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Incestपहली बार चूत में लण्ड लेने का चस्का.....जवानी की कामुक,बेकाबू दस्तक......💋💋💋💋💋💋💋💋💋💋💋💋💋💦💦💦💦💦💦💦💦💦💦💦💦🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥
मैं एक नई स्टोरी स्टार्ट करने जा रही हूं। ये कहानी आपलोग को सेक्स की चरम तक ले जाएगा । इस कहानी में एक जवानी के दहलीज़ पे खड़ी लड़की कामातुर हो के अपने चूत में लण्ड को बेताब हो जाती है। आपलोग अपनी राय दें कि मै कहानी को कैसे आगे बढ़ाऐ |
बाकी आपलोग कहानी में ही पढ़िएगा।
कहानी के पात्र हैं......
लियोनी: एक अमीर जवान लड़की (19 वर्ष )
कैट्रिन: लियोनी की बड़ी बहन (28 वर्ष )
स्टेफान: मिडल क्लास लड़का (30 वर्ष )
मारिया: एक खूबसूरत हसीना (32 वर्ष )
लियोनी अपने कमरे में पढ़ाई कर रही थी। रोज रात को लेट तक जागना उसका धंधा ही बन गया था।
वैसे भी टाइमपास के लिए उसके पास कुछ था नहीं।
लिखना उसका सबसे बड़ा शौक था। मस्त राइटिंग में डायरी सजाना उसका स्टाइल था। कुछ न कुछ बहाना पाकर वो हमेशा घिसती रहती थी। पढ़ाई न हो, तो भी साला पूरा दिन डायरी में छाप देती थी। अपने दिमाग की बकवास, दुःख और भड़ास वो लिखकर निकालती थी, जिससे उसका दिल हल्का हो जाता था।
वैसे उसका फ्रेंड सर्कल एकदम छोटा था। ऐसा नहीं कि उसे दोस्ती यारी पसंद नहीं थी, पर साली उसकी लाइफ ही वैसी थी। गिने-चुने लोगों से मिलना जुलना था। उसे किसी राजकुमारी की तरह पिंजरे में रखा जाता था। किसी ऐरे-गैरे से बात नहीं करना। बाहर अकेले नहीं जाना। ऐसे बहुत सारे लोचे थे।
उसकी लिंडा नाम की एक सहेली थी, जिससे वो फोन पर घंटों चिपकी रहती थी।
पर आज लिंडा ने उसका फोन नहीं उठाया। अब क्या करे, ऐसा वो सोचने लगी। उसे नींद भी नहीं आ रही थी। किसी से बिना बकचोदी किए उसे नींद आने वाली भी नहीं थी।
आखिरकार वो अपनी बड़ी बहन कैट्रिन के कमरे की तरफ निकली। दरवाजा खटखटाने के लिए उसने हाथ बढ़ाया, पर दरवाजा आधा खुला ही था।
उसने दरवाजा थोड़ा ढकेला और अंदर झाँका।
अंदर पूरा अंधेरा था, बस मोबाइल की हल्की सी लाइट चमक रही थी।
“दीदी?”
उसने बड़ी बहन को आवाज दी, पर उधर से कोई दिख नहीं रहा था।
इसलिए वो दरवाजा ढकेलकर अंदर घुस गई।
सामने देखा तो उसकी बड़ी बहन के कपड़े बेड के नीचे बिखरे पड़े थे और वो बेड पर आधी नंगी हालत में लेटी हुई थी।
उसकी ब्रा थोड़ी ऊपर चढ़ी हुई थी।
जिससे उसके टमाटर जैसे बोलमटोल संतरे खुले हुए थे।
उसका दाहिना हाथ उसकी गीली चड्डी के अंदर फसा हुआ था।
कान में ईयरफोन ठूँसकर वो खर्राटे मार रही थी।
कैट्रिन को इस हालत में देखकर लियोनी की फट गई।
शायद उसे गर्मी लग रही होगी इसलिए उसने कपड़े उतार फेंके होंगे, ऐसा लियोनी ने सोच लिया।
दीदी के बड़े गोल और एकदम भरेपूरे चुचिया देखकर उसकी आँखें तंग रह गईं।
उसने अपने खुद के बूब्स को हाथ लगाकर देखा; उसके तो अभी भी छोटे-छोटे थे।
‘काश, मेरे भी दीदी जितने बड़े होते, तो मैं कितनी हॉट दिखती। मुझे भी उसकी तरह ही खूबसूरत दिखना है।’
तभी उसका ध्यान मोबाइल की चमकती स्क्रीन पर गया।
उसने वो मोबाइल उठाकर देखा।
स्क्रीन पर जो चल रहा था, उसे देखकर उसके होश उड़ गए!
एक मर्द और औरत को आपस में चोदते देख उसे तगड़ा झटका लगा।
वो चीखती हुई नंगी औरत और उसके ऊपर चढ़कर ठुकाई करता वो मर्द…
उसे बाँहों में जकड़कर लगातार पेल रहा था और झटके दिए जा रहा था…
ये गंदा सीन देखकर उसे एकदम घिन आ गई।
उसके पेट में मरोड़ उठी और उसका जी मिचलाने लगा।
वो मोबाइल को वहीं फेंककर दौड़ती हुई अपने कमरे में भागी और वॉशबेसिन में जाकर उल्टी कर दी।
उसकी आँखों के सामने से वो गंदा सीन हट ही नहीं रहा था।
उसके दिल की धड़कनें बुलेट की तरह भाग रही थीं।
जो कुछ भी उसने देखा था, उसके बारे में उसने बस किताबों में थोड़ा-बहुत पढ़ा था।
पर अपनी आँखों से ऐसा नंगा नाच देखने के बाद उसके दिमाग का दही हो गया था।
AC फुल ऑन करके, कंबल तानकर वो बेड पर लेट गई।
पर आँखें बंद करते ही वही सब उसकी आँखों के सामने नाचने लगता। कई सारे अजीब सवालों ने उसे घेर लिया था।
वो नंगी औरत चिल्ला क्यों रही थी?
