Hot update ek dumअपडेट - 16
काव्या - मम्मी बोली पापा अभी बहुत खुश होंगे तो तुम उनको पकड़ लेना।
वीर हस्ते हुआ उसको पकड़ लेता है और कहता है तुम बेस्ट हो तनु
काव्या - पापा
वीर - हा
अब आगे --
तभी वीर तनु को देखता है जो भागते हुए बाहर खड़ी थी, उसे पता था अगर को अभी नहीं भागती तो वीर यही शुरू हो जाता,
तभी वीर बिना कुछ कहे काव्या को पकड़ कर हग लेता है और कहता है अब तो बस मैं ही मैं हूं जो चाहूंगा वो करूंगा ही ही ही ही।
तभी वीर की नज़र पड़ती है की साक्षी उसे ही घूर रही थी, जिसे देख कर वीर चुप चाप मूवी देखने लगता है।
वीर - साला के पास जाता हूं, तो दूसरी सटक जाती है।
फिर मूवी खत्म हो जाती है, तो वीर काव्या को गोद मैं उठा कर दूसरा हाथ से साक्षी का हाथ पकड़ कर चल देता है।
अनु - अच्छी थी ना, मूवी।
साक्षी - हा बहुत प्यारी थी, तभी उसे याद आता है , की कैसे आज वो वीर की गोद मैं बैठी थी, और जैसे ही वो वीर को देखती है तभी धीरे से कहती है , इसीलिए मूवी दिखाने लाए थे हमे।
वीर - ऐसा नहीं है, वो तो मैं बस।
साक्षी - अगली बार कोने की सीट बुक करना, और एक दम ऊपर तुम्हारी जैसी हरकते है ना।
तभी पीछे से धीरे से तनु कहती है साक्षी से , इसकी तीन बीवियां है तब हम लोग किसी तरह सभलते है , अकेली होती तो टपक जाती बेचारी
ये सुन कर साक्षी भी हंसने लगती है।
तभी वीर चुपके से तिरछी नज़र से तनु के चूचों को ही घूरने लगता है और उसके हस्ते चहरे पर नज़र डालता है।
तभी वीर के दिमाग में पता नहीं क्या आता है वो उन सभी को ले कर एक टीवी की दुकान पर जाता है।
तभी अनु समझ जाती है और खुशी से कूदने लगती है, और काव्या को ले कर आगे जाती है और tv पसंद करने लगती है।
तभी साक्षी आगे जाने का होती है और साक्षी को आगे जाता देख वीर तनु के पास आने लगता है।
तभी तनु पीछे से साक्षी की कमर लॉक कर के खड़ी हो जाती है।
और जीभ निकाल कर वीर को चिड़ाती है।
साक्षी - इतने पैसे क्यों खर्चा कर रहे हो हा, टीवी की क्या जरुरत है।
वीर - जरुरत है , आप सब ऊबती हो मेरा बिना , तो मुझे ये देख कर बुरा लगता है।
साक्षी ये सुनती है तो उसे बहुत अच्छा लगा था , और वो आगे चली जाती है टीवी पसंद करने और तनु उसके पीछे वो सब बहुत खुश थी।
इधर tv पसंद कर के खाना पैक करवा कर वो सब घर चल पड़ते है।
और घर आ कर जब घर की सभी औरते tv देखती है तो वो बहुत खुश होती है।
सबसे ज्यादा खुश तो निधि होती है।
और उससे भी ज्यादा खुश थी हमारी काव्या ।
जैसे ही tv लग गई काव्या ने डोरेमोन लगवा कर देखना शुरू कर दिया।
और इधर सब खुश थी।
काव्या को इतना खुश देख कर तनु की आंखे ही भारी हो जाती हैं, और वो आपने आसू पोछने लगती है, तभी ये देख कर वीर उसके पास आ जाता है उसकी कमर पर अपना हाथ रख देता है, जिसे तनु भी पकड़ लेती है।
