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Incest पिता की मौत के बाद मेरी आत्मा मेरे पिता के शरीर में घुसी (completed)

Update kismain dun hindi yaa hinglish


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Ghost Rider ❣️

..BeLiEvE iN YoUrSeLf..
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Arjun2000 aur bhai update main deta rahta hun fast fast but main nhi chahta ki story gadbad ho isliya thoda read karta hun taaki aap sab ko achi lage... Jaise past bahot soch kar likha aur ab jo jayga wo sabhi kirdaar se juda hai.... Isliya aap sab wo samj jayenge... Toh thankyou for understanding..... 😌 Baaaki as a reader main apki har baat se agree hun..... Bas aise hi pyar banaye rakhe
 

prem pujari

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Bhai baat toh shi hai😌 lekin pahle past ke sath aap log toh jaan jao ki rohit kon hai veer kon hai anjali kyu kar rhi hai ye sab ruhi kon hai toh wait kro 25 ka update uske baad veer bhi waapis aayga old wala😌
ok waiting for the update
 

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अपडेट - 20 - तनु द बॉस

तभी रचना को खड़ा देख बॉडीगार्ड चिल्लाता है।

"मैम जाइए रूम में और बाहर मत आना"

अब आगे

रोहित- ये बहन चोद चारो लड़के मर कैसे गए, और वो भी मॉल में कोनसा साप आ गया।

लड़की - पता नहीं, लेकिन अब हमे बहुत सावधान रहने की जरूरत है, वर्ना लेने के देने पड़ सकते है।

रोहित - इसी टाइम का तो मैं इंतजार कर रहा था, मौका जरूर मिलेगा , ये वीर इस वीर से पूरा अलग था।

लड़की - हा और अगर वो वीर रहता तो , हम उसका कुछ नही बिगाड़ पाते , अकेला ही काफी था वो।

रोहित - इस वीर को भुगतान करना पड़ेगा, इसे भुगतान करना तो पड़ेगा, मेरी बेटी की आत्मा को तभी शांति मिलेगी।

तभी रोहित कॉल करता है और कॉल पर कहता है

"अपनी पैनी नज़र रखो, वीर पर और हर किसी पर गांव में जैसे ही वीर अकेला निकले, तुरंत हमे इनफॉर्म करना , और गांव में मैं अपने शूटर भेज रहा हूं"

रोहित - बकरे की मां कब तक खैर मनायेगी।

***********

उदय - भाई रमेश का ऑर्डर है घर के बाहर ही रुको और जैसे ही मौका मिले , रमेश को निपटा देना है, बहन का लौड़ा बचना नही चहिए।

"ठीक है भाई , काम हो जाएगा", लड़के ने कहा और रोहित के घर के बाहर इंतजार करने लगा।

***********

रचना - रूम में जा कर ही क्या कर लूंगी, जाऊंगी फिर रात तक रूम में रहना है।

जैसे ही रचना रूम में अंदर जाती है, उसकी सास अटक जाती है।

रचना चाहे जितना झूठ बोले मुंह मटकाए लेकिन एक बात से वो इनकार नही कर सकती थी, की वो लेस्बियन थी।

रचना अंदर जाती है और रूम में सोई हुई अंजली पर उसकी नज़र पड़ती है।

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जिसके होने मात्र के अहसास से रचना की आह निकल रही थी, दूध जैसा गोरा बदन, कटीला शरीर।

रचना धीरे से अंजली को पुकारती है और जब रचना को कन्फर्म हो जाता है की अंजली सो रही है, तो वो उसके जस्ट बगल लेट जाती है और अपने सर अंजली के सर से सटा लेती है।


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और उसका हाथ पकड़ती है और दूसरे हाथ से उसकी कमर जकड़ लेती है और अब रचना की सास बहुत तेज हो गई थी वो बहुत तेज सास लेती है।

पहली बार वो किसी के साथ थी, उसका दिल बहुत तेज धड़क रहा था।

फिर रचना ने अपनी आंखे बंद कर के उसके होठ पर अपने होठ रख दिया।



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लेकिन रचना को नही पता था, किस कैसे करते है और फिर किस तोड़ देती है और उसके दोनो चूचे अंजली के चूचे से सटे हुए था और वो तेजी से सास लेने लगी।

ये उसकी पहली किस थी, उसकी आंखे पूरी रेड हो चुकी थी, और वो अंजली का गले को चूमने लगती है और उसके बदन को कसने लगती है।


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तभी अंजलि की नींद खुल जाती है, और रचना अंजली को देख कर डर जाती है और जल्दी से खड़ी हो जाती है।

रचना - वो वो वो मैं तो बस तुम्हे जगा रही थी, तू तू तुम मेरी जगह पर सो रही थी।

अंजलि - ऐसे जागते है, मेरे ऊपर लेट के ये कोनसा तरीका है किसी को जगाने का बड़ी आई तुम तो मुझे बाहर कर कर रही थी , फिर मुझे क्यो प्यार कर रही थी।

रचना - वो वो वो मैं बहक गई थी मुझे तुमसे कोई प्यार वार नही है , पहली बार तुम मेरे रूम पर आई थी , इसीलिए बहक गई तुम्हे साड़ी में देख कर।

अंजलि - तुम्हे मुझे प्यार नहीं है, बोलो ।

रचना - तुम शादीशुदा हो देखो, तुम्हारी मांग मैं सिंदूर है, और मैं तुमसे कोई प्यार नहीं करती।

अंजलि - मेरे ऊपर लेटने से पहले ये बात नहीं याद आई।

रचना - हा नहीं याद आई, वैसे भी तुम तो शादी शुदा हो।

अंजलि - हा तो तुम भी मेरे साथ चलना मेरे घर मेरी बन कर मेरा पति तुम्हे नहीं छुएगा साथ मैं रहना मेरे।

रचना - में नहीं करती तुमसे प्यार निकल जाओ यह से, शादीशुदा हो तुम्हे क्यों प्यार करू मैं, इसीलिए तुम्हारे पति ने तुम्हे छोड़ दिया, शर्म नहीं आती दूसरे के घर ऐसे आते हुए।

अंजलि की आंखों में आसू आ गए रचना की बात सुन कर और ये सच भी था वीर ने उसे उस दिन नहीं रोका था, और शायद रोकता तो भी तनु ना रोकती , और तो और आज रचना ने भी उसे निकल जाने को कहा।

अंजलि मन मैं कहती है मैं सब को छोड़ दूंगी एक दिन बस वीर और मेरी बहन की लाइफ की प्रोब्लम चली जाए फिर खुद चली जाऊंगी सब की लाइफ से।

अंजली अपने आसू पूछते हुआ निकल जाती है रूम से।

उसे जाता देख रचना भी उसके पीछे पीछे जाती है और अंजली रचना के बगल वाले रूम मैं जाती है।

रचना उसे देख कर वापिस रूम में आ जाती है और उदास हो कर बैठ जाती है।

रचना - मैने उसे ज्यादा कुछ कह दिया क्या, मैं भी पागल हूं , ऐसे कुछ भी बोल देती हूं, इतना बोलने की क्या जरूरत थी।

******************

इधर वीर सोया हुआ था और जब उसकी नींद खुलती है तो वो देखता है वो अनु की गोद मैं सोया हुआ है, फिर वो उठ जाता है और अनु को स्माइल कर के देखता है।

वीर - थैंक्यू।

अनु - इट्स ओके मैं भी तो तुम्हारी वाइफ हूं।

वीर - तब चलो फिर कोपचे में।

अनु - नही चलना , हटो अब मेरे ऊपर से।

तभी वीर की नज़र अनु के बदन पर पड़ती है और उसका लन्ड मैं जान आने लगती है।

तो वीर लेटे लेटे ही अपने हाथ से अनु की क़मर जकड़ लेता हैं, और उसकी आह निकल जाती है और वो कहता है आई लव यू।

अनु - तेजी से सास लेते हुआ कहती है आई लव यू टू और वो वीर को हटा देती है।

वीर - याद रहे तनु को मनाने के बाद परमिशन मिलने के बाद हमारी किस पेंडिंग है।

अनु - ओके लेकिन , बस एक।

और वो तेजी से भाग जाती है, और वीर भी चुप चाप बाहर आता है तो उसकी नज़र तनु पर पड़ती है जो बाहर ही खड़ी थी फिर वो देखता है की वो अकेला ही खड़ी है।



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वीर उसके पास जाता है और उसके करीब खड़ा होता है तो तनु उससे थोड़ा दूर हो जाती है।

तनु - जाओ ना अपनी साक्षी के पास मेरे पास क्यों आ रहे हो, जाओ हटो मेरे से दूर।

वीर - अरे मैं क्या करू , वो खुद मेरे पास आ रही थी और वो भी तो वाइफ है मेरी।

तनु - हा तो वही तो कह रही जाओ, मेरे पास मत आओ , जाओ साक्षी के पास और अनु के पास सो जाओ थोड़ा वेट तो कर नहीं सकते थे, मैं तो हूं ही कौन।

वीर - तुम मेरे लिए स्पेशल हो, मुझे तुम्हारे साथ सब से अच्छा लगता है , बेशक साक्षी करीब है , लेकिन जब भी वाइफ की बात आएगी तुम सबसे पहले हो, तुम क्या हो मेरे लिए वो में बता नही सकता।

तनु अब हल्की सी मुस्कुराहट आ जाती है और जा कर एक कोने बैठ जाती है और पलट कर वीर को देखती है।


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वीर उसके पास जाता है और उसे गले लगा कर किस करता है गाल पर।

तनु मुस्कुराती हुई वीर के बाहों मैं पड़ी हुई थी, और वीर उससे पूछता है की वो दोनो कहा है, काव्या कहा है।

तनु - सब नीचे गई है।

वीर जल्दी से तनु को बाहों मैं भर लेता है और रूम में ले कर चला आता है।

तनु - अरे वो दोनो आ जाएगी क्या कर रहे हो।

वीर - मुझे फर्क नहीं पड़ता , मुझे मेरी वाइफ को प्यार करना है।

इसके पहले की तनु कुछ कर पाती वीर उसे दीवाल से सटा कर चूमना शुरू कर देता है।


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तनु - आह अरे, आराम से।

तभी वीर आराम से तनु को बिस्तर पर बैठा कर किस करने लगता है और तनु उसके इस बार प्यार वाले अहसास से बहुत खुस हो जाती है।

तनु खुद वीर से बहुत प्यार करने लगी थी इस बात से वीर अब वाकिफ था।

तभी तनु वीर को हटा कर अपना ब्लाउज खोलने लगती है , और कहती है मैं देख रही हूं अब तुम कभी भी प्यार करने लगते हो।

वीर - प्यार करता हूं तुमसे क्या करू।

तनु - धत, पागल लड़के , अब जल्दी करो वर्ना ऐसे ही रह जाओगे कोई और आ गया तो।

वीर - मेरी तनु मुझसे बहुत प्यार करती है वो मेरे लिए sb करेगी।

तनु - इतना प्यार और भरोसा है मुझ पर।

वीर - हा कहो तो जान दे दू

तनु - 🤫 ऐसे बात दुबारा मत करना।

तभी वीर तनु की ब्रा उतार देता है और उसके चूचों को मुंह में भर लेता है और तनु इस हमले से पागल हो जाती है।

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तनु - आआआआहा तुम्हारे वजह से मुझे आआआहाहा मम्मी बहुत ताने सुनने पड़ते है।

वीर - तुम्हरे चूचे बहुत अच्छा है, क्यो मेने क्या किया

तनु - पता नहीं कैसे तुमसे प्यार हो गया और अब देखो दिन धाडे ऐसे प्यार कर रही हूं , वर्ना कैसी की हिम्मत नहीं मुझे ऐसे घूरने की।

वीर - तुम मेरी हो मैं तो तुम्हे कटता भी हूं।

तनु - उह्ह्ह्ह् वीर अब बस वर्ना klpd हो जाएगा आआआआह्ह।

तभी वीर जल्दी से तनु को अपने उपर बैठा लेता है और उसे चोदना शुरू कर देता है, क्युकी तनु खुद बहुत गरम थी।


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तनु - आआआहहह आयररर उम्मम्म उम्मम इतना तेज़ मत करो यार दर्द होता है , अभी इतनी खुली नही है आआआआहहह देखी दर्द होता है , प्लीज़ मत करो आआआआआह।

वीर एक हाथ से उसके चूंचे दबाने लगते है और कहता है बहुत मस्त है तुम्हारा गांड़।

तनु - छूना भी मत उसे, समझे वर्ना जान ले लुंगी तुम्हारी।

वीर - आआहा , पकड़ क्यो रही हो मेरा।

तनु - मुझे जलन हो रही है हटो, मम्मी यार थोड़ा रुको थोडा सा।



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तनु - तुमसे धीरे धीरे नही होता ना, आआआआहहह ऐसे करोगे तो एक दिन मैं अंदर जलन हो जाएगी, अरे धीरे धीरे करा करो जान ले लोगे क्या हमारी आआआआहहहहहह उम्मम्म्म , ऐसे मजा आता है ना।

