अगली सुबह फोन की आवाज से नींद खुली बगल में पूजा भी सो रही थी....फोन पापा का था हम उठाए तो बोले अभी तक सो ही रहा है बेटा समय देख हम बोले हा पापा थक गए थे इसलिए सोया रहा पूजा भी सो ही रही है.....पापा बोले हा इतना दूर गाड़ी चला कर खुद से गया है चल अब उठ जा और नाश्ता पानी का क्या है मां पूछ रही है ले बात कर फिर मां से बात हुआ तो उनको बताया अभी राशन पानी का सब सामान जायेंगे लाने तो उधर से ही नाश्ता कर लेंगे दोनो पर अभी सोएंगे थोड़ा देर और उसके बाद हम जब बाहर निकलेंगे तो फोन करेंगे ठीक ना......तो मां बोली ठीक है सो ले मेरा बच्चा इसीलिए बोल रही थी ट्रेन से जा पर तू मानता कहा है मेरा बात हम हस कर बोले क्या मां सब मानते है हम आप दोनो का बात अभी सो लू थोड़ा और फिर मां बोली ठीक जा सो जा और फोन कट गया.....
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फोन रख कर पूजा की तरफ देखे तो पाया की आज कितने दिनों बाद लगता है एक लंबे समय के बाद हम दोनो पूरे कपड़े में सोए थे

....हम पूजा के बाह को पकड़ कर अपने पास खींचे और वो नींद में कुनमुनाती हुई बोली क्या जान अभी सोइए ना बहुत थकान लग रहा है प्लीज हम बोले तुम हमको प्यार नही की ना इसलिए नींद खुल गया....वो पगली आंखे बंद किए ही अपने दोनो हाथ फैला कर बोली इधर आइए ना मेरे पास....हम उसके बाहों में समा गए और वो मेरे सर पे चूम ली और बोली नींद आपका फोन आने से खुला है झूठे कहिंके.....तो हम उसके चूतड़ दबा दिए बोले गुंडी हो गई है तू समझी...तो वो मुस्कुरा दी फिर दोनो कोई एक दूसरे से चिपके सो गए....तकरीबन साढ़े बारह बजे दोपहर में नींद खुली और इस बार भी फोन ही बज रहा था मां का फोन था उठाए तो वो बोली अरे अभी तक सो ही रहा है अब उठ जा और वीडियो कॉल पे बात कर थोड़ा फिर हम बोले दो मिनट में कर रहा हु मां और फोन काट दिए फिर पूजा को उठाया तो वो बोली जान सोइए ना प्लीज हम बोले नही जान उठ जाओ मां वीडियो कॉल पे बात करेगी अब बहुत सो लिए हम लोग फिर वो उठी और ढिलमिलाते हुई बाथरूम गई जबकि हम अपना आंख का किच्ची साफ किए और मां को फोन मिला दिए....मां वीडियो कॉल पे देखी तो बोली कैसा मुंह हो गया है तेरा बेटा एक ही दिन में हम बोले नही मां सो कर उठे है ना थकान था इसलिए ऐसा लग रहा है फिर मां घर दिखलाने बोली तो पूरा घर दिखलाए बाहर बालकनी दिखलाए और फिर अपना रूम फिर पूजा से बोली बात करवाने तो उससे भी बात की मां और सब बताई की पहला चीज क्या बनाएगी वहा खाना में फिर पूजा रूम सेट करने के बारे में उसके बाद फोन कट गया और फोन कटते ही पूजा मेरे को अपने आलिंगन में ले ली और बोली जान चलिए अब आप भी फ्रेश हो कर आइए फिर दोनो कोई बाहर चलते है भूख लगा है....हम उसके गाल पे दात से काटे तो वो कसमसा गई और हम बोले अच्छा अभी तो तुमको सोना था और अभी तुरंत में भूख लग गया....वो बोली नींद आप ही न तुड़वा दिए हम बोले अरे मेरा जान इतना सोएंगे तो फिर सर भारी भारी लगता शाम को समझी पगली....
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उसके बाद पहले पूजा और हम दोनो बैठ कर क्या क्या समान लेना है एक लिस्ट बना लिए फिर दोनो कोई फटाफट नहा के तैयार हुए और आज पूजा ने फिर से सलवार सूट पहना था हम बोले जान मेरी आज ना ब्रा नही पहनना समझी तो वो बिना कुछ बोले बस मुस्कुरा कर कपड़े पहनने लगी फिर हम बोले आज ना तुम्मे हमको वो पूजा नजर आ रही है जिससे पहली बार हम साइबर कैफे में फॉर्म भरते वक्त मिले थे.....बस उस पूजा में और इस पूजा में थोड़ा फर्क है.....पूजा आ कर मेरी गोद में बैठ गई और मेरे होंठ पे चूम कर बोली क्या फर्क.....हम बोले ये पूजा मोटी हो गई है और वो पूजा पतली थी हाय काश वो पूजा चेंज ना होती और हस दिए