वीर - ओए पागल, ऐसे रोते नहीं वर्ना काव्या देख लेगी तो क्या सोचेंगी, की पापा उसकी मम्मी को खुश नही रखते।
तनु अपने आसू पोचती है और हस देती है।
वीर - वैसे आज बहुत अच्छे लग रहे हो, हमारी बेटी कितनी खुश है ना।
तनु - हा बहुत ज्यादा देखो कैसे हस रही है बहुत सहा है मेरी बेटी ने।
वीर - और बेटी की मां ने।
तनु - हा उसने भी , वैसे सह तो बेटी के पापा ने भी है क्यों, इतना मार खाने के बाद अब बाहों में आई हूं, तो बताओ खुश तो बहुत होगे।
वीर - वैसे मैं अब चाहे जो करू ना।
तनु - जैसा तुम्हारा मन, तुम्हारी वाइफ हूं ।
वीर - मुझे रोकोना मत अब, बहुत तड़पा हूं, तुम्हे देख कर बहुत अजीब लगता है, चूल सी मच रही है, मुझे भी वो करना है।
तनु - पागल कही के वाइफ ही हूं तुम्हारी, साडी उतारू क्या अभी ही।
ये सुन कर वीर के गाल लाल हो जाते है और सास तेज़।
तभी तनु कहती है वैसे मेरा पति इतना भी बुरा नही है, तुम्हारी इसी अदा पर तो हम फिदा है, अब हमारा गुस्सा आप झेलते हो, तो प्यार भी आपको ही दूंगी पूरा, लेकिन जो तुम सोच रहे हो सैयां जी वो करोगे कहा।
ये कहते हुए तनु की हसी निकल जाती है और कहती है बताओ कहा करोगे।
तभी वीर कुछ नही कहता और उसे घूरता है जिसका बदन सच्ची किसी परी की तरह था।
तभी तनु आगे निकल जाती है और वीर डरते हुए, उसके हाथ पकड़ लेटा है और तनु को जल्दी से अपने सीने से लगा लेता है उसकी कमर पकड़ कर के, वही तनु स्माइल करती हुई बस उसके सीने में घुसी हुई थी।
तभी तनु अलग होती है और खाना निकलने चली जाती है और वीर उदास हो जाता है।
तनु -शहह, रात को अभी बच्ची जाग रही है, रात को चुभाना अपना ये, तुम्हारी ही हूं भाग नहीं रही समझें।
तभी वीर की नज़र साक्षी पर पड़ती है जो हस रही थी और बेड पर बैठ कर डोरेमोन देख रही थी।
वीर चाहे जितना सब को इक्वली प्यार कर ले लेकिन वो भी जनता है उसके दिल में साक्षी की क्या अहमियत है।
तभी वीर चुप चाप उसके बगल आता है और उसे पीछे से पकड़ लेता है और उसकी पीठ पर अपना सर रख देता है।
जैसे ही साक्षी ये देखती है तो जल्दी से वीर को पीछे से हटा कर खुद की गोद मैं लिटा लेती है।
साक्षी उसके गाल सहलाती है और उसके आसू पोछती है और कहती है क्या बात है हा फिर से वही पुरानी बात सोच रहे था क्यो।
वीर कुछ नहीं कहता और चुप चाप जाने लगता है।
वीर मन मैं सोचता है मेरी वजह से सब का मूड खराब होगा इससे अच्छा मैं खुद बाहर आ जाऊ।
और वीर अपने बेड पर आ गया।
जैसे ही वीर ने पलट कर देखा तो साक्षी उसके बगल बैठी थी।
और साक्षी ने अपनी बाहें फैलाई और वीर चुप चाप उसकी बाहों में गिर पड़ा।
और साक्षी उसका सर सहला रही थी।
