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Incest इंस्पेक्टर की बेटी

malikarman

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पर वो बाद की बात है
अभी तो श्रुति को स्वर्ग का वो मज़ा मिल रहा था जो शायद उसने आज तक महसूस नही किया था

“ओह माआय गॉड ……..सााली इतना मज़ा देती है तू…..काश पहले पता होता…….अब तक सो बार चुस्वा चुकी होती तुझसे…..”

उसके हाथ अब मेरे बूब्स को भी टटोल रहे थे
मैने भी आनन फानन में अपनी टी शर्ट और ब्रा निकाल फेंकी
अब हम दोनो टॉपलेस होकर अपनी मुर्गिया एक दूसरे से लड़ा रहे थे



कभी वो अपने पैने निप्पल्स से मेरे बूब्स को भेदती कभी मैं
कभी वो मेरा दूध पीती कभी मैं

करीब 10 मिनट तक उसने सेम तो सेम वही निशान मेरी बॉडी पर भी बना दिए जो उसके उपर थे
इसे कहते है पक्की वाली दोस्ती

अब बारी नीचे की थी
गोडाउन में जाने की

क्योंकि असली देसी घी तो वहीं से निकल रहा था दोनो का
पहल मैने की
मैने उसकी जीन्स को खींचा और उतार दिया
साथ में उसकी कच्छी भी निकल आई

मैने भी अपनी शॉर्ट्स उतारी , मैने पेंटी नही पहनी थी आज
दोनो के मिठाई के डब्बे खुलते ही उनकी महक पूरे कमरे में फैल गयी

श्रुति ने मुझे इशारा किया और मैने अपनी टांगे उसके चेहरे से घुमा कर अपनी पुस्सी उसके चेहरे पर रख दी
और खुद अपने लिप्स को लेजाकर सीधा उसकी बहती हुई नशीली चूत पर
और वहां का नज़ारा देखकर मैं हैरान रह गयी
वो एकदम लाल सुर्ख हुई पड़ी थी
शायद कल की पहली चुदाई का असर था और नितिन की चुसाई का भी

श्रुति : “सलोनी….ज़रा आराम से करना…अभी कल का दर्द गया नही है…”

मैने कहा : “फिकर ना कर मेरी जान, तेरी चूत को अपनी समझ कर ही चूसूंगी …. दर्द तेरे आशिक ने दिया है, दवा मैं दूँगी”
मेरे फिल्मी अंदाज पर वो हंस पड़ी पर अगले ही पल उसकी हँसी एक सिसकारी में बदल कर रह गयी

क्योंकि मैने उसकी पूरी की पूरी चूत अपने मुँह में एक ही बार में लेकर उसे सिर्फ़ होंठो से चूसना शुरू कर दिया था

“सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स……अहह…….ओह यएसस्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स……ऐसे ही……”

और तभी वो एहसास जो उसे मिल रहा था , मुझे भी मिला
मेरी चूत को भी उसने अपने मुँह में लेकर जोर से चूस डाला
पर उसके चूसने में जंगलिपन ज़्यादा था
क्योंकि उसे पता था की मेरा ये पहली बार है, एकदम कुँवारी चूत है मेरी
कोई दर्द नही , कोई शिकन नही
उसके साथ वो कुछ भी कर सकती है
इसलिए वो बिना किसी रहम के अपने दांतो, जीभ और होंठो के प्रहार से मुझे अंदर तक भिगोने लगी

और सच कहूं दोस्तो, अपनी लाइफ की पहली चुसाई का एहसास पाकर मेरा पूरा शरीर हवा में उड़ रहा था

मुझे तो पता भी नही था की इतना मज़ा मिलेगा
वरना आज से 4 साल पहले जब उसने किस्स करने की शुरूवात करना चाही थी तो उसे आगे बढ़ने से मना नही करती
हम आज तक कितनी बार ऐसी चुसम चुसाई के मज़े ले चुके होते

और उस 69 के पोज़ में हम दोनो एक दूसरे की चूत की मलाई चूसने और चाटने में एक दूसरे की चूत में बुरी तरह से घुसते चले गये