वीर अपने हाथ से उसकी गांड़ पकड़ लेता है और कहता है सुबह से तुम्हारे लिए तड़प रहा था।

तनु - अब मैं क्या करू कोशिश कर रही थी, लेकिन कोई न कोई आ जा रहा था।

वीर- अच्छा खड़ी हो जाओ अब


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तनु - हाए री मम्मममम म्म्म्म्म मम्मी यार तुम्हारा मूड साक्षी बनाए , अनु बनाए , लेकिन तुम उनके पीछे नही आते मेरे पीछे ही क्यों पड़े हो।

तनु - ऐसा बिहेव मेरा साथ किसी ने नहीं किया।

वीर - इसीलिए तो हम बहुत अनमोल है आपके लिया , आपकी जान।

तनु - धीरे प्लीज मार जाऊंगी और इतना तेज क्यो दबाते हो यार दर्द होता है आआआआहहह उम्मम्म् सबर कर के आराम से किया नहीं जाता तुमसे ना।

वीर - किया जाता है यार , लेकिन पता नहीं।


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तभी वीर उसे अपने ऊपर बैठा लेता है और चोदना शुरू कर देता है।

तनु - उईईईई मां तोड़ के रख दिया है , अब गिरा दो सोना , जानू गिरा दो बाबू गिरा दो।

वीर - प्लीज़ बस 5 मिनट करने दो ना।

तनु - तुम्हारी और तीन वाइफ है उनके पास जाओ मेरा पीछे क्यो पड़े हो।

वीर - पागल 2

तनु - उईईई मां 3 वो अंजली करमजली है , वो तुम्हारा पीछे कभी नहीं छोड़ेगी, यार तुम मेरी जान ले लोगे क्या चोद चोद के रहम करो।

वीर - अंजली साक्षी सब को छोड़ो मुझे बस तुम चाहिए

तनु देखती है की वीर की सास फिर से तेज होने वाली है और वो हट जाता है पीछे।

तभी तनु बिना देरी किया पीछे आ जाती है और उसकी गोद मैं बैठा कर कूदने लगती है।

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वीर - आआआआआहह मत करो, और देर तक करना है।

तनु - धक्के लगाओ साथ मैं डिस्चार्ज होते है।

वीर - प्लीज।

तनु - वीर।

वीर उसे जकड़ कर के धक्के देने लगता है और उसके साथ ही झड़ जाता है ।

और वीर और तनु एक दुसरे के ऊपर ही गिर पड़ते है।

तनु थोड़ी देर सास कंट्रोल करती है और कहती है मन मैं ये क्या क्या हो गया मुझसे मैने वीर को सब सच बता दिया की अंजली और उसका डिवोर्स नहीं हुआ।

तभी तनु गुस्सा मैं आ जाती है और उठ कर जाने लगती है और वीर उसका हाथ थाम लेता है और तनु गुस्से मैं एक जोरदार तमाचा मार देती है और कहती है हो गई हवस पूरी अब छोड़ो मुझे, हवस ही भरी पड़ी है दिमाग में, ना और कोई काम तो है नहीं, है मर्द ऐसा ही होता है बस इसी चीज के पीछे लगा रहता है।

और तनु की आंख अब पूरी लाल हो चुकी थी।

तभी तनु अपनी ब्रा ले लेती है और पहनने लगती है।

और तभी वीर अपनी नम आंखें लिए तनु के पीछे जाता है, और उसे पीछे से हुक बंद करने लगता है जो तनु से नहीं हो रहा था।

वीर उसका ब्लाउज भी बंद करने लगता है और तनु का गुस्सा और बड़ जाता है तभी वीर कहता है तुम मुझे बता देती की तुम्हे मुझसे इतनी नफरत है तो कभी तुम्हारे कपड़े नहीं उतरता मैं तुमसे प्यार करता हूं , तुम्हारे जिस्म से नहीं शायद जिसे मैं प्यार समझ बैठा वही हवस थी बस।

मैं वीर नहीं हूं तनु मैं sid हूं एक सिंपल सा लड़का मुझे ये दुनिया उनकी नफरत से नहीं मतलब मैं तो बस तुमसे प्यार करता हूं, जब यह आया था तब तुम्हे देखा था, तब से ही साक्षी से मेरा अटूट रिश्ता है लेकिन तुम तुम केवल मेरी हो जिसे मैं अपना मानता हूं, पूरी दुनिया रूट जाती थी तो चलता लेकिन मुझे फक्र नही पड़ता क्युकी मेरी तनु मेरे साथ है इतना मारती हो तब भी तुम्हरे पास आ जाता हूं जानती हो क्यो क्युकी तुमसे प्यार करता हूं।

साक्षी के साथ मैं जुड़ा हूं लेकिन तुमसे तो प्यार करता हूं , खैर छोड़ो मैं खुद दूर चला जाऊंगा अब ये हवसी कभी तुम्हारे पास नहीं आएगा माफ करना।

वीर अपने आसू पोछत है और जाने लगता है और कहता हैं "वैसे भी मैं बहुत सीधा सा लड़का हूं दुनिया की समझ नहीं, नहीं जानता कौन अपना है, लेकिन बहुत अजीब से चीजे हो रही है मेरे साथ , मुझे अच्छा नहीं लगता क्या फील करता हूं तुम्हे बताना चाहता हूं लेकिन बता नही पता, बस तब तक देर ना हो जाए"

वीर वहा से निकल जाता है और अब देर रात हो गई थी।

तभी तनु चुप चाप बैठ जाती है और वीर की बात उसके दिल में गूंज रही थी।

तनु - मेरा वीर मुझसे इतना प्यार करता है, और मै उसे क्या क्या बोल दिया।

तनु - मुझे पता था वीर प्यार करता है मुझसे , लेकिन इस हद तक प्यार करता है, मुझे कभी अहसास नहीं था, मैने उसे अनजाने में इतना दर्द दे दिया।

तनु की आंखो में आसू आने लगाते है उसकी बात सोच सोच कर और तभी उसके फेस पर एक मुस्कान आ जाती है और वो कहती है मैं ही हूं तुम्हारी खास वाइफ 🙈 तुम्हारा प्यार , साक्षी के साथ तुम जुड़े हो , लेकिन मुझसे तुमने पहला प्यार किया और आज भी सबसे ज्यादा।

तभी साक्षी कहती है क्या बात है दीदी बहुत उदास है।

तनु - तू इतनी खुश क्यो है डायन।

साक्षी - हसती राहु क्या पता कब ऊपर निकल लूं

*Chataaaaaaakk *
तनु - दिमाग सही नहीं है क्या , आज के बाद ऐसी बात बोली तो जाबन खीच लुंगी तेरी।

साक्षी चुप चाप नजर नीची कर लेती है।

साक्षी - मैं तो मजाक कर रही थी वैसे भी मुझे क्या होगा

तनु उसे गले लगा लेती है और कहती जान है माफ कर दे ज्यादा तेज नही लगी।

साक्षी - मेरा साथ लेस्बियन करेगी तब माफ करूंगी।

तनु - हट बेशरम ,

साक्षी - मुझे करना है मतलब करना है।

तनु - बाद में पक्कका अब काम कर।

साक्षी - कामिनी बहुत तेज लगी।

तनु - प्यार तो भी करती हूं ना।

साक्षी - वैसे एक बात बताऊं।

तनु - बोल

साक्षी - प्यार ना हमे कमजोर नहीं करता , बल्कि ताकत देता है जैसे वीर को ही ले लो वो हमारी ताकत है, उसके रहते ऐसा लगता है जैसे सब कुछ हो हमारे पास।

तनु उसे कुछ नहीं कहती और कस के गले लगा लेती है और कहती है अब काम कर और उसे गाल पर किस करती है।

साक्षी - होठ वाली किस करती ना नागिन।

तनु - बाद में पक्का।

साक्षी हस देती है और गाल सहलाती है और बहुत कस के लगी अब से मरने की बात ही नही करूंगी।

इधर वीर अपनी कार लेने जमीदार के घर निकल गया।

और इधर तनु घर से बाहर निकलती है, और कहती है मैं अपने होते हुए साक्षी के ऊपर कोई आंच नहीं आने दूंगी।

तनु - मेरी बन्नो तू आराम से रह।

तभी वीर गाड़ी ले कर आ रहा होता है की अक्नाक से उसकी कार का टायर पट जाता है जिससे उसका blance बिगड़ जाता है और वो पेड़ के पास कार रुक जाती है।

वीर - थैंक गॉड बच गया , वर्ना आज जान चली जाती लेकिन अचानक से कैसे मेरे कार का टायर कैसे फट गया।

तभी वीर कुछ और करता की उसके तरफ एक लोहे की रॉड आती है।

जिससे वीर किसी तरह बचता है और जल्दी से कार के पास आता है और आजू बाजू देखने लगता है जिसका दिमाग पहले ही काम नहीं कर रहा था।

तभी वीर सोचता है कोई बच्चा होगा और कार का टायर चेंज करने लागत है।

***********

तनु एक पेड़ के ऊपर बैठी थी और उसके सामने कुछ लोग पड़े हुआ था जो काप रहे थे।

तभी तनु को कुछ याद आता है और वो सोचती है।

साक्षी - अच्छा बाय।

तनु- कहा जा रही है।

साक्षी - वो वीर के साथ कार सिकने इसी बहाने रोमांस करूंगी।

तनु - रात हो गई है कल चलना।

साक्षी - ठीक है

तभी तनु सोच से बाहर आती है और चिल्ला कर कहती है और हाथ में एक लोहे की रॉड उठाते हुए गुस्से मैं क्यो पड़े हो मेरी साक्षी के पीछे क्यों, क्या बिगाड़ा है उसने तेरा, हा क्या बिगाड़ा है।

लडका बोलता है अपनी कापती हुई आवाज में "कौन कौन स स स साक्षी हम किसी साक्षी के लिए नहीं आए थे"

लड़का - हम तो व व वीर के लिया

तनु ये सुन कर कासमसा जाती है और धीरे से आवाज मैं कहती है वी वीर के लिए।

लडका - हा अब हमे जाने दो।

तभी तनु की रॉड गिर जाती है और अब उसे वीर की बात याद आती है "मुझे अच्छा नहीं लगता क्या फील करता हूं तुम्हे बताना चाहता हूं लेकिन बता नही पता, बस तब तक देर ना हो जाए" ये याद आते है तनु फिर से बोलती है वीर के लिए।

लड़का - हा

तनु के दिमाग बस एक बात घूम रही थी ये साक्षी के लिए नहीं बल्कि उसके जान से भी ज्यादा प्यारे उसके वीर के लिए आए था।

तभी तनु के सामने वीर का हसता चहरा आता है जिससे वो सबसे ज्यादा प्यार करती थी, जिसे बस तनु से प्यार था अब उसे याद आया वीर क्या कहना चाहता था।

तभी तनु रॉड फेक देती है और उसकी आवाज़ डरवानी हो जाती है और आंखे लाल होने लगती है।

"तुम सब मेरी जान लेने आए थे"

तभी तनु याद करती है की वीर ने आज उसे कैसे इजहार किया, कैसे बस हर पल उसके आगे पीछे घूमता था, वीर को फरक नहीं पड़ता था, बस वो चाहता था उसके सारे डिसीजन तनु ले वो बस तनु का साथ चाहता था।

तभी तनु की आंखें पूरी रेड हो जाती है और उसका चहरा नागिन जैसा होने लगता है।



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फिर पूरे जंगल में बस चीख ही चीख फेल जाती है।


नहीं नही नही आआआआहहहहह
.
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.
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To be continued ......itna pyara update diya hai....like kar dena yar 🙏 itna toh kar hi dena..... Target - 30 ab toh update bhi regular aate hai..... Thankyou and keep supporting.... Reply time nikal kar sab ka dunga chill...🥰 Tb tk bye bye saionara...
बहुत ही शानदार और दमदार अपडेट हैं भाई मजा आ गया
 

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तभी रचना को खड़ा देख बॉडीगार्ड चिल्लाता है।

"मैम जाइए रूम में और बाहर मत आना"

अब आगे

रोहित- ये बहन चोद चारो लड़के मर कैसे गए, और वो भी मॉल में कोनसा साप आ गया।

लड़की - पता नहीं, लेकिन अब हमे बहुत सावधान रहने की जरूरत है, वर्ना लेने के देने पड़ सकते है।

रोहित - इसी टाइम का तो मैं इंतजार कर रहा था, मौका जरूर मिलेगा , ये वीर इस वीर से पूरा अलग था।

लड़की - हा और अगर वो वीर रहता तो , हम उसका कुछ नही बिगाड़ पाते , अकेला ही काफी था वो।

रोहित - इस वीर को भुगतान करना पड़ेगा, इसे भुगतान करना तो पड़ेगा, मेरी बेटी की आत्मा को तभी शांति मिलेगी।

