फोन -फोन
और गुड्डो की मम्मी चालू हो गयीं,... " अरे मैं बोल रही हूँ , गुड्डो की मम्मी, दो ख़ुशख़बरी बतानी थी आपको, एक तो जो हमरे मरद और तोहरे भैया के बीज से जनमा तोहार बेटा है न उनके बारे में,.. "
स्पीकर फोन गुड्डी ने हाथ बढाकर आन कर दिया था,... और उधर से खिलखिलाहट की आवाज आ रही थी जोर जोर से हंसने की और फिर बात काट के ,
" अरे तो कौन गलत किये थे, भुलाय गयी गवने में जब तू बिदा करा के आय रहू,... हमहीं ले गए थे सेज सेजरिया पे,... और आधे घंटे में अइसन चीख पुकार मचाई , ऊ तो हम बाहर से कुण्डी लगा दिए थे पहले, केतना खून खच्चर हुआ था, हमरे भैया अइसन फाड़े थे, रात भर,... और फिर को कउनो दिन नागा भया हो , रात तो रात कितनी बार दिन में भी,... और जउन हमरे भैया के बीज क बात कर रही हो न, तो भुलाय गयी तोहार पांच दिन वाली छुट्टी चल रही थी, तो बेचारे कहाँ इधर उधर तो हम सोचे की चला हमहीं,... लेकिन पहले खुसखबरी की बात बतावा और, वो कहाँ है, ... "
उनका इशारा मेरी ओर था लेकिन गुड्डो की मम्मी ने वो रास्ता बंद कर दिया,... ये बोल के की मेरे मुंह में कचौड़ी भरी है , इसलिए मैं अभी बात नहीं कर पाउँगा।
पर मेरी चमकी। गुड्डो की मम्मी और मेरी मॉम में ननद भौजाई का भी रिश्ता था और बहुत करीब का. गुड्डो की मम्मी की जो ससुराल थी, गुड्डो की ददिहाल, उसी गाँव की मॉम थीं, और पडोसी भी रिश्ते में भी, तो पहले दिन से ही वो ननद भौजाई का रिश्ता और वो मजाक चिढ़ाना,... और बुआ भतीजी में भी मजाक खूब होता है एकदम असली वाला तो गुड्डो की भी रगड़ाई में वो,...
लेकिन थोड़ी देर में मुझे पता पता चल गया मामला मज़ाक से बहुत ज्यादा है , पर गुड्डो की मम्मी जिस तरह से मेरी तारीफ़ कर रही थीं, उससे में और शरमा रहा था,... वो बोल रही थीं,...
" अरे अपने मायके ससुरारी, नाउ कहांर, अहिरौटी चमरौटी हर जगह टंगिया भले उठावत रहू, जाँघियां फैलावत रहु,... लेकिन एक काम बढ़िया किया आपने किया कि गाभिन, अपने भैया , गुड्डो के पापा के बीज से हुईं,...
" अरे उ भैया कौन जो बहिन को न चोदे,... "
उधर से खिलखलाती आवाज आयी , और मैं समझ गया वो गुड्डो की मम्मी के बात के जवाब के साथ साथ मेरे और गुड्डो के रिश्ते के बारे में भी बोल रही हैं, ... और मैंने भी कस के एक बार फिर से गुड्डो के उभारों को दबा दिया और गुड्डो ने खुली जिप में ऊँगली डाल के मेरे तन्नाए मोटू को रगड़ दिया।
" और उ बेटा कौन जो महतारी को न चोदे " मुझे आँख मारते हुए गुड्डो की मम्मी इधर से बोलीं, पर जो जवाब उधर से आया वो अप्रत्यशित था,...
" एकदम सोलहो आना सच, तोहरे मुंहे में घी गुड़,... आप हमरे मुंह की बात छीन ली,... लेकिन आप कुछ कह रही थीं, गुड्डो के पापा,... "
और अबकी बात काट के जो गुड्डो की मम्मी ने बोलना शुरू किया बल्कि मेरी तारीफ़ के पुल बाँधने शुरू किये,...
" अरे, अपने मामा के जामल, हमरे मरद के, गुड्डो के पापा के बीज क असर, आज इम्तहान था न तो हम और गुड्डो गए थे, बहुत मेहनत किया था लड़के ने,... "
" कैसा हुआ परचा,... " अब उधर से आयी आवाज में चिंता परेशानी सब थी,... "
अब गुड्डो की मम्मी ख़ुशी से खिलखिला रही थीं, बोलीं, ...
" अरे पहले ये बोला की अपने चोली के भीतर के दुनो गुलगुला है हमरे मरद के जनमल के खिलाएंगी न, गोल गोल मीठ मीठ."