साक्षी - तुमने मुझे अपने प्यार से सभाला है, तुमने अपनी तरीके से मुझे जीना सिखाया, तुमको लोग चाहे कुछ भी कहे तुम मेरे हीरो हो समझे, तुम अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे हो ना।
साक्षी - मैं करती हूं ना तुमसे प्यार, पागल ऐसे मत उदास हुआ करो समझे।
तभी साक्षी उसे संभाल कर अंदर चली जाती है और वीर का मूड एक दम ठीक हो जाता है।
तभी तनु जो काम कर रही थी।
तुम सब चुप चाप सोने चलो अब समझे रात बहुत हो गई है।
जैसे ही ये बात सुनी सब चुप चाप चल पड़े सोने।
तभी वीर देखता है काव्या को तनु सुला रही थी।
और इधर अनु सो चुकी थी।
वीर देखता है की अनु और साक्षी दुपक कर सो रही है वीर के दिल में एक तीस सी उठी।
कौन नहीं चाहेगा की उसकी दो सुंदर सुंदर बीवी हो और उन्हें चिपका कर सोए।
वीर जानता था, अनु को ज़रा भी डिस्टर्ब हुआ तो वो बहुत मरेगी, लेकिन अनु बहुत सेक्सी है फिगर तो उसका किसी भी लड़की को फेल कर दे।
वही दूसरी तरफ साक्षी जिसे वो छू तो सकता था लेकिन साक्षी की तरफ से अभी भी मंजूरी नहीं मिली है, इसीलिए वो कभी कभी ही छूता था साक्षी को।
वीर - एक दिन मैं तुम्हारा भी दिल जीत लूंगा साक्षी, साक्षी तुम मुझसे खुश रहने लगी हो , तुम्हारी इस स्माइल के लिए बहुत मेहनत करी है मैने, तुम्हे क्या पता तुम क्या हो मेरे लिए।
तभी तनु ये सुन कर कहती है अनाड़ी कही के वो तो पहले ही प्यार करती है, बस थोड़ी सी मेहनत करनी है।
तभी वीर पलट जाता है और तनु को जागता है।
वीर - तनु ओह तनु प्लीज उठ जाओ ना।
तभी तनु पलट जाती है और सीधे हो कर सोने लगती है।
जैसे ही वीर वापिस सोने को हुआ तनु अपनी एक आंख खोल कर देखती है, फिर जल्दी से वापिस बंद कर लेती है।
तभी तनु की हसी निकल जाती है और वो कहती है अनाड़ी कही का हम दोनो को ही सब सीखना पड़ेगा।
वीर की ये हरकत देख कर तनु और साक्षी दोनो हसने लगती है।
तभी तनु अपनी आंखे खोल लेती है।
और वीर उसके ऊपर चढ़ जाता है और कहता है सो क्यों गई थी काव्या को सुलाते सुलाते।
तनु - तो जगा लेते ना हमे।
वीर - मुझे प्यार करना है तुमसे।
तनु - तुम्हारे ही नीचे ही कर लो क्या करना है प्यार।
तभी वीर कपकपा जाता है और तनु हस देती है।
तभी तनु वीर को कहती है इतना प्यार करते हो मुझसे की जगाना भी सही नहीं समझा।
तनु - चलो कर लो ना प्यार।
तभी वीर डरते हुआ बोलता है अगर मैं तुम्हे satisfied नही कर पाया तो मुझे छोड़ दोगी तुम।
तनु उसकी ये बात सुन कर फिर हसने लगती है।
तनु - क्या मतलब
वीर - जब भी मैं वो हाथ से करता हूं तो मेरा 2 मिनट से पहले ही निकल जाता है।
तनु - क्या हाथ से करते हो।
किसी तरह अपनी हसी रोकते हुए कहती है।
वीर - वो हाथ से डंडा हिलाता हूं तो।
तनु - डंडा 2 मिनट क्यो जब मन तब हिलाओ ना।
वीर - जब भी मैं अपना लन्ड हिलाता हूं हाथ से तब मेरा पानी बहुत जल्दी निकल जाता है, ये बोलते हुए वीर डर जाता है।