पूरे कमरे में सिर्फ़ हम दोनो की चपर -2 की आवाज़ें और सिसकारियां तैर रही थी

कुछ ही देर में हम दोनो के शरीर उस मुकाम पर पहुँच गये जहाँ से झरने के गिरने जैसा एहसास होता है
और लगभग एक साथ ही हम दोनो का ऑर्गॅज़म आया
एक दूसरे के मुँह में

काफ़ी मस्त स्वाद था उसके जूस का
और शायद उसे भी मेरा जूस पसंद आया था क्योंकि उसने भी मेरे शेम्पेन के ग्लास को पूरा खाली करके छोड़ा
आख़िर तक चाट्ती रही वो उसे

फिर मैं उसकी तरफ सिर करके उसकी बाहों में लिपट गयी
और धीरे से उसके कान में फुसफुसाई
“थॅंक यू श्रुति….फॉर दिस “

वो मुस्कुराइ और बोली : “थेंक्स टू यू मेरी जान….इतना मज़ा तो मुझे नितिन ने भी नही दिया जितना तूने आज दे दिया है….थेंक यू एंड लव यू …”

इतना कहते हुए उसने अपने वो गीले होंठ मेरे होंठो पर रखे और उन्हे चूसने लगी
यार……
वो किस्स मैं कभी नही भूल सकती
मेरी ही चूत का रस उसके होंठो पर था
और साथ में उसके मुँह की मीठी लार भी
उन दोनो का किल्लर कॉंबिनेशन मुझे किसी और ही दुनिया में ले जा रहा था

और ये एहसास भी दिला रहा था की अब मुझे भी अपने इस जवान जिस्म को वो मज़े दिलवाने चाहिए जिसका ये हकदार है



पर कैसे मिलेंगे वो मज़े
ये तो आने वाला वक़्त ही बताएगा
Awesome update
 
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Ashoka bhai update to dhaasu tha. But ye to pura Lesbian scene dilkha diya apne adbhud lekhani se. Ab baat ye hai ki itne dino ke intejaar ke baad ye padhne ko mila to man ko tasalli nahi ho rahi ke ye kya hum Incest padhne aaye the ya kahe wo majaa nahi aaya jiski chahat me ye Story ko hum follow kar rahe hai.

Inspector ki Beti me bahot aag hai usko Incest kahani me pirona aapko bakhubi aata hai. Lekin ab itne dino baad ye padhne ko mila hai jo unexpected or not required part tha aisi majedaar story ka. Ab pata nahi Next dhaasu update kab padhne ko mile jisame Incest ka tadka ho, Ras ho Jo bas hilaane ko majboor kar de aur aapme wo kala hai.

Intejaar ke alawa hamare paas aur koi vikalp bhi nahi hai.
 
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Ek number

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माँ (झल्लाते हुए) “ये लड़की भी ना….कितनी बार बोला है अब तू जवान हो गयी है….फिर भी ये बच्चों की तरह कपड़े निकाल कर फेंक देती है….बदमाश कहीं की…”

और फिर वो ये सोचकर मुस्कुरा दी की मैं उन्हे उतारकर कैसे बाथरूम में नंगी गयी होउंगी … ये तो शुक्र था की उन्होने मेरी पेंटी पर गीलापन महसूस नही किया वरना वो भी मेरी क्लास लगा देती.

ठंडे पानी की बौछारें अपने जिस्म पर महसूस करके मैं ये सोचने की कोशिश कर रही थी की आज ये हुआ क्या है मेरे साथ सुबह -2

पापा का मुझे उस तरह से देखना और बाद में मेरा उनके बारे में ग़लत सोचकर मास्टरबेट करना ये सब मुझे कहाँ ले जाएगा

इन बातों का अभी के लिए मेरे पास कोई जवाब नही था पर आने वाला वक़्त शायद मुझे इसका जवाब दे सके.

