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Incest Sagar (Completed)

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Kahani itni badhiya hai. Gati bani rahe to roamantic suspense thrillers me No.1 hai. Update behtreen hai. Sex, romance, seduction, suspense va thrill har jaroori ansh jo kahani ko dilchasap bana sakte hain yahan mouzood hain. Ati uttam;
Thank you Tinku bhai for reading and lovely comments?
 
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lekhak ji aapki kahani ke kuch bindu to bahut he vistaar se varnit hote hai .. padhte-padhte ek alag he film si chalne lag jaati hai ...

Sanjay ji ki gharwali to hatthe chadh gayi .. magar behen bach gayi ...

dekhte hai aaj kuch khaas hota hai kya club mein .. kaafi dino baad jikrr aaya hai club ka ...
शुक्रिया फ़ायरफ़ॉक्स भाई... क्लब में तो कुछ नहीं हुआ लेकिन अगले दिन बहुत कुछ हुआ....अब कहानी धीरे धीरे क्लाइमेक्स की तरफ बढ़ रही है ।
 

SHADOW KING

Supreme
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nice update ...ramnik ne bahut jaankari di ....wakil bhi shak ke dayre me aur budha bhi ?....par veena ko uski behen ne madad kyu nahi ki jabki wo itni amir hai ....
 
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nice update ...ramnik ne bahut jaankari di ....wakil bhi shak ke dayre me aur budha bhi ?....par veena ko uski behen ne madad kyu nahi ki jabki wo itni amir hai ....
शुक्रिया दोस्त ।
सस्पेंस कहानियों में नायक को छोड़कर हर कोई सस्पेक्ट होता है..... अनुष्का ने अपनी अभावग्रस्त बहन की मदद नहीं की... ये तो आजकल के जमाने में हर दो चार घर छोड़कर होता है... प्रायः लोग अपने बीवी-बच्चों को ही अपना परिवार मानते हैं.... कौन भाई ? कौन बहन ? कौन चाचा ? कौन दोस्त ?....समय के साथ आप जान जाएंगे कि सबसे बड़ा फरेबी अपने ही होते हैं ।

लेकिन एक डाउट है...आपका और महादेव जी के कमेन्टस का स्टाइल एक ही जैसा है.... कहीं आप दोनों एक ही शख्स तो नहीं है ?
 

imdelta

Member
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Update 25.



अगले दिन...सुबह नौ बजे पिछले दो दिनों की तरह ही सिर्फ तौलिया लपेटे नीचे आया तो डैड को नाश्ता करते हुए पाया । मैं किचन में गया और उसी जगह पर दिवाल से सट कर लकड़ी के छोटे से तख्ते पर बैठ गया ।

माॅम मुझे देख कर मुस्कराई । वो सिम्पल सी नाइटी पहनी हुई थी । वो नाश्ता निकालने लगी ।

नाश्ता निकाल कर एक थाली मुझे दी और दुसरी थाली लेकर मेरे अपोजिट दरवाजे की ओर मुंह करके बैठ गई ।

हम दोनों नाश्ता करने लगे । मैंने फिर से उसी तरह अपने तौलिए को एडजस्ट कर दिया जिससे मेरा लन्ड उन्हें स्पष्ट दिखाई देता रहे ।

वो चुपचाप नाश्ते के दौरान कनखियों से मेरे तौलिए के फांक से हट्टे कट्टे लन्ड को देखती फिर रह रह कर दरवाजे से डैड को भी देखती जो हाॅल में सोफे पर बैठे नाश्ता कर रहे थे ।

माॅम को मेरे लिंग को कनखियों से देखते पाकर मैं एक्साइटेड हो रहा था । मुझे कल का वाकया भी याद आ रहा था जब मैंने एक गंदी पिक्चर वाली पृष्ठ किताब से फाड़ कर अपने तकिए के नीचे दबा दिया था और माॅम को ये कहते हुए चला गया था कि मेरा बिस्तर चेंज कर देना ।

बिस्तर चेंज तो हुआ ही था और साथ ही वो गंदी पिक्चर वाली पृष्ठ जिसमें एक कम उम्र का लड़का एक बड़ी उम्र की औरत के साथ सेक्स कर रहा था... वो सलीके से मोड़कर मेरे बिस्तर पर गद्दे के नीचे रखा हुआ था ।

इसका जो मतलब निकलता था उसका अंदाजा मुझे हो रहा था । और जिस तरह से माॅम मेरे लन्ड को चुपके चुपके देख रही थी.. वो उस मतलब को और भी पुख्ता कर रहा था ।