तभी रोहित कॉल करता है और कॉल पर कहता है

"अपनी पैनी नज़र रखो, वीर पर और हर किसी पर गांव में जैसे ही वीर अकेला निकले, तुरंत हमे इनफॉर्म करना , और गांव में मैं अपने शूटर भेज रहा हूं"

रोहित - बकरे की मां कब तक खैर मनायेगी।

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उदय - भाई रमेश का ऑर्डर है घर के बाहर ही रुको और जैसे ही मौका मिले , रमेश को निपटा देना है, बहन का लौड़ा बचना नही चहिए।

"ठीक है भाई , काम हो जाएगा", लड़के ने कहा और रोहित के घर के बाहर इंतजार करने लगा।

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रचना - रूम में जा कर ही क्या कर लूंगी, जाऊंगी फिर रात तक रूम में रहना है।

जैसे ही रचना रूम में अंदर जाती है, उसकी सास अटक जाती है।

रचना चाहे जितना झूठ बोले मुंह मटकाए लेकिन एक बात से वो इनकार नही कर सकती थी, की वो लेस्बियन थी।

रचना अंदर जाती है और रूम में सोई हुई अंजली पर उसकी नज़र पड़ती है।

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जिसके होने मात्र के अहसास से रचना की आह निकल रही थी, दूध जैसा गोरा बदन, कटीला शरीर।

रचना धीरे से अंजली को पुकारती है और जब रचना को कन्फर्म हो जाता है की अंजली सो रही है, तो वो उसके जस्ट बगल लेट जाती है और अपने सर अंजली के सर से सटा लेती है।


giphy

और उसका हाथ पकड़ती है और दूसरे हाथ से उसकी कमर जकड़ लेती है और अब रचना की सास बहुत तेज हो गई थी वो बहुत तेज सास लेती है।

पहली बार वो किसी के साथ थी, उसका दिल बहुत तेज धड़क रहा था।

फिर रचना ने अपनी आंखे बंद कर के उसके होठ पर अपने होठ रख दिया।



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लेकिन रचना को नही पता था, किस कैसे करते है और फिर किस तोड़ देती है और उसके दोनो चूचे अंजली के चूचे से सटे हुए था और वो तेजी से सास लेने लगी।

ये उसकी पहली किस थी, उसकी आंखे पूरी रेड हो चुकी थी, और वो अंजली का गले को चूमने लगती है और उसके बदन को कसने लगती है।


lcuf02ev6py71


तभी अंजलि की नींद खुल जाती है, और रचना अंजली को देख कर डर जाती है और जल्दी से खड़ी हो जाती है।

रचना - वो वो वो मैं तो बस तुम्हे जगा रही थी, तू तू तुम मेरी जगह पर सो रही थी।

अंजलि - ऐसे जागते है, मेरे ऊपर लेट के ये कोनसा तरीका है किसी को जगाने का बड़ी आई तुम तो मुझे बाहर कर कर रही थी , फिर मुझे क्यो प्यार कर रही थी।

रचना - वो वो वो मैं बहक गई थी मुझे तुमसे कोई प्यार वार नही है , पहली बार तुम मेरे रूम पर आई थी , इसीलिए बहक गई तुम्हे साड़ी में देख कर।

अंजलि - तुम्हे मुझे प्यार नहीं है, बोलो ।

रचना - तुम शादीशुदा हो देखो, तुम्हारी मांग मैं सिंदूर है, और मैं तुमसे कोई प्यार नहीं करती।

अंजलि - मेरे ऊपर लेटने से पहले ये बात नहीं याद आई।

रचना - हा नहीं याद आई, वैसे भी तुम तो शादी शुदा हो।

अंजलि - हा तो तुम भी मेरे साथ चलना मेरे घर मेरी बन कर मेरा पति तुम्हे नहीं छुएगा साथ मैं रहना मेरे।

रचना - में नहीं करती तुमसे प्यार निकल जाओ यह से, शादीशुदा हो तुम्हे क्यों प्यार करू मैं, इसीलिए तुम्हारे पति ने तुम्हे छोड़ दिया, शर्म नहीं आती दूसरे के घर ऐसे आते हुए।

अंजलि की आंखों में आसू आ गए रचना की बात सुन कर और ये सच भी था वीर ने उसे उस दिन नहीं रोका था, और शायद रोकता तो भी तनु ना रोकती , और तो और आज रचना ने भी उसे निकल जाने को कहा।

अंजलि मन मैं कहती है मैं सब को छोड़ दूंगी एक दिन बस वीर और मेरी बहन की लाइफ की प्रोब्लम चली जाए फिर खुद चली जाऊंगी सब की लाइफ से।

अंजली अपने आसू पूछते हुआ निकल जाती है रूम से।

उसे जाता देख रचना भी उसके पीछे पीछे जाती है और अंजली रचना के बगल वाले रूम मैं जाती है।

रचना उसे देख कर वापिस रूम में आ जाती है और उदास हो कर बैठ जाती है।

रचना - मैने उसे ज्यादा कुछ कह दिया क्या, मैं भी पागल हूं , ऐसे कुछ भी बोल देती हूं, इतना बोलने की क्या जरूरत थी।

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इधर वीर सोया हुआ था और जब उसकी नींद खुलती है तो वो देखता है वो अनु की गोद मैं सोया हुआ है, फिर वो उठ जाता है और अनु को स्माइल कर के देखता है।

वीर - थैंक्यू।

अनु - इट्स ओके मैं भी तो तुम्हारी वाइफ हूं।

वीर - तब चलो फिर कोपचे में।

अनु - नही चलना , हटो अब मेरे ऊपर से।

तभी वीर की नज़र अनु के बदन पर पड़ती है और उसका लन्ड मैं जान आने लगती है।

तो वीर लेटे लेटे ही अपने हाथ से अनु की क़मर जकड़ लेता हैं, और उसकी आह निकल जाती है और वो कहता है आई लव यू।

अनु - तेजी से सास लेते हुआ कहती है आई लव यू टू और वो वीर को हटा देती है।

वीर - याद रहे तनु को मनाने के बाद परमिशन मिलने के बाद हमारी किस पेंडिंग है।

अनु - ओके लेकिन , बस एक।

और वो तेजी से भाग जाती है, और वीर भी चुप चाप बाहर आता है तो उसकी नज़र तनु पर पड़ती है जो बाहर ही खड़ी थी फिर वो देखता है की वो अकेला ही खड़ी है।



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वीर उसके पास जाता है और उसके करीब खड़ा होता है तो तनु उससे थोड़ा दूर हो जाती है।

तनु - जाओ ना अपनी साक्षी के पास मेरे पास क्यों आ रहे हो, जाओ हटो मेरे से दूर।

वीर - अरे मैं क्या करू , वो खुद मेरे पास आ रही थी और वो भी तो वाइफ है मेरी।

तनु - हा तो वही तो कह रही जाओ, मेरे पास मत आओ , जाओ साक्षी के पास और अनु के पास सो जाओ थोड़ा वेट तो कर नहीं सकते थे, मैं तो हूं ही कौन।

वीर - तुम मेरे लिए स्पेशल हो, मुझे तुम्हारे साथ सब से अच्छा लगता है , बेशक साक्षी करीब है , लेकिन जब भी वाइफ की बात आएगी तुम सबसे पहले हो, तुम क्या हो मेरे लिए वो में बता नही सकता।

तनु अब हल्की सी मुस्कुराहट आ जाती है और जा कर एक कोने बैठ जाती है और पलट कर वीर को देखती है।


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वीर उसके पास जाता है और उसे गले लगा कर किस करता है गाल पर।

तनु मुस्कुराती हुई वीर के बाहों मैं पड़ी हुई थी, और वीर उससे पूछता है की वो दोनो कहा है, काव्या कहा है।

तनु - सब नीचे गई है।

वीर जल्दी से तनु को बाहों मैं भर लेता है और रूम में ले कर चला आता है।

तनु - अरे वो दोनो आ जाएगी क्या कर रहे हो।

वीर - मुझे फर्क नहीं पड़ता , मुझे मेरी वाइफ को प्यार करना है।

इसके पहले की तनु कुछ कर पाती वीर उसे दीवाल से सटा कर चूमना शुरू कर देता है।


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तनु - आह अरे, आराम से।

तभी वीर आराम से तनु को बिस्तर पर बैठा कर किस करने लगता है और तनु उसके इस बार प्यार वाले अहसास से बहुत खुस हो जाती है।

तनु खुद वीर से बहुत प्यार करने लगी थी इस बात से वीर अब वाकिफ था।

तभी तनु वीर को हटा कर अपना ब्लाउज खोलने लगती है , और कहती है मैं देख रही हूं अब तुम कभी भी प्यार करने लगते हो।

वीर - प्यार करता हूं तुमसे क्या करू।

तनु - धत, पागल लड़के , अब जल्दी करो वर्ना ऐसे ही रह जाओगे कोई और आ गया तो।

वीर - मेरी तनु मुझसे बहुत प्यार करती है वो मेरे लिए sb करेगी।

तनु - इतना प्यार और भरोसा है मुझ पर।

वीर - हा कहो तो जान दे दू

तनु - 🤫 ऐसे बात दुबारा मत करना।

तभी वीर तनु की ब्रा उतार देता है और उसके चूचों को मुंह में भर लेता है और तनु इस हमले से पागल हो जाती है।

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तनु - आआआआहा तुम्हारे वजह से मुझे आआआहाहा मम्मी बहुत ताने सुनने पड़ते है।

वीर - तुम्हरे चूचे बहुत अच्छा है, क्यो मेने क्या किया

तनु - पता नहीं कैसे तुमसे प्यार हो गया और अब देखो दिन धाडे ऐसे प्यार कर रही हूं , वर्ना कैसी की हिम्मत नहीं मुझे ऐसे घूरने की।

वीर - तुम मेरी हो मैं तो तुम्हे कटता भी हूं।

तनु - उह्ह्ह्ह् वीर अब बस वर्ना klpd हो जाएगा आआआआह्ह।

तभी वीर जल्दी से तनु को अपने उपर बैठा लेता है और उसे चोदना शुरू कर देता है, क्युकी तनु खुद बहुत गरम थी।


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तनु - आआआहहह आयररर उम्मम्म उम्मम इतना तेज़ मत करो यार दर्द होता है , अभी इतनी खुली नही है आआआआहहह देखी दर्द होता है , प्लीज़ मत करो आआआआआह।

वीर एक हाथ से उसके चूंचे दबाने लगते है और कहता है बहुत मस्त है तुम्हारा गांड़।

तनु - छूना भी मत उसे, समझे वर्ना जान ले लुंगी तुम्हारी।

वीर - आआहा , पकड़ क्यो रही हो मेरा।

तनु - मुझे जलन हो रही है हटो, मम्मी यार थोड़ा रुको थोडा सा।



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तनु - तुमसे धीरे धीरे नही होता ना, आआआआहहह ऐसे करोगे तो एक दिन मैं अंदर जलन हो जाएगी, अरे धीरे धीरे करा करो जान ले लोगे क्या हमारी आआआआहहहहहह उम्मम्म्म , ऐसे मजा आता है ना।

वीर अपने हाथ से उसकी गांड़ पकड़ लेता है और कहता है सुबह से तुम्हारे लिए तड़प रहा था।

तनु - अब मैं क्या करू कोशिश कर रही थी, लेकिन कोई न कोई आ जा रहा था।

वीर- अच्छा खड़ी हो जाओ अब


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तनु - हाए री मम्मममम म्म्म्म्म मम्मी यार तुम्हारा मूड साक्षी बनाए , अनु बनाए , लेकिन तुम उनके पीछे नही आते मेरे पीछे ही क्यों पड़े हो।

तनु - ऐसा बिहेव मेरा साथ किसी ने नहीं किया।

वीर - इसीलिए तो हम बहुत अनमोल है आपके लिया , आपकी जान।

तनु - धीरे प्लीज मार जाऊंगी और इतना तेज क्यो दबाते हो यार दर्द होता है आआआआहहह उम्मम्म् सबर कर के आराम से किया नहीं जाता तुमसे ना।

वीर - किया जाता है यार , लेकिन पता नहीं।


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तभी वीर उसे अपने ऊपर बैठा लेता है और चोदना शुरू कर देता है।

तनु - उईईईई मां तोड़ के रख दिया है , अब गिरा दो सोना , जानू गिरा दो बाबू गिरा दो।

वीर - प्लीज़ बस 5 मिनट करने दो ना।

तनु - तुम्हारी और तीन वाइफ है उनके पास जाओ मेरा पीछे क्यो पड़े हो।

वीर - पागल 2

तनु - उईईई मां 3 वो अंजली करमजली है , वो तुम्हारा पीछे कभी नहीं छोड़ेगी, यार तुम मेरी जान ले लोगे क्या चोद चोद के रहम करो।

