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Incest आंधी (नफ़रत और इन्तकाम की)

ayush01111

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UPDATE 27



सुनंदा – (अपने एक हाथ से कमल के गले को पकड़ उसे दीवार से लगा के ऊपर उठा के) तुझे देखते ही मै समझ गई थी , तू इंसान के शरीरी में छुपा डेविल है , बोल कौन है तू और क्यों आया है यहां पर....


कमल – मेरा नाम कमल है और मै BD की वजह से भाग के आया हूँ धरती पर , मै सच बोल रहा हूँ मुझे राजगुरु ज्ञानेंद्र ने बताया था यहां आने के लिए रानी मां....


सुनंदा – (कमल के मूसे रानी मां सुन उसे छोड़ के) तुम कौन हो , कैसे जानते हो मुझे और राजगुरु ने क्या बताया तुम्हे....


कमल – सब बताता हूँ रानी मां.....



FLASHBACK FROM DEVIL LOK


जब आप सब धरती लोक में आगए थे उसके बाद BD जो आरव (AARAV) बना हुआ था पूरे राज्य की नजरों में उसने सैनिकों को बोल के एक लड़की का अपहरण किया जो आपके डेविल राज्य की नहीं थी , उसका अपहरण कर BD ने उस लड़की को योगिनी को दे दिया जिसके बाद योगिनी ने अपनी शक्ति का इस्तमाल करके उस लड़की का शरीर को अपने शरीरी से बदल लिया , लेकिन योगिनी ये बात नहीं जानती थी कि जिस लड़की के शरीर में वो है असल में वो लड़की गर्भ से थी पहले माह से उसी वक्त योगिनी अपनी शक्तियों को उस शरीर में एकत्र करने के प्रयास में लगी हुई थी , जो किसी कारण सफल नहीं हो पा रहा था , लेकिन जब तीसरा माह आया तब योगिनी को पता चल गई ये बात की वो जिस शरीर में है असल में वो गर्भ से है , तब योगिनी ने उसी शरीर के दिमाग को टटोला तो उसे पता चला जिस लड़की के शरीर में है वो कोई पागल लड़की नहीं बल्कि उसका नाम कमला है , और पूरब राज्य के राजा नागेंद्र की बहन की सहेली है साथ में उसकी दासी जिसे नागेंद्र भोगा करता था जिस वजह से वो पेट से हो गई लेकिन जब नागेंद्र को बताया उसने तब नागेंद्र ने साफ मना कर दिया इस बात से साथ में ये बोल दिया अगर इस बारे में उसकी बहन शीना को पता चला तो उसे जान से मार देगा , जिस वजह से कमला वहां से भागने की कोशिश में लगी थी लेकिन मौका नहीं मिल रहा था लेकिन एक दिन उसे पता चला शीना की शादी पश्चिम राज्य के राजा आरव से होने वाली है तब कमला भी उस शादी में आई सबके साथ लेकिन शादी के वक्त ही कमला गायब हो गई सबकी नजरों से तब से कमला पश्चिम राज्य में रह रही थी पागल के रूप में जिसपर कोई ध्यान नहीं दे पाया , ये बात योगिनी को जब पता चली तुरंत काल कोठरी में गई जहां योगिनी के कहने पर उस लड़की को कैद किया हुआ था जो इस वक्त एक वृद्ध शरीर में थी तब....


योगिनी – (कमला से) तो तू पागल नहीं है सिर्फ दिखावा कर रही थी पागल होने का....


कमला – क्यों किया तुमने मेरे साथ ऐसा क्या बिगाड़ा था मैने तुम्हारा....


योगिनी – (हस्ते हुए) इस शरीरी में रहके जब तुझे सब पता चल चुका है तो पूछ क्यों रही है मुझसे....


कमला – (हाथ जोड़ के) मुझे मेरा शरीरी वापस देदो मै कही दूर चली जाऊंगी यहां से....


योगिनी – शरीर तो वापस मिल जाएगा तुझे लेकिन तू यहां से वापस कही नहीं जा सकती है , यही रहना होगा तुझे....


कमला – लेकिन क्यों....


योगिनी – क्योंकि मेरी शादी हो चुकी है राजा आरव से....


कमला – आपकी शादी तो इससे मेरा क्या मतलब हुआ....


योगिनी – (हस्ते हुए) बेवकूफ तू भूल गई ना मेरी शादी का मतलब मै जिस शरीर में हूँ उससे हुई है शादी राजा आरव से समझी अब....


कमला – फिर अब मेरे शरीरी का क्या , कैसे मिलेगा मुझे....


योगिनी – वो तू मुझपर छोड़ दें वो मै देख लूंगी , लेकिन अगर तू चाहती है तुझे तेरा शरीर देदूं उसके लिए तुझे मेरा एक काम करना होगा....


कमला – क्या करना होगा मुझे....


योगिनी – पूरब राज्य के राजा नागेंद्र को यहां बुलाना होगा , उसे बोलना होगा तुझे की उसकी बहन शीना मिल गई है , अपने मंत्री के साथ यहां आ जाए....


कमला – तुम करना क्या चाहती हो....


योगिनी – वो तुझे जानने की जरूरत नहीं है , अगर तू चाहती है तू और तेरा बच्चा सुरक्षित रहे यहां , वही कर जो मै बोल रही हूँ बदले में वादा करती हूँ मै , तेरा बच्चा इस राज्य में राज करेगा और तू अपने बच्चे का अच्छे से पालन पोषण कर सकेगी , बोल मंजूर है तुझे....


कमला – मंजूर है मुझे...


योगिनी – ठीक है....