***********
अब आगे
***********

आज का पूरा दिन मैं फ्री थी इसलिए मैने फोन करके श्रुति को घर बुला लिया
वो अक्सर मेरे घर आने से डरती थी, पापा की वजह से
पर आज तो सुबह का टाइम था और वो ड्यूटी पर होते है, इसलिए वो बेझिझक आ गयी

दिन में माँ ने हम दोनो के लिए मटर पुलाव् बना दिया
और खुद सोने के लिए चली गयी, जो उनकी रोज की दिनचर्या थी दोपहर की

मैंने अपने रूम को अंदर से बंद किया और श्रुति के साथ पालती मारकर पलंग पर बैठ गयी
श्रुति मुझसे कल की सारी बाते पूछ रही थी
उसे भी यही लगा था की घर आकर पापा ने मुझे बहुत मारा होगा
क्योंकि वो भी उनका स्वाभाव जानती थी

पर जब मैने कहा की ऐसा कुछ नही हुआ तो वो भी हैरान रह गयी
काफ़ी कुरेदने के बाद भी मैने उसे कुछ नही बताया
मुझे डर था की वो मेरे या पापा के बारे में क्या सोचेगी

मैने बात बदलने के लिए उसके और नितिन के बारे में पूछना शुरू कर दिया
वो तो उसका फेवरेट टॉपिक था
कॉलेज में भी वो उसी के नाम की रट लगाए रखती थी
मेरे पूछते ही वो एकदम से शुरू हो गयी

श्रुति : “अच्छा सुन, तूने नितिन की बात छेड़ी ही है तो मैं तुझे कुछ बताना चाहती हूँ ”
मैं : “हाँ , बोल ना….”
श्रुति : “एक्चुअली …..कल क्लब के बाद….जब तू चली गयी थी तो….तो मैं और नितिन…आई मीन…मैं उसके साथ ….कहीं गयी थी….”

मैं (हरान होते हुए) : “गयी थी…मतलब…कहाँ ….जो काम तुम करते हो, वो तो तुम वहां भी कर ही रहे थे….पूरी मूवी के दौरान और क्लब के डांस फ्लोर पर भी तुम एक दूसरे को चूमने चाटने में लगे रहे…फिर तुम्हे कहीं और जाने की क्या ज़रूरत पड़ गयी ?”

श्रुति : “यार….तू समझ क्यों नही रही…..मैं ….मैं….उसके साथ….ओयो रूम गयी थी….”

उसने एक ही साँस में बोल दिया और मुझे आँख मारकर अपने दाँत निपोरने लगी..



मैं हरानी से उसके चेहरे को घूरे जा रही थी
जलन के भाव मेरे चेहरे पर सॉफ देखे जा सकते थे
मैने तो आज तक एक किस्स भी नही की थी किसी को
और ये
ये कमिनी अपने बाय्फ्रेंड के साथ ओयो भी हो आई
वहां जाने का मतलब
उन दोनो ने सैक्स किया

ओह्ह तेरी माँ की चूत

ये सोचते ही मेरे कान एकदम से गर्म हो गये
मेरी आँखो में गुलाबीपन उतर आया
और ना चाहते हुए भी मेरी खुली आँखो के सामने उनकी पिक्चर चलने लगी
जिसमे नितिन उसे पलंग पर घोड़ी बना कर बुरी तरह से चोद रहा था, बिलकुल पॉर्न मूवीज की तरह



मुझे पलकें तक ना झपकाता देख उसने मुझे झंझोड़ा

“ओ सलोनी….ओये….क्या हो गया तुझे….इतना क्यो शॉक हो गयी….”

उसके इतना कहते ही मैं उसपर टूट पड़ी…
मैने उसे बेड पर गिराया और उसके उपर चढ़ गयी और उसका गिरेबान पकड़ कर लगभग चिल्ला पड़ी

“साली….कमिनी….इतनी बड़ी बात हो गयी….और तू मुझे इतने कैजुअल तरीके से बता रही है….हमने डिसाईड किया था की कॉलेज लाइफ में ऐसा कुछ नही करेंगे…फिर ये प्रॉमिस क्यो तोड़ा तूने….बोल कमिनी….बोल…”

मेरा मारना एक तरह से मजाकिया लहजे में था
पर उसमे जो शिद्दत और जलन थी, वो असली थी
मुझे सच में उस से ईर्ष्या हो रही थी