वीर - अंजली साक्षी सब को छोड़ो मुझे बस तुम चाहिए

तनु देखती है की वीर की सास फिर से तेज होने वाली है और वो हट जाता है पीछे।

तभी तनु बिना देरी किया पीछे आ जाती है और उसकी गोद मैं बैठा कर कूदने लगती है।

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वीर - आआआआआहह मत करो, और देर तक करना है।

तनु - धक्के लगाओ साथ मैं डिस्चार्ज होते है।

वीर - प्लीज।

तनु - वीर।

वीर उसे जकड़ कर के धक्के देने लगता है और उसके साथ ही झड़ जाता है ।

और वीर और तनु एक दुसरे के ऊपर ही गिर पड़ते है।

तनु थोड़ी देर सास कंट्रोल करती है और कहती है मन मैं ये क्या क्या हो गया मुझसे मैने वीर को सब सच बता दिया की अंजली और उसका डिवोर्स नहीं हुआ।

तभी तनु गुस्सा मैं आ जाती है और उठ कर जाने लगती है और वीर उसका हाथ थाम लेता है और तनु गुस्से मैं एक जोरदार तमाचा मार देती है और कहती है हो गई हवस पूरी अब छोड़ो मुझे, हवस ही भरी पड़ी है दिमाग में, ना और कोई काम तो है नहीं, है मर्द ऐसा ही होता है बस इसी चीज के पीछे लगा रहता है।

और तनु की आंख अब पूरी लाल हो चुकी थी।

तभी तनु अपनी ब्रा ले लेती है और पहनने लगती है।

और तभी वीर अपनी नम आंखें लिए तनु के पीछे जाता है, और उसे पीछे से हुक बंद करने लगता है जो तनु से नहीं हो रहा था।

वीर उसका ब्लाउज भी बंद करने लगता है और तनु का गुस्सा और बड़ जाता है तभी वीर कहता है तुम मुझे बता देती की तुम्हे मुझसे इतनी नफरत है तो कभी तुम्हारे कपड़े नहीं उतरता मैं तुमसे प्यार करता हूं , तुम्हारे जिस्म से नहीं शायद जिसे मैं प्यार समझ बैठा वही हवस थी बस।

मैं वीर नहीं हूं तनु मैं sid हूं एक सिंपल सा लड़का मुझे ये दुनिया उनकी नफरत से नहीं मतलब मैं तो बस तुमसे प्यार करता हूं, जब यह आया था तब तुम्हे देखा था, तब से ही साक्षी से मेरा अटूट रिश्ता है लेकिन तुम तुम केवल मेरी हो जिसे मैं अपना मानता हूं, पूरी दुनिया रूट जाती थी तो चलता लेकिन मुझे फक्र नही पड़ता क्युकी मेरी तनु मेरे साथ है इतना मारती हो तब भी तुम्हरे पास आ जाता हूं जानती हो क्यो क्युकी तुमसे प्यार करता हूं।

साक्षी के साथ मैं जुड़ा हूं लेकिन तुमसे तो प्यार करता हूं , खैर छोड़ो मैं खुद दूर चला जाऊंगा अब ये हवसी कभी तुम्हारे पास नहीं आएगा माफ करना।

वीर अपने आसू पोछत है और जाने लगता है और कहता हैं "वैसे भी मैं बहुत सीधा सा लड़का हूं दुनिया की समझ नहीं, नहीं जानता कौन अपना है, लेकिन बहुत अजीब से चीजे हो रही है मेरे साथ , मुझे अच्छा नहीं लगता क्या फील करता हूं तुम्हे बताना चाहता हूं लेकिन बता नही पता, बस तब तक देर ना हो जाए"

वीर वहा से निकल जाता है और अब देर रात हो गई थी।

तभी तनु चुप चाप बैठ जाती है और वीर की बात उसके दिल में गूंज रही थी।

तनु - मेरा वीर मुझसे इतना प्यार करता है, और मै उसे क्या क्या बोल दिया।

तनु - मुझे पता था वीर प्यार करता है मुझसे , लेकिन इस हद तक प्यार करता है, मुझे कभी अहसास नहीं था, मैने उसे अनजाने में इतना दर्द दे दिया।

तनु की आंखो में आसू आने लगाते है उसकी बात सोच सोच कर और तभी उसके फेस पर एक मुस्कान आ जाती है और वो कहती है मैं ही हूं तुम्हारी खास वाइफ 🙈 तुम्हारा प्यार , साक्षी के साथ तुम जुड़े हो , लेकिन मुझसे तुमने पहला प्यार किया और आज भी सबसे ज्यादा।

तभी साक्षी कहती है क्या बात है दीदी बहुत उदास है।

तनु - तू इतनी खुश क्यो है डायन।

साक्षी - हसती राहु क्या पता कब ऊपर निकल लूं

*Chataaaaaaakk *
तनु - दिमाग सही नहीं है क्या , आज के बाद ऐसी बात बोली तो जाबन खीच लुंगी तेरी।

साक्षी चुप चाप नजर नीची कर लेती है।

साक्षी - मैं तो मजाक कर रही थी वैसे भी मुझे क्या होगा

तनु उसे गले लगा लेती है और कहती जान है माफ कर दे ज्यादा तेज नही लगी।

साक्षी - मेरा साथ लेस्बियन करेगी तब माफ करूंगी।

तनु - हट बेशरम ,

साक्षी - मुझे करना है मतलब करना है।

तनु - बाद में पक्कका अब काम कर।

साक्षी - कामिनी बहुत तेज लगी।

तनु - प्यार तो भी करती हूं ना।

साक्षी - वैसे एक बात बताऊं।

तनु - बोल

साक्षी - प्यार ना हमे कमजोर नहीं करता , बल्कि ताकत देता है जैसे वीर को ही ले लो वो हमारी ताकत है, उसके रहते ऐसा लगता है जैसे सब कुछ हो हमारे पास।

तनु उसे कुछ नहीं कहती और कस के गले लगा लेती है और कहती है अब काम कर और उसे गाल पर किस करती है।

साक्षी - होठ वाली किस करती ना नागिन।

तनु - बाद में पक्का।

साक्षी हस देती है और गाल सहलाती है और बहुत कस के लगी अब से मरने की बात ही नही करूंगी।

इधर वीर अपनी कार लेने जमीदार के घर निकल गया।

और इधर तनु घर से बाहर निकलती है, और कहती है मैं अपने होते हुए साक्षी के ऊपर कोई आंच नहीं आने दूंगी।

तनु - मेरी बन्नो तू आराम से रह।

तभी वीर गाड़ी ले कर आ रहा होता है की अक्नाक से उसकी कार का टायर पट जाता है जिससे उसका blance बिगड़ जाता है और वो पेड़ के पास कार रुक जाती है।

वीर - थैंक गॉड बच गया , वर्ना आज जान चली जाती लेकिन अचानक से कैसे मेरे कार का टायर कैसे फट गया।

तभी वीर कुछ और करता की उसके तरफ एक लोहे की रॉड आती है।

जिससे वीर किसी तरह बचता है और जल्दी से कार के पास आता है और आजू बाजू देखने लगता है जिसका दिमाग पहले ही काम नहीं कर रहा था।

तभी वीर सोचता है कोई बच्चा होगा और कार का टायर चेंज करने लागत है।

***********

तनु एक पेड़ के ऊपर बैठी थी और उसके सामने कुछ लोग पड़े हुआ था जो काप रहे थे।

तभी तनु को कुछ याद आता है और वो सोचती है।

साक्षी - अच्छा बाय।

तनु- कहा जा रही है।

साक्षी - वो वीर के साथ कार सिकने इसी बहाने रोमांस करूंगी।

तनु - रात हो गई है कल चलना।

साक्षी - ठीक है

तभी तनु सोच से बाहर आती है और चिल्ला कर कहती है और हाथ में एक लोहे की रॉड उठाते हुए गुस्से मैं क्यो पड़े हो मेरी साक्षी के पीछे क्यों, क्या बिगाड़ा है उसने तेरा, हा क्या बिगाड़ा है।

लडका बोलता है अपनी कापती हुई आवाज में "कौन कौन स स स साक्षी हम किसी साक्षी के लिए नहीं आए थे"

लड़का - हम तो व व वीर के लिया

तनु ये सुन कर कासमसा जाती है और धीरे से आवाज मैं कहती है वी वीर के लिए।

लडका - हा अब हमे जाने दो।

तभी तनु की रॉड गिर जाती है और अब उसे वीर की बात याद आती है "मुझे अच्छा नहीं लगता क्या फील करता हूं तुम्हे बताना चाहता हूं लेकिन बता नही पता, बस तब तक देर ना हो जाए" ये याद आते है तनु फिर से बोलती है वीर के लिए।

लड़का - हा

तनु के दिमाग बस एक बात घूम रही थी ये साक्षी के लिए नहीं बल्कि उसके जान से भी ज्यादा प्यारे उसके वीर के लिए आए था।

तभी तनु के सामने वीर का हसता चहरा आता है जिससे वो सबसे ज्यादा प्यार करती थी, जिसे बस तनु से प्यार था अब उसे याद आया वीर क्या कहना चाहता था।

तभी तनु रॉड फेक देती है और उसकी आवाज़ डरवानी हो जाती है और आंखे लाल होने लगती है।

"तुम सब मेरी जान लेने आए थे"

तभी तनु याद करती है की वीर ने आज उसे कैसे इजहार किया, कैसे बस हर पल उसके आगे पीछे घूमता था, वीर को फरक नहीं पड़ता था, बस वो चाहता था उसके सारे डिसीजन तनु ले वो बस तनु का साथ चाहता था।

तभी तनु की आंखें पूरी रेड हो जाती है और उसका चहरा नागिन जैसा होने लगता है।



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फिर पूरे जंगल में बस चीख ही चीख फेल जाती है।


नहीं नही नही आआआआहहहहह
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.
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To be continued ......itna pyara update diya hai....like kar dena yar 🙏 itna toh kar hi dena..... Target - 30 ab toh update bhi regular aate hai..... Thankyou and keep supporting.... Reply time nikal kar sab ka dunga chill...🥰 Tb tk bye bye saionara...
बहुत ही शानदार और दमदार अपडेट हैं भाई मजा आ गया
 

parkas

Well-Known Member
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Update - 24 ruhi aur past .... Part 1
basically is update main aaap jaan jaoge....bahut si cheez ke ans mil jayge aapko jaise sakshi aur tanu normal life kyu jee rhe tha.... Lekin iska part 2 (update 25 bhi aaj hi aayga wo long rhega usmain aap past achi tarah samaj jayenge but anjali aur ruhi ki side se baaki ka past reason sab sakshi aur tanu ki story ke sath hi aage aaygii..



Ab story

रूही - दीदी मुझे बचा लो दीदी ये मुझे मार देंगे दीदी , मेरा बेटा को मार देंगे दीदी

इससे पहले कुछ और कहती रूही रचना ने बंदूक से हवा में फायर किया

ही ही ही ही ही ही

"गेम शुरू हो चुका है अंजली मेरे भाई को मार दिया कामिनी अब तेरी बारी"

अब आगे ---

"दीदी दीदी उठो ना कितना सोती हो आप", एक छोटी सी बच्ची तुतला कर बोलती है।

"छोटी सोने दे देख परेशान मत कर , वैसे ही पापा आज कल सोने नहीं देते, जब देखो पड़ो पड़ो पड़ो , मुझे पसन्द नहीं गांव का स्कूल" कुनुमुनाते हुए एक और बच्ची बोलती है।

"उहफो दीदी उठो तो तभी तो देख पाओगी सुन्दर सी दुनिया मुझे देखो मैं तो दिन भर घर रहती हूं, अगर मेरी मम्मी होती , मेरी बहन होती तो वो भी मुझे अपने साथ 🏫 स्कूल ले जाती ना दीदी", नम आंखों से छोटी बच्ची बड़ी बच्ची को बोलती है।

इतना सुन कर सो रही लड़की एक जोरदार तमाचा देती है।

"तेरी हिम्मत कैसे हुईं, ये कहने की रूही क्या मैं तेरी बहन नहीं हा तूने मुझे अनाथ कर दिया", अंजलि बोलती है।

"अरे मेरा कहने का वो मतलब नहीं था दीदी" रूही टूटी आवाज मैं कहती है।

तभी अंजली उसे गले लगा लेती है, और कहती है बहन नहीं पत्नी है तू मेरी समझी।

रूही - हट चलो वर्ना चाचा गुस्सा करेंगे।

अंजली - तू चल नीचे मैं आती हूं

रूही - दीदी मुझे अकेला मत छोड़ो, मुझे अकेला डर लगता है।

अंजली - aww मेरी पत्नी को डर लगता है, चलो चले दोनो साथ

दोनो जैसे ही नीचे आए नीचे अंजली के पापा जमींदार वही मौजूद थे जो इन दोनो को देख कर बोला।

"अरे रूही इतनी देर से उठाने गई थी, आई क्यो नहीं", जमींदार की इतनी बोली सुन रूही कांप कर वही खड़ी हो गई।

