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Incest यह क्या हुआ

sunoanuj

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rajesh bhagat

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निशा और उसके दोस्त निर्धारित दिन और समय पर, साइंस कालेज पहुंचे, जहा सेमिनार का आयोजन किया गया था। जिसमे कुछ वैज्ञानिक अपना नवाचार पर प्रस्तुतीकरण करने जा रहे थे।

एडम नाम का एक युवक ने अपने नवाचार के बारे में अपना प्रस्तुति करण दिया। उसने एक पावर फूल बैटरीमॉडल पर प्रस्तुतीकरण दिया था। जिसकी क्षमता अधिक होने के साथ, काफी सुरक्षित था। हालाकि जिस टेकनीन का उसमे उपयोग किया गया था। उससे बैटरी की लागत, अन्य के मुकाबले अधिक आ रही थी।
कई कंपनी के अधिकारी भी सेमिनार में पहुंचे थे।
वैज्ञानिकों ने अपने अपने आइडिया पर प्रस्तुतीकरण करना शुरू किया।
जब सेमिनार खत्म हुआ।
कंपनी के अधिकारियोंको जिस वैज्ञानिक का आइडिया पसंद आया वे उससे संपर्क करने लगे।

आर्यन _निशा ,आपको कोई आइडिया पसंद आया।
निशा _मुझे एडम का आइडिया पसंद आया।
सीमा _ओ पावरफुल बैटरी वाली।
निशा _हा।
आर्यन _पर उस बैटरी को बनाने की लागत अधिक आयेगी। लोग महंगी बैटरी खरीदेंगे।
निशा,_तुम लोगो ने ध्यान नहीं दिया, बैटरी महंगी तो बनेगी पर, सुरक्षा की दृष्टि से अन्य बैटरी के मामले में सबसे बेहतर होगी।
लोग सुरक्षा को पहली प्राथमिकता देते हैं।
चलो हमे एडम से मिलना है।
तीनो एडम के पास पहुंचते है।
निशा _हेलो एडम ।
एडम _हेलो मैम।
निशा _एडम हमे तुम्हारा आइडिया बहुत पसंद आया।
एडम _थैंक यू मैम।
निशा _एडम क्या तुम हमारे साथ काम करोगे। हम आपके आइडिया पर काम करना चाहते हैं।
एडम _मैम, मेरे आइडिया पर ज्यादा लोग उत्साहित नहीं हुवे। आपका शुक्रिया जो, मुझ पर भरोसा किया। मै आपके साथ काम करने तैयार हूं।
निशा _good
इसके बाद निशा, आर्यन, सीमा और एडम ने मिलकर एक कंपनी बनाया।
कंपनी का नाम रखा गया, निशा ग्रुप्स
जिसकी डायरेक्टर थी _निशा
सीईओ _आर्यन
मार्केटिंग ऑफिसर _सीमा
और तकनीकी अधिकारी एडम को बनाया गया।

निशा ने अपनी मां सुजाता से अपनीकंपनी के लिए वित्त प्रबंधन के बात की।
सुजाता _बेटी, हमारा जो कुछ भी है सब तुम्हारा ही है। तुम कुछ नई करने जा रही हो यह जानकर मुझे बड़ी खुशी हुई। तुम अपनी कंपनी के लिए फाइनेंस की चिंता मत करो।

निशा _थैंक यू मॉम, मुझे आपसे यही अपेक्षा थी।
निशा _लो भाई, फाइनेंस की समस्या तो खत्म हो गई।
सीमा_प्रोडक्शन यूनिट लगाने के लिए, जगह ओर यहां कि प्रशासन से अनुमति।
आर्यन _प्रशासन से अनुमति के लिए मै अपने डैड से बात करूंगा। यहां के नेताओं से अच्छे बनते हैं उनके।
निशा _फूफा जी, बता रहे थे कि एक कारखाना उनका बंद पड़ा है। क्यों न हम वहा अपना यूनिट लगाए। मै फूफा जी से बात करूंगी।

इधर सुरज पुर मे, दोपहर के समय स्कूल से माधूरी मैडम ने राजेश को काल किया।
रमाधूरी _, राजेश कहां हो।
राजेश _मै घर पर ही हू मैम कुछ काम था क्या?
माधूरी _राजेश, स्कूल में हमारे विकासखंड शिक्षा अधिकारी, स्कूल निरीक्षण के लिए आए है, वो आपसे मिलना चाहते हैं।
राजेश _ठीक है मैम मै अभी पहुंचता हूं।
कुछ देर में ही राजेश स्कूल पहुंचा।
माधूरी _सर ये है राजेश।
राजेश ये हमारे विकास खंड के शिक्षा अधिकारी है।
राजेश _नमस्ते सर।
अधिकारी _नमस्ते राजेश।
माधूरी मैडम ने बताया, स्कूल का जो कायाकल्प किया है उसमे तुम्हारा हाथ है।
मै तुम्हारे काम से काफी प्रभावित huwa हू। इसलिए तुमसे मिलने की ईच्छा हुई।
राजेश _, शुक्रिया सर।
अधिकारी _इस स्कूल को मॉडल स्कूल बनाने के लिए मै, जिला शिक्षा अधिकारी को प्रस्ताव भेजूंगा। ताकि हमारे जिले के अन्य स्कूल शिक्षकों और गांव के लोगो को प्रेरणा मिल सके।
अन्य गांव के लोगो को प्रेरित करने के लिए हमारे विभाग को तुम्हारी मदद की आवश्यकता होगी।
राजेश _सर, गांव के बच्चो को बेहतर शिक्षा मिल सके उसके लिए मै जितना हो सके, करने का प्रयास करूंगा।
विकास खंड शिक्षा अधिकारी _अब तो, विकासखंड के अन्य स्कूलों के शिक्षकों को, इस स्कूल के अवलोकन करने ले लिए भेजा जाएगा। ताकि वे भी प्रेरित हो सके।
कुछ देर और रुकने के बाद,,,
अधिकारी _अच्छा अब मै चलता हूं, अब तो यहां आना जाना लगा रहेगा।
अधिकारी के जाने के बाद,,,
माधूरी _राजेश, अब तो हमारे स्कूल की चर्चा, जिला तक होने लगी है।
राजेश _यहां किए गए कार्य सफल तभी माने जायेंगे, मैम जब यहां से पढ़कर निकले बच्चे कुछ बन जायेंगे।
माधूरी _, तुम्हारे जैसे मार्गदर्शक हो तो, जरुर यहां से बच्चे निकल कर अपने लक्ष्य को प्राप्त करेंगे।
थैंक यू राजेश, आज पहली बार किसी अधिकारी के सामने अपने को गौरांवित अनुभव की। ये सब तुम्हारे कारण है।
राजेश _मैम आप है ही प्रशंसा की पात्र, आप अपनी जिमेदारी, पूरी निष्ठा पूर्वक निभा रही है, यहां अतरिक्त समय देकर, नए शिक्षकों को अध्यापन कौशल सीखा रही है। सभी शिक्षक ऐसे नही करते।
माधूरी _इसकी प्रेरणा भी मुझे आपसे ही मिली।
राजेश _अच्छा मैम, अब चलता हू, कोई समस्या हो तो, फोन कीजिएगा।
माधूरी _, ठीक है राजेश।