पूजा मेरे गाल पे दात से काट ली और बोली गंदे कहिंके ऐसा है तो हम आज से डाइटिंग करेंगे और पतले बन जायेंगे फिर से और आपका ही गलती है इतना चॉकलेट खिलाए की हम मोटे हो गए.....हम उसके चूतड़ पे एक थप्पड़ लगाए और बोले मेरी जान हो तुम और तुम कोई मोटी वोटी नही हुई हो बल्कि और गदरा गई हो ये कहते हुए हम उसके सलवार के इलास्टिक में हाथ घुसाए और उसके नंगे चूतड़ों को दबाते हुए बोले ये देखती हो एकदम गोल मटोल खरबूजे है ये.....खा जाने का दिल कर रहा है वो ये सुनते ही मुस्कुराते हुए मेरे सर से सर टकरा के बोली जान आपको कौन रोका है खा जाइए ना.....हम ये सुनते ही उसके सलवार को थोड़ा खिसका दिए और चूतड़ों के दरार में हाथ फिराए और बोले मन तो बहुत कुछ करने का कर रहा है पर अभी चलते है नीचे पहले मेरी जान के पेट की भूख को मिटा दू.....पूजा अपने को थोड़ा एडजस्ट की और समीज को पकड़ कर उतार दी और अपनी दोनो चूचियां मेरे सामने कर के बोली पहले आप इनका रस पी लो ताकि आपका ये (वो मेरे लंड की तरफ इशारा करते हुए अपने चूतड़ रगड़ते हुए बोली) थोड़ा रिचार्ज हो जाए.....

हम उसकी चूची को पकड़े और निप्पल से खेलते हुए बोले लग रहा है की तुम ऐसे नही चलेगी बाजार और फिर उसके दोनो चुचियों को बारी बारी से चूमे और फिर उसके होंठ को पकड़ कर चूसने लगे

होंठ चूसने के बाद पूजा और मैं हाफते हुए अलग हुए और हम बोले बाकी का प्यार ब्रेक के बाद


पूजा हस के बोली जो हुकुम मेरे जान और फिर वो उठी और अपने कपड़े पहन ली उसके बाद दोनो नीचे गए और वहा गार्ड से मिले और बातो बातो में पता चला की वो भी बिहार के भागलपुर का है यहां तीन साल से परिवार के साथ रह रहा है....फिर उसको गैस सिलेंडर के लिए पूछा और वो बोला करता हु सर कुछ जुगाड और वो बोला आप मार्केट से आइए हम ला कर रखेंगे फिर दोनो कोई निकल गए मार्केट......
हम दोनो पहले के मॉल गए और वहा से सब किचन का और कुछ अपने जरूरत का समान खरीदे हम एक हनी का डब्बा भी लिए पूजा को केक मिक्स दिखा तो वो बोली की आज आप केक बनाना हमको आपके हाथ वाला केक खाने का मन है जो आप बना कर लाए थे मेरे लिए....हम बोले ओके मेरा जान फिर वहा से निकल कर दोनो पास के एक सब्जी मंडी पहुंचे वहा से सब्जी खरीदी हम बोले आज चिकन बनाए तो पूजा हस के बोली मां सही ही बोली थी हम बोले क्या बोली थी तो पूजा बोली मां सुबह ही कह रही थी की आप आज चिकन बनाने बोलोगे पर आज मना करने क्युकी फर्स्ट रसोई में मांस मच्छी नॉट अलाउड....हम बोले अच्छा कोई बात नही

तो पूजा मेरे गाल खींचते हुए बोली जान मेरे मायूस मत होइए ना कल शाम में बना देंगे जानेमन....फिर दोनो कोई आस पास में इलाको से घूमते हुए शाम 6 बजे घर पहुंचे और गार्ड ने सिलिंडर ला कर रखा था....
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इसी तरह सब कुछ सेटअप करते करते रात तक पूरा घर सेट कर लिया अब हम दोनो फिर से आज थक गए थे....पूजा और हम दोनो कोई अपने बेड पे आ के धड़ाम से गिर गए फिर कुछ देर बाद पूजा हस्ते हुए बोली


