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Adultery पंजाब दियां मस्त रंगीन पंजाबना

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aamirhydkhan

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कहानी "पंजाब दियां मस्त रंगीन पंजाबना: गौरव कुमार की है

मेरा नाम गौरव कुमार है। मैं, कपूरथला, पंजाब का रहने वाला हूँ। हमारा आड़त का काम है यानी हम किसान और सरकार मे बीच मे फसल का लेंन देंन का काम करते है। अब मे पंजाब से हूँ तो बता दूं के यहा की दो चीजें बहुत मशहूर है, एक पटियाला पेग ओर दुसरी पंजाबन जट्टीयां। हमारा किसानो के साथ आना जाना लगा रहता है तो किसी ना किसी जट्टी के साथ भी बात बन जाती है। आज एसी ही कहानी लेकर आया हूँ। तो कहानी आरंभ करते है।


SARBI
 
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deeppreeti

DEEP PREET
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पंजाब दियाँ मस्त रंगीन पंजाबना–पार्ट–95

कहानी का अगला भाग-पिछले भाग में आपने पढ़ा की मैंने गोल्डी से कहा की उसे टीम में अगर रहना है तो अपने साथ सेक्स करने पड़ेगा , कुछ ना नुकर के बाद गोल्डी मेरी बात मान कर सेक्स करने के लिए उसे टीम रूम में ले गया , उधर रीत की माँ मनप्रीत उसके जेठ और भतीजे रमिंदर के पास गयी , रमिंदर का मनप्रीत के साथ चूमा चाटी में ही पानी निकल गया फिर गुरमेल ने और फिर उसके बाद रमिंदर के उसकी ताबड़तोड़ चुदाई की - अब आगे।

ये कह कर मनप्रीत बाहर निकल गई रास्ते में सुख के घर के पास मोटरसाइकिल आयी जिस पर दो लड़के थे और आराम से आगे चले गए । मनप्रीत ने वो गली पार कर ली और पीछे से वो लड़के मोटरसाइकिल ले कर के आगे निकल गए। मनप्रीत ने सोचा पक्का ये किसी लड़की से मिलने के लिए आए थे और इतने में मनप्रीत अपने घर पहुंच गई और अपना गेट खोल कर अंदर चली गई।

इधर कालेज में मेरे साथ ब्यूटी और सेक्स की प्रतिमूर्ति गोल्डी थी और गोल्डी आज पहली बार चुदने वाली थी, और मैं ऐसे एक्साइटेड था जैसे पहले कभी नहीं किया । फ्लैट पहुँचते ही मैंने दरवाजा अंदर से लॉक कर दिया। पहले मैंने उसे कोल्ड ड्रिंक दी, ताकि वो रिलैक्स हो जाए। ड्रिंक पीते ही मैंने उसे अपने पास खिंचा और झटके से अपनी बाहों में भर लिया। उसके मुलायम होंठों पर मैंने पागलों की तरह स्मूच करना शुरू कर दिया। उसके होंठ इतने जूसी थे कि मैं उन्हें चूसता ही रहा। वो भी साथ देने लगी, लेकिन थोड़ा डर रही थी क्योंकि ये उसका फर्स्ट टाइम था।


अब लड्डू मर्ज़ी से खाओ या बिना मर्ज़ी के! लगता तो मीठा ही है। कालेज के गेस्ट रूम में मैं और गोल्डी भी लड्डू खाने के तयारी में थे। किस करती हुई गोल्डी हल्के हल्के मुस्कुरा रही थी, शायद सेक्स करने की खुशी हो रही थी अंदर ही अंदर।

मैंने कहा- तुम मुस्कुराते हुए बहुत प्यारी लगती हो, तब गोल्डी और मुस्कुराने लगी।

मैंने पूछा- तुमने पहले सेक्स तो किया हुआ ही है, इतनी खिल रही हो, इतनी खूबसूरत हो, बिना सेक्स के तो नहीं हो सकता। और वैसे भी आज कल खूबसूरत लड़कियों को कौन सही सलामत छोड़ता है।

उसने जवाब नहीं दिया मुस्कुरायी और चप्पल उतार के गद्दे पे बैठ गयी। मैं उसकी पीठ पर हाथ फेर रहा था अब उसका भी मन करने लगा था, भले ही मैं उसका बॉयफ्रेंड ना सही पर ऐसे हालात में मन तो करने ही लगता है। ठीक उसी पल मैंने उसे अपने पास खिंचा और उसके बूब्स मेरी छाती से टकराए, और मेरा लंड जींस में तंबू बनाकर खड़ा हो गया।

मैंने कहा चलो शुरू करते हैं। और गोल्डी के दोनों हाथ पकड़े और खड़ा करके अपने पास ले गया।

मैंने अपने हाथ को उसके सिर के पीछे ले जा केरे जूड़े का क्लचर खोल दिया और उसके लम्बे रेशमी बाल झूलते हुए खुल गए।

गोल्डी मुस्कुराती हुई नीचे देखने लगी तो साइड से थोड़े से बाल आगे भी आ गए। उसकी 34 साइज की छाती का स्पर्श मेरे लिए नया था, और मैं खुद को रोक नहीं पाया। उसका गोरा रंग, 34 की छाती, 28 की कमर, और 36 की गोल-मटोल गांड मुझे मस्त कर रहे थे ।

मैं तो मानो मुझे ऐसे देख के पिघला ही जा रहा था। वो कुछ देर तक तो मैं उसे चुपचाप देखता ही रहा और ख्यालों में कहीं खो गया।

गोल्डी सोचने लगी क्या हुआ, आगे क्यूँ नहीं बढ़ रहा?

तो सिर उठा के देखा तोमैं उसे देखता हुआ पता नहीं क्या सोच रहा था।

गोल्डी ने दबी हुई सी आवाज में पूछा- क्या हुआ?

तो मैं वापस होश में आया और बोला- कुछ नहीं, तुम्हारी खूबसूरत और मासूमियत पे फिसल गया।

गोल्डी ने कहा- फिसलने से कोई फायदा नहीं है। तुम प्यार व्यार में मत पड़ जाना। मैं तुम्हें बॉयफ्रेंड नहीं बनाऊँगी, ये मेरी मजबूरी हैं ।

मैंने कहा -घबराओ मत मैं बहुत प्यार से करूँगा और जब तुम कहोगी तब रुक जाऊँगा ( और मन में कहा गोलड़ी रानी एक बार चुद ले मुझ से, बार बार चुदवाएगी )। लड़की को पूरी तरह विश्वास में लेने के बाद और पक्का वादा लेने के बाद के ये हमारा संबंध केवल शारीरिक है और इसमे एमोशनल बिल्कुल नही होना है, तभी मैं आगे बढ़ा , क्योंकि ऐसे संबंधों में। दोनो में किसी पर कोई बोझ या दबाव नही होता और बहुत ही आनंद आता है।

इतना कह के मैंने अपने होंठ गोल्डी के नर्म गुलाबी होंठों पे रख के ज़ोर से दबा दिये। मैं उसे धकेल के दीवार से सटा के ज़बरदस्त किस करने लगा।

शुरू में तो गोल्डी भी हल्का सा अनमना सा विरोध कर रही थी। उनहह… उन्नहह… करते हुए मुझे धकेलने की कोशिश कर रही थी। पर फिर धीरे धीरे वासना में डूबने लगी तो विरोध बंद कर दिया और मेरा साथ देने लगी।

मैं पागलों की तरह गोल्डी के नर्म होंठों को चूसे जा रहा था, गोल्डी भी अब मेरा किस में पूरा साथ दे रही थी।

पूरे गेस्ट रूम में पुच्छह … पुच्छह … पुच्छ … उम्महह … हम्म … की हल्की हल्की आवाजें आ रही थी।

उस वक़्त हमने लगभग दो ढाई मिनट तक किस ही किया।

और जब हटा तो बोली - क्या बात है काके , तुम तो बहुत अच्छा किस करते हो ।

मैंने कहा- तो तुमने क्या समझा है मुझे कि मुझे कुछ नहीं आता? इस सब में मुझे तुमसे ज्यादा अनुभव है। और फिर ज़बरदस्ती मैं उससे चिपक गया और वो भी मुझे करने लगी मेरे होंठों को।

अब हम दोनों ही गर्म होने लगे थे। मेरा लंड पैंट में खड़ा होने लगा था। और जैसे गोल्डी कसमसा रही थी और किस कर रही थी उससे लग रहा था की उसमे भी चुदवाने की जबरदस्त इच्छा जाग चुकी थी।

मैं उसे चूम रहा था और वो मुझे चुम रही थी। मैंने हाथ उसकी टीशर्ट पे रख के उसके बूब्स को भींच रहा था। जिससे मेरी उत्तेजना और बढ़ती जा रही थी।

फिर जैसे ही गोल्डी किस कर के हटी, उसने देखा मैं बार-बार उसी को देख रहा था।

मेरा हाथ धीरे-धीरे उसकी जांघों पर खिसक रहा था, और मेरा लंड पहले से ही टाइट था। मैंने हिम्मत करके उसका हाथ पकड़ अपने लंड पर रख दिया। जैसे ही उसने मेरा लंड महसूस किया, उसने झट से हाथ हटा लिया मैंने उसका हाथ पकड़ा और बोला, “ गोल्डी , आप परेशान मत हो। मैं बहुत प्यार से करूँगा।”

गोल्डी बोली, “काके तू बहुत अच्छा है।” फिर उसने मेरे गाल पर एक चुम्मी दे दी। मुझसे अब रहा नहीं गया। मैंने भी उसके होंठों पर चुम्मी ले ली। वो चुप रही। उसका टॉप थोड़ा नीचे खिसका हुआ था, और उसकी गोरी छाती साफ दिख रही थी। मैंने मौका देखकर उसके गले पर चुम्मी दी। उसने कहा, “ये क्या कर रहा है?” मैंने जवाब दिया, “जानू तुमने मुझे किस किया, तो मैंने भी। अब आपकी बारी।” उसने मेरे होंठों पर फिर से चुम्मी दे दी। अब मुझसे रुका नहीं गया। मैंने उसे कसकर पकड़ा और स्मूच करना शुरू कर दिया। वो भी मज़े ले रही थी। मैंने उसके निचले होंठ को चूसना शुरू किया, और वो गहरी साँसें लेने लगी। मेरे हाथ उसके टॉप के ऊपर से उसके बूब्स पर चले गए। मैंने दोनों बूब्स को धीरे-धीरे मसलना शुरू किया। काली ब्रा में फंसे मेरे बूब्स आज़ाद होने के लिए तड़प रहे थे। उसने अपनी आँखें बंद कर लीं और सिसकारियाँ लेने लगी, “आह्ह… उह्ह…”

मैने आगे बढ़ कर गोल्डी को गले से लगाया और उसका मुँह ऊपेर करके उसे चूमने लगा। मैने महसूस किया की उसके शरीर में हल्का हल्काकंपन हो रहा है। जैसे किसी सितार के तार को छेड़ने के बाद उसमे कंपन होता है। उसकी पीठ मेरी छाती से चिपक गयी और मैने उसकी बगलों से हाथ डालकर उसके दोनो मम्मे अपनी हाथों में ले लिए। जैसे मेरे हाथों में दो टेन्निस बॉल्स आ गयी हों। इतने ही बड़े और इतने ही टाइट थे।

मैने प्यार से उन्हे दबाया और फिर उन्हें अपने हाथों में ऐसे भरा के मेरी उंगलियाँ उनके नीचे, हथेलिया दोनो साइड्स में और दोनो अंगूठे उसके चूचको के थोड़ा ऊपेर थे। उसके दोनो चूचक गोल और नरम थे और मैं देख रहा था के उत्तेजना के कारण उसके शरीर पर गूस बंप्स उभर आए थे और उसके दोनो निपल्स संकुचित हो कर अंदर को धन्से हुए थे। मैने अपने दोनो अंगूठे नीचे किए उसके चूचकों पर तो मुझे ऐसा लगा के जैसे दो रूई के फाहे मेरे अंगूठों के नीचे आ गये हों। इतने मुलायम और नरम थे उसके चूचक!

मैंने मौका देखकर उसके टॉप के अंदर हाथ डाला और ब्रा का हुक खोल दिया। उसकी ब्रा ढीली हो गई, और मैंने उसके नंगे बूब्स को दबाना शुरू कर दिया। उसके निप्पल टाइट हो चुके थे, और मैं उन्हें ज़ोर-ज़ोर से मसल रहा था। उसे दर्द हो रहा था, लेकिन मज़ा भी आ रहा था। उसने

उसने मेरी टी शर्ट को ऊपर को उठा के निकाल दिया। अब मैंने भी उसकी टॉप निकाल दी अब गोल्डी ऊपर से अर्धनग्न अवस्था में थी , उसकी ब्रा लटक रही थी । बहुत सेक्सी लग रही थी। इतनी सेक्सी की अगर कोई बूढ़ा भी देख ले तो उसे चोदने का मन करने लगे।

मैंने भी जोश जोश में उसकी पीठ पे हाथ ले जा के ब्रा उतार फेंकी।जैसे ही मैंने उसकी ब्रा निकाली, उसके स्तन स्प्रिंग की तरह बाहर निकले। ब्रा उतरते ही उसके दूधिया गोरे और मोटे मोटे बूब फूल के आज़ाद हो गए। वैसे मेरा लण्ड तो उसे चोदने ही आया था पर वो पहली बार चुदवा रही तो ज्यादा कोई परेशानी ना हो तो उसे थोड़ी गर्म करना जरूरी था,

मैं उसके गोल बूब्स हैरानी से देखने लगा पहले तो उन पर हाथ फेरा … फिर तुरंत ही उन पे टूट पड़ा और बेदर्दी से भींचने लगा। गोल्डी अब वासना में डूबते हुए और तेज़ तेज़ सीई … सी … सिसकारियाँ लेने लगी। और लंबी लंबी आहें भरने लगी।

मैं बहुत रोमांचित था और अपनी किस्मत पर गर्वान्वित भी की इतनी सुन्दर, कड़क जवान लड़की जो कि साक्षात सेक्स की प्रतिमूर्ति थी मेरी बाहों में थी और में उसका आनंद ले रहा था। मैने अपने अंगूठों और उंगलियों से दोनो मम्मों पर हल्का सा दबाव बढ़ाया तो उसके दोनो निपल्स तेज़ी से उभर कर बाहर को आ गये और मैने बड़े प्यार से उनको सहलाना शुरू किया। गोल्डी के मुँह से अयाया, ऊउउउउह की आवाज़ें आनी शुरू हो गयीं।

मैने पूछा, क्यों गोल्डी मज़ा आ रहा है ना। तो वो लंबी साँस लेकर बोली के बहुत ज़्यादा, इतना के बता नहीं सकती, लेकिन बहुत ही ज़्यादा मजा आ रही है ।

मैं कभी कभी उसके निप्पल यानि चुचूक को भी मसल दे रहा था। जिससे मेरी उसकी ज़ोर की सीईई… निकल जा रही थी।तो मैं उसके स्तनों को अपने मुँह से चूमने लगा और अपने हाथ उसकी योनि पर फेरने लगा।

अब गोल्डी भी अपना हाथ मेरी पेण्ट पे फिरा रही थी और मेरे लंड को उकसा रही थी।

फिर मैंने तुरंत ही अपने सारे कपड़े उतार दिये। उसे अपनी छाती मेरी छाती से चिपका के हमारे जिस्म रगड़ने लगा। मुझे इससे बहुत मजा आ रहा था। मेरा लंड मेरी लोअर में छुपी चूत पे रगड़ कर रहा था और उसमें गीलापन आता चला गया।

मैने अपनी दाईं टांग उठाकर गोल्डी की दाईं जाँघ को प्यार से रगड़ना शुरू कर दिया। उसकी साँस अटकने लगी। बीच-बीच में वो एक लंबी साँस खींच लेती और फिर से उसकी साँस तेज़ हो जाती। मैने अपना हाथ उसके दोनो मम्मों के बीच में रखा तो महसूस किया के उसका दिल इतनी ज़ोर से धड़क रहा है जैसे अभी छाती फाड़ कर बाहर आ जाएगा। मैने उसे घूमाकर सीधा किया और अपने सीने से लगा लिया और उसे लिए हुए ही पलट गया। अब वो मेरे नीचे लेटी थी और मैं पूरी तरह से उसके ऊपेर चढ़ा हुआ था।

मेरे दोनो हाथ उसकी पीठ पर थे। मैने गोल्डी को इसी स्थिति में प्यार से भींच लिया और उसने भी दोनो बाहें मेरी पीठ पर लेजाकार मुझे ज़ोरों से कस लिया। ऐसा करने से उसकी उत्तेजना थोड़ी कम हुई और उसने अधखुली आँखो से मेरी तरफ बड़े प्यार से देखा।

मैने मुस्कुराते हुए पूछा, क्यों गोल्डी कैसा लग रहा है तो वो बोली के में नही जानती थी के इतना मज़ा भी आ सकता है। मैने कहा के मेरी जान अभी तो शुरुआत है असली मज़ा तो आगे आएगा। वो हैरानी से आँखे फाड़ के बोली और कितना मज़ा आएगा। मैने कहा के मजे हैं जितने मिले लेती जाओ, सब पता चल जाएगा।

अब मैंने भी देर ना करते हुए उसकी लोअर पैंटी सहित उतार दी और बी गोल्डी मेरे सामने नंगी हो गयी बिल्कुल। मेरी चिकनी नंगी चूत नुमाया हो गयी। उसे पता था कि मैं उसे चोदूँगा, उसके लिए वह अपने बाल हटा कर आई थी।उसकी चिकनी चूत देख मुझे समझ आ गया आज ही साफ़ करके आयी है और चुदाई के लिए बेकरार है ।

मैने प्यार से गोल्डी की चूत को सहलाया और बैठ गया। गोल्डी को मैने अपनी गोदी में खींच लिया। एक बार फिर उसकी पीठ मेरी छाती से चिपकी हुई थी। मैने लेफ्ट हॅंड में उसका लेफ्ट मम्मा पकड़ा और पहले से थोड़ा ज़्यादा ज़ोर से मसलना शुरू किया। राइट मम्मे को मुँह में लेकर चूसने लगा और चूत की दरार में उंगली चलानी शुरू कर दी। मेरी पूरी हथेली उसकी चूत को ढके हुए ऊपेर नीचे हो रही थी और मेरी उंगली उसकी दरार को रगड़ती हुई नीचे उसकी गांड के छेद को छ्छू कर वापिस आती।

मैं उंगली के सिरे से गोल्डी की गांड के छेद और चूत के बीच वाले हिस्से पर दबाव से रगड़ रहा था और वो मेरी गोदी में उच्छल रही थी। उसस्के मुँह से एक लंबी आ…आह निकली और मैं समझ गया कि वो झड़ने वाली है।

हम एक दूसरे के बदन को चूम रहे थे। चूमते चूमते मैं उसकी नंगी चूत पे आ गया। मैंने उसकी चिकनी चूत को पहले सूंघा और फिर किस करने लगा पागलों की तरह।मैं ऊपेर की तरफ सरका और उसको लिटा कर, टांगे उठाकर अपने हाथ उसके नीचे करके सख्ती से पकड़ लिया और अपना मुँह उसकी चूत पर चिपका दिया। वो पीछे को हुई पर मेरे हाथों की मज़बूत पकड़ ने होने नही दिया। मैने अपनी झीभ उसकी चूत पर चलानी शुरू करदी और एक हाथ आगे लाकर अंगूठे से उसके भज्नासा (क्लाइटॉरिस) को सहलाना शुरू कर दिया।

गोल्डी उम्महह … उम्मह … उम्हह … उमम्ह … करती हुई उस पल का भरपूर आनंद लेने लगी।

मेरी जीभ के स्पर्श में उसकी चिकनी नंगी चूत में खलबली मची थी। मुझे चिकनी चूत चाटने का मजा आ रहा था और उसने गीला होने भी शुरू कर दिया था।

वासना में खोयी हुई आँखें बंद किए और ऊपर सिर किए बोलने लगी- आहह … काके और चाटो मेरी चिकनी नंगी चूत। आहह … राजा … प्लीज काके … आहह।ओह … और फिर उमम्ह आह्हः … उम्महह … प्लीज। आह्हः हाय … आहह … लव यू बेबी … आहह।

गोल्डी का शरीर ज़ोर से एक बार कांपा और उसके बाद काँपता चला गया। मेरा मुँह उसकी चूत पर चिपका हुआ था। 2-3 झटकों के साथ उसकी चूत ने पानी छ्होर दिया जिसे मैं चाट गया। गोल्डी ने अपनी टाँगें ज़ोर से भींच लीं और मैं उसकी बगल में लेट गया। गोल्डी मुझसे लिपट गयी ओर मेरी छाती से शुरू होकर मेरे मुँह तक छ्होटे-छ्होटे किस करती चली गयी। मैने दोनो हाथों में लेकर उसका चेहरा अपने सामने किया और उसके होंठों को चूम लिया।

उसकी नंगी चूत इतनी गीली हो चुकी थी कि मेरा मुंह भी गीला हो चुका था।मेरा लंड जो अब एक स्टील रोड की तरह सख़्त था गोल्डी की जाँघ पर चुभने लगामैंने अपने होंठों को जीभ से चाटा और हट गया और खड़ा हो गया।

फिर जब गोल्डी अपने होश में आयी गोल्डी ने हाथ बढ़ा कर मेरे लंड को हाथ में ले लिया और उसे दबाने लगी। फिर उठ कर बैठ गयी और बोली के इसे किस कर सकती हूँ। मैने हंसते हुए कहा के तुम जो चाहो कर सकती हो मेरी जान । गोल्डी ने बड़े प्यार से मेरे लंड को अपने गालों पर लगाया और फिर उसके सुपारे पर किस किया। 2-3 चुंबन के बाद उसने देखा के प्री कम की बूँद मेरे लंड की टोपी पर चमक रही है। उसने उसे सूँघा, फिर अपनी जीभ की नोक उस पर लगाई और फिर उसे बड़े प्यार से चाट गयी।

मैने उत्तेजना के मारे उसका सर पकड़ कर उसका मुँह अपने लंड पर टीका दिया और थोडा दबाव डाला तो सुपारा उसके मुँह में चला गया। वो सर को इधर उधर करने लगी तो मैने उसके कान को चूमते हुए कहा के गोल्डी अगर तुम्हे बुरा लग रहा है तो रहने दो नही तो इसको लॉलिपोप की तरह चूसो, मुझे भी तो मज़ा लेना है। गोल्डी ने टेढ़ी आँख मेरे पर डाली और पूरे जोश से मेरे लंड को थोड़ा और अंदर कर के चूसने लगी और अपनी जीभ भी उस पर चलाने लगी।

मैं कुच्छ देर इसका मज़ा लेता रहा और फिर गोल्डी की कमर पकड़ कर अपनी तरफ खींच लिया और बोला, तुम यह करती रहो। वो मेरे लंड को चुस्ती रही। मैने उससे कहा के इसको चूस्ते हुए अंदर बाहर भी करो मुझे बहुत मज़ा आएगा, पर ध्यान रहे के दाँत ना लगें इस पर। वो एक आग्याकारी शिष्या की तरह वैसा ही करने लगी और कुच्छ ही मिनट में वो एक एक्सपर्ट की तरह मेरा लंड अंदर बाहर भी कर रही थी, चूस भी रही थी और अपनी जीभ भी उस पर फिरा रही थी। मैं आनंदतिरेक से सातवें आसमान पर था और 1-2 मिनट निश्चल पड़ा रहा।

