मोबाइल में टाइम देखा तो 5 बज रहे थे , मैने एक बार कमरे की लाइट जलाकर मम्मी के पूरे बदन का दीदार करना चाहा, जब लाइट जलाई तो देखा मम्मी के चूतड़ वास्तव में बात बड़े और मस्त चिकने है ,जिस पर मै रोजाना लन्ड से मालिश करता हूं ।
फिर मै भी मम्मी के बदन से थोड़ा और खेलने के विचार से मम्मी से चिपक कर लेता गया ,मैने नेकर तो अपना रात को ही निकाल दिया था अभी मै सिर्फ बनियान और मम्मी सिर्फ ब्लाउज पहने थी पेटीकोट तो पूरा सिमटकर ऊपर चला गया था ।
मैने तीन चार बार मम्मी को आवाज दी लेकिन मम्मी नहीं उठी फिर मैने सोचा एक बार मम्मी की गांड़ की दरार में लन्ड डालकर निकाल लूं फिर देखूंगा मम्मी क्या करती हैं ।
मैने वैसा ही किया अपने खड़े हुए लन्ड को मम्मी के दोनों चूतड़ फैलाकर उसकी गांड़ के छेद पर रखा और करीब आठ दस बार आगे पीछे किया उसके बाद मैने अपना लैंड हटा लिया और मैं थोड़ा पीछे होकर लेट गया, इसका रिस्पोंस ये हुआ कि मम्मी अपनी नींद से जाग गई और मैं सोने का नाटक करने लगा , फिर मम्मी उठी और उठकर टॉयलेट में गई करीब 10 मिनट बाद मम्मी फिर वापस आकर मेरे पास लेट गई ।
मैने महसूस किया कि मम्मी मुझसे चिपकना चाह रही है और बार बार अपनी टांगें मेरी टांगों पर रख रही हैं। फिर एक बार ऐसा हुआ कि मम्मी की नंगी टांग से मेरा खड़ा हुआ लन्ड टच होने लगा ,फिर मम्मी ने मुझे दो तीन बार आवाजे दी लेकिन मैं ऐसे कर रहा था जैसे पता नहीं कितने गहरी नींद में हूं ।
फिर मम्मी ने अपना एक हाथ मेरे पेट पर रखा और धीरे धीरे मेरे पेट को सहलाने लगी ।और देखते देखते धीरे धीरे उन्होंने अपना हाथ मेरे लन्ड तक लाना शुरू कर दिया ।मेरा लन्ड तो पहले से ही खड़ा था मम्मी के हाथ का स्पर्श पाकर और ज्यादा सख्त हो गया।करीब पांच मिनट तक मम्मी ने मेरे लैंड को सहलाया ,इसी बीच उन्होंने अपने ब्लाउज़ के ऊपर के बटन खोलकर अपने दोनों दूधों को बाहर निकाल लिया और मेरे सीने पर रगड़ने लगी ।
मै ज्यों का त्यों लेटा रहा और मम्मी की करतूत देखता रहा , फिर मम्मी अपना मुंह मेरे कान के पास लाकर मेरी गर्दन मेरे गाल और मेरी छाती पर किस करने लगी ।
और साथ साथ बोलती जा रही थी ।
आह ! मेरे लाल, क्या मस्त फलान है तुम्हारा,ऐसा फलान तो मैने अपनी जिंदगी में पहली बार देखा है ,।।
काश!! अगर ये मेरी बुर में घुस जाए तो शायद मै दो तीन दिन तक ठीक से चल भी न पाऊंगी ,मेरी पूरी भोसड़ी का भोसड़ा बना देगा तुम्हारा ये लन्ड!!! आह !! कब दोगे अपनी मम्मी को ,ये बताओ, रात में भी तुमने मेरी गांड़ को कितना मस्ती से रगड़ा था मेरी गांड़ पर तुम्हारे लन्ड के रगड़ के निशान पड़ गए हैं , मेरे बेटे बहुत मस्त लन्ड हैं तुम्हारा , ।।