इधर हवेली में,, ,,
रात्रि भोज के समय,,,
ठाकुर _दिव्या बेटी तुम राजेश से बात करने वाली थी।
क्या huwa ,वह माना कि नही बॉडीगार्ड बनने के लिए।
दिव्या _नही पापा अभी उससे बात नही हो पाई है।
रत्नवती _बेटी तुम राजेश को कल हवेली ही बुला लो।
दिव्या _ठीक है मां।
रात में सोने के समय अपने बेड पर लेट कर दिव्या ने राजेश को फ़ोन किया।
दिव्या _, क्या कर रहे हो जनाब?
राजेश _, दिव्या जी, इतनी रात को, कुछ काम था क्या?
दिव्या _क्यों,नही कर सकती क्या?
राजेश _, ऐसी बात नही है, आप कभी भी फोन कर सकती हो। वो रात में पहली बार की न इसलिए,,,
कुछ काम था क्या?
दिव्या _कल हवेली आ सकते हो,मेरे ड्यूटी जाने से पहले, कुछ बाते करनी थी।
राजेश _ कुछ अर्जेंट था क्या?
दिव्या _, हा।
राजेश _ठीक है, मै 10बजे के पहले पहुंच जाऊंगा।
दिव्या _अच्छा घर में नाश्ता करके मत आना, कल का नाश्ता हम लोगो के साथ करोगे। ठीक है।
राजेश _मतलब,, आपके घर वाले बुला रहे हैंमुझे हवेली।
दिव्या _हूं ।
राजेश _, ठीक है दिव्या जी।
अगले दिन सुबह राजेश उठकर प्रशिक्षण केंद्र गया । वहा सिर्फ गांव के युवा ही नहीं अब आसपास के गांव के युवा भी, पुलिस एवम आर्मी में भर्ती हेतु प्रशिक्षण लेने के लिए आने लगे थे।

मोहन _राजेश, हमारे केंद्र में तो युवाओं की संख्या बढ़ती ही जा रही है।
राजेश _ये तो बड़ी अच्छी बात है।
मोहन _,, राजेश, फिजिकल तैयारी के साथ, इन युवाओं को रिटन टेस्ट के लिए भी तैयार करना जरूरी है।
अब उसकी तैयारी आपको ही करानी होगी। क्यों की आप तो यूनिवर्सिटी के टॉपर रहे हो।
फिजिकल के बाद एक घंटा रिटन टेस्ट की तैयारी आप करा देना।
राजेश _, अच्छा ठीक है, जैसे ही कोई विकेंसी आयेगी। लिखित परीक्षा की तैयारी शुरू करा देंगे।
तैयार huwa घर में बता दिया कि वह हवेली जा रहा है दिव्या ने उसे बुलाया है।
पदमा _बेटा तुम भुवन को भी ले जाओ, मुझे हवेली नाम सुनकर ही डर लगता है।
राजेश _, अरे ताई, तुम भी न, बेकार में ही डरती हो,,,
वो ठाकुर तुम्हारे राजेश का कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा।

भुवन _राजेश, कोई समस्या आए तो मुझे मिस काल कर देना, पूरे गांव के लोगो को ले आऊंगा, हवेली, अगर तुम्हे हाथ भी लगाया तो।
राजेश हसने लगा,,,
राजेश _, जरुर भुवन भईया,,,
राजेश हवेली के लिए निकल गया,,
पदमा _भुवन बेटा पता नहीं मेरे मन को ये क्यूं लगने लगा है। गांव वालो और हवेली के बीच कभी भी जंग छिड़ सकती है।
भुवन _, मां मुझे भी कुछ ऐसा ही लगने लगा है।

इधर राजेश हवेली पहुंचा,,,
दिव्या, राजेश का वेट कर रही थी।
राजेश _नमस्ते दिव्या जी, नमस्ते मां जी
रत्नवती _, आओ राजेश, हम आप ही का वेट कर रहे थे।
राजेश_जी कुछ काम था।
रत्नवती _, रत्नवती _आओ बेटा पहले नाश्ता कर लो फिर बात करेंगे।
रत्नावती ने नौकरानी से गीता को नाश्ता करने के लिए बुला लाने को कहा।
कुछ देर में गीता भी आ गई,
गीता _नमस्ते गीता दीदी।
गीता _नमस्ते राजेश कैसे हो?
राजेश _अच्छा हूं दीदी।
वे तीनों नाश्ता करने लगे।
दिव्या _दरअसल राजेश, यहां के एसपी साहब का फोन आया था, नक्सली मूवमेंट बड़ गया है। वे किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के फिराक में है।
एसपी साहब ने सावधान रहने के लिए कहा है।
दीदी को जिला पंचायत अध्यक्ष होने के नाते पूरे जिले के गांव में किसी दौरे या उद्घाटन कार्यक्रम में जाना पड़ता है। इस लिए हमे दीदी की सुरक्षा की चिंता हो रही है।
पिता जी ने बॉडीगार्ड के लिए बात की है। पर दो माह वह बॉडीगार्ड उपलब्ध नहीं हो पाएगा।
इसलिए मैं और मां चाहते है अगर तुम दीदी के साथ रहते तो हमारी चिंता कम हो जाएगी।
जानती हू तुम आई ए एस की तैयारी कर रहे हो, अभी मुख्य परीक्षा के रिजल्ट आने में माह तो लगेंगे।
राजेश _, आप लोगो को लगता है कि मैं दीदी की सुरक्षा कर पाऊंगा।
दिव्या _हमे तो पूरा भरोशा है , तुम्हारी ताकत तो कबड्डी के खेल में सभी ने देखा है।
राजेश _पर, नक्सली, हाथ पैर नहीं बंदूक चलाते है।
बंदूक से कैसे बचा पाऊंगा।
रत्नावती _, राजेश, मै भैरव सिंह से कह दूंगी, वह हमारे सुरक्षा कर्मियों को बंदूक चलाना सिखाते है वह तुम्हे भी सीखा देंगे।
रत्नवती ने अपने नौकर को भैरव सिंह को बुलाने भेजा।
कुछ देर बाद भैरव सिंह आया।
भैरव सिंह _रानी मां आपने मुझे बुलाया।
रत्नवती _आओ भैरव सिंह।
हम चाहते है की राजेश को तुम अस्त्र शस्त्र चलाना सिखाओ।
भैरव _जो आज्ञा रानी मां।
भैरव _ राजेश बाबू चलो चलते है।
राजेश _ठीक है भैरव काका।
गीता _मां, मै भी जाऊं, मै भी कुछ सीख पाऊं।
रत्नवती _अच्छा ठीक है, भोजन के समय आ जाना दोनो।
दिव्या _अच्छा राजेश मै ड्यूटी पर जा रही हू।
राजेश _ठीक है दिव्या जी।
गीता और राजेश भैरव सिंह के साथ चला गया।
भैरव सिंह राजेश को बंदूक, पिस्तौल चलाना सिखाने लगा।
गीता देखने लगी। बंदूक कैसे चलाते है।
दोपहर हो जाने के बाद,,,
गीता _राजेश चलो, भोजन का समय हो चुका है, अब चलो हवेली चलते है। बाकी कल सीखना।
राजेश और गीता हवेली पहुंचे, रत्नवती, राजेश और गीता तीनो ने साथ में लंच किया।
रत्नवती _क्यो राजेश कैसा रहा तुम्हारा ट्रेनिंग,?
गीता _मां, राजेश ने तो एक ही दिन मे बहुत कुछ सीख लिया।
भैरव काका कह रहा था की इतना जल्दी आज तक कोई नहीं सीखा।
रत्नवती _ये तो बड़ी अच्छी बात है।
भोजन करने के बाद ,,
राजेश _अच्छा मां जी अब मुझे इजाजत दीजिए।
रत्नवती _ठीक है राजेश, कल फिर आ जाना सुबह ही।
राजेश _ठीक है मां जी।
राजेश अपना घर चला गया।