" डैड आ रहे हैं ।"

" क्या ?"- मैं सकपकाते हुए कहा ।

" डैड आ रहे हैं "- वो मुझसे बिना नजरें मिलाए दरवाजे की ओर देखते हुए बोली ।

मैं हड़बड़ाया , पीछे देखा डैड किचन की तरफ आ रहे थे । मैंने जल्दी से अपने तौलिए को दुरुस्त किया । मेरा लिंग अब तौलिया के अन्दर था ।

डैड किचन में आए और मुझसे कहा -" तुम्हारा मोबाइल बज रहा है ।"

मैंने जल्दी से नाश्ता खतम किया और भागते हुए अपने कमरे में चला गया । सही टाइम पर माॅम ने चेता दिया था नहीं तो डैड के नजरों में मेरा लिंग आ गया होता । बाल बाल बचा था ।

कालेज से प्रोफेसर का फोन था । कुछ बड़ी कम्पनियां काउन्सिल के लिए आ रही थी इसलिए उन्होंने फोन किया था ।

मैं तैयार हो कर माॅम को यह बोलकर निकल गया कि आज कालेज में लेट होगा इसलिए मैं दोपहर नहीं आ पाऊंगा और हो सकता है मैं अब रात को ही घर आऊं ।

मैं कालेज चला गया । वहां काउन्सलिंग के चलते काफी लेट हो गया ।

‌मै कालेज में ही था तभी रमणीक लाल का फोन आया । उसने मुझे शाम को छः बजे मिलने को कहा । चूंकि मुझे शाम को ड्यूटी बजाने क्लब भी जाना था इसलिए उसे शाम को सात बजे मिलने को कहा ।

****

शाम सात बजे करोलबाग में एक बार एंड रेस्टोरेंट में मेरी रमणीक लाल से मुलाकात हुई ।

" विस्की पियोगे ?"- मैंने बोला ।

" फोकट में मिलेगा तो क्यों नहीं पियूंगा ?"- वो संजीदगी से बोला -" लेकिन बाद में । पहले काम की बात ।"

" ओके ।"

" तुने जो नाम लिखाये थे... उनमें पहला नाम था कुलभूषण खन्ना । ये शख्स जवानी में एक मवाली और हिस्ट्रीशीटर था और एक बाहुबली नेता का खास सिपहसालार हुआ करता था । उसी दौरान उसकी एकलौती लड़की से इसका नैन मटक्का चलने लगा । नेता को जब इसके बारे में पता चला तो वो दोनों से बहुत ही खफा हुआ । खासतौर पर कुलभूषण खन्ना से । उसने उसे खुलेआम धमकी दी कि वो उसे जान से मार डालेगा लेकिन उसके कुछ दिनों बाद वो खुद एक दिन अपने कमरे में मरा पाया गया ।"

" क्या ? कैसे ?"

" कहा जाता है कि हार्ट अटैक से मरा ।"

" ऐसे कैसे एकाएक हार्ट अटैक आ गया ? क्या उसके बाडी का पोस्टमार्टम हुआ था ?"

" नहीं.. उसे मरने के बाद तुरंत आनन-फानन जला दिया गया था । और उसके कुछ दिनों बाद लड़की ने कुलभूषण से शादी कर ली थी । "

" कोई जांच पड़ताल नहीं हुआ ?"

" कहां से होगा भाई जब बेटी को ही किसी तरह का शक नहीं था तो जांच पड़ताल के लिए कौन कहता ? और फेमिली के नाम पर दुसरा कोई था ही नहीं ।"

" हुम्म् ..क्या ये हो सकता है कि बेटी ने अपने आशिक कुलभूषण के साथ मिलकर अपने बाप का खून कर दिया हो ?

" सरासर हो सकता है लेकिन जब इसका जांच पड़ताल ही नहीं हुआ तो इसके बारे में क्या कह सकते हैं ?"

" फिर क्या हुआ ?"

" शादी के महज पांच साल के बाद ही उसकी बीवी कैंसर से मर गई ।"

" उसके कुकर्मों की सजा भगवान ने जल्दी ही दे दिया।"

" हूं..फिर छः साल पहले उसने दुसरी शादी अनुष्का नामक एक लड़की से की ।"

" अनुष्का की तो खासुलखास तफ्शीश की होगी तुमने ?"

