• If you are trying to reset your account password then don't forget to check spam folder in your mailbox. Also Mark it as "not spam" or you won't be able to click on the link.

Erotica मनमोहक गंदी कहानियाँ

Rahul

Kingkong
60,514
70,692
354
badhiya update bhaiya ji
 

RoccoSam

Well-Known Member
8,852
39,167
219

RoccoSam

Well-Known Member
8,852
39,167
219

RoccoSam

Well-Known Member
8,852
39,167
219
दो मिनट के बाद जब मनीष का शरीर ढीला पड़ गया तो उसके मुँह से पायल दीदी का निप्पल अपने आप फिसल कर बाहर निकल आया. मनीष ने ऊपर बढ़ कर अपनी बड़ी बहन के गाल को चुमा और अपनी कमर धीरे धीरे हिलाने लगा.

" हे भगवान... फिर से ??? ". मनीष कि ना मिटने वाली प्यास देख कर पायल कि हँसी छूट पड़ी.

जी हाँ... फिर से... ये सच था ! दो दो बार वीर्यपात होने कि वजह से मनीष थोड़ा सा निस्तेज तो पड़ गया था पर उसके लण्ड का तनाव अभी भी नहीं कमा था. लण्ड थोड़ा ढीला ज़रूर पड़ गया था पर लण्ड कि नसो में जमा खून वापस नहीं गया था जिसके कारण लण्ड अभी भी खड़े का खड़ा ही था.

इधर ना चाहते हुए भी पायल कि चूत से भी थोड़ा बहुत पानी निकल गया था. उसकी चूत अब खुद के पानी और छोटे भाई के वीर्य से भरी पड़ी थी. मनीष के कमर हिलाने कि वजह से उसके लण्ड ने ठेल ठेल कर ज़्यादातर माल दीदी के गर्भाशय में पंहुचा दिया था... बाकि का बचा खुचा वीर्य लण्ड का दबाव पड़ते ही चूत से बाहर रिस रिस कर बहने लगा.

मनीष अभी अपना लौड़ा चूत में अंदर बाहर कर ही रहा था कि पायल ने कहा. " चल पलट अब... मेरी गांड़ दुख रही है ! ". एक ही पोज़ में पड़े पड़े पायल कि पीठ और चूतड़ में दर्द होने लगा था. उसके कहने पर मनीष ने करवट बदली तो अब वो अपनी पीठ के बल लेट गया और पायल दीदी उसके ऊपर आ गई. इस वजह से पहली बार मनीष को पायल कि गांड़ का मुआयना करने का मौका मिला... उसने अपने दोनों हाथों से दीदी के चूतड़ पकड़े तो उसे एहसास हुआ कि उसकी बड़ी बहन कितने बड़े चूतड़ कि मालकिन थी !

" वाह दीदी... आपकी गांड़ तो अच्छी खासी बड़ी है... सलवार और जींस में पता ही नहीं चलता ! ".

" हम्म्म्म... ". पायल ने धीरे से कहा और उसके ऊपर झुक कर उसके लण्ड पर बैठी अपनी गांड़ ऊपर नीचे करके उसे चोदने लगी.

तीन चार Shots में ही पायल ने महसूस किया कि मनीष के लण्ड का आकार उसकी बूर में बड़ा होने लगा था. पायल अपने छोटे भाई के नंगे बदन पर चढ़ी उसे पेलती रही. उसके मम्मे मनीष के चेहरे के ऊपर लटक कर आगे पीछे ऊपर नीचे हो रहें थें. मनीष ने उसके मम्मे अपने मुँह में लेने चाहें पर पायल इतने ज़ोर ज़ोर से उसके ऊपर उछल रही थी वो ऐसा कर नहीं पाया. आखिरकार काफी प्रयास के बाद उसने लपक कर दीदी कि एक चूची अपने मुँह में भर ली और चूसने लगा..........

15 मिनट तक पायल अपने छोटे भाई को चोदती रही... उसका लण्ड अब पहले से भी ज़्यादा सख्त हो चुका था... झड़ने का कोई आसार नज़र नहीं आ रहा था ! इधर मनीष के लण्ड कि नसें फूलने लगी थी और उसे लग रहा था कि अब उसे हार्ट अटेेक आ जायेगा.