फिर मैने गोल्डी की दोनो टाँगें अपने दाएँ-बाएँ कर दी और उसको घुटनो के बल कर दिया। अब हम 69 की पोज़िशन में थे और उसकी चूत एक बार फिर मेरे मुँह के पास थी। मैने अपने बाएँ हाथ की बीच की उंगली अपने मुँह में डाल कर गीली की और तोड़ा थूक लेकर उसकी गांद के छेद पर रगड़ने के बाद थोडी सी उंगली उसकी गांद में डाल दी। वो एक दम उच्छल गयी पर मेरी पकड़ मज़बूत थी, मैने गोल्डी को कहा के मज़ा लेने के लिए तैयार रहो।

उसका मेरे लंड को चूसना लगातार जारी था। मैने उंगली को उसकी गंद में ऐसे ही रहने दिया और मुँह उठाकर अपनी जीभ उसकी चूत की दरार पर फेरने लगा। दाएँ हाथ के अंगूठे से मैने उसके भज्नासे को दबाना शुरू किया और जैसे ही उसकी चूत गीली होनी शुरू हुई मैने अपना मुँह उस पर चिपका दिया और चूसने लगा। फिर जीभ को कड़ा करके उसकी चूत के अंदर बाहर करने लगा। यह सब उसके बर्दाश्त के बाहर था और केवल 2-3 मिनट में ही वो एक बार फिर झड़ गयी और छटपटाने लगी।

उसने ऊपर को देखा तो मेरी भी आँखें बंद हो गयी थी आनंद में।

गोल्डी ने अपने कोमल हाथों से उसके लंड की खाल पीछे सरका दी और लिंगमुंड को बाहर निकाल लिया। मैंने देखा कि मेरा लंड उत्तेजना में फड़फड़ा रहा था।

अब गोल्डी ने सिर्फ लिंगमुंड को अपने बंद होंठों पे रखा और धीरे धीरे से अपने होंठों पे दबाते हुए मुंह खोलते हुए अंदर ले गयी।

मैंने तो बस आह … करी औरउसने मेरा लंड बाहर निकाल दिया।

उसने मेरी सिसकरी सुनी तो ऊपर देखा। उसे बहुत मजा आ रहा था और चेहरे पे भी मुस्कुराहट आ गयी ये देख के।

जारी रहेगी

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आमिर का user लॉक हो गया है, अमीर ने साइट एडमिन से सम्पर्क कर पासवर्ड बदलने की प्राथना की है , जब तक यूजर एक्टिव नहीं होता उन्होंने मुझे इस कहानी का अगला भाग भेजा है जिसे मैं यहाँ अपडेट कर रहा हूँ।




दीपप्रीती
 
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Sushil@10

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पंजाब दियाँ मस्त रंगीन पंजाबना–पार्ट–95

कहानी का अगला भाग-पिछले भाग में आपने पढ़ा की मैंने गोल्डी से कहा की उसे टीम में अगर रहना है तो अपने साथ सेक्स करने पड़ेगा , कुछ ना नुकर के बाद गोल्डी मेरी बात मान कर सेक्स करने के लिए उसे टीम रूम में ले गया , उधर रीत की माँ मनप्रीत उसके जेठ और भतीजे रमिंदर के पास गयी , रमिंदर का मनप्रीत के साथ चूमा चाटी में ही पानी निकल गया फिर गुरमेल ने और फिर उसके बाद रमिंदर के उसकी ताबड़तोड़ चुदाई की - अब आगे।

ये कह कर मनप्रीत बाहर निकल गई रास्ते में सुख के घर के पास मोटरसाइकिल आयी जिस पर दो लड़के थे और आराम से आगे चले गए । मनप्रीत ने वो गली पार कर ली और पीछे से वो लड़के मोटरसाइकिल ले कर के आगे निकल गए। मनप्रीत ने सोचा पक्का ये किसी लड़की से मिलने के लिए आए थे और इतने में मनप्रीत अपने घर पहुंच गई और अपना गेट खोल कर अंदर चली गई।

इधर कालेज में मेरे साथ ब्यूटी और सेक्स की प्रतिमूर्ति गोल्डी थी और गोल्डी आज पहली बार चुदने वाली थी, और मैं ऐसे एक्साइटेड था जैसे पहले कभी नहीं किया । फ्लैट पहुँचते ही मैंने दरवाजा अंदर से लॉक कर दिया। पहले मैंने उसे कोल्ड ड्रिंक दी, ताकि वो रिलैक्स हो जाए। ड्रिंक पीते ही मैंने उसे अपने पास खिंचा और झटके से अपनी बाहों में भर लिया। उसके मुलायम होंठों पर मैंने पागलों की तरह स्मूच करना शुरू कर दिया। उसके होंठ इतने जूसी थे कि मैं उन्हें चूसता ही रहा। वो भी साथ देने लगी, लेकिन थोड़ा डर रही थी क्योंकि ये उसका फर्स्ट टाइम था।


अब लड्डू मर्ज़ी से खाओ या बिना मर्ज़ी के! लगता तो मीठा ही है। कालेज के गेस्ट रूम में मैं और गोल्डी भी लड्डू खाने के तयारी में थे। किस करती हुई गोल्डी हल्के हल्के मुस्कुरा रही थी, शायद सेक्स करने की खुशी हो रही थी अंदर ही अंदर।

मैंने कहा- तुम मुस्कुराते हुए बहुत प्यारी लगती हो, तब गोल्डी और मुस्कुराने लगी।

मैंने पूछा- तुमने पहले सेक्स तो किया हुआ ही है, इतनी खिल रही हो, इतनी खूबसूरत हो, बिना सेक्स के तो नहीं हो सकता। और वैसे भी आज कल खूबसूरत लड़कियों को कौन सही सलामत छोड़ता है।

उसने जवाब नहीं दिया मुस्कुरायी और चप्पल उतार के गद्दे पे बैठ गयी। मैं उसकी पीठ पर हाथ फेर रहा था अब उसका भी मन करने लगा था, भले ही मैं उसका बॉयफ्रेंड ना सही पर ऐसे हालात में मन तो करने ही लगता है। ठीक उसी पल मैंने उसे अपने पास खिंचा और उसके बूब्स मेरी छाती से टकराए, और मेरा लंड जींस में तंबू बनाकर खड़ा हो गया।

मैंने कहा चलो शुरू करते हैं। और गोल्डी के दोनों हाथ पकड़े और खड़ा करके अपने पास ले गया।

मैंने अपने हाथ को उसके सिर के पीछे ले जा केरे जूड़े का क्लचर खोल दिया और उसके लम्बे रेशमी बाल झूलते हुए खुल गए।

गोल्डी मुस्कुराती हुई नीचे देखने लगी तो साइड से थोड़े से बाल आगे भी आ गए। उसकी 34 साइज की छाती का स्पर्श मेरे लिए नया था, और मैं खुद को रोक नहीं पाया। उसका गोरा रंग, 34 की छाती, 28 की कमर, और 36 की गोल-मटोल गांड मुझे मस्त कर रहे थे ।

मैं तो मानो मुझे ऐसे देख के पिघला ही जा रहा था। वो कुछ देर तक तो मैं उसे चुपचाप देखता ही रहा और ख्यालों में कहीं खो गया।

गोल्डी सोचने लगी क्या हुआ, आगे क्यूँ नहीं बढ़ रहा?

तो सिर उठा के देखा तोमैं उसे देखता हुआ पता नहीं क्या सोच रहा था।

गोल्डी ने दबी हुई सी आवाज में पूछा- क्या हुआ?

तो मैं वापस होश में आया और बोला- कुछ नहीं, तुम्हारी खूबसूरत और मासूमियत पे फिसल गया।

गोल्डी ने कहा- फिसलने से कोई फायदा नहीं है। तुम प्यार व्यार में मत पड़ जाना। मैं तुम्हें बॉयफ्रेंड नहीं बनाऊँगी, ये मेरी मजबूरी हैं ।

मैंने कहा -घबराओ मत मैं बहुत प्यार से करूँगा और जब तुम कहोगी तब रुक जाऊँगा ( और मन में कहा गोलड़ी रानी एक बार चुद ले मुझ से, बार बार चुदवाएगी )। लड़की को पूरी तरह विश्वास में लेने के बाद और पक्का वादा लेने के बाद के ये हमारा संबंध केवल शारीरिक है और इसमे एमोशनल बिल्कुल नही होना है, तभी मैं आगे बढ़ा , क्योंकि ऐसे संबंधों में। दोनो में किसी पर कोई बोझ या दबाव नही होता और बहुत ही आनंद आता है।

इतना कह के मैंने अपने होंठ गोल्डी के नर्म गुलाबी होंठों पे रख के ज़ोर से दबा दिये। मैं उसे धकेल के दीवार से सटा के ज़बरदस्त किस करने लगा।

शुरू में तो गोल्डी भी हल्का सा अनमना सा विरोध कर रही थी। उनहह… उन्नहह… करते हुए मुझे धकेलने की कोशिश कर रही थी। पर फिर धीरे धीरे वासना में डूबने लगी तो विरोध बंद कर दिया और मेरा साथ देने लगी।

मैं पागलों की तरह गोल्डी के नर्म होंठों को चूसे जा रहा था, गोल्डी भी अब मेरा किस में पूरा साथ दे रही थी।

पूरे गेस्ट रूम में पुच्छह … पुच्छह … पुच्छ … उम्महह … हम्म … की हल्की हल्की आवाजें आ रही थी।

उस वक़्त हमने लगभग दो ढाई मिनट तक किस ही किया।

और जब हटा तो बोली - क्या बात है काके , तुम तो बहुत अच्छा किस करते हो ।

मैंने कहा- तो तुमने क्या समझा है मुझे कि मुझे कुछ नहीं आता? इस सब में मुझे तुमसे ज्यादा अनुभव है। और फिर ज़बरदस्ती मैं उससे चिपक गया और वो भी मुझे करने लगी मेरे होंठों को।

अब हम दोनों ही गर्म होने लगे थे। मेरा लंड पैंट में खड़ा होने लगा था। और जैसे गोल्डी कसमसा रही थी और किस कर रही थी उससे लग रहा था की उसमे भी चुदवाने की जबरदस्त इच्छा जाग चुकी थी।

मैं उसे चूम रहा था और वो मुझे चुम रही थी। मैंने हाथ उसकी टीशर्ट पे रख के उसके बूब्स को भींच रहा था। जिससे मेरी उत्तेजना और बढ़ती जा रही थी।

फिर जैसे ही गोल्डी किस कर के हटी, उसने देखा मैं बार-बार उसी को देख रहा था।

मेरा हाथ धीरे-धीरे उसकी जांघों पर खिसक रहा था, और मेरा लंड पहले से ही टाइट था। मैंने हिम्मत करके उसका हाथ पकड़ अपने लंड पर रख दिया। जैसे ही उसने मेरा लंड महसूस किया, उसने झट से हाथ हटा लिया मैंने उसका हाथ पकड़ा और बोला, “ गोल्डी , आप परेशान मत हो। मैं बहुत प्यार से करूँगा।”

गोल्डी बोली, “काके तू बहुत अच्छा है।” फिर उसने मेरे गाल पर एक चुम्मी दे दी। मुझसे अब रहा नहीं गया। मैंने भी उसके होंठों पर चुम्मी ले ली। वो चुप रही। उसका टॉप थोड़ा नीचे खिसका हुआ था, और उसकी गोरी छाती साफ दिख रही थी। मैंने मौका देखकर उसके गले पर चुम्मी दी। उसने कहा, “ये क्या कर रहा है?” मैंने जवाब दिया, “जानू तुमने मुझे किस किया, तो मैंने भी। अब आपकी बारी।” उसने मेरे होंठों पर फिर से चुम्मी दे दी। अब मुझसे रुका नहीं गया। मैंने उसे कसकर पकड़ा और स्मूच करना शुरू कर दिया। वो भी मज़े ले रही थी। मैंने उसके निचले होंठ को चूसना शुरू किया, और वो गहरी साँसें लेने लगी। मेरे हाथ उसके टॉप के ऊपर से उसके बूब्स पर चले गए। मैंने दोनों बूब्स को धीरे-धीरे मसलना शुरू किया। काली ब्रा में फंसे मेरे बूब्स आज़ाद होने के लिए तड़प रहे थे। उसने अपनी आँखें बंद कर लीं और सिसकारियाँ लेने लगी, “आह्ह… उह्ह…”

मैने आगे बढ़ कर गोल्डी को गले से लगाया और उसका मुँह ऊपेर करके उसे चूमने लगा। मैने महसूस किया की उसके शरीर में हल्का हल्काकंपन हो रहा है। जैसे किसी सितार के तार को छेड़ने के बाद उसमे कंपन होता है। उसकी पीठ मेरी छाती से चिपक गयी और मैने उसकी बगलों से हाथ डालकर उसके दोनो मम्मे अपनी हाथों में ले लिए। जैसे मेरे हाथों में दो टेन्निस बॉल्स आ गयी हों। इतने ही बड़े और इतने ही टाइट थे।

मैने प्यार से उन्हे दबाया और फिर उन्हें अपने हाथों में ऐसे भरा के मेरी उंगलियाँ उनके नीचे, हथेलिया दोनो साइड्स में और दोनो अंगूठे उसके चूचको के थोड़ा ऊपेर थे। उसके दोनो चूचक गोल और नरम थे और मैं देख रहा था के उत्तेजना के कारण उसके शरीर पर गूस बंप्स उभर आए थे और उसके दोनो निपल्स संकुचित हो कर अंदर को धन्से हुए थे। मैने अपने दोनो अंगूठे नीचे किए उसके चूचकों पर तो मुझे ऐसा लगा के जैसे दो रूई के फाहे मेरे अंगूठों के नीचे आ गये हों। इतने मुलायम और नरम थे उसके चूचक!

मैंने मौका देखकर उसके टॉप के अंदर हाथ डाला और ब्रा का हुक खोल दिया। उसकी ब्रा ढीली हो गई, और मैंने उसके नंगे बूब्स को दबाना शुरू कर दिया। उसके निप्पल टाइट हो चुके थे, और मैं उन्हें ज़ोर-ज़ोर से मसल रहा था। उसे दर्द हो रहा था, लेकिन मज़ा भी आ रहा था। उसने

उसने मेरी टी शर्ट को ऊपर को उठा के निकाल दिया। अब मैंने भी उसकी टॉप निकाल दी अब गोल्डी ऊपर से अर्धनग्न अवस्था में थी , उसकी ब्रा लटक रही थी । बहुत सेक्सी लग रही थी। इतनी सेक्सी की अगर कोई बूढ़ा भी देख ले तो उसे चोदने का मन करने लगे।

मैंने भी जोश जोश में उसकी पीठ पे हाथ ले जा के ब्रा उतार फेंकी।जैसे ही मैंने उसकी ब्रा निकाली, उसके स्तन स्प्रिंग की तरह बाहर निकले। ब्रा उतरते ही उसके दूधिया गोरे और मोटे मोटे बूब फूल के आज़ाद हो गए। वैसे मेरा लण्ड तो उसे चोदने ही आया था पर वो पहली बार चुदवा रही तो ज्यादा कोई परेशानी ना हो तो उसे थोड़ी गर्म करना जरूरी था,

मैं उसके गोल बूब्स हैरानी से देखने लगा पहले तो उन पर हाथ फेरा … फिर तुरंत ही उन पे टूट पड़ा और बेदर्दी से भींचने लगा। गोल्डी अब वासना में डूबते हुए और तेज़ तेज़ सीई … सी … सिसकारियाँ लेने लगी। और लंबी लंबी आहें भरने लगी।

मैं बहुत रोमांचित था और अपनी किस्मत पर गर्वान्वित भी की इतनी सुन्दर, कड़क जवान लड़की जो कि साक्षात सेक्स की प्रतिमूर्ति थी मेरी बाहों में थी और में उसका आनंद ले रहा था। मैने अपने अंगूठों और उंगलियों से दोनो मम्मों पर हल्का सा दबाव बढ़ाया तो उसके दोनो निपल्स तेज़ी से उभर कर बाहर को आ गये और मैने बड़े प्यार से उनको सहलाना शुरू किया। गोल्डी के मुँह से अयाया, ऊउउउउह की आवाज़ें आनी शुरू हो गयीं।

मैने पूछा, क्यों गोल्डी मज़ा आ रहा है ना। तो वो लंबी साँस लेकर बोली के बहुत ज़्यादा, इतना के बता नहीं सकती, लेकिन बहुत ही ज़्यादा मजा आ रही है ।

मैं कभी कभी उसके निप्पल यानि चुचूक को भी मसल दे रहा था। जिससे मेरी उसकी ज़ोर की सीईई… निकल जा रही थी।तो मैं उसके स्तनों को अपने मुँह से चूमने लगा और अपने हाथ उसकी योनि पर फेरने लगा।

अब गोल्डी भी अपना हाथ मेरी पेण्ट पे फिरा रही थी और मेरे लंड को उकसा रही थी।

फिर मैंने तुरंत ही अपने सारे कपड़े उतार दिये। उसे अपनी छाती मेरी छाती से चिपका के हमारे जिस्म रगड़ने लगा। मुझे इससे बहुत मजा आ रहा था। मेरा लंड मेरी लोअर में छुपी चूत पे रगड़ कर रहा था और उसमें गीलापन आता चला गया।

मैने अपनी दाईं टांग उठाकर गोल्डी की दाईं जाँघ को प्यार से रगड़ना शुरू कर दिया। उसकी साँस अटकने लगी। बीच-बीच में वो एक लंबी साँस खींच लेती और फिर से उसकी साँस तेज़ हो जाती। मैने अपना हाथ उसके दोनो मम्मों के बीच में रखा तो महसूस किया के उसका दिल इतनी ज़ोर से धड़क रहा है जैसे अभी छाती फाड़ कर बाहर आ जाएगा। मैने उसे घूमाकर सीधा किया और अपने सीने से लगा लिया और उसे लिए हुए ही पलट गया। अब वो मेरे नीचे लेटी थी और मैं पूरी तरह से उसके ऊपेर चढ़ा हुआ था।

मेरे दोनो हाथ उसकी पीठ पर थे। मैने गोल्डी को इसी स्थिति में प्यार से भींच लिया और उसने भी दोनो बाहें मेरी पीठ पर लेजाकार मुझे ज़ोरों से कस लिया। ऐसा करने से उसकी उत्तेजना थोड़ी कम हुई और उसने अधखुली आँखो से मेरी तरफ बड़े प्यार से देखा।

मैने मुस्कुराते हुए पूछा, क्यों गोल्डी कैसा लग रहा है तो वो बोली के में नही जानती थी के इतना मज़ा भी आ सकता है। मैने कहा के मेरी जान अभी तो शुरुआत है असली मज़ा तो आगे आएगा। वो हैरानी से आँखे फाड़ के बोली और कितना मज़ा आएगा। मैने कहा के मजे हैं जितने मिले लेती जाओ, सब पता चल जाएगा।

अब मैंने भी देर ना करते हुए उसकी लोअर पैंटी सहित उतार दी और बी गोल्डी मेरे सामने नंगी हो गयी बिल्कुल। मेरी चिकनी नंगी चूत नुमाया हो गयी। उसे पता था कि मैं उसे चोदूँगा, उसके लिए वह अपने बाल हटा कर आई थी।उसकी चिकनी चूत देख मुझे समझ आ गया आज ही साफ़ करके आयी है और चुदाई के लिए बेकरार है ।

मैने प्यार से गोल्डी की चूत को सहलाया और बैठ गया। गोल्डी को मैने अपनी गोदी में खींच लिया। एक बार फिर उसकी पीठ मेरी छाती से चिपकी हुई थी। मैने लेफ्ट हॅंड में उसका लेफ्ट मम्मा पकड़ा और पहले से थोड़ा ज़्यादा ज़ोर से मसलना शुरू किया। राइट मम्मे को मुँह में लेकर चूसने लगा और चूत की दरार में उंगली चलानी शुरू कर दी। मेरी पूरी हथेली उसकी चूत को ढके हुए ऊपेर नीचे हो रही थी और मेरी उंगली उसकी दरार को रगड़ती हुई नीचे उसकी गांड के छेद को छ्छू कर वापिस आती।

मैं उंगली के सिरे से गोल्डी की गांड के छेद और चूत के बीच वाले हिस्से पर दबाव से रगड़ रहा था और वो मेरी गोदी में उच्छल रही थी। उसस्के मुँह से एक लंबी आ…आह निकली और मैं समझ गया कि वो झड़ने वाली है।

हम एक दूसरे के बदन को चूम रहे थे। चूमते चूमते मैं उसकी नंगी चूत पे आ गया। मैंने उसकी चिकनी चूत को पहले सूंघा और फिर किस करने लगा पागलों की तरह।मैं ऊपेर की तरफ सरका और उसको लिटा कर, टांगे उठाकर अपने हाथ उसके नीचे करके सख्ती से पकड़ लिया और अपना मुँह उसकी चूत पर चिपका दिया। वो पीछे को हुई पर मेरे हाथों की मज़बूत पकड़ ने होने नही दिया। मैने अपनी झीभ उसकी चूत पर चलानी शुरू करदी और एक हाथ आगे लाकर अंगूठे से उसके भज्नासा (क्लाइटॉरिस) को सहलाना शुरू कर दिया।

गोल्डी उम्महह … उम्मह … उम्हह … उमम्ह … करती हुई उस पल का भरपूर आनंद लेने लगी।

मेरी जीभ के स्पर्श में उसकी चिकनी नंगी चूत में खलबली मची थी। मुझे चिकनी चूत चाटने का मजा आ रहा था और उसने गीला होने भी शुरू कर दिया था।

वासना में खोयी हुई आँखें बंद किए और ऊपर सिर किए बोलने लगी- आहह … काके और चाटो मेरी चिकनी नंगी चूत। आहह … राजा … प्लीज काके … आहह।ओह … और फिर उमम्ह आह्हः … उम्महह … प्लीज। आह्हः हाय … आहह … लव यू बेबी … आहह।

गोल्डी का शरीर ज़ोर से एक बार कांपा और उसके बाद काँपता चला गया। मेरा मुँह उसकी चूत पर चिपका हुआ था। 2-3 झटकों के साथ उसकी चूत ने पानी छ्होर दिया जिसे मैं चाट गया। गोल्डी ने अपनी टाँगें ज़ोर से भींच लीं और मैं उसकी बगल में लेट गया। गोल्डी मुझसे लिपट गयी ओर मेरी छाती से शुरू होकर मेरे मुँह तक छ्होटे-छ्होटे किस करती चली गयी। मैने दोनो हाथों में लेकर उसका चेहरा अपने सामने किया और उसके होंठों को चूम लिया।

उसकी नंगी चूत इतनी गीली हो चुकी थी कि मेरा मुंह भी गीला हो चुका था।मेरा लंड जो अब एक स्टील रोड की तरह सख़्त था गोल्डी की जाँघ पर चुभने लगामैंने अपने होंठों को जीभ से चाटा और हट गया और खड़ा हो गया।

फिर जब गोल्डी अपने होश में आयी गोल्डी ने हाथ बढ़ा कर मेरे लंड को हाथ में ले लिया और उसे दबाने लगी। फिर उठ कर बैठ गयी और बोली के इसे किस कर सकती हूँ। मैने हंसते हुए कहा के तुम जो चाहो कर सकती हो मेरी जान । गोल्डी ने बड़े प्यार से मेरे लंड को अपने गालों पर लगाया और फिर उसके सुपारे पर किस किया। 2-3 चुंबन के बाद उसने देखा के प्री कम की बूँद मेरे लंड की टोपी पर चमक रही है। उसने उसे सूँघा, फिर अपनी जीभ की नोक उस पर लगाई और फिर उसे बड़े प्यार से चाट गयी।