जिसके बाद योगिनी वहां से चली गई और BD को सब बता दिया , तब दोनों ने मिल के पूरब राज्य में अपना कब्जा जमाने की तैयारी करने लगे क्योंकि नागेंद्र और आरव बचपन के दोस्त रहे है ये बात BD जानता था और कभी ना कभी नागेंद्र खतरा बन सकता था BD के लिए भविष्य में इसीलिए ये चाल चली योगिनी और BD ने जिसके बाद एक दिन योगिनी ने कमला से अपना शरीर बदला साथ में योगिनी ने राज्य की एक दासी के साथ शरीर को बदल लिया और अपने वृद्ध शरीरी को मिटा दिया ताकि कोई जान न सके इस बारे में राज्य में , फिर योगिनी , कमला को लेके अपने खास लोगों के साथ राज्य से सीधा पूरब राज्य को निकल गई जहां नागेंद्र को बताया गया शीना के बारे में जिसे सुन नागेंद्र ने तुरंत चलने की तैयारी कर ली और निकल आए पश्चिम राज्य में जहां आते ही BD ने स्वागत किया नागेंद्र का जिसके बाद एक एक करके BD ने अपने सैनिकों से बोल के नागेंद्र के साथ आए सभी सैनिकों को मार दिया , इस बात से अंजान नागेंद्र उसका मंत्री BD के साथ बैठे थे एक कमरे में , जब BD को पता चला कि नागेंद्र के सभी सैनिक मारे गए है तो उसने नागेंद्र के पानी में जहर मिला के पिला दिया जिससे नागेंद्र मारा गया , तब BD ने नागेंद्र के मंत्री को डरा धमका के उससे पूरब राज्य में कब्जा करने की योजना बताई ताकि पूरब राज्य के मंत्री की बदौलत अपना राज्य जमा सके BD पूरब में , और वैसा ही हुआ जब नागेंद्र के मंत्री ने पूरब राज्य के लोगों को बताया कि नागेंद्र मारा गया है जिसे BD ने मारा है लेकिन ऐन वक्त पर आरव ने आके BD को रोक उसे बंधी बनाने जा रहे थे तभी मौका देख BD भाग निकला वहां से जिसके बाद सैनिकों को उसकी तलाश के लिए भेजा गया , जबकी नागेंद्र के मरने के बाद पूरब राज्य को संभालने के लिए कोई चाहिए था जिस वजह से आरव को चुना गया , क्योंकि पूरब राज्य के लोग जानते थे नागेंद्र और आरव की दोस्ती को काफी वक्त से जिससे किसी ने कोई एतराज नहीं किया और (BD) आरव को राजा बना दिया गया पूरब राज्य का जिसे लोग आरव समझ रहे थे , लेकिन BD यही नहीं रुका क्योंकि जब ये बात उत्तर के राजा धर्मपाल और दक्षिण के राजा तेजपाल को ये बात पता चली तब वो मिलने आए BD से जिसे वो आरव समझ रहे थे , तब धर्मपाल और तेजपाल दोनों ने इस बात का विरोध किया और इस विषय में बात करने के लिए दोनों आरव (BD) के पास आए मिलने को जबकि BD जानता था कि ये दोनों राजा उसके काम में अड़ंगा बन सकते है लेकिन इस काम को भी योगिनी ने आसान बना दिया अपने काले जादू की मदद से....


योगिनी ने तेजपाल और धर्मपाल को पानी पिलाया जिसमें काला जादू किया हुआ था जिस वजह से दोनों के मन में छिपी राज्य की लालच जाग गई जिसमें दोनों ने ही सिर्फ अपने मन की करने की ठानी जिसका नतीजा ये हुआ भले राजपाल और तेजपाल अपने राज्य के सिर्फ नाम के राजा रह गए थे जबकि राज BD का चलने लगा था वहां पर , जिसमें काफी वक्त लगा

था लेकिन इस बीच कमला ने एक बच्चे को जन्म दिया तब कमला ने अपने बच्चे का नाम कमल रखा यानी कि मै....


FLASHBACK STOP


सुनंदा – हम्ममम तो कमला तुम्हारी मां है , लेकिन आरव और नागेंद्र बचपन के दोस्त है यही वजह तो नहीं हो सकती नागेंद्र को मारने के पीछे की....


कमल – जिस वक्त ये सब हुआ उस वक्त मैं और मेरी मां इन सब बातों से अंजान थे.....


FLASHBACK AGAIN


मेरे जन्म के बाद मै ज्यादा तर अपनी मां कमला के साथ रहता था , जब मै पांच से छै साल का हुआ तब योगिनी मुझे अक्सर अपने साथ योग का अभ्यास कराती थी , मेरी मां को लगता था शायद योगिनी को भी कमल की परवाह है इसीलिए उसे स्वस्थ रखने के लिए कर रही है , ये सब करते करते दो साल बीत गए , इन दो सालों में मै योग अभ्यास निपुण हो गया था , जिसके बाद योगिनी मुझे हवन कुंड में बैठा के जाने किस किस प्रकार के मंत्र पड़ती थी फिर धीरे धीरे योगिनी मुझे अपनी कुछ कलाबाजी दिखाई अपने हाथों से जादू वाली जिसमे कभी वो चीजे गायब कर देती और फिर वापस ले आती ये देख के मुझे मजा आने लगा था तब , एक दिन योगिनी ने मुझे कहा क्या मैं भी ऐसा करना चाहत हूँ , और तब मै बच्चा था मान गया उसकी बात को , तब योगिनी मुझे सिखाती थी मंत्र का जाप करना उसे कैसे सिद्ध करना है इसमें मुझे कई महीने लगे जिसके बाद मै भी योगिनी की तरह वैसा जादू करने लगा था , मेरी मां भी मुझे देख के खुश होती थी फिर योगिनी ने मुझे लड़ा कैसे जाता है ये भी सिखाया , लड़ने के सारे दाव पेच सिखाए , मै बहुत खुश था पूरे राज महल में मुझे रोकने वाला कोई नहीं था जहां मर्जी होती मै वही चला जाता था , फिर पता चला योगिनी मा बनने वाली है तब वो मुझे बोलती थी कि मेरा भाई आने वाला है उसके बाद से मुझे अपने भाई का ध्यान रखना होगा उसके साथ खेलना होगा , और मै खुश हो जाता था इन सब बातों से , धीरे धीरे वक्त गुजरा और वो दिन आ गया जब योगिनी ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया दोनों लड़के थे , मै रोज हर वक्त दोनों बच्चों के साथ वक्त बिताता उनसे खेलता बातें करता ऐसे ही वक्त गुजरता गया और तब मै बीस साल का हो गया था , योगिनी के दोनों लड़कों का नाम नकुल और विकास है दोनों ही बहुत तेज है या कहूं योगिनी ने बना दिया उन्हें ऐसा जितना उसने मुझे नहीं सिखाया शक्तियों के बारे में उससे ज्यादा नकुल और विकास जान गए थे , सब कुछ अच्छा चल रहा था फिर एक दिन मै और मेरी मां कमला बाते करते हुए अपने कमरे में जा रहे थे तभी एक कमरे में के बाहर से हमे कुछ आवाजें आने लगी उस कमरे में योगिनी और BD आपस में बाते कर रहे थे....