तनु - अच्छा ठीक है ना उदास मत हो मैं मजाक कर रही थी, वैसे ये नॉर्मल है डरो मत, मैं सब सिखा दूंगी, देर तक गाड़ी चलाना मैं सीखा दूंगी, बस सास कंट्रोल करना और रुकने को जब बोलूं तो रुक जाना।
तनु - बाकी मैं संभाल लूंगी, ये तो नॉर्मल है।
वीर ये सुन कर अच्छा फील करता है तभी तनु फिर बोलती है वैसे उतने भी सीधे नही हो तुम, गंदे गंदे काम करते हो हा।
तनु - क्यो कुछ करना था ना आपको तो करिए आपके नीचे हूं।
तभी वीर डरते हुए उसे देखता है और एक छोटी सी स्माइल करता है।
तनु उसे अपने ऊपर से हटा देती है, और नीचे लिटा देती है और उठ कर अपनी साड़ी का पल्लू हटा कर वीर के ऊपर आ जाती है और लेट जाती है।
और वीर को बोलती है किस करते टाइम काटते नहीं अब मुंह खोलो और मेरे होठ को चूसना और अपनी जीभ से मेरी जीभ को मिला देना बाकी मैं जो करू वही कॉपी करना।
वीर की पहली किस से वीर का दिमाग हिल गया उसके बाद वीर ने खुद तनु को जकड़ कर वीर को किस करना शुरू कर दिया।
वीर को इस कदर खुद को जकड़ते देख तनु की आंखे खुद बा खुद बंद हो जाती है।
और फिर वीर तनु को नीचे लिटा कर किस करने लगता है और उसके गाल को अपने एक हाथ से पकड़ लेता है।
वही तनु की आंखे खुद बा खुद बंद हो गई। और तनु और वीर खुद बा खुद रुक गया जब उनकी सास रुक गई।
तब तनु तेज तेज सास लेते हुआ वीर को सास कंट्रोल करने को बोली।
तनु की सास तेज चल रही थी और वो बोली मैं लड़की हूं इसलिए मेरा छोड़ो और अपनी सास को कंट्रोल करो तुम्हारा फर्स्ट टाइम है।
तभी तनु वापिस से वीर को खीच लेती है और अपने गले की तरफ ढकेल देती है।
जिससे वीर उसके गले को चूमने लगता है और होठ से दबा लेता है।
जिससे तनु अपना होठ दबा लेती है और अपनी आवाज को रोकने की पूरी कोशिश करती है।
तभी तनु कहती है वीर आई लव यू तुमसे बहुत प्यार करती हूं मैं , कभी भी मेरे गुस्सा और मार की वजह से मुझसे नफ़रत मत करना।
वीर - ये सब मत सोचो मैं तुम्हारा हूं, तुम्हरा हक है ये।
तभी तनु अपनी आंखें बंद कर के वीर को अपने ऊपर जकड़ लेती है और उसकी पीठ को सहलाती है।
तभी तनु वीर को रोकती है और कमरे की तरफ इशारा करती है।
वीर तनु को उठा लेता है और रूम में लाता है।
रूम में उसे उतार देता है नीचे।
तभी तनु अपनी साड़ी उतारने लगती है और ब्रा और पेटीकोट मैं आ जाती है बेड पर और वीर पूरा नगा हो कर बेड पर आ जाता है।
दोनो की सास इतनी तेज चल रही थी की कोई भी बाहर से सुन सकता था तनु और वीर दोनो एक दूसरे के जिस्म को घूर रहे थे।
तभी वीर तनु के ऊपर आ जाता है और उसकी ब्रा के ऊपर से ही उसके चूचों को चूसने लगता है और चूमने लगता है और दात गड़ता है।
वही यही हाल तनु का भी था, जिसकी सास बहुत तेज चल रही थी
