Dost...Apki nazar me romance ka matlab kya hai.....sirf sex....?
Kya bina sex ke romance possible nahi hai...?
Bhai ye ek Love story hai Saajan aur Divya ki....... na ki koi sex story
Maine front page me hi bataya hai ki is kahani me hawas janit sex ke liye koi jagah nahi hai
Sex hoga jarur magar jab true love hoga tab
Aur abhi to story sirf 25% hi huyi hai 75% kahani baki hai dost
Sex hoga aur sab ke sath hoga aur itna ki aap hilate hilate thak jaoge
Maine front page par kahani ka concept diya hua hai jisse pata lag jayega ki kab kya hoga
Ab agar apko story me action adventure ki jagah kewal sex hi chahiye to mai kyo apna daily ka 8-9 ghante jo iska ek update likhne me barbad karta hu..kyo karu...?
भाई आप की लेखनी कमाल की है और आप इस फोरम के एक बेहतरीन लेखक है ये मैं नहीं कह रहा हूं ये आप की दोनों कहानियों के views और पेजों द्वारा बयां हो रहा है रही बात टिप्पणियों की तो एक पुराना गाना है......
कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना
छोड़ो बेकार की बातों में कहीं बीत ना जाए रैना ) - २
कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना
कुछ रीत जगत की ऐसी है, हर एक सुबह की शाम हुई - २
तू कौन है, तेरा नाम है क्या, सीता भी यहाँ बदनाम हुई
फिर क्यूँ संसार की बातों से, भीग गये तेरे नयना
कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना
छोड़ो बेकार की बातों में कहीं बीत ना जाए रैना
कुछ तो लोग कहेंगे ...
हमको जो ताने देते हैं, हम खोए हैं इन रंगरलियों में - २
हमने उनको भी छुप छुपके, आते देखा इन गलियों में
ये सच है झूठी बात नहीं, तुम बोलो ये सच है ना
कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना
छोड़ो बेकार की बातों में कहीं बीत ना जाए रैना
कुछ तो लोग कहेंगे ...