BD – (योगिनी से) तुमने कमल को क्यों सिखाया शक्तियों के बार में ये जानते हुए भी कि वो किसका बेटा है....


योगिनी – आप बेफिक्र रहिए महाराज मैने कमल को उतना ही सिखाया है जितने में वो खुश रहे वैसे भी आप एक बात अच्छे से जानते है मेरी शक्तियां उसके जनम के पहले से उसके अंदर आचूकी थी , फिर भी मुझे कमल पसंद आ गया इसीलिए मैने ये किया....


BD – और कही कमल को सच पता चल गया तो , तब क्या होगा सोचा है कभी....


योगिनी – (हस्ते हुए) अगर सच उसे पता होता तो बहुत पहले से ही कमला उसे बता चुकी होती , लेकिन नहीं बताएगी सच को क्योंकि कमला अच्छे से जानती है इसका अंजाम क्या होगा....


BD – और तुम्हारी शक्तियां उसका क्या क्या वो हमेश कमल के अंदर रहेगी....


योगिनी – हा महाराज....


BD – क्या कोई तरीका नहीं जिससे कमल के अंदर से तुम्हारी सारी शक्ति निकाल ली जाए....


योगिनी – नहीं महाराज ऐसा होता तो मै कब का कर चुकी होती , आपको याद होगा जब मै कमला के शरीर में थी तब अपनी शक्तियों को जागृत कर उसे अपने शरीर में समा रही थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ जिसका कारण था कमला का पेट से होना उसी वजह से मेरी सारी शक्ति कमला के शरीर में ना होके उसके बच्चे में चली गई , लेकिन तब मैने सोचा कि जब बच्चा होगा तो उसे मार दूंगी लेकिन कमल को अपने हाथ में लेके मै चाह के भी ऐसा नहीं कर पाई इसीलिए मैने उसका पालन इस तरह किया कि हमेशा हमारे साथ रहे....


BD – लेकिन अब तो हमारे भी बच्चे है तो....


योगिनी – तो क्या हुआ भले आप कमल को अपना न समझे लेकिन मै उसे अपना मानती हूँ , आप बेफिक्र रहिए ऐसा वैसा कुछ नहीं होगा....


BD – मुझे सिर्फ हमारे बच्चों की चिंता है योगिनी , मै नहीं चाहता किसी दिन कमल को तुम्हारी असली शक्तियों का पता चल जाए जिसके बाद (बोल के चुप हो गया तब) , तुम समझ रही होना मै क्या कहना चाहता हूँ....


योगिनी – कमला मेरे हाथ की कठपुतली है महाराज अगर कमल ऐसा कुछ करता है तो मैं जानती हूँ उसे कैसे काबू में रखना है , रही मेरी शक्तियों की बात तो कमल उसका इस्तेमाल तभी कर सकता है जब उसे जागृत कर सके जिसके लिए उसे गहरे ध्यान में जाना होगा तभी वो शक्ति काम करेगी , रही बात हमारे बच्चों की अगर कभी ऐसा कुछ हुआ तो दोनों मां बेटों को रस्ते से हटाने में एक पल नहीं सोचूंगी....


दोनों की बाते सुन उस वक्त मैने कुछ नहीं बोला और अपनी मां कमला के साथ कमरे में आ गया वहां आते ही....


कमल – मां ये सब क्या था क्या बोल रही थी योगिनी....


कमला – मैने तुझसे एक बात छुपाई है बेटा , तेरा असली बाप BD नहीं बल्कि पूरब राज्य का राजा नागेंद्र था जिसे BD ने मार दिया....


कमल – लेकिन क्यों मां....


जिसके बाद कमला ने बीती बात बताई जो उसे राज्य में रह के पता चली थी योगिनी से जिसे सुन के....


कमला – इसका मतलब BD आज भी तलाश कर रहा है रानी मां की....


कमला – हा वही एक है जिसका डर BD को है अगर कभी वो यहां आ गई तो जन क्या होगा इसका कोई अंदाज नहीं लगा सकता है....

कमला – अगर ऐसा है तो रानी मा क्यों नहीं आई अभी तक यहां पर....


कमला – पता नहीं बेटा , लेकिन जो भी हो दूर रह इन सबसे , योगिनी को कभी पता न चले कि हमें सब पताकुझपय चल गया है बस शांति से जीवन बिता तूभी....