क्या सच में जब मर्द-औरत ऐसा करते हैं तो ऐसा ही होता है?
अगर उसे दर्द हो रहा था, तो वो ये सब क्यों करवा रही थी? ऐसे कई फालतू विचार रातभर उसके दिमाग में घूमते रहे।
आधी-अधूरी नींद की वजह से उसकी आँखें लाल हो रही थीं और चेहरे पर बारह बज रहे थे।
पूरे बदन में सुस्ती भरी थी, पर साला कॉलेज तो जाना ही था। वो बेड से उठकर बैठी, अपने लंबे बालों को समेटकर पीछे बाँधा, कंबल मोड़कर साइड में रखा और टॉवेल उठाकर सीधे बाथरूम में घुस गई।
ब्रश करने के बाद उसने अपने सारे कपड़े उतार फेंके।
बदन पर बस एक सफेद रंग की चड्डी बची थी, उसी हालत में वो शॉवर के नीचे जाकर खड़ी हो गई।
उसके गोरे बदन पर ठंडा-ठंडा पानी बहने लगा, जिससे उसकी गोरी चमड़ी पानी की बूंदों से तरबतर हो गई।
उसने थोड़ा शॉवर जेल हाथ में लेकर झाग बनाया और अपने बदन पर मलने लगी।
जैसे ही उसका हाथ उसकी गर्दन से सरकते हुए छाती पर आया, उसे कुछ अजीब सा फील हुआ।
उसकी छाती पहले से ज्यादा बाहर की तरफ उभर आई थी और उसके निपल्स एकदम कड़क होकर खड़े हो गए थे।
वो थोड़ा घबरा गई।
अंजलि में पानी भरकर उसने छाती का झाग धोया और सामने लगे शीशे में खुद को निहारा।
सच में, उसकी छाती थोड़ी बाहर आ चुकी थी और गोल-गोल बूब्स पर निपल्स कड़क होकर साफ चमक रहे थे।
लियोनी की छाती पहले इतनी बड़ी नहीं थी, पर अब वो साफ-साफ दिखने लगी थी।
उसने धीरे से अपने बाएँ चूचे को हाथ लगाया और छुआ।
“आह..”
उसके पूरे बदन में जवानी की एक गरम लहर दौड़ गई।
अपने ही सॉफ्ट चूचों को दबाने पर उसे एक अजीब सा मज़ा आने लगा, ऐसा लगा जैसे कोई और उन्हें अपने दोनों हाथों से भींच रहा हो।
वो बार-बार उन्हें दबा-दबाकर मजे लेने लगी।
नहाने के बाद उसने सामने हैंगर पर टँगा टॉवेल खींचा।
अपनी गीली चड्डी को नीचे खिसकाया और धोने के लिए कोने में फेंक दिया। शीशे के सामने पूरी नंगी खड़ी होकर वो अपना बदन पोंछने लगी।
बदन पोंछते हुए भी उसका पूरा ध्यान अपने निपल्स पर ही था, जिन्हें वो दबा-दबाकर रगड़ रही थी।
धीरे-धीरे टॉवेल को नीचे ले जाते हुए वो अपनी नाभि से नीचे उतरी।
दोनों जाँघों के बीच उसने जैसे ही हल्का सा टॉवेल फेरा,
“आहsssssssssss!”
उसे वहाँ कुछ अजीब सा सरसराहट का अहसास हुआ।
एक पल रुककर उसने फिर से वही किया। शर्माकर उसने टॉवेल साइड में हटा दिया। अपनी उँगलियों के पोरों से उसने धीरे से उस जगह को टटोलकर देखा।
उगे हुए घास जैसे छोटे-छोटे कटीले बालों का अहसास उसकी उँगलियों को हुआ।
वो एक पल के लिए सुन्न रह गई…
और फिर शीशे में खुद को देखने लगी।
उसकी उस सीक्रेट जगह पर काले और घने बालों की परत उग आई थी। वो एकदम हैरान रह गई।
उसे समझ आ गया कि वो अब पूरी तरह जवान हो चुकी है, उसकी जवानी फूट पड़ी है।
उसने फटाफट खुद को संभाला, कपड़े ठूँसे और चुपचाप बाहर आ गई।
कॉलेज में वह आज थोड़ी जल्दी पहुँची।
उसे इतना उदास और गुमसुम देखकर उसकी सहेलियों को टेंशन हो गई।
"लियोनी, आज तू जल्दी आई! सब ठीक-ठाक तो है ना?"
उसकी एक क्लासमेट ने पूछा।
"हाँ, बस जरा जल्दी आने का मन था,"
लियोनी ने जबरदस्ती की झूठी हँसी हँसते हुए जवाब दिया।
"तू बड़ी शांत दिख रही है। कोई लोचा हुआ है क्या?"