मैने उत्तेजना के मारे उसका सर पकड़ कर उसका मुँह अपने लंड पर टीका दिया और थोडा दबाव डाला तो सुपारा उसके मुँह में चला गया। वो सर को इधर उधर करने लगी तो मैने उसके कान को चूमते हुए कहा के गोल्डी अगर तुम्हे बुरा लग रहा है तो रहने दो नही तो इसको लॉलिपोप की तरह चूसो, मुझे भी तो मज़ा लेना है। गोल्डी ने टेढ़ी आँख मेरे पर डाली और पूरे जोश से मेरे लंड को थोड़ा और अंदर कर के चूसने लगी और अपनी जीभ भी उस पर चलाने लगी।

मैं कुच्छ देर इसका मज़ा लेता रहा और फिर गोल्डी की कमर पकड़ कर अपनी तरफ खींच लिया और बोला, तुम यह करती रहो। वो मेरे लंड को चुस्ती रही। मैने उससे कहा के इसको चूस्ते हुए अंदर बाहर भी करो मुझे बहुत मज़ा आएगा, पर ध्यान रहे के दाँत ना लगें इस पर। वो एक आग्याकारी शिष्या की तरह वैसा ही करने लगी और कुच्छ ही मिनट में वो एक एक्सपर्ट की तरह मेरा लंड अंदर बाहर भी कर रही थी, चूस भी रही थी और अपनी जीभ भी उस पर फिरा रही थी। मैं आनंदतिरेक से सातवें आसमान पर था और 1-2 मिनट निश्चल पड़ा रहा।

फिर मैने गोल्डी की दोनो टाँगें अपने दाएँ-बाएँ कर दी और उसको घुटनो के बल कर दिया। अब हम 69 की पोज़िशन में थे और उसकी चूत एक बार फिर मेरे मुँह के पास थी। मैने अपने बाएँ हाथ की बीच की उंगली अपने मुँह में डाल कर गीली की और तोड़ा थूक लेकर उसकी गांद के छेद पर रगड़ने के बाद थोडी सी उंगली उसकी गांद में डाल दी। वो एक दम उच्छल गयी पर मेरी पकड़ मज़बूत थी, मैने गोल्डी को कहा के मज़ा लेने के लिए तैयार रहो।

उसका मेरे लंड को चूसना लगातार जारी था। मैने उंगली को उसकी गंद में ऐसे ही रहने दिया और मुँह उठाकर अपनी जीभ उसकी चूत की दरार पर फेरने लगा। दाएँ हाथ के अंगूठे से मैने उसके भज्नासे को दबाना शुरू किया और जैसे ही उसकी चूत गीली होनी शुरू हुई मैने अपना मुँह उस पर चिपका दिया और चूसने लगा। फिर जीभ को कड़ा करके उसकी चूत के अंदर बाहर करने लगा। यह सब उसके बर्दाश्त के बाहर था और केवल 2-3 मिनट में ही वो एक बार फिर झड़ गयी और छटपटाने लगी।

उसने ऊपर को देखा तो मेरी भी आँखें बंद हो गयी थी आनंद में।

गोल्डी ने अपने कोमल हाथों से उसके लंड की खाल पीछे सरका दी और लिंगमुंड को बाहर निकाल लिया। मैंने देखा कि मेरा लंड उत्तेजना में फड़फड़ा रहा था।

अब गोल्डी ने सिर्फ लिंगमुंड को अपने बंद होंठों पे रखा और धीरे धीरे से अपने होंठों पे दबाते हुए मुंह खोलते हुए अंदर ले गयी।

मैंने तो बस आह … करी औरउसने मेरा लंड बाहर निकाल दिया।

उसने मेरी सिसकरी सुनी तो ऊपर देखा। उसे बहुत मजा आ रहा था और चेहरे पे भी मुस्कुराहट आ गयी ये देख के।

जारी रहेगी

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आमिर का user लॉक हो गया है, अमीर ने साइट एडमिन से सम्पर्क कर पासवर्ड बदलने की प्राथना की है , जब तक यूजर एक्टिव नहीं होता उन्होंने मुझे इस कहानी का अगला भाग भेजा है जिसे मैं यहाँ अपडेट कर रहा हूँ।



दीपप्रीती

Shandaar update and nice story
 

deeppreeti

DEEP PREET
1,892
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159
पंजाब दियाँ मस्त रंगीन पंजाबना–पार्ट–96

कहानी का अगला भाग-पिछले भाग में आपने पढ़ा की मैंने गोल्डी से कहा की उसे टीम में अगर रहना है तो अपने साथ सेक्स करने पड़ेगा , कुछ ना नुकर के बाद गोल्डी मेरी बात मान कर सेक्स करने के लिए उसे टीम रूम में ले गया और हम चूमा चाटी करते हुए बिलकुल नंगे हो गए , - अब आगे।

फिर मैने गोल्डी की दोनो टाँगें अपने दाएँ-बाएँ कर दी और उसको घुटनो के बल कर दिया। अब हम 69 की पोज़िशन में थे और उसकी चूत एक बार फिर मेरे मुँह के पास थी। मैने अपने बाएँ हाथ की बीच की उंगली अपने मुँह में डाल कर गीली की और तोड़ा थूक लेकर उसकी गांद के छेद पर रगड़ने के बाद थोडी सी उंगली उसकी गांद में डाल दी। वो एक दम उच्छल गयी पर मेरी पकड़ मज़बूत थी, मैने गोल्डी को कहा के मज़ा लेने के लिए तैयार रहो।

उसका मेरे लंड को चूसना लगातार जारी था। मैने उंगली को उसकी गंद में ऐसे ही रहने दिया और मुँह उठाकर अपनी जीभ उसकी चूत की दरार पर फेरने लगा। दाएँ हाथ के अंगूठे से मैने उसके भज्नासे को दबाना शुरू किया और जैसे ही उसकी चूत गीली होनी शुरू हुई मैने अपना मुँह उस पर चिपका दिया और चूसने लगा। फिर जीभ को कड़ा करके उसकी चूत के अंदर बाहर करने लगा। यह सब उसके बर्दाश्त के बाहर था और केवल 2-3 मिनट में ही वो एक बार फिर झड़ गयी और छटपटाने लगी।

उसने ऊपर को देखा तो मेरी भी आँखें बंद हो गयी थी आनंद में।

गोल्डी ने अपने कोमल हाथों से उसके लंड की खाल पीछे सरका दी और लिंगमुंड को बाहर निकाल लिया। मैंने देखा कि मेरा लंड उत्तेजना में फड़फड़ा रहा था।

अब गोल्डी ने सिर्फ लिंगमुंड को अपने बंद होंठों पे रखा और धीरे धीरे से अपने होंठों पे दबाते हुए मुंह खोलते हुए अंदर ले गयी।

मैंने तो बस आह … करी औरउसने मेरा लंड बाहर निकाल दिया।

गोल्डी ने मेरी सिसकरी सुनी तो ऊपर देखा. मुझे बहुत मजा आ रहा था और मेरे चेहरे पे भी मुस्कुराहट आ गयी ये देख के।

अबगोल्डी के अंदर भी सेक्स यानि चुदाई की जबर्दस्त इच्छा जाग चुकी थी, इसलिए गुप्प … गुप्प … मेरा ड अंदर बाहर करते हुए चूसने लगी.
और मैं भी उम्महह… उमह्ह… उमम्ह… उमम्ह… करता हुआ मजे ले ले के लंड चुसवाता रहा।

करीब 3 – 4 मिनट तक गोल्डी ने मेरा लंड चूसा. और फिर ऊपर देख के कहा- अब तो ठीक है ना?

मैंने पूछा - लगता है बहुत सेक्स है तुम्हारे अंदर? जो इतनी आग लगी हुई है।

गोल्डी ने कहा- सब में होता है.

मैंने कहा - अब असली काम शुरू करे ? और मैंने अपना लंड उनकी चूत पर रखा और रगड़ना शुरू किया। उनकी चूत फिर से गीली हो गयी थी। मैंने तेजी से रगड़ा, और मेरे लंड का सुपारा उसकी चूत के द्वार पर रगड़ने लगा . और धीरे-धीरे सुपारा अंदर डालने लगा । चूत बहुत टाइट थी लंड अंदर नहीं जा रहा था । गोल्डी की साँसें तेज हो गयीं, और वो बोलीं, “ धीरे करो ।” मैंने धीरे-धीरे रगड़ना जारी रखा, मैंने धीरे ऊपर-ऊपर से चोदा।

गोल्डी बोलीं, “ मैं वर्जिन हूँ। सील टूट जाएगी, धीरे करना सुना है पहली बार बहुत दर्द होता है ।”

उसकी सिसकारियां तेज हो गईं, “हाय… काके बस…” उसका जिस्म कांपने लगा, और उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया। उसकी सांसें तेज थीं, और उसका चेहरा लाल हो गया था।

“काके , अब डाल दे पर धीरे करना ,” उसने कहा। मेरा लौड़ा खड़ा था, गोल्डी अब चूड़ासी थी पर उसे डर लग रहा था। “गोल्डी , तुझे दर्द होगा…” उसने मेरी आंखों में देखा और कहा, “मुझे तेरा दर्द चाहिए, काके पर आराम से करना ।” उसने अपनी चूत को उंगलियों से खोला। मैंने अपना लौड़ा उसकी चूत पर टिकाया। जैसे ही मैंने धक्का मारा, उसे दर्द हुआ। “आह… धीरे…” उसने कहा। मैं रुक गया। मैंने फिर से धक्का मारा, और इस बार मेरा लंडमुंड उसकी चूत में नहीं घुस गया। उसकी चूत टाइट थी, और उसकी गर्मी मुझे पागल कर रही थी। उसने अपनी कमर उठाई, और मैंने एक और धक्का मारा। अब मेरा लंड फिसल कर बाहर आ गया और मेरी कोशिश पर गोल्डी चीखने लगती थी। आह मर गयी ! लंड अंदर नहीं गया था.

यह उसकी पहली चुदाई थी; वह बहुत घबरा रही थी। मैं फिर से उसकी योनि पर झुका, उसके होंठों को एक बार फिर चूमा और गहराई से पीया...और अपनी उंगली को बार-बार उसकी भगनासा पर घुमाकर उसकी उत्तेजना बढ़ायी।

जैसे-जैसे उसका शरीर कांपता और ऐंठना जारी रहा, मैंने ख़ुद को ऊपर उठाया और फिर मैंने उसकी योनि के बाहरी होंठों को अलग करते हुए, अपने लिंग की नोक को उसकी योनि के द्वार पर रखा, योनि के होंठों पर लंड जब कुछ बार रगड़ा तब गोल्डी ने कराहते हुए ज़ोर से कांपना शुरू कर दिया जब उसने महसूस किया कि उसका लिंग उसकी योनि के होंठों से टकरा रहा है। उसकी चूत कामुकता को विकीर्ण कर रही थी और अगर वह पहले उत्तेजित थी, तो खड़े लिंग के स्पर्श से उसकी इंद्रियाँ हिल गईं।

लंड की उभरी हुई बैंगनी नोक ने आसानी से उसके गर्म छोटे होंठों को अलग किया, जो पहले से ही उसकी योनि के तेल से पूरी तरह से चिकनी थी, गोल्डी की टाईट चूत बहुत सख्त और तंग थी और मेरी कोशिश पर गोल्डी चीखने लगती थी।

फिर मैंने गोल्डी से कहा कि गोल्डी तुम जानती हो एक बार दर्द होगा, लेकिन आज ये दर्द अगर बर्दाश्त करोगी तो सारी ज़िन्दगी मस्ती ले पाओगी। फिर मैंने उसे चूमते हुए और बूब्स दबाते हुए अपना लंड उनकी चूत के मुँह पर सेट किया और उनको चूमता चाटता रहा। अब उसकी सुगंध से मेरा लंड जो कि अब 9 इंच लंबा और 3 इंच मोटा हो गया था, फंनफना कर गोल्डी की चूत में घुसने की कोशिश करने लगा था। फिर बड़ी मुश्किल से मेरा लंड मुंड अंदर घुसा ही था कि उसकी चीख निकल पड़ी, आआह्ह्ह्ह काके आईईईईईईईई बहुत दर्द उउउउइईईईईई हो रहा है और उसकी इस चीख से में और मदहोश हो गया।

लेकिन बड़ी मुश्किल से मेरा लंड का सर गोल्डी की चूत में अंदर जा पाया और जब लंडमुंड उसकी योनि के मुँह में फिसल गया और मैंने हल्का-सा धक्का दिया। मेरा लंडमुंड उसकी गीली, फिसलन भरी योनि के होंठों को अलग करते हुए उसकी योनि में घुस गया।

गोल्डी कराह उठी आअह्ह्ह्हह काके आईईईईईईईई दर्द उउउउइईईईईई हो रहा है और मैंने उसके मुँह पर अपना मुँह लगा कर उसकी चीख की आवाज बंद की और उसकी हथेलियों को अपनी हथेली से दबाते हुए उसकी चूत पर लंड का एक ज़ोर का शॉट मारा और मेरा लंड 2 इंच अंदर घुस गया। अब दर्द से दोहरी गोल्डी छटपटाने लगी थी।

जारी रहेगी
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आमिर का user लॉक हो गया है, अमीर ने साइट एडमिन से सम्पर्क कर पासवर्ड बदलने की प्राथना की है , जब तक यूजर एक्टिव नहीं होता उन्होंने मुझे इस कहानी का अगला भाग भेजा है जिसे मैं यहाँ अपडेट कर रहा हूँ।


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1,892
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पंजाब दियाँ मस्त रंगीन पंजाबना–पार्ट–97

कहानी का अगला भाग-पिछले भाग में आपने पढ़ा की मैंने गोल्डी से कहा की उसे टीम में अगर रहना है तो अपने साथ सेक्स करने पड़ेगा , कुछ ना नुकर के बाद गोल्डी मेरी बात मान कर सेक्स करने के लिए उसे टीम रूम में ले गया और हम चूमा चाटी करते हुए बिलकुल नंगे हो गए और मैंने गोल्डी की चुदाई के लिए लंड उसकी चूत पर लगा दिया , - अब आगे।

“काके , अब डाल दे पर धीरे करना ,” उसने कहा। मेरा लौड़ा खड़ा था, गोल्डी अब चूड़ासी थी पर उसे डर लग रहा था। “गोल्डी , तुझे दर्द होगा…” उसने मेरी आंखों में देखा और कहा, “मुझे तेरा दर्द चाहिए, काके पर आराम से करना ।” उसने अपनी चूत को उंगलियों से खोला। मैंने अपना लौड़ा उसकी चूत पर टिकाया। जैसे ही मैंने धक्का मारा, उसे दर्द हुआ। “आह… धीरे…” उसने कहा। मैं रुक गया। मैंने फिर से धक्का मारा, और इस बार मेरा लंडमुंड उसकी चूत में नहीं घुस गया। उसकी चूत टाइट थी, और उसकी गर्मी मुझे पागल कर रही थी। उसने अपनी कमर उठाई, और मैंने एक और धक्का मारा। अब मेरा लंड फिसल कर बाहर आ गया और मेरी कोशिश पर गोल्डी चीखने लगती थी। आह मर गयी ! लंड अंदर नहीं गया था.

यह उसकी पहली चुदाई थी; वह बहुत घबरा रही थी। मैं फिर से उसकी योनि पर झुका, उसके होंठों को एक बार फिर चूमा और गहराई से पीया...और अपनी उंगली को बार-बार उसकी भगनासा पर घुमाकर उसकी उत्तेजना बढ़ायी।

जैसे-जैसे उसका शरीर कांपता और ऐंठना जारी रहा, मैंने ख़ुद को ऊपर उठाया और फिर मैंने उसकी योनि के बाहरी होंठों को अलग करते हुए, अपने लिंग की नोक को उसकी योनि के द्वार पर रखा, योनि के होंठों पर लंड जब कुछ बार रगड़ा तब गोल्डी ने कराहते हुए ज़ोर से कांपना शुरू कर दिया जब उसने महसूस किया कि उसका लिंग उसकी योनि के होंठों से टकरा रहा है। उसकी चूत कामुकता को विकीर्ण कर रही थी और अगर वह पहले उत्तेजित थी, तो खड़े लिंग के स्पर्श से उसकी इंद्रियाँ हिल गईं।

लंड की उभरी हुई बैंगनी नोक ने आसानी से उसके गर्म छोटे होंठों को अलग किया, जो पहले से ही उसकी योनि के तेल से पूरी तरह से चिकनी थी, गोल्डी की टाईट चूत बहुत सख्त और तंग थी और मेरी कोशिश पर गोल्डी चीखने लगती थी।

फिर मैंने गोल्डी से कहा कि गोल्डी तुम जानती हो एक बार दर्द होगा, लेकिन आज ये दर्द अगर बर्दाश्त करोगी तो सारी ज़िन्दगी मस्ती ले पाओगी। फिर मैंने उसे चूमते हुए और बूब्स दबाते हुए अपना लंड उनकी चूत के मुँह पर सेट किया और उनको चूमता चाटता रहा। अब उसकी सुगंध से मेरा लंड जो कि अब 9 इंच लंबा और 3 इंच मोटा हो गया था, फंनफना कर गोल्डी की चूत में घुसने की कोशिश करने लगा था। फिर बड़ी मुश्किल से मेरा लंड मुंड अंदर घुसा ही था कि उसकी चीख निकल पड़ी, आआह्ह्ह्ह काके आईईईईईईईई बहुत दर्द उउउउइईईईईई हो रहा है और उसकी इस चीख से में और मदहोश हो गया। एक तो कमरे में और कोई नहीं था , रात काफी हो चुकी थी , इसलिए लगता था सब सो गए है और कमर बसेमेनट में था, यूनिवर्सिटी पुरानी इसलिए दीवारे कफी मोटी थी- लगभग १३ इंच मोटी इसलिए आवाज बाहर जाने के चांस कफी कम थे .

लेकिन बड़ी मुश्किल से मेरा लंड का सर गोल्डी की चूत में अंदर जा पाया और जब लंडमुंड उसकी योनि के मुँह में फिसल गया और मैंने हल्का-सा धक्का दिया। मेरा लंडमुंड उसकी गीली, फिसलन भरी योनि के होंठों को अलग करते हुए उसकी योनि में घुस गया।

गोल्डी कराह उठी आअह्ह्ह्हह काके आईईईईईईईई दर्द उउउउइईईईईई हो रहा है और मैंने उसके मुँह पर अपना मुँह लगा कर उसकी चीख की आवाज बंद की और उसकी हथेलियों को अपनी हथेली से दबाते हुए उसकी चूत पर लंड का एक ज़ोर का शॉट मारा और मेरा लंड 2 इंच अंदर घुस गया। अब दर्द से दोहरी गोल्डी छटपटाने लगी थी।

गोल्डी मेरे मुँह से अपना मुँह निकाल फिर से चिल्लाई अचानक दर्द का एक झटका उसके अंदर से गुज़रा। गोल्डी ने संघर्ष किया तब मैंने फिर से अपना मुँह उसके मुँह पर लगा कर अव्वज बंद की ,उसने मुझे अपने ऊपर से हटाने की कोशिश की, मैंने नीचे जोर लगा कर उसे दबाया इससे गोल्डी मेरे लंड को अपने अंदर और गहराई तक धकेलने में सफल रही। जब उसे एहसास हुआ की लंड अब अंदर है, तो उसने हिलना बंद कर दिया, उसके होंठ कांप रहे थे और मेरे चेहरे पर उसके आँसू बह रहे थे। चिल्लाई, " आह काके ! मैंने मुँह ह्त्या तब फुसफुसाई आह ! यह दर्द कर रहा है,...!

उसकी चूत सिर्फ़ उसकी अपनी उंगलियों से ही परिचित थी और आज उसका मेरी उंगलियों से परिचय ठीक से हुआ भी नहीं था और जब उसने मेरा बड़ा लंड देखा तब उसे मेरा बड़ा मुस्ल लण्ड देख यह संदेह था कि क्या वह इतना बड़ा लंड अंदर ले पाएगी। वह दर्द में फुसफुसाई। लेकिन इससे पहले कि वह कुछ कह पाती या मेरा लंड बाहर निकाल पाती, फिर मैंने उसकी चीखों की परवाह किए बिना एक ज़ोर का धक्का और मारा तो मेरा फनफनाता हुआ लंड उसकी चूत में तीन इंच अंदर घुस गया। मैंने एक जोरदार धक्का मारा और पूरी ताकत से उसकी चूत में घुस गया और एक ही बार में मेरा लंड उसकी चूत में घुस गया और यह उसकी चूत में उस कौमार्य के रक्षक अवरोध को छू गया और उसे लंड पर अवरोध पर स्पर्श महसूस हुआ...।

गोल्डी कराह उठी ।ह हाए , बहुत दर्द हो रहगा है आअह्ह्ह! यह मुझे कितना दर्द दे रहा है! "

मैंने गोल्डी के चेहरे पर छोटे-छोटे चुंबन दिए। अब गोल्डी मेरे अपने ऊपर मेरे नियंत्रण पर आश्चर्यचकित थी... मैंने ख़ुद को पूरी तरह से स्थिर रखा, हालाँकि गोल्डी मेरी मर्दानगी को अपनी छोटी-सी दरार के अंदर धड़कता और फूलता हुआ महसूस कर सकती थी। मैंने गोल्डी को कोमल दुलार और कोमल शब्दों से शांत किया।

धीरे-धीरे...बहुत धीरे-धीरे, मैंने अपने कूल्हों को पीछे खींचा...और मैंने महसूस किया कि मेरा लंड गोल्डी की चूत की नरम मखमली दीवारों के खिलाफ रगड़ रहा है। गोल्डी कराह उठी...लंड का घेरा ऐसा बड़ा था कि उसने गोल्डी की चूत के ओंठ की मांपेशियों कसावट को फैला दिया, गोल्डी की चूत की दीवारें मेरे लिंग के चारों ओर कसकर दब गई थीं।

उतनी ही धीरे-धीरे, मैंने लंड को फिर से गोल्डी के अंदर समा लिया...अपनी लंबाई को नरम गीली गर्मी में दबाते हुए जिसने लंड को घेर लिया। फिर मैंने एक ज़ोर का धक्का और मारा तो मेरा फनफनाता हुआ लंड उसकी चूत को फाड़ता हुआ 5 इंच अंदर घुस गया।

अब वह ममी मम्मी कहकर कराहने लगी थी और , ममी मार डाला इसने, ज़ालिम ने मार डाला मुझे आआईईईईई रे काके , प्लीज़ अपनी मुझ पर रहम कर, तूने यह लोहे की रोड घुसा दी, में मर जाउंगी, आआई रे मर गयी आईईईई। गोल्डी ने एक दर्दनाक चीख मारी, उसे लगा कि इससे उसकी योनि की झिल्ली टूट गई है। फिर मैंने और ज़ोर से उसके अंदर धक्का दिया और उसकी योनि की झिल्ली फट गई, मैंने उसका कौमार्य छीन लिया। अब, आधा लंड पूरी तरह से उसके अंदर था मुझे गर्म गर्म महसूस हुआ क्योंकि उसकी चूत से कौमार्य का खून बहने लगा।

फिर मैंने उसके लिप्स पर किस करते हुए उसके मुँह को बंद किया और अपने धक्के लगाता गया। अब वह झटपटा रही थी और अपने बदन को इधर से उधर करने लगी। अब में धक्के पर धक्के लगाए जा रहा था और अब उसकी आँखों से आसूँ निकल रहे थे। एक ज़ोर का झटका लगाया, एक ही झटके में पूरा लंड उनकी चूत के अंदर चला गया, गोल्डी की आह निकल रही थी मैंने ये हरकतें दोहराईं...मेरा लिंग गर्म जेल से बाहर निकलकर वापस आ रहा था...बार-बार।

मैंने प्यार भरे लहज़े में पूछा, "गोल्डी मेरा आधा लंड तुम्हारे अंदर है। अब तुम्हें कैसा लग रहा है? अगर तुम्हें दर्द हो रहा है तो क्या मैं इसे बाहर निकाल लूं? तुम मेरी प्यारी गोल्डी हो और मैं तुम्हारी इच्छा के विरुद्ध या दर्द होने पर तुम्हें नहीं चोदूंगा। कृपया बताओ कि तुम्हें लंड अंदर जाने पर कैसा लग रहा है?"