जान हम दोनो आज फिर थक गए है..... उह्हु खाना भी नही बना है....हम उसको खींच कर अपने सीने से सटा लिए और बोले जान मेरा ये तो हम दोनो मिल कर अपनी नई दुनिया को थोड़ा सजा रहे थे अब सब सेट है सिर्फ रंग भरने बाकी है जिसमे हम और तुम दोनो मिल के पूरे फ्लैट को घर बना देंगे पगली और रही बात खाने की तो चलो बाहर से खा कर आते है....वो मेरे गाल पे चूमते हुए बोली नही जान हम बनाते है खाना पागल....फिर वो उठी और किचन में गई जबकि हम घर पे बात किए मां से और पापा से....फिर मेरे मन में ख्याल आया की सुगंधा को फोन लगाता हु और बात पूछूंगा पर पूजा को नही बताना चाहता था क्युकी वो फिर से घबरा जाती.....
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इसलिए सुगंधा को फोन उठाया तो वो उठाई और बोली हो गया सब सेट वहा या नही हम बोले सुन तू ज्यादा ओवर स्मार्ट मत बन घर सेट हो गया है समझी और अब हमको एक एक बात बता की आखिर बात क्या है तू समझ रही है ना हम क्या पूछ रहे है.....वो बोली तुझको कीड़ा काट रहा है क्या....हम बोले हा अब बता वरना देखिओ तुझसे बात नही करूंगा मैं....वो हस के बोली अच्छा तो जा मत करना बात हम अपनी बहन से तो बात करेंगे ना....हम बोले अगर हम एक बार बोल दे ना अपनी जान को की वो तुझसे बात न करे तो वो नही करेगी समझी....सुगंधा बोली हा जानती हु वो तेरी बात नही काटेगी....फिर कुछ पल वो चुप रही ऐसा लग रहा था की वो कही जा रही है.....वो बोली व्हाट्सएप करती हु बोल कर नही बताऊंगी.....और फोन कट गया.....
हम व्हाट्सएप पे देखे वो कुछ लिख रही थी और तकरीबन पंद्रह मिनट बात मैसेज आया उसका लम्बा चौड़ा और अभी वो मैसेज पढ़ता की एक और मैसेज आया जिसमे लिखा था की पढ़ ले और अब कल बात करना अभी नही और मैसेज पढ़ने के बाद अलबलाने मत लगना बाकी तू समझदार है दोस्त(जीजू)