श्रुति : “हाँ , किया था वादा …पर यार….पिछले कई दिनों से ना…मेरा खुद का बहुत मन कर रहा था ये सब करने का….और तूने तो देखा ही था, मूवी हॉल में भी उसने मुझे इतना गर्म कर दिया था की कुछ देर तक और मूवी चलती तो मैने वही बैठ जाना था उसके लॅंड पर….और बाद में डांस करते वक़्त भी जिस तरह से मैं उसके कड़कपन को फील कर रही थी, यार कसम से, कल ना करती तो पूरी लाइफ पछताती रहती की मौका था पर कुछ किया नही…इसलिए बाद में जब उसने किसी रूम में चलने के लिए पूछा तो मैने झत्ट से हां कर दी….”

मैं पलक झपकाए बिना उसकी बातें सुन रही थी…
मैने धीरे से पूछा : “ फिर…..?”
यानी मैं आगे जानना चाहती थी की वहां पहुँचकर हुआ क्या

और शायद उन पॅलो को याद करके वो भी एकदम से गर्म होने लगी थी
क्योंकि मैं जिस जगह बैठी थी , वो उसकी पुस्सी वाला हिस्सा था
वो मेरे नीचे थी और मैने उसके दोनो हाथो को पलँग पर दबा रखा था
उसकी कमर धीरे-2 हिलने लगी वो सब याद करके

श्रुति : “फिर…जब हम कमरे में गये तो…अंदर जाते ही हमने किस्स की और फिर बहुत एंजाय करके सैक्स किया…सच में बहुत मज़ा आया…”

मैने एक हल्की चपत लगाई उसके गाल पर और गुर्राई : “ऐसे नही….डीटेल में बता…क्या और कैसे हुआ….एन्ड कुछ भी मिस किया ना, आई विल किल यू …समझी…”

श्रुति (हंसते हुए) : “समझ गयी मेरी माँ ….देख रही हूँ आजकल तू इन बातो को कुछ ज़्यादा ही एंजाय कर रही है…मूवी हॉल में भी तू हम दोनो को किस्स करते हुए देख रही थी….है ना…”

मैने आँखे झुका ली

श्रुति : “इट्स ओक बैबी….होता है ये सब…और ये अभी नही करेंगे तो कब करेंगे…कॉलेज लाइफ में कुछ तो यादगार रहना चाहिए ना…”

मैं : “चल वो सब छोड़ , अब सब डीटेल में बता”

श्रुति ने गला सॉफ किया और बोलना शुरू : “तो कमरे में जाते ही नितिन ने मुझे कस के गले से लगाया और मुझे किस्स करने लगा…वो अपने हाथ से मेरे बूब्स को भी मसल रहा था….कमीने ने कल इतना मसला था की अभी तक लाल निशान पड़े है….”

इतना कहकर वो मुस्कुरा दी…
मैने उसकी टी शर्ट का गला खींचकर नीचे किया तो उसकी क्लिवेज सामने आ गयी
उसके बूब्स मुझसे थोड़े बड़े ही थे
और उनपर लगे लाल निशान मुझे वही से नज़र आ गये…

मैने हाथ अंदर खिसका कर उसके उस लाल हिस्से को छू लिया
वो कसमसा उठी
मुझे ऐसा फील हुआ जैसे मैने उसकी स्किन नही बल्कि नितिन के होंठो को छुआ है
क्योंकि कल वही तो थे जिन्होने ये चित्रकारी की थी उसकी बॉडी पर

श्रुति : “फिर पता ही नही चला की कब हमारे कपड़े उतर गये और हम दोनो एक दूसरे के नंगे बदन को चूमने लगे”
ओह्ह्ह गॉड
एक बिस्तर पर 2 नंगे जिस्म
आह्ह्ह्हह्ह
मेरे तो रोंगटे खड़े हो रहे थे
Nice update
 
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मैं तो बस इमेजन ही कर रही थी की कैसे हुआ होगा वो सब
अब कमर मटकाने की बारी मेरी थी
मेरी पुस्सी और उसकी पुस्सी एक दूसरे से घिस कर एक अजीब सा नशा उत्पन कर रही थी

श्रुति ने आगे बोलना शुरू किया : “और पता है…उसने….वहां नीचे जाकर….मेरी पुस्सी को…..वहां …उसने …..सक्क भी किया….”