उस दिन के बाद मेरा मन पहले जैसा नहीं रहा जब भी योगिनी बात करती तो ऐसा लगता मुझे जैसे अपने इशारों पे नाचा रही हो हमें और मैं मजबूर होके उसकी बात सुनता था , एक दिन मेरी मां कमला बीमार पड़ी काफी इलाज के बाद भी कोई सुधार नहीं आया उसमें , मै काफी परेशान रहा उस वक्त एक दिन मा को दर्द हो रहा था बहुत मै जल्दी से वैध को लेके आया तब वैध इलाज करने लगा मां का तब मै योगिनी के पास गया उसे बुलाने लेकिन तभी कमरे के बाहर से मुझे योगिनी और BD की बाते सुनाई दी जिसे सुन मुझे पता चला कि योगिनी जब कमला के शरीरी में थी तब अपनी शक्ति को एकत्र कर रही थी जो कि मेरे अन्दर चली गई लेकिन कमला के शरीर में उसकी एक छाप छोड़ गई थी , जिसका कमला को अंदाज़ा तक नहीं था और ना योगिनी ने ये बात बताई कमला को , काली शक्तियों का इस्तमाल न करने की वजह से कमला के शरीरी तिल तिल करके दर्द से घिरता रहता जिस बात का कमला ने कभी ध्यान नहीं दिया बस मामूली दर्द समझ के ध्यान नहीं दिया लेकिन कुछ सालों के बाद अब वो दर्द नासूर बन गया था जिसका मतलब योगिनी अच्छे से जानती थी कि कमला धीरे धीरे इस दर्द से एक दिन मर जाएगी , जब ये बात मैने सुनी उस वक्त मुझे मेरी सारी दुनिया उजड़ती हुई दिखने लगी हर बार अपनी मां को दर्द में तड़पता देखता रहा मै , और एक दिन उसी दर्द की वजह से मां (कमला) ने अपना दम तोड़ दिया....


बोल के कमल चुप हो गया तब उसकी आंखों में नमी आगई थी जिसे सुनंदा देख रही थी , तब सुनंदा ने कमल को पानी पिलाया , ये देख कमल देखने लगा सुनंदा को तब पानी पी के....


कमल – जाने कितने दिन तक मै चुप चाप बैठा रहा कौन मेरे पास आया , कौन नहीं मुझे पता नहीं चलता था फिर एक दिन कुछ सैनिक मेरे कमरे में आए थे जाने क्या कर रहे थे वो मैने ध्यान नहीं दे रहा था लेकिन तभी कुछ टूटने की आवाज आई जिससे मेरा ध्यान टूटा और जब मैने देखा मेरी मां कमला की तस्वीर जमीन में गिरी पड़ी थी जिसके कांच टूटने की वजह से मेरा ध्यान टूटा था , ये देख मुझे जाने कितनो तेज गुस्सा आया और मै जोर से चिल्लाया जिसके बाद अचानक मै बेहोश हो गया , लेकिन जब मुझे होश आया तो अपने आप को कालकोठरी में पाया ये देख मै जैसे ही उठने को हुआ तो अपने हाथों पैरों में बेड़ियां को पाया , और तभी कोई आया जिसे मैं अंधेरे में देख नहीं पा रहा था तब मशाल की रोशनी में देखा तो मेरे सामने योगिनी खड़ी थी....


कमल – मै यहां कैसे आया और ये बेड़ियां क्यों है मेरे शरीर में....


योगिनी – तुम्हे नहीं पता तुमने क्या किया है....


कमल – मैने क्या किया....


योगिनी – तुमने आज अपनी शक्ति का इस्तमाल करके पांच सैनिकों को मार डाला अभी तक उनके चीथड़े पड़े हुए है उस कमरे में....


कमल –(चौक के) मैने ऐसा कब किया मुझे याद क्यों नहीं है....


योगिनी – (कुछ देर देखती रही तब) तुम पहले बैठ जाओ कमल....


कमल – नहीं पहले आप ये बताओ आप जानती थी न मेरी मा मरने वाली है तो आपने उन्हें बचाया क्यों नहीं....


योगिनी – (हैरान होके) तुम्हे ये कैसे पता....


कमल – मैने उस दिन सब सब सुन लिया था जब मै वैध को लेके आया था और तब मै आपको बुलाने आया था आपके कमरे में लेकिन तभी मैने आपकी सारी बात सुनी....


योगिनी – (आंख में आंसू लिए) हा मै मानती हूँ ये सच है लेकिन ये पूरा सच नहीं है बेटा....


कमल – कौन बेटा कैसा बेटा मै आपका बेटा नहीं आपका दोनों बेटे तो महल में है....


योगिनी – तुझे जो बोलना है बोल ले लेकिन मैने तुझे कभी पराया नहीं समझा , जब से तू पैदा हुआ तब से कमला के साथ मैने भी तुझे पाला है अपने हाथों से , रही बात दोनों बच्चों की तो उनके होने से पहले और बाद भी मैने तुझे अलग कभी नहीं समझा , मानती हूँ मै पहले ऐसी नहीं थी किसी के लिए मेरे दिल में कोई रहम नहीं होता था लेकिन , लेकिन जब से तुम पैदा हुए तब से जैसे मै बदल सी गई सब कुछ भूल कर बस हर वक्त तुम्हारे साथ रहती और तभी से मैने ऐसा कुछ करने की कोशिश भी नहीं कर पाई , मै जानती थी कि कमला के शरीर में दर्द को और मैने कई बार उसे कहा भी कि वो ध्यान लगाए कोशिश करेगी तो सब ठीक हो जाएगा लेकिन कमला ने मेरी बात नहीं मानी उसे सिर्फ तेरे साथ अपना वक्त बिताना अच्छा लगता था....


कमल – अब क्या फर्क पड़ता है वो तो चली गायि अब क्या करूंगा मै जी के....


योगिनी – ना बेटा ऐसा क्यों सोचता है मै हूँ ना तेरे साथ.....


कमल – उससे भी क्या आज नहीं तो कल अगर मै मुसीबत बना तो आप मुझे अपने रस्ते से हटा दोगे , अब ये मत बोलना मै ऐसा क्यों बोल रहा हूँ , उस दिन मैने और मेरी मां ने सारी बाते सुनी थी आप दोनों की....


