Update 13
मेरी रुटीन चेकअप के लिए आज जाना है तो मैं आज जल्द ही उठ गया और फ्रेश होने लगा क्योंकि वहां हॉस्पिटल के ओपीडी में काफी भीड़ हो जाती है इसलिए मुझे जल्दी जाना होगा
मेरे साथ साथ रश्मि भी उठ गई थी
रश्मि- आज आपको चेकअप के लिए जाना है ना
मैं- हां
रश्मि- पहले ऑफिस चलते हैं साथ में फिर बॉस से बोल कर मै तुम्हें डॉक्टर को दिखला दूंगी
मैं- अरे नहीं, तुम चली जाओ मैं कविता दीदी के साथ चला जाउंगा और वैसे भी अगर पहले कम्पनी के ऑफिस जाएंगे फिर अस्पताल तो देर हो जायेगी और वहां काफी भीड़ हो जाती है
रश्मि- हां, पिछली बार पापा जी बोल रहें थे बहुत भीड़ हो जाती है
मैं- तुम अपने ऑफिस के लिए तैयारी करो नहीं तो तुम न लेट हो जाओ
रश्मि- ठीक है , पर कविता दी को तो जगा दो उन्हें कहां पता है की आज हॉस्पिटल जाने का डेट है
तब तक मै नहा लेती हूं फिर नाश्ता बना दूंगी
मैं- ठीक है तुम नहा लो , मै जाकर उन्हें उठता हूं
फिर मैं कविता दीदी को जगाने के लिए उनके कमरे के करीब गया पंखे चलने की तेज रफ्तार कानों में साफ सुनाई दे रहा था
मैंने दी को बाहर से ही आवाज लगाई पर कोई रेस्पॉन्स नहीं मिला फिर डोर नॉक किया फिर भी कोई रेस्पॉन्स नहीं रात में गरमी बहुत थी लगता है कविता दीदी बहुत गहरी नींद में सो रही थी ।
सुबह के सात बजने वाले थे फिर मैंने कमरे की दरवाजे को हल्का सा पुश किया दरवाजा बंद नहीं था अन्दर से तो
किएं....... एं एं....... ई ई...... हलके से आवाज़ के साथ थोड़ा खुल कर रह गया तो अंदर रूम में दीदी ऐसे हाल में थीं
देख कर लग रहा था कि देर रात के बाद सोई होगी
या कि बिस्तर में बिना जीजू के नींद नहीं आ रही होगी
ऐसा प्रतीत हो रहा था की कोई सपना देख रही हो शायद सपने में दीदी को कोई चोद ...........
छी....... मै अपने ही बहन के बारे में कैसी कैसी बात सोच रहा था
फिर एक बार जोर से कविता दीदी बोला
तो वो हड़बड़ा कर चादर को अपने बदन में लपेटा और एक मदहोशी अंगड़ाई लेती हुई उठी
फिर बोली
दी- good morning रोशन
मैं- गुड मॉर्निंग दी
दी- कितने बज गए, कल की थकान से जरा लेट हो गई उठने में तुम ब्रश कर लो मैं नाश्ता बना देती हूं
मैं- नहीं वो तो रश्मि बना रही है,
दीदी आज मेरा वो रूटीन चेकअप है क्या आप मुझे अस्पताल ले कर जा सकती है , नहीं तो रश्मि को छुट्टी लेनी होगी
दी- नहीं नहीं रश्मि को ऑफिस जाने दो मै चलूंगी तेरे साथ में कब तक निकालना होगा
मैं- आप रेड्डी हो जाए, तीनों साथ में ही निकलते हैं
दी- ठीक है मैं जल्दी से नहा कर रेड्डी होती हूं
फिर मैं ok बोल कर मै भी नहाने चल दिया
रश्मि just नहा कर बाहर निकल आई थी और अपने बालों को सुखा रही थी
फिर मैंने और रश्मि ने नाश्ता किया दीदी अभी रेड्डी हो रही थी
मैं- रश्मि ओला कैब बुक किया
रश्मि- नहीं, किया है अभी कर देती हूं और मैं निकलती हूं
मैं- क्यों, तुम साथ नहीं चलोगी
रश्मि- hospital का रूट दूसरा है और वहां से कम्पनी ऑफिस जाने के लिए बस या ऑटो नहीं मिलती है
मैं- तो वही कैब ड्राइवर छोड़ देगा
रश्मि- अरे क्यों फालतू में कार से मै जाकर खर्च बढ़ाओंगी मै चली जाऊंगी परेशान मत हो
मैं- ओके कितना सोचती हो तुम लव यू रश्मि
रश्मि- love you too janu
फिर रश्मि निकाल गई
मैं बाहर ओला कैब का इंतज़ार कर रहा था तभी मेरे बाउंड्री वॉल के कोने में पड़ोस के दो लड़के खड़े थे जो करीब 15-16 साल के होंगे और सिगरेट का कश खींचते हुए कुछ बातें कर रहें थे जो मैंने सुन लिया पर वे मुझे देख नहीं पाए
पहला लड़का- अरे क्या तुमने उसे देखा है
दूसरा- किसे यार
पहला- अरे रोशन भईया की वाइफ को
दूसरा- हां हां, रश्मि भाभी ना , क्या बात है जो
पहला- मै अभी कुछ देर पहले देखा कहीं जा रही थी
क्या मस्त rapchik आइटम है बे
दूसरा- सुना है, रोशन भइया के ऐक्सिडेंट के बाद उसी कम्पनी में जॉब मिला है
पहला- सही है , क्या गांड़ मटकाते हुए जा रही थी यार और चूचियां तो ऐसे उछल रही थी कि क्या कहना लग रहा था कि उसकी चूतड़ों के दरार में उंगली घुसा दू
दूसरा- तो चांस मार लेता , आखिर 324 no बस से ही गई होगी ना
पहला- नहीं बे.... वो बस से नहीं गई न नहीं तो पक्का चल देता उसके पीछे
दूसरा- फिर.........