"खबरदार मेरी पत्नी से केवल में ऊंची आवाज मैं बात कर सकती हूं, और कोई नही" अंजली की आवाज़ सुन कर जमींदार भी हसने लगता है , और हस्ते हुआ कहता है,"अच्छा अब खाना खा लो और पढ़ाई करने के लिए निकल जाओ"

"नही पापा मैं नहीं जाऊंगी, मैं एक ही शर्त पर पढ़ाई करूंगी जब रूही मेरे साथ रहेगी हमेशा और पढ़ाई करेगी" अंजली ने जमीदार को कहा।

और अंजली की बात सुन कर जमींदार हस्ते हुए कहता है," अच्छा ठीक है मेरे बच्चियों अब खाना खाओ और निकल जाओ"

जमीदार की बात सुन कर अंजली खुशी से कुद पड़ती है और रूही का हाथ पकड़ के कहती है," अब तू भी मेरे साथ चलेगी स्कूल"

फिर दोनो स्कूल के लिए निकल पड़ते है जो पास मैं पढ़ता था।

दोनो क्लास में चली जाती है तो सभी अंजली को बहुत इज्ज़त देते थे क्युकी वो जमींदार की बेटी थी।

जैसे ही अंजली क्लास मैं आई उसने अपने हाथ मैं रूही का हाथ पकड़ रखा था जिससे सब रूही को बस घूर रहा था।

रूही एक सीट मैं बैठी थी की वहा एक लड़की आ कर बैठ जाती है जिसे देख कर के अंजली कहती है ,"आप कही और बैठ जाओ ये हम दोनो की सीट है"

अंजली की बात सुन कर वो लड़की मासूम सी सकल बना कर जाने ही वाली होती है की तभी उसे एक और आवाज़ सुनाई पड़ती है," क्यो ये सीट तेरे बाप की है, तू इसे घर से ले आई थी"


उस लड़की की आवाज़ सुन कर रूही डर जाती है, और रूही को डरता हुआ देख कर अंजली उसका हाथ थाम लेती है और उस लड़की के सामने खड़ी हो जाती है और कहती है ," नही सीट मैं घर से तो नही लाई थी, लेकिन सीट तो तेरे घर से भी नही आई, और मेरी रूही से बात करते वक्त आवाज़ नीचे गर्म मुझे सिर्फ चाय पसंद है"।

इससे पहले की अंजली कुछ और कहती दूसरी लड़की जो चुप चाप खड़ी थी वो बोलती है," चुप रहो तनु हर टाइम आवाज नही निकलते, और अंजली तुम हमे मां ने लड़ने से मना किया है, वर्ना हम क्या है ये तुम्हे जरूर बताते"


रूही - आप सब मत लड़ो, मेरी दीदी से

रूही की इस आवाज़ से तीनो लड़कियां का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया।

और इसी तरह अंजली और तनु की दुश्मनी शुरू हो गई, लेकिन दोनो मैं एक चीज नॉर्मल थी दोनो का चहरा बिलकुल एक जैसा था जिसकी वजह से बहुत बार तनु को लोग अंजली समझ लेते थे।

एक बार रूही अपनी सहेली के साथ खेलने के लिए चली गई थी।

अंजली - पापा मेरी दुल्हन कहा गई।

जमीनदार - तुम्हारी दुल्हन अपनी सहेली के साथ खेलने गई है।

अंजली - लेकिन क्यो मुझसे क्यों नहीं पूछा इसने

जमींदार - अरे तू भी चली जा बगीचा मैं।

अंजली भागते हुए बगीचा मैं पहुंच जाती है और चिल्लाती है ," रूही "

"रूही "

तभी उसे एक तरफ रूही की चीख सुनाई पड़ती है उस चीख को सुन कर के अंजली जल्दी से भागते हुए उसी ओर आ जाती है, जब अंजली वहा आ कर देखती हैं, तो रूही एक तरफ बेहोश होती है, और उसके साथ अनु भी बेहोश पड़ी होती है।

ये देख कर के अंजली बहुत जोर से चीखतीं है," तुम दोनो ने क्या किया मेरी बहन के साथ, मैं तुम दोनो की जान ले लुंगी।

तभी पेड़ के एकदम ऊपर वाली टहनी से कुद कर साक्षी नीचे आती है और कहती तुम्हे ऐसा लगता है की तुम मेरा कुछ कर पाओगी।

अंजली अब ध्यान से तनु और साक्षी को देखती है और कहती है त तुम दोनो चाहे जो भी कहो मैं अपनी बहन के लिए किसी से भी लड़ने के लिए तैयार हूं।

तभी रूही रोते हुए अंजली के गले लग जाती है जो अब होश में आ चुकी थी और कहती है," दीदी ये दोनो 🥺 अगर नही आई होती तो ये कामिना हमारी इज्जत लूट लेता"

अंजली कुछ और कहती तभी वहा एक औरत आती है जिसके चहरे से ही नूर टपक रहा था वो आते ही तनु और साक्षी को एक बहुत जोर का थप्पड़ देती है और कहती हैं "मैने कहा था ना तुम दोनो को कुछ उल्टा पलटी हरकत मत करना मेरी बात तो तुम्हे सुननी नहीं है"

साक्षी - मां हमने कुछ नहीं किया , हम तो बस पेड़ से फल तोड़ रहा थे यही हमारे पास आया था और

तनु इशारे से अंजली की तरफ देखती है

तभी साक्षी की मां कहती है तुम जाओ बेटा रूही और अनु को ले कर तुम जमीदार की बेटी हो ना।

तनु - चलो जाओ , भागो बड़ी मां नहीं आई होती तो आज तुमको खा जाती मैं

अंजली - अरे चल चल

अंजली उन दोनो को लेकर चली जाती है और जाते हुए उसे बस इतना सुनाई पड़ा " मम्मी ये सब वापिस हमारे लिए आए था, ये क्यो बार बार हमे मारने आ जाते है"

तभी उसे रूही कहती है "दीदी बड़ा अजीब चीज हुआ आपको पता है , वो मैं खेल रही थी ना तब एक अंकल आए और हमे और अनु को पकड़ लिया और हस्ते हुए बोले अब वो सिर्फ मेरा है सिर्फ मेरा हा हा हा हा हा"

तभी अंजलि उसे इग्नोर कर के अनु का हाथ पकड़ लेती है और कहती है बेटा आपका क्या नाम है

अनु - ही ही ही मेरा नाम अनु है आप बिल्कुल मेरी तनु दीदी की तरह हो वो गुस्सैल है, और आप नरम दिल

रूही - हमसे बात क्यो नहीं कर रही

अंजली कुछ नहीं कहती और चुप चाप अनु को घर छोड़ कर वापिस आ जाती है

और जब वो जा रही होती है तो उसे दो लड़के दिखते है जो बहुत तेजी से भागते हुए चले जा रहे थे।

तभी वो दोनो वापिस घर आ जाते है और अंजली को बहुत गंदी फील आ रही थी फिर भी छोटी सी अंजली ने हिम्मत कर के बाहर आई और और जंगल की ओर आने लगी , तभी उसे एक लड़का दिखता है बहुत सीधा स्कूल का अंजली उसे बुलाती है

लडका - हा

अंजाली - चलो मेरे साथ आम के बाग वहा मुझे बाहर छोड़ देना फिर वापिस आ जाना

लडका उसकी बात मान कर चल देता है और दोनो आम की बगिया में आ जाते है और लड़का वही बाहर खडा रहता है

जैसे ही अंजली बाग मैं आती है वो देखती है उसके सामने साक्षी और तनु जमीन पर खून से लतपथ पड़े है और उसकी मां रोशनी सामने खड़ी थी जो अपनी अंतिम सास ले रही थी।

रोशनी - कभी भी याद रखना अपनी शक्ति का इस्तेमाल मत करना साक्षी तुम क्या हो इसे राज रखना, और हमेशा अपनी बहन का साथ देना तनु, तुम्हारी शक्ति का इस्तेमाल मत करना एक आम सी ज़िंदगी जीना

रोशनी - मेरी मौत के साथ मेने तुम सभी के पीछे पड़े सभी लोगो को मार दिया , तुम सब आराम से जीना लेकिन उस चीज की हमेशा रक्षा करना।

तनु - आप ही नहीं रहेंगी तो फिर हमे क्यों जीने दे रही है ये दुनिया तो हमे कभी एक्सेप्ट नहीं करेगी मां।

रोशनी - इसलिए कह रही आम ज़िंदगी जियो और इस चीज की रक्षा करो और याद रहे कोई आएगा जो तुम्हे चाहेगा, तुम कैसी भी हो वो तुम्हे अपनाएगा तब तुम सब खुद ब खुद अपनी पूरी शक्ति पा लोगे।

ये सुन कर अंजली वहा से भागती हुई निकल जाती है, और उसे रास्ते में एक अंकल मिलते है जो लड़खड़ा रहे थे उसके शरीर पर तलवार घुसी हुई थी जो बहुत अजीब थी।

वो अंजली को देख कर के अपनी तलवार अंजली के पेट में घुसाने के लिए फेक देता है लेकिन वो तलवार अंजली को लगती उसके पहले रूही उसे ढकेल देती है और वो तलवार गिर जाती है।

रूही - दीदी भागो

लेकिन वो दोनो बच्चियां थी उनके पास साक्षी और तनु जैसी शक्ति नही थी वो कुछ कहती उसके पहले वो आदमी तलवार रूही की तरफ़ फेक देता है तभी अंजलि उसके सामने आ जाती है और अंजली के पेट में तलवार घुस जाती है।

रूही - क्यो किया अपने ऐसा

अंजली - अपनी वाइफ को केवल में छू सकती हूं बस बचपन से आज तक केवल तू ही मेरी अपनी है तुझे आंखो के सामने मारता नही देख सकती थी।

तभी वहा पर साक्षी आ जाती है और फिर जब अंजली की नींद खुलती हैं वो अपने आप को उसी जगह पाती है और उसकी चोट काफी भर चुकी थी।

तनु - क्यो आई थी यह

अंजली अपना सिर उठा कर देखती है तभी तनु कहती है बेहोश हैं वो

अंजली - पता नहीं तुम्हे दर्द मैं नहीं देखा गया पता नहीं क्यो, तुम्हारे साथ कोई रिश्ता है

तनु - हमारा केवल चहरा सेम है बस और कुछ नही आज के बाद ऐसा मत करना वर्ना मैं क्या कोई नहीं बचा पाएगा, अब तो बड़ी मां भी नहीं रोकेंगी

अंजली - बड़ी मां के जाने से उदास हो ना

तब तक तनु जा चुकी थी

.....
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To be continued ismain aap ruhi ko jaan gya honge...... Lekin ab iska duara part jo aayga usmain bahut si cheez saamne aa jaygiii....veer, rohit, aur sab toh 1 update ismain lag jayga.... Tab tk keep supporting reply subah de dunga.....

I know romance update chahiye tha lekin ye past khatam hone do fir romance hi hoga
Bahut hi badhiya update diya hai Ghost Rider ❣️ bhai....
Nice and beautiful update....
 

Abhi32

Well-Known Member
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Update - 24 ruhi aur past .... Part 1
basically is update main aaap jaan jaoge....bahut si cheez ke ans mil jayge aapko jaise sakshi aur tanu normal life kyu jee rhe tha.... Lekin iska part 2 (update 25 bhi aaj hi aayga wo long rhega usmain aap past achi tarah samaj jayenge but anjali aur ruhi ki side se baaki ka past reason sab sakshi aur tanu ki story ke sath hi aage aaygii..



