उन्होंने धीरे से कहा, “इतनी देर से तुम कह रहे थे… लेकिन मैं सुन ही नहीं पा रही थी। शायद डर था कि ये सपना है, और जागते ही सब छिन जाएगा।”
अंकल ने उसकी उंगलियाँ और कसकर थाम लीं।
“अगर ये सपना है,” उन्होंने कहा, “तो मैं कभी नहीं चाहूँगा कि तुम जागो। और अगर हकीकत है, तो मैं वादा करता हूँ — अब कोई...