मेरी आँखे फटी की फटी रह गयी..
मुझे तो लगा था की सीधा साधा सैक्स ही हुआ होगा
पर ये साली तो पूरे मज़े लेकर आई है

श्रुति : “और बाद में …मैने भी उसे सक्क किया…..”
मेरा मुँह सूख चूका था
ये सोचकर की उन्होने ओरल सैक्स किया था पहले

मैं : “के….केसा लगा था…वो सब करते हुए…आई मीन….मज़ा आया क्या “

श्रुति : “और नही तो क्या….पता है…जब नितिन ने मुझे वहां सक्क किया ना…यार….कसम से…मेरी पूरी बॉडी शिवर कर रही थी….ही वाज़ सकिंग मी लाईक ए आइस्क्रीम….पूरा अंदर तक अपनी जीभ से…मेरे नीचे के लिप्स को मुँह में लेकर….और वहां जो वो एक दाना होता है ना…”

मैंने बीच में टोका :”वो क्लिट…”



श्रुति : “हाँ वही….तूने ये सब किया नही, पर पता सब है तुझे भी कमिनी…आई नो, जब तू किसी के साथ सैक्स करेगी ना, सामने वाले की शामत आ जानी है कसम से…”

मैं अपनी तारीफ सुनकर मुस्कुरा दी
मैं : “वो सब छोड़, आगे क्या हुआ, जब तूने सक्क किया तो कैसा फील हुआ…मज़ा आया…”
श्रुति : “उसे तो मैने पहले भी सक्क किया हुआ है, कई बार….कार में भी….गार्डेन में भी…और एक बार मूवी हॉल में भी…”

ये बात तो उसने मुझे पहले भी बताई थी
पर तब मैने उसे ज़्यादा तवज्जो नही दी थी
पर आज पता नही क्यो मुझे एक – एक बात जाननी थी

श्रुति : “उसने जिस गहराई में जाकर मेरी पुस्सी को चूसा था, उसका बदला तो उतारना ही था, इसलिए जब नितिन उठकर मेरे चेहरे के करीब आया तो मैने भी उसका पेनिस अपने मुँह में लेकर उसे डीप थ्रोट सकिंग दी, पता है वो अपना सिर उपर करके बस किसी सियार की तरह चिल्ला रहा था, कुछ बोल ही नही पाया बेचारा, इतना ज़ोर से चूसा था मैने उसे…”



वाउ यार….ही इस सो लक्की
लक्की तो वैसे ये कुतिया श्रुति भी है
एक कड़क लॅंड को चूसने में कितना मज़ा आया होगा ये तो बस मैं इमेजीन ही कर सकती हूँ …
असली मज़ा तो इसने ही लिया है

श्रुति : “और लास्ट में …उसने जब उसने वो गीला पेनिस मेरे अंदर डाला ना….पूरी दुनिया घूम गयी मेरी आँखो के सामने “
मैं : “दर्द हुआ था क्या ? “
श्रुति : “हाँ, थोड़ा सा….बट मैने मैनेज कर लिया था…इट वाज़ ओके …ब्लीडिंग नही हुई क्योंकि तुझे तो पता ही है मैं फुटबॉल क्लब में थी स्कूल टाइम में , वहां खेलते वक़्त ही शायद वो झिल्ली फट गयी थी…पर ओवरॉल, सैक्स करके मज़ा बहुत आया…”
उनकी चुदाई के बारे में सोचते-2 मेरी भी आँखे बंद हो गयी

मेरी कमर की गति भी उसी स्पीड से तेज हो रही थी , जिस गति मे शायद श्रुति ने अपनी कमर मटकाय होगी उस रूम में चुदवाते हुए
और मेरे हाथ उसके नर्म मुलायम बूब्स पर कब अपनी पकड़ बनाने लगे, ये मुझे भी पता नही चला