भगवान तुम दोनो को हर बला से दूर रखे और हमेशा खुश रखे

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सुगंधा का मेसेज...
उस दिन मां जो भी बोले बेचारी घबराहट के मारे कुछ से कुछ बोल दी समझा असल बात हम बताते है तुझको और तुझको दीदी का कसम तू ये सब जानने के बाद कुछ रिएक्ट नही करेगा पहले बात सुन....
शादी वाले दिन जब तुम दोनो का जयमाला के बाद जब तुम लोग खाना खा रहे थे वहा पे जब दीदी बोली थी ना की इनको रसमलाई पसंद है वहा पे बुआ ये बात सुन ली थी और घर में मां सब को बताई थी की रिश्ता अचानक से अच्छा पकड़ा गया तो तुरंत आनन फानन में ब्याह करवा रहे है पर ये बात ले के बुआ बड़े चाचा और मंझले चाचा को बताई की छोटका अपन बेटी के लव मैरिज करवाया है....
फिर मां को वही कमरे में ये बात पूछा गया तो मां का सिट्टी पिट्टी गुम हो गया पर राहुल संभाल लिया ये कह के जब से शादी तय हुआ है दोनो फोन पे लगभग एक महीना से बात कर रहा था उसी में मालूम चला होगा क्या इतना सा बात का बतंगड़ बना रहे है और बात दब गया पर बुआ मेरी बहुत शातिर है वो मंडप में हर रस्म को देखी और वो समझ गई की तू दूसरे जात का है बस वो इस बात को ले कर आग लगा दी....
सुबह दीदी को विदा कर के आने के बाद बुआ पापा को अपने दोनो बड़े भाई के सामने बैठा कर सीधा यही सवाल दागी की तूने लड़की की लव मैरिज करवाई है ना पापा साफ साफ मुकर गए की नही भईया ऐसी कोई बात नही है पर बुआ बोली हमसे झूट ना बोल हम जानते है तो फिर चाचा बोले देख बेटी तेरी है तूने बिना जात पात खानदान देखे ब्याह दी पर हमारी भी बच्चियां है तेरी भी अभी एक छोटी बेटी है ये सब के कुटुंब जब आयेंगे तब उन्हे ये बात जब मालूम पड़ेगी और बात नही बनेगी तो फिर क्या करेगा बता हमारी बच्चियां है तो क्या वो तेरी जिम्मेदारी ना है.....तू भी तो उनका कुछ लगता है की नही ये सब करने से पहले एक बार भी न सोचा भूल गया अपने पिता जी के उसूल पटना आ कर लगने दी ना हवा अपने बेटियो को पढ़ाई की ओट में और इतना गिर गया तू की सरकारी दामाद फ्री में बनाने के चक्कर में बेटी को एक बदजात से ब्याह दिया तेरा दिल कैसे मान गया इसके लिए....और ऊपर से हमे भी बुला लिया झूट बोल कर हा और पापा उनकी इन कड़वी बातो को सुन पापा रो दिए उनको उनके फैसले को गलत मानने पे मजबूर कर दिया ये लोग मिल कर......
तब पापा बोले अरे हम नही मान रहे थे यहां तक की मेरे बेटे ने उस लड़के को गोली तक मार दी थी....तो चाचा बोले तो मरने के बजाय तेरा दामाद कैसे बन गया हा है कोई जवाब तेरे पास या पुलिस थाना से घबरा गया तू बुजदिल कहिंके.....फिर बुआ बोली छोड़ो भईया ये पटना वाला है हम गांव वाले हम इनकी बराबरी में कहा फिर पापा उठे और मां को उनके सामने ही मारने लगे बोले की सब तेरा ही किया धरा है तूने ही बरगलाया मुझे और वो...वो कहा है तेरी बेटी फिर मेरे को भी तीन चार थप्पड़ रसीद कर दिए वो तो राहुल चिल्ला कर उनको झकझोर कर दूर किया और बोला दिमाग होश में है की नही शादी हुआ है कोई मजाक नही और फिर चारो जन में बहुत बहस हुआ राहुल पूजा दी और तेरे तरफ से बोल कर मुजरिम बन रहा था पर फिर हम भी उसका साथ दिए उसके बाद समझ की पूरे दिन घर में यही चलता रहा आखिर में दोनो चाचा ये कह कर जाने लगे की तेरा और हमारा कोई रिश्ता नहीं फिर पापा उनको समझाए की वो शादी तुड़वा देंगे और फिर कोई अपने जात में बढ़िया सा लड़का देख के पूजा की शादी करवा देंगे.....
पर बुआ बोली की कोई जरूरत नहीं जिस लड़की को अपने बाप भाई की इज्जत की परवाह नही उससे हम लोग को कोई मतलब नहीं रखना वो मर गई हमारे लिए अब अपनी दूसरी बेटी को सही से पकड़ के रख ताकि ये भी न हाथ से निकल जाए....फिर चाचा लोग भी बोले हा जो चिड़िया उड़ गई घोंसला छोड़ कर उसको छोड़ अब जो बचा है उसको संभाल फिर उस रात वो लोग ही खाना वाना खाया मेरे और मम्मी में गले से तो एक निवाला नही उतरा और राहुल तो चाह रहा था की कब ये लोग यहां से जाए की अपने घर में शांति हो....दो दिन तो ऐसे ही निकल गया अब वो लोग तो चले गए और मां पापा में कोई बात नही हो रहा था तो बुआ ही बोली की जा जा के समझा भौजी के खाना पीना नही कर रही है सही से तो पापा दुकान चले गए जबकि बुआ ही मां के पास गई और बोली छोड़ा अब गलती हो गया अब जाए दीही बाकी अब सुगंधा के बियाह अपन जात में ही करवावे के है.....उसके बाद भी मां पापा से बात नही की और उसके अगले ही दिन तू और दीदी आए समझा और पापा का रिएक्शन देख के हम दोनो बहुत घबराए हुए थे पर उस दिन रात में बुआ लौट गई तेरे लोग के जाने के बाद......
तब पापा मां से बात किए और बोले जानते है तुम क्या सोच रही है पर जाने दो अब हम पूजा को कुछ नही बोल रहे शादी करना था हो गया ना सब राजी खुशी भईया सब को जात से दिक्कत है खाली पर अब जाने दो और तुम भी गुस्सा छोड़ो फिर पापा हमको भी बुलाए और बोले बेटा देख एक बहन तो मेरा पगड़ी उछाल दी बाकी तू मत करना ऐसा फिर मां बोली पूजा को आप अपन बेटी नही मानिएगा न अब यही ना तो पापा बोले अरे पागल हो गई का मानते है....है तो वो मेरी ही बेटी पर अब जाने दो ये सब.....जब पूजा आयेगी तो वो मेरे लिए मेरी पूजा ही रहेगी बदल थोड़े जायेगी.....
तो मां बोली और वो सब बात जो आप बोल रहे थे और सुमित...उसका क्या.... तो पापा बोले अरे वो सब तो गुस्सा में बोले हम....और रही बात सुमित की तो जैसे पूजा है मेरे लिए वैसे ही सुमित भी.....और भईया और दीदी लोग का क्या है आज आए थे तो ये सब बोले पर बाकी समय तो ये मेरा ही घर है ना बड़े हम है सब हम देख रहे है उनकी बात आई गई हो गई अब छोड़ो....
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समझा ये बात था और अब तू सुन तुझको दीदी और खुद का ख्याल रखना है यहां जब आने का मौका रहेगा तो आना पर फिर भी हमेशा अपना सेफ साइड ले कर चलना है

