ऐसा शराब का नशा .. जो कभी उतरे हीं ना....
ऐसा शराब का नशा .. जो कभी उतरे हीं ना....
अब तो तीनों भईया मिलके ...कमल जीजू रिश्ते से उसके भैया ही लगेंगे,...![]()
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हाँ.. गुड्डी का पिछवाडा... मिसेज मोइत्रा, उनकी कलियाँ, कोचिंग की पार्टी ... इसके बाद फिर कहीं समधन की बारी...wakt usme isliye lagana hai ki jab unki samdhan jaayengi to vo samjha ke saath men le aayengi,... par us ke pahle Guddi ka yahan se jana hoga kyonki uske saamne ,... ye baat pahle hi aa chuki hai,... uske alavaa Mrs Moitra aur unke rasgullon ka bhi bhog lagana hai, to wakt to lagega
इसीलिए टाईम की बचत के लिए...देखिये जब जीजा साली साथ हों तो बस एक रूल होता है
पति के साथ नहीं,... पति के साथ तो रोज रोज, इसलिए न मैं इनके साथ न मेरी बहन रीनू होने पति अजय के साथ तो डबलिंग से ज्यादा कुछ नहीं,... हाँ गुड्डी के पति तो कोई हैं नहीं उन तीनो में तो ट्रिपलिंग का पूरा चांस है,... फिर उसकी दो दो भाभियाँ मैं और रीनू,... तो हम दोनों भी, एक साथ,... टाइम बचता है, वो लोग तो वैसे ही एक दो दिन के लिए आएंगे
Then please concentrate on other story of your liking.Bakwas writing
दो-शब्द....Didi new Update ka wait hai....Raha nahi jaa raha hai uffff
When you are on this forum.. you will more of them.Bhadda contemt
और यही एक कंप्लीट एंटरटेनर मूल अवयव/मंत्र होना चाहिए...एकदम सही कहा आपने, बहुत बहुत आभार,... वरना पूरी क्रिया एकदम यांत्रिक होती है,... मन की बात तो तभी होती है जब फोरप्ले अच्छा हो और हर बार कुछ अलग हो पर सायास न लगे।
हर अंग नशीला है....देह के मधु के साथ आसव जुड़ने से नशा दूना हो जाता है और देह जो प्याला बनी हो बहन की हो,
और पीने वाला भाई हो , बचपन से ललचाता तो कहना ही क्या,
साकी भी , प्याला भी शराब भी ,... फिर तो वो छक के पियेगा
मिर्जा गालिंब ने कहा था,...
पिला दे औक से साकी जो मुझसे नफरत है,
पियाला गर नहीं देता न दे, शराब तो दे।
औक या अंजुली की जगह तो ये कमसिन साकी अपने उभरते जोबन उभार के, गहरी नाभि से छलका के पिला रही है,...
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शटर उठते हीं दुकान चालू....नहीं नहीं कमर के नीचे का नहीं,
वहां तो ' कार्य प्रगति पर है , असुविधा के लिए खेद है " का बोर्ड लगा था,
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और पिछवाड़े का भी मजा मिलेगा उसके भैया को, बस दो चार दिन बाद,... एक बार शटर खुल जाए ठीक से