दूसरी सहेली ने मुह बनाते हुए ताना मारा।
"अरे ऐसा कुछ नहीं है, मैं बस...",
लियोनी बोलते-बोलते बीच में ही अटक गई।
तभी प्रोफेसर क्लास में आ गईं और उनका लेक्चर चालू हो गया।
प्रोफेसर सामने ब्लैकबोर्ड पर सिखा रही थीं। पर सामने वाली बेंच पर बैठी लियोनी के दिमाग में कुछ और ही खिचड़ी पक रही थी।
उसका मन उसे भड़काऊ और उल्टे-सीधे ख्यालों में डुबोकर क्लासरूम से बाहर ले जा रहा था।
स्टेफान एक छोटे से गाँव का, शहर में आया हुआ मिडिल क्लास लड़का था।
उसके सिर पर घर-बार की पूरी जिम्मेदारी थी।
जब उसकी शादी की उम्र टलने लगी, तो घरवाले उसके पीछे हाथ धोकर पड़ गए कि साले शादी कर ले।
अपनी ढलती उम्र देखकर स्टेफान ने भी मार्केट में लड़की ढूंढना चालू कर दिया।
पर लोचा ये था कि उसे जो भी पहचान की या रिश्तेदारी की लड़कियाँ मिलीं, उनके गांड मे बहुत नखरे थे।
सबको मोटा पगार, शहर में 2 बीएचके फ्लैट, बैंक बैलेंस में तगड़ा 7 फिगर वाली सैलरी और क्या क्या पता नहीं लवडा-लसुन चाहिए था।
पर साली कोई भी लड़की उसके सीधे स्वभाव, उसकी शराफत और उसके अंदर के हुनर की कद्र करने वाली नहीं थी।
लेकिन किस्मत चमकी और एक दिन उसकी लाइफ में मारिया नाम की एक हॉट और खूबसूरत लड़की आई।
वो उम्र में उससे थोड़ी बड़ी और एकदम मैच्योर थी।
भले ही वो स्टेफान से ज्यादा कमाती थी, पर उसे स्टेफान पसंद आ गया था।
उसका सीधा-साधा और भोला स्वभाव मारिया के दिल को छू गया था। शुरू-शुरू में उनकी बातें फोन पर ही चालू हुईं।
“और सुनाओ स्टेफान, तुम्हारी कभी कोई गर्लफ्रेंड-वरफ्रेंड थी या नहीं?”
मारिया ने एकदम बिंदास होकर उसकी फिरकी लेनी चालू की।
“गर्लफ्रेंड तो साली कभी नसीब ही नहीं हुई। तुम ही पहली हो जो मेरी लाइफ में आई हो।”
“अरे ऐसा कैसे? तुम्हें लड़कियों में कोई इंटरेस्ट ही नहीं था क्या?”
“अरे ऐसा नहीं है बाबा। जब लड़कियाँ मुझ पर मरती थीं, तब मेरे पास टाइम नहीं था। और जब मेरे पास टाइम था, तब उन्हे मुझमे इंटेरेस्ट नहीं था। इसी चक्कर में साली जवानी निकल गई।”
“अरेरे.. बहुत बुरा हुआ भाई तुम्हारे साथ।”
“बुरा नहीं, उल्टा अच्छा हुआ।”
“वो कैसे भला?”
“अगर तब मुझे कोई गर्लफ्रेंड मिल जाती, तो तुम जैसी खूबसूरत लड़की मुझे कैसे मिलती? जो हुआ, अच्छा हुआ।”
“हा… हा… हा..”
मारिया एकदम खिलखिलाकर हँस पड़ी।
“तो, अब ये मत कह देना कि तुमने अभी तक अपनी नली साफ नहीं की।”
“हाँ, मैं अभी तक एकदम कुँवारा वर्जिन हूँ।”
“What the fuckkkkkkkk! मतलब तुम्हारी वर्जिनिटी तोड़ने वाली भाग्यवान मै हु।”
यह सुनते ही स्टेफान एकदम लाल हो गया, उसकी पूरी तरह शर्म आ गई। उसके साथ इतनी फ्रीली और खुलकर बकचोदी करने वाली लड़की उसे लाइफ में पहली बार मिली थी।
“तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड था क्या पहले?”
उसने भी मजे लेते हुए सहजता से पूछ लिया।
“हाँ, पहले दो बकरे थे। एक स्कूल में था, पर साला डबल डेट कर रहा था, तो मैंने उसके उछलने वाले लवड़े पर लात मार दी। दूसरा बस टाइमपास के लिए था पर बंदा अच्छा था। पर हमने शादी का कभी सोचा नहीं, और जब वो कॅनडा शिफ्ट हो गया तो हमारा पत्ता कट गया… पर सुनो, तुमसे एक बात पूछूँ क्या?”
“हाँ, पूछो ना,”
“देख, अगर मैं वर्जिन नहीं हूँ तो तेरे औजार को कोई तकलीफ तो नहीं होगी ना? मैं पहले ही सब साफ कह देती हूँ। जब मै दूसरे बॉयफ्रेंड के साथ डेट पर गई थी तो हमसे रहा नहीं गया और हम दोनों ने जमकर चुदाई की। पर साला बहुत मजा आया। लौंडा बड़ा तगड़ा था। बस तेरे को पता रहे इसलिए बता रही हूँ। बाद मे बोलना मत बताया नहीं। ”
स्टेफान को यह सुनकर थोड़ी मिर्ची लगी, साले का मूड थोड़ा सा खटक गया।
उसकी होने वाली मंगेतर किसी दूसरे के लवड़े नीचे सो चुकी है यह बात उसके गले के नीचे नहीं उतर रही थी।
वो साला सोच में पड़ गया कि अब इस चालू लड़की को क्या जवाब दे। पर मारिया की एक बात उसे अच्छी लगी, जो भी सीन था उसने मुँह पर बता दिया। चाहती तो वो अपनी फटी हुई गांड छुपा भी सकती थी, पर बंदी उसके साथ एकदम ऑनेस्ट थी।
“क्या हुआ?.. ”
रिप्लाई क्यों नहीं दे रहा??...