योगिनी – अरे पगले उस दिन BD को शांत करने के लिए मैने ऐसा कहा था वर्ना तू खुद सोच अगर ऐसा करना होता तो इतने साल क्यों इंतजार करती मै , कब का कर चुकी होती, देख मै कुछ नहीं सुनना चाहती हूँ अब कोई बात बस अब मेरी बात तू ध्यान से सुन , मै बात करूंगी BD से उसे मनाऊंगी बस तू सभा में कुछ मत बोलना चुप रहना , BD बहुत गुस्से में है तेरी इस हरकत की वजह से....


कमल – लेकिन मैने कुछ नहीं किया आप जानती हो न....


योगिनी – बेटा ये बात मै जानती हूँ और समझती हु लेकिन यही बात BD को समझानी है इसीलिए बोल रही हूँ तू बस चुप रहना बाकी मै संभाल लूंगी....


बोल के योगिनी चली गई अगले दिन सभा में राज्य के सभी लोग मौजूद थे उस वक्त BD सबको मेरे लिए अपना फैसला सुनाने वाला था , मै जैसे ही सभा में आया तब सभा शुरू हुई जिसके बाद काफी लोग ऐसे थे जो कि सैनिकों के घर वाले उनके परिजन थे वो सब एक ही बात बोल रहे थे BD से न्याय के लिए जिसमें वो चाहते थे जैसा उनके बच्चों के साथ हुआ वही मेरे साथ हो , सभा में मै देख रहा था योगिनी , BD के कान में कुछ बोल रही थी लेकिन BD जैसे कुछ सुनना नहीं चाहता था योगिनी की बात तब BD ने सभा में सबके सामने मुझे मौत की सजा देदी जिसके बाद मुझे काल कोठरी में बंद कर दिया गया , उसी रात योगिनी आई आते ही मुझे बोली....


योगिनी – मैने बहुत कोशिश की लेकिन BD ने सैनिकों के परिजनों की बातों के आके फैसला सुना दिया....


कमल – सही किया उन्होंने आखिर गलती मैने की तो सजा तो मिलनी चाहिए , अनजाने में मैने मारा है लोगो को वो भी तो किसी के बेटे है....


योगिनी – मै ये सब कुछ नहीं जानती , अब तू ध्यान से सुन मेरी बात , दो दिन बाद तुझे सजा दी जाएगी मौत की लेकिन उससे पहले तू यहां से भाग जाएगा....


कमल – मै भाग जाऊंगा लेकिन कैसे....


योगिनी – कल रात यहां महल में BD का जन्मोत्सव मनाया जाएगा जिसमें पूरा राज्य आएगा सभी पहरेदारों को बाहर की देख रेख के लिए रखा जाएगा बस उसी वक्त तुम यहां से भाग जाना (एक पोटली देते हुए) ये रखो तुम इसमें तुम्हारी जरूरत का सारा समान है , बस तू मौका देख के तुरंत निकल जाना यहां से....


कमल – लेकिन अगर (BD) उन्हें पता चला तो....


योगिनी – तू उन सब की चिन्ता मत कर बेटा , बस जितना मैने कहा तू वो कर और दुसरे राज्य में चले जाना , इस राज्य में नजर मत आना....


कमल – फिर मै आपसे कैसे मिलूंगा....


योगिनी – (कमल के गाल पे हाथ फेर के) पता नहीं बेटा हम दोबारा कभी मिल पाएंगे कि नहीं लेकिन तू जिंदा रहेगा यही मेरे लिए काफी है , और अगर किस्मत में हमारा मिलना हुआ तो हम जरूर मिलेगे बेटा , बस तू तैयार रहना....


बोल के योगिनी आसू बहाते निकल गईं कारागृह से , और मै मन में यही सोचता रहा कि कितनी गलत सोच थी योगिनी के लिए मेरी वो तो मुझे बचाना चाहती है , मैं अपने खयालों में खोया हुआ था तभी मेरे बगल में एक बूढ़े आदमी ने कुछ बोला....


बूढ़ा आदमी – तुम नागेन्द्र के बेटे हो....


कमल – आप कौन है....


बुड्ढा आदमी – मेरा नाम ज्ञानेंद्र है मैं इस राज्य का राजगुरु हूँ....


कमल – हा मैने सुना था लेकिन आप यहां कैसे आप तो भाग गए थे सभी के साथ....


राजगुरु ज्ञानेन्द्र – लेकिन मै वापस आगया था....


कमल – फिर आप कैद में कैसे.....


राजगुरु – (मुस्कुरा के) में सिर्फ इन्तजार कर रहा हु किसी के यहां आने का....


कमल – किसका....


राजगुरु – इस राज्य के असली राजा का....


कमल – लेकिन वो तो BD है....


राजगुरु – हा लेकिन ज्यादा वक्त के लिए नहीं रहेगा वो , लेकिन तुम तो बहुत किस्मत वाले हो जो तुम्हारी मां को तुम्हारा इतना ख्याल है तुम्हें यहां से भागने में मदद कर रही है....


कमल – लेकिन मैं कही नहीं भागने वाला यहां से....


राजगुरु – क्यों अपनी जान प्यारी नहीं है क्या तुम्हे....


कमल – इस कारागृह में उसके इलावा मुझसे मिलने कोई नहीं आता है ये सब जानते है अगर मैं यहां से भगा तो पूरा शक उनपे जाएगा , मैं नहीं चाहता उन्हे कुछ जो भले इसमें मेरी जान चली जाए , इसीलिए मैने सोच लिया भले मुझे मौत मिल जाय मैं कही नहीं भागूंगा यहां से....


राजगुरु – और अगर मैं ये कहूं कि ये तुझे फसाने की साजिश है.....