Ab story

रूही - दीदी मुझे बचा लो दीदी ये मुझे मार देंगे दीदी , मेरा बेटा को मार देंगे दीदी

इससे पहले कुछ और कहती रूही रचना ने बंदूक से हवा में फायर किया

ही ही ही ही ही ही

"गेम शुरू हो चुका है अंजली मेरे भाई को मार दिया कामिनी अब तेरी बारी"

अब आगे ---

"दीदी दीदी उठो ना कितना सोती हो आप", एक छोटी सी बच्ची तुतला कर बोलती है।

"छोटी सोने दे देख परेशान मत कर , वैसे ही पापा आज कल सोने नहीं देते, जब देखो पड़ो पड़ो पड़ो , मुझे पसन्द नहीं गांव का स्कूल" कुनुमुनाते हुए एक और बच्ची बोलती है।

"उहफो दीदी उठो तो तभी तो देख पाओगी सुन्दर सी दुनिया मुझे देखो मैं तो दिन भर घर रहती हूं, अगर मेरी मम्मी होती , मेरी बहन होती तो वो भी मुझे अपने साथ 🏫 स्कूल ले जाती ना दीदी", नम आंखों से छोटी बच्ची बड़ी बच्ची को बोलती है।

इतना सुन कर सो रही लड़की एक जोरदार तमाचा देती है।

"तेरी हिम्मत कैसे हुईं, ये कहने की रूही क्या मैं तेरी बहन नहीं हा तूने मुझे अनाथ कर दिया", अंजलि बोलती है।

"अरे मेरा कहने का वो मतलब नहीं था दीदी" रूही टूटी आवाज मैं कहती है।

तभी अंजली उसे गले लगा लेती है, और कहती है बहन नहीं पत्नी है तू मेरी समझी।

रूही - हट चलो वर्ना चाचा गुस्सा करेंगे।

अंजली - तू चल नीचे मैं आती हूं

रूही - दीदी मुझे अकेला मत छोड़ो, मुझे अकेला डर लगता है।

अंजली - aww मेरी पत्नी को डर लगता है, चलो चले दोनो साथ

दोनो जैसे ही नीचे आए नीचे अंजली के पापा जमींदार वही मौजूद थे जो इन दोनो को देख कर बोला।

"अरे रूही इतनी देर से उठाने गई थी, आई क्यो नहीं", जमींदार की इतनी बोली सुन रूही कांप कर वही खड़ी हो गई।

"खबरदार मेरी पत्नी से केवल में ऊंची आवाज मैं बात कर सकती हूं, और कोई नही" अंजली की आवाज़ सुन कर जमींदार भी हसने लगता है , और हस्ते हुआ कहता है,"अच्छा अब खाना खा लो और पढ़ाई करने के लिए निकल जाओ"

"नही पापा मैं नहीं जाऊंगी, मैं एक ही शर्त पर पढ़ाई करूंगी जब रूही मेरे साथ रहेगी हमेशा और पढ़ाई करेगी" अंजली ने जमीदार को कहा।

और अंजली की बात सुन कर जमींदार हस्ते हुए कहता है," अच्छा ठीक है मेरे बच्चियों अब खाना खाओ और निकल जाओ"

जमीदार की बात सुन कर अंजली खुशी से कुद पड़ती है और रूही का हाथ पकड़ के कहती है," अब तू भी मेरे साथ चलेगी स्कूल"

फिर दोनो स्कूल के लिए निकल पड़ते है जो पास मैं पढ़ता था।

दोनो क्लास में चली जाती है तो सभी अंजली को बहुत इज्ज़त देते थे क्युकी वो जमींदार की बेटी थी।

जैसे ही अंजली क्लास मैं आई उसने अपने हाथ मैं रूही का हाथ पकड़ रखा था जिससे सब रूही को बस घूर रहा था।

रूही एक सीट मैं बैठी थी की वहा एक लड़की आ कर बैठ जाती है जिसे देख कर के अंजली कहती है ,"आप कही और बैठ जाओ ये हम दोनो की सीट है"

अंजली की बात सुन कर वो लड़की मासूम सी सकल बना कर जाने ही वाली होती है की तभी उसे एक और आवाज़ सुनाई पड़ती है," क्यो ये सीट तेरे बाप की है, तू इसे घर से ले आई थी"


उस लड़की की आवाज़ सुन कर रूही डर जाती है, और रूही को डरता हुआ देख कर अंजली उसका हाथ थाम लेती है और उस लड़की के सामने खड़ी हो जाती है और कहती है ," नही सीट मैं घर से तो नही लाई थी, लेकिन सीट तो तेरे घर से भी नही आई, और मेरी रूही से बात करते वक्त आवाज़ नीचे गर्म मुझे सिर्फ चाय पसंद है"।

इससे पहले की अंजली कुछ और कहती दूसरी लड़की जो चुप चाप खड़ी थी वो बोलती है," चुप रहो तनु हर टाइम आवाज नही निकलते, और अंजली तुम हमे मां ने लड़ने से मना किया है, वर्ना हम क्या है ये तुम्हे जरूर बताते"


रूही - आप सब मत लड़ो, मेरी दीदी से

रूही की इस आवाज़ से तीनो लड़कियां का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया।

और इसी तरह अंजली और तनु की दुश्मनी शुरू हो गई, लेकिन दोनो मैं एक चीज नॉर्मल थी दोनो का चहरा बिलकुल एक जैसा था जिसकी वजह से बहुत बार तनु को लोग अंजली समझ लेते थे।

एक बार रूही अपनी सहेली के साथ खेलने के लिए चली गई थी।

अंजली - पापा मेरी दुल्हन कहा गई।

जमीनदार - तुम्हारी दुल्हन अपनी सहेली के साथ खेलने गई है।

अंजली - लेकिन क्यो मुझसे क्यों नहीं पूछा इसने

जमींदार - अरे तू भी चली जा बगीचा मैं।

अंजली भागते हुए बगीचा मैं पहुंच जाती है और चिल्लाती है ," रूही "

"रूही "

तभी उसे एक तरफ रूही की चीख सुनाई पड़ती है उस चीख को सुन कर के अंजली जल्दी से भागते हुए उसी ओर आ जाती है, जब अंजली वहा आ कर देखती हैं, तो रूही एक तरफ बेहोश होती है, और उसके साथ अनु भी बेहोश पड़ी होती है।

ये देख कर के अंजली बहुत जोर से चीखतीं है," तुम दोनो ने क्या किया मेरी बहन के साथ, मैं तुम दोनो की जान ले लुंगी।

तभी पेड़ के एकदम ऊपर वाली टहनी से कुद कर साक्षी नीचे आती है और कहती तुम्हे ऐसा लगता है की तुम मेरा कुछ कर पाओगी।

अंजली अब ध्यान से तनु और साक्षी को देखती है और कहती है त तुम दोनो चाहे जो भी कहो मैं अपनी बहन के लिए किसी से भी लड़ने के लिए तैयार हूं।

तभी रूही रोते हुए अंजली के गले लग जाती है जो अब होश में आ चुकी थी और कहती है," दीदी ये दोनो 🥺 अगर नही आई होती तो ये कामिना हमारी इज्जत लूट लेता"

अंजली कुछ और कहती तभी वहा एक औरत आती है जिसके चहरे से ही नूर टपक रहा था वो आते ही तनु और साक्षी को एक बहुत जोर का थप्पड़ देती है और कहती हैं "मैने कहा था ना तुम दोनो को कुछ उल्टा पलटी हरकत मत करना मेरी बात तो तुम्हे सुननी नहीं है"

साक्षी - मां हमने कुछ नहीं किया , हम तो बस पेड़ से फल तोड़ रहा थे यही हमारे पास आया था और

तनु इशारे से अंजली की तरफ देखती है

तभी साक्षी की मां कहती है तुम जाओ बेटा रूही और अनु को ले कर तुम जमीदार की बेटी हो ना।

तनु - चलो जाओ , भागो बड़ी मां नहीं आई होती तो आज तुमको खा जाती मैं

अंजली - अरे चल चल

अंजली उन दोनो को लेकर चली जाती है और जाते हुए उसे बस इतना सुनाई पड़ा " मम्मी ये सब वापिस हमारे लिए आए था, ये क्यो बार बार हमे मारने आ जाते है"

तभी उसे रूही कहती है "दीदी बड़ा अजीब चीज हुआ आपको पता है , वो मैं खेल रही थी ना तब एक अंकल आए और हमे और अनु को पकड़ लिया और हस्ते हुए बोले अब वो सिर्फ मेरा है सिर्फ मेरा हा हा हा हा हा"

तभी अंजलि उसे इग्नोर कर के अनु का हाथ पकड़ लेती है और कहती है बेटा आपका क्या नाम है

अनु - ही ही ही मेरा नाम अनु है आप बिल्कुल मेरी तनु दीदी की तरह हो वो गुस्सैल है, और आप नरम दिल

रूही - हमसे बात क्यो नहीं कर रही

अंजली कुछ नहीं कहती और चुप चाप अनु को घर छोड़ कर वापिस आ जाती है

और जब वो जा रही होती है तो उसे दो लड़के दिखते है जो बहुत तेजी से भागते हुए चले जा रहे थे।

तभी वो दोनो वापिस घर आ जाते है और अंजली को बहुत गंदी फील आ रही थी फिर भी छोटी सी अंजली ने हिम्मत कर के बाहर आई और और जंगल की ओर आने लगी , तभी उसे एक लड़का दिखता है बहुत सीधा स्कूल का अंजली उसे बुलाती है

लडका - हा

अंजाली - चलो मेरे साथ आम के बाग वहा मुझे बाहर छोड़ देना फिर वापिस आ जाना

लडका उसकी बात मान कर चल देता है और दोनो आम की बगिया में आ जाते है और लड़का वही बाहर खडा रहता है

जैसे ही अंजली बाग मैं आती है वो देखती है उसके सामने साक्षी और तनु जमीन पर खून से लतपथ पड़े है और उसकी मां रोशनी सामने खड़ी थी जो अपनी अंतिम सास ले रही थी।

रोशनी - कभी भी याद रखना अपनी शक्ति का इस्तेमाल मत करना साक्षी तुम क्या हो इसे राज रखना, और हमेशा अपनी बहन का साथ देना तनु, तुम्हारी शक्ति का इस्तेमाल मत करना एक आम सी ज़िंदगी जीना

रोशनी - मेरी मौत के साथ मेने तुम सभी के पीछे पड़े सभी लोगो को मार दिया , तुम सब आराम से जीना लेकिन उस चीज की हमेशा रक्षा करना।

तनु - आप ही नहीं रहेंगी तो फिर हमे क्यों जीने दे रही है ये दुनिया तो हमे कभी एक्सेप्ट नहीं करेगी मां।

रोशनी - इसलिए कह रही आम ज़िंदगी जियो और इस चीज की रक्षा करो और याद रहे कोई आएगा जो तुम्हे चाहेगा, तुम कैसी भी हो वो तुम्हे अपनाएगा तब तुम सब खुद ब खुद अपनी पूरी शक्ति पा लोगे।

ये सुन कर अंजली वहा से भागती हुई निकल जाती है, और उसे रास्ते में एक अंकल मिलते है जो लड़खड़ा रहे थे उसके शरीर पर तलवार घुसी हुई थी जो बहुत अजीब थी।

वो अंजली को देख कर के अपनी तलवार अंजली के पेट में घुसाने के लिए फेक देता है लेकिन वो तलवार अंजली को लगती उसके पहले रूही उसे ढकेल देती है और वो तलवार गिर जाती है।

रूही - दीदी भागो

लेकिन वो दोनो बच्चियां थी उनके पास साक्षी और तनु जैसी शक्ति नही थी वो कुछ कहती उसके पहले वो आदमी तलवार रूही की तरफ़ फेक देता है तभी अंजलि उसके सामने आ जाती है और अंजली के पेट में तलवार घुस जाती है।

रूही - क्यो किया अपने ऐसा

अंजली - अपनी वाइफ को केवल में छू सकती हूं बस बचपन से आज तक केवल तू ही मेरी अपनी है तुझे आंखो के सामने मारता नही देख सकती थी।

तभी वहा पर साक्षी आ जाती है और फिर जब अंजली की नींद खुलती हैं वो अपने आप को उसी जगह पाती है और उसकी चोट काफी भर चुकी थी।

तनु - क्यो आई थी यह

अंजली अपना सिर उठा कर देखती है तभी तनु कहती है बेहोश हैं वो

अंजली - पता नहीं तुम्हे दर्द मैं नहीं देखा गया पता नहीं क्यो, तुम्हारे साथ कोई रिश्ता है

तनु - हमारा केवल चहरा सेम है बस और कुछ नही आज के बाद ऐसा मत करना वर्ना मैं क्या कोई नहीं बचा पाएगा, अब तो बड़ी मां भी नहीं रोकेंगी

अंजली - बड़ी मां के जाने से उदास हो ना

तब तक तनु जा चुकी थी

.....
.
..
To be continued ismain aap ruhi ko jaan gya honge...... Lekin ab iska duara part jo aayga usmain bahut si cheez saamne aa jaygiii....veer, rohit, aur sab toh 1 update ismain lag jayga.... Tab tk keep supporting reply subah de dunga.....