वह दर्द से रोने लगी। मैंने अपना लंड उसकी चूत से बाहर निकाला और उसे दिलासा दिया कि सब ठीक है और उसकी चूत का खून साफ़ किया। वह बेचैन थी। मैंने प्यार से उसके दोनों स्तन अपने हाथों में लिए और उन्हें धीरे से दबाया, अपना मुंह उसके कोमल होंठों पर रखा और उसे जोश से चूमना शुरू कर दिया। साथ ही, मैं उसके स्तनों को दबा रहा था और निप्पलों को अपने अंगूठे और उंगलियों से रगड़ रहा था।

इससे उसे कुछ राहत मिली। कुछ पलों तक उसका दर्द कम होने के बाद, मैंने प्यार भरे लहजे में पूछा, "गोल्डी , बधाई हो ! आप तुम कुंवारी नहीं रही क्योंकि तुम्हारी चूत का रास्ता अब मेरे लंड के लिए खुला है। क्या मैं अब अपना लंड तुम्हारे अंदर डाल दूँ?" उसने सहमति में अपना सिर हिलाया।

यह कहते हुए, मैंने फिर से उसके होंठों पर चूमा और अपना बड़ा लंड धीरे से उसके अंदर डाला। गोल्डी को थोड़ा दर्द हो रहा था, लेकिन हर बीतते सेकंड के साथ यह कम होता जा रहा था और चमत्कारिक रूप से कुछ सेकंड के बाद, उसे कोई दर्द महसूस नहीं हुआ, जबकि इस बीच मेरा विशाल लंड आधे से ज़्यादा अंदर जा चुका था। उसे मेरे बड़े लंड से बहुत मज़ा आ रहा था, इसलिए, उसने शर्म से अपना चेहरा मेरे सीने में छिपा लिया।

फिर 10 मिनट की बेरहम चुदाई के बाद जब उसकी चीखे बंद हुई और सिसकारी में बदलने लगी तो मैंने अपना लंड आधा बाहर कर लिया और अंदर बाहर करने लगा। फिर अचानक से गोल्डी ने मुझे कसकर अपनी बाहों में जकड़ लिया और झड़ गयी और मुझे चूमने लगी।

दर्द का एहसास कम हो रहा था और लंड के हलके धक्को के साथ गोल्डी की दर्द भरी चीखें परमानंद की चीखों में बदल गईं...मेरा शरीर हिलने लगा, मेरी हरकतों से मिलते हुए, गोल्डी के कूल्हे मेरे साथ मिलने के लिए खिंच रहे थे क्योंकि उसने ख़ुद को मेरे शरीर में लपेट लिया था। ख़ुशी की अस्पष्ट चीखें गोल्डी के मुँह से निकल रही थीं; मेरे हाथ उसकी पीठ के चारों ओर लिपटे हुए थे, उसके हाथ मेरे मज़बूत नितंबों तक चले गए और गोल्डी ने मुझे अपनी ओर खींचा। उसी समय, गोल्डी के पैर ऊपर उठे और मेरी कमर के चारों ओर लिपट गए।

मैंने गोल्डी की तरफ़ देखा, उसने शर्म से अपना चेहरा मेरी छाती में छिपा लिया और फुसफुसाते हुए कहा, "हह काके तुम्हारा लंड मेरे लिए बहुत बड़ा है। मुझे लंड की आदत नहीं है। इसने मेरी चूत को उसकी सीमा तक फैला दिया है। तुम्हारे लंड मेरी चूत की अनदेखी अनजान गहराई तक पहुँच रहा है। मुझे उम्मीद नहीं थी कि मेरी चूत इतने बड़े आकार के लंड को समायोजित करने के लिए इतनी लचीली हो सकती है। कृपया इसे बाहर न निकालें, लेकिन अब आप बस कुछ समय के लिए स्थिर रहें और मेरे अंदर इतनी बड़ी चीज़ के लिए मुझे समायोजित होने का मौका दें।"

मैं मुस्कुराया और उसके स्तनों को चूमता और रगड़ता रहा, लेकिन अपना लंड नहीं हिलाया। 5 मिनट के अंदर ही गोल्डी को ठीक महसूस होने लगा और उन्होंने मुझे धक्के और चुदाई जारी रखने का संकेत देने के लिए अपने श्रोणि को ऊपर की ओर धकेलना शुरू कर दिया, लेकिन मुस्कुराते हुए मैंने शांत रहकर उनकी आँखों में देखा और उनसे पूछा, "गोल्डी अब कैसा है? मुझे क्या करना चाहिए?"

गोल्डी को पता था कि मैं उसकी स्थिति जानता हूँ, लेकिन मैं उसे चिढ़ा छेड़ रहा था। इसलिए, उसने अपनी छोटी-छोटी मुट्ठियों से मेरी छाती पर मारा और फिर मुझे कसकर गले लगाया मुझे चूमा और फुसफुसायी, "मेरे राजा अब सब ठीक है। अब तुम मुझे अपनी ताकत दिखाओ। मैं देखना चाहती हूँ कि तुम किस तरह और कैसी चुदाई कर सकते हो और क्या तुम्हारे अंदर बहुत ताकत है या तुम्हारा शरीर ही बड़ा है। कृपया मुझे अपनी पूरी ताकत से चोदो और मुझे असली मर्द के साथ चुदाई का एहसास कराओ। कृपया अभी कुछ मत बोलो, यह एक्शन का समय है। कृपया इसे जल्दी करो।"

यह मुझे उत्तेजित करने के लिए पर्याप्त से अधिक था। मैंने अपने लंड की पूरी लंबाई से उसे चोदना शुरू कर दिया। गोल्डी ने अपनी टाँगें मेरी कमर के चारों ओर लपेट लीं और मुझे कसकर गले लगा लिया।

गोल्डी चिल्लाई... "और, चोदो, मुझे और दो!" मांग करते हुए अपनी एड़ी मेरी पीठ में घुसा दी...और मैं तेजी से हिलने लगा, मेरे धक्के उसके शरीर को बिस्तर में गहराई तक घुसा रहे थे। हमारे शरीर एक दूसरे से टकरा रहे थे... योनि से मीठा अमृत लिंग को भिगो रहा था, जिससे लंड का मार्ग आसान हो गया। मैं महसूस कर सकता था कि गोल्डी की चूत की दीवारें मेरे लिंग को जकड़ रही थीं...वह गुर्राने लगी... मेरा शरीर तेजी से, कम नियंत्रित हरकतों में ज़ोर से धक्के मार रहा था।

मुझे लगा कि मेरी इंद्रियाँ फिर से घूमने लगी हैं... आनंद बढ़ता गया... लहरें और लहरें मेरे शरीर से टकराने लगीं... गोल्डी ख़ुशी से चिल्ला उठी, क्योंकि उनका आनंद चरम पर था... चोदो मुझे चोदो, चोदो और फिर मैंने उसकी जमकर धुनाई करते हुई चुदाई की । लंड बार-बार पूरा निकाल कर फिर एक लंबे झटके में पूरा लंड डाल दिया। गोल्डी मजे लेती हुई ख़ुशी से कराह उठीं क्योंकि लंड का आखिरी इंच भी अंदर चला गया है। उन्होंने अपने कूल्हों को मेरे पेट पर धीरे-धीरे, कामुक घेरे में घुमाया। यार... उसकी चूत ने मेरे लंड को पकड़ते हुए बहुत अच्छा महसूस किया, अपनी अंदरूनी योनि की मांसपेशियों का इस्तेमाल करके मेरे लंड की संवेदनशील सतहों पर काम किया। आश्चर्यजनक रूप से, हालांकि यह मुझे बहुत अच्छा लगा, मुझे पता था कि मैं आज लंबे समय तक टिकने वाला हूँ, शायद उस शानदार ब्लो जॉब की बदौलत था जो मैंने अभी-अभी एन्जॉय किया था , एक अच्छा, धीमा स्ट्रोक लगाया और लम्बे समय तक गोल्डी की चुदाई के लिए तैयार हो गया। गोल्डी के पास दूसरे विचार थे।

"चलो, अब मुझे ज़ोर से चोदो। मेरी चूत पटाखे की तरह है और यह किसी भी पल फटने वाली है!" गोल्डी ने कहा।

उसके कूल्हों को पकड़ते हुए, मैंने अपनी गति बढ़ा दी और अपने लिंग को उसकी भीगी हुई चूत की गहराई में जितना हो सके उतना ज़ोर से घुसाना शुरू कर दिया। उसने मेरी मदद की, जितना हो सके उतना ज़ोर से पीछे धकेला, जबकि मेरा लंड उसकी मखमली चूत को गहराय में सहला रहा था। हम दोनों घुरघुराहट और फुसफुसाहट में सांस ले रहे थे, थप्पड़ों की आवाजें बेडरूम में भर गई थीं। चुदाई करते समय, मेरा लिंग उसकी कसी हुई, गर्म, चूत में अंदर-बाहर हो रहा है। जब मैं उसके अंदर पूरी तरह से घुसा हुआ था। वह हर पल का आनंद ले रही थी। उसने अपने पैरों के बीच एक हाथ रखा हुआ था और अपनी क्लिट को पूरी ताकत से सहला रही थी, कभी-कभी वह मेरे चिकने, गीले लिंग को सहलाने लगती थी, जबकि मैं उसकी गहराई में घुसना जारी रक्खे हुआ था। हम अपनी पूरी क्षमता के साथ चुदाई कर रहे थे।

फिर कुछ देर के बाद मैंने पूछा कि मज़ा आ रहा है। फिर वह बोली कि हाँ बहुत मज़ा आआआआ रहा है, जबरदस्त है तुम्हारी चुदाई ...हाईईईईई, म्म्म्माम और फिर वह हर दकके पर कराहने लगी। आह आह . फिर कुछ देर के बाद मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी। अब वह पूरी मस्ती में थी और मस्ती में मौन कर रही थी अआह्ह्ह आाइईई और करो, बहुत मज़ा आ रहा है। अब वह इतनी मस्ती में थी कि पूरा का पूरा शब्द भी नहीं बोल पा रही थी। अब में अपनी स्पीड धीरे-धीरे बढ़ाता जा रहा था हाअ, राआआआजा, आईसीईई, चोदो और ज़ोर से चोदो। आज मेरी चूत को फाड़ दो, आज कुछ भी हो जाए लेकिन मेरी चूत फाड़े बगैर मत झड़ना, आआआआ और ज़ोर से, उउउईईईई माँ, आहह हाँ, अब ऐसे ही वह मौन कर रही थी।

फिर कुछ देर के बाद मैंने महसूस किया कि मेरा लंड पानी से भीग रहा है। अब वह भी अपना पानी छोड़ने वाली थी, अब वह नीचे से अपनी कमर उठा-उठाकर चिल्ला रही थी और बडबड़ा रही थी आहहहहहह और चोदो मेरी चूत को, आज मत छोड़ना, इसे भोसड़ा बना देना और फिर कुछ देर के बाद वह बोली हाए मेरे राजा में झड़ने वाली हूँ और फिर मैंने उसकी गांड पकड़कर अपनी स्पीड बढ़ा दी, तो वह भी कुछ देर के बाद झड़ गई।

वह अब चिल्ला भी नहीं सकी, क्योंकि उसका मुँह मेरे मुँह में था और में उसको ज़ोर-ज़ोर से किस करता गया और धक्के लगाते गया। तभी वह बोली कि काके आज फाड़ डाल मेरी चूत को, । में लगातार धक्के लगा रहा था और फिर में ऐसे ही 15-20 मिनट तक उसको चोदता गया। फिर अब उसे भी मज़ा आने लग रहा था, अब वह भी अपने कूल्हे उछाल-उछालकर मुझसे चुदवा रही थी। अब मैंने उसे और ज़ोर-जोर से चोदना शुरू कर दिया था।

मेरा लंड चूत के अंदर पूरा समां जाता था तो दोनों के आह निकलती थी ।फिर मेरे हाथ उनके बूब्स को मसलने लगे फिर मैं उनकी चूचियों को खींचने लगता था तो गोल्डी सिहर जाती थी और सिसकने लगती थी... उसके बाद हम लिप किस करते हुए लय से चोदने में लग गए.। मैं गोल्डी को बेकरारी से चूमने लगा और चूमते-चूमते हमारें मुंह खुले हुये थे जिसके कारण हम दोनों की जीभ आपस में टकरा रही थी फिर मैंने गोल्डी की जम कर चुदाई की, में गोल्डी को लगातार धक्के देकर चोदता रहा।

गोल्डी की भीगी हुयी चूत की ऐंठन मेरे धड़कते लंड को स्वादिष्ट तरंगों में निचोड़ रही थी। मैंने दहाड़ते हुए चरम पर पहुँच गया... और फिर गोल्डी के शरीर में तरल गर्मी की लहर महसूस हुई... मैं चिल्लाया... " मैं गया!" मेरा शरीर उसके शरीर से टकरा रहा था, बार-बार और मेरे लिंग ने स्पंदन किया और गोल्डी की चूत में सफेद गर्म वीर्य की चिपचिपी धाराएँ फेंकी। गोल्डी निढाल हो लेट गई... ।

उसके चेहरे पर दर्द और प्यार दोनों दिख रहे थे। “काके रुक मत…” उसने कहा। मैं धीरे-धीरे धक्के मारने लगा। उसकी सिसकारियां कमरे में गूंज रही थीं, “आह… काके … और तेज…” मैंने रफ्तार बढ़ाई। उसकी चूचियां मेरे धक्कों के साथ हिल रही थीं। बेड खटखट की आवाज कर रहा था। मैंने उसे चूमते हुए उसकी चूची को दबाया। उसकी चूत गीली थी, और हर धक्के के साथ उसका पानी मेरे लौड़े को भिगो रहा था।

थोड़ी देर बाद मेरा लौड़ा फिर खड़ा हुआ। फिर मैंने उसे घोड़ी बनाया। उसकी गोल गांड मेरे सामने थी। मैंने पीछे से उसकी चूत में लौड़ा डाला। उसकी गांड मेरे धक्कों के साथ थरथर रही थी। “ हाय… और जोर से…” वो चीख रही थी। मैंने उसकी कमर पकड़ी और तेजी से चोदने लगा। गर्मी के बावजूद हम दोनों पसीने से तर थे। करीब पंद्रह मिनट बाद मेरा निकलने वाला था। “, मैंने एक जोरदार धक्का मारा, और मेरा वीर्य उसकी चूत में उड़ेल दिया। वो मेरे नीचे कांप रही थी।

हम एक-दूसरे से लिपट गए। उसकी सांसें मेरे गाल पर लग रही थीं। हर बार नया जोश, नया अहसास। आखिरी बार के बाद वो मेरे सीने पर सिर रखकर लेट गई। “काके , आज मैं पूरी तरह तेरी हो गई,” उसने कहा।

मैंने कहा- जानेमन सब तुम ही करो, आओ ऊपर आओ और मेरे लण्ड पर अपनी चूत रखकर बैठ जाओl" गोल्डी फट से मेरे ऊपर आ गई। उसने अपने नाजुक हाथ से मेरा लौड़ा पकड़ा और अपनी चूत के मुंह पर लगा दियाl

और हल्का सा दबाया। मैं तो इसी माके की इंतजार में था। जैसी ही उसने अपनी चूत को मेरे लण्ड पर दबाया, मैंने नीचे से जोर का धक्का मारा।

गोल्डी को शायद इसकी उम्मीद नहीं थी, इसलिए उसने एक जार की चौख मारी- "उईईई मर गईl" मैंने उसकी कमर को कस के पकड़ रखा था। वो उठ नहीं पाई। एक मिनट तक लण्ड पूरा उसकी चूत में घुसा रहा।

फिर मैंने उसकी गाण्ड के नीचे हाथ रखकर उसको ऊपर उठाया और कहा- "अब मेरे लौड़े पर उछल-उछलकर इसको अपनी चूत में अंदर-बाहर करती रहोll

गोल्डी ने हल्के-हल्के ऊपर-नीचे होना शुरू कर दिया।
में मुश्कुरा पड़ा। मैं जानता था अब वो सही से लौड़ा खायेगी। फिर उसने मेरे मुँह में अपनी चूची लगा दी। मैं उसकी चूची चूसने लगा। अब मेरा लण्ड चूत में फिसल फिसल के जा रहा था। क्योंकी गोल्डी की चूत अब पानी छोड़ रही थी।

इस तरह उस रात हमने तीन बार चुदाई की।

जारी रहगी


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आमिर का user लॉक हो गया है, अमीर ने साइट एडमिन से सम्पर्क कर पासवर्ड बदलने की प्राथना की है , जब तक यूजर एक्टिव नहीं होता उन्होंने मुझे इस कहानी का अगला भाग भेजा है जिसे मैं यहाँ अपडेट कर रहा हूँ।

दीपप्रीती
 

deeppreeti

DEEP PREET
1,892
3,285
159
पंजाब दियाँ मस्त रंगीन पंजाबना–पार्ट–97

कहानी का अगला भाग-पिछले भाग में आपने पढ़ा की मैंने गोल्डी से कहा की उसे टीम में अगर रहना है तो अपने साथ सेक्स करने पड़ेगा , कुछ ना नुकर के बाद गोल्डी मेरी बात मान कर सेक्स करने के लिए उसे टीम रूम में ले गया और हम चूमा चाटी करते हुए बिलकुल नंगे हो गए और मैंने गोल्डी की चुदाई के लिए लंड उसकी चूत पर लगा दिया , - अब आगे।
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“काके , अब डाल दे पर धीरे करना ,” उसने कहा। मेरा लौड़ा खड़ा था, गोल्डी अब चूड़ासी थी पर उसे डर लग रहा था। “गोल्डी , तुझे दर्द होगा…” उसने मेरी आंखों में देखा और कहा, “मुझे तेरा दर्द चाहिए, काके पर आराम से करना ।” उसने अपनी चूत को उंगलियों से खोला। मैंने अपना लौड़ा उसकी चूत पर टिकाया। जैसे ही मैंने धक्का मारा, उसे दर्द हुआ। “आह… धीरे…” उसने कहा। मैं रुक गया। मैंने फिर से धक्का मारा, और इस बार मेरा लंडमुंड उसकी चूत में नहीं घुस गया। उसकी चूत टाइट थी, और उसकी गर्मी मुझे पागल कर रही थी। उसने अपनी कमर उठाई, और मैंने एक और धक्का मारा। अब मेरा लंड फिसल कर बाहर आ गया और मेरी कोशिश पर गोल्डी चीखने लगती थी। आह मर गयी ! लंड अंदर नहीं गया था.

यह उसकी पहली चुदाई थी; वह बहुत घबरा रही थी। मैं फिर से उसकी योनि पर झुका, उसके होंठों को एक बार फिर चूमा और गहराई से पीया...और अपनी उंगली को बार-बार उसकी भगनासा पर घुमाकर उसकी उत्तेजना बढ़ायी।

जैसे-जैसे उसका शरीर कांपता और ऐंठना जारी रहा, मैंने ख़ुद को ऊपर उठाया और फिर मैंने उसकी योनि के बाहरी होंठों को अलग करते हुए, अपने लिंग की नोक को उसकी योनि के द्वार पर रखा, योनि के होंठों पर लंड जब कुछ बार रगड़ा तब गोल्डी ने कराहते हुए ज़ोर से कांपना शुरू कर दिया जब उसने महसूस किया कि उसका लिंग उसकी योनि के होंठों से टकरा रहा है। उसकी चूत कामुकता को विकीर्ण कर रही थी और अगर वह पहले उत्तेजित थी, तो खड़े लिंग के स्पर्श से उसकी इंद्रियाँ हिल गईं।


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लंड की उभरी हुई बैंगनी नोक ने आसानी से उसके गर्म छोटे होंठों को अलग किया, जो पहले से ही उसकी योनि के तेल से पूरी तरह से चिकनी थी, गोल्डी की टाईट चूत बहुत सख्त और तंग थी और मेरी कोशिश पर गोल्डी चीखने लगती थी।

फिर मैंने गोल्डी से कहा कि गोल्डी तुम जानती हो एक बार दर्द होगा, लेकिन आज ये दर्द अगर बर्दाश्त करोगी तो सारी ज़िन्दगी मस्ती ले पाओगी। फिर मैंने उसे चूमते हुए और बूब्स दबाते हुए अपना लंड उनकी चूत के मुँह पर सेट किया और उनको चूमता चाटता रहा। अब उसकी सुगंध से मेरा लंड जो कि अब 9 इंच लंबा और 3 इंच मोटा हो गया था, फंनफना कर गोल्डी की चूत में घुसने की कोशिश करने लगा था। फिर बड़ी मुश्किल से मेरा लंड मुंड अंदर घुसा ही था कि उसकी चीख निकल पड़ी, आआह्ह्ह्ह काके आईईईईईईईई बहुत दर्द उउउउइईईईईई हो रहा है और उसकी इस चीख से में और मदहोश हो गया। एक तो कमरे में और कोई नहीं था , रात काफी हो चुकी थी , इसलिए लगता था सब सो गए है और कमर बसेमेनट में था, यूनिवर्सिटी पुरानी इसलिए दीवारे कफी मोटी थी- लगभग १३ इंच मोटी इसलिए आवाज बाहर जाने के चांस कफी कम थे .


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लेकिन बड़ी मुश्किल से मेरा लंड का सर गोल्डी की चूत में अंदर जा पाया और जब लंडमुंड उसकी योनि के मुँह में फिसल गया और मैंने हल्का-सा धक्का दिया। मेरा लंडमुंड उसकी गीली, फिसलन भरी योनि के होंठों को अलग करते हुए उसकी योनि में घुस गया।

गोल्डी कराह उठी आअह्ह्ह्हह काके आईईईईईईईई दर्द उउउउइईईईईई हो रहा है और मैंने उसके मुँह पर अपना मुँह लगा कर उसकी चीख की आवाज बंद की और उसकी हथेलियों को अपनी हथेली से दबाते हुए उसकी चूत पर लंड का एक ज़ोर का शॉट मारा और मेरा लंड 2 इंच अंदर घुस गया। अब दर्द से दोहरी गोल्डी छटपटाने लगी थी।


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गोल्डी मेरे मुँह से अपना मुँह निकाल फिर से चिल्लाई अचानक दर्द का एक झटका उसके अंदर से गुज़रा। गोल्डी ने संघर्ष किया तब मैंने फिर से अपना मुँह उसके मुँह पर लगा कर अव्वज बंद की ,उसने मुझे अपने ऊपर से हटाने की कोशिश की, मैंने नीचे जोर लगा कर उसे दबाया इससे गोल्डी मेरे लंड को अपने अंदर और गहराई तक धकेलने में सफल रही। जब उसे एहसास हुआ की लंड अब अंदर है, तो उसने हिलना बंद कर दिया, उसके होंठ कांप रहे थे और मेरे चेहरे पर उसके आँसू बह रहे थे। चिल्लाई, " आह काके ! मैंने मुँह ह्त्या तब फुसफुसाई आह ! यह दर्द कर रहा है,...!