" ऐसी कोई बात नहीं ।"

" क्यों भाई ? इतनी सेक्सी लड़की...लार तो जरूर टपकी होगी ?"

" लार का क्या है , वो तो हर नौजवान लड़की को देखकर टपकती है । एक मिनट...दारू आर्डर करो ।"

वेटर को रेड वाइन का आर्डर दिया । पांच मिनट में ही उसने वाइन के साथ सलाद और ड्राई फ्रूट्स कर दिया ।

" हां..अब अनुष्का के बारे में बताओ ?"

" बहुत ही हसीन है , बहुत जवान है , खसम से कुछ नाखुश ही लगती है ।"

" ये तो मुझे भी मालूम है । कुछ नया बताओ ?"

" मेरठ की रहने वाली है । इसकी एक बहन है वीणा । इन दोनों के मां बाप की मौत सालों पहले ही हो गई थी । इनकी जिंदगी अभाव और तंगी में बीती हे । मां और बाप दोनों मेरठ के ही हैं । दोनों की फेमिली साधारण वर्ग की है । बाप के परिवार में कोई अपना नहीं है लेकिन मां की एक बहन थी जो अनुष्का की ही तरह किसी अमीरजादे से शादी करके चली गई । लेकिन इन दोनों बहनों की परिस्थितियां मां बाप के मरने के बाद बहुत ही खराब हो गई थी । अनुष्का घर छोड़कर दिल्ली आ गई और कुलभूषण खन्ना से शादी करके अपनी अभाव ग्रस्त जिंदगी से छुटकारा पा ली लेकिन उसकी छोटी बहन वीणा अपनी अनुष्का के जाने के बाद बहुत ही कष्टदायक जीवन जी रही थी..साल भर पहले वो भी गांव छोड़कर दिल्ली आ गई । नई दिल्ली में एक नाइट क्लब में कैबरे डांसर का काम करती है ।"

" क्या ?"- मैं आश्चर्यचकित हो कर बोला -" उसकी बडी बहन जो यहां करोड़पति की बीवी है..रोज के हजारों रूपए शौकिया खर्च कर देती है उसकी छोटी बहन एक मामूली सी कैबरे डांसर ?"

" यही तो ऊपरवाले का खेल है बेटा ।"

" और इनकी मौसी ने कोई हेल्प नहीं किया ?"

" मौसी के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है ।"

" क्या अनुष्का को मालूम है कि उसकी बहन एक मामूली सी कैबरे डांसर है ?"

" इसके बारे में भी फिलहाल मुझे नहीं पता । "

" वो कहां काम करती है.. ये तो जानते होंगे ?"

" हां ।"

उसने मुझे एडरेश लिखाया । वो डिफेंस कॉलोनी में गोल्डन नाईट क्लब का पता था ।

" उसकी कोई फोटो है तुम्हारे पास ?"

" नहीं ।"

" वीणा के काम का समय तो रात में ही होगा ?

" नाईट क्लब में असल रौनक तो रात को ही होती है ।"

" मतलब रात में ही काम करती होंगी ।"

" हूं... फिर तुम्हारे नामों के लिस्ट में बिजनेस मैन संजय का नाम था । इसके बारे में जो जानकारी निकल कर आई उसके हिसाब से ये एक महत्वाकांक्षी नौजवान है , जहीन है और काबिल बिजनेस मैन है । होटल का बिजनेस है और अच्छे पैसे कमाता है । इसकी अभी हाल में ही शादी हुई है । फेमिली में बीवी के अलावा मां बाप और एक बहन है जो कि अभी कुंवारी है । इसके मां बाप की शादी लव मैरिज हुई थी और इनका होटल का व्यापार खानदानी है ।

" आदमी कैसा है ?"

" रंगीन मिजाज और बिंदास जीवन जीने वाला ।"

" कभी किसी केस में या किसी लफड़े में इस पर पुलिस केस दर्ज हुआ ?"

" नहीं ।"

" ओके । अब जरा वकील साहब मनीष जैन के बारे में बताओ ?"

" कमीना ! आदतन खुन्दकी ! झगड़ालू ! दगाबाज ! हमेशा पीठ पर छुरी मारने को तैयार । अपने इन्हीं गुणों की वजह से उसके दोस्तों की संख्या न के बराबर है । लेकिन पट्ठे ने बीवी काफी खूबसूरत पाई ।"

" वो इतना खराब कैसे हो सकता है ?"