शाम को जब पदमा खेत से घर आई।
भुवन भी आ गया।
राजेश और भुवन घर के आंगन में बैठ कर चाय पी रहे थे।
पदमा _, राजेश बेटा तुमने बताया नहीं, दिव्या ने तुम्हे हवेली क्यों बुलाया था।
भुवन _, हा राजेश क्यों बुलाया था। तुम्हे हवेली।
राजेश _वे चाहते है की मैं गीता दीदी के दौरे मे जाने पर उसके साथ रहु। उसकी सुरक्षा के लिए।
भुवन _ठाकुर तो तुम्हे अपना दुश्मन समझता है, फिर वह अपनी बेटी की सुरक्षा के लिए कैसे रख सकता है कही उसकी कोई चाल तो नहीं।
पदमा _हा बेटा, भुवन ठीक कह रहा है।
राजेश _शक तो मुझे भी हो रहा है, इसमें ठाकुर की कोई चाल न हो। पर उसका हर चाल नाकामयाब होगा। दादा जी के मौत की सच्चाई जानने के लिए उनके करीब तो जाना ही पड़ेगा।
पदमा _पर बेटा इसमें तुम्हारे जान को खतरा हो सकता है।
राजेश _खतरा तो मोल लेना ही पड़ेगा ताई। तभी सच्चाई पता चल पाएगी।

इधर हवेली में रात्रि भोज के समय,,
ठाकुर _, राजेश तैयार huwa, गीता की सुरक्षा हेतु साथ रहने।
दिव्या _हा पिता जी, गीता दीदी जब भी बाहर जायेगी। राजेश भी साथ जायेगा, उसकी सुरक्षा के लिए।
अगले दिन राजेश सुबह हवेली पहुंचा। दिव्या, गीता और रत्ना वती तीनो नाश्ता किए। दिव्या ड्यूटी पर चली गई। राजेश भैरव सिंह के पास ट्रेइंग लेने।
कुछ ही दिनों में राजेश अस्त्र शस्त्र चलाने में निपुण हो गया।
शाम के समय,
मुनीम _हुजूर एक बुरी खबर है।
ठाकुर _, कैसी बुरी खबर?
मुनीम _हमारे आदमियों से पता चला है कि यहां का नक्सली कमांडर पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद
हमारे दुश्मन लाखन सिंह को यहां का कमांडर बना कर भेजा गया है।
ठाकुर _,,, मुनीम जी ये क्या कह रहे हो?
मुनीम _जी हुजूर ये सच्ची खबर है। पुराना कमांडर को तो हम पैसे भेजते थे इसलिए हमे कभी कोई नुकसान नहीं पहुंचाया।
लेकिन लाखन तो हमारा दुश्मन है। ये हमे जरुर नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा।
ठाकुर _शाला एक दुश्मन रास्ते से हटा नहीं दूसरा आ गया। कोई बात नहीं, आई जी से बात करेंगे, उस लाखन को निपटाने के लिए।
पहले इस राजेश को निपटा लेते हैं।
अगले दिन गीता को किसी उद्घाटन कार्यक्रम में जाना था।
गीता के साथ राजेश भी उसकी सुरक्षा के लिए गया।

वह गीता के साथ साए की तरह रहता।
रत्नावती और दिव्या भी गीता की सुरक्षा की चिंता से मुक्त हो गई ।
इधर ठाकुर राजेश को रास्ते से हटाने का प्लान बनाने लगा।
एक दिन जब गीता, राजेश के साथ आ रही थीं तो ठाकुर के आदमियों नक्सली भेष में रास्ते में घात लगाए, बैठे थे। जैसे ही जीप निर्धारित स्थान पर पहुंची।
रास्ते पर बड़े बड़े पत्थर रखे हुए थे।
जीप में गीता और राजेश के अलावा दो और लॉग जीप में बैठे थे।
राजेश सावधान हो गया।
गीता _राजेश,ये पत्थर किसने रखे होंगे।
राजेश _मुझे कुछ गड़बड़ लग रहा है।
राजेश ने पीछे बैठे अपने साथियों से पत्थर हटाने के लिए कहा।
जैसे ही वे पत्थर हटाने के लिए आगे आए। झाड़ी में छिपे हुए लोग निकल आए और उन दोनो को गोली मारकर ढेर कर दिया।