I know romance update chahiye tha lekin ye past khatam hone do fir romance hi hoga
Awesome update
 

kas1709

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रूही - दीदी मुझे बचा लो दीदी ये मुझे मार देंगे दीदी , मेरा बेटा को मार देंगे दीदी

इससे पहले कुछ और कहती रूही रचना ने बंदूक से हवा में फायर किया

ही ही ही ही ही ही

"गेम शुरू हो चुका है अंजली मेरे भाई को मार दिया कामिनी अब तेरी बारी"

अब आगे ---

"दीदी दीदी उठो ना कितना सोती हो आप", एक छोटी सी बच्ची तुतला कर बोलती है।

"छोटी सोने दे देख परेशान मत कर , वैसे ही पापा आज कल सोने नहीं देते, जब देखो पड़ो पड़ो पड़ो , मुझे पसन्द नहीं गांव का स्कूल" कुनुमुनाते हुए एक और बच्ची बोलती है।

"उहफो दीदी उठो तो तभी तो देख पाओगी सुन्दर सी दुनिया मुझे देखो मैं तो दिन भर घर रहती हूं, अगर मेरी मम्मी होती , मेरी बहन होती तो वो भी मुझे अपने साथ 🏫 स्कूल ले जाती ना दीदी", नम आंखों से छोटी बच्ची बड़ी बच्ची को बोलती है।

इतना सुन कर सो रही लड़की एक जोरदार तमाचा देती है।

"तेरी हिम्मत कैसे हुईं, ये कहने की रूही क्या मैं तेरी बहन नहीं हा तूने मुझे अनाथ कर दिया", अंजलि बोलती है।

"अरे मेरा कहने का वो मतलब नहीं था दीदी" रूही टूटी आवाज मैं कहती है।

तभी अंजली उसे गले लगा लेती है, और कहती है बहन नहीं पत्नी है तू मेरी समझी।

रूही - हट चलो वर्ना चाचा गुस्सा करेंगे।

अंजली - तू चल नीचे मैं आती हूं

रूही - दीदी मुझे अकेला मत छोड़ो, मुझे अकेला डर लगता है।

अंजली - aww मेरी पत्नी को डर लगता है, चलो चले दोनो साथ

दोनो जैसे ही नीचे आए नीचे अंजली के पापा जमींदार वही मौजूद थे जो इन दोनो को देख कर बोला।

"अरे रूही इतनी देर से उठाने गई थी, आई क्यो नहीं", जमींदार की इतनी बोली सुन रूही कांप कर वही खड़ी हो गई।

"खबरदार मेरी पत्नी से केवल में ऊंची आवाज मैं बात कर सकती हूं, और कोई नही" अंजली की आवाज़ सुन कर जमींदार भी हसने लगता है , और हस्ते हुआ कहता है,"अच्छा अब खाना खा लो और पढ़ाई करने के लिए निकल जाओ"

"नही पापा मैं नहीं जाऊंगी, मैं एक ही शर्त पर पढ़ाई करूंगी जब रूही मेरे साथ रहेगी हमेशा और पढ़ाई करेगी" अंजली ने जमीदार को कहा।

और अंजली की बात सुन कर जमींदार हस्ते हुए कहता है," अच्छा ठीक है मेरे बच्चियों अब खाना खाओ और निकल जाओ"

जमीदार की बात सुन कर अंजली खुशी से कुद पड़ती है और रूही का हाथ पकड़ के कहती है," अब तू भी मेरे साथ चलेगी स्कूल"

फिर दोनो स्कूल के लिए निकल पड़ते है जो पास मैं पढ़ता था।

दोनो क्लास में चली जाती है तो सभी अंजली को बहुत इज्ज़त देते थे क्युकी वो जमींदार की बेटी थी।

जैसे ही अंजली क्लास मैं आई उसने अपने हाथ मैं रूही का हाथ पकड़ रखा था जिससे सब रूही को बस घूर रहा था।

रूही एक सीट मैं बैठी थी की वहा एक लड़की आ कर बैठ जाती है जिसे देख कर के अंजली कहती है ,"आप कही और बैठ जाओ ये हम दोनो की सीट है"

अंजली की बात सुन कर वो लड़की मासूम सी सकल बना कर जाने ही वाली होती है की तभी उसे एक और आवाज़ सुनाई पड़ती है," क्यो ये सीट तेरे बाप की है, तू इसे घर से ले आई थी"


उस लड़की की आवाज़ सुन कर रूही डर जाती है, और रूही को डरता हुआ देख कर अंजली उसका हाथ थाम लेती है और उस लड़की के सामने खड़ी हो जाती है और कहती है ," नही सीट मैं घर से तो नही लाई थी, लेकिन सीट तो तेरे घर से भी नही आई, और मेरी रूही से बात करते वक्त आवाज़ नीचे गर्म मुझे सिर्फ चाय पसंद है"।

इससे पहले की अंजली कुछ और कहती दूसरी लड़की जो चुप चाप खड़ी थी वो बोलती है," चुप रहो तनु हर टाइम आवाज नही निकलते, और अंजली तुम हमे मां ने लड़ने से मना किया है, वर्ना हम क्या है ये तुम्हे जरूर बताते"


रूही - आप सब मत लड़ो, मेरी दीदी से

रूही की इस आवाज़ से तीनो लड़कियां का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया।

और इसी तरह अंजली और तनु की दुश्मनी शुरू हो गई, लेकिन दोनो मैं एक चीज नॉर्मल थी दोनो का चहरा बिलकुल एक जैसा था जिसकी वजह से बहुत बार तनु को लोग अंजली समझ लेते थे।

एक बार रूही अपनी सहेली के साथ खेलने के लिए चली गई थी।

अंजली - पापा मेरी दुल्हन कहा गई।

जमीनदार - तुम्हारी दुल्हन अपनी सहेली के साथ खेलने गई है।

अंजली - लेकिन क्यो मुझसे क्यों नहीं पूछा इसने

जमींदार - अरे तू भी चली जा बगीचा मैं।

अंजली भागते हुए बगीचा मैं पहुंच जाती है और चिल्लाती है ," रूही "

"रूही "

तभी उसे एक तरफ रूही की चीख सुनाई पड़ती है उस चीख को सुन कर के अंजली जल्दी से भागते हुए उसी ओर आ जाती है, जब अंजली वहा आ कर देखती हैं, तो रूही एक तरफ बेहोश होती है, और उसके साथ अनु भी बेहोश पड़ी होती है।

ये देख कर के अंजली बहुत जोर से चीखतीं है," तुम दोनो ने क्या किया मेरी बहन के साथ, मैं तुम दोनो की जान ले लुंगी।

तभी पेड़ के एकदम ऊपर वाली टहनी से कुद कर साक्षी नीचे आती है और कहती तुम्हे ऐसा लगता है की तुम मेरा कुछ कर पाओगी।

अंजली अब ध्यान से तनु और साक्षी को देखती है और कहती है त तुम दोनो चाहे जो भी कहो मैं अपनी बहन के लिए किसी से भी लड़ने के लिए तैयार हूं।

तभी रूही रोते हुए अंजली के गले लग जाती है जो अब होश में आ चुकी थी और कहती है," दीदी ये दोनो 🥺 अगर नही आई होती तो ये कामिना हमारी इज्जत लूट लेता"

अंजली कुछ और कहती तभी वहा एक औरत आती है जिसके चहरे से ही नूर टपक रहा था वो आते ही तनु और साक्षी को एक बहुत जोर का थप्पड़ देती है और कहती हैं "मैने कहा था ना तुम दोनो को कुछ उल्टा पलटी हरकत मत करना मेरी बात तो तुम्हे सुननी नहीं है"

साक्षी - मां हमने कुछ नहीं किया , हम तो बस पेड़ से फल तोड़ रहा थे यही हमारे पास आया था और

तनु इशारे से अंजली की तरफ देखती है

तभी साक्षी की मां कहती है तुम जाओ बेटा रूही और अनु को ले कर तुम जमीदार की बेटी हो ना।

तनु - चलो जाओ , भागो बड़ी मां नहीं आई होती तो आज तुमको खा जाती मैं

अंजली - अरे चल चल

अंजली उन दोनो को लेकर चली जाती है और जाते हुए उसे बस इतना सुनाई पड़ा " मम्मी ये सब वापिस हमारे लिए आए था, ये क्यो बार बार हमे मारने आ जाते है"

तभी उसे रूही कहती है "दीदी बड़ा अजीब चीज हुआ आपको पता है , वो मैं खेल रही थी ना तब एक अंकल आए और हमे और अनु को पकड़ लिया और हस्ते हुए बोले अब वो सिर्फ मेरा है सिर्फ मेरा हा हा हा हा हा"

तभी अंजलि उसे इग्नोर कर के अनु का हाथ पकड़ लेती है और कहती है बेटा आपका क्या नाम है

अनु - ही ही ही मेरा नाम अनु है आप बिल्कुल मेरी तनु दीदी की तरह हो वो गुस्सैल है, और आप नरम दिल

रूही - हमसे बात क्यो नहीं कर रही

अंजली कुछ नहीं कहती और चुप चाप अनु को घर छोड़ कर वापिस आ जाती है

और जब वो जा रही होती है तो उसे दो लड़के दिखते है जो बहुत तेजी से भागते हुए चले जा रहे थे।

तभी वो दोनो वापिस घर आ जाते है और अंजली को बहुत गंदी फील आ रही थी फिर भी छोटी सी अंजली ने हिम्मत कर के बाहर आई और और जंगल की ओर आने लगी , तभी उसे एक लड़का दिखता है बहुत सीधा स्कूल का अंजली उसे बुलाती है

लडका - हा

अंजाली - चलो मेरे साथ आम के बाग वहा मुझे बाहर छोड़ देना फिर वापिस आ जाना

लडका उसकी बात मान कर चल देता है और दोनो आम की बगिया में आ जाते है और लड़का वही बाहर खडा रहता है

जैसे ही अंजली बाग मैं आती है वो देखती है उसके सामने साक्षी और तनु जमीन पर खून से लतपथ पड़े है और उसकी मां रोशनी सामने खड़ी थी जो अपनी अंतिम सास ले रही थी।

रोशनी - कभी भी याद रखना अपनी शक्ति का इस्तेमाल मत करना साक्षी तुम क्या हो इसे राज रखना, और हमेशा अपनी बहन का साथ देना तनु, तुम्हारी शक्ति का इस्तेमाल मत करना एक आम सी ज़िंदगी जीना

रोशनी - मेरी मौत के साथ मेने तुम सभी के पीछे पड़े सभी लोगो को मार दिया , तुम सब आराम से जीना लेकिन उस चीज की हमेशा रक्षा करना।

तनु - आप ही नहीं रहेंगी तो फिर हमे क्यों जीने दे रही है ये दुनिया तो हमे कभी एक्सेप्ट नहीं करेगी मां।

रोशनी - इसलिए कह रही आम ज़िंदगी जियो और इस चीज की रक्षा करो और याद रहे कोई आएगा जो तुम्हे चाहेगा, तुम कैसी भी हो वो तुम्हे अपनाएगा तब तुम सब खुद ब खुद अपनी पूरी शक्ति पा लोगे।

ये सुन कर अंजली वहा से भागती हुई निकल जाती है, और उसे रास्ते में एक अंकल मिलते है जो लड़खड़ा रहे थे उसके शरीर पर तलवार घुसी हुई थी जो बहुत अजीब थी।

वो अंजली को देख कर के अपनी तलवार अंजली के पेट में घुसाने के लिए फेक देता है लेकिन वो तलवार अंजली को लगती उसके पहले रूही उसे ढकेल देती है और वो तलवार गिर जाती है।

रूही - दीदी भागो

लेकिन वो दोनो बच्चियां थी उनके पास साक्षी और तनु जैसी शक्ति नही थी वो कुछ कहती उसके पहले वो आदमी तलवार रूही की तरफ़ फेक देता है तभी अंजलि उसके सामने आ जाती है और अंजली के पेट में तलवार घुस जाती है।

रूही - क्यो किया अपने ऐसा

अंजली - अपनी वाइफ को केवल में छू सकती हूं बस बचपन से आज तक केवल तू ही मेरी अपनी है तुझे आंखो के सामने मारता नही देख सकती थी।

तभी वहा पर साक्षी आ जाती है और फिर जब अंजली की नींद खुलती हैं वो अपने आप को उसी जगह पाती है और उसकी चोट काफी भर चुकी थी।

तनु - क्यो आई थी यह

अंजली अपना सिर उठा कर देखती है तभी तनु कहती है बेहोश हैं वो

अंजली - पता नहीं तुम्हे दर्द मैं नहीं देखा गया पता नहीं क्यो, तुम्हारे साथ कोई रिश्ता है

तनु - हमारा केवल चहरा सेम है बस और कुछ नही आज के बाद ऐसा मत करना वर्ना मैं क्या कोई नहीं बचा पाएगा, अब तो बड़ी मां भी नहीं रोकेंगी

अंजली - बड़ी मां के जाने से उदास हो ना

तब तक तनु जा चुकी थी

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To be continued ismain aap ruhi ko jaan gya honge...... Lekin ab iska duara part jo aayga usmain bahut si cheez saamne aa jaygiii....veer, rohit, aur sab toh 1 update ismain lag jayga.... Tab tk keep supporting reply subah de dunga.....

I know romance update chahiye tha lekin ye past khatam hone do fir romance hi hoga
Nice update...
 

dhparikh

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basically is update main aaap jaan jaoge....bahut si cheez ke ans mil jayge aapko jaise sakshi aur tanu normal life kyu jee rhe tha.... Lekin iska part 2 (update 25 bhi aaj hi aayga wo long rhega usmain aap past achi tarah samaj jayenge but anjali aur ruhi ki side se baaki ka past reason sab sakshi aur tanu ki story ke sath hi aage aaygii..