और वीर उसकी कमर को बहुत कस के पकड़ रखा था और फिर वीर उसके चूचों को इतनी तेज मसलता है की तनु की चीख ही निकल जाती है।
तनु - आआहाह पागल हो क्या, इतना तेज क्यो दबा रहे हो,
वीर - बहुत सॉफ्ट लग रह है तनु, बहुत प्यारी लगती हूं, तुम बिना ब्लाउज के
तनु - आआआआहाहह मत कर ना, इतना तेज क्यो दबा रहे हो यार ओह यार
तभी तनु अपने दोनो हाथ से अपने चूचों को धक देती है जिससे वीर खुद बा खुद इशारा समझ जाता है और नीचे की ओर जाने लगता है।
वीर अब नीचे उसकी कमर पर अपनी जीभ चलता है और नाभि पर पहुंचते ही तनु की आह निकल जाती है।
जिससे वीर समझ जाता है की यही अपनी जीभ डाल कर चूमने लगता है ।
तनु - आह वीर आराम से जान आह गॉड।
वीर का सर पकड़ लेती है तनु।
वीर अब तनु की कमर छोड़ कर उसकी आंखों में देखता है और तनु के पेटिकोट की तरफ़ बड़ता है।
तभी तनु उसका हाथ थाम लेती है और उसकी पेंट की तरफ इशारा करती है।
वीर इस टाइम कुछ नहीं समझ रहा था इस वक्त तनु अगर उसको ऊपर से नीचे कूदने को कहती तो भी वो कर देता।
तभी वीर जल्दी से अपना पैंट और चढ़ी उतार कर फेक देता है और जल्दी से बेड पर आ जाता है।
तभी तनु तेजी से सास लेते हुए, उसके लन्ड को देखती है और अपने पेटिकोट का नारा खोल देती है जिससे, अब तनु मात्र ब्रा और पैंटी में रह गई।
वीर पहली बार तनु को बिना कपड़ो के देख रहा था जिससे तनु की शर्म से आंखें बंद हो जाती है।
और वीर उसकी पैंटी के ऊपर से उसकी चूत को छूता है जिससे तनु की आह पूरे रूम में गूंज जाती है।
वीर देखता है तो उसकी चूत थोड़ी सी गीली थी।
तभी तनु कहती है ऐसा क्या देख रहे हो, मेरा भी प्रीकम होता है।
तभी उसकी प्यारी आवाज सुन कर वीर उसके ऊपर लेट जाता है और वीर का लन्ड सीधा पैंटी के ऊपर उसकी चूत से टच होता है।
और वीर तनु के होठ पर होठ रख देता है।
वीर अब बरदाश के बाहर जा रहा था और तनु भी।
तनु मन मैं सोचती है इसी तरह चलता रहा तो बिना कुछ किए ही दोनो का पानी निकल जाएगा।
तभी तनु उसकी किस रोकते हुए कहती है, पानी दो प्यास लगी है।
वीर ना चाहते हुआ भी पानी लाया।
और 2 मिनट बाद वीर को इतना तड़पते देखते हुए तनु लेट जाती है और वीर वापिस उसके ऊपर लेट जाता है।
वीर तनु के चूचों की तरफ बड़ता है तभी तनु अपने हाथो से अपनी ब्रा निकाल देती है।
वीर अब उसकी चूचों को देखता है और उसके आंखों से सामने उसके चूचे देख कर वीर पागल हो जाता है और वीर आपने मुंह में एक चूचे डाल कर, एक चूचे को हाथ से दबाने लगता है और डबल हमले से तनु पागल हो जाती है।
तनु - हाए वीर आराम से आआआआहाह वीर दर्द हो रहा है काट तो मत, वीर मैं बोल रही हूं ना मत काटो।
वीर को फरक नहीं पड़ रहा था वो तो बारी बारी दोनो चूचों को कटता है तभी वीर को पता नहीं क्या होता है वो चूचों से हट कर अपनी सास कंट्रोल करता है और तनु के पूरे जिस्म को काटने लगता है और चूमने लगता है।