राजेश ने गन निकाल लिया। दोनो हाथो से गन चलाने लगा।
वह जीप से उतरा और गीता
नक्सली करीब 15लोग थे। वे जीप को घेरने आगे बढ़े।
राजेश ने गीता जीप में नीचे झुका दिया। और खुद जीप से कूद कर पीछे छुप गया।
फिर छुप कर एक एक कर सभी लोगों को ढेर कर दिया।
जब वे हवेली पहुंचे, गीता ने ठाकुर को इस बात की जानकारी दी।
मुनीम _हुजूर, हमारा प्लान तो नाकामयाब हो गया।
ये शाला राजेश हमारे सभी साथियों को मार डाला।
ठाकुर _कब तक बचेगा शाला।
रत्ना वती _बेटी तुम्हे कोई चोट तो नही आई।
गीता _नहीं मां। मै बिल्कुल ठीक हूं।
राजेश ने उन सभी नक्सलियों को ढेर कर दिया।
इधर पुलिस वालो ने भी उन हमला वरो, को नक्सली समझा।
और अखबारों में छापा गया कि मुठभेड़ में 15नक्सली मारे गए।
इधर जब नक्सली कमांडर लाखन को पता चला की, ये नकली नक्सली थे जो मारे गए।
उसने सपने साथियों को सच क्या है?पता लगाने के लिए कहा।
रात्रि में भोजन के समय _
रत्नावती _गीता बेटी, ये नकसली अपने साथियों की मौत का बदला लेने की कोशिश करेंगे।
तुम अभी कुछ दिनों तक हवेली में ही रहो।
दिव्या _हा दीदी, मां ठीक कह रही है।
गीता _पर मां, ये नक्सली मुझे क्यों मारना चाहते है, मुझसे इनकी क्या दुश्मनी होगी।
ठाकुर _लोगों में अपनी खौफ पैदा करने के लिए, ये लोग ऐसी हरकत करते हैं बेटी। उसके कमांडर अभी पुलिस मुठभेड़ में मारा गया न इसलिए हो सकता है वे बदला लेना चाहते हो।
रत्नवती _पर पुलिस मुठभेड़ में मारा गया है तो उसका बदला मेरी बेटी से क्यों?
ठाकुर _ये नक्सली कुछ भी कर सकते हैं।
अगले दिन ठाकुर,,,
मुनीम से कहा,,,
मुनीम जी हमारा प्लान फैल नहीं huwa है?
मुनीम _वो कैसे हुजूर?
ठाकुर _पुलिस वाले समझेंगे की ये काम लाखन ने कराया, हम भी यही कहेंगे। इससे हम आई जी साहब पर दबाव बनाएंगे की लाखन को जल्दी खत्म कर दे।
दूसरा, हम राजेश को अकेले पाकर खत्म भी कर सकते हैं हम पर शक नही होगा।
क्यू की पुलिस वाले समझेंगे की राजेश ने नक्सलियों को मारा है इसलिए उसको मारकर अपने साथियों की मौत का बदला लिया है।
ठाकुर हसने लगा, ह ह ह,,,

कुछ दिन निकल गए,,,
माधूरी ने राजेश को फ़ोन किया,,
माधूरी _राजेश कहा हो?
राजेश _मै घर पर हूं मैम।
कुछ काम था क्या?
माधुरी _स्कूल आना फिर बताऊंगी।
राजेश _ठीक है मैम, मै अभी पहुंचता हूं।
राजेश कुछ देर में ही स्कूल पहुंचा।
माधूरी _आओ राजेश? बैठो।
राजेश _बोलो मैम कुछ काम था क्या?
माधूरी _राजेश, शिक्षा अधिकारी का फ़ोन आया था।
इस साल जिले में बेस्ट शिक्षक के लिए मेरे नाम चयन किया गया है। कलेक्टर महोदय के हाथो मुझे सम्मानित किया जाएगा।
राजेश _ये तो बड़ी खुशी की बात है मैम बधाई हो।
माधूरी _शिक्षा अधिकारी ने ये भी कहा है की शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर योगदान देने वाले युवा ओ को भी सम्मानित किया जाएगा, जिसके लिए तुम्हारे नाम का चयन किया गया है।
तो हमे धरमपुर जाना होगा।
राजेश _कब जाना है मैम।
माधूरी _तीन रोज बाद।
राजेश _ठीक है मैम,,,
तीन दिन बाद माधुरी ने राजेश को फ़ोन किया?
माधूरी _राजेश, तुम्हे पता है ना आज धरमपुर जाना है।
राजेश _हां मैम, मुझे याद है।
माधूरी _राजेश, मैं तुम्हारे साथ ही जाऊंगी।
वहा 12बजे तक पहुंचना है तुम 10बजे लक्ष्मण पुर में मेरे घर पहुंच जाना हम यही से निकलेंगे, साथ में।
राजेश _ठीक हैं मैम।
राजेश _10बजे के पहले लक्षमण पुर पहुंच गया।
उसने माधूरी मैडम से फ़ोन कर घर का एड्रेस पूछा।
माधूरी ने एड्रेस बताया।
राजेश माधूरी का घर पहुंचकर दरवाजा खटखटाया।
माधूरी ने दरवाजा खोला।
माधूरी _आओ राजेश मै तुम्हारा ही वेट कर रही थीं।
राजेश डाइंग रूम में जाकर बैठ गया।
माधूरी _क्या पियोगे चाय या काफी।
राजेश _रहने दीजिए न मैम हम उधर ही कही पी लेंगे।
माधूरी हसने लगी,,
माधूरी _अरे पहली बार घर आए हो, ऐसे ही कैसे चले जाने दू। मुझे अछा नहीं लगेगा।
मैं काफी बना देती हूं।
माधूरी किचन में जाकर काफी बनाने लगी।
राजेश की नजर ड्राइंग रूम के दीवार पर लगे फोटो पर गया।
माधूरी काफी लेकर आई।
माधूरी _, लो राजेश, कॉफी लो।
राजेश _मैम ये फोटो में कौन है?
माधूरी _ये मेरे पति और बेटी की फोटो है।
राजेश _,, वे दिखाई नहीं दे रहे है।
माधूरी _मेरे पति बैंक में क्लर्क है, थोड़ी देर पहले आते तो उनसे मुलाकात हो जाती। वह ड्यूटी पर चला गया।
अब घर में बेटी की देखभाल करने वाला कोई नहीं इसलिए उसे आवासीय विद्यालय में भर्ती करादिए हैं ।
राजेश_ओह।
माधूरी_अच्छा राजेश तुम थोड़ी देर रुको, मै तैयार होकर आती हूं फिर निकलेंगे ।
राजेश,_ठीक है मैम।,,,,