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रूही - दीदी मुझे बचा लो दीदी ये मुझे मार देंगे दीदी , मेरा बेटा को मार देंगे दीदी

इससे पहले कुछ और कहती रूही रचना ने बंदूक से हवा में फायर किया

ही ही ही ही ही ही

"गेम शुरू हो चुका है अंजली मेरे भाई को मार दिया कामिनी अब तेरी बारी"

अब आगे ---

"दीदी दीदी उठो ना कितना सोती हो आप", एक छोटी सी बच्ची तुतला कर बोलती है।

"छोटी सोने दे देख परेशान मत कर , वैसे ही पापा आज कल सोने नहीं देते, जब देखो पड़ो पड़ो पड़ो , मुझे पसन्द नहीं गांव का स्कूल" कुनुमुनाते हुए एक और बच्ची बोलती है।

"उहफो दीदी उठो तो तभी तो देख पाओगी सुन्दर सी दुनिया मुझे देखो मैं तो दिन भर घर रहती हूं, अगर मेरी मम्मी होती , मेरी बहन होती तो वो भी मुझे अपने साथ 🏫 स्कूल ले जाती ना दीदी", नम आंखों से छोटी बच्ची बड़ी बच्ची को बोलती है।

इतना सुन कर सो रही लड़की एक जोरदार तमाचा देती है।

"तेरी हिम्मत कैसे हुईं, ये कहने की रूही क्या मैं तेरी बहन नहीं हा तूने मुझे अनाथ कर दिया", अंजलि बोलती है।

"अरे मेरा कहने का वो मतलब नहीं था दीदी" रूही टूटी आवाज मैं कहती है।

तभी अंजली उसे गले लगा लेती है, और कहती है बहन नहीं पत्नी है तू मेरी समझी।

रूही - हट चलो वर्ना चाचा गुस्सा करेंगे।

अंजली - तू चल नीचे मैं आती हूं

रूही - दीदी मुझे अकेला मत छोड़ो, मुझे अकेला डर लगता है।

अंजली - aww मेरी पत्नी को डर लगता है, चलो चले दोनो साथ

दोनो जैसे ही नीचे आए नीचे अंजली के पापा जमींदार वही मौजूद थे जो इन दोनो को देख कर बोला।

"अरे रूही इतनी देर से उठाने गई थी, आई क्यो नहीं", जमींदार की इतनी बोली सुन रूही कांप कर वही खड़ी हो गई।

"खबरदार मेरी पत्नी से केवल में ऊंची आवाज मैं बात कर सकती हूं, और कोई नही" अंजली की आवाज़ सुन कर जमींदार भी हसने लगता है , और हस्ते हुआ कहता है,"अच्छा अब खाना खा लो और पढ़ाई करने के लिए निकल जाओ"

"नही पापा मैं नहीं जाऊंगी, मैं एक ही शर्त पर पढ़ाई करूंगी जब रूही मेरे साथ रहेगी हमेशा और पढ़ाई करेगी" अंजली ने जमीदार को कहा।

और अंजली की बात सुन कर जमींदार हस्ते हुए कहता है," अच्छा ठीक है मेरे बच्चियों अब खाना खाओ और निकल जाओ"

जमीदार की बात सुन कर अंजली खुशी से कुद पड़ती है और रूही का हाथ पकड़ के कहती है," अब तू भी मेरे साथ चलेगी स्कूल"

फिर दोनो स्कूल के लिए निकल पड़ते है जो पास मैं पढ़ता था।

दोनो क्लास में चली जाती है तो सभी अंजली को बहुत इज्ज़त देते थे क्युकी वो जमींदार की बेटी थी।

जैसे ही अंजली क्लास मैं आई उसने अपने हाथ मैं रूही का हाथ पकड़ रखा था जिससे सब रूही को बस घूर रहा था।

रूही एक सीट मैं बैठी थी की वहा एक लड़की आ कर बैठ जाती है जिसे देख कर के अंजली कहती है ,"आप कही और बैठ जाओ ये हम दोनो की सीट है"

अंजली की बात सुन कर वो लड़की मासूम सी सकल बना कर जाने ही वाली होती है की तभी उसे एक और आवाज़ सुनाई पड़ती है," क्यो ये सीट तेरे बाप की है, तू इसे घर से ले आई थी"


उस लड़की की आवाज़ सुन कर रूही डर जाती है, और रूही को डरता हुआ देख कर अंजली उसका हाथ थाम लेती है और उस लड़की के सामने खड़ी हो जाती है और कहती है ," नही सीट मैं घर से तो नही लाई थी, लेकिन सीट तो तेरे घर से भी नही आई, और मेरी रूही से बात करते वक्त आवाज़ नीचे गर्म मुझे सिर्फ चाय पसंद है"।

इससे पहले की अंजली कुछ और कहती दूसरी लड़की जो चुप चाप खड़ी थी वो बोलती है," चुप रहो तनु हर टाइम आवाज नही निकलते, और अंजली तुम हमे मां ने लड़ने से मना किया है, वर्ना हम क्या है ये तुम्हे जरूर बताते"


रूही - आप सब मत लड़ो, मेरी दीदी से

रूही की इस आवाज़ से तीनो लड़कियां का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया।

और इसी तरह अंजली और तनु की दुश्मनी शुरू हो गई, लेकिन दोनो मैं एक चीज नॉर्मल थी दोनो का चहरा बिलकुल एक जैसा था जिसकी वजह से बहुत बार तनु को लोग अंजली समझ लेते थे।

एक बार रूही अपनी सहेली के साथ खेलने के लिए चली गई थी।

अंजली - पापा मेरी दुल्हन कहा गई।

जमीनदार - तुम्हारी दुल्हन अपनी सहेली के साथ खेलने गई है।

अंजली - लेकिन क्यो मुझसे क्यों नहीं पूछा इसने

जमींदार - अरे तू भी चली जा बगीचा मैं।

अंजली भागते हुए बगीचा मैं पहुंच जाती है और चिल्लाती है ," रूही "

"रूही "

तभी उसे एक तरफ रूही की चीख सुनाई पड़ती है उस चीख को सुन कर के अंजली जल्दी से भागते हुए उसी ओर आ जाती है, जब अंजली वहा आ कर देखती हैं, तो रूही एक तरफ बेहोश होती है, और उसके साथ अनु भी बेहोश पड़ी होती है।

ये देख कर के अंजली बहुत जोर से चीखतीं है," तुम दोनो ने क्या किया मेरी बहन के साथ, मैं तुम दोनो की जान ले लुंगी।

तभी पेड़ के एकदम ऊपर वाली टहनी से कुद कर साक्षी नीचे आती है और कहती तुम्हे ऐसा लगता है की तुम मेरा कुछ कर पाओगी।

अंजली अब ध्यान से तनु और साक्षी को देखती है और कहती है त तुम दोनो चाहे जो भी कहो मैं अपनी बहन के लिए किसी से भी लड़ने के लिए तैयार हूं।

तभी रूही रोते हुए अंजली के गले लग जाती है जो अब होश में आ चुकी थी और कहती है," दीदी ये दोनो 🥺 अगर नही आई होती तो ये कामिना हमारी इज्जत लूट लेता"

अंजली कुछ और कहती तभी वहा एक औरत आती है जिसके चहरे से ही नूर टपक रहा था वो आते ही तनु और साक्षी को एक बहुत जोर का थप्पड़ देती है और कहती हैं "मैने कहा था ना तुम दोनो को कुछ उल्टा पलटी हरकत मत करना मेरी बात तो तुम्हे सुननी नहीं है"

साक्षी - मां हमने कुछ नहीं किया , हम तो बस पेड़ से फल तोड़ रहा थे यही हमारे पास आया था और

तनु इशारे से अंजली की तरफ देखती है

तभी साक्षी की मां कहती है तुम जाओ बेटा रूही और अनु को ले कर तुम जमीदार की बेटी हो ना।

तनु - चलो जाओ , भागो बड़ी मां नहीं आई होती तो आज तुमको खा जाती मैं

अंजली - अरे चल चल

अंजली उन दोनो को लेकर चली जाती है और जाते हुए उसे बस इतना सुनाई पड़ा " मम्मी ये सब वापिस हमारे लिए आए था, ये क्यो बार बार हमे मारने आ जाते है"

तभी उसे रूही कहती है "दीदी बड़ा अजीब चीज हुआ आपको पता है , वो मैं खेल रही थी ना तब एक अंकल आए और हमे और अनु को पकड़ लिया और हस्ते हुए बोले अब वो सिर्फ मेरा है सिर्फ मेरा हा हा हा हा हा"

तभी अंजलि उसे इग्नोर कर के अनु का हाथ पकड़ लेती है और कहती है बेटा आपका क्या नाम है

अनु - ही ही ही मेरा नाम अनु है आप बिल्कुल मेरी तनु दीदी की तरह हो वो गुस्सैल है, और आप नरम दिल

रूही - हमसे बात क्यो नहीं कर रही

अंजली कुछ नहीं कहती और चुप चाप अनु को घर छोड़ कर वापिस आ जाती है

और जब वो जा रही होती है तो उसे दो लड़के दिखते है जो बहुत तेजी से भागते हुए चले जा रहे थे।

तभी वो दोनो वापिस घर आ जाते है और अंजली को बहुत गंदी फील आ रही थी फिर भी छोटी सी अंजली ने हिम्मत कर के बाहर आई और और जंगल की ओर आने लगी , तभी उसे एक लड़का दिखता है बहुत सीधा स्कूल का अंजली उसे बुलाती है

लडका - हा

अंजाली - चलो मेरे साथ आम के बाग वहा मुझे बाहर छोड़ देना फिर वापिस आ जाना

लडका उसकी बात मान कर चल देता है और दोनो आम की बगिया में आ जाते है और लड़का वही बाहर खडा रहता है

जैसे ही अंजली बाग मैं आती है वो देखती है उसके सामने साक्षी और तनु जमीन पर खून से लतपथ पड़े है और उसकी मां रोशनी सामने खड़ी थी जो अपनी अंतिम सास ले रही थी।

रोशनी - कभी भी याद रखना अपनी शक्ति का इस्तेमाल मत करना साक्षी तुम क्या हो इसे राज रखना, और हमेशा अपनी बहन का साथ देना तनु, तुम्हारी शक्ति का इस्तेमाल मत करना एक आम सी ज़िंदगी जीना

रोशनी - मेरी मौत के साथ मेने तुम सभी के पीछे पड़े सभी लोगो को मार दिया , तुम सब आराम से जीना लेकिन उस चीज की हमेशा रक्षा करना।

तनु - आप ही नहीं रहेंगी तो फिर हमे क्यों जीने दे रही है ये दुनिया तो हमे कभी एक्सेप्ट नहीं करेगी मां।

रोशनी - इसलिए कह रही आम ज़िंदगी जियो और इस चीज की रक्षा करो और याद रहे कोई आएगा जो तुम्हे चाहेगा, तुम कैसी भी हो वो तुम्हे अपनाएगा तब तुम सब खुद ब खुद अपनी पूरी शक्ति पा लोगे।

ये सुन कर अंजली वहा से भागती हुई निकल जाती है, और उसे रास्ते में एक अंकल मिलते है जो लड़खड़ा रहे थे उसके शरीर पर तलवार घुसी हुई थी जो बहुत अजीब थी।

वो अंजली को देख कर के अपनी तलवार अंजली के पेट में घुसाने के लिए फेक देता है लेकिन वो तलवार अंजली को लगती उसके पहले रूही उसे ढकेल देती है और वो तलवार गिर जाती है।

रूही - दीदी भागो

लेकिन वो दोनो बच्चियां थी उनके पास साक्षी और तनु जैसी शक्ति नही थी वो कुछ कहती उसके पहले वो आदमी तलवार रूही की तरफ़ फेक देता है तभी अंजलि उसके सामने आ जाती है और अंजली के पेट में तलवार घुस जाती है।

रूही - क्यो किया अपने ऐसा

अंजली - अपनी वाइफ को केवल में छू सकती हूं बस बचपन से आज तक केवल तू ही मेरी अपनी है तुझे आंखो के सामने मारता नही देख सकती थी।

तभी वहा पर साक्षी आ जाती है और फिर जब अंजली की नींद खुलती हैं वो अपने आप को उसी जगह पाती है और उसकी चोट काफी भर चुकी थी।

तनु - क्यो आई थी यह

अंजली अपना सिर उठा कर देखती है तभी तनु कहती है बेहोश हैं वो

अंजली - पता नहीं तुम्हे दर्द मैं नहीं देखा गया पता नहीं क्यो, तुम्हारे साथ कोई रिश्ता है

तनु - हमारा केवल चहरा सेम है बस और कुछ नही आज के बाद ऐसा मत करना वर्ना मैं क्या कोई नहीं बचा पाएगा, अब तो बड़ी मां भी नहीं रोकेंगी

अंजली - बड़ी मां के जाने से उदास हो ना

तब तक तनु जा चुकी थी

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To be continued ismain aap ruhi ko jaan gya honge...... Lekin ab iska duara part jo aayga usmain bahut si cheez saamne aa jaygiii....veer, rohit, aur sab toh 1 update ismain lag jayga.... Tab tk keep supporting reply subah de dunga.....

I know romance update chahiye tha lekin ye past khatam hone do fir romance hi hoga
Nice update....
 
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