बाय

हम ये मैसेज पढ़ के समझ नही पा रहे थे की खुश होऊ या नही पर सुगंधा के कहे अनुसार टेंशन वाली कोई बात नही थी इसलिए हम किचन में गए जहा पूजा रोटी बेल रही थी और उसकी चूड़ियों की खनखनाहट


अलग ही माहोल बना रही थी.....एक तरफ सब्जी चढ़ा हुआ था और वो फटाफट रोटी बेले जा रही थी हम पीछे से गए और उसको अपने आगोश में ले लिए तो पूजा बोली बस जान पंद्रह मिनट और उसके बाद दोनो साथ में खायेंगे हम अपना हाथ ऊपर लाए और उसके गर्दन के पसीने को पोंछे और मुंह से फूक दिए और वापिस से उसको अपने आगोश में ले लिए और बोले इतना गर्मी हो रहा है इसको उतार लेती उसके कुर्ती को पकड़ कर बोले....तो वो मेरे ओर देखी और बोली अच्छा तब तो हम शांति से खाना बना लेते एकदम है ना.....हम बोले अरे हा जान हम परेशान नहीं करते इतना भरोसा तो कर सकती हो हम पर....फिर वो बोली आप बैठिए जान हम आ रहे है तुरंत फिर उसके गाल पे चूम कर हम बाहर आ गए और कुछ देर बाद पूजा खाना ला कर रखी और उसके बाद वो बोली जान नहा लू क्या गर्मी बहुत लग रही है हम बोले अरे नही पगली ठंडा गरम करेगी तबियत बिगाड़ेगी क्या मारेंगे ना...थोड़ा देर बैठो ना हवा में आराम हो जायेगा फिर वो मुंह बना ली तो हम उसके पास गए और उसको अपने गोद में एक बच्चे की तरह उठा लिए और अपने बेडरूम से होते हुए बाहर बालकनी में ले गए जहा ठंडी हवा चल रही थी....वो बोली जान नीचे उतारिए कोई देखेगा पागल....हम बोले देखने दो फिर उसको ले कर एक बार गोल घूम गए तो वो आंखे गोल किए बोली बाप रे जान हवा लग गया हमको आप नीचे उतारिए


हम जैसे ही उसको उतारे वो मेरे गले लग गई और बोली आप डरा दिए थे हमको....हम उसको अपने से अलग किए और अंदर आते हुए बोले पगली इतना कमजोर समझी है अपने सुमित के...वो बोली नही जान पर फिर भी और उसके बाद हम दोनो खाना खाए और दोनो कोई अभी बेड पे बैठे ही थे की घर से मां पापा का फोन आ गया पहले पूजा बात की फिर हम बात करने लगे और इधर पूजा मेरे सीने से सटे ही सो गई फिर मां से बात कर के फोन रखे और हम भी वैसे ही नींद की आगोश में चले गए क्युकी आज भी दोनो कोई बहुत थक गए थे


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अगली सुबह पूजा टाइम से उठी और हमको भी उठाई हम उठते के साथ उसको अपने ऊपर चढ़ा लिए बोले अब नहीं छोडूंगा और पूजा मुस्कुरा कर बोली आई लव यू स्वीटहार्ट एंड सॉरी कल रात पता नही चला कब नींद आ गया हम बोले अरे तुम सोई ना आराम से बोलो तो वो बोली एकदम मेरे जान आपके बाहों में सोऊ और नींद ना आए पागल और मेरे होंठो को अपने होंठो से जोड़ दी....और हम अपना हाथ उसके पीठ से सहलाते हुए सलवार के अंदर ले गए और लगे चूतड़ों को दबाने लगे...पूजा हमको किस करने के बाद बोली अब जा के एक सुकून सा आया मेरे दिल को


हम बोले मि टू जान.....फिर थोड़ा नीचे खिसक कर पूजा मेरे हाफ पैंट को खिसका कर लंड को बाहर निकाल ली जो अभी खड़ा हो ही रहा था....पूजा उसको अपने मुंह में ले ली और चूसने लगी.....हम उत्तेजना में उसके सर को अपने लंड पे दबाने लगे और धीरे धीरे अपना पूरा पैंट उतार दिए.....और पूजा गपागप मेरे लंड को चूसे जा रही थी.....एक तो सुबह सुबह का समय ऊपर से लंड चुसाई का मजा हमको बहुत समय बाद मिला था इसलिए दोहरा आनंद आ रहा था....और कुछ ही मिनटों की चुसाई के बाद हम पूजा के मुंह में ही झड़ गए.....
उसके बाद पूजा को हम अपने ऊपर खींचे और इससे पहले हम कुछ बोलते वो मेरे नाक से अपना नाक टकरा कर बोली बहुत दिन बाद ये किए ना हम हम हाफते हुए बोले हा पर आज कुछ ज्यादा मजा आया क्युकी मेरी बीवी के तरफ से था ये