 

Ek number

Well-Known Member
9,917
21,624
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निशा और उसके दोस्त निर्धारित दिन और समय पर, साइंस कालेज पहुंचे, जहा सेमिनार का आयोजन किया गया था। जिसमे कुछ वैज्ञानिक अपना नवाचार पर प्रस्तुतीकरण करने जा रहे थे।

एडम नाम का एक युवक ने अपने नवाचार के बारे में अपना प्रस्तुति करण दिया। उसने एक पावर फूल बैटरीमॉडल पर प्रस्तुतीकरण दिया था। जिसकी क्षमता अधिक होने के साथ, काफी सुरक्षित था। हालाकि जिस टेकनीन का उसमे उपयोग किया गया था। उससे बैटरी की लागत, अन्य के मुकाबले अधिक आ रही थी।
कई कंपनी के अधिकारी भी सेमिनार में पहुंचे थे।
वैज्ञानिकों ने अपने अपने आइडिया पर प्रस्तुतीकरण करना शुरू किया।
जब सेमिनार खत्म हुआ।
कंपनी के अधिकारियोंको जिस वैज्ञानिक का आइडिया पसंद आया वे उससे संपर्क करने लगे।

आर्यन _निशा ,आपको कोई आइडिया पसंद आया।
निशा _मुझे एडम का आइडिया पसंद आया।
सीमा _ओ पावरफुल बैटरी वाली।
निशा _हा।
आर्यन _पर उस बैटरी को बनाने की लागत अधिक आयेगी। लोग महंगी बैटरी खरीदेंगे।
निशा,_तुम लोगो ने ध्यान नहीं दिया, बैटरी महंगी तो बनेगी पर, सुरक्षा की दृष्टि से अन्य बैटरी के मामले में सबसे बेहतर होगी।
लोग सुरक्षा को पहली प्राथमिकता देते हैं।
चलो हमे एडम से मिलना है।
तीनो एडम के पास पहुंचते है।
निशा _हेलो एडम ।
एडम _हेलो मैम।
निशा _एडम हमे तुम्हारा आइडिया बहुत पसंद आया।
एडम _थैंक यू मैम।
निशा _एडम क्या तुम हमारे साथ काम करोगे। हम आपके आइडिया पर काम करना चाहते हैं।
एडम _मैम, मेरे आइडिया पर ज्यादा लोग उत्साहित नहीं हुवे। आपका शुक्रिया जो, मुझ पर भरोसा किया। मै आपके साथ काम करने तैयार हूं।
निशा _good
इसके बाद निशा, आर्यन, सीमा और एडम ने मिलकर एक कंपनी बनाया।
कंपनी का नाम रखा गया, निशा ग्रुप्स
जिसकी डायरेक्टर थी _निशा
सीईओ _आर्यन
मार्केटिंग ऑफिसर _सीमा
और तकनीकी अधिकारी एडम को बनाया गया।

निशा ने अपनी मां सुजाता से अपनीकंपनी के लिए वित्त प्रबंधन के बात की।
सुजाता _बेटी, हमारा जो कुछ भी है सब तुम्हारा ही है। तुम कुछ नई करने जा रही हो यह जानकर मुझे बड़ी खुशी हुई। तुम अपनी कंपनी के लिए फाइनेंस की चिंता मत करो।

निशा _थैंक यू मॉम, मुझे आपसे यही अपेक्षा थी।
निशा _लो भाई, फाइनेंस की समस्या तो खत्म हो गई।
सीमा_प्रोडक्शन यूनिट लगाने के लिए, जगह ओर यहां कि प्रशासन से अनुमति।
आर्यन _प्रशासन से अनुमति के लिए मै अपने डैड से बात करूंगा। यहां के नेताओं से अच्छे बनते हैं उनके।
निशा _फूफा जी, बता रहे थे कि एक कारखाना उनका बंद पड़ा है। क्यों न हम वहा अपना यूनिट लगाए। मै फूफा जी से बात करूंगी।

इधर सुरज पुर मे, दोपहर के समय स्कूल से माधूरी मैडम ने राजेश को काल किया।
रमाधूरी _, राजेश कहां हो।
राजेश _मै घर पर ही हू मैम कुछ काम था क्या?
माधूरी _राजेश, स्कूल में हमारे विकासखंड शिक्षा अधिकारी, स्कूल निरीक्षण के लिए आए है, वो आपसे मिलना चाहते हैं।
राजेश _ठीक है मैम मै अभी पहुंचता हूं।
कुछ देर में ही राजेश स्कूल पहुंचा।
माधूरी _सर ये है राजेश।
राजेश ये हमारे विकास खंड के शिक्षा अधिकारी है।
राजेश _नमस्ते सर।
अधिकारी _नमस्ते राजेश।
माधूरी मैडम ने बताया, स्कूल का जो कायाकल्प किया है उसमे तुम्हारा हाथ है।
मै तुम्हारे काम से काफी प्रभावित huwa हू। इसलिए तुमसे मिलने की ईच्छा हुई।
राजेश _, शुक्रिया सर।
अधिकारी _इस स्कूल को मॉडल स्कूल बनाने के लिए मै, जिला शिक्षा अधिकारी को प्रस्ताव भेजूंगा। ताकि हमारे जिले के अन्य स्कूल शिक्षकों और गांव के लोगो को प्रेरणा मिल सके।
अन्य गांव के लोगो को प्रेरित करने के लिए हमारे विभाग को तुम्हारी मदद की आवश्यकता होगी।
राजेश _सर, गांव के बच्चो को बेहतर शिक्षा मिल सके उसके लिए मै जितना हो सके, करने का प्रयास करूंगा।
विकास खंड शिक्षा अधिकारी _अब तो, विकासखंड के अन्य स्कूलों के शिक्षकों को, इस स्कूल के अवलोकन करने ले लिए भेजा जाएगा। ताकि वे भी प्रेरित हो सके।
कुछ देर और रुकने के बाद,,,
अधिकारी _अच्छा अब मै चलता हूं, अब तो यहां आना जाना लगा रहेगा।
अधिकारी के जाने के बाद,,,
माधूरी _राजेश, अब तो हमारे स्कूल की चर्चा, जिला तक होने लगी है।
राजेश _यहां किए गए कार्य सफल तभी माने जायेंगे, मैम जब यहां से पढ़कर निकले बच्चे कुछ बन जायेंगे।
माधूरी _, तुम्हारे जैसे मार्गदर्शक हो तो, जरुर यहां से बच्चे निकल कर अपने लक्ष्य को प्राप्त करेंगे।
थैंक यू राजेश, आज पहली बार किसी अधिकारी के सामने अपने को गौरांवित अनुभव की। ये सब तुम्हारे कारण है।
राजेश _मैम आप है ही प्रशंसा की पात्र, आप अपनी जिमेदारी, पूरी निष्ठा पूर्वक निभा रही है, यहां अतरिक्त समय देकर, नए शिक्षकों को अध्यापन कौशल सीखा रही है। सभी शिक्षक ऐसे नही करते।
माधूरी _इसकी प्रेरणा भी मुझे आपसे ही मिली।
राजेश _अच्छा मैम, अब चलता हू, कोई समस्या हो तो, फोन कीजिएगा।
माधूरी _, ठीक है राजेश।