स्टेफान? प्लीज कुछ तो बोल, मुँह खोल।
” वो साली एक के बाद एक मेसेज ठोंके जा रही थी। आखिरकार उसने अपना अंगूठा चलाया और रिप्लाई दिया।
“मारिया, तू वर्जिन है या तेरी सील पहले ही टूट चुकी है, इससे मुझे कोई घंटा फर्क नहीं पड़ता। तूने पास्ट में किससे चुदवाया, वो मेरे लिए इम्पोर्टेन्ट नहीं है, तू आज मेरे साथ कैसी है, वो इम्पोर्टेन्ट है।
तूने मुझसे अपनी चुदाई की बात नहीं छुपाई, इसका मतलब तू मेरे से वफादार रहेगी।
सो, आई लव यू …”
“I love you too मेरे जानू… चल अब सो जा, मुझे कल ऑफिस जाकर अपनी गांड घिसनी है। गुड नाइट जानु।”
स्टेफान साला बड़ा किस्मत का धनी था जो उसे मारिया जैसी हॉट और खुली चीज मिली। देर से मिली पर एकदम मस्त माल मिला।
पर साला लाइफ हमेशा पिछवाड़े से वार करती है।
कहाँ, कब, किसकी और कैसे लग जाएगी, कोई नहीं बता सकता, इसीलिए तो साली इसे लाइफ कहते हैं।
अपनी लाइफ का एक-एक छोटा-बड़ा किस्सा शेयर कर रहे थे।
स्टेफान का तो साली मारिया के बिना पानी भी नहीं पच रहा था, और मारिया भी उसके बिना एकदम बेचैन घूम रही थी।
पर एक दिन सुबह से मारिया का कोई अता-पता नहीं था, उसका कोई रिप्लाई ही नहीं आया।
कामधंधे में स्टेफान का मन ही नहीं लग रहा था, उसका औजार और दिल दोनों तड़प रहे थे।
शाम होने आई पर बंदी का कोई मैसेज नहीं आया, तो स्टेफान ने तय किया कि सीधे उसे मिलने दूसरे शहर जाएगा।
वो अपनी बैग पैक करके तैयार हो ही रहा था, कि तभी मोबाइल की व्हाट्सएप टोन बजी।
“हे डियर, आई ऍम रियली सॉरी, मैं एकदम ठीक हूँ।”
“साली पागल है क्या तू! कितने कॉल और मेसेज किए मैंने तुझे, कहाँ मरी पड़ी थी? और रिप्लाई क्यों नहीं दिया?”
स्टेफान ने एक ही बार में सारे सवाल उसके मुँह पर मार दिए।
“अरे चिल मार बाबा। मैं घोड़े बेचकर सो रही थी। कल रात को दोस्तों के साथ बैठकर दबाकर दारू पी थी ना।”
“तू दारू भी पीती है?”
स्टेफान ने आँखें फाड़कर पूछा।
“हाँ मैं पीती हूँ, सॉरी तुझे बताना भूल गई थी। पर सिगरेट नहीं फूँकती। तू नहीं करता क्या ये सब दारू-शारू, माल-फूंकना?”
“नहीं मैडम, मैं इन सब फालतू चक्करों में नहीं पड़ता। पर ये बता, वो कौन से लौंडे थे तेरे साथ?”
स्टेफान ने तुरंत पुलिस जैसी पूछताछ चालू कर दी।
“अरे, बाजू वाले कमरे में दो लड़के रहते हैं, उन्होंने ऑफर मारी तो मैं उनके साथ छत पर चली गई। और साला फ्री का माल मिला तो मैं पूरी दो बोतल पी गई…. बेवड़ी हूँ ना मैं?”
“हाँ, तू एक नंबर की बेवड़ी ही है,”
उसने गुस्से में मुँह फुलाकर जवाब दिया।
“पर मुझे तेरा उन गैरों के साथ बैठकर पैग मारना बिल्कुल पसंद नहीं है। वो कमीने रात को तेरी ले लेते तो?”
“अरे दोस्त थे वो मेरे। वो मेरे साथ पैग नहीं मारेंगे तो क्या तू आएगा? तू तो साला दारू को हाथ भी नहीं लगाता, तो मुझे तो उन्हीं लौंडों के साथ अपनी प्यास बुझानी पड़ेगी ना।”
“ऐसा है तो, मैं पी लूँगा तेरे लिए। पर तू आज के बाद किसी ऐरे-गैरे लौंडे के साथ नहीं बैठेगी। समझी?”
“अरे वाह! तू तो बड़ा पजेसिव आशिक निकला, तेरे साथ मुझे बहुत मजा आएगा फिर। और क्या-क्या कर सकता है तू मेरे लिए?”
“सब कुछ, जो भी तू अपनी इस जुबान से बोलेगी।”
कुछ देर तक मारिया का कोई मेसेज नहीं आया। शायद नेटवर्क का इशू रहेगा, इसलिए स्टेफान फोन हाथ में लेकर ऑफिस में चक्कर काटने लगा। फिर बहुत देर बाद जब मोबाइल की घंटी बजी, तो उसके चेहरे पर एक अलग ही चमक आ गई।
“वॉव, तो फिर अगर मैं शादी से पहले ही तेरी वर्जिनिटी तोड़ दूँ, तो तुझे कोई दिक्कत तो नहीं है ना?”
मारिया ने सीधे स्टेफान के पिछवाड़े में आगी की ठिणगी डालते हुए एकदम गंदा सवाल पूछ लिया।
“शादी से पहले चुदाई?. किसी को पता चल गया तो? क्या कहेंगे साले लोग? और कहीं तू प्रेग्नेंट हो गई तो?”