फिर वो उठी और बोली चलिए अब फ्रेश हो लेते है पर हम बोले ऐसे कैसे सुनो तो और वापिस से अपने ऊपर खींच लिए तो वो हसने लगी और बोली नही मानिएगा.....हम बोले नही और उसके होंठो को चूसने लगे और किस करते करते हम पूजा के सलवार को नीचे की तरफ धकेल दिए और चूतड़ों को दबाने लगे और उसपे थप्पड़ भी लगाते जा रहे थे.....पूजा अपने सलवार को अपने पैर चला कर पूरा उतार दी....किस तोड़ने के बाद हम उसको पलट के अपने नीचे ले लिए और फिर थोड़ा सा उठा कर उसके कुर्ते को निकाले दिए और अब पूजा नंगी थी जबकि हम अपने बदन पे बचे हुए बनियान को उतार के उसपे झुके और उसके चेहरे होंठ गर्दन कंधे हर जगह चूमने लगे और कभी कभी उसके चमड़ी को अपने दातों में फसा कर चुभला देते जिससे पूजा की सिसकी निकल जाती.....
चूमते चूमते उसकी चुचियों के दोनो निप्पल को एक साथ मुंह में ले कर चूसने लगे पूजा अपने पैर फैला दी थी पूरे तरह से जिसके कारण मेरा लंड उसकी चूत के मुहाने पे लग रहा था और पूजा थोड़ा सा खुद को एडजस्ट की और हम अपना लंड उसकी चूत में उतार दिए और धक्के लगाने लगे धीरे धीरे....पूजा के मुंह से आह आ की आवाज आई हम उसकी चूचियों को छोड़ कर उसके कान के निचले भाग को बाली सहित मुंह में ले कर दातों से हल्का सा काटते हुए बोले क्या हुआ जान कुछ नया है क्या.....वो अपने चूड़ी से भरे हाथो को खनकाते हुए मेरे को अपने आलिंगन में ली और बोली नही जान उम्म ओह बस आह ओह हम बोले बस अब तुमसे हम्म्म नही बोला जायेगा चुप हो जाओ और वो अपने हाथो का घेरा और ज्यादा कस ली मेरे ऊपर और अपने पैर को भी मेरे कमर पे मोड़ ली.....और तभी पूजा एक लंबी सिसकारी के साथ झड़ गई और पूजा मेरे से लिपटी हुई थी एकदम.....धक्के लगाते लगाते उसको चूंची को बेदर्दी के जैसे मसल और चूस रहे थे....
कभी उसके एक निप्पल को चूसते कभी दोनो एक साथ और कभी कभी उसके निप्पल पे दांतो से काट लेते.....पूजा अपनी आंखे बंद किए मुंह से आहे भरते हुए मेरे को खुद में उतरने दे रही थी......और तकरीबन आधे घंटे की धमाचौकड़ी के बाद हम पूजा की चूत में ही झड़ गए....और उत्तेजना में जो पूजा ने मेरे पीठ पे अपनी बाहें कसी थी उसकी एक दो चूड़ियां चटक कर टूट गई और एक शायद मेरे पीठ में लग गई थी पर हम चूत के नशे में इतने डूबे थे की पता ही नही चला.....दोनो कोई एक दूसरे के ऊपर लेटे हुए अपनी सांसों को कंट्रोल में लाए और फिर हम पूजा के ऊपर से हट कर थोड़ा साइड में हो गए पर अभी भी हम उससे चिपके ही थे.....पूजा मेरे होंठ पे चूम ली और बोली आई लव यू जान....हम उसको बोले आई लव यू टू मेरा जान