अब मैं इमेजीन कर रही थी की कैसे नितिन ने अपने हाथ में पकड़ कर अपना लॅंड उसके अंदर डाला होगा
और कैसे वो कसमसाई होगी उसे अंदर लेते हुए
दर्द भी हुआ होगा
और मज़ा भी मिला होगा



ये सोचते-2 मेरी कमर और तेज़ी से हिलने लगी
अब श्रुति भी गर्म हो चुकी थी उस रगड़ाई से
वो रोकना तो चाहती थी पर शायद मज़ा उसे भी आ रहा था

मैने उसकी टी शर्ट को लगभग खींचते हुए कहा : “दिखा मुझे, लव बाइट्स भी है क्या तेरी बॉडी पर….”
उसका चेहरा देखने लायक था, जैसे पूछा रही हो की
है भी तो तुझे क्या लेना देना ?

और ऐसे क्यों कर रही है तू
लेस्बियन -2 खेलना है क्या
आज से पहले तो ऐसा कोई इंडिकेशन नही दिया तूने

यहाँ मैं एक बात और शेयर करना चाहती हूँ आपसे
श्रुति और मेरी दोस्ती स्कूल टाइम से ही है
जब हम दोनो टीनेजर्स थे, उसने कई बार मुझे किस्स करने की कोशिश की थी
वो देखना चाहती थी की किस्स करने में कैसा फील होता है
एक दो बार तो मैने भी कोई रिएक्शन नही दिया, चुपचाप किस्स करवा ली
पर एक दिन जब उसने किस्स करते हुए मेरे मुँह में जीभ डाली और मेरे बूब्स को छेड़ना शुरू किया तो मैने उसे बहुत डांटा था
मेरे दिमाग़ में था की ऐसे काम तो सिर्फ़ लेस्बियन करते है और वो हम थे नही

इसलिए उस दिन के बाद उसने ऐसी कोई कोशिश नही की थी
पर आज, वो सब मैं कर रही थी, उसके साथ
उसे तो शुरू से ही ये सब पसंद था

उसकी आँखो के सवाल आँखो मे ही रह गये
वो कुछ बोल नही पाई
बल्कि उसने मेरा साथ दिया उस टी शर्ट को उतारने में
कुछ ही देर में वो मेरे सामने सिर्फ़ ब्रा में थी
उसके निप्पल्स विसिबल थे
कारण था उसकी उत्तेजना



निप्पल्स तो मेरे भी विसिबल थे पर वो उन्हे अभी देख नही पा रही थी

मैने उसकी स्किन पर बाइट मार्क्स देखे….
ऐसा लगा जैसे नितिन ने उसे हर जगह पर बाइट और सक्क किया है…
कहीं गहरे निशान थे तो कहीं हल्के

पर निप्पल के करीब जाते-2 वो बढ़ते जा रहे थे…
मैने उसके दोनो ब्रा स्त्रेप्स को कंधे से नीचे गिरा दिया
एक पल के लिए तो उसकी भी आँखे चौड़ी हो गयी
पर वो कुछ नही बोली
अब वो मेरे सामने टॉपलेस होकर पड़ी थी



मैं हैरानी से उसके गोरे चिट्टे जिस्म और मोटे बूब्स को देखने लगी
वो बूब्स मुझे अपनी तरफ खींच रहे थे
उसकी आँखो में भी मौन स्वीकृति थी
मेरा सिर अपने आप उसके बूब्स पर झुकता चला गया
और मेरे लिप्स ने सीधा उसके तने हुए निप्पल को अपनी गिरफ़्त में लेकर चूसना शुरू कर दिया

“आआआआआआहह……… ओह…. मेरी ज़ाआाआआआन ……. उम्म्म्ममममम”

उसके हाथ मेरे सिर के पीछे आ लगे और वो मुझे अपनी छाती पर और ज़ोर से दबाने लगी
उसका फूला हुआ बूब मेरे पुर चेहरे को छुपा ले गया