कमल – अब इसमें कैसी साजिश होगी भला मेरी मां योगिनी को क्या मिलेगा ऐसा करके....


राजगुरु – लेकिन BD को मिल जाएगा बहुत कुछ....


कमल – क्या मतलब है आपका....


राजगुरु – BD ने इस राज्य को पाने के लिए अपनी भाई को मार दिया अपने हाथों से , अपनी मां तक को भोगने को तैयार हो गया था जानते हो किसके कहने पर....


कमल – किसके....


राजगुरु – योगिनी के कहने पर....


कमल – वो ऐसा नहीं कर सकती है मानता हु पहले वो ऐसी थी लेकिन अब वो ऐसी नहीं है बदल गई है वो....


राजगुरु – सच कड़वा होता है लेकिन सच बदलता नहीं है , तुम भाग के जहां भी जाओगे तुम्हे पकड़ लेगे और फिर पूरे राज्य के सामने जलील करके मौत देदेंगे.....


कमल – अगर आपकी बात सच है तो वैसे भी मौत की सजा मुझे मिली है....


राजगुरु – साथ में एक सुनहरा मौका भी यहां से भागने का....


कमल – अब क्या करूंगा जी के मै गुरुदेव , सब मतलबी है यहां पर उसके (योगिनी) इलावा बस एक मां थी मेरी जिसके लिए सब कुछ मै था , अब वो भी नहीं गुरुदेव.....


राजगुरु – अगर मैं ये कहूं कि तुम अपनी मां से मिल सकते हो फिर से क्या तब भी तुम भागोगे नहीं यहां से.....


कमल – क्या मतलब है आपका.....


राजगुरु – तेरी मां कमला का जन्म मृत्यु लोक में होगा , तू वहां पर मिल सकता है अपनी मां से....


कमल –मृत्यु लोक ये कौन सी जगह है....


राजगुरु – उस लोक में ज्यादा तर मनुष्य का राज है वही पर हमारे राजा का जन्म होगा इसीलिए मैं सभी को लेके मृत्यु लोक ले गया था ताकि वक्त आने पर हमारे राजा उस लोक से यहां आके अपना राज वापस पाए.....


कमल – मुझे आपके इस राज काज से कोई लेना देना नहीं है , मुझे सिर्फ मेरी मां वापस मिल जाय बस....


राजगुरु – तुमभी तो डेविल राज्य के राजा के बेटे हो , क्या तुम्हारा राज्य के प्रति कोई कर्तव्य नहीं बनता....


कमल – ऐसे राज्य का क्या फायदा जब एक भाई राज्य की लालच में अपन भाई को मार दे , इससे अच्छा मै ऐसे ही सही हूं , मुझे नहीं चाहिए ऐसा राज्य , बस किसी तरह मुझे मेरी मां तक पहुंचना है लेकिन कैसे समझ नहीं आ रहा , मैं आज तक इस राज्य से भी बाहर नहीं गया , मृत्यु लोक में कहा ढूंढूंगा मां को.....


राजगुरु – (मुस्कुरा के) में मदद कर सकता हूं तुम्हारी इसमें....


कमल – अगर आप मदद करसकते है तो आप अभी तक यहां कैद में कैसे है.....


राजगुरु – (मुस्कुरा के) में राजगुरु हु डेविल लोक का मुझे कैद करना किसी के वश में नहीं , सिर्फ दिखावे के लिए मै यहां कैद होने का नाटक कर रहा हूँ , ताकि सही वक्त आने पर मैं हमारे राज्य के राजा के स्वागत के लिए तैयार रहूं....


कमल – गुरुदेव अगर आप ऐसा कर सकते है तो कृपा करके मुझे मेरी मां तक पहुंचा दे , मैं आपका ये एहसान जिंदगी भर नहीं भूलूंगा गुरुदेव.....


राजगुरु – ठीक है पुत्र तुमने मुझे दिल से गुरु कहा है , अब मैं तुम्हे बताऊंगा कहा पर मिलेगी तेरी मां तुझे , लेकिन तुझे कई साल तक प्रतीक्षा करनी पड़ेगी , तू जहां रहेगा वही मिलने खुद आएगी तेरी मां तुझसे, उसे देखते ही तू उसे पहचान जाएगा....


कमल – गुरुदेव आप भी क्यों नहीं चलते मेरे साथ क्यों इस कैद में रह रहे हो आप....


राजगुरु – क्योंकि यही मेरा काम है पुत्र अपने राज्य के लोगों की सुरक्षा करना , जब तक राजा आरव वापस नहीं आजाते तब तक मैं उनकी प्रतिक्षा करूंगा लेकिन तुम , तुम जाओगे यहां से और कोई जान नहीं पाएगा इस बारे में (अपने गले से धागा देते हुए जिसमें अंगूठी थीं) इसे अपने पास रखो ये तुम्हे यहां से मृत्यु लोक ले जाएगी उस जगह जहां तुम्हे प्रतीक्षा करनी होगी अपनी मां के वापस आने की , और एक बात पुत्र अपनी मां के मिलने के कुछ समय बाद तुम्हारी मुलाकात होगी रानी सुनंदा से....


कमल – लेकिन मैं कैसे पहचान पाऊंगा रानी मा को....


राजगुरु – (मुस्कुरा के) उसकी जरूरत नहीं पड़ेगी पुत्र , रानी सुनंदा तुम्हे खुद पहचान लेगी , ये अंगूठी उन्हें दिखा देना और बता देना अपना सच उन्हें यकीन हो जाएगा तेरे सच पर , साथ ही तेरे अन्दर जो योगिनी की शक्तियां है जिसके बारे में तू अभी नहीं जानता है , मृत्यु लोक में जाने के बाद तुम गहरे ध्यान में लीन हो जाना तुम्हें ज्ञात हो जाएगा इस शक्ति के बारे में , अगर भविष्य में तुझे कभी शरीर बदलने के बाद इस शक्तियों की जरूरत पड़े उस वक्त तुम्हें फिर से इसी गहरे ध्यान में जाना होगा तब ये शक्ति तुझमें फिर से उजागर हो जाएगी , बस इसका प्रयोग अच्छे काम के लिए करना ना की योगिनी की तरह बुरे काम के लिए....