फिर पूजा को बोले कल सुगंधा से बात किए थे हम पूजा उठ कर बैठ गई और मेरे तरफ शंका भरी निगाहों से देखने लगी हम मुस्कुरा कर उसको अपने पास खींचे और अपने सीने से सटा कर बोले क्यू घबरा जाती है तुम हा बताओ....
पूजा बोली आप समझते नही है ये देख के मेरा आत्म कांप जाता है(वो मेरे गोली के दाग को छूते हुए बोली)......हम थोड़ा हस कर बोले फिर तो ये निशान का क्या करेगी और अपना पीठ दिखा दिए जहा उसकी चूड़ियों के रगड़ने से लंबे लंबे दाग जैसे हो गए थे और चूड़ी जो टूटी थी उससे एक छोटा सा कट लग गया था पर खून नही बह रहा था शायद बिस्तर में दबने से वो बंद हो गया था.....
पूजा बोली हाय मेरे जान ये फिर वो बोली मेरी चूड़ी से ओफ हो और फिर हम बोले पगली चूड़ी टूटा है तुम्हारा देखो वो अपने जगह से थोड़ा हट कर देखी तो चूड़ी दिखा उसको वो उसको चुन कर साइड में की और बोली बै जान हम न एकदम लोल है अपनी जान को हर बार चोट लगा देते है....
हम बोले गधी है तू ये सब तो प्यार का निशानी है बोले थे ना उस दिन.....और वैसे भी ये सब करेंगे तब तो मेरी बेटी आयेगी ना....और वो अभी उठ कर बैठी हुई थी तो हम उसके नाभि के पास चूम लिए....पूजा हस्ते हुए बोली बस जान मेरे आ जायेगी....फिर हम उसको अपने से सटा कर सुगंधा से जो भी बात हुआ मैसेज में वो उसको पढ़ा दिए तो वो पगली फिर रोने लगी.....हम बोले इसलिए तुमको नही बतला रहे थे पागल और उसके आंसू पोंछे और उसकी आंखो पे चूम लिए और बोले इन आंखों में सिर्फ काजल अच्छा लगता है आंसू नहीं....और सुन मेरी बात ऐसे रो देती है हर बात पे देखना तुम्हारे इन आंसुओ में ही बह जायेंगे हम एक दिन....वो रूवांसा चेहरा बना के मेरे छाती पे हल्के से मुक्का मारी बोली मारेंगे ये सब फालतू बात किए तो....फिर हम बोले चलो अब टेंशन मत लेना कोई दिक्कत वाला बात नही है सब सही है दूध दही है

पूजा सिसकते सिसकते हस दी फिर दोनो कोई उठे और बाथरूम गए साथ में नहाए और वहा भी हम दोनो एक दूसरे में सामने से खुद को रोक नहीं पाए....नहाने के बाद पूजा तैयार हुई और हमसे पूछी की जान क्या पहनु हम बोले नाइटी डाल लो ना केवल कही बाहर तो जायेंगे नही आज वरना आज फिर थक जायेंगे हम दोनो वो मेरे गोद में आ कर बैठ गई और अपने दोनो हाथ मेरे गर्दन के इर्द गिर्द घुमा कर बोली हम सो जा रहे थे इसलिए ना वरना आप हमको बिना अपने प्यार से भिगोए सोने देते क्या....और मेरे होंठ पे चूम ली......फिर हम बोले नही मेरा जान शरीर को आराम भी तो देगी ना थोड़ा सब काम अकेले करती हो और पिछले दो दिन में हम दोनों सच में थक गए थे जाना....फिर वो बोली अच्छा चलिए बताइए टॉप पहनूं या नाइटी या साड़ी.....हम उसके चूतड़ों पे एक जोर का तमाचा लगाए और बोले आज ना ऐसे ही रहो वो कमासती हुई हस दी और बोली इस्श्ह जान हम जानते थे आप एक दिन हमको ये जरूर बोलिएगा....पहले पैंटी के लिए मना किए कल ब्रा के लिए और आज सब गायब.....हम उसके नाक से नाक टकरा कर आंखे मिलाते हुए बोले अगर मन नही तो पहन लो नाइटी मेरा जान वैसे भी जब मेरा मन होगा हम उतार देंगे....वो मेरे गाल खींचती हुई बोली हम मना किए क्या आपको बताइए जरा....हम बोले नही पर हम समझ सकते है परेशान तो बहुत करेंगे हम ना.....वो मेरे लंड पे अपनी चूत को रगड़ते हुए बोली तो कीजिए ना हम कब रोके है अपनी जान को.....





और लगातार चूमने लगी इधर उधर.....हम मजाकिया तौर पे बोले एह भक्क सब जुट्ठा कर दी फिर से नहाने पड़ेगा....वो अपने मुंह खोल कर हॉव कितने गंदे है फिर हम उसको देखते हुए हस दिए....फिर पूजा नंगी ही अपने बाल सवारी थोड़ा तैयार हुई और फिर किचन में चली गई नाश्ता बनाने.......
फिर हम घर पे बात किए और सब का हाल चाल लेने के बाद फिर हम किचन में गए जहा पूजा नंगी तो थी पर अपने बदन पे अप्रॉन पहनी हुई थी जिसमे वो पीछे ई पूरी नंगी थी


ये देख के ही मेरा लंड अकड़ने लगा.....हम अपना पैंट में से लंड बाहर निकाले और उसको सहलाते हुए पूजा से पीछे से जा सटे और बोले ऐसे खाना बनाएगी तब तो बहुत मुश्किल होगा इसको देख रही हो कैसे उतावला हो रखा है घुसने के लिए.....वो मेरे को अपने चेहरा घुमा के चूम ली और बोली उतावला है तो घुसा दीजिए ज्यादा मेहनत नही करना पड़ेगा.....हम उसको अपने आलिंगन में लेते हुए बोले फिर खाना जलने के पूरे पूरे चांसेज है