इधर हवेली में,, ,,
रात्रि भोज के समय,,,
ठाकुर _दिव्या बेटी तुम राजेश से बात करने वाली थी।
क्या huwa ,वह माना कि नही बॉडीगार्ड बनने के लिए।
दिव्या _नही पापा अभी उससे बात नही हो पाई है।
रत्नवती _बेटी तुम राजेश को कल हवेली ही बुला लो।
दिव्या _ठीक है मां।
रात में सोने के समय अपने बेड पर लेट कर दिव्या ने राजेश को फ़ोन किया।
दिव्या _, क्या कर रहे हो जनाब?
राजेश _, दिव्या जी, इतनी रात को, कुछ काम था क्या?
दिव्या _क्यों,नही कर सकती क्या?
राजेश _, ऐसी बात नही है, आप कभी भी फोन कर सकती हो। वो रात में पहली बार की न इसलिए,,,
कुछ काम था क्या?
दिव्या _कल हवेली आ सकते हो,मेरे ड्यूटी जाने से पहले, कुछ बाते करनी थी।
राजेश _ कुछ अर्जेंट था क्या?
दिव्या _, हा।
राजेश _ठीक है, मै 10बजे के पहले पहुंच जाऊंगा।
दिव्या _अच्छा घर में नाश्ता करके मत आना, कल का नाश्ता हम लोगो के साथ करोगे। ठीक है।
राजेश _मतलब,, आपके घर वाले बुला रहे हैंमुझे हवेली।
दिव्या _हूं ।
राजेश _, ठीक है दिव्या जी।
अगले दिन सुबह राजेश उठकर प्रशिक्षण केंद्र गया । वहा सिर्फ गांव के युवा ही नहीं अब आसपास के गांव के युवा भी, पुलिस एवम आर्मी में भर्ती हेतु प्रशिक्षण लेने के लिए आने लगे थे।

मोहन _राजेश, हमारे केंद्र में तो युवाओं की संख्या बढ़ती ही जा रही है।
राजेश _ये तो बड़ी अच्छी बात है।
मोहन _,, राजेश, फिजिकल तैयारी के साथ, इन युवाओं को रिटन टेस्ट के लिए भी तैयार करना जरूरी है।
अब उसकी तैयारी आपको ही करानी होगी। क्यों की आप तो यूनिवर्सिटी के टॉपर रहे हो।
फिजिकल के बाद एक घंटा रिटन टेस्ट की तैयारी आप करा देना।
राजेश _, अच्छा ठीक है, जैसे ही कोई विकेंसी आयेगी। लिखित परीक्षा की तैयारी शुरू करा देंगे।
तैयार huwa घर में बता दिया कि वह हवेली जा रहा है दिव्या ने उसे बुलाया है।
पदमा _बेटा तुम भुवन को भी ले जाओ, मुझे हवेली नाम सुनकर ही डर लगता है।
राजेश _, अरे ताई, तुम भी न, बेकार में ही डरती हो,,,
वो ठाकुर तुम्हारे राजेश का कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा।

भुवन _राजेश, कोई समस्या आए तो मुझे मिस काल कर देना, पूरे गांव के लोगो को ले आऊंगा, हवेली, अगर तुम्हे हाथ भी लगाया तो।
राजेश हसने लगा,,,
राजेश _, जरुर भुवन भईया,,,
राजेश हवेली के लिए निकल गया,,
पदमा _भुवन बेटा पता नहीं मेरे मन को ये क्यूं लगने लगा है। गांव वालो और हवेली के बीच कभी भी जंग छिड़ सकती है।
भुवन _, मां मुझे भी कुछ ऐसा ही लगने लगा है।

इधर राजेश हवेली पहुंचा,,,
दिव्या, राजेश का वेट कर रही थी।
राजेश _नमस्ते दिव्या जी, नमस्ते मां जी
रत्नवती _, आओ राजेश, हम आप ही का वेट कर रहे थे।
राजेश_जी कुछ काम था।
रत्नवती _, रत्नवती _आओ बेटा पहले नाश्ता कर लो फिर बात करेंगे।
रत्नावती ने नौकरानी से गीता को नाश्ता करने के लिए बुला लाने को कहा।
कुछ देर में गीता भी आ गई,
गीता _नमस्ते गीता दीदी।
गीता _नमस्ते राजेश कैसे हो?
राजेश _अच्छा हूं दीदी।
वे तीनों नाश्ता करने लगे।
दिव्या _दरअसल राजेश, यहां के एसपी साहब का फोन आया था, नक्सली मूवमेंट बड़ गया है। वे किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के फिराक में है।
एसपी साहब ने सावधान रहने के लिए कहा है।
दीदी को जिला पंचायत अध्यक्ष होने के नाते पूरे जिले के गांव में किसी दौरे या उद्घाटन कार्यक्रम में जाना पड़ता है। इस लिए हमे दीदी की सुरक्षा की चिंता हो रही है।
पिता जी ने बॉडीगार्ड के लिए बात की है। पर दो माह वह बॉडीगार्ड उपलब्ध नहीं हो पाएगा।
इसलिए मैं और मां चाहते है अगर तुम दीदी के साथ रहते तो हमारी चिंता कम हो जाएगी।
जानती हू तुम आई ए एस की तैयारी कर रहे हो, अभी मुख्य परीक्षा के रिजल्ट आने में माह तो लगेंगे।
राजेश _, आप लोगो को लगता है कि मैं दीदी की सुरक्षा कर पाऊंगा।
दिव्या _हमे तो पूरा भरोशा है , तुम्हारी ताकत तो कबड्डी के खेल में सभी ने देखा है।
राजेश _पर, नक्सली, हाथ पैर नहीं बंदूक चलाते है।
बंदूक से कैसे बचा पाऊंगा।
रत्नावती _, राजेश, मै भैरव सिंह से कह दूंगी, वह हमारे सुरक्षा कर्मियों को बंदूक चलाना सिखाते है वह तुम्हे भी सीखा देंगे।
रत्नवती ने अपने नौकर को भैरव सिंह को बुलाने भेजा।
कुछ देर बाद भैरव सिंह आया।
भैरव सिंह _रानी मां आपने मुझे बुलाया।
रत्नवती _आओ भैरव सिंह।
हम चाहते है की राजेश को तुम अस्त्र शस्त्र चलाना सिखाओ।
भैरव _जो आज्ञा रानी मां।
भैरव _ राजेश बाबू चलो चलते है।
राजेश _ठीक है भैरव काका।
गीता _मां, मै भी जाऊं, मै भी कुछ सीख पाऊं।
रत्नवती _अच्छा ठीक है, भोजन के समय आ जाना दोनो।
दिव्या _अच्छा राजेश मै ड्यूटी पर जा रही हू।
राजेश _ठीक है दिव्या जी।
गीता और राजेश भैरव सिंह के साथ चला गया।
भैरव सिंह राजेश को बंदूक, पिस्तौल चलाना सिखाने लगा।
गीता देखने लगी। बंदूक कैसे चलाते है।
दोपहर हो जाने के बाद,,,
गीता _राजेश चलो, भोजन का समय हो चुका है, अब चलो हवेली चलते है। बाकी कल सीखना।
राजेश और गीता हवेली पहुंचे, रत्नवती, राजेश और गीता तीनो ने साथ में लंच किया।
रत्नवती _क्यो राजेश कैसा रहा तुम्हारा ट्रेनिंग,?
गीता _मां, राजेश ने तो एक ही दिन मे बहुत कुछ सीख लिया।
भैरव काका कह रहा था की इतना जल्दी आज तक कोई नहीं सीखा।
रत्नवती _ये तो बड़ी अच्छी बात है।
भोजन करने के बाद ,,
राजेश _अच्छा मां जी अब मुझे इजाजत दीजिए।
रत्नवती _ठीक है राजेश, कल फिर आ जाना सुबह ही।
राजेश _ठीक है मां जी।
राजेश अपना घर चला गया।