कमल – मै याद रखूंगा गुरुदेव और वाद करता हु आपसे मैं पूरा साथ दूंगा रानी मा का....


राजगुरु – अति उत्तम पुत्र अब धारण करो इस अंगूठी को और जाओ मृत्यु लोक की तरफ....


अंगूठी को हाथ में पहनते ही मै उस काल कोठरी से गायब होके यहां आ गया पृथ्वी पर , जहां मै आया वहां जंगल के सिवा कुछ नहीं था तो मैने सिर्फ ध्यान लगाना सही समझा , काफी देर तक मै गहरे ध्यान में बैठा रहा और कुछ ही घाटों में मै योगिनी की शक्तियों के बारे में जाना उसका कैसे प्रयोग करना है सब जान के मै उसका इस्तमाल करता सिर्फ अच्छे कामों के लिए , धीरे धीरे जाने कितने साल गुजर गए अब वहां जंगल की जगह गांव बसा हुआ था , देखते ही देखते साल गुजरे और धीरे धीरे गांव से शहर बन गया और फिर वो दिन आया जब मैने अपनी मां को देखा वही नैन नक्ष , उस वक्त मन आया भाग के गले लग जाऊ मां से लेकिन नहीं कर पाया क्योंकि उन्हें तो याद भी नहीं होगा मै कौन हूँ क्योंकि उस वक्त वो वहा आई थी एक NGO में एक लड़के को गोद लेने के लिए ताकि उनकी बेटी को भाई मिल जाए , जिस लड़के को वो गोद लेने आई थी वो मेरे समाने था उसे देख मुझे लगा शायद मुझसे ज्यादा इस लड़के की किस्मत अच्छी है जिसे मेरी मां मिल रही है कुछ देर बाद मेरी मां चली गई , मै भी उनके पीछे जाने लगा था कि तभी मैने पलट के देखा वो लड़का शायद किसी काम से निकला वहां से , रोड क्रॉस कर रहा था के तभी एक गाड़ी ने जोर से टक्कर मार दी उस लड़के को , ये देख मै तुरंत भागा उस लड़के के पास उसे बचाने के लिए उसे काफी चोट आई थी बगल के अस्पताल में लेके गया वहां डॉक्टर इलाज करने लगे उसका कुछ देर बाद डॉक्टर आया मुझसे बोला....


डॉक्टर – बच्चे को बहुत चोट आई है खून काफी बह गया है , उसका मुश्किल है बच पाना लड़के का....


आगे कुछ बोलता डॉक्टर तभी NGO के कुछ लोग आ गए जिन्हें बच्चे के एक्सिडेंट के बारे में पता चला था , वो डाक्टर से बात करने में लगे थे और मै अपनी सोच में था , मुझे तो लग रहा था शायद मेरे नसीब के साथ उस लड़के का नसीब में भी नहीं है मां का प्यार के तभी मुझे डॉक्टर की एक बात सुनाई दी जिसे वो NGO वालो को बोल रहा था....


डॉक्टर – अब तो कोई चमत्कार ही बचा सकता है बच्चे को....


बात सुनते ही मुझे अपनी शक्ति की याद आई , मै गया उस बच्चे के पास जब मैने देखा तो वो बच्चा लगभग मर चुका था तभी मैने योगिनी की शक्ति जो मेरे पास थी उसका इस्तमाल किया धीरे धीरे शक्ति ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया उस बच्चे की ज़ख्म भरने लगे , कुछ ही देर में उसके कई ज़ख्म भर गए , लेकिन तब तक लड़के की सास रुक चुकी थी , तब मैने योगिनी की उस शक्ति का इस्तमाल किया जिससे वो शरीर बदल लेती थी अपना , मै जनता था मै अपनी जिंदगी के साथ बहुत बड़ा जुवां खेल रहा हूँ जिसमें लड़के के साथ मै भी मर जाता लेकिन शायद मेरी किस्मत को मेरे पर रहम आ गया जैसे ही मैने उस लड़के से अपना शरीर बदला वैसे ही मेरा शरीर , मेरा असली शरीर जमीन में गिर गया तभी मेरी आंख खुली खुद को बच्चे के शरीर में पाया , दर्द था शरीर में मेरे लेकिन उतना नहीं , मै उठ के अपने निर्जीव शरीर से राजगुरु की दी हुई अंगूठी को हाथ में पहन वापस बेड में लेट गया , कुछ देर बाद डॉक्टर और नर्स आए तो कमरे में मेरे मरे हुए शरीर को देख चौक गए जब उसे देखा तो समझ गए उसमें जान नहीं है और मुझे , जो बेड में लेता है देखा जांचा तो उनके होश उड़ गए कि जिस बच्चे की गंभीर हालत थी वो बिल्कुल ठीक ठाक बेड में सो रहा है , फिर मेरे उस मृत शरीर को लेके गए उनके लोग , कुछ देर बाद NGO के कुछ लोग आए डॉक्टर के साथ और मुझे लेके चले गए NGO में फिर कुछ दिन बाद साहिल की दादी आई मिलने मुझे उनके साथ मैने अपनी मां को देखा लेकिन वो सामने जैसा अभी आना नहीं चाहती थी लेकिन क्यों मै समझ नहीं पाया उस वक्त दादी ने मुझसे बाते की समझाया साहिल के लिए , जबकि मेरा ध्यान अपनी मां पर था मै बस हा हा किए जा रहा था , बोल के दादी बाहर निकली कमरे से मै भी धीरे से उनके पीछे गया तब मैने सुना मेरी मां बात कर रही थी साहिल की दादी से तब मुझे पता चला मेरी मां असल में साहिल की दादी की बेटी है जिसका नाम सुनीता है , साथ मैने ये सुना कि मुझे कुछ साल साहिल के साथ रहना है जिसके बाद मै हमेशा के लिए साथ रहूंगा मां के , तब मुझे साहिल के साथ रखा गया पहले तो मेरा मन नहीं लगा साहिल के साथ , फिर हॉस्टल के पास में मै और साहिल खाना खाने जा रहे थे के तभी मैने रेस्टोरेंट में सुनीता मां को देखा , वो भी हमें देख बहुत खुश हुई थी उनकी आँखें बता रही थी , जिसके बाद से मेरा मन लगने लगा धीरे धीरे मेरी और साहिल की अच्छी बनने लगी ऐसा लगता था जैसे मेरा बचपन वापस आ गया हो , हम दोनों हर रोज उसी रेस्टोरेंट में जाते , मै काफी देर तक मा से बात करता बाद मे हम खान खाते और निकल आते ये हमारा हर रोज की आदत हो गई थी , आखिरी कार दस साल बाद आज मै अपनी मां के साथ हूँ....