" दीदी.... आआह्ह्ह्ह... बस करो दीदी... और नहीं... मेरा माल नहीं गिर रहा दीदी... आआह्ह्ह्हह दीदी !!! ". मनीष ने दीदी कि चूची मुँह से निकाल कर कहा और फिर वापस मुँह में लेकर चूसने लगा.

पायल समझ गई कि मनीष का वीर्य निकलने में अब काफी कठिनाई होने वाली थी ... अब उसे ही कुछ करना होगा. उसने अपना हाथ अपनी गांड़ के पीछे से नीचे मनीष कि टांगों के बीच घुसेड़ कर उसके अंड़कोष पकड़ लिये और धीरे धीरे सहलाने लगी.

" ममममममम... ". मनीष कि आँखे उलटने लगी. वो कुछ बोल रहा था पर पायल का निप्पल मुँह में होने के कारण उसके शब्द स्पष्ट नहीं निकल रहें थें.

पायल कि ये तरकीब काम आई और मनीष का शरीर टाईट होने लगा. उसके लण्ड पर अपनी गांड़ पटकते हुए पायल ने अचानक उसके अंड़कोष अपनी मुठठी में भीच कर ज़ोर से दबा दिये.

" दीदी... ". मनीष के मुँह से दीदी कि चूची छिटक कर बाहर निकल आई और उसका सिर तकिये से नीचे खिसक पड़ा... उसका सारा जिस्म अकड़ गया और इसी के साथ उसके लण्ड ने फलफला कर अपनी दीदी कि चूत में वीर्य कि उल्टी कर दी !!!

इस बार पायल नहीं चाहती थी कि मनीष उसकी चूत में झड़े क्यूंकि उसका बहुत ज़्यादा माल गिरता था... सो उसके वीर्य कि पहली धार चूत में छूटते ही पायल उसके ऊपर से उठ गई और उसके बगल में लेट गई. मनीष का खड़ा झड़ता हुआ लण्ड उसकी चूत से छिटक कर बाहर आते ही उसके अपने पेट पर बाकि का माल फेंकने लगा !

पायल के बगल में पड़ा मनीष छटपटाते हुए खुद अपने ऊपर ही झड़ने लगा. मौके कि नजाकत को समझते हुए पायल ने तुरंत उसके एक हाथ को पकड़ कर अपनी चूत में घुसा लिया और अपने दाई हाथ में उसका लण्ड पकड़ कर मसलने लगी. मनीष कि आँखे अभी भी बंद थीं... वो अपना मुँह पायल कि ओर उसी हालत में बढ़ा कर कुछ खोजने लगा. पायल समझ गई कि उसका छोटा भाई उसका दूध खोज रहा है. उसने अपनी चूची मनीष के मुँह में लगा दी तो वो लपक कर उसका निप्पल चूसने लगा.

करीब दस मिनट तक मनीष अपना एक हाथ पायल दीदी कि जांघों के बीच में डाले उसकी चूत थामे उसका दूध पीता रहा और पायल उसके लण्ड को गार गार के उसका माल निकालती रही !
 

RoccoSam

Well-Known Member
8,852
39,167
219
जब पायल को यकीन हो गया कि उसका छोटा भाई अब पूरी तरह से झड़ गया है तो उसने उसके लण्ड का चमड़ा उसके सुपाड़े पे चढ़ा दिया और बोली. " कुछ देर ऐसे ही अपना सुपाड़ा ढक कर रखो... लण्ड को शांत होने में मदद मिलेगी ! ".

मनीष ने दीदी कि चूची मुँह से निकाली और उसकी चूत से अपना हाथ हटा लिया. उसने देखा कि उसकी ऊँगलीयों में थोड़ा सा खून लगा था. उसने अपनी दीदी से पूछा. " दीदी आप ठीक तो हो ना ? ".

पायल जवाब में हल्का सा मुस्कुराई.

" Sorry दीदी... मैंने आपका Hymen फाड़ दिया. "

" अब क्या करें... जब फाड़ ही दिया तो. ". पायल ने अपनी आँखे घुमाते हुए कहा.