स्टेफान ने फटती गांड के साथ अपनी हिचक दिखाई।
“अरे कैसा रे गांडू है तू? प्रेग्नेंट कैसे हो जाऊँगी मैं?. अपन पूरा प्रोटेक्शन लगाके चोदेंगे रे। और किसी को ढिंढोरा थोड़ी पीटना होता है कि हम दोनों अंदर घुसकर चोद-चुदाई कर रहे हैं, आओ सालो हमारा नंगा नाच देखने आओ”।
वो हँसते-हँसते लोटपोट हो गई।
“अच्छा, फिर ठीक है…”
वो साला अंदर ही अंदर शर्माते हुए बोला।
“तुझे पता भी है कि लंड कहाँ अटकाते हैं और कैसे कमर हिलाकर ठोंकते हैं? या साला तेरी चड्डी उतारकर मुझे ही अपनी गुफा में तेरा औजार पकड़कर डालना सिखाना पड़ेगा?”
मारिया ने उसकी मर्दानगी को ताना मारते हुए मजे लिए। यह सुनते ही उसका ईगो हर्ट हो गया। एक औरत एक मर्द को चोदना सिखाएगी?
“हाँ सब पता है मुझे, इंटरनेट पर सारे सेक्स पोज़स् के वीडियो देखे हैं मैंने”।
उसने अपने माथे पर हाथ मार लिया।
“अरे झंडू बाम… पहले वो फालतू मुठ मारना और गंदी वीडियो देखना बंद कर। अब जब मैं साक्षात तेरे सामने खड़ी हूँ, तो तुझे उन नकली वीडियो की क्या जरूरत। और हाँ, रात को अपनी कमर हिलाने की प्रैक्टिस चालू कर दे। और जिम जा, थोड़ा दबाकर खाया-पिया कर, साला सूखकर काँटा हो गया है तू। बेड पर मुझे उठा पाएगा या खुद ही नीचे गिर पड़ेगा?”।
“शट अप! मैं भले ही सूखा हुआ दिखूँ, पर मेरा औजार और मैं दोनों बहुत स्ट्रॉन्ग हैं। तू अपनी चुत की चिंता कर कही फट न जाए। ”।
“शाबाश मेरे लवड़े! नेक्स्ट वीक में मैं अपनी बुआ के घर आ रही हूँ। तभी अपन डेट पर चलेंगे और सुमड़ी में तेरी वर्जिनिटी तोड़ेंगे, ओके”।
आखिरकार वो दिन आ ही गया जिसका स्टेफान साला अपने हाथ में औजार लिए बेसब्री से इंतजार कर रहा था।
उसने मारिया की पसंद के कपड़े पहने, बदन पर परफ्यूम छिड़का, और मस्त सज-धजकर घर से बाहर निकला।
स्टेफान एयरपोर्ट पर खड़ा होकर उसकी राह देख रहा था।
हकीकत में वो कैसी दिखती होगी, ये सोच-सोचकर उसकी छाती धक-धक कर रही थी।
रास्ते पर आँखें गड़ाए वो सोच रहा था कि अब आएगी, अब आएगी। पर बहुत देर हो गई, बंदी का कोई अता-पता नहीं था। ना उसका फोन लग रहा था और ना ही कोई मेसेज आ रहा था।
पककर वो बाहर आ गया और नेटवर्क के चक्कर में मोबाइल को हवा में यहाँ-वहाँ हिलाने लगा।
"एक्सक्यूज मी, जेंटलमैन।"
एकदम रसीली आवाज सुनकर उसने पीछे मुड़कर देखा। पहली नजर में तो वह पहचान ही नहीं पाया। पर जैसे ही उसने अपना चश्मा नीचे सरकाया और एक कातिल स्माइल दी, स्टेफान के चेहरे पर ठरकी खुशी छा गई।
उसने सीधे उसे जकड़कर अपनी बाँहों में भींच लिया।
"अरे अरे, क्या कर रहा है जंगली? सीधे बेड पर ही पटकेगा क्या?"
उसकी पकड़ थोड़ी ढीली हुई।
"कहाँ मर गई थी इतनी देर से?"
"यहीं तेरे पिछवाड़े में खड़ी थी । पर तेरा ध्यान तो साला कहीं और ही भटक रहा था।"
"अच्छा! तो तू बाजू में खड़े होकर मजे से मेरी गांड जलते हुए देख रही थी।"
"हाँ, मुझे देखना था कि तू मेरी गुफा में घुसने के लिए कितना उतावला हो रहा है।"
मारिया ने चट से उसके गाल पर एक चुम्मा दिया।
"चल, अब कहीं चलते हैं ।"
वो उसे पहले अपने घर ले गया और घरवालों से उसका इंट्रोडक्शन करवाया। इतनी चिकनी लड़की स्टेफान जैसे लुक्के ने पटा ली, इस बात पर उसके घरवालों को यकीन ही नहीं हो रहा था।
घरवालों से मिलाना-जुलना होने के बाद वो शाम को बीच पर गए, जहाँ थोड़ी हवा खाई और फिर एक बढ़िया से रेस्टोरेंट में ठूंसने चले गए।
रेस्टोरेंट में स्टेफान ने तो शर्म के मारे थोड़ा ही खाया होगा, पर वो मारिया उसके हिस्से का खाना भी साफ कर गई, एकदम भुक्कड़ रांड़ की तरह ठूस रही थी।
"आह, खाकर मजा आ गया...