मैं उसके पुर बूब्स को चूस भी रही थी और चाट भी रही थी
शायद मुझे आशा थी की नितिन ने जब अपनी जीभ से इसी जगह पर श्रुति को चाटा होगा तो उसका कुछ टैस्ट अभी तक सकी स्किन पर होगा जो मैं अपनी जीभ से समेट लेना चाहती थी

वैसे एक बात तो है दोस्तों
एक लड़की को एक लड़की ही अच्छी तरह से चूम और चूस सकती है
क्योंकि वो जानती है की लड़कियो को किस अंदाज में चुसवाना और चटवाना पसंद है
ना कम ना ज़्यादा

लड़को का क्या है
वो तो भूखे भेड़िये की तरह टूट पड़ते है उनपे
उन्हे सिर्फ़ अपने मज़े से मतलब होता है
काश मैं ऐसी ट्यूशन शुरू कर पाती जिसमें मैं जवान लड़को को ये सब सिखाती की कैसे एक लड़की को खुश करना चाहिए
Behtreen update
 
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पर वो बाद की बात है
अभी तो श्रुति को स्वर्ग का वो मज़ा मिल रहा था जो शायद उसने आज तक महसूस नही किया था

“ओह माआय गॉड ……..सााली इतना मज़ा देती है तू…..काश पहले पता होता…….अब तक सो बार चुस्वा चुकी होती तुझसे…..”

उसके हाथ अब मेरे बूब्स को भी टटोल रहे थे
मैने भी आनन फानन में अपनी टी शर्ट और ब्रा निकाल फेंकी
अब हम दोनो टॉपलेस होकर अपनी मुर्गिया एक दूसरे से लड़ा रहे थे



कभी वो अपने पैने निप्पल्स से मेरे बूब्स को भेदती कभी मैं
कभी वो मेरा दूध पीती कभी मैं

करीब 10 मिनट तक उसने सेम तो सेम वही निशान मेरी बॉडी पर भी बना दिए जो उसके उपर थे
इसे कहते है पक्की वाली दोस्ती

अब बारी नीचे की थी
गोडाउन में जाने की

क्योंकि असली देसी घी तो वहीं से निकल रहा था दोनो का
पहल मैने की
मैने उसकी जीन्स को खींचा और उतार दिया
साथ में उसकी कच्छी भी निकल आई

मैने भी अपनी शॉर्ट्स उतारी , मैने पेंटी नही पहनी थी आज
दोनो के मिठाई के डब्बे खुलते ही उनकी महक पूरे कमरे में फैल गयी

श्रुति ने मुझे इशारा किया और मैने अपनी टांगे उसके चेहरे से घुमा कर अपनी पुस्सी उसके चेहरे पर रख दी
और खुद अपने लिप्स को लेजाकर सीधा उसकी बहती हुई नशीली चूत पर
और वहां का नज़ारा देखकर मैं हैरान रह गयी
वो एकदम लाल सुर्ख हुई पड़ी थी
शायद कल की पहली चुदाई का असर था और नितिन की चुसाई का भी

श्रुति : “सलोनी….ज़रा आराम से करना…अभी कल का दर्द गया नही है…”

मैने कहा : “फिकर ना कर मेरी जान, तेरी चूत को अपनी समझ कर ही चूसूंगी …. दर्द तेरे आशिक ने दिया है, दवा मैं दूँगी”
मेरे फिल्मी अंदाज पर वो हंस पड़ी पर अगले ही पल उसकी हँसी एक सिसकारी में बदल कर रह गयी

क्योंकि मैने उसकी पूरी की पूरी चूत अपने मुँह में एक ही बार में लेकर उसे सिर्फ़ होंठो से चूसना शुरू कर दिया था

“सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स……अहह…….ओह यएसस्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स……ऐसे ही……”

और तभी वो एहसास जो उसे मिल रहा था , मुझे भी मिला
मेरी चूत को भी उसने अपने मुँह में लेकर जोर से चूस डाला
पर उसके चूसने में जंगलिपन ज़्यादा था
क्योंकि उसे पता था की मेरा ये पहली बार है, एकदम कुँवारी चूत है मेरी
कोई दर्द नही , कोई शिकन नही
उसके साथ वो कुछ भी कर सकती है
इसलिए वो बिना किसी रहम के अपने दांतो, जीभ और होंठो के प्रहार से मुझे अंदर तक भिगोने लगी