अगर तुम ये अपनी मम्मी को दे दो तो चाहे जब भी तुम्हारा मन करे तुम अपनी मम्मी की सलवार खोल के डाल देना बुर में या जब भी पेटिकोट पहने हूं तुरंत उठकर मेरी बुर में डाल देना मै कभी भी मन नहीं करूंगी।।इतना कहकर मम्मी इतना गरम हो गई कि वो कब मेरे ऊपर आ गई पता ही नहीं चला ,और मेरा लन्ड उनकी दोनों जांघों के बीच से निकलकर बाहर दोनों चूतड़ों के भी बाहर जा रहा था शायद मेरे लन्ड की लंबाई भी अच्छी खासी थी।
मम्मी अपनी बुर को मेरे लन्ड पर ऐसे रगड़ रही थी जिसे पता नहीं कब से चुदासी हो और मेरे लन्ड को अपनी बुर में अभी समेट लेना चाहती हो।
मै भी अपने लन्ड को पूरी ताकत से मम्मी की जांघों के आर पार निकालने के लिए नीचे से धीरे धीरे धक्के मार रहा था जिसका एहसास भी मम्मी को हो गया था पर उन्होंने रंग ने भंग न पड़े कुछ नहीं कहा और अपने काम में लगी रही ।ऐसे ही हम दोनों को रगड़ते हुए करीब आधे घंटे से ज्यादा हो गया , फिर मैने सोचा अब मम्मी के सामने खुलने का नंबर आ गया है अगर आज नहीं खुलकर बोला तो कभी नहीं बोल पाऊंगा ।
फिर मैने धीरे से मम्मी के कान में कहा _ मम्मी! आह! आप बहुत अच्छी हो ,भगवान मुझे हर जन्म में आप जैसी मम्मी दे । मम्मी एक काम करो अपना ब्लाउज़ भी निकाल दो न आप ।मम्मी _ (मेरे काम में कहते हुए अपनी कमर को ऊपर नीचे करते हुए) तुम भी बहुत अच्छे हो , मुझे भी भगवान हर जन्म में तुम्हारे जैसा बेटा दे , पर जल्दी दे , ताकि मेरा बेटा ,जल्दी से बड़ा हो जाए ।
फिर मम्मी बोली, अपने हाथों से ही निकाल दो न मेरा ब्लाउज़।फिर मैने मम्मी का ब्लाउज के बटन खोले और खुलते ही मम्मी के दोनों दूध बिल्कुल नंगे हो गए फिर मम्मी ने भी मेरी बनियान को निकल दिया अब मै बिल्कुल नंगा था मम्मी भी नंगी थी बस मम्मी के ऊपर सिर पेटीकोट बचा था जो सिकुड़ कर उनकी कमर में हिलग गया था ,बाकी मम्मी और मेरे जिस्म बिल्कुल नंगे थे ।
फिर करीब 15 मिनट तक हम दोनों के जिस्म एक दूसरे से रगड़ खाते रहे ,फिर मैने मम्मी के काम में कहा मम्म", अब रहने दो ,कहानी ऐसा न हो आप मेरा और अपना कीमती पानी यही बहा दो हम दोनों के जिस्म के ऊपर ।
फिर मम्मी _ पानी बिना बहाए सुकून कहां मिलेगा मेरे लाल।
मै_ मम्मी ये दुनिया का सबसे महंगा पानी है जो जल्दी पीने को भी नहीं मिलता ।
मम्मी _ ये बात तो है, फिर क्या करूं, अभी तो ये लग रही है कि बस पानी बाहर आ जाए ।
मै_ नहीं मम्मी इसके लिए अभी थोड़ा और समय दो , इसे हम दोनों को ऐसे नहीं बेकार करना चाहिए ,अभी आप रुको वरना मेरा भी निकल जाएगा ।(फिर मम्मी ने किस करते हुए अपने को मुझसे अलग किया लेकिन न तो उन्होंने अपना पानी निकलने दिया न ही मेरा)
इस सब कार्यक्रम में हमे लगभग एक घंटे से ज्यादा हो गया फिर मै सो गया और साथ में मम्मी भी सो गई ।
जब दोबारा मेरी आंख खुली तो सामने मम्मी खड़ी थी सूट पहने हुए ,जब कमरे में लगी घड़ी की तरफ देख तो 10 बज रहे थे सुबह के ।