तूने तो दबाकर खाया ना? क्योंकि आज रात को तुझे बेड पर अपनी कमर हिलाकर बहुत भारी काम करना है।"
उसने एक आँख मारते हुए आखिरी निवाला गले के नीचे उतारा।
"नहीं-नहीं, मेरा तो पेट भर गया।"
इतने में वेटर बिल की पर्ची लेकर आ गया। ये तो तय ही था कि बिल का खर्चा लौंडे को ही उठाना पड़ेगा। उसने जैसे ही बिल खोलकर देखा, साले की गांड फट गईं।
"एक्सक्यूज मी"
बोलकर वो एक कोने में दुबक गया और अपनी पॉकेट निकालकर पैसे गिनने लगा। साले के पास रेस्टोरेंट का बिल भरने जितने पैसे भी नहीं थे। उसने तुरंत अपने एक दोस्त को फोन घुमाया और जैसे-तैसे इज्जत बचाकर बिल पे किया।
उसके बाद मारिया ने उसकी पैंट पर हाथ फेरते हुए पूछा, "तो स्टेफान, अब आगे का क्या सीन है? कहाँ लेकर जाएगा?"
“अब क्या?”
“अब कहाँ जाना है?”
“अब सीधे घर जाना है। मैं तुझे तेरी बुआ के यहाँ छोड़ने आता हूँ।”
“अरे चोदू!”
उसने सीधे उसके सिर पर चम्मच दे मारा।
“अपना पहले क्या तय हुआ था? भूल गया साले? तुझे अगर मेरे छेद में अपना औजार नहीं डालना है, तो फिर रहने दे, मैं अपनी पड़ोसी लड़कों से कहूँगी ।”
“सॉरी सॉरी... अरे करेंगे ना बाबा। पर तू श्योर है ना? कोई लोचा-लफड़ा तो नहीं होगा ना?”
“मुझे क्या पता... अगर मै पेट से हो गई या कोई गड़बड़ हुई, तो तू ही संभालना...”
उसने आँख मारते हुए उसकी फटी गांड को और डराया।
दबाकर ठूंसने के बाद वो सीधे उसे एक ओयो होटल में ले गई।
स्टेफान के हाथ-पैर ऐसे काँप रहे थे जैसे पुलिस देख ली हो।
कोई जान-पहचान वाला साला देख न ले, इसलिए वो चोरों की तरह यहाँ-वहाँ ताक रहा था। होटल के रिसेप्शनिस्ट के सामने भी उसकी बोलती बंद हो गई थी, वह हकला रहा था।
फिर मारिया ने उसे पीछे धकेला और खुद काउंटर पर जाकर बात की। वो उसका हाथ पकड़कर उसे सीधे रूम के अंदर खींच ले गई।
“तू अपनी पैंट खोलकर रेडी हो, मैं जरा फ्रेश होकर आती हूँ... और ये जो तेरी गांड फट रही है ना, उसे पहले बंद कर। आज रात अपन दबाकर मजे लेंगे, बिस्तर तोड़ देंगे।”
वो इतना बोलकर अपनी मटकती गांड दिखाते हुए वॉशरुम में घुस गई।
स्टेफान ने अपने कपड़े उतारे और नंगा होकर पलंग पर बैठ गया।
उसने खुद के सुस्त औजार को सहलाते हुए खड़ा किया,
“बेटा, आज अपनी पहली रात है, उसे अपन ऐसा चोदेंगे कि ये जिंदगी भर याद रखेगी। उसे दिखाते असली मर्द का पावर क्या होता है।”
तभी मारिया बदन पर टॉवेल लपेटकर बाहर निकली।
वो छोटा सा टॉवेल मुश्किल से उसके बदन को ढक पा रहा था।
उसके बड़े-बड़े चूचों की गहरी खाई साफ चमक रही थी। टॉवेल के नीचे से उसकी मोटी जांघें झाँक रही थीं।
“तो मेरे चुदक्कड़, तैयार है ना फिर?”
इतना बोलते ही उसके टॉवेल की गाँठ खुल गई। और टॉवेल सीधे फर्श पर जा गिरा।
वो सिर्फ एक पतली सी सफेद पैंटी में उसके सामने पूरी नंगी खड़ी थी।
बाकी उसका पूरा बदन, उसके भारी बूब्स एकदम खुले थे।
वो बिना किसी शर्म के बिंदास उसके सामने आकर खड़ी हो गई। स्टेफान के दिल की धड़कनें बुलेट ट्रेन की तरह भाग रही थीं।
उसके लिए ये जिंदगी का पहला नंगा नजारा था, फिर भी वो लार टपकाते हुए खुद को संभालने की कोशिश कर रहा था।
मारिया की उस गीली जगह को चाटने के बाद स्टेफान के दिल की धड़कन अब इतनी बढ़ चुकी थी कि उसे खुद की साँसों की आवाज साफ सुनाई दे रही थी।
उसका खोया हुआ आत्मविश्वास अब पूरी तरह लौट आया था।
मारिया बेड पर खिसककर उसके बिल्कुल करीब आ गई।
उसके बदन से आने वाली उसके रस की महक और जिस्म की गर्मी स्टेफान को पागल बना रही थी।
उसने अपने मुलायम हाथ स्टेफान की उभरी हुई अंडरवियर पर फेरे।
"तुमने मेरी गीली जगह को चाटकर अपनी काबिलियत साबित कर दी है। अब तुम जैसे चाहो वैसे मुझे चोदो। मैं पूरी तरह तुम्हारी ही हूँ…"
स्टेफान ने अब अपनी सारी झिझक को एक तरफ छोड़ दिया।
उसने मारिया की चिकनी कमर को अपने हाथों के घेरे में लिया और उसे झटके से अपनी तरफ खींच लिया।
मारिया के बड़े और मखमली चूचे उसकी छाती पर रगड़ खा गए, जिससे दोनों के पूरे बदन में एक जोरदार करंट दौड़ गया।
उसने उसकी गर्दन पर अपने होंठ रखकर उसे चूसना शुरू कर दिया।
मारिया ने मजे के मारे अपनी आँखें बंद कर लीं और उसकी उँगलियाँ स्टेफान के बालों में कस गईं।
"स्टेफान... धीरे..."