दोनों भाई बहन कुछ देर ऐसे ही एक दूसरे कि बाहों में पड़े रहें.

" और चोदोगे ??? ". पायल ने उसके बाल सहलाते हुए पूछा.

" नहीं दीदी... हो गया. ".

" मज़ा आया ? ".

" हाँ दीदी... पर उतना ज़्यादा नहीं. "

" मैं तो तुम्हारी बड़ी बहन हूं ना... जब अपनी गर्लफ्रेंड या बीवी के साथ करोगे तो ज़्यादा आनंद मिलेगा. ".

" समझ गया दीदी... अब सेक्स के प्रति मेरा कौतुहल ख़त्म हो गया है... अब शायद मूठ मारने कि भी ज़रूरत नहीं पड़ेगी ! ".

" ऐसी बात नहीं है मनीष... मूठ मारते रहना... पर ज़्यादा नहीं... हफ्ते में एक दो बार ठीक है. बस सही समय का इंतजार करो जब तुम्हारे जीवन में एक बहुत प्यार करने वाली लड़की आ जाये... तब तक खुब मन लगा कर पढ़ो और आगे बढ़ो ! ".......
 

RoccoSam

Well-Known Member
8,852
39,167
219
कुछ देर इसी तरह पड़े रहने के बाद पायल उठी और अपनी नाईटी पहनने लगी. बिस्तर पड़ नंगे बैठे मनीष ने कहा. " दीदी... अभी तो चार बज ही गये हैं... Please आज रात यहीं रुक जाओ ना. ".

" नहीं मनीष... तुम्हारे साथ रात भर सोना गलत होगा... मैं तुम्हारी बड़ी बहन हूं ना... बीवी थोड़े ही हूं. ". पायल ने मुस्कुराते हुए कहा.

मनीष बिस्तर से उठ कर आया और अपनी दीदी को पीछे से पकड़ कर बोला. " Thank You दीदी. मैं सिर्फ आपको ये बताना चाहता हूं कि आपके लिये मेरे मन में पहले कभी भी कोई गंदी भावना नहीं थी और अब तो बिल्कुल भी नहीं है. आपने मुझे अपनी बात जिस तरह से समझाई वो हर बड़ी बहन के लिये एक मिसाल कि तरह है ! ".

" धत्त... ऐसा कुछ भी नहीं... तू मेरा मकसद समझ गया यही बहुत है... चल... Good Night ! ". पायल ने मुड़कर अपने छोटे भाई का चेहरा अपने हाथों में लेकर उसके माथे को चुम लिया.

" और दीदी... आपकी पैंटी ??? " . जब पायल जाने लगी तो पीछे से मनीष ने आवाज दी.

" उसकी ज़रूरत ना अब मुझे है और ना तुझे... बदमाश ! ". पायल ने हँसते हुए कहा और कमरे से बाहर चली गई.......

उस दिन के बाद से मनीष सचमुच में एकदम बदल गया. उसका संबंध ना सिर्फ अपनी बड़ी बहन के साथ और अच्छा हो गया बल्कि वो अब अपने मम्मी पापा को भी पहले से कहीं ज़्यादा इज़्ज़त देने लगा. उसके और पायल के बीच में उस रात जो भी हुआ उसे उसने पॉजिटिव तरीके से लिया. राह से भटके दूसरे लड़कों कि तरह अगर वो अपनी बड़ी बहन के साथ बने सेक्स सम्बन्ध को Seriously ले लेता तो वो आज Incest के गंदे भवर में फस गया होता !!!....................

करीब 10 - 12 दिन के बाद एक दिन अचानक पायल कि माँ ने पायल से किचन में पूछा.

" बेटी... ये मनीष तो एकदम राजा बेटा बन गया है. उस दिन क्या समझाया उस बदमाश को ??? ".

" बता दूं ? आप पापा को तो नहीं बोल दोगी ना मम्मी ??? ". पायल ने कहा.

" तेरी कोई बात मैंने तेरे पापा को कभी बताई है ? ". माँ ने कहा.