उसकी चूत सिर्फ़ उसकी अपनी उंगलियों से ही परिचित थी और आज उसका मेरी उंगलियों से परिचय ठीक से हुआ भी नहीं था और जब उसने मेरा बड़ा लंड देखा तब उसे मेरा बड़ा मुस्ल लण्ड देख यह संदेह था कि क्या वह इतना बड़ा लंड अंदर ले पाएगी। वह दर्द में फुसफुसाई। लेकिन इससे पहले कि वह कुछ कह पाती या मेरा लंड बाहर निकाल पाती, फिर मैंने उसकी चीखों की परवाह किए बिना एक ज़ोर का धक्का और मारा तो मेरा फनफनाता हुआ लंड उसकी चूत में तीन इंच अंदर घुस गया। मैंने एक जोरदार धक्का मारा और पूरी ताकत से उसकी चूत में घुस गया और एक ही बार में मेरा लंड उसकी चूत में घुस गया और यह उसकी चूत में उस कौमार्य के रक्षक अवरोध को छू गया और उसे लंड पर अवरोध पर स्पर्श महसूस हुआ...।

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गोल्डी कराह उठी ।ह हाए , बहुत दर्द हो रहगा है आअह्ह्ह! यह मुझे कितना दर्द दे रहा है! "

मैंने गोल्डी के चेहरे पर छोटे-छोटे चुंबन दिए। अब गोल्डी मेरे अपने ऊपर मेरे नियंत्रण पर आश्चर्यचकित थी... मैंने ख़ुद को पूरी तरह से स्थिर रखा, हालाँकि गोल्डी मेरी मर्दानगी को अपनी छोटी-सी दरार के अंदर धड़कता और फूलता हुआ महसूस कर सकती थी। मैंने गोल्डी को कोमल दुलार और कोमल शब्दों से शांत किया।

धीरे-धीरे...बहुत धीरे-धीरे, मैंने अपने कूल्हों को पीछे खींचा...और मैंने महसूस किया कि मेरा लंड गोल्डी की चूत की नरम मखमली दीवारों के खिलाफ रगड़ रहा है। गोल्डी कराह उठी...लंड का घेरा ऐसा बड़ा था कि उसने गोल्डी की चूत के ओंठ की मांपेशियों कसावट को फैला दिया, गोल्डी की चूत की दीवारें मेरे लिंग के चारों ओर कसकर दब गई थीं।


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उतनी ही धीरे-धीरे, मैंने लंड को फिर से गोल्डी के अंदर समा लिया...अपनी लंबाई को नरम गीली गर्मी में दबाते हुए जिसने लंड को घेर लिया। फिर मैंने एक ज़ोर का धक्का और मारा तो मेरा फनफनाता हुआ लंड उसकी चूत को फाड़ता हुआ 5 इंच अंदर घुस गया।

अब वह ममी मम्मी कहकर कराहने लगी थी और , ममी मार डाला इसने, ज़ालिम ने मार डाला मुझे आआईईईईई रे काके , प्लीज़ अपनी मुझ पर रहम कर, तूने यह लोहे की रोड घुसा दी, में मर जाउंगी, आआई रे मर गयी आईईईई। गोल्डी ने एक दर्दनाक चीख मारी, उसे लगा कि इससे उसकी योनि की झिल्ली टूट गई है। फिर मैंने और ज़ोर से उसके अंदर धक्का दिया और उसकी योनि की झिल्ली फट गई, मैंने उसका कौमार्य छीन लिया। अब, आधा लंड पूरी तरह से उसके अंदर था मुझे गर्म गर्म महसूस हुआ क्योंकि उसकी चूत से कौमार्य का खून बहने लगा।

फिर मैंने उसके लिप्स पर किस करते हुए उसके मुँह को बंद किया और अपने धक्के लगाता गया। अब वह झटपटा रही थी और अपने बदन को इधर से उधर करने लगी। अब में धक्के पर धक्के लगाए जा रहा था और अब उसकी आँखों से आसूँ निकल रहे थे। एक ज़ोर का झटका लगाया, एक ही झटके में पूरा लंड उनकी चूत के अंदर चला गया, गोल्डी की आह निकल रही थी मैंने ये हरकतें दोहराईं...मेरा लिंग गर्म जेल से बाहर निकलकर वापस आ रहा था...बार-बार।


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मैंने प्यार भरे लहज़े में पूछा, "गोल्डी मेरा आधा लंड तुम्हारे अंदर है। अब तुम्हें कैसा लग रहा है? अगर तुम्हें दर्द हो रहा है तो क्या मैं इसे बाहर निकाल लूं? तुम मेरी प्यारी गोल्डी हो और मैं तुम्हारी इच्छा के विरुद्ध या दर्द होने पर तुम्हें नहीं चोदूंगा। कृपया बताओ कि तुम्हें लंड अंदर जाने पर कैसा लग रहा है?"

वह दर्द से रोने लगी। मैंने अपना लंड उसकी चूत से बाहर निकाला और उसे दिलासा दिया कि सब ठीक है और उसकी चूत का खून साफ़ किया। वह बेचैन थी। मैंने प्यार से उसके दोनों स्तन अपने हाथों में लिए और उन्हें धीरे से दबाया, अपना मुंह उसके कोमल होंठों पर रखा और उसे जोश से चूमना शुरू कर दिया। साथ ही, मैं उसके स्तनों को दबा रहा था और निप्पलों को अपने अंगूठे और उंगलियों से रगड़ रहा था।

इससे उसे कुछ राहत मिली। कुछ पलों तक उसका दर्द कम होने के बाद, मैंने प्यार भरे लहजे में पूछा, "गोल्डी , बधाई हो ! आप तुम कुंवारी नहीं रही क्योंकि तुम्हारी चूत का रास्ता अब मेरे लंड के लिए खुला है। क्या मैं अब अपना लंड तुम्हारे अंदर डाल दूँ?" उसने सहमति में अपना सिर हिलाया।


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यह कहते हुए, मैंने फिर से उसके होंठों पर चूमा और अपना बड़ा लंड धीरे से उसके अंदर डाला। गोल्डी को थोड़ा दर्द हो रहा था, लेकिन हर बीतते सेकंड के साथ यह कम होता जा रहा था और चमत्कारिक रूप से कुछ सेकंड के बाद, उसे कोई दर्द महसूस नहीं हुआ, जबकि इस बीच मेरा विशाल लंड आधे से ज़्यादा अंदर जा चुका था। उसे मेरे बड़े लंड से बहुत मज़ा आ रहा था, इसलिए, उसने शर्म से अपना चेहरा मेरे सीने में छिपा लिया।

फिर 10 मिनट की बेरहम चुदाई के बाद जब उसकी चीखे बंद हुई और सिसकारी में बदलने लगी तो मैंने अपना लंड आधा बाहर कर लिया और अंदर बाहर करने लगा। फिर अचानक से गोल्डी ने मुझे कसकर अपनी बाहों में जकड़ लिया और झड़ गयी और मुझे चूमने लगी।

दर्द का एहसास कम हो रहा था और लंड के हलके धक्को के साथ गोल्डी की दर्द भरी चीखें परमानंद की चीखों में बदल गईं...मेरा शरीर हिलने लगा, मेरी हरकतों से मिलते हुए, गोल्डी के कूल्हे मेरे साथ मिलने के लिए खिंच रहे थे क्योंकि उसने ख़ुद को मेरे शरीर में लपेट लिया था। ख़ुशी की अस्पष्ट चीखें गोल्डी के मुँह से निकल रही थीं; मेरे हाथ उसकी पीठ के चारों ओर लिपटे हुए थे, उसके हाथ मेरे मज़बूत नितंबों तक चले गए और गोल्डी ने मुझे अपनी ओर खींचा। उसी समय, गोल्डी के पैर ऊपर उठे और मेरी कमर के चारों ओर लिपट गए।

मैंने गोल्डी की तरफ़ देखा, उसने शर्म से अपना चेहरा मेरी छाती में छिपा लिया और फुसफुसाते हुए कहा, "हह काके तुम्हारा लंड मेरे लिए बहुत बड़ा है। मुझे लंड की आदत नहीं है। इसने मेरी चूत को उसकी सीमा तक फैला दिया है। तुम्हारे लंड मेरी चूत की अनदेखी अनजान गहराई तक पहुँच रहा है। मुझे उम्मीद नहीं थी कि मेरी चूत इतने बड़े आकार के लंड को समायोजित करने के लिए इतनी लचीली हो सकती है। कृपया इसे बाहर न निकालें, लेकिन अब आप बस कुछ समय के लिए स्थिर रहें और मेरे अंदर इतनी बड़ी चीज़ के लिए मुझे समायोजित होने का मौका दें।"


MIS00
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मैं मुस्कुराया और उसके स्तनों को चूमता और रगड़ता रहा, लेकिन अपना लंड नहीं हिलाया। 5 मिनट के अंदर ही गोल्डी को ठीक महसूस होने लगा और उन्होंने मुझे धक्के और चुदाई जारी रखने का संकेत देने के लिए अपने श्रोणि को ऊपर की ओर धकेलना शुरू कर दिया, लेकिन मुस्कुराते हुए मैंने शांत रहकर उनकी आँखों में देखा और उनसे पूछा, "गोल्डी अब कैसा है? मुझे क्या करना चाहिए?"

गोल्डी को पता था कि मैं उसकी स्थिति जानता हूँ, लेकिन मैं उसे चिढ़ा छेड़ रहा था। इसलिए, उसने अपनी छोटी-छोटी मुट्ठियों से मेरी छाती पर मारा और फिर मुझे कसकर गले लगाया मुझे चूमा और फुसफुसायी, "मेरे राजा अब सब ठीक है। अब तुम मुझे अपनी ताकत दिखाओ। मैं देखना चाहती हूँ कि तुम किस तरह और कैसी चुदाई कर सकते हो और क्या तुम्हारे अंदर बहुत ताकत है या तुम्हारा शरीर ही बड़ा है। कृपया मुझे अपनी पूरी ताकत से चोदो और मुझे असली मर्द के साथ चुदाई का एहसास कराओ। कृपया अभी कुछ मत बोलो, यह एक्शन का समय है। कृपया इसे जल्दी करो।"

यह मुझे उत्तेजित करने के लिए पर्याप्त से अधिक था। मैंने अपने लंड की पूरी लंबाई से उसे चोदना शुरू कर दिया। गोल्डी ने अपनी टाँगें मेरी कमर के चारों ओर लपेट लीं और मुझे कसकर गले लगा लिया।


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गोल्डी चिल्लाई... "और, चोदो, मुझे और दो!" मांग करते हुए अपनी एड़ी मेरी पीठ में घुसा दी...और मैं तेजी से हिलने लगा, मेरे धक्के उसके शरीर को बिस्तर में गहराई तक घुसा रहे थे। हमारे शरीर एक दूसरे से टकरा रहे थे... योनि से मीठा अमृत लिंग को भिगो रहा था, जिससे लंड का मार्ग आसान हो गया। मैं महसूस कर सकता था कि गोल्डी की चूत की दीवारें मेरे लिंग को जकड़ रही थीं...वह गुर्राने लगी... मेरा शरीर तेजी से, कम नियंत्रित हरकतों में ज़ोर से धक्के मार रहा था।

मुझे लगा कि मेरी इंद्रियाँ फिर से घूमने लगी हैं... आनंद बढ़ता गया... लहरें और लहरें मेरे शरीर से टकराने लगीं... गोल्डी ख़ुशी से चिल्ला उठी, क्योंकि उनका आनंद चरम पर था... चोदो मुझे चोदो, चोदो और फिर मैंने उसकी जमकर धुनाई करते हुई चुदाई की । लंड बार-बार पूरा निकाल कर फिर एक लंबे झटके में पूरा लंड डाल दिया। गोल्डी मजे लेती हुई ख़ुशी से कराह उठीं क्योंकि लंड का आखिरी इंच भी अंदर चला गया है। उन्होंने अपने कूल्हों को मेरे पेट पर धीरे-धीरे, कामुक घेरे में घुमाया। यार... उसकी चूत ने मेरे लंड को पकड़ते हुए बहुत अच्छा महसूस किया, अपनी अंदरूनी योनि की मांसपेशियों का इस्तेमाल करके मेरे लंड की संवेदनशील सतहों पर काम किया। आश्चर्यजनक रूप से, हालांकि यह मुझे बहुत अच्छा लगा, मुझे पता था कि मैं आज लंबे समय तक टिकने वाला हूँ, शायद उस शानदार ब्लो जॉब की बदौलत था जो मैंने अभी-अभी एन्जॉय किया था , एक अच्छा, धीमा स्ट्रोक लगाया और लम्बे समय तक गोल्डी की चुदाई के लिए तैयार हो गया। गोल्डी के पास दूसरे विचार थे।

"चलो, अब मुझे ज़ोर से चोदो। मेरी चूत पटाखे की तरह है और यह किसी भी पल फटने वाली है!" गोल्डी ने कहा।

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उसके कूल्हों को पकड़ते हुए, मैंने अपनी गति बढ़ा दी और अपने लिंग को उसकी भीगी हुई चूत की गहराई में जितना हो सके उतना ज़ोर से घुसाना शुरू कर दिया। उसने मेरी मदद की, जितना हो सके उतना ज़ोर से पीछे धकेला, जबकि मेरा लंड उसकी मखमली चूत को गहराय में सहला रहा था। हम दोनों घुरघुराहट और फुसफुसाहट में सांस ले रहे थे, थप्पड़ों की आवाजें बेडरूम में भर गई थीं। चुदाई करते समय, मेरा लिंग उसकी कसी हुई, गर्म, चूत में अंदर-बाहर हो रहा है। जब मैं उसके अंदर पूरी तरह से घुसा हुआ था। वह हर पल का आनंद ले रही थी। उसने अपने पैरों के बीच एक हाथ रखा हुआ था और अपनी क्लिट को पूरी ताकत से सहला रही थी, कभी-कभी वह मेरे चिकने, गीले लिंग को सहलाने लगती थी, जबकि मैं उसकी गहराई में घुसना जारी रक्खे हुआ था। हम अपनी पूरी क्षमता के साथ चुदाई कर रहे थे।

फिर कुछ देर के बाद मैंने पूछा कि मज़ा आ रहा है। फिर वह बोली कि हाँ बहुत मज़ा आआआआ रहा है, जबरदस्त है तुम्हारी चुदाई ...हाईईईईई, म्म्म्माम और फिर वह हर दकके पर कराहने लगी। आह आह . फिर कुछ देर के बाद मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी। अब वह पूरी मस्ती में थी और मस्ती में मौन कर रही थी अआह्ह्ह आाइईई और करो, बहुत मज़ा आ रहा है। अब वह इतनी मस्ती में थी कि पूरा का पूरा शब्द भी नहीं बोल पा रही थी। अब में अपनी स्पीड धीरे-धीरे बढ़ाता जा रहा था हाअ, राआआआजा, आईसीईई, चोदो और ज़ोर से चोदो। आज मेरी चूत को फाड़ दो, आज कुछ भी हो जाए लेकिन मेरी चूत फाड़े बगैर मत झड़ना, आआआआ और ज़ोर से, उउउईईईई माँ, आहह हाँ, अब ऐसे ही वह मौन कर रही थी।



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फिर कुछ देर के बाद मैंने महसूस किया कि मेरा लंड पानी से भीग रहा है। अब वह भी अपना पानी छोड़ने वाली थी, अब वह नीचे से अपनी कमर उठा-उठाकर चिल्ला रही थी और बडबड़ा रही थी आहहहहहह और चोदो मेरी चूत को, आज मत छोड़ना, इसे भोसड़ा बना देना और फिर कुछ देर के बाद वह बोली हाए मेरे राजा में झड़ने वाली हूँ और फिर मैंने उसकी गांड पकड़कर अपनी स्पीड बढ़ा दी, तो वह भी कुछ देर के बाद झड़ गई।

वह अब चिल्ला भी नहीं सकी, क्योंकि उसका मुँह मेरे मुँह में था और में उसको ज़ोर-ज़ोर से किस करता गया और धक्के लगाते गया। तभी वह बोली कि काके आज फाड़ डाल मेरी चूत को, । में लगातार धक्के लगा रहा था और फिर में ऐसे ही 15-20 मिनट तक उसको चोदता गया। फिर अब उसे भी मज़ा आने लग रहा था, अब वह भी अपने कूल्हे उछाल-उछालकर मुझसे चुदवा रही थी। अब मैंने उसे और ज़ोर-जोर से चोदना शुरू कर दिया था।


MIS5
flip a coin with one click
मेरा लंड चूत के अंदर पूरा समां जाता था तो दोनों के आह निकलती थी ।फिर मेरे हाथ उनके बूब्स को मसलने लगे फिर मैं उनकी चूचियों को खींचने लगता था तो गोल्डी सिहर जाती थी और सिसकने लगती थी... उसके बाद हम लिप किस करते हुए लय से चोदने में लग गए.। मैं गोल्डी को बेकरारी से चूमने लगा और चूमते-चूमते हमारें मुंह खुले हुये थे जिसके कारण हम दोनों की जीभ आपस में टकरा रही थी फिर मैंने गोल्डी की जम कर चुदाई की, में गोल्डी को लगातार धक्के देकर चोदता रहा।

गोल्डी की भीगी हुयी चूत की ऐंठन मेरे धड़कते लंड को स्वादिष्ट तरंगों में निचोड़ रही थी। मैंने दहाड़ते हुए चरम पर पहुँच गया... और फिर गोल्डी के शरीर में तरल गर्मी की लहर महसूस हुई... मैं चिल्लाया... " मैं गया!" मेरा शरीर उसके शरीर से टकरा रहा था, बार-बार और मेरे लिंग ने स्पंदन किया और गोल्डी की चूत में सफेद गर्म वीर्य की चिपचिपी धाराएँ फेंकी। गोल्डी निढाल हो लेट गई... ।



CUM00
उसके चेहरे पर दर्द और प्यार दोनों दिख रहे थे। “काके रुक मत…” उसने कहा। मैं धीरे-धीरे धक्के मारने लगा। उसकी सिसकारियां कमरे में गूंज रही थीं, “आह… काके … और तेज…” मैंने रफ्तार बढ़ाई। उसकी चूचियां मेरे धक्कों के साथ हिल रही थीं। बेड खटखट की आवाज कर रहा था। मैंने उसे चूमते हुए उसकी चूची को दबाया। उसकी चूत गीली थी, और हर धक्के के साथ उसका पानी मेरे लौड़े को भिगो रहा था।

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थोड़ी देर बाद मेरा लौड़ा फिर खड़ा हुआ। फिर मैंने उसे घोड़ी बनाया। उसकी गोल गांड मेरे सामने थी। मैंने पीछे से उसकी चूत में लौड़ा डाला। उसकी गांड मेरे धक्कों के साथ थरथर रही थी। “ हाय… और जोर से…” वो चीख रही थी। मैंने उसकी कमर पकड़ी और तेजी से चोदने लगा। गर्मी के बावजूद हम दोनों पसीने से तर थे। करीब पंद्रह मिनट बाद मेरा निकलने वाला था। “, मैंने एक जोरदार धक्का मारा, और मेरा वीर्य उसकी चूत में उड़ेल दिया। वो मेरे नीचे कांप रही थी।

हम एक-दूसरे से लिपट गए। उसकी सांसें मेरे गाल पर लग रही थीं। हर बार नया जोश, नया अहसास। आखिरी बार के बाद वो मेरे सीने पर सिर रखकर लेट गई। “काके , आज मैं पूरी तरह तेरी हो गई,” उसने कहा।


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मैंने कहा- जानेमन सब तुम ही करो, आओ ऊपर आओ और मेरे लण्ड पर अपनी चूत रखकर बैठ जाओl" गोल्डी फट से मेरे ऊपर आ गई। उसने अपने नाजुक हाथ से मेरा लौड़ा पकड़ा और अपनी चूत के मुंह पर लगा दियाl

और हल्का सा दबाया। मैं तो इसी माके की इंतजार में था। जैसी ही उसने अपनी चूत को मेरे लण्ड पर दबाया, मैंने नीचे से जोर का धक्का मारा।

गोल्डी को शायद इसकी उम्मीद नहीं थी, इसलिए उसने एक जार की चौख मारी- "उईईई मर गईl" मैंने उसकी कमर को कस के पकड़ रखा था। वो उठ नहीं पाई। एक मिनट तक लण्ड पूरा उसकी चूत में घुसा रहा।

फिर मैंने उसकी गाण्ड के नीचे हाथ रखकर उसको ऊपर उठाया और कहा- "अब मेरे लौड़े पर उछल-उछलकर इसको अपनी चूत में अंदर-बाहर करती रहोll


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गोल्डी ने हल्के-हल्के ऊपर-नीचे होना शुरू कर दिया।
में मुश्कुरा पड़ा। मैं जानता था अब वो सही से लौड़ा खायेगी। फिर उसने मेरे मुँह में अपनी चूची लगा दी। मैं उसकी चूची चूसने लगा। अब मेरा लण्ड चूत में फिसल फिसल के जा रहा था। क्योंकी गोल्डी की चूत अब पानी छोड़ रही थी।

इस तरह उस रात हमने तीन बार चुदाई की।

जारी रहगी


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आमिर का user लॉक हो गया है, अमीर ने साइट एडमिन से सम्पर्क कर पासवर्ड बदलने की प्राथना की है , जब तक यूजर एक्टिव नहीं होता उन्होंने मुझे इस कहानी का अगला भाग भेजा है जिसे मैं यहाँ अपडेट कर रहा हूँ।

दीपप्रीती
 
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Sushil@10

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पंजाब दियाँ मस्त रंगीन पंजाबना–पार्ट–97

कहानी का अगला भाग-पिछले भाग में आपने पढ़ा की मैंने गोल्डी से कहा की उसे टीम में अगर रहना है तो अपने साथ सेक्स करने पड़ेगा , कुछ ना नुकर के बाद गोल्डी मेरी बात मान कर सेक्स करने के लिए उसे टीम रूम में ले गया और हम चूमा चाटी करते हुए बिलकुल नंगे हो गए और मैंने गोल्डी की चुदाई के लिए लंड उसकी चूत पर लगा दिया , - अब आगे।


“काके , अब डाल दे पर धीरे करना ,” उसने कहा। मेरा लौड़ा खड़ा था, गोल्डी अब चूड़ासी थी पर उसे डर लग रहा था। “गोल्डी , तुझे दर्द होगा…” उसने मेरी आंखों में देखा और कहा, “मुझे तेरा दर्द चाहिए, काके पर आराम से करना ।” उसने अपनी चूत को उंगलियों से खोला। मैंने अपना लौड़ा उसकी चूत पर टिकाया। जैसे ही मैंने धक्का मारा, उसे दर्द हुआ। “आह… धीरे…” उसने कहा। मैं रुक गया। मैंने फिर से धक्का मारा, और इस बार मेरा लंडमुंड उसकी चूत में नहीं घुस गया। उसकी चूत टाइट थी, और उसकी गर्मी मुझे पागल कर रही थी। उसने अपनी कमर उठाई, और मैंने एक और धक्का मारा। अब मेरा लंड फिसल कर बाहर आ गया और मेरी कोशिश पर गोल्डी चीखने लगती थी। आह मर गयी ! लंड अंदर नहीं गया था.