क्या मस्त मॉल लग रही थी मस्त मोती गांड़, जैसे अभी अभी चुदकर आई हो किसी से ।
फिर मम्मी मुझसे बोली क्या बात है अभी तक सो रहे हो कितना टाइम हो गया देखो दस बज गए , आज डेयरी पर नहीं जाना है ,पता नहीं पूरी रात सोते रहे मै भी सो गई मै खुद 9 बजे के आस पास उठी हूँ सोकर , आज मुझे भी बहुत नींद आ गई थी , आज सुबह तो मेरी आंख भी नहीं खुली थी ।और कहकर वही पास में जीने के पास बैठ गई ।
मम्मी ऐसे बैठी जिससे उनकी मस्त मोटी जांघ और हल्का सा पिछवाड़ा बिल्कुल मस्त लग रहा था ।
(लेकिन मै सोच में पड़ गया ये साला वाकई में मम्मी 9 बजे उठी हैं और फिर जो सुबह हुआ वो क्या था जिसके बाद हम दोनों सो गए थे ,मेरी समझ में नहीं आ रहा था को चल क्या रहा है ,मम्मी ऐसे कर रही थी जैसे शायद सुबह कुछ हम दोनों ने किया ही नहीं है, मै खुद ये सोचकर सोच में डूब गया था, तभी मम्मी ने आवाज दी कि कहां खो गए चलो उठो बिस्तर से अब , बहुत टाइम हो गया है , मैने तुमसे कल कहा था कि तुम्हारी मालिश करने के लिए मैने तेल बनाया है आज , नहाने से पहले उससे मालिश करवा लेना ध्यान से मुझसे )
मैने ओके कहा और उठकर फ्रेश होने निकल गया।
Superb update broगतांक से आगे _____________________________________________फ्रेश होने के बाद जब मै टॉयलेट से लौटा तो मम्मी ने कहा अभी नहाना मत रुक जाओ मै तुम्हारे शरीर को मालिश कर देती हूं, आज वैसे भी इतने दिनो के बाद धूप निकली है ,एक काम करो , बाहर आंगन में मै चारपाई बिछा दे रही हूँ उस पर अपने कपड़े निकाल कर लेट जाओ ,फिर मै तेल लगाकर मालिश कर देती हूं ।
मै_ हां मम्मी,आज शाम को डेयरी पर चला जाऊंगा ।कोई नहीं आप मालिश कर दो ,आज धूप भी अच्छी है हल्की गर्मी है धूप में ।
(मन में सोचते हुए ,धूप से ज्यादा गर्मी तेरी बुर में है)फिर मैने अपने कपड़े निकाले और खाली नेकर पहनकर बाहर आंगन में पड़ी चारपाई पर लेट गया, धूप में ।
फिर मम्मी एक कटोरी में तेल लेकर आई और मेरी कमर के पास बैठ गई और मुझसे बोली थोड़ा उल्टे हो जाओ पहले , पहले पीछे से मालिश कर देती हूं ।
मै_ क्या बात है मम्मी, लगता है आपको भी पीछे से पसंद है मालिश करना ।
मम्मी _ क्यों ,पसंद क्यों नहीं होगा , जब बेटा इतनी मेहनत करेगा दिन रात अपनी मम्मी के लिए ,फिर उसमें क्या पूछ और क्या आगे ,मुझे हर तरफ से पसन्द है ।
मै_ ठीक है मम्मी,जैसे आपको पसंद हो वैसे आप करो ,मुझे मंजूर है।
(फिर मम्मी ने अपने दोनों हाथों में तेल लिया कटोरी से और मेरी पीठ, दोनों पैर और दोनों कन्धों पर लगाकर मसलने लगी जिससे मम्मी जो सूट पहने थी उस पर भी तेल लगने लगा ,फिर मैने कहा मम्मी अपने जो सूट पहना है वो तेल से सन जाएगा ,तो मम्मी ने हंसते हुए कहा ,तो क्या करु निकाल दूं क्या ?