वह मदहोशी में धीरे से बुदबुदाई, पर उसकी कामुक हरकतें उसे और ज्यादा भड़का रही थीं।
स्टेफान ने अब उसके होंठों को अपने मुँह में भर लिया और एक गहरे, लंबे चुम्मे में उसे डुबो दिया। मारिया की जीभ उसके मुँह के अंदर घुसकर किसी मिक्सर की तरह गोल-गोल घूमने लगी और दोनों का थूक आपस में मिक्स होने लगा।
धीरे-धीरे स्टेफान ने उसे बेड पर नीचे की तरफ लिटा दिया।
मारिया की वो मोटी जाँघें और उनके बीच की वो साफ, गोरी त्वचा देखकर स्टेफान खुद पर से पूरी तरह कंट्रोल खो बैठा।
उसने मारिया के नाभि के आस-पास अपने होंठों और जीभ से खेलना शुरू किया, जिसकी वजह से वह बेड पर किसी तड़पती हुई मछली की तरह मचलने लगी।
उसने स्टेफान का सिर पकड़ा और उसे अपनी छाती की तरफ नीचे खींच लिया।
उसने जैसे ही उसके बूब्स पर मौजूद निपल्स के सबसे नाजुक हिस्से को अपने होंठों से छुआ, मारिया के मुँह से एक तीखी सिसकारी फूट पड़ी।
“आह…”
उसने अपनी दोनों टांगें स्टेफान की कमर के चारों तरफ कसकर लपेट लीं।
"अब बहुत हुआ, अपनी असली मर्दानगी दिखाओ और मुझे चोदो।"
वह अपनी साँसें रोककर हांफते हुए बोली। स्टेफान ने बिना कुछ बोले सीधे ऐक्शन में जवाब देने का फैसला किया।
उसने खुद को उसके ऊपर झोंक दिया। उसके दोनों हाथों को मजबूती से दबोचा और एक जोरदार झटके के साथ अपना लंड उसकी गीली चुत के अंदर घुसा दिया।
“आह….”
मारिया ने दर्द और मजे के मारे उसके कंधों को अपने नाखूनों से नोच लिया, पर उस खरोंच के दर्द से स्टेफान का मजा और भी ज्यादा बढ़ गया।रात जैसे-जैसे ढल रही थी, उनका यह पलंग-तोड़ खेल और भी ज्यादा गरम होता जा रहा था।
मारिया का वो गोरा बदन स्टेफान की बाँहों में पूरी तरह पिघल चुका था।
वह अपना पुरुषार्थ साबित करते हुए उसे ताबड़तोड़ झटके दिए जा रहा था।
मारिया के बदन की गर्मी से उसका खुद का जिस्म तपने लगा था। पर इससे पहले कि वह अपना माल उसके अंदर डिस्चार्ज करता, मारिया ने उसे झटके से पीछे धकेल दिया।
“स्टेफान, स्टॉप…”
उसने फुर्ती से अपना तपता हुआ लंड बाहर खींच लिया।
सफेदी लिए गाढ़े माल की पिचकारी सीधे मारिया के पेट पर जा गिरी।
…. उनके जिस्म का यह खेल अब एक अलग ही लेवल पर पहुँच चुका था।
मारिया ने स्टेफान को बेड पर लेटा दिया और खुद उसकी जांघों पर बैठ गई।
उसके खुले हुए बाल स्टेफान के चेहरे पर बिखर गए।
“स्टेफान, तुमने अभी बहुत बड़ी गड़बड़ कर दी होती।”
“सच में सॉरी, फ्लो-फ्लो में मुझे कुछ समझ ही नहीं आया।”
मारिया ने कंडोम का पैकेट फाड़ा, स्ट्रॉबेरी फ्लेवर की तीखी खुशबू नाक में समा गई।
उसने स्टेफान के लंड को अपनी मुट्ठी में जकड़कर सीधा खड़ा किया और उस पर कंडोम चढ़ा दिया।
"स्टेफान, तुम भले ही दिखने में दुबले-पतले हो, पर तुम्हारा यह हथियार बहुत तगड़ा और बड़ा है। सच में बहुत मजा आ गया।"
उसने उसके हाथ पकड़कर अपनी चिकनी कमर पर रख दिए।
स्टेफान ने मारिया के भारी नितंबों (गांड) को अपने हाथों में भींचा और उसे अपनी जाँघों के बीच सेट कर लिया।
मारिया ने एक लंबी साँस ली। उसने अपनी चुत को उसके कंडोम चढ़े लंड के मुहाने पर टिकाया और एक झटके में नीचे बैठ गई, दोनों के जिस्म एक बार फिर पूरी तरह एक-दूसरे में समा गए।
कमरे की लाइट मद्धम थी, पर मारिया के बदन का हर एक झटका स्टेफान को साफ महसूस हो रहा था।
वह अपनी कमर को किसी लहर की तरह हिलाते हुए उसका पूरा लंड अपने अंदर समा रही थी।
उसके हाथ उसकी चिकनी कमर से नीचे सरक रहे थे, जिससे मारिया के पूरे जिस्म में सिहरन दौड़ रही थी।
"मारिया... तुम बहुत हॉट हो।"
मारिया ने बस एक मदहोश सिसकारी भरी और अपनी कमर की रफ्तार और बढ़ा दी।
स्टेफान ने उसे कमर से पकड़ा और ऊपर उठाकर उसकी गांड को अपनी जाँघों पर पटका।