यह उसकी पहली चुदाई थी; वह बहुत घबरा रही थी। मैं फिर से उसकी योनि पर झुका, उसके होंठों को एक बार फिर चूमा और गहराई से पीया...और अपनी उंगली को बार-बार उसकी भगनासा पर घुमाकर उसकी उत्तेजना बढ़ायी।

जैसे-जैसे उसका शरीर कांपता और ऐंठना जारी रहा, मैंने ख़ुद को ऊपर उठाया और फिर मैंने उसकी योनि के बाहरी होंठों को अलग करते हुए, अपने लिंग की नोक को उसकी योनि के द्वार पर रखा, योनि के होंठों पर लंड जब कुछ बार रगड़ा तब गोल्डी ने कराहते हुए ज़ोर से कांपना शुरू कर दिया जब उसने महसूस किया कि उसका लिंग उसकी योनि के होंठों से टकरा रहा है। उसकी चूत कामुकता को विकीर्ण कर रही थी और अगर वह पहले उत्तेजित थी, तो खड़े लिंग के स्पर्श से उसकी इंद्रियाँ हिल गईं।

लंड की उभरी हुई बैंगनी नोक ने आसानी से उसके गर्म छोटे होंठों को अलग किया, जो पहले से ही उसकी योनि के तेल से पूरी तरह से चिकनी थी, गोल्डी की टाईट चूत बहुत सख्त और तंग थी और मेरी कोशिश पर गोल्डी चीखने लगती थी।

फिर मैंने गोल्डी से कहा कि गोल्डी तुम जानती हो एक बार दर्द होगा, लेकिन आज ये दर्द अगर बर्दाश्त करोगी तो सारी ज़िन्दगी मस्ती ले पाओगी। फिर मैंने उसे चूमते हुए और बूब्स दबाते हुए अपना लंड उनकी चूत के मुँह पर सेट किया और उनको चूमता चाटता रहा। अब उसकी सुगंध से मेरा लंड जो कि अब 9 इंच लंबा और 3 इंच मोटा हो गया था, फंनफना कर गोल्डी की चूत में घुसने की कोशिश करने लगा था। फिर बड़ी मुश्किल से मेरा लंड मुंड अंदर घुसा ही था कि उसकी चीख निकल पड़ी, आआह्ह्ह्ह काके आईईईईईईईई बहुत दर्द उउउउइईईईईई हो रहा है और उसकी इस चीख से में और मदहोश हो गया। एक तो कमरे में और कोई नहीं था , रात काफी हो चुकी थी , इसलिए लगता था सब सो गए है और कमर बसेमेनट में था, यूनिवर्सिटी पुरानी इसलिए दीवारे कफी मोटी थी- लगभग १३ इंच मोटी इसलिए आवाज बाहर जाने के चांस कफी कम थे .

लेकिन बड़ी मुश्किल से मेरा लंड का सर गोल्डी की चूत में अंदर जा पाया और जब लंडमुंड उसकी योनि के मुँह में फिसल गया और मैंने हल्का-सा धक्का दिया। मेरा लंडमुंड उसकी गीली, फिसलन भरी योनि के होंठों को अलग करते हुए उसकी योनि में घुस गया।

गोल्डी कराह उठी आअह्ह्ह्हह काके आईईईईईईईई दर्द उउउउइईईईईई हो रहा है और मैंने उसके मुँह पर अपना मुँह लगा कर उसकी चीख की आवाज बंद की और उसकी हथेलियों को अपनी हथेली से दबाते हुए उसकी चूत पर लंड का एक ज़ोर का शॉट मारा और मेरा लंड 2 इंच अंदर घुस गया। अब दर्द से दोहरी गोल्डी छटपटाने लगी थी।

गोल्डी मेरे मुँह से अपना मुँह निकाल फिर से चिल्लाई अचानक दर्द का एक झटका उसके अंदर से गुज़रा। गोल्डी ने संघर्ष किया तब मैंने फिर से अपना मुँह उसके मुँह पर लगा कर अव्वज बंद की ,उसने मुझे अपने ऊपर से हटाने की कोशिश की, मैंने नीचे जोर लगा कर उसे दबाया इससे गोल्डी मेरे लंड को अपने अंदर और गहराई तक धकेलने में सफल रही। जब उसे एहसास हुआ की लंड अब अंदर है, तो उसने हिलना बंद कर दिया, उसके होंठ कांप रहे थे और मेरे चेहरे पर उसके आँसू बह रहे थे। चिल्लाई, " आह काके ! मैंने मुँह ह्त्या तब फुसफुसाई आह ! यह दर्द कर रहा है,...!

उसकी चूत सिर्फ़ उसकी अपनी उंगलियों से ही परिचित थी और आज उसका मेरी उंगलियों से परिचय ठीक से हुआ भी नहीं था और जब उसने मेरा बड़ा लंड देखा तब उसे मेरा बड़ा मुस्ल लण्ड देख यह संदेह था कि क्या वह इतना बड़ा लंड अंदर ले पाएगी। वह दर्द में फुसफुसाई। लेकिन इससे पहले कि वह कुछ कह पाती या मेरा लंड बाहर निकाल पाती, फिर मैंने उसकी चीखों की परवाह किए बिना एक ज़ोर का धक्का और मारा तो मेरा फनफनाता हुआ लंड उसकी चूत में तीन इंच अंदर घुस गया। मैंने एक जोरदार धक्का मारा और पूरी ताकत से उसकी चूत में घुस गया और एक ही बार में मेरा लंड उसकी चूत में घुस गया और यह उसकी चूत में उस कौमार्य के रक्षक अवरोध को छू गया और उसे लंड पर अवरोध पर स्पर्श महसूस हुआ...।

गोल्डी कराह उठी ।ह हाए , बहुत दर्द हो रहगा है आअह्ह्ह! यह मुझे कितना दर्द दे रहा है! "

मैंने गोल्डी के चेहरे पर छोटे-छोटे चुंबन दिए। अब गोल्डी मेरे अपने ऊपर मेरे नियंत्रण पर आश्चर्यचकित थी... मैंने ख़ुद को पूरी तरह से स्थिर रखा, हालाँकि गोल्डी मेरी मर्दानगी को अपनी छोटी-सी दरार के अंदर धड़कता और फूलता हुआ महसूस कर सकती थी। मैंने गोल्डी को कोमल दुलार और कोमल शब्दों से शांत किया।

धीरे-धीरे...बहुत धीरे-धीरे, मैंने अपने कूल्हों को पीछे खींचा...और मैंने महसूस किया कि मेरा लंड गोल्डी की चूत की नरम मखमली दीवारों के खिलाफ रगड़ रहा है। गोल्डी कराह उठी...लंड का घेरा ऐसा बड़ा था कि उसने गोल्डी की चूत के ओंठ की मांपेशियों कसावट को फैला दिया, गोल्डी की चूत की दीवारें मेरे लिंग के चारों ओर कसकर दब गई थीं।

उतनी ही धीरे-धीरे, मैंने लंड को फिर से गोल्डी के अंदर समा लिया...अपनी लंबाई को नरम गीली गर्मी में दबाते हुए जिसने लंड को घेर लिया। फिर मैंने एक ज़ोर का धक्का और मारा तो मेरा फनफनाता हुआ लंड उसकी चूत को फाड़ता हुआ 5 इंच अंदर घुस गया।

अब वह ममी मम्मी कहकर कराहने लगी थी और , ममी मार डाला इसने, ज़ालिम ने मार डाला मुझे आआईईईईई रे काके , प्लीज़ अपनी मुझ पर रहम कर, तूने यह लोहे की रोड घुसा दी, में मर जाउंगी, आआई रे मर गयी आईईईई। गोल्डी ने एक दर्दनाक चीख मारी, उसे लगा कि इससे उसकी योनि की झिल्ली टूट गई है। फिर मैंने और ज़ोर से उसके अंदर धक्का दिया और उसकी योनि की झिल्ली फट गई, मैंने उसका कौमार्य छीन लिया। अब, आधा लंड पूरी तरह से उसके अंदर था मुझे गर्म गर्म महसूस हुआ क्योंकि उसकी चूत से कौमार्य का खून बहने लगा।

फिर मैंने उसके लिप्स पर किस करते हुए उसके मुँह को बंद किया और अपने धक्के लगाता गया। अब वह झटपटा रही थी और अपने बदन को इधर से उधर करने लगी। अब में धक्के पर धक्के लगाए जा रहा था और अब उसकी आँखों से आसूँ निकल रहे थे। एक ज़ोर का झटका लगाया, एक ही झटके में पूरा लंड उनकी चूत के अंदर चला गया, गोल्डी की आह निकल रही थी मैंने ये हरकतें दोहराईं...मेरा लिंग गर्म जेल से बाहर निकलकर वापस आ रहा था...बार-बार।

मैंने प्यार भरे लहज़े में पूछा, "गोल्डी मेरा आधा लंड तुम्हारे अंदर है। अब तुम्हें कैसा लग रहा है? अगर तुम्हें दर्द हो रहा है तो क्या मैं इसे बाहर निकाल लूं? तुम मेरी प्यारी गोल्डी हो और मैं तुम्हारी इच्छा के विरुद्ध या दर्द होने पर तुम्हें नहीं चोदूंगा। कृपया बताओ कि तुम्हें लंड अंदर जाने पर कैसा लग रहा है?"

वह दर्द से रोने लगी। मैंने अपना लंड उसकी चूत से बाहर निकाला और उसे दिलासा दिया कि सब ठीक है और उसकी चूत का खून साफ़ किया। वह बेचैन थी। मैंने प्यार से उसके दोनों स्तन अपने हाथों में लिए और उन्हें धीरे से दबाया, अपना मुंह उसके कोमल होंठों पर रखा और उसे जोश से चूमना शुरू कर दिया। साथ ही, मैं उसके स्तनों को दबा रहा था और निप्पलों को अपने अंगूठे और उंगलियों से रगड़ रहा था।

इससे उसे कुछ राहत मिली। कुछ पलों तक उसका दर्द कम होने के बाद, मैंने प्यार भरे लहजे में पूछा, "गोल्डी , बधाई हो ! आप तुम कुंवारी नहीं रही क्योंकि तुम्हारी चूत का रास्ता अब मेरे लंड के लिए खुला है। क्या मैं अब अपना लंड तुम्हारे अंदर डाल दूँ?" उसने सहमति में अपना सिर हिलाया।

यह कहते हुए, मैंने फिर से उसके होंठों पर चूमा और अपना बड़ा लंड धीरे से उसके अंदर डाला। गोल्डी को थोड़ा दर्द हो रहा था, लेकिन हर बीतते सेकंड के साथ यह कम होता जा रहा था और चमत्कारिक रूप से कुछ सेकंड के बाद, उसे कोई दर्द महसूस नहीं हुआ, जबकि इस बीच मेरा विशाल लंड आधे से ज़्यादा अंदर जा चुका था। उसे मेरे बड़े लंड से बहुत मज़ा आ रहा था, इसलिए, उसने शर्म से अपना चेहरा मेरे सीने में छिपा लिया।

फिर 10 मिनट की बेरहम चुदाई के बाद जब उसकी चीखे बंद हुई और सिसकारी में बदलने लगी तो मैंने अपना लंड आधा बाहर कर लिया और अंदर बाहर करने लगा। फिर अचानक से गोल्डी ने मुझे कसकर अपनी बाहों में जकड़ लिया और झड़ गयी और मुझे चूमने लगी।

दर्द का एहसास कम हो रहा था और लंड के हलके धक्को के साथ गोल्डी की दर्द भरी चीखें परमानंद की चीखों में बदल गईं...मेरा शरीर हिलने लगा, मेरी हरकतों से मिलते हुए, गोल्डी के कूल्हे मेरे साथ मिलने के लिए खिंच रहे थे क्योंकि उसने ख़ुद को मेरे शरीर में लपेट लिया था। ख़ुशी की अस्पष्ट चीखें गोल्डी के मुँह से निकल रही थीं; मेरे हाथ उसकी पीठ के चारों ओर लिपटे हुए थे, उसके हाथ मेरे मज़बूत नितंबों तक चले गए और गोल्डी ने मुझे अपनी ओर खींचा। उसी समय, गोल्डी के पैर ऊपर उठे और मेरी कमर के चारों ओर लिपट गए।

मैंने गोल्डी की तरफ़ देखा, उसने शर्म से अपना चेहरा मेरी छाती में छिपा लिया और फुसफुसाते हुए कहा, "हह काके तुम्हारा लंड मेरे लिए बहुत बड़ा है। मुझे लंड की आदत नहीं है। इसने मेरी चूत को उसकी सीमा तक फैला दिया है। तुम्हारे लंड मेरी चूत की अनदेखी अनजान गहराई तक पहुँच रहा है। मुझे उम्मीद नहीं थी कि मेरी चूत इतने बड़े आकार के लंड को समायोजित करने के लिए इतनी लचीली हो सकती है। कृपया इसे बाहर न निकालें, लेकिन अब आप बस कुछ समय के लिए स्थिर रहें और मेरे अंदर इतनी बड़ी चीज़ के लिए मुझे समायोजित होने का मौका दें।"

मैं मुस्कुराया और उसके स्तनों को चूमता और रगड़ता रहा, लेकिन अपना लंड नहीं हिलाया। 5 मिनट के अंदर ही गोल्डी को ठीक महसूस होने लगा और उन्होंने मुझे धक्के और चुदाई जारी रखने का संकेत देने के लिए अपने श्रोणि को ऊपर की ओर धकेलना शुरू कर दिया, लेकिन मुस्कुराते हुए मैंने शांत रहकर उनकी आँखों में देखा और उनसे पूछा, "गोल्डी अब कैसा है? मुझे क्या करना चाहिए?"

गोल्डी को पता था कि मैं उसकी स्थिति जानता हूँ, लेकिन मैं उसे चिढ़ा छेड़ रहा था। इसलिए, उसने अपनी छोटी-छोटी मुट्ठियों से मेरी छाती पर मारा और फिर मुझे कसकर गले लगाया मुझे चूमा और फुसफुसायी, "मेरे राजा अब सब ठीक है। अब तुम मुझे अपनी ताकत दिखाओ। मैं देखना चाहती हूँ कि तुम किस तरह और कैसी चुदाई कर सकते हो और क्या तुम्हारे अंदर बहुत ताकत है या तुम्हारा शरीर ही बड़ा है। कृपया मुझे अपनी पूरी ताकत से चोदो और मुझे असली मर्द के साथ चुदाई का एहसास कराओ। कृपया अभी कुछ मत बोलो, यह एक्शन का समय है। कृपया इसे जल्दी करो।"

यह मुझे उत्तेजित करने के लिए पर्याप्त से अधिक था। मैंने अपने लंड की पूरी लंबाई से उसे चोदना शुरू कर दिया। गोल्डी ने अपनी टाँगें मेरी कमर के चारों ओर लपेट लीं और मुझे कसकर गले लगा लिया।

गोल्डी चिल्लाई... "और, चोदो, मुझे और दो!" मांग करते हुए अपनी एड़ी मेरी पीठ में घुसा दी...और मैं तेजी से हिलने लगा, मेरे धक्के उसके शरीर को बिस्तर में गहराई तक घुसा रहे थे। हमारे शरीर एक दूसरे से टकरा रहे थे... योनि से मीठा अमृत लिंग को भिगो रहा था, जिससे लंड का मार्ग आसान हो गया। मैं महसूस कर सकता था कि गोल्डी की चूत की दीवारें मेरे लिंग को जकड़ रही थीं...वह गुर्राने लगी... मेरा शरीर तेजी से, कम नियंत्रित हरकतों में ज़ोर से धक्के मार रहा था।

मुझे लगा कि मेरी इंद्रियाँ फिर से घूमने लगी हैं... आनंद बढ़ता गया... लहरें और लहरें मेरे शरीर से टकराने लगीं... गोल्डी ख़ुशी से चिल्ला उठी, क्योंकि उनका आनंद चरम पर था... चोदो मुझे चोदो, चोदो और फिर मैंने उसकी जमकर धुनाई करते हुई चुदाई की । लंड बार-बार पूरा निकाल कर फिर एक लंबे झटके में पूरा लंड डाल दिया। गोल्डी मजे लेती हुई ख़ुशी से कराह उठीं क्योंकि लंड का आखिरी इंच भी अंदर चला गया है। उन्होंने अपने कूल्हों को मेरे पेट पर धीरे-धीरे, कामुक घेरे में घुमाया। यार... उसकी चूत ने मेरे लंड को पकड़ते हुए बहुत अच्छा महसूस किया, अपनी अंदरूनी योनि की मांसपेशियों का इस्तेमाल करके मेरे लंड की संवेदनशील सतहों पर काम किया। आश्चर्यजनक रूप से, हालांकि यह मुझे बहुत अच्छा लगा, मुझे पता था कि मैं आज लंबे समय तक टिकने वाला हूँ, शायद उस शानदार ब्लो जॉब की बदौलत था जो मैंने अभी-अभी एन्जॉय किया था , एक अच्छा, धीमा स्ट्रोक लगाया और लम्बे समय तक गोल्डी की चुदाई के लिए तैयार हो गया। गोल्डी के पास दूसरे विचार थे।

"चलो, अब मुझे ज़ोर से चोदो। मेरी चूत पटाखे की तरह है और यह किसी भी पल फटने वाली है!" गोल्डी ने कहा।

उसके कूल्हों को पकड़ते हुए, मैंने अपनी गति बढ़ा दी और अपने लिंग को उसकी भीगी हुई चूत की गहराई में जितना हो सके उतना ज़ोर से घुसाना शुरू कर दिया। उसने मेरी मदद की, जितना हो सके उतना ज़ोर से पीछे धकेला, जबकि मेरा लंड उसकी मखमली चूत को गहराय में सहला रहा था। हम दोनों घुरघुराहट और फुसफुसाहट में सांस ले रहे थे, थप्पड़ों की आवाजें बेडरूम में भर गई थीं। चुदाई करते समय, मेरा लिंग उसकी कसी हुई, गर्म, चूत में अंदर-बाहर हो रहा है। जब मैं उसके अंदर पूरी तरह से घुसा हुआ था। वह हर पल का आनंद ले रही थी। उसने अपने पैरों के बीच एक हाथ रखा हुआ था और अपनी क्लिट को पूरी ताकत से सहला रही थी, कभी-कभी वह मेरे चिकने, गीले लिंग को सहलाने लगती थी, जबकि मैं उसकी गहराई में घुसना जारी रक्खे हुआ था। हम अपनी पूरी क्षमता के साथ चुदाई कर रहे थे।

फिर कुछ देर के बाद मैंने पूछा कि मज़ा आ रहा है। फिर वह बोली कि हाँ बहुत मज़ा आआआआ रहा है, जबरदस्त है तुम्हारी चुदाई ...हाईईईईई, म्म्म्माम और फिर वह हर दकके पर कराहने लगी। आह आह . फिर कुछ देर के बाद मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी। अब वह पूरी मस्ती में थी और मस्ती में मौन कर रही थी अआह्ह्ह आाइईई और करो, बहुत मज़ा आ रहा है। अब वह इतनी मस्ती में थी कि पूरा का पूरा शब्द भी नहीं बोल पा रही थी। अब में अपनी स्पीड धीरे-धीरे बढ़ाता जा रहा था हाअ, राआआआजा, आईसीईई, चोदो और ज़ोर से चोदो। आज मेरी चूत को फाड़ दो, आज कुछ भी हो जाए लेकिन मेरी चूत फाड़े बगैर मत झड़ना, आआआआ और ज़ोर से, उउउईईईई माँ, आहह हाँ, अब ऐसे ही वह मौन कर रही थी।

फिर कुछ देर के बाद मैंने महसूस किया कि मेरा लंड पानी से भीग रहा है। अब वह भी अपना पानी छोड़ने वाली थी, अब वह नीचे से अपनी कमर उठा-उठाकर चिल्ला रही थी और बडबड़ा रही थी आहहहहहह और चोदो मेरी चूत को, आज मत छोड़ना, इसे भोसड़ा बना देना और फिर कुछ देर के बाद वह बोली हाए मेरे राजा में झड़ने वाली हूँ और फिर मैंने उसकी गांड पकड़कर अपनी स्पीड बढ़ा दी, तो वह भी कुछ देर के बाद झड़ गई।

वह अब चिल्ला भी नहीं सकी, क्योंकि उसका मुँह मेरे मुँह में था और में उसको ज़ोर-ज़ोर से किस करता गया और धक्के लगाते गया। तभी वह बोली कि काके आज फाड़ डाल मेरी चूत को, । में लगातार धक्के लगा रहा था और फिर में ऐसे ही 15-20 मिनट तक उसको चोदता गया। फिर अब उसे भी मज़ा आने लग रहा था, अब वह भी अपने कूल्हे उछाल-उछालकर मुझसे चुदवा रही थी। अब मैंने उसे और ज़ोर-जोर से चोदना शुरू कर दिया था।

मेरा लंड चूत के अंदर पूरा समां जाता था तो दोनों के आह निकलती थी ।फिर मेरे हाथ उनके बूब्स को मसलने लगे फिर मैं उनकी चूचियों को खींचने लगता था तो गोल्डी सिहर जाती थी और सिसकने लगती थी... उसके बाद हम लिप किस करते हुए लय से चोदने में लग गए.। मैं गोल्डी को बेकरारी से चूमने लगा और चूमते-चूमते हमारें मुंह खुले हुये थे जिसके कारण हम दोनों की जीभ आपस में टकरा रही थी फिर मैंने गोल्डी की जम कर चुदाई की, में गोल्डी को लगातार धक्के देकर चोदता रहा।

गोल्डी की भीगी हुयी चूत की ऐंठन मेरे धड़कते लंड को स्वादिष्ट तरंगों में निचोड़ रही थी। मैंने दहाड़ते हुए चरम पर पहुँच गया... और फिर गोल्डी के शरीर में तरल गर्मी की लहर महसूस हुई... मैं चिल्लाया... " मैं गया!" मेरा शरीर उसके शरीर से टकरा रहा था, बार-बार और मेरे लिंग ने स्पंदन किया और गोल्डी की चूत में सफेद गर्म वीर्य की चिपचिपी धाराएँ फेंकी। गोल्डी निढाल हो लेट गई... ।

उसके चेहरे पर दर्द और प्यार दोनों दिख रहे थे। “काके रुक मत…” उसने कहा। मैं धीरे-धीरे धक्के मारने लगा। उसकी सिसकारियां कमरे में गूंज रही थीं, “आह… काके … और तेज…” मैंने रफ्तार बढ़ाई। उसकी चूचियां मेरे धक्कों के साथ हिल रही थीं। बेड खटखट की आवाज कर रहा था। मैंने उसे चूमते हुए उसकी चूची को दबाया। उसकी चूत गीली थी, और हर धक्के के साथ उसका पानी मेरे लौड़े को भिगो रहा था।

थोड़ी देर बाद मेरा लौड़ा फिर खड़ा हुआ। फिर मैंने उसे घोड़ी बनाया। उसकी गोल गांड मेरे सामने थी। मैंने पीछे से उसकी चूत में लौड़ा डाला। उसकी गांड मेरे धक्कों के साथ थरथर रही थी। “ हाय… और जोर से…” वो चीख रही थी। मैंने उसकी कमर पकड़ी और तेजी से चोदने लगा। गर्मी के बावजूद हम दोनों पसीने से तर थे। करीब पंद्रह मिनट बाद मेरा निकलने वाला था। “, मैंने एक जोरदार धक्का मारा, और मेरा वीर्य उसकी चूत में उड़ेल दिया। वो मेरे नीचे कांप रही थी।