तो पूजा मेरे हाथ पे अपना हाथ रखती हुई अपनी कमर मेरे लंड के तरफ उचका दी और बोली खाना नही जलेगा जान बस आप कंट्रोल में रहना ओवरस्पीड करिएगा तो एक्सीडेंट पक्का है



हम बोले अच्छा कोई नही थोड़ा देर इसको ऐसे ही रहने देते है खुद ब खुद शांत हो जायेगा....
पूजा बोली जैसा इसका मूड है हमको नही लग रहा की ये मानेगा और मेरे हाथ को ऊपर की ओर खींच कर अपनी चुचियों पे रख ली....और अपना चेहरा ऊपर हवा में कर के आंखे बंद किए मदहोश होने लगी की तभी कुकर में से एक सीटी बजी और पूजा तुरंत जैसे सपने से बाहर आई और हड़बड़ा कर कढ़ाई में छोलनी चलाने लगी क्युकी सब्जी अभी भुना नही था....पूजा हसने लगी


बोली जान अब हमको लग रहा की खाना सच में जल जायेगा....हम भी हस्ते हुए उसके अप्रॉन में आगे से हाथ घुसा कर उसकी चूत को मसल दिए तो वो सिसकते हुए बोली आप ना एक छूवन में पागल बना देते है आह इस्श स्वीटहार्ट मान जाइए.....फिर हम उसके चूतड़ों में अपना लंड थोड़ा सा रगड़े और बोले वेट कर रहे है अपनी जान फिर हम उसको छोड़ कर रूम में चले गए जहा हम लैपटॉप में कुछ पिक्चर पड़ी थी उनमें से एक चुनने लगे जो देखेंगे....अभी कुछ ही देर हुआ था की पूजा कमरे में अपने पायल की छन छन करते आई उसने अपना एप्रॉन उतार दिया था और आ कर मेरे हाथ से लैपटॉप ले कर दूर की और मेरे गोद में दोनो पैर फैला कर बैठ गई और मेरे होंठ पे चूम ली और बोली सब्जी में पानी डाल के आई हु अपनी जान की बेताबी को दूर करने....हम उसको खुद से और सटा कर बोले तो देर किस बात का है फिर पूजा मेरे होंठ चूसने लगी जबकि हम उसकी चूचियों से खेलने लगे....एक मस्त लंबे चुम्बन के बाद वो उठते हुए बोली बाकी ब्रेक के बाद और लगभग भागते हुए किचन में चली गई.....उस दिन हमने कई बार एक दूसरे को अपने प्यार से सराबोर किया

फिर ऐसे ही दिन बीतने लगे और दोनो कोई अब अपने नए घर के माहोल से अभ्यस्त हो गए थे....और हमे जब भी दिल करता घूमने निकल पड़ते धीरे धीरे भोपाल को हम दोनो जानने समझने लगे थे अच्छा शहर था....इसी बीच पूजा को हम गाड़ी चलाना सिखाया थोड़ा बहुत.....
ऐसे ही एक दिन हम दोनो रात को घूम कर घर आए और बिस्तर पे एक बार दंगल खेलने के बाद हम पूजा से बोले बस अब कल से एक नया चैप्टर और शुरू होगा बस सब अच्छे से चल पड़े....वो बोली सब अच्छा चल रहा है स्वीटहार्ट और हमको पता है आप अपना जॉब भी अच्छे से हैंडल करिएगा जब मुझ जैसी अलबलाही को आप इतना प्यार से संभालते है तो फिर आप कुछ भी कर सकते है


हम उसको बोले भक्क तुम अलबलाही नही मेरी जान है जान समझी अच्छा सुनो कल से तो हम चले जाया करेंगे फिर क्या करेगी दिन भर वो आंख घुमा कर बोली आपके जाने के बाद प्यार से आपका लंच तैयार करेंगे और दोपहर में ले कर आयेंगे ना वहा फिर आपके साथ खायेंगे....हम बोले अच्छा अगर ये पॉसिबल नही हुआ तो फिर.....
तो वो बोली तो भी आप अपनी जान के लिए कुछ न कुछ जुगाड लगा ही लीजिएगा हम जानते है


और मेरे होंठ पे चूम ली हम भी हस के बोले मतलब पूरा अच्छे से जान गई हो हमको है ना....वो बोली हुह कैसा बात करते है जान आप भी आपको नही जानेंगे तो किसको जानेंगे....फिर हम बोले अच्छा चलो ठीक है अब सो जाते है वरना कल ऑफिस के पहले दिन ही लेट नही होना चाहते फिर दोनो कोई एक दूसरे की बाहों में नए नए सपने समेटे सो गए.....
