• If you are trying to reset your account password then don't forget to check spam folder in your mailbox. Also Mark it as "not spam" or you won't be able to click on the link.

Adultery कुसुम और सुलगती रातें

🔥 Read Next Hot Story →
Discover more exclusive stories

Gorgeous Riddhima

रिद्धिमा
14
56
4
यह जो दास्तान मैं आपको सुनाने जा रही हूँ, यह पूरी तरह से एक ख़ूबसूरत कल्पना है। इसका हकीकत की दुनिया से कोई वास्ता नहीं है। तो मेरी इस कहानी को सिर्फ़ मजे के तौर पर ही पढ़िएगा और यहीं तक रखिएगा।
 

Gorgeous Riddhima

रिद्धिमा
14
56
4
Update 01

रातों का सन्नाटा अब पूरी तरह से शहनाइयों और ढोल-नगाड़ों की गूंज में खो चुका था। रात काफी गहरी हो गई थी, लेकिन शादी वाले घर की रौनक देखकर लग रहा था जैसे दिन अभी शुरू हुआ हो। रंग-बिरंगी रोशनी और शानदार सजावट से पूरा घर किसी महल की तरह चमक रहा था। बारात मुख्य दरवाजे पर पहुंच चुकी थी और दूल्हे के स्वागत के लिए सबसे आगे खड़ी थीं नेहा और कुसुम।

नेहा की बड़ी बहन की शादी थी, इसलिए उसकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं था। वहीं कुसुम, जो नेहा के दिल का टुकड़ा और उसकी सबसे पक्की सहेली (bestie) थी, वह भी इस शादी को यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही थी। दोनों सहेलियों ने महफिल में आग लगाने के इरादे से बेहद खूबसूरत और बोल्ड बैकलेस ब्लाउज और चोली पहनी हुई थी।

दोनों की खूबसूरती और बदन की बनावट एक-दूसरे से बिल्कुल अलग, लेकिन बेहद आकर्षक थी। नेहा का रंग थोड़ा सा सांवला था, लेकिन उसका बदन काफी भरा हुआ और सुडौल था। चोली के गहरे गले से उसके पुष्ट और उभरे हुए स्तनों का उभार साफ-साफ दिखाई दे रहा था, जो हर देखने वाले की नजरों को अपनी ओर खींच रहा था। दूसरी तरफ कुसुम का जस्म काफी पतला, छरहरा और नाजुक था। वह दूध जैसी गोरी चिट्ठी थी। उसके स्तनों का कोई खास उभार तो नहीं था, लेकिन उसने जो डीप नेक (गहरे गले) का ब्लाउज पहना था, उसमें से उसकी गोरी और मखमली त्वचा साफ झलक रही थी, जिससे उसकी खूबसूरती में चार चांद लग रहे थे।

बारात में आए जितने भी जवान लड़के थे, वे शादी के बाकी तमाशों को छोड़कर बस इन दोनों सहेलियों को ही एकटक घूरे जा रहे थे। पूरी शादी में जितने भी मेहमान और लड़कियां आई थीं, उन सबमें सबसे ज्यादा खुले और आकर्षक कपड़े नेहा और कुसुम ने ही पहने थे, जो उनकी जवानी की बेबाकी को बयां कर रहे थे।

तभी बारात के स्वागत के बाद स्टेज पर अनाउंसमेंट हुई और कुसुम डांस करने के लिए स्टेज पर आई। जैसे ही उसने स्टेज पर कदम रखा, वहां मौजूद हर एक मर्द के दिल की धड़कन एक दम से रुक गई। उसकी खूबसूरती में एक ऐसा जादुई खिंचाव था कि बज रहा संगीत भी फीका लगने लगा। ऐसा नहीं था कि कुसुम कोई बहुत भारी बदन वाली लड़की थी, लेकिन उसकी पतली कमर, उसका दूध जैसा गोरा बदन और चांद सा चमकता चेहरा जब रोशनी के नीचे आया, तो देखने वाले अपनी सुध-बुध खो बैठे।