हम एक-दूसरे से लिपट गए। उसकी सांसें मेरे गाल पर लग रही थीं। हर बार नया जोश, नया अहसास। आखिरी बार के बाद वो मेरे सीने पर सिर रखकर लेट गई। “काके , आज मैं पूरी तरह तेरी हो गई,” उसने कहा।

मैंने कहा- जानेमन सब तुम ही करो, आओ ऊपर आओ और मेरे लण्ड पर अपनी चूत रखकर बैठ जाओl" गोल्डी फट से मेरे ऊपर आ गई। उसने अपने नाजुक हाथ से मेरा लौड़ा पकड़ा और अपनी चूत के मुंह पर लगा दियाl

और हल्का सा दबाया। मैं तो इसी माके की इंतजार में था। जैसी ही उसने अपनी चूत को मेरे लण्ड पर दबाया, मैंने नीचे से जोर का धक्का मारा।

गोल्डी को शायद इसकी उम्मीद नहीं थी, इसलिए उसने एक जार की चौख मारी- "उईईई मर गईl" मैंने उसकी कमर को कस के पकड़ रखा था। वो उठ नहीं पाई। एक मिनट तक लण्ड पूरा उसकी चूत में घुसा रहा।

फिर मैंने उसकी गाण्ड के नीचे हाथ रखकर उसको ऊपर उठाया और कहा- "अब मेरे लौड़े पर उछल-उछलकर इसको अपनी चूत में अंदर-बाहर करती रहोll

गोल्डी ने हल्के-हल्के ऊपर-नीचे होना शुरू कर दिया।
में मुश्कुरा पड़ा। मैं जानता था अब वो सही से लौड़ा खायेगी। फिर उसने मेरे मुँह में अपनी चूची लगा दी। मैं उसकी चूची चूसने लगा। अब मेरा लण्ड चूत में फिसल फिसल के जा रहा था। क्योंकी गोल्डी की चूत अब पानी छोड़ रही थी।

इस तरह उस रात हमने तीन बार चुदाई की।

जारी रहगी


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आमिर का user लॉक हो गया है, अमीर ने साइट एडमिन से सम्पर्क कर पासवर्ड बदलने की प्राथना की है , जब तक यूजर एक्टिव नहीं होता उन्होंने मुझे इस कहानी का अगला भाग भेजा है जिसे मैं यहाँ अपडेट कर रहा हूँ।

दीपप्रीती
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पंजाब दियाँ मस्त रंगीन पंजाबना–पार्ट–98

कहानी का अगला भाग-पिछले भाग में आपने पढ़ा की मैंने गोल्डी से कहा की उसे क्विज टीम में अगर रहना है तो मेरे साथ सेक्स करने पड़ेगा , कुछ ना नुकर के बाद गोल्डी मेरी बात मान कर सेक्स करने के लिए उसे टीम रूम में ले गया और हम चूमा चाटी करते हुए बिलकुल नंगे हो गए और मैंने गोल्डी की चुदाई की , - अब आगे।

रात काफी बीत चुकी थी , हमने कुछ देर आराम किया सुबह गोल्डी उठी और गोल्डी मेरे लन्ड को सहलाने लगी। मैं इससे जग गया और उसके होठों को चुमने लगा। हम एक दूसरे को चूम रहे थे। वो एक हाथ से मेरा लन्ड सहला रही थी,और मैं उसके सुडौल ठोस बूब्स को दबा रहा था।

थोड़ी देर में मेरा लन्ड खड़ा हो गया। अब गोल्डी मेरे ऊपर आ गई। उसने मेरे लन्ड को अपने एक हाथ से पकड़ा और अपनी चूत को मेरे लंड पर टिकाया फिर उसने थोड़ा दवाब दिया तो मेरा लंड उसकी गीली चूत में घुस गया।

गोल्डी की आह निकल गई।

गोल्डी - काके आपका लन्ड तो बहुत मस्त है।

मैं- तेरी चूत भी तो मस्त है। अब इसे चोद चोद कर लाल कर दिया करूँगा ।

गोल्डी अपने चूतड़ उठा उठा के लन्ड पर उछलने लगी।

पच्च पच्च की आवाज गुज़ने लगी।

मैं- यस गोल्डी बहुत मज़ा आ रहा है, तू तो मस्त माल है।

गोल्डी -काके तेरा लन्ड तो मेरी चूत को फाड़ रहा है।

वो मेरे लन्ड पर उछल रही थी और मैं उसके बूबस को दबा रहा था।

फिर वो नीचे झुकी और मेरे होंठो को चूमने लगी।

गोल्डी - काके अपनी जीभ बाहर निकालो

मैने अपनी जीभ बाहर निकाली, गोल्डी उसे चुसने लगी।

अभी भी वो अपने चूतड़ हिला रही थी। मेरा लन्ड बहुत कड़क हो चुका था।

फिर मैंने उसे नीचे लिटाया और मैं ऊपर आ गया उसकी टाँगों को मैंने अपने कंधे पर रखा और अपना लन्ड उसकी चूत में घुसा दिया

अब मैं ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाने लगा।

गोल्डी - चोदो मुझे , फाड़ दो मेरी चूत। यस काके तुम मुझे अपनी बना दो। चोदो मुझे।

मैं- हाँ यस गोल्डी तू मेरी है जब चाहूँ तुझे चोद दूँगा।

मैं और जोर जोर से धक्के देने लगा।

गोल्डी की चीख निकलने लगी।

हम दोनों को पसीना आने लगा।

मैं – तेरी चूत में ही माल निकालूँ या बाहर।

गोल्डी – मेरी चूत में ही निकालना अपना गर्म माल। मैं तेरे माल को महसूस करना चाहती हूँ।

गोल्डी जोश में तू पर आ गई।

मैंने झटकों की रफ्तार और तेज कर दी।

फिर थोड़ी देर में हम दोनों एक साथ झड़ गये। फिर मैंने उसे कहा अब मुझे हमे अपने रूम में जाना चाहिए ।

गोल्डी - काके यहीं रूक जाओ।

मैं- नहीं रुक सकता, कुछ देर में सुबह हो जायेगी , कोई आ गया तो बेकार की मुसीबत हो सकती है , अब तुम भी अपने कमरे में जाओ , हम बाद में फिर मिलंगे।

गोल्डी - ओके।

तभी मेरी नजर दरवाजे की तरफ गयी मैंने देखा मुझे दरवाजे के पास एक साया नजर आया . मैंने कहा -गोल्डी ! कोई है हमे देख रहा है !

गोल्डी - इस वक़्त कौन होगा?

मैं- मुझे क्या मालूम।

गोल्डी – चलो हटो मुझे देखने दो।

फिर गोल्डी उठी उसने अपनी टीशर्ट पहनी औऱ बाहर चली गई। मैंने एक चादर उठाकर अपने ऊपर डाल दी।

गोल्डी दरवाजे पर चली गई , मुझे किसी लड़की की आवाज सुनाई दी । गोल्डी वापिस आयी .

मैं :- कौन है गोल्डी ?

गोल्डी - दूसरी टीम की कप्तान शीना !

मैं :- गोल्डी क्या चाहती है वो ?

फिर गोल्डी कहणे लगी उसी से सुन लो । गोल्डी बाहर गयी और उसे हाथ पकड़ ले आयी . शीना हमारी विरोधी टीम की कप्तान , उनकी टीम का कमरा भी पास ही था . मैंने उसे गौर से देखा वाह क्या मस्त लग रही थी थी। वो बिल्कुल वैसी थी जैसी लड़की मुझे पसंद है। भरा भरा ज़िस्म, बड़ी गाँड़। उसके होंठो के ऊपर एक तिल भी था।

मैं – शीना यहाँ कैसे ?

शीना - ये सब क्या हो रहा है गोल्डी, गौरव ?

मैं :- आज के मैच की तयारी !

शीना - मैंने सब देखा हैं तुम कैसे तयारी कर रहे थे !

गोल्डी - हम दोनों वयस्क हैं और हमारी मर्जी हम कैसे तयारी करे तुम्हे इससे से क्या ? कोई प्रॉब्लम शीना ? ( दरअसल शीना और गोल्डी बहुत अच्छी सहेलिया थी ) फिर गोल्डी हसने लगी

शीना - कोई प्रॉब्लम नहीं है ? गोल्डी !! और बाहर चली गयी !

गोल्डी - काके चिंता मत करो शीना मेरी बेस्ट फ्रेंड है उसे इससे कोई प्रॉब्लम नहीं है ?

मैं – ओके ,तो फिर अब हम चलें ?

शीना - (हसंते हुए) – अरे नहीं पहले काम तो पूरा कर लें।

ये बोलकर उसने मेरे ऊपर से चादर हटाई। और वो मेरे उपर आ गई। और मेरे होंठो को किस करने लगी। उसकी चूत मेरे लन्ड को छू रही थी।उसने केवल टीशर्ट पहनी हुई थी।

मेरा लन्ड फिर खड़ा हो गया। गोल्डी ने टीशर्ट भी उतार दी । मैं उसके बूबस दबाने लगा और कल्पना करने लगा कि शीना के बूब्स दबा रहा हूँ। उसके बारे में सोच के मेरा लन्ड और टाइट हो गया।

फिर मैंने इसी पोजीशन में अपना लन्ड गोल्डी की चूत में घुसा दिया। उसकी सिसकी निकल गई।

गोल्डी - आह अब तो तुम्हारा लन्ड कुछ ज्यादा ही मोटा लग रहा है।

मैं- अच्छा, फिर मैं हँसते हुए बोला शायद शीना की बड़ी बड़ी चूचियों और गाँड़ का असर है।

गोल्डी - क्या? तुम बहुत शरारती हो।

मैं- हाँ वो तो हूँ।

गोल्डी धीरे धीरे अपनी गाँड़ को ऊपर नीचे करने लगी।

मैं- काश शीना की चूत मिल जाती। आह मज़ा आ जाता।

गोल्डी - क्या इतनी पसन्द आ गई शीना , दो दो चूत चाहिए आपको।

मैं- गोल्डी रानी चूत तो जितनी भी मिल जाये कम हैं, पर शीना की गाँड़ देख कितनी मस्त है , तरबूज जैसे चूतड़ हैं उसके, बूब्स तो ऐसे हैं कि मसलते जाओ ..!

गोल्डी - (जोश में)काके तू तो बहुत चोदू है, पहले कभी तूने दो लड़कियों को एक साथ चोदा है।

मैं- हां एक बार । वैसे तो तेरी चूत काफी है, और तू मज़े से चुद वाती है। पर शीना को देख के मेरा मन कर अभी उसके मुँह में अपना लन्ड डाल दूँ।

गोल्डी - काके ओह तेरी बात सुनकर तो मेरे बदन में आग लग रही है। अगर तू सच मे मेरे सामने शीना को चोदेगा तो कितना मज़ा आएगा। आह सोच के ही चूत में भूचाल आ रहा है।

मैं- काश मैं तुम दोनों को एक साथ चोद पाता। एक मेरा लन्ड चूसती एक की मैं चूत चाटता।

गोल्डी जोर जोर से मेरे लन्ड पर उछल रही थी, फिर मैंने उसे बोला मुझे तुझे कुतिया की तरह चोदना है।

फिर वो बेड पर डॉगी पोजीशन में आ गई और मैं उसके पीछे आ गया। मेरा लंड पहले से उसकी चूत के रस में भीगा हुआ था। मैंने अपना लन्ड उसकी चूत में डाल दिया। मैंने उसकी कमर पकड़ ली और धक्के लगाने लगा।

सच मे उस समय मैं शीना की ही कल्पना करके चोद रहा था और मेरे मुँह से निकल गया ।

मैं- शीना मैं तेरी चूत को फाड़ दूँगा ।तेरी मस्त गाँड़ को भी पेलूँगा।

गोल्डी - काके लगता है तू शीना को चोद के ही मानेगा। तेरे मुँह से शीना के बारे में सुन कर बहुत मज़ा आ रहा है। शीना है भी बहुत मस्त, वो पहले कभी चुदी नहीं है। तू ही उसे चोद दे। उसकी प्यास भी बुझ जाएगी ।

मैं- अच्छा अगर मैं उसे चोदूगा तो तू क्या करेगी।

गोल्डी - मैं अपनी चूत को अपने हाथों से रगड़ रगड़ के लाल करूंगी।

मैं- अच्छा गोल्डी जान तू इतनी मस्त है तो शीना कितनी मस्त होगी।

तभी दरवाजा खुला और मैंने देखा शीना दरवाजे पर खड़ी थी। वो अंदर आई..!

जारी रहेगी
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आमिर का user लॉक हो गया है, अमीर ने साइट एडमिन से सम्पर्क कर पासवर्ड बदलने की प्राथना की है , जब तक यूजर एक्टिव नहीं होता उन्होंने मुझे इस कहानी का अगला भाग भेजा है जिसे मैं यहाँ अपडेट कर रहा हूँ।

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पंजाब दियाँ मस्त रंगीन पंजाबना–पार्ट–99

कहानी का अगला भाग-पिछले भाग में आपने पढ़ा की मैं टीम रूम में गोल्डी की चुदाई कर रहा था वहां हम्ररी विरोधी टीम की कप्तान शीना आ गयी , - अब आगे।

गोल्डी - काके लगता है तू शीना को चोद के ही मानेगा। तेरे मुँह से शीना के बारे में सुन कर बहुत मज़ा आ रहा है। शीना है भी बहुत मस्त, वो पहले कभी चुदी नहीं है। तू ही उसे चोद दे। उसकी प्यास भी बुझ जाएगी ।

मैं- अच्छा अगर मैं उसे चोदूगा तो तू क्या करेगी।

गोल्डी - मैं अपनी चूत को अपने हाथों से रगड़ रगड़ के लाल करूंगी।

मैं- अच्छा गोल्डी जान तू इतनी मस्त है तो शीना कितनी मस्त होगी।

तभी दरवाजा खुला और मैंने देखा शीना दरवाजे पर खड़ी थी। वो अंदर आई..!
गोल्डी और मैं चौंक गये।

गोल्डी उठना चाहती थी पर मैने उसकी कमर को कस के पकड़ लिया क्योंकि मुझे लगा अब शीना से किसी पर्दे की जररत नहीं है । मैंने उसे चोदना जारी रखा। शीना हम दोनों को ही देख रही थी चुपचाप ।

मैं गोल्डी को चोद रहा था पर मेरी नज़रे शीना पर ही थी। उसकी नज़रो में मुझे चुदाई की भूख दिख रही थी। मैं उसे देखकर मुस्करा रहा था।

मैंने अपने झटके बहुत तेज़ कर दिये ,इतने तेज़ की बेड भी हिलने लगा।

गोल्डी - काके ये क्या, मेरी चूत फट जाएगी।

मग़र मुझ पर उसकी बात का कोई असर ना हुआ। मैं उसे वैसे ही चोदता रहा। थोड़ी देर में वो झड़ गई और मैंने भी अपना माल उसकी चूत में निकाल दिया।

फिर मैंने गोल्डी की कमर को छोड़ा और वो बिस्तर पर पेट के बल लेट गई। मैं अभी उसी पोजीसन में था, मेरा लन्ड अभी भी कड़क था, जो

पूरी तरह से लन्ड और चूत के माल से लतपथ था।

शीना की नज़रे अब मेरे लन्ड पर टिक गई थी, वो आगे बढ़ी औऱ मेरे पास आ गई।

शीना - गौरव ! तो तुम मुझे चोदना चाहते हो, कैसे चोदोगे मुझे।

मैं उसकी आँखों में देख रहा था।

उसने एक सफेद टॉप पहना हुआ था जो उसकी कमर तक था। नीचे उसने एक प्रिंटेड शार्ट पहना हुआ था।

फिर वो आगे बढ़ते हुए घूमकर बेड के दूसरे तरफ से बेड पर चढ़ गई।

वो बेड की बैक से पीठ लगा कर बैठ गई, फिर उसने मुझे एक कातिल मुस्कान दी। अब तक गोल्डी भी उठकर बैठ गई थी, उसकी चूत से मेरे लन्ड का और चूत का माल रिस रहा था।

शीना - गौरव तुम मुझे चोदना चाहते हो, इधर आओ।
मैं: शीना जी मेरे चाहने वाले मुझे काका कहते हैं आप भी मुझे काका कहेंगी तो मुझे अच्छा लगेगा .

शीना ने अपनी टाँगे खोल दी। उसने अपने चूतड़ उठाकर अपना शार्ट उतार दिया। अंदर उसने काली रंग की पेंटी पहन रखी थी। मैं उसकी तरफ बढ़ा।

वो मुझे मदहोश निगाहों से देख रही थी। उसने नज़रो से ही मुझे अपनी चूत चाटने का इशारा किया। मैं उसकी चूत की तरफ झुका। उसकी पैंटी में गीलेपन का पूरा एहसास हो रहा था।

चूत से कामुक सुगंध आ रही थी। मैंने चूत को चाटने के लिए उसकी पैंटी को एक तरफ हटाना चाहा तो उसने मुझे रोक लिया।

शीना - अरे अरे काका जी इतनी जल्दी क्या है , मेरी चूत को पेंटी के ऊपर से ही चाट।

मैं उसे देखकर मुस्कराया। मैं उसकी कि चूत को पेंटी के ऊपर से ही चाटने लगा। शीना ने एक सिसकी भरी और अपनी आँखें बंद करके मजे लेने लगी। वो अपनी एक उँगली चूस रही थी और एक हाथ मेरे सर पर फिरा रही थी।

मैं उसकी चूत की खुश्बू से पागल हो रहा था। मैं उसकी चूत को पेंटी के ऊपर से ही चाट रहा था पर शीना की सिसकियों से पता चल रहा था वो बहुत उत्तेजित हो रही थी। मगर शायद वो अभी झड़ना नहीं चाहती थी उसने मेरा सर हटाया।

शीना - अभी इतनी जल्दी क्या है जनाब काका जी ?

फिर उसने अपना टॉप उतार दिया, उसके मस्त बूब्स नंगे हो गये, उसने ब्रा नहीं पहनी थी। उसके बूबस एक दम गोल गोल थे ।

फिर शीना ने एक अंगड़ाई ली। उसने अपनी बगल मेरे सामने की जो एक दम साफ थी।

शीना – काके चाट इसे,

मैं- शीना बेबी मैं तो तुझे तो सर से पांव तक चाट डालूँ।

मैं उसकी बगल को चाटने लग गया।

गोल्डी हम दोनों को देख रही थी, उसे जैसे समझ ना आ रहा हो कि ये क्या हो रहा है। मगर उसे देखकर लग रहा था वो भी मज़े ले रही है।

मैं शीना की बगल को चाटते चाटते दूसरी तरफ पहुँचा और चाटने लगा। शीना के मुँह से मादक सिसकियां निकल रही थी।

फिर उसने मुझे नीचे लेटने को बोला, मैं बिस्तर पर लेट गया।

शीना गोल्डी से बोली- तू क्या देख रही है चल इसका लन्ड चाट।

गोल्डी जैसे नींद से जागी हो, उसने मेरे लन्ड की तरफ देखा जो एकदम कड़क हो रखा था। लन्ड उसकी चूत और वीर्य से लतपथ था।

गोल्डी शायद ऐसे में लन्ड को चाटने में झिझक रही थी।

शीना- सोच क्या रही है, जब ये मेरी चुदाई के लिए बोल रहा था तब तो तू बहुत मज़े ले रही थी।

गोल्डी - दीदी चाटती हूँ,

फिर गोल्डी मेरे लन्ड को चाटने लगी, पहले वो अनमने ढंग से चाट रही थी पर धीरे धीरे उसे मजा आने लगा।

मैं मन ही मन बहुत खुश हो रहा था, मेरी कल्पना आज अपने आप साकार हो रही थी।

शीना अपनी चूत को मेरे मुँह पर ले आई, उसने अपने हाथ बेड की पिछली दीवार पर टिका दिये, उसने अभी भी पेंटी पहनी हुई थी, मैंने एक उँगली से उसकी पैंटी को सरकाया , इस बार शीना ने मना नहीं किया।

उसकी चूत एक दम चिकनी थी, जो पूरी गीली हो रखी थी। मैं उसकी चूत को जीभ की नोंक से चाटने लगा।

शीना - ओह चाट मेरी चूत , चूत बहुत प्यासी है, चाट इसको।

इधर मैं शीना की चूत चाट रहा था उधर गोल्डी मेरा लन्ड चूस रही थी। जन्नत क्या होती है मुझे नहीं मालूम, मगर मैं अपने आप को सातवें आसमान में महसूस कर रहा था।
शीना की सिसकारियां बढ़ने लगी।

शीना - आह हाँ चाट मेरी चूत, चोद दे मुझे जीभ से, आह चाट चाट।

मैं- शीना मैं तो तेरी चूत को ऐसे चोद दूँगा की उम्र भर याद रखेगी।

मैंने उसकी चूत को खोला और उसके दाने को चाटने लगा। शीना का सब्र अब खत्म हो रहा था। थोड़ी देर में उसका बदन झटके लेने लगा, कमरे में शीना की मादक सिसकियाँ गूंज रही थी। उसकी चूत से उसका कामरस बहने लगा।

मैं भी इतने जोश में था कि मैं उसके कामरस का रसपान करने लगा। थोड़ी देर बाद शीना मेरे ऊपर से हटी, गोल्डी अभी भी मजे से मेरे लन्ड को चाट रही थी।

शीना ने मुझे बोला- तुम अब गोल्डी की चूत चाटो, उसकी चूत भी तड़प रही होगी।

मैं- हाँ क्यों नहीं।

गोल्डी अब बेड के बैक से टिक कर बैठ गई, उसने अपनी टाँगे खोल दी थी। मैं घुटनों के बल बैठा और फिर झुककर गोल्डी की चूत चाट ने लगा।

उसकी चूत पूरी तरह से गीली थी। पहले मैं उसकी चूत के फाँके चाटने लगा।

उधर शीना मेरे पीछे आ गई, वो मेरे अंडो को चाटने लगी , मेरा लन्ड पहले से पूरी तरह से कड़क हो गया था, फिर शीना धीरे धीरे ऊपर को बढ़ी, और वो मेरी गाँड़ के छेद को चाटने लगी।

उसकी इस हरकत से मैं चौंक गया, ऐसा किसी ने मेरे साथ पहले नहीं किया था। मगर मैं उसे कुछ नहीं बोला और इस नए अनुभव का आनंद लेने लगा।

इधर गोल्डी भी मदहोश हो रही थी, पहले वो अपनी सिसकियाँ दबा रही थी मगर अब उसकी सिसकियाँ भी बढ़ने लगी थी।

शीना ने पहले मेरे छेद को अच्छे से चाटा ,फिर वो अपनी जीभ के नोंक से मेरे गाँड़ के अंदर करने लगी, मेरे पूरे शरीर मे सिहरन दौड़ गई, मुझे लग रहा था मेरा लन्ड ऐसे ही झड़ जाएगा।

मैं गोल्डी को और जोर से चाटने लगा, मैं अपनी दो उँगली उसकी चूत में अंदर बाहर करने लगा और उसके दाने को चाटने लगा,

गोल्डी - उफ़ काके तू मुझे पागल करके छोड़ेगा, और जोर से चाट। मैं जोर जोर से गोल्डी की चूत चाटने लगा।

उधर शीना ने अपना सिर मेरी टाँगों के बीच डाला, और मेरा लन्ड चुसने लगी।

मुझसे अब बर्दास्त नहीं हो रहा था ,मैं गोल्डी की चूत में जोर जोर से उँगली अंदर बाहर करने लगा और उसके दाने को भी जोर जोर से चाट रहा था।

शीना भी मेरे लन्ड को चूस रही थी

सब इतना उतेजन्ना भरा था कि गोल्डी - काके मुझे हो रहा है, मैं झड़ने वाली हूँ आह आह मैं झड़ रही हूँ, आह आह

और गोल्डी झड़ गई , उसके कुछ सेकण्ड्स बाद मैं भी शीना के मुँह में झड़ गया, शीना ने मेरे माल की एक एक बूंद को चाट लिया।

फिर हम तीनों नंगे बिस्तर पर लेटे गए, मेरे एक तरफ शीना और एक तरफ गोल्डी लेटी हुई थी।

कहानी जारी रहेगी

जारी रहेगी
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पंजाब दियाँ मस्त रंगीन पंजाबना–पार्ट–100

कहानी का अगला भाग-पिछले भाग में आपने पढ़ा की मैं टीम रूम में गोल्डी की चुदाई कर रहा था वहां हम्ररी विरोधी टीम की कप्तान शीना आ गयी ,और हमारे बीच थ्रीसम शुरू हुआ - अब आगे।



गोल्डी - मुझे हो रहा है, मैं झड़ने वाली हूँ आह आह काके मैं झड़ रही हूँ, आह आह!