शाम को जब पदमा खेत से घर आई।
भुवन भी आ गया।
राजेश और भुवन घर के आंगन में बैठ कर चाय पी रहे थे।
पदमा _, राजेश बेटा तुमने बताया नहीं, दिव्या ने तुम्हे हवेली क्यों बुलाया था।
भुवन _, हा राजेश क्यों बुलाया था। तुम्हे हवेली।
राजेश _वे चाहते है की मैं गीता दीदी के दौरे मे जाने पर उसके साथ रहु। उसकी सुरक्षा के लिए।
भुवन _ठाकुर तो तुम्हे अपना दुश्मन समझता है, फिर वह अपनी बेटी की सुरक्षा के लिए कैसे रख सकता है कही उसकी कोई चाल तो नहीं।
पदमा _हा बेटा, भुवन ठीक कह रहा है।
राजेश _शक तो मुझे भी हो रहा है, इसमें ठाकुर की कोई चाल न हो। पर उसका हर चाल नाकामयाब होगा। दादा जी के मौत की सच्चाई जानने के लिए उनके करीब तो जाना ही पड़ेगा।
पदमा _पर बेटा इसमें तुम्हारे जान को खतरा हो सकता है।
राजेश _खतरा तो मोल लेना ही पड़ेगा ताई। तभी सच्चाई पता चल पाएगी।

इधर हवेली में रात्रि भोज के समय,,
ठाकुर _, राजेश तैयार huwa, गीता की सुरक्षा हेतु साथ रहने।
दिव्या _हा पिता जी, गीता दीदी जब भी बाहर जायेगी। राजेश भी साथ जायेगा, उसकी सुरक्षा के लिए।
अगले दिन राजेश सुबह हवेली पहुंचा। दिव्या, गीता और रत्ना वती तीनो नाश्ता किए। दिव्या ड्यूटी पर चली गई। राजेश भैरव सिंह के पास ट्रेइंग लेने।
कुछ ही दिनों में राजेश अस्त्र शस्त्र चलाने में निपुण हो गया।
शाम के समय,
मुनीम _हुजूर एक बुरी खबर है।
ठाकुर _, कैसी बुरी खबर?
मुनीम _हमारे आदमियों से पता चला है कि यहां का नक्सली कमांडर पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद
हमारे दुश्मन लाखन सिंह को यहां का कमांडर बना कर भेजा गया है।
ठाकुर _,,, मुनीम जी ये क्या कह रहे हो?
मुनीम _जी हुजूर ये सच्ची खबर है। पुराना कमांडर को तो हम पैसे भेजते थे इसलिए हमे कभी कोई नुकसान नहीं पहुंचाया।
लेकिन लाखन तो हमारा दुश्मन है। ये हमे जरुर नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा।
ठाकुर _शाला एक दुश्मन रास्ते से हटा नहीं दूसरा आ गया। कोई बात नहीं, आई जी से बात करेंगे, उस लाखन को निपटाने के लिए।
पहले इस राजेश को निपटा लेते हैं।
अगले दिन गीता को किसी उद्घाटन कार्यक्रम में जाना था।
गीता के साथ राजेश भी उसकी सुरक्षा के लिए गया।

वह गीता के साथ साए की तरह रहता।
रत्नावती और दिव्या भी गीता की सुरक्षा की चिंता से मुक्त हो गई ।
इधर ठाकुर राजेश को रास्ते से हटाने का प्लान बनाने लगा।
एक दिन जब गीता, राजेश के साथ आ रही थीं तो ठाकुर के आदमियों नक्सली भेष में रास्ते में घात लगाए, बैठे थे। जैसे ही जीप निर्धारित स्थान पर पहुंची।
रास्ते पर बड़े बड़े पत्थर रखे हुए थे।
जीप में गीता और राजेश के अलावा दो और लॉग जीप में बैठे थे।
राजेश सावधान हो गया।
गीता _राजेश,ये पत्थर किसने रखे होंगे।
राजेश _मुझे कुछ गड़बड़ लग रहा है।
राजेश ने पीछे बैठे अपने साथियों से पत्थर हटाने के लिए कहा।
जैसे ही वे पत्थर हटाने के लिए आगे आए। झाड़ी में छिपे हुए लोग निकल आए और उन दोनो को गोली मारकर ढेर कर दिया।