पहला - निकली तो घर से पैदल ही पर अगले मोड़ पर एक मस्त चमचमाती लाल रंग की कार खड़ी थी और वो उसमें बैठ कर चली गई
दूसरा- किसकी कार थी
पहला- पता नहीं... पर इतनी महंगी कार तो इस मोहल्ले में किसी के पास नहीं है
दूसरा- अकेली थी
पहला- हां
दूसरा- तब पक्का उसका कोई पुराना आशिक़ होगा जो मौका का फायदा उठा रहा हो क्योंकी रोशन भईया का हथियार (लन्ड) तो खड़ा ही नहीं होता होगा
बोलते ही दोनों लड़के जोर से हंस पड़े
हा...... हा.... हा.......... हा......
दूसरा- धीरे हंसो साले कहीं , उसका पति सुन ना ले उसके ही मकान के पास हैं हमलोग
पहला- लन्ड तो खड़ा कर नहीं सकता झांट उखाड़ लेगा मेरा
फिर आगे बोला वो
पहला- क्या बात कर रहा है ............ क्या हुआ है बे उसको
दूसरा- अबे तुमको नहीं मालूम उसको पैरालिसिस हो गया है ऐक्सिडेंट के बाद से
पहला- लगता हैं , उसके बॉस ने वो कार भेजी होगी या वो खुद आया होगा
दूसरा- खुद ही आया होगा तभी तो , कार दूर में लगा रखा था
तभी किसी ने उन दोनों को आवाज़ दे कर बुलाया और वो वहां से चले गए
उनकी बातें सुन कर मेरे तो होश गुम हो गया तो क्या इसलिए रश्मि ने साथ जाने के लिए मना किया
और बॉस भी आजकल रश्मि को कुछ ज्यादा ही फोन करते हैं
मैं सोच में था तभी हॉर्न की आवाज़ से मेरा सड़क की ओर ध्यान गया
गाड़ी आ चुकी थी
मैंने कविता दी को आवाज़ लगाई
अन्दर से
दी - आ रहीं हूं बस दो मिनट रोशन
उसके बाद दी निकली तो मेरे साथ साथ कार ड्राइवर की भी मुंह खुली की खुली रह गई
कार ड्राइवर फुसफुसाया (क्या कांटाप माल है )
दी ब्लू कलर की एक बहुत ही टाईट कुर्ती पहना हुआ था जिससे उसकी मोटे मोटे 38 इंच की चूची बहुत ही आकर्षक लग रहा था और पीछे बहुत ही ज्यादा dipneck था जिसके वजह से उसने ब्रा नहीं पहनी थी बालों को भी ऐसी बांध रखी थी कि पूरा कमर तक गोरे गोरे पीठ दिख रहे थे
मैंने तिरछी नजरों से देखा कार ड्राइवर अपने पैंट में अपना हथियार एडजस्ट कर रहा था
फ़िर हमलोग कार में सवार होकर hospital आ पुहंचे
ज्यादा लोग नहीं थे तो मेरा नंबर तुरंत ही आ गया
मैं और दी डॉक्टर के चैंबर में
मैं- नमस्ते डॉक्टर साहब
Dr.- नमस्ते, और अभी कैसे हो रोशन
मैं- सर, अब मैं ये स्टिक के सहारे किसी तरह से धीरे धीरे कोशिश कर रहा हूं चलने की
Dr.- बहुत बढ़िया , साथ में कौन है
डॉक्टर साहब ने दीदी की उभरी हुई स्तनों को देखते हुए पुछा
मैं- जी , दीदी है मेरी
Dr. (धीरे से कहा)- मस्त चूचियां हैं, और आज वो (रण्डी) कहां है
मैं- क्या कहा डाक्टर साहब आपने
(डाक्टर थोड़ा हकलाते हुए)
Dr.- अरे का...... का.. कुछ नहीं वो , रश्मि आज नहीं आई क्या पहले हमेशा आती थी न इसलिए पूछा
मैं- जी, उसकी ज्वाइनिंग हो गई है कम्पनी में इसलिए दीदी के साथ आया
फिर ने पूछा
दीदी- डॉक्टर साहब, रोशन कब तक ठीक हो पाएगा
Dr- इसमें सुधार हो रहा है, अभी मेडिसिन वही चलेगी
आप इसका एक MRI टेस्ट करा लीजिए और रिपोर्ट देख कर ही बता सकता हूं कितना इंप्रूव हुआ है
मैं- सर इसमें, कितने का cost लगेगा
Dr- थोड़ा costly है, लगभग 12000 हजार रूपए लगेगा