और गोल्डी झड़ गई , उसके कुछ सेकण्ड्स बाद मैं भी शीना के मुँह में झड़ गया, शीना ने मेरे माल की एक एक बूंद को चाट लिया।

फिर हम तीनों नंगे बिस्तर पर लेटे गए, मेरे एक तरफ शीना और एक तरफ गोल्डी लेटी हुई थी।

हम तीनों नंगे बिस्तर पर लेटे हुए थे, ऐसी की ठंडी हवा हमारे गर्म बदनों को ठंडक पहुंचा रही थी। दो बहुत खूबसूरत लड़कियां मेरे बगल में थी। शीना के मादक बदन में पसीने की हल्की बूंदे उसकी मेहनत का बयान कर रही थी। शीना 36, 24 ,36 का माप लिये हुए एक बहुत ही गर्म जिस्म की मलिका थी। उसका बदन गेंहुए रंगत लिए हुए था।

दूसरी तरफ गोल्डी 34,26 ,34 माप लिए हुए गोरे बदन की मल्लिका थी। उसकी चूत से कामरस बह रहा था। मैं मन ही मन अपनी किस्मत पर खुश हो रहा था।

घड़ी पर रात के 3 बजकर 15 मिनट हो रहे थे।

मैं- चलो यार अब मैं चलता हूँ।
शीना - अरे जनाब अभी कहाँ, अभी तो तुम्हारा लन्ड मेरी चूत में भी नहीं गया। अभी हमे बहुत मस्ती करनी है ।

मैं- यार सुबह होने को है कोई आ सकता है !

गोल्डी - हाँ काके रुक जाओ, अभी आधी रात ही हुई है , ऐसा मौका बार बार नहीं आता, अभी और वैसे भी कौनसा आपकी बीबी इंतजार कर रही है ।

मैं भी सोचने लगा बात तो सही है, पता नहीं फिर कभी एक साथ दो ऐसी शानदार चूत मिले या नहीं।

मैं- चलो मैं रुक जाता हूँ।

शीना बिस्तर से उठी और नंगी ही बाथरूम की तरफ चल पड़ी, उसकी मटकती हुई भरी भरी गाँड़ गज़ब ढा रही थी। मैं उसे ही घूर रहा था।

गोल्डी - अब उसकी गाँड़ को ही खा जाओगे क्या?

मैं- बस चले तो खा लूँ। अच्छा तू और शीना पहले से ही इतने खुले हैं क्या सेक्स के बारे में?

गोल्डी - नहीं यार , हम थोड़ा बहुत बात कर थे, लेकिन आज तो शीना का दूसरा ही रूप देखने को मिला।

मैं – अच्छा, मेरे लिये तो सपने का सच होने जैसा है, दो मस्त मस्त लड़कियों को एक साथ चोदना।
इतने में शीना भी आ गई,

मैं- अच्छा चलो तब तक मैं जरा नहा लेता हूँ।

गोल्डी - हाँ मैं भी ।

शीना- अच्छा तुझे अब बाथरूम में भी चुदना है। चल जा।

मैं- तू भी आजा।

शीना - नहीं मैंने आके शॉवर ले लिया था।

फिर मैं गोल्डी बाथरूम में घुस गए। हम में शॉवर ऑन किया, और दोनों शॉवर के नीचे आ गए। पानी के ठंडी ठंडी बूंदे हमारे बदन पर गिरने लगी। हम दोनों का चेहरा एक दूसरे के सामने था।
मैंने गोल्डी के होंठो पर अपने होंठ रख दिये और उसे किस करने लगा, उसके नुकीले स्तन मेरी छाती में गढ़ रहे थे। वो भी किस करने में पूरा साथ दे रही थी। हम लगभग 10 मिनट तक ऐसे ही किस करते रहे। मेरा लन्ड तो फिर खड़ा हो गया।

गोल्डी - चलो अभी नहा लेते है फिर तो पूरी रात पड़ी है।

मैं- मगर ये जो मेरा हथियार खड़ा हो गया इसका क्या?

गोल्डी - ये तो बड़ा बदमाश है ,

ये बोलते हुए गोल्डी ने मेरे लन्ड को धीरे से दबा दिया।

शॉवर से गिरते पानी से गोल्डी का चेहरा पूरा धूल गया था, बिना मेकअप की भी वो इतनी खूबसूरत लग रही थी, बिल्कुल मासूम सी।

मैं- शीना को भी चोद लूँगा, पर अभी इस लन्ड को तो शान्त करूँ।

ये बोल कर मैंने गोल्डी को घुमा दिया और उसे झुकने के लिए बोला। गोल्डी नल को पकड़ कर झुक गई। मैंने अपना लन्ड उसकी चूत पर टिकाया और एक झटका दिया और लन्ड उसकी चूत में समा गया। उसके मुँह से सिसकी निकल गई।

मेरे ऊपर और गोल्डी के आधे शरीर पर पानी की बौछारें गिर रही थी। मैंने ज्यादा समय ना लेते हुए मैंने उसकी कमर को पकड़ा और जोर जोर से धके लगाने लगा।

वैसे मैं चाहता तो कंट्रोल कर सकता था, पर मैं जानबूझकर गोल्डी को चोद रहा था, ताकि जब बाद में मैं दोनों को एक साथ चोदो तो जल्दी ना झंडू।

गोल्डी - काके तुम तो बहुत तेज झटके दे रहे हो , आह अरे धीरे , आह काके मेरी जान लोगे क्या,
जब वो ऐसे बोल रही थी तो मैं और जोश में आ रहा था।गोल्डी को भी जोश आने लगा वो भी अपनी गाँड़ हिलाने लगी।

मैं- आह गोल्डी तू तो मेरी जान है, तेरी वजह से तो शीना की भी चूत मिलने वाली है, तुझे तो मैं बहुत मज़ा दूँगा। तेरी चूत को लाल कर दूंगा।

गोल्डी - हाँ काके करदो मेरी चूत लाल, फाड़ दो आह आह यस, चोदू काके चोद दो मुझे।

मैं- यस बेबी यस ।

मैने लगभग 5-7 मिनट जोर जोर से धक्के लगाए और हम दोनों एक साथ झड़ गये।

फिर हम दोनों अच्छे से नहाए। फिर हम कमरे में आये तो देखा शीना को नींद आ गई थी।

गोल्डी - लगता है चुदाई की थकान से नींद आ गई, सोने दो।

अब मैं बिस्तर में बैठ गया, बगल में नंगी शीना सो रही थी। मैं उसको निहारने लगा। कभी कभी किसी को खुदा फुरसत से बनाता है। शीना भी वैसी ही थी। उसका बदन एक दम सही अनुपात में था, सारे उभार , शरीर का एक एक कोण सटीक था।

कहीं पर अतिरिक्त चर्भी नहीं थी फिर भी वो भरी भरी लग रही थी। नींद में वो सांस ले रही थी, तो उसकी छाती ऊपर नीचे वो रही थी। उसकी चुचे गहरी रंगत लिए थे।

उसकी चूत में कोई बाल नही था। उसकी चूत अभी भी गीली थी।

मैं इस बात से बहुत खुश हो रहा था कि अब कुछ देर बाद मेरा लन्ड इस चूत में घुसेगा।
मैंने शीना के होंठो पर एक हल्का चुंबन जड़ दिया।

चुंबन से शीना उठ गयी ।

शीना - ओह मुझे नींद आ गई थी।

मैं (हंसते हुए) कोई बात नहीं है अब तू नए जोश से चुदाई करवाएगी।

शीना मैं और गोल्डी पूरे नंगे थे।

हम एक दूसरे से छेड़छाड़ कर रहे थे। कभी मैं पलव्वी ,शीना के बूबस दबाता ,कभी वो मेरा लन्ड पकड़ते।

फिर मैंने अपने बैग से कुछ मेवे फल और जूस के पैकेट निकाले हमने उन्हें खाया और फिर लगभग आधा घण्टे गप्पें मारी।

शीना - गोल्डी तू बिस्तर पर लेट जा।

गोल्डी - जी दीदी।

शीना - अभी तू मुझे बस शीना बोल।

मैं – और तू मुझे काके बोल।

शीना – ठीक है काके डार्लिंग।

गोल्डी बिस्तर पर लेट गई , उसने अपने सिर के नीचे तकिया लगा लिया।

शीना - मैं अभी आती हूँ।

शीना ने अपने बैग से खाने वाली क्रीम का बॉक्स और एक चम्मच निकले । उसने बॉक्स खोला और चमच्च से क्रीम निकालकर उसने बहुत सारी क्रीम ,गोल्डी के नाभि के आसपास और चूत पर मल दी।
उसने बॉक्स को एक तरफ रखा और उसने नाभि से चाटना शुरू कर दिया। गोल्डी ने आंखे बंद कर दी। उसने अपने होंठ दाँतो से दबा दिये।

शीना बड़े मजे से चाट रही थी, धीरे धीरे वो उसकी चूत की तरफ बढ़ी। अब वो गोल्डी की चूत में लगी क्रीम को चाटने लगी। गोल्डी के मुँह से सिसकियाँ निकलने लगी। उसने चादर को अपनी मुठी में भीच लिया।

मैं अभी खड़े खड़े ये देख रहा tha। मेरा लन्ड ये देख के खड़ा हो गया था। फिर शीना ने मुझे देखा और मुस्कुराते हुए बोली- काके तू गोल्डी को क्रीम नहीं खिलायेगा।

मैं समझ गया। मैंने क्रीम निकाली और अपने लन्ड में मल दी। गर्म लन्ड में ठंडी क्रीम । अब मैंने अपना लन्ड गोल्डी के होंठो पर रखा, गोल्डी मेरा लन्ड चुसने लगी। मैं इस तरह से गोल्डी के ऊपर था कि मेरा लन्ड उसके मुँह में था और मेरा चेहरा उसकी चूत की तरफ, उधर शीना चूत में लगी सारी क्रीम चाट चुकी थी ।

शीना अब अपनी जीभ की नोंक से गोल्डी की चूत कुरेद रही थी।

मैं- शीना तूने भी क्रीम खाली , गोल्डी भी खा रही है मेरा क्या।

शीना - ऐसा क्या अभी ले।

शीना ने बहुत सारी आइस क्रीम ली और अपने मुँह में भर ली। फिर उसने अपना मुँह मेरे मुँह में रखा और मैं उसके मुँह से क्रीम खाने लगा। ऐसा कुछ देर तक चलता रहा, कुछ क्रीम पिघलकर गोल्डी के पेट पर गिर रही थी।

फिर शीना ने उसके पेट पर गिरी क्रीम को भी चाट लिया। फिर शीना उसकी चूत को अपनी जीभ से चाटने लगी, उसने उसकी चूत की फाँके खोल दी और उस को जीभ से चोदने लगी।

मैने भी गोल्डी की चूत के ऊपरी हिस्से को चाटना शुरू कर दिया। गोल्डी अब ये दोहरा हमला बर्दास्त नहीं कर पाई , थोड़ी देर में उसका बदन हिलने लगा। वो मेरा लन्ड जोर जोर से चूसने लगी।
शीना ने अपनी जीभ की रफ़्तार तेज कर दी, गोल्डी के सब्र का बांध टूट गया, और वो झड़ गई। शीना ने उसका रस चाट लिया।

जब गोल्डी झड़ी तो उसने कुछ पल के लिये मेरा लन्ड चूसना बन्द किया। उसकी आँखे बंद थी। शीना खड़ी हुई।

शीना - अब कोई मेरी चूत चाटेगा?

ये बोल के शीना भी बिस्तर पर लेट गई। मैंने अपना लन्ड गोल्डी के मुँह से निकाला।

मैं- अभी चाटता हूँ तेरी चूत।

शीना - एक बार गोल्डी को भी मेरी चूत को चाटने दे।

शीना ने क्रीम बॉक्स से क्रीम निकाली और उसने क्रीम अपनी चूत पर मल दी।

गोल्डी अब शीना की चूत चाटने लगी। मैंने बॉक्स में बची हुई क्रीम ली और शीना के स्तनों पर मल दी।

मैं शीना के स्तन चाटने लगा। कभी मैं अपनी जीभ की नोक से उसके चुचे चाटता।

शीना पर मदहोशी छाने लगी। वो अपने हाथ मेरे सिर पर फिराने लगी।

गोल्डी बड़ी लग्न से शीना की चूत चाट रही थी। अब वो शीना की चूत के दाने को चाट रही थी, कभी कभी वो उसके दाने को मसल देती।

कुछ देर बाद शीना बोली- काके अब मुझे लन्ड चाहिए। मेरी चूत लन्ड के लिए तड़प रही है।
मैंने शीना को लिप किस किया . इस बीच गोल्डी उसकी चूत चाटती रही .

शीना के चेहरे पर भी खुशी थी वह मुझे कहने लगी काके तुझ से मिल कर मैं बहुत ज्यादा खुश हूं हम दोनों एक दूसरे की बाहों में आ गए। जब हम दोनों एक दूसरे की बाहों में आए तो मैं शीना को महसूस करने लगा शीना बड़ी खुश हो गई थी।

हम दोनों बहुत ज्यादा खुश हो गए थे। शीना तो इतनी खुश थी की वह मुझसे कहने लगी काके तुमसे मिल कर के मैं बहुत ज्यादा खुश हो गई हूं। मैंने शीना के नरम होठों को चूमना शुरू किया मैं जब शीना के होंठो को चूमने लगा तो मुझे मजा आने लगा। शीना भी बहुत ज्यादा उत्तेजित होती जा रही थी शीना की उत्तेजना इस कदर बढ़ने लगी थी कि वह मुझे अब किस करने लगी।

मैंने उसे लिप किश किया मैं उसे लिप किश करता ही रहा शीना वह भी कभी मेरा उप्पर लिप तो कभी लोअर लिप चूसती रही मैंने उसके लिप्स पर काटा उसने मेरे लिप्स को काट कर जवाब दिया,फिर मैं उसके होंठो को चूमने लगा और वह भी मेरा साथ देने लगी .

फिर मैंने अपनी जीभ उसके मुँह में डाल दी और वह मेरी जीभ को चूसने लगी. फिर मैंने भी उसकी जीभ को चूसा. शीना मुझे बेकरारी से चूमने चाटने लगी और चूमते चूमते हमारें मुंह खुले हुये थे जिसके कारण हम दोनों की जीभ आपस में टकरा रही थी और हमारे मुंह में एक दूसरे का स्वाद घुल रहा था। फिर मैंने उसकी चूची सहलानी और दबानी शुरू कर दी वह सिसकारियां ले मजे लेने लगी।

अब गोल्डी एक तरफ लेट कर मेरा और शीना का खेल देखने लगी मैंने धीरे धीरे उसकी चूत पर अपने दूसरी ऊँगली से से उसके क्लाइटोरिस तो सहलाना शुरू कर दिया जिससे शीना और गर्म होने लगी।

मेरा हाथ जब शीना के स्तनों पर लगने लगा तो मैं उसके स्तनों को दबाने लगा वह बहुत ही खुश हो गई थी। शीना ने मुझे कहा मुझे बहुत अच्छा लग रहा है मेरे अंदर की आग अब बढ़ चुकी थी शीना भी बिल्कुल रह नहीं पा रही थी। मैंने शीना को कहा मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है मैंने शीना की चूत को चाटना शुरु कर दिया था। मैने शीना की चूत को चाट कर पूरी तरीके से उसे गीला बना दिया।

शीना की योनि से पानी बाहर निकलने लगा था वह बहुत ही ज्यादा तड़पने लगी थी उसकी तडप अब इतनी ज्यादा बढ़ने लगी कि वह मुझे कहने लगी मुझसे तो बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है।

मैंने शीना से कहा मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है मैंने जैसे ही शीना कि योनि के अंदर अपनी उंगली को डालने की कोशिश कि तो मेरे उंगली शीना के चूत के अंदर नहीं गई। शीना ने अपने पैरों को खोल लिया मैंने शीना की चूत को बहुत देर तक चाटा।

मैं शीन के बूब्स दबा कर उसके स्तन चूसने लगा , मुझे उसके स्तनों को चूसने मे मजा आने लगा था। शीना को बड़ा अच्छा लग रहा था मैंने शीना की चूत पर अपने लंड को लगाया तो शीना तड़पने लगी।

शीना की चूत से बहुत ही ज्यादा पानी बाहर निकालने लगा। मैने शीना की योनि के अंदर अपने लंड को घुसाना शुरू किया तो शीना कि चूत के अंदर मेरा लंड घुस चुका था। शीना की योनि के अंदर जैसे ही मेरा लंड घुसा तो मुझे मजा आने लगा शीना को भी बड़ा अच्छा लगने लगा था।

वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है शीना की योनि से खून निकल आया था। वह मुझे कहने लगी मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है मैंने शीना को कहा बस थोड़ी देर की ही बात है। मैंने उसके दोनों पैरो को अपने कंधे पर रख लिया था और मैं शीना को बड़ी तेजी से धक्के मारने लगा।

शीना की योनि से खून निकलता ही जा रहा था और शीना को बड़ा अच्छा लग रहा था। मै अपने लंड को शीना की चूत के अंदर बाहर कर रहा था। शीना मुझे कहने लगी मेरे अंदर की आग बहुत ही ज्यादा बढ़ने लगी है मुझे अब बहुत ही ज्यादा मजा आने लगा था। मेरे लंड और शीना की चूत की टक्कर से शीना की चूत की गर्मी बाहर निकल आई थी।

शीना की कसी हुई कुंवारी चूत धीरे धीरे ढीली और गीली होनी शुरू हो गयी फिर मेरे लण्ड पर चूत की कसवत भी कुछ ढीली पड़ गयी इक मिनट रुकने के बाद मैंने धक्का लगाना शुरू किया.. फिर कुछ देर में ही वो भी मेरा साथ देने लगी। मुझे जैसे जन्नत का मज़ा आ रहा था। शीना ने ढेर सारा पानी मेरे लंड पर छोड़ दिया. मैं शीना से लिप्स किस करता रहा . करीब 30 मिनट की चुदाई के बाद मैंने लण्ड निकाल लिया । मैं अभी भी जड़ा नहीं था

हम लिप किश करते रहे और मैं दोनों के जिस्म से खेलता रहा , जिससे कुछ देर में मेरे लंड में फिर पूरा तनाव आ गया । तब तक शीना भी नार्मल हो गयी थी ।

कुछ देर बाद शीना ने मुझे नीचे लेटने को बोला।

मैं नीचे लेट गया, मेरा लन्ड छत को सलामी दे रहा था।


शीना मेरे लन्ड पर बैठ गई। एक झटके में मेरा लन्ड उसकी गीली चूत की गहराई में गुम हो गया। शीना के मुँह से मादक सिसकी निकली।

थोड़ी देर शीना ने कोई हरकत नहीं की, वो मेरे लन्ड को अपनी चूत में महसूस कर रही थी। फिर वो झुकी और मुझे किस करने लगी।

गोल्डी हम दोनों को देख रही थी। फिर वो आगे बढ़ी और मेरे अंडो को चाटने लगी । फिर वो शीना की गाँड़ को चाटने लगी ।अब वो ऐसा ही करती रही, कभी मेरे अंडो को कभी शीना की गाँड़ को चाट रही थी। मुझे बहुत मजा आ रहा था।

मैं शीना को और जोर से किस करने लगा। उसकी जीभ को अपने मुँह में लेता, कभी अपनी जीभ उसके मुँह में डालता।

अब शीना ने अपने चूतड़ धीरे धीरे हिलाने शुरू कर दिये। धीरे धीरे उसने रफ़्तार बढ़ा दी। पहले वो मुझ पर झुकी हुई थी अब वो सीधी हो गई , और मेरे लन्ड पर उछलने लगी।

शीना - आह काके तेरा लन्ड बहुत मस्त है, मेरे अंदर तक जा रहा है। आह आह ।

मैं- शीना जान तू तो बहुत मस्त है, तेरे बूबस देख कैसे उछल रहे हैं,( मैं उसके बूबस को दबाने लगा)
आज मेरा लन्ड तेरी चूत की बैंड बजायेगा।

शीना - हाँ जब तेरा गर्म माल मेरी चूत में निकलेगा तो कितना मज़ा आएगा। आह तू तो बड़ा चोदू है रे।
उधर गोल्डी को इस पोजीशन में शीना की गाँड़ चाटने में दिक्कत हो रही थी।

अब गोल्डी बिस्तर पर बैठ गई और हम दोनों को देखने लगी। शीना अपने चूतड़ उछाल रही थी। मैंने गोल्डी को इशारा किया, वो मेरे पास आई मैं उसे किस करने लगा।

शीना - ओह आह आह मैं झड़ने वाली हूँ, आह मैं झड़ने वाली हूँ। आह आह ।

थोड़ी देर में शीना झड़ गई ।कुछ देर वो मेरे ऊपर ही लेट गई। फिर वो एक तरफ हुई ।

शीना -तेरे लन्ड को क्या हुआ, ये तो झड़ने का नाम नहीं ले रहा।

मैं- होगा अभी , पहले दूसरी चूत को तो चोद लूँ।

फिर मैंने गोल्डी को नीचे लिटाया और उसकी टाँगों को अपने हाथों से ऊपर उठाया । फिर मैंने अपना लन्ड उसकी चूत में डाल दिया।

अब मैं धक्के लगाने लगा।

गोल्डी - काके आज तो मेरी चूत का बुरा हाल हो गया। कितना चोदेगा मुझे।

मैं- चुद ले अभी टाइम है तेरे पास।

गोल्डी - हाँ काके फिर तुझसे चुदने का मौका मिले ना मिले।

मैं जोर जोर से धक्के लगाने लगा।

गोल्डी - आह आह और जोर से , आह आह , फाड़ दो मेरी चूत।

मैं – हाँ तेरी चूत को मैं लाल कर दूँगा।

मैं लगभग उसे दस मिनट तक चोदता रहा

गोल्डी – काके मुझे होने वाला है, प्लीज् जोर जोर से , यस , काके।

मैंने और तेज से झटके देना लगा, बेड भी आवाज़ करने लगा। शीना हमे ही देख रही थी।


गोल्डी - आह आह मैं झड़ गई मैं जड़ गई,

गोल्डी झड़ गई, मैंने और तेज धक्के लगाये , एक मिनट बाद मैं भी झड़ गया। मैं गोल्डी के ऊपर ढेर हो गया।

शीना भी आकर हमसे लिपट गई।

कहानी जारी रहेगी
 
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