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Kya hi opening scene diya hai bhai maza aa gaya. Kuch toh gadbad hai Maa-Bete ke beech.Update 01
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ये ही मेरी प्यारी मां लीलावती....
आज से कुछ साल पहले में और मां मासी के घर पे सोए हुए थे की मासी हमारे सुबह सुबह हमारे कमरे में आई.. मासी गांव में रहती थी इस लिए उन्हे जल्दी उठने की आदत थी..
दरवाजा खुला और मासी ने देखा की में मां के सीने से लगा हुआ हु... मासी के मुंह पे प्यारी सी मुस्कान निकल आई हमे इतना प्यार से सोते देख.. वो और पास आई और.. मां की पीठ पर हाथ रख उन्हे आवाज दी.. "चलो दीदी उठ जाओ नहा लो"
मां ने सोते हुए ही जवाब दिया "सोने दे इंदू.. अभी तो अंधेरा है" और मां ने मुझे कस के अपनी बाहों में भर लिया...
"दीदी वो पिछली बारिश में हमारा घुसल खाना गिर पड़ा था तो खुले में नहाना पड़ेगा आप को.. अभी नहा पहोगी आप बाद में खुले में केसे नहा पाओगी आप"
मां एक दम से उठ खड़ी हुए और चौक के बोली "क्या बक रही है तू... में खुले में केसे नहा सकती हु.. कोई देख लेगा तो.." जितना मां ये सुन के चौक उठी थी उस से ज्यादा मासी मां के खुले ब्लाउज बाहर निकल के हवा में तन के खड़े मां में स्तनों को देख हैरान थी.. मासी के दिमाग में कई सवाल खड़े होने लगे.. इतनी उम्र में इतने कसे हुए स्तन.. और बेटे के साथ खुले ब्लाउज के साथ क्यों सो रही थी... और क्या कुछ देर पहले तक सूरज (यानी में) दीदी के स्तन मुंह में भर के सो रहा था.... लेकिन मासी बस इतना ही बोल पाई..."दीदी आप का ब्लाउज खुला क्यू है"....
मां को अपनी हालत का पता लगते ही वो एक दम हड़बड़ा गई और तुरंत अपने ब्लाउज के बटन लगाने लगी.."इंदू अब क्या कहूं ये सब ये बदमाश किया होगा.." मेरी और इशारा करते हुए मां ने अपना आखरी बटन भी लगा दिया....
"आप इसे कुछ बोलती क्यों नही" मासी ने अपनी उत्सुकता से पूछा...
"क्या कहूं इंदु 24 साल का जवान लड़का है.. खुद समझ जाएगा... कुछ कहा और बुरा लगा लिया तो... एक ही बेटा है मेरा...."
"दीदी कही बेटे के स्पर्श से तुम गीली तो नही हो जाती ना.." मासी ने मां के कान में धीमे से कहा...
"चुप कर.. क्या बोल रही है.. बेटा है मेरा... इसी सीने से उसे 3 साल दूध पिलाया है.."
"दीदी चलो नहा लो बातो बातो मे उजाला हो गया"