मै_ नहीं मम्मी निकालो मत ,बस ये कह रहा था अगर कोई पुराना सूट हो तो पहन लेती आप।
मम्मी _ कोई बात नहीं सन जाने दो , मै दूसरा बदल लूंगी ,अगर खराब भी हो जाएगा तो तुम मुझे नया दिखावा देना ।
मै_ आपके ऊपर तो 1000 सूट न्योछावर मम्मी, आप करो मालिश।
फिर मम्मी अपने दोनों हाथों से मेरी मालिश करने लगी ,मालिश करते टाइम मम्मी के जिस्म का हर अंग मेरे शरीर से टच हो रहा था ,और मालिश करते करते सूट और सलवार भी आगे से पूरी तेल से सन गई थी ।
फिर मैने मम्मी से कहा मम्मी आपको बैठे हुए तकलीफ होती होगी आप एक काम करो आप मेरे ऊपर आ जाओ और बैठ जाओ फिर आराम से मालिश कर देना ।
मम्मी _ मेरा वजन बहुत ज्यादा है , झेल लोगे ?
मै_ आप ऊपर तो आओ सही ,जब उस दिन रात में अपने मेरा वजन अपने ऊपर झेल लिया तो क्या मै आपका वजन नहीं झेल सकता , आप आओ तो सही ।
(फिर मम्मी अपनी दोनों टांगें फैलाकर मेरी पीठ पर बैठ गई और अपने हाथों से मेरी बैक की मालिश करने लगी , मम्मी मजाक मजाक में मेरे चूतड़ों को भी छू लेती तो मै चिहुंक उठता,फिर मम्मी कहती क्या हुआ ,अगर सब की मालिश करूंगी और कूल्हों की नहीं करूंगी तो क्या फायदा ,फायदा तो तब है जब शरीर के हर हिस्से की मालिश हो , तभी तो ये तेल और मालिश का फायदा होगा। फिर करीब 15 मिनट तक मम्मी मेरी पीठ और दोनों चूतड़ों की, पैरों की और कंधों की मालिश करती रही ,इससे उनकी बुर के पास की सलवार पूरी तेल से भींग गई और उनके दोनों मोटे दूध भी और पेट भी तेल से भीगने लगा।
फिर मम्मी बोली कि चलो अब सीधे हो जाओ , अब आगे से कर दें मालिश तुम्हारी।
फिर मै सीधे होकर लेट गया ,तो मैने मम्मी से कहा मम्मी आप मेरे ऊपर ही बैठकर मालिश करो बहुत अच्छा लग रहा है ,आपका वजन भी ज्यादा नहीं है।
फिर मम्मी मेरे ऊपर मेरे पेट के पास मेरे लन्ड से लगभग एक दो इंच दूर बैठ गई और मेरे सीने और पेट पर मालिश करने लगी ।
ऐसे में मम्मी के दोनों भींगे हुए दूध ,पेट और माथे पर हल्का सा पसीना ,और मम्मी की बुर के पास भींगी हुई सलवार से मेरा लन्ड पूरा खड़ा होकर रॉड बन गया था ।ऐसे में मम्मी बिल्कुल अप्सरा लग रही थी , फिर चिकने तेल की वजह से मम्मी इधर उधर सरकने लगी तो मैने कहा मम्मी आपको पकड़ लूं कही आप गुर मत जाना चारपाई से , फिर मम्मी बोली हा पकड़ लो पता लगे ,मै नीचे दिखूं कही ,?