42343a33ddabf4826313feef52f18825.jpg


पिंक और सिल्वर रंग के उस चमकीले लहंगे और छोटे से ब्लाउज में कुसुम ने जैसे ही ढोल की थाप पर अपनी पतली कमर को मटकाना शुरू किया, उसकी अदाएं देखकर सामने खड़े लड़कों की सांसें थम गईं। डांस करते हुए वह अपनी आंखों से कुछ ऐसा कातिलाना जादू चला रही थी कि हर कोई बस उसकी जवानी के इस खूबसूरत मंजर में खो जाना चाहता था।

डांस खत्म होने के बाद जब कुसुम स्टेज से नीचे उतरी, तो उसकी सांसें काफी तेज चल रही थीं। उसके मखमली और गोरे बदन पर पसीने की नन्ही बूंदें रोशनी में मोतियों की तरह चमक रही थीं। डांस की मस्ती में उसके रेशमी बाल बिखरकर उसके चेहरे और कंधों पर आ गए थे। चलते हुए जब वह अपनी उंगलियों से उन बिखरे बालों को पीछे समेट रही थी, तो उसकी यह बेबाक और कातिलाना अदा सामने खड़े लड़कों के दिलों को और ज्यादा जख्मी कर रही थी। हर कोई बस उसकी जवानी के इस जादुई रूप को एकटक निहारे जा रहा था।

तभी अचानक कुसुम का पैर जमीन पर बिछे लाइट के एक तार में उलझ गया। उसका संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया और वह पीछे की तरफ गिरने ही वाली थी कि तभी वहां एक अप्रत्याशित मोड़ आया। नेहा के पापा, जो पास ही एक चेयर पर बैठे सब देख रहे थे, एकदम फुर्ती से अपनी जगह से उठे। उन्होंने बिजली की तेजी से अपनी मजबूत बाहों को आगे बढ़ाया और कुसुम को नीचे गिरने से ऐन वक्त पर संभाल लिया।

इस अचानक हुई हलचल में, नेहा के पापा का एक हाथ कुसुम के पसीने से भीगे, चिकने और खुले पेट पर टिका था, जिससे उसकी पतली कमर को मजबूत सहारा मिला। वहीं दूसरे हाथ से उन्होंने उसकी नाजुक कलाई को बेहद कसकर थाम लिया था। कुसुम जैसे किसी गहरे और अनजाने अहसास में खो गई। ऐसा अनोखा और तीव्र अनुभव उसे अपनी जिंदगी में पहले कभी नहीं हुआ था। नेहा के पापा के उस अचानक, भारी और मजबूत मर्दाना स्पर्श से उसका पूरा 19 साल का मासूम बदन एकदम से कांप उठा। उसके भीतर एक अजीब सी सिहरन और अनोखी गर्मी दौड़ गई। कुसुम अभी कॉलेज के पहले साल में थी और इस उम्र में उसने पुरुषों के इस रूप को कभी महसूस नहीं किया था।

नेहा के पापा ने उसे धीरे से सीधा खड़ा किया और उसकी आंखों में देखते हुए फिक्रमंदी से पूछा, "तुम ठीक तो हो ना, कुसुम?"

कुसुम का चेहरा एकदम शर्म और घबराहट से गुलाबी हो गया। उसने अपनी नजरें झुकाते हुए लड़खड़ाती आवाज में कहा, "जी... जी हां अंकल, मैं बिल्कुल ठीक हूं। थैंक यू अंकल।"

amar-upadhyay.jpg


लेकिन नेहा के पापा के हाथों का वह जादुई स्पर्श अब भी उसके पेट और कलाई पर गहराई से महसूस हो रहा था। नेहा के पापा की उम्र भले ही 50 साल के आसपास रही होगी, लेकिन अपनी गठीली कद-काठी और रोबीले व्यक्तित्व की वजह से वे दिखने में काफी जवान और आकर्षक लगते थे। उनकी परिपक्व काया और उनके हाथों का वह सख्त मर्दाना अहसास कुसुम के दिल को अंदर तक झकझोर गया था। कॉलेज के आम लड़कों के कच्चे और बचकाने स्पर्श से यह पूरी तरह अलग था, इसमें एक अजीब सी ताकत और जादुई कशिश थी, जिसने कुसुम के दिमाग में एक नई उथल-पुथल शुरू कर दी थी।
 
  • Like
Reactions: Kanishkinggg2000
Top