उसके इस हमले से तनु पागल हो जाती है, और उसे कस कर पकड़ लेती है।
तभी वीर को रोक देती है, और वीर को नीचे की तरफ ढकेल देती है और अपनी टांगो को थोड़ा ऊपर कर देती है।
जिससे वीर उसकी टांगों से पैंटी उतारने लगता है।
अब वीर पागल हो गया था, और अब वीर की सबसे प्यारी चीज तनु की गांड़ उसके सामने थी।
तनु - अगर उसकी ओर देखा भी तो कपड़े पहन लुंगी, मैं।
वीर - प्लीज
तनु - नही पहले अच्छा से सेक्स करना सीख जाओ, देर तक फिर पक्का नही रोकूंगी।
अब वीर जल्दी से उसकी चूत पर टूट पड़ता है जिससे।
तनु - बच गई मैं आज
तभी उसे अहसास होता है की वीर की जीभ अब उसके अंदर है।
ये पहला अहसास था जब तनु से कोई इस कदर प्यार कर रहा था वीर ने इतनी हिम्मत दिखाई थी, मार खाई थी उसका प्यार जीता था।
तनु - आह्हह्हह्हह आह्हह्हह्हहह वीररेर रुको रुको वहा आआआहहहह उह्हुहु उह्ह्ह्ह वीर आआआहहाह मैमम्यी मम्मी वीर बच्चा
वो बिस्तर पकड़ के आगे होने को हुई, तभी वीर ने उसकी कमर पकड़ के उसकी चूत पर अपनी जीभ रख दी।
तनु उस एहसाह से पागल हुए जा रही थी और उसके कहराने की आवाज़ पूरे रूम में गूंज रही थी वो दोनो ये भूल गया की वीर की 2 पत्नी और है।
तभी तनु कुछ और बोलती उसके पहले उसे अहसास हुआ कि वीर का सर उसने पकड़ रखा है।
तभी वीर हट गया पीछे।
तभी तनु अपनी सास भरती है और कहती है ये लड़का तो मुझे पागल कर के मानेगा।
तभी वो देखती है की वीर उसकी कमर को सहला रहा था और उसका मासूम सा चहरा देख कर तनु सब भूल जाती है, और कहती है तुम इतने प्यारे हो वीर की पूछो मत पागल जान बस्ती है तुम मैं वर्ना इतनी हिम्मत किसी मैं नहीं मुझे ऐसे छुने की।
तभी वो वीर को बेड पर लेटने का बोल कर खुद उसके खडे लन्ड को पकड़ लेती है और धीरे से उसको हाथो से हिलाती है और अपना मुंह आगे बढ़ाती है।
वीर - मत करो तुम कमफैट नहीं हो तो, वैसे भी मुझे पसंद नहीं।
तनु - ये तुम्हारा हक है, मुझे करना है।
तभी वो बस लन्ड का टोपा अंदर करती है और हाथ से थोड़ा लन्ड हिलाने लगती है
जिसके अहसाह होते ही वीर पागल हो जाता है और तेजी से धक्के मारने लगता है और तनु के बाल पकड़ लेता हैं।
लेकिन तनु पीछे हट जाती है, और वीर डर जाता है।
थोड़ा पीछे होने लगता है,तनु उसको पकड़ लेती है और उसके ऊपर लेट कर उसके गाल सहलाती है और प्यार से थप्पड़ मारती है।
तनु - मैं तुम्हारी वाइफ हूं, तुम्हारी तनु तुम प्यार करते टाइम ऐसा कर सकते है, थोड़ा बहुत सह लूंगी, वैसे भी दिन मैं तो तुमको हमसे ही मार खानी है।
वीर - चलेगा प्यार करती हो तो मार खा सकता हूं।
तनु - मतलब हरकते नहीं सुधरोगे।
तनु वापिस लेट जाती है और वीर अब तेज हार्ट बीट के साथ उसके ऊपर आता है।