फिर मैने अपने दोनों हाथों से मम्मी की कमर को कस के पकड़ लिया और तेल लगे होने की वह से मेरे हाथ भी मम्मी के शरीर पर इधर उधर फिसल रहे थे ,कभी कूल्हों तक चले जाते कभी ऊपर पीठ तक पहुंच जाते, मम्मी ने फिर कहा और तुम्हारे निचले हिस्से की मालिश कर दूं ,एक काम करती हूँ मै तुम्हारी तरफ अपनी पीठ करके तुम्हारे ऊपर बैठ जाती हूं ,फिर मम्मी ने अपनी भींगी हुई गांड़ उठाई और मेरी तरफ कर दी और अपने सूत को भी ऊपर कर दिया जिससे उनकी तेल से भींगी हुई सलवार में उसकी गांड़ और मोटे चूतड़ों के दर्शन मुझे हो सके ,फिर मम्मी ने अचानक मेरे नेकर में हाथ डाल दिया और बोली सबके साथ साथ इसका भी ख्याल रखा करो ,इसकी जीवन में बहुत जरूरत है सबको , मैने कहा हां मम्मी आप हो तो इसका और मेरा ख्याल रखने के लिया ,फिर मैने मम्मी को उनकी चूतड़ों से पकड़ लिया और अपने हाथ से उनके मोटे कमर और चूतड़ों को सहलाने लगा ,तेल लगे होने से हाथ और भी मस्ती से इधर उधर जा जरा था कभी गांड़ के छेद तक कभी दोनों चूतड़ों के बीच में गंद से चूत के पास तक , अब मम्मी ने में लन्ड को हाथ में लेकर मस्ती से मालिश करना शुरू किया ,मै भी मस्ती से मम्मी के बदन को सहला रहा था
करीब 25 मिनट तक ऐसा करने पर जब मम्मी को लगा मेरा पानी निकलने वाला है तभी मम्मी ने ने मुझे छोड़ दिया और वही मेरे ऊपर लेट गई , और बोली बहुत थक गई ,फिर मुझे किस की और अपने कपड़े ठीक करके वहां से चली गई और बोली अभी 15 मिनट बाद नहा लेना , फिर खाना बनाती हूं, आज अपने खेत पर भी जाना है, फसल देखने , खेत से वापस आकर फिर शाम को डेयरी पर चले जाना।
मैने कहा ठीक है मम्मी,आप खाना बनाओ मै नहाकर अभी आया ।











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फिर बारिश रुकने के बाद हम लोग जैसे ही खेत से घर के लिए निकले ,रस्ते में फिर से बारिश स्टार्ट हो गई , हमें घर पहुंचने में हम दोनों का पूरा शरीर पानी से भेज गया था ,ऊपर से ठंड के कपड़े भी नहीं पहने हुए थे ,तो और ज्यादा ठंड लग रही थी , वो तो मम्मी का शुक्र हो जो पीछे से अपना सीना मेरी पीठ से चिपका कर बैठी हुई थी , तो मुझे ठंड की सिकुड़न कम लग रही थी , लेकिन लन्ड में किसी प्रकार को ठंड नहीं महसूस हो रही थी और मम्मी के दोनों दूधों में भी मुझे ठंड का एहसास नहीं हों रहा था ऐसा लग रहा था जैसे दोनों दूध गरम भट्टी की तरह सुलग रहें हैं ।
घर पहुंचकर मैने गाड़ी खड़ी की और फिर मम्मी और में दोनों हम घर में दाखिल हुए और बरामदे में जाकर खड़े हो गए ।
मैने एक नजर मम्मी के बदन पर डाली ,देखा मम्मी पूरी ऊपर से नीचे तक भींगी हुईं हैं और उनके कपड़ों में से उनका गठीला बदन सोने की तरह चमक रहा है , क्योंकि उनके कपड़े कुछ ज्यादा ही ट्रांसपेरेंट थे।
उनकी गीली साड़ी और पेटीकोट में से उनकी टांगें भी चमक रही थी ,जिसे देखकर मुझे फिर से उन्हें चूमने का दिल करने लगा था । इस समय घड़ी में 4 बजे का समय हो रहा था शाम के । मम्मी इस समय बिल्कुल स्वर्ग की अप्सरा लग रही थी मुझे ,मै हर समय उन्हें देखकर उनकी पूजा करने के लिए बेताब और तैयार था ,बस हर मौके की तलाश में लगा रहता था।