मैं- ये तो बहुत ज्यादा है
Dr- हां पर ये टेस्ट कराना तो होगा ही तभी मै आगे मेडिसिन चेंज कर सकता हूं
मुझे देख कर दी बोली
दी- अरे तू क्यों चिंता करता है हम सब है ना
Dr- जिसकी पत्नी और बहन मस्त हो उसको किसी बात की फिक्र नहीं
पर यहां dr, के बोलने का मतलब कुछ और ही था
तभी दी ने फीस देने के लिए अपना पर्स निकला जो उसने अपने कुर्ती के अंदर रखा था
जिसे लगातार डॉक्टर साहब नजर रखे हुए थे
अचानक दीदी के हांथ से पर्स फिसल कर नीचे गिर गया और कविता दी झुक कर अपना पर्स उठाने लगी
तो उसकी कामुक चूचियां की झलक डॉक्टर साहब को मिल गई जो काफी देर से दी की कुर्ती के अंदर खोज रहे थे
फीस देकर हम जब निकल रहे थे तो dr. भी अपनी कुर्सी से उठकर आया और जब दीदी मुझे उठा रही थी तो वो साला मेरी दीदी के पीछे खड़ा हो गया जिससे डॉक्टर ने अपने लन्ड को दी गुदाज गांड़ पर रगड़ दिया
अचानक हुए इस घटना से दीदी आगे की ओर झुकी और उसकी चूची मेरे लबो तक आ गई
डॉक्टर ने झट से दीदी के कमर को पकड़ा और
मेरे ऊपर गिरने से रोका और फिर डॉक्टर ने अपने हांथ बढ़ा कर हल्के से दीदी के गोलाईयों को नाप लिया फिर हांथ हटा लिया
दी ने कुछ बोला नहीं
फिर हमलोग घर लौट आए
मैंने रश्मि को कॉल मिलाया तो फोन बंद आ रहा था उसका
फिर मैंने ऑफिस कॉल किया तो फोन कोई उठा नहीं रहा था तो मैंने peon ललन सिंह के मोबाईल पर कॉल किया
ललन- हेल्लो कौन
मैं- मै रोशन बोल रहा हूं
ललन- जी बोलिए रोशन बाबू
मैं- वो, रश्मि मैडम कहां है जरा बात करवाईए तो
ललन- मैडम तो , बॉस के चैम्बर में है बहुत देर से बुला दू या आप कॉल कर सकते हैं ऑफिस के फोन पर
मैं- कोई उठा नहीं रहा
ललन सिंह- मै बात कराता हूं
फिर peon कॉल कट किये बिना ही बॉस के चैंबर में घुस गया वो भी बिना नॉक किए
और फोन पर मुझे रश्मि की आवाज़ सुनाई दी बस इतनी सी
हम्मम......... छोड़िए ना सर क्या करते हैं
फिर बॉस और ललन की भी
बॉस- (ललन को डांटते हुए ) इतनी भी अकल नहीं की डोर नॉक कर अंदर आए
शायद अंदर कुछ चल रहा था
ललन- सॉरी बॉस, रोशन बाबू का कॉल था और मैडम से बात करना चाहते हैं बोला अर्जेंट है इसलिए अचानक से आ गया
बॉस- ठीक है ठीक है, आगे से ध्यान रखना
फिर रश्मि से बात हुई तो उसने कहा की फोन की बैट्री लॉ हो गई थी
मैंने कुछ कहा नहीं , मै जान रहा था कि रश्मि मुझसे झूठ बोल रही है क्योंकी सुबह उसका मोबाईल मैंने ही फुल चार्ज किया था
बाद में ललन सिंह न को पटाया और बोला ऑफिस और बॉस की सारी बातें मुझे बताएगा
उसी शाम रश्मि के पापा का फोन आया जो मेरे लिए किसी आयुर्वैद दवा के बारे में बोल रहे थे की एक वैध जी हैं जो ये सब बीमारी बहुत जल्द ठीक कर देते है
तो मैंने भी लेने के लिए हामी भर दी एक दो दिन बाद मेरे ससुर जी आकर वैध जी के पास मुझे ले चलेंगे ऐसा कहा है
रात में सोते समय मैंने रश्मि को ये बातें बताई और कहा की तुम्हरे पापा आने वाले हैं आज ज्यादा देर बात नहीं की मैने और सो गया
आधी रात को पेशाब करने उठा तो देखा रश्मि ऐसे सो रही थी जैसे पहले चुदने के बाद सोती थी
To be continued..........