और अपना लन्ड उसके चूत पर लगा कर धक्का देता है जिससे लन्ड ऊपर निकल जाता है।
तभी वीर दो और तीन बार ट्राय करता है लेकिन हर बार लन्ड फिसल जाता है।
वीर - नहीं करना तो मत करो इतना तड़पती क्यों हो।
वीर की बात सुन कर तनु जिसकी सास पहले ही तेजी से चल रही थी और गाल पहले ही शर्म से लाल थे।
वो हस्ते हुए गिर पड़ती है।
और हस कर कहती है अंदर नहीं जा रहा तो मेरे पर गुस्सा क्यो निकल रहे हो पूरी टांग खोल कर लेती हूं।
तभी तनु वीर को कहती है अब तुम बस मुझे किस करो और थोड़ा ऊपर हो कर मेरे ऊपर लेटना जब कहू तब धक्का देना आराम से प्लीज़।
वीर समझ जाता है।।आज पहली बार तनु प्लीज़ बोल रही थी।
तभी वीर तनु के ऊपर लेटा था और तनु को किस कर रहा था और उसके हाथ उसके दोनो चूचों को दबा रहे थे।
और तनु ने अपने हाथ से वीर का लन्ड सेट किया और धक्के का इशारा किया।
वीर ने इतना जोर का धक्का दिया, की तनु की आंखों में से आसू आ गए
इतने सालो बाद दूसरी बार तनु चूद रही थी इसके पहले वीर ने किया था लेकिन बेहोश कर के ये उसका फर्स्ट टाइम था एक तरह से।
तभी तनु ने वीर को अपनी टांगों से लॉक कर के फसा लिया।
जिससे वीर ने तनु को देखने के लिए उसके होठ को छोड़ा और जैसे ही देखा तनु की आंखों में आसू थे तो वो पीछे हटने लगा।
तनु ने उसे लॉक कर लिया जिससे वीर कितना भी जोर लगाता लेकिन हिल नही पाता।
तभी वीर ने कहा हटो, मुझे नहीं करना।
तनु - अगर हिले तो बहुत मार खाओगे, चूद मैं रही हूं ,रो तुम क्यों रहे हो, हर लड़की को दर्द सहना होता है , इतनी ही केयर है तो तेज़ धक्का क्यो मारा।
तभी वीर आसू पोछता है और उसके होठ की तरफ बड़ता है।
तनु - नहीं करना किस हटो।
वीर - प्लीज अब हर बात मानूंगा।
काफी देर मनाने के बाद तनु ने उसे किस करने दिया।
तनु ने अब टांग से लॉक हटा दिया और हल्का धक्का का इशारा किया।
तनु - आआआहह आआआआआह्हह्हह वीर वीर आआआआआह्हह्ह मम्ममम्म अम्मम्मम मम्मी धीरे धीरे आआआआह्ह्हह, नाराज़ हो आआआहाहह हह्ह हह्ह्ह्ह हमसे।
वीर - बहुत अच्छा लग रहा है, बस थोड़ा दर्द है नहीं बिलकुल नहीं नाराज़ क्यू जाऊंगा।
तभी वीर उसकी एक टांग पकड़ कर चोदने लगता है।
तनु - अअह्ह्ह्ह वीईईईईईई वीईईईईईर थोड़ा आआआआआआआआ आराम से वीर , मर जाऊंगी बच्चा वीर धीरे धीरे ना।
तनु - वीर अगर तेज आआआआहहहह मामममम्म मम्मी मर जाउंगी मैं, मत ना धीरे धीरे
तभी तनु वीर को पकड़ कर उसकी आंखों में देखती है और वीर रुक जाता है।
तनु बहुत मुस्किल से कह पाई " अब धक्का मत देना"
तनु अब वीर को लिटा देती है और उसके ऊपर आ जाती है और वीर की सास कंट्रोल होने देती है।
और वीर के ऊपर बैठ जाती है और तेजी से राइड करती है।
तनु - आआआहाह तुमको कहती हूं रुको, हर टाइम तेज तेज नहीं किया आआआआआआआआह आआह्हह्ह जता समझें।