" मिलना । देखना । भुगतना । फिर आ के बताना ।"

" मिला तो हूं एकाध बार लेकिन सिर्फ दुआ सलाम तक ही बातें सीमित रही । मुझे नहीं पता था कि वो ऐसा आदमी होगा ।"

" ये तो मैंने उसके कुछ खुबियों के बारे में बताया ।"

" अच्छा ! अभी और भी है ?"

" इसके अलावा वो एक बेरहम , बदमिजाज , दिमागी तौर पर शातिर और एक नम्बर का रिश्वतखोर वकील है ।"

" तुम इतने विश्वास से कैसे कहते हो ?"

" तु भुल रहा है कि मैं भी पुलिस ही हूं भले ही अभी सस्पेंसन में चल रहा हूं और पुलिस वकील का साथ हर दुसरे तीसरे दिन होता ही रहता है ।"

" जब वो ऐसा आदमी है तो अब तक सरकारी वकील बना कैसे रहा ? जज को या प्रशासन की नजर इसके ऊपर कैसे न पड़ी ?"

" मैंने बताया न कि दिमागी तौर पर शातीर आदमी है ।"

" हूं । "

" गिलाश खाली करो ।"

" क्या ?... नहीं , नहीं । वन इज एनफ फार मी । तुम अपना जारी रखो ।"

" ओनली वन ?"

" प्रेजेंटली ।"

" ओह , प्रेजेंटली ।"

उसने अपने लिए नया जाम तैयार किया ।

" रमाकांत की क्या कहानी है ?"

" उसके बारे में अभी तक जो जानकारी मिली है वो एक रिटायर्ड बुजुर्ग आदमी है जो अपनी पत्नी जानकी के साथ हिमाचल प्रदेश से करीब पच्चीस साल पहले नोएडा में शिफ्ट हुआ था । उसकी पत्नी को कोई सांस की बिमारी थी इसलिए । वो दिल्ली शिफ्ट होना चाहता था लेकिन महंगा शहर होने के कारण वो नोएडा में शिफ्ट हो गया । गाजियाबाद में पिछले पांच सालों से रह रहा है ।"

" उसके इनकम का सोर्स ? करता क्या है ?"

" नहीं मालूम । शायद तुम्हारा जीजा जानता होगा आखिर पड़ोसी है ।"

" ठीक है । बात करूंगा ।"

" खर्च बढ़ते जा रहा है बेटा । कुछ रोकड़ा तो सरकाओ ?"

" तुम अपना एकाउंट नंबर मुझे दे दो , मैं आन लाइन तुम्हारे एकाउंट में ट्रांसफर कर दुंगा ।"

" एक तो सस्पेंड चल रहा हूं उपर से रोकड़ा डायरेक्ट मेरे एकाउंट में ट्रांसफर करके और दुश्वारियां पैदा करना चाहते हो ?"

" ठीक है..कल शाम को सात बजे कनात पैलेस पैराडाइज क्लब के बाहर मिलना ।"

रात के नौ बज गए थे । मैं आज ही वीणा से मिलना चाहता था । क्योंकि जहां वो काम करती थी वहां उससे रात में मिला जा सकता था । यदि उसके घर का पता होता तो दिन में किसी भी वक्त उससे मिल लेता लेकिन घर का पता मालूम नहीं था ।

मैंने रमणीक लाल से नाईट क्लब चलने को कहा तो उसने साफ इंकार कर दिया । वो नहीं चाहता था कि नौकरी बहाल होने तक पुलिस की नजरों में किसी अवांछनीय जगह पर देखा जाय ।

उसके जाने के बाद मैं गोल्डन नाईट क्लब की ओर अपनी बाइक दौड़ा दिया ।

Continue....
Story aur gaheri hoti ja rhi h.
Esi hi asha he aapse.
 

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Well-Known Member
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iss update mein kayi naam naye aaye.. aur thoda confusion bhi badh gaya hai...

kahi anushka ki mausi Madhulika ki maa to nahi.. aur ye Veena ki dosti Urvashi aur Sagar ki cousion se to nahi.. aur Sagar ke dost Amar ki GF ho veena...

magar veena ke chakkar mein Kulbhushan, Rajesh aur Ritu ki dost ke father bhi ho...

ho to bahut kuch sakta hai... magar hamesha ki tarah bahut he lajawaab update...
 

Sangya

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मुझे लगता है कि आप वही है जो मैं सोच रहा हूं
शब्द विन्यास का ऐसा रंग-बिरंगा जाल कोई ४०० कहानियों के बाद ही आता है
 
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