राजेश ने गन निकाल लिया। दोनो हाथो से गन चलाने लगा।
वह जीप से उतरा और गीता

नक्सली करीब 15लोग थे। वे जीप को घेरने आगे बढ़े।
राजेश ने गीता जीप में नीचे झुका दिया। और खुद जीप से कूद कर पीछे छुप गया।
फिर छुप कर एक एक कर सभी लोगों को ढेर कर दिया।
जब वे हवेली पहुंचे, गीता ने ठाकुर को इस बात की जानकारी दी।
मुनीम _हुजूर, हमारा प्लान तो नाकामयाब हो गया।
ये शाला राजेश हमारे सभी साथियों को मार डाला।
ठाकुर _कब तक बचेगा शाला।
रत्ना वती _बेटी तुम्हे कोई चोट तो नही आई।
गीता _नहीं मां। मै बिल्कुल ठीक हूं।
राजेश ने उन सभी नक्सलियों को ढेर कर दिया।
इधर पुलिस वालो ने भी उन हमला वरो, को नक्सली समझा।
और अखबारों में छापा गया कि मुठभेड़ में 15नक्सली मारे गए।
इधर जब नक्सली कमांडर लाखन को पता चला की, ये नकली नक्सली थे जो मारे गए।
उसने सपने साथियों को सच क्या है?पता लगाने के लिए कहा।
रात्रि में भोजन के समय _
रत्नावती _गीता बेटी, ये नकसली अपने साथियों की मौत का बदला लेने की कोशिश करेंगे।
तुम अभी कुछ दिनों तक हवेली में ही रहो।
दिव्या _हा दीदी, मां ठीक कह रही है।
गीता _पर मां, ये नक्सली मुझे क्यों मारना चाहते है, मुझसे इनकी क्या दुश्मनी होगी।
ठाकुर _लोगों में अपनी खौफ पैदा करने के लिए, ये लोग ऐसी हरकत करते हैं बेटी। उसके कमांडर अभी पुलिस मुठभेड़ में मारा गया न इसलिए हो सकता है वे बदला लेना चाहते हो।
रत्नवती _पर पुलिस मुठभेड़ में मारा गया है तो उसका बदला मेरी बेटी से क्यों?
ठाकुर _ये नक्सली कुछ भी कर सकते हैं।
अगले दिन ठाकुर,,,
मुनीम से कहा,,,
मुनीम जी हमारा प्लान फैल नहीं huwa है?
मुनीम _वो कैसे हुजूर?
ठाकुर _पुलिस वाले समझेंगे की ये काम लाखन ने कराया, हम भी यही कहेंगे। इससे हम आई जी साहब पर दबाव बनाएंगे की लाखन को जल्दी खत्म कर दे।
दूसरा, हम राजेश को अकेले पाकर खत्म भी कर सकते हैं हम पर शक नही होगा।
क्यू की पुलिस वाले समझेंगे की राजेश ने नक्सलियों को मारा है इसलिए उसको मारकर अपने साथियों की मौत का बदला लिया है।
ठाकुर हसने लगा, ह ह ह,,,

कुछ दिन निकल गए,,,
माधूरी ने राजेश को फ़ोन किया,,
माधूरी _राजेश कहा हो?
राजेश _मै घर पर हूं मैम।
कुछ काम था क्या?
माधुरी _स्कूल आना फिर बताऊंगी।
राजेश _ठीक है मैम, मै अभी पहुंचता हूं।
राजेश कुछ देर में ही स्कूल पहुंचा।
माधूरी _आओ राजेश? बैठो।
राजेश _बोलो मैम कुछ काम था क्या?
माधूरी _राजेश, शिक्षा अधिकारी का फ़ोन आया था।
इस साल जिले में बेस्ट शिक्षक के लिए मेरे नाम चयन किया गया है। कलेक्टर महोदय के हाथो मुझे सम्मानित किया जाएगा।
राजेश _ये तो बड़ी खुशी की बात है मैम बधाई हो।
माधूरी _शिक्षा अधिकारी ने ये भी कहा है की शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर योगदान देने वाले युवा ओ को भी सम्मानित किया जाएगा, जिसके लिए तुम्हारे नाम का चयन किया गया है।
तो हमे धरमपुर जाना होगा।
राजेश _कब जाना है मैम।
माधूरी _तीन रोज बाद।
राजेश _ठीक है मैम,,,
तीन दिन बाद माधुरी ने राजेश को फ़ोन किया?
माधूरी _राजेश, तुम्हे पता है ना आज धरमपुर जाना है।
राजेश _हां मैम, मुझे याद है।
माधूरी _राजेश, मैं तुम्हारे साथ ही जाऊंगी।
वहा 12बजे तक पहुंचना है तुम 10बजे लक्ष्मण पुर में मेरे घर पहुंच जाना हम यही से निकलेंगे, साथ में।
राजेश _ठीक हैं मैम।
राजेश _10बजे के पहले लक्षमण पुर पहुंच गया।
उसने माधूरी मैडम से फ़ोन कर घर का एड्रेस पूछा।
माधूरी ने एड्रेस बताया।
राजेश माधूरी का घर पहुंचकर दरवाजा खटखटाया।
माधूरी ने दरवाजा खोला।
माधूरी _आओ राजेश मै तुम्हारा ही वेट कर रही थीं।
राजेश डाइंग रूम में जाकर बैठ गया।
माधूरी _क्या पियोगे चाय या काफी।
राजेश _रहने दीजिए न मैम हम उधर ही कही पी लेंगे।
माधूरी हसने लगी,,
माधूरी _अरे पहली बार घर आए हो, ऐसे ही कैसे चले जाने दू। मुझे अछा नहीं लगेगा।
मैं काफी बना देती हूं।
माधूरी किचन में जाकर काफी बनाने लगी।
राजेश की नजर ड्राइंग रूम के दीवार पर लगे फोटो पर गया।
माधूरी काफी लेकर आई।
माधूरी _, लो राजेश, कॉफी लो।
राजेश _मैम ये फोटो में कौन है?
माधूरी _ये मेरे पति और बेटी की फोटो है।
राजेश _,, वे दिखाई नहीं दे रहे है।
माधूरी _मेरे पति बैंक में क्लर्क है, थोड़ी देर पहले आते तो उनसे मुलाकात हो जाती। वह ड्यूटी पर चला गया।
अब घर में बेटी की देखभाल करने वाला कोई नहीं इसलिए उसे आवासीय विद्यालय में भर्ती करादिए हैं ।
राजेश_ओह।
माधूरी_अच्छा राजेश तुम थोड़ी देर रुको, मै तैयार होकर आती हूं फिर निकलेंगे ।
राजेश,_ठीक है मैम।,,,,
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