मस्त भींगा हुआ बदन ,उस पर ऊपर से भींगी हुई कसी हुई साड़ी और दोनों दूधिया दूधों से चिपका हुआ ब्लाउज, और मस्त गदरायी जांघें ,और बाहर निकली भरी हुई कसी हुई गांड़ ,जिसका अभी कुछ देर पहले मैने रस चूसा था , एक दम मम्मी की सुंदरता में चार चंद लगा रहे थे।
फिर मम्मी बोली बेटा एक काम करो जल्दी से सब कपड़े निकल दो नहीं तो ठंड लग जाएगी, मैने कहा मम्मी हां ये बात तो सही है ,बाहर तो बारिश हो रही है यहीं निकल लूं कपड़े ।इस पर मम्मी ने कहा हां यही निकाल दो , बाहर कहां जाओगे यही टब में रख देना बाद में मै धुल दूंगी।
फिर मैने अपने कपड़े निकालना शुरू किए और सिर्फ नेकर पहन रखा , जो बिल्कुल भींगा हुआ था , मम्मी ने भी मेरी तरफ पीठ करके अपना ब्लाउज निकाल दिया और साड़ी से अपने को ढक लिया पर वो साड़ी भी बेचारी क्या करती एकदम चिकनी और जालीदार थी ।
फिर मम्मी ने मुझसे कहा अरे अभी तक नहीं निकाले कपड़े , मैने कहा निकाल तो दिए मम्मी,बस ये नेकर रह गया है , आपने भी तो नहीं निकाले अभी तक ,आप पहले निकल दो आपके कपड़े ज्यादा हैं कही ऐसा न हो आपको मुझे पहले सर्दी लग जाए , फिर मम्मी ने हंसकर अपने बच्चे हुए कपड़े पेटीकोट और साड़ी को भी निकाल दिया ,और अपने दोनों दूधो को अपने हाथों से छिपा लिया ,फिर मेरी तरफ मुड़कर बोली , अरे भाई इतनी देर से अभी तक नेकर नहीं निकला तुम्हारा ,और कहकर अपने हाथ से मेरा नेकर निकालने लगी ,जिससे उनके दोनों मस्त सुडौल दूध नीचे लटकने लगे ।
क्या मस्त लग रही थी मम्मी,उन्हें देखकर मेरा लन्ड जो कि मम्मी के नेकर निकालने से आजाद हो चुका था अपने चरम पर था मम्मी को नंगा देखकर ।
फिर मम्मी ने तौलिया उठाई और मेरे सामने आकर मेरे सर के पानी को पोछने लगी ,जिससे उनके दोनों नंगे दूध मेरे सीने में रगड़ खा रहे थे और मेरा लैंड उनकी बुर के दरवाजे पर दस्तक दे रहा था ।फिर 5 मिनट तक सर पूछने के बाद मम्मी ने मेरा पूरा शरीर पोछा फिर अपना शरीर पूछने लगी ,मैने मम्मी से कहा लाओ मम्मी मै आपका सर पोछे दे रहा हूं , फिर मै मम्मी के पीछे आकर उनका सर पोछने लगा,जिससे मेरा खड़ा हुआ लैंड सीधे मम्मी की गांड़ के दरवाजे पर सलामी देने लगा , शायद अब मम्मी को भी मुझे अपनी गांड़ पर रगड़वाने में मजा आने लगा था इसलिए उन्होंने भी अपनी कमर को हिलाकर मेरे लैंड के लिए अपने दोनों चूतड़ों के बीच में जगह दे दी ,जिससे मेरा लैंड मम्मी के गुदाज़ चूतड़ों के बीच में फंस गया , और मै अपने कमर को मम्मी के सर को तौलिए से साफ करते हुए आगे पीछे कर रहा था , मम्मी भी इसी रिदम में अपनी गांड़ को आगे पीछे कर रही थीं। लन्ड शायद इतना लंबा था कि मम्मी को गांड़ और चूतड़ों को चीर करके आगे निकलकर उनकी बुर के रस्ते से रगड़ खा रहा था जिससे उनकी गरम बुर के पानी का रस मेरे लन्ड पर होने से लैंड एकदम चिकना हो गया था ,और आसानी से आगे पीछे ही रहा था ।
फिर करीब 10 मिनट तक पोछने के बाद मैने मम्मी को अपनी तरफ घुमा लिया और आगे से उनके बदन को पोछने का नाटक करने लगा ,लेकिन मम्मी को मेरी किसी भी हरकत पर कोई ऐतराज नहीं था , मैने जब मम्मी को अपनी तरफ किया तो फिर से मेरे लन्ड ने उनकी जांघों के बीच में आकर उनकी बुर से इजाजत मांगी अंदर जाने को तो मम्मी ने हल्के से दोनों टांगें फैलाकर मेरे लैंड को अपनी जांघो में सेट कर लिया , फिर से हम दोनों वही अपने लन्ड और बुर को आपस में रगड़ रहे थे ।