वह बार-बार इसी तरह अपने नितंब पटककर उसके लंड पर नागिन की तरह नाचने लगी।
“आ.. आ.. आ …”
दोनों ही चरम सुख के उस मुकाम पर पहुँच चुके थे जहाँ अब शब्दों की कोई जरूरत नहीं बची थी।
उनका शारीरिक हवस का यह खेल रात भर चलता रहा।
इस पहली ही रात में मारिया ने उसकी वर्जिनिटी तोड़कर उसे एक असली मर्द बना दिया था।
स्टेफान के लिए वो रात उसकी जिंदगी के सबसे हसीन और रसीले सपने जैसी थी।
पर जब अगले दिन सुबह सूरज की रोशनी कमरे में आई, तो उसने आँखें खोलीं और बेड पर मारिया को टटोलने के लिए हाथ आगे बढ़ाया। पर साला उसके हाथ में सिर्फ खाली चादर आई।
वह हड़बड़ाकर उठ बैठा।
उसे लगा शायद वो वॉशरूम में होगी या हमेशा की तरह अचानक कहीं गई होगी और अभी आ जाएगी।
उसने पूरा कमरा, बालकनी और यहाँ तक कि होटल का कोना-कोना छान मारा, पर मारिया कहीं नहीं थी।
उसके दिल की धड़कनें बढ़ने लगीं।
उसने पहले कहा था कि वो अपनी बुआ के घर जाएगी, पर इस तरह बिना बताए रफूचक्कर हो जाना उसके गले नहीं उतर रहा था।
उसने उसका नंबर घुमाया, पर फोन बंद आ रहा था।
आखिरकार उसके मोबाइल पर एक मेसेज की टोन बजी।
"सॉरी स्टेफान, कल की रात सचमुच बहुत मजेदार थी और तुम बेड पर बहुत स्ट्रॉन्ग खिलाड़ी निकले। पर मैं इस रिश्ते को आगे नहीं खींच सकती। हमारे सपने और सोच बिल्कुल अलग हैं। तुम्हें मुझसे ज्यादा अच्छी लड़की जरूर मिलेगी। मुझे ढूंढने की कोशिश मत करना। गुडबाय।"
स्टेफान के हाथ से मोबाइल छूटकर सीधे नीचे गिर गया।
जिस लड़की को उसने अपना सब कुछ मान लिया था, जिससे बेइंतहा प्यार किया और जिसके लिए उसने शादी से पहले अपनी वर्जिनिटी तोड़ने का रिस्क लिया था, वो उसे इस तरह गांड पर लाथ मारकर अकेला छोड़कर चली गई थी।
उसने उसे सिर्फ शारीरिक रूप से ही इस्तेमाल नहीं किया था, बल्कि उसकी फीलिंग्स का भी कचरा कर दिया था।
स्टेफान का पहला प्यार, जिसके लिए वो इतना उतावला हो रहा था, वो उस होटल के कमरे के बिस्तर पर ही दम तोड़ चुका था।
मारिया के जाने के बाद स्टेफान अंदर से पूरी तरह टूट गया था, उसका पहला प्यार वहीं खत्म हो चुका था।
कुछ दिन वो भयंकर डिप्रेशन और गम में डूबा रहा।
पर उसके दोस्तों ने उसे इस दलदल से बाहर निकालने के लिए पूरा जोर लगा दिया और उसे समझाया कि "सारी लड़किया ऐसे ही होती है। चुत दिखाकर भाग जाती है। तो समझ एक बंदी गई तो दूसरी आएगी, जिंदगी यहीं खत्म नहीं होती।"
दोस्तों के बार-बार सलाह देने के बाद, स्टेफान ने फिर से खुद को संभाला और एक मैट्रिमोनी साइट पर अपना अकाउंट बना लिया।
वहाँ उसने कई लड़कियों की प्रोफाइल्स देखीं और कुछ को मेसेज भी डाले।
बहुत सी लड़कियों की प्रोफाइल स्क्रॉल करते-करते अचानक उसकी नजर एक ऐसी प्रोफाइल पर पड़ी, जिस पर कोई फोटो नहीं लगी थी।
आम तौर पर लोग बिना फोटो वाली प्रोफाइल को भाव नहीं देते, पर उस लड़की का बायो (Bio) पढ़कर स्टेफान के हाथ रुक गए।
"चेहरे नहीं, दिल मिलने चाहिए। जिस्म से खूबसूरत औरत सिर्फ एक रात का सुख देती है, पर दिल की अमीर औरत पूरी जिंदगी को हसीन बना देती है।"
यह पढ़कर स्टेफान को उस लड़की की सोच बहुत अच्छी लगी।
मारिया के साथ हुए उस धोखे के बाद अब उसे बाहरी हुस्न से ज्यादा अंदर के अच्छे गुणों की भूख जाग उठी थी।
उसने बिना कोई वक्त गँवाए, उस प्रोफाइल पर दिए गए नंबर पर तुरंत एक मेसेज भेज दिया।
समाप्त
फ्रेंड्स ये स्टोरी यही खत्म होती है। अब मैं एक नई कहानी लिखना स्टार्ट कर रही हूँ। आप लोग इस स्टोरी पे कमेंट कर के बताईए के मुझे क्या क्या नया लाना चाहिए अपनी नई स्टोरी में। न्यू स्टोरी आज से ही शुरू होगी अगर आप लोगो ने कमेंट्स किए तो।