पायल को उस रात मनीष के गाल पर और गांड़ पर मारे दो थप्पड़ याद आ गयें. वो हँस पड़ी और बोली.

" कुछ खास नहीं मम्मी... बस दो थप्पड़ और ढ़ेर सारा Lecture ! ".

" मैंने कहा था ना... उस बदमाश को मार कि ज़रूरत है... अच्छा किया ! भला अपनी बड़ी बहन कि पैंटी कोई चुराता है क्या ??? ". माँ ने कहा और फिर माँ बेटी दोनों एक साथ हँस पड़े.


**********The End ************
 

Iron Man

Try and fail. But never give up trying
45,717
122,741
304
कुछ देर इसी तरह पड़े रहने के बाद पायल उठी और अपनी नाईटी पहनने लगी. बिस्तर पड़ नंगे बैठे मनीष ने कहा. " दीदी... अभी तो चार बज ही गये हैं... Please आज रात यहीं रुक जाओ ना. ".

" नहीं मनीष... तुम्हारे साथ रात भर सोना गलत होगा... मैं तुम्हारी बड़ी बहन हूं ना... बीवी थोड़े ही हूं. ". पायल ने मुस्कुराते हुए कहा.

मनीष बिस्तर से उठ कर आया और अपनी दीदी को पीछे से पकड़ कर बोला. " Thank You दीदी. मैं सिर्फ आपको ये बताना चाहता हूं कि आपके लिये मेरे मन में पहले कभी भी कोई गंदी भावना नहीं थी और अब तो बिल्कुल भी नहीं है. आपने मुझे अपनी बात जिस तरह से समझाई वो हर बड़ी बहन के लिये एक मिसाल कि तरह है ! ".

" धत्त... ऐसा कुछ भी नहीं... तू मेरा मकसद समझ गया यही बहुत है... चल... Good Night ! ". पायल ने मुड़कर अपने छोटे भाई का चेहरा अपने हाथों में लेकर उसके माथे को चुम लिया.

" और दीदी... आपकी पैंटी ??? " . जब पायल जाने लगी तो पीछे से मनीष ने आवाज दी.

" उसकी ज़रूरत ना अब मुझे है और ना तुझे... बदमाश ! ". पायल ने हँसते हुए कहा और कमरे से बाहर चली गई.......

उस दिन के बाद से मनीष सचमुच में एकदम बदल गया. उसका संबंध ना सिर्फ अपनी बड़ी बहन के साथ और अच्छा हो गया बल्कि वो अब अपने मम्मी पापा को भी पहले से कहीं ज़्यादा इज़्ज़त देने लगा. उसके और पायल के बीच में उस रात जो भी हुआ उसे उसने पॉजिटिव तरीके से लिया. राह से भटके दूसरे लड़कों कि तरह अगर वो अपनी बड़ी बहन के साथ बने सेक्स सम्बन्ध को Seriously ले लेता तो वो आज Incest के गंदे भवर में फस गया होता !!!....................

करीब 10 - 12 दिन के बाद एक दिन अचानक पायल कि माँ ने पायल से किचन में पूछा.

" बेटी... ये मनीष तो एकदम राजा बेटा बन गया है. उस दिन क्या समझाया उस बदमाश को ??? ".

" बता दूं ? आप पापा को तो नहीं बोल दोगी ना मम्मी ??? ". पायल ने कहा.

" तेरी कोई बात मैंने तेरे पापा को कभी बताई है ? ". माँ ने कहा.

पायल को उस रात मनीष के गाल पर और गांड़ पर मारे दो थप्पड़ याद आ गयें. वो हँस पड़ी और बोली.

" कुछ खास नहीं मम्मी... बस दो थप्पड़ और ढ़ेर सारा Lecture ! ".

" मैंने कहा था ना... उस बदमाश को मार कि ज़रूरत है... अच्छा किया ! भला अपनी बड़ी बहन कि पैंटी कोई चुराता है क्या ??? ". माँ ने कहा और फिर माँ बेटी दोनों एक साथ हँस पड़े.


**********The End ************
Awesome story
 
  • Like
Reactions: RoccoSam
Top