अब मेरा लन्ड सीधे बुर के पानी से भींगते हुए उनकी गांड़ की दराज के बाहर जा रहा था , जिससे मम्मी भी मस्ती में आने लगी और मुझे पकड़ लिया और दोनों दूध मेरे सीने में रगड़ने लगी , पागलों को तरह । जैसे उनका पानी निकलने वाला हो ।फिर मैने मम्मी को पकड़ कर धीरे से सोफे पर अपने ऊपर लिटा लिया जो कि बरामदे में पड़ा हुआ था ।
इस वक्त मम्मी की बुर से रस की धर बहे जा रही थी जिसका प्रमाण मेरे लन्ड पर लगे पानी से देखा जा सकता था , लन्ड भी पूरी मस्ती से मम्मी की जांघें चोदने में लगा था।
फिर मैने मम्मी से कहा मम्मी जहां आपके कीड़े ने कटा वहां अब खुजली तो नहीं है , अगर रह गई हो तो आप कही मैं एक बार और चूसकर उसका सारा जहर जो बचा कूचा रह गया हो निकाल दूं , मम्मी समझ गईं कि मुझे उनकी गांड़ चाटना है और उनके बुर के रस को पीना है, उन्होंने कहा नहीं खुजली तो नाम की रह गई है फिर भी तुम्हे अपनी मम्मी का इतना ख्याल है तो कोई बात नहीं एक बार जो बचा कूचा रह गया हो उसे भी निकाल दो, बाद में आगे दिक्कत नहीं होगी ,।
फिर मैने मम्मी को खड़ा किया और बिना देर किए अपना मुंह बजाय जहां कीड़े ने काटा था ,वहां नहीं सीधे गांड़ के छेद पर रख दिया , उसे अपनी जीभ से चाटने लगा और करीब 2 मिनट तक चाटने के बाद मम्मी से कहा , मम्मी इसमें तो अभी भी हल्का सा पानी आ रहा है , मम्मी ने कहा बेटा कोई बात नहीं जितना पानी आ रहा है उसे निकाल दो नहीं तो बाद में आगे दिक्कत करेगा , मुझे , जब तक ये पानी खत्म नहीं हो जाता चाटते रहो।
फिर मै अपनी जीभ मम्मी की जांघों पर फिराने लगा ,जिससे मम्मी को भी मजा आने लगा और मेरे सर को पीछे से पकड़ कर अपनी गांड़ में घुसाने लगी।फिर उन्होंने देखा कि मुझे उनकी जांघों पर लगे मॉल को चाटना है तो उन्होंने हल्के से अपनी एक टांग ऊपर सोफे पर रख दी जिससे उनकी बुर के दर्शन भी मुझे हो गए क्या मस्त पानी से भरी रसीली बुर थी, मैने अपनी जीभ पहले जांघों पर लगाई और उसे चाटने लगा , फिर धीरे धीरे मम्मी की बुर के पास लाया , और एक दो बार जीभ फेरने के बाद फिर से गांड़ पर आ गया ।
मै पूरी मस्ती से गांड़ चाटने में व्यस्त था मम्मी ने भी अपनी गांड़ को मेरे मुंह पर रगड़ना शुरू कर दिया मै समझ गया कि अब मम्मी झड़ने वाली हैं, फिर उन्होंने ऐसी गांड़ मेरे मुंह पर रगड़ी की मुझे सांस लेने तक में दिक्कत होने लगी ,लेकिन मैने चाटना नहीं छोड़ा क्योंकि अभी कुछ देर के बाद उनका रस मुझे मिलने वाला था।
फिर मम्मी ने एक साथ रुक कर मेरे सर को पकड़ लिया और अपनी गांड़ के साथ अपनी चूत को भी मेरे मुंह पर रगड़ने लगी बिल्कुल धीरे से।
इससे उनकी बुर से निकल सारा रस मै अपने मुंह से साफ करके पी गया , फिर मम्मी ने मुझे अपने सीने से लगाकर मेरे मुंह पर लगे पानी को अपने होठों से पीने लगी और मुझे कसकर पकड़ लिया
फिर मम्मी खड़ी हुईं और शर्माते हुए अन्दर कमरे में चली गई,मैने भी अपने कपड़े पहना लिए, और अंदर जाकर मम्मी के पास जाकर मम्मी को निहारने लगा । उस वक्त मम्मी ने एक गरम सूट पहन रखा था जिससे ठंड न लगे।