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Incest आह..तनी धीरे से.....दुखाता.

whether this story to be continued?

  • yes

    Votes: 44 97.8%
  • no

    Votes: 1 2.2%

  • Total voters
    45

Lovely Anand

Love is life
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159
आह ....तनी धीरे से ...दुखाता
(Exclysively for Xforum)
यह उपन्यास एक ग्रामीण युवती सुगना के जीवन के बारे में है जोअपने परिवार में पनप रहे कामुक संबंधों को रोकना तो दूर उसमें शामिल होती गई। नियति के रचे इस खेल में सुगना अपने परिवार में ही कामुक और अनुचित संबंधों को बढ़ावा देती रही, उसकी क्या मजबूरी थी? क्या उसके कदम अनुचित थे? क्या वह गलत थी? यह प्रश्न पाठक उपन्यास को पढ़कर ही बता सकते हैं। उपन्यास की शुरुआत में तत्कालीन पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सेक्स को प्रधानता दी गई है जो समय के साथ न्यायोचित तरीके से कथानक की मांग के अनुसार दर्शाया गया है।

इस उपन्यास में इंसेस्ट एक संयोग है।
अनुक्रमणिका
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भाग 126 (मध्यांतर)
 
Last edited:

Pks0775

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Pickle Kai years se silent reader hu par aapki story ne mere ko registere Karne par majbur Kar diya please send me updated 120
 

Tarahb

Member
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Aap sabhi ko dhmyavaad... ने पाठकों का हार्दिक स्वागत है.

तरहब जी आपने जो प्रतिक्रिया दी है वह पढ़ने में अच्छी लगती है हकीकत में यह संभव हो ना हो और यदि हो भी तो उसका भी आनंद लेते रहे और जुड़े रह
 
Last edited:

himale

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121 अपडेट कब आ रहा है ? बेसब्री से इंतज़ार है .....
 

Lucif8q12

New Member
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इस अपडेट ने बहुत पुराने राज को खोल दिया।अद्भुत, अपडेट 121 जल्द भेजा जाएं।कहानी रोमांचक मोर पर है।
 
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