FLASHBACK END


सुनंदा – (मुस्कुरा के) तुमने काफी लम्बा समय इंतजार में बिताया सिर्फ अपनी मां के लिए , मैने भी कई अरसा गुजार दिया मेरे आरव के इंतजार में आज मै अपने आरव के साथ हूँ....


कमल – (हैरान होके) एक मिनट आपके बेटा आरव मतलब साहिल ही आरव है....


सुनंदा – (मुस्कुरा के) हा....


कमल – अगर ऐसा है तो ये बात साहिल को अपने बताया क्यों नहीं अभी तक....


सुनंदा – अब साहिल इस हाल में नहीं है कि सच को जान पाए....


कमल – नहीं आपको बता देना चाहिए साहिल को , आपको नहीं पता लेकिन साहिल यहां पर....


सुनंदा – अपना बदला लेने आया है , यहींना मै जानती हूँ अच्छे से जब पहली बार मैने साहिल को देखा था तभी से जानती हूँ इस बारे में....

जिसके बाद सुनंदा ने कमल को बताया उस रात के बारे में जब वो साहिल से मिली थी जब साहिल को पीठ में चाकू मारा गया था फिर क्या हुआ ये सारी बात जानने के बाद....


कमल – (मुस्कुरा के) मै भी कितना बुद्धू हु ना भूल गया आप रानी मा हो आपको नहीं पता होगा तो किसे होगा....


सुनंदा – (मुस्कुरा के) चलो तुम जाओ अब साहिल इंतजार कर रहा होगा तुम्हारा....


कमल – आप साहिल को कब बताने वाले हो सच....


सुनंदा – सही वक्त आने पर साहिल को बता दूंगी....


तभी कमरे में साहिल की आवाज आती है....


साहिल – (कमरे में आते हुए) तू यहां पर है मै कब से ढूंढ रहा था तुझे इतनी देर क्या कर रहा था तू....


सुनंदा – (बीच में) मैने इसे रोका था तुम्हार बारे में बाते बता रहा था....


साहिल – इसे भी कोई काम नहीं है (कमल से) चल अब आराम करने दे उन्हें....


कमल – हा चल भाई....


बोल के दोनों जाने लगे कमरे में आते ही....


साहिल – क्यों बे बैग लेने गया था या बनाने और मिला कहा तू , साले ठरक गई नहीं तेरी सीधा सुनंदा जी के कमरे में चला गया , मै ना आता तो चिपका रहता जोक की तरह....


कमल – (हस्ते हुए) अबे हम दोनों नॉर्मली बात कर रहे थे , अच्छा ये सब छोड़ ये बता मैने सुना गांव से आते वक्त हमला हुआ था और तुझे चोट भी लगी लेकिन तूने बताया क्यों नहीं मुझे....


साहिल – अबे मामली चोट थी वो ठीक हो गई कब की , ये सब छोड़ ये बता क्या लाया मेरे लिए....


कमल – (हस्ते हुए) बम भोसड़ा लाया हूँ मै....


बोल के साहिल और कमल हसने लगे जोर से , बैग से कॉलेज की किताबें निकाल के साहिल को देते हुए....


कमल – कॉलेज शुरू होने वाले है ना इसीलिए मैं पहले से किताबों को ले लिया....


साहिल – मतलब दिमाग में ठरक के साथ होशियारी भी भरी पड़ी है....


कमल – तुझे एक बात बतानी है.....


साहिल – हा बोल क्या बात है....


कमल – सुनीता मेरी मां है ये बात इस घर में औरतों को छोड़ के बाकी कोई नहीं जानता है....


साहिल – अच्छा तो मुझे क्यों बताया तूने....


कमल – मुझे लगा तेरा जानना जरूरी है इसीलिए , और अभी वो यही रहेगी साथ में और प्लीज़ भाई मै सब कुछ करूंगा तेरे लिए लेकिन मा से दूर होने वाली बात मत करना तू , मै दूर नहीं होना चाहता हूँ मा से....


साहिल – (मुस्कुरा के) अबे तू तो अभी से सेंटी हो रहा है दिक्कत सिर्फ उसे होगी जिसने दिक्कतें दी है बस....


कमल – ठीक है अब ये बता आगे क्या सोचा है तूने....


साहिल – आगे के लिए अब पहले हमारी ताई जी (रीना) से शुरुवात करेंगे खेल की....


कमल – अच्छा....


बोल के दोनों हंसने लगे....
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जारी रहेगा ✍️ ✍️
Sach bolu abhi bhi theek se kuch samjah nahi aya age dekhte hai
 

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"सर्वेभ्यः सर्वभावेभ्यः सर्वात्मना नमः।"
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