Ashurocket
एक औसत भारतीय गृहस्थ।
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आपने इतनी लंबी चौड़ी अंग्रेज़ी लिख दी जो मेरी समझ से बाहर है फिर भी थोड़ा बहुत समझ में जो आया है उंसके अनुसार मैं यही कहना चाहूंगी कि हर कहानी लेखक की फैंटसी ही होती है। तो कहानी को सिर्फ कहानी मानकर ही पढ़ना चाहिए, लेकिन कुछ पाठक उसमे वास्तविकता ढूंढने लगते हैं जो कि उचित नहीं है।
अगर हर लेखक पाठकों के हिसाब से कहानी को लिखने लगे तो वो कभी कहानी नहीं लिख सकता। हर कहानी में गलतियां होती हैं मेरी कहानी में भी हैं। लेकिन कोई ये कह दे कि कहानी उंसके हिसाब से नहीं चल रही है तो ये गलत हो जाएगा। एक ही कहानी को लेखक किस किस पाठक के हिसाब से लिखेगा।
आपने जो अंत सोचा है जैसा आप बता रहे हैं तो उसमें बुराई क्या है। अगर वो अंत प्यार का न होकर मां बाप की पसन्द का हो तो इसमें दिक्कत क्या है। मुझे ये समझ मे नहीं आ रहा है।
बाकी अगर आपको कहानी नीरस लगने लगी है तो आप बेशक कहानी छोड़कर जा सकते हैं।।
प्रिय Mahi Maurya सबसे पहले तो अंग्रेज़ी में टिपण्णी करने के लिए क्षमा चाहूंगा। मैंने कहानी में कोई वास्तविकता नहीं ढूंढी है। न ही कहानी के प्लाट को अपने दिल से लगाया है। मेरा उद्देशय केवल नयन के चरित्र चित्रण में जो कुछ आपने किया (अन्य पाठकों ने जिन शब्दों का प्रयोग नयन के लिए आपको पता ही है। मैंने तो फिर भी सीमाओं में रहते हुए नयन को केवल बेवकूफ ही कहा था ] उस पर एक पाठक की और से सामान्य प्रश्न उठाना था।
मैं यहाँ पर कहानी से या आपसे नाराज़ नहीं हूँ। जो अंत (पिताजी की मर्जी से नयन की शादी) नज़र आ रहा है, वही लिख दिया है। वो अंत, २ अपडेट के बाद आएगा या १५ अपडेट के बाद आएगा, वो आपकी अपनी इच्छा है। लेखिका के नाते, आप स्वंतत्र हैं, २ या १५ अपडेट में कहानी को ख़तम करने के लिए।
हाँ अगली अपडेट में आप चाहे तो संजू से नयन के हाथ पैर तुड़वा सकती हैं या नयन और अभिषेक मिलकर संजू के हाथ पेअर तोड़ सकते हैं या केवल बातें करके भी अनामिका की सच्चाई अभिषेक और नयन संजू को बता सकती हैं।
आप लेखिका हैं, आप कुछ भी कर सकती हैं।
आशु