"हाँ खिलाऊंगी, अपने हाथ से पकड़ के खिलाऊंगी लेकिन,... " उधर से भी खिलखिलाती आवाज आयी.
" अरे हमरे मरद क बीज है , फाड़ दिया, अपने महतारी के भतार ने,... इतनी तारीफ़, इतनी तारीफ़,... हम और गुड्डो तो कोचिंग में भी गए थे,... ई इम्तहान में तो पक्का हो जाएगा , बल्कि कोचिंग वाले जोड़ के बताये की पूरे बनारस में टॉप,... नहीं पूरे यूपी में सबसे ज्यादा,... और हफ्ते भर बाद एक कोचिंग हैं उसमें तो फ्री एडमिशन और इनाम भी दिए हैं, अगला इम्तहान में भी पक्का सेलेक्शन,... गंगा मैया का आशिर्बाद है,... गुड्डो बोल रही थी अखबार में भी फोटो निकलेगी और बोर्ड के ऊपर भी फोटो लगाएंगे,... " गुड्डो की मम्मी बोल रही थीं, उनकी आँखों में जो चमक, चेहरे पर जो ख़ुशी थी,...वो आवाज में भी छलक रही थी,...
लेकिन अब शर्मा मैं रहा था, और ये गुड्डो भी न, ... क्या जरूरत थी वो अखबार और बोर्ड वाली बात मम्मी को बताने की,... फिर उन माँ बेटी ने तो मुझसे भी ज्यादा मेहनत की, रात भर जगना, पूजा, आज सुबह से भूखे रह के,... अगर मेरा बी एच यू में एडमिशन हुआ तो मुझसे ज्यादा इन दोनों लोगों की मेहनत का नतीजा,...
तबतक गुड्डो की मम्मी खिलखिलाने लगी और वो पन्ना उन्होंने खोल दिया जो बंद रहना ही ठीक होता,...
" लेकिन पढ़ने लिखने में जितना तेज है, उतना ही,... वो तो आज हम कोचिंग में देखे, अरे एक से एक लड़कियां, पीछे पड़ी, एकदम चिपकी, अइसन तारीफ़,... दूसरा कोई होता तो कब का उन सबों को निबटा दिया होता, लेकिन ऐसे लजाय रहा था, आज कल तो लड़कियां भी इतना नहीं लजाती,... "
अब उधर से खिलखिलाने की आवाज आयी, " अरे तो अब तो इम्तहान हो गया न , अब आप किस लिए हैं , लाज शरम मिटाने के लिए,... अरे जरा उसको फोन दीजिये अभी हड़काती हूँ, ... "
और अगली आवाज में मेरे लिए इंस्ट्रक्शन था,
" अरे बोलने की जरूरत नहीं है मालूम है बनारस की कचौड़ी क स्वाद ले रहे हो, मुंह भरा है, खाओ खाओ,... लेकिन एक बात सुन लो, गुड्डो क मम्मी क कुल बात मानना, कुल बात मतलब कुल बात, और भले बड़े हो गए हो लेकिन हम दोनों के लिए बड़े नहीं हुए हो, तो मैं उनको बोल दे रही हूँ , अगर उनका मन करे तो एकाध हाथ लगावे के तो कस के लगाय भी देंगी, जउन सजा देना चाहेंगी, देंगी अगर तनिको ना नुकुर किया न,... "
लेकिन गुड्डो की मम्मी ने बात दूसरी ओर मोड़ दिया,
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तो बीच में बात काट के गुड्डो की मम्मी बोलीं,
" अरे हमरे मरद, अपने भैया क चोदी, बहुत लंड घोंटी होगी, ... लेकिन ऐसा लंड,... अरे जिस भोंसडे से निकला है न उसी भोंसडे में जाएगा और ऐसे फाड़ेगा न की जैसे कुंवारे में जब गन्ने के खेत में पहली बार फटी होगी, उससे ज्यादा दर्द होगा, भोंसड़ा एकदम से कच्ची चूत का मजा देगा, "
मुझे लग गया की अब उधर से फोन कट जाएगा, एक पल के लिए जवाब भी नहीं आया , लेकिन जब जवाब आया भी तो ऐसा, ईंट का जवाब पत्थर टाइप,...
" अरे आपके मुंह में घी गुड़,अब तो मैं आज से दिन गिनूँगी, लेकिन अगर वो आपके मरद के बीज का जना, अरे उसके बाप का लंड घोंट के पैदा किया, आपके मर्द का, उसके बाप लंड घोंट के गाभिन हुयी, बियाई,... तो उसका लंड भी घोंट लूँगी, और ज़रा भी हिचकिचाया न तो चढ़ के चोद दूंगी उसको। "