और सच कहूं दोस्तो, अपनी लाइफ की पहली चुसाई का एहसास पाकर मेरा पूरा शरीर हवा में उड़ रहा था

मुझे तो पता भी नही था की इतना मज़ा मिलेगा
वरना आज से 4 साल पहले जब उसने किस्स करने की शुरूवात करना चाही थी तो उसे आगे बढ़ने से मना नही करती
हम आज तक कितनी बार ऐसी चुसम चुसाई के मज़े ले चुके होते

और उस 69 के पोज़ में हम दोनो एक दूसरे की चूत की मलाई चूसने और चाटने में एक दूसरे की चूत में बुरी तरह से घुसते चले गये



पूरे कमरे में सिर्फ़ हम दोनो की चपर -2 की आवाज़ें और सिसकारियां तैर रही थी

कुछ ही देर में हम दोनो के शरीर उस मुकाम पर पहुँच गये जहाँ से झरने के गिरने जैसा एहसास होता है
और लगभग एक साथ ही हम दोनो का ऑर्गॅज़म आया
एक दूसरे के मुँह में

काफ़ी मस्त स्वाद था उसके जूस का
और शायद उसे भी मेरा जूस पसंद आया था क्योंकि उसने भी मेरे शेम्पेन के ग्लास को पूरा खाली करके छोड़ा
आख़िर तक चाट्ती रही वो उसे

फिर मैं उसकी तरफ सिर करके उसकी बाहों में लिपट गयी
और धीरे से उसके कान में फुसफुसाई
“थॅंक यू श्रुति….फॉर दिस “

वो मुस्कुराइ और बोली : “थेंक्स टू यू मेरी जान….इतना मज़ा तो मुझे नितिन ने भी नही दिया जितना तूने आज दे दिया है….थेंक यू एंड लव यू …”

इतना कहते हुए उसने अपने वो गीले होंठ मेरे होंठो पर रखे और उन्हे चूसने लगी
यार……
वो किस्स मैं कभी नही भूल सकती
मेरी ही चूत का रस उसके होंठो पर था
और साथ में उसके मुँह की मीठी लार भी
उन दोनो का किल्लर कॉंबिनेशन मुझे किसी और ही दुनिया में ले जा रहा था

और ये एहसास भी दिला रहा था की अब मुझे भी अपने इस जवान जिस्म को वो मज़े दिलवाने चाहिए जिसका ये हकदार है



पर कैसे मिलेंगे वो मज़े
ये तो आने वाला वक़्त ही बताएगा
Mast update
 

Ashokafun30

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Ashoka bhai update to dhaasu tha. But ye to pura Lesbian scene dilkha diya apne adbhud lekhani se. Ab baat ye hai ki itne dino ke intejaar ke baad ye padhne ko mila to man ko tasalli nahi ho rahi ke ye kya hum Incest padhne aaye the ya kahe wo majaa nahi aaya jiski chahat me ye Story ko hum follow kar rahe hai.

Inspector ki Beti me bahot aag hai usko Incest kahani me pirona aapko bakhubi aata hai. Lekin ab itne dino baad ye padhne ko mila hai jo unexpected or not required part tha aisi majedaar story ka. Ab pata nahi Next dhaasu update kab padhne ko mile jisame Incest ka tadka ho, Ras ho Jo bas hilaane ko majboor kar de aur aapme wo kala hai.

Intejaar ke alawa hamare paas aur koi vikalp bhi nahi hai.
Thanks for your comment
Abhi to ye 3rd update hi hai, kahani abhi lambi hone wali hai
aur kisne kaha ki incest kahani me lesbian sex nahi ho sakta ya family ke alawa kisi aur ke sath sex nahi ho sakta
meri kahani ka centre point incest hi hai but uske aas paas sab kuch milega jiske liye aap ya mere dusre readers yaha aate hai
story padne me maza aana chahiye, isliye apni soch ka dayra badao aur story ko enjoy karo
agla update incest wala hi hoga...
Enjoy
 
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