तभी जैसे ही वीर का पानी आने वाला होता तनु धीरे हो जाती और रुक जाती।
और वीर उसकी पीठ सहला रहा था।
वीर - समझ गया मैं तेज तेज कर सकता हूं, लेकिन जब आने वाला हो तो रुक जाऊ और सास कंट्रोल करू।
तनु - आआआह्हह हा बहुत दर्द हो रहा है थोड़ा आराम करने दो अब।
वीर - मेरा पानी नही आया।
तनु - क्यो थक गया और नही करना
वीर उसको हग कर लेता है और कहता है थैंक्यू।
तनु - मस्का मत लगाओ और आओ।
वीर - तुम्हे भी मजा आ रहा है ना
तनु ये सुन कर गाल लाल कर लेती है और दूसरी तरफ देखने लगती है।
तनु - बच्चा नहीं बच्चा आआआआहहह मर जाऊंगी धीरे धीरे धीरे देखो इतना तेज नही बच्चा आआआआहहह मम्ममम में दुबारा नहीं करने दूंगी वीरर धीरे धीरे।
तनु - आआआआहहहहह बस करो अब मैं थक्कक गई हूं प्लीज़ रहम करो थोड़ा कल कर लेना अब कल कर लेना ना।
तनु - आआआहहा दर्द हो रहा है मदरचोद, एक ही दिन मैं सीख लेगा क्या चोदना।
तनु - हाआआआ हाए राबा मार डालोगे क्या यार , अरे यार आआआआआआ अअह्ह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह्ह रुको अच्छा थोड़ा, वीर चोदो मुझे जोर से आआआआहहह एस वीर जान आई लव यू।
तनु - बेब आआआआह्हह चोदो जोर से आआआआहहह जानू आआआह्हह्ह अअह्ह्ह्हह इस yess yess yesss fuck fuck fuckkkkkkkkk।
तनु के इस तरह से करने से वीर भूल गया की उसे रुकना था और वो तनु के अंदर ही झड़ गया।
जैसे ही वीर का पानी गिरा तनु बिस्तर पर गिर पड़ी।
तनु अपनी चूत पकड़ के बैठ गई हाथो से जिसको बहुत दर्द हो रहा था, वीर ने इतना बुरा चोदा था।
वीर - यार बहुत जल्दी हो गया।
तनु - ही ही ही ही मैने क्या किया मैने तो अपनी फीलिंग बताई, अब तुम नहीं रुके तो मैं क्या करू।
वीर - तुमने जान बूझकर मेरा गिरवाया।
तनु - तो पूरी रात चोदोगे क्या , जान निकल गई मेरी अब बाद मैं करना, वैसे क्या समझे।
वीर - जैसे ही लगे पानी आने वाला है रुक जाओ।
तनु - हा जो तुम रुक नही पाते।
वीर - अच्छा लगा तुम्हे तुम खुश हो।
तनु - बहुत ज्यादा देखा कितना अच्छा से किया तुमने फालतू डर रहे थे, धीरे धीरे और देर तक करना सीख जाओगेवैसे भी मैं भी सेकंड टाइम हूं, इसलिए रुकवा दिया तुम्हे, धीरे धीरे दोनो देर तक करना सीख जाएंगे।
वीर - एक बार और करे।
तनु - बक बहुत दर्द हो रहा है।
तनु - सच्ची बताना साक्षी समझ कर चोद रहे था ना तेज तेज।
वीर उसकी बाहों में आता है चूत पर गरम पानी से सेकाई करते हुआ कहता है "ऐसा नहीं है , बेशक मैं बहुत प्यार करता हूं , साक्षी से लेकिन उतना ही तुमसे भी करता हैं, वो सीधी है मासूम है, उसके साथ बहुत अच्छा लगता है, वही तुम दूसरी तरफ जो मेरी बहुत अनमोल वाइफ होजो बॉन्ड मेरा तुम्हारे साथ है वो किसी के साथ नहीं , और ना कभी हो पाएगा, मैं तुमसे हर बात शेयर कर सकता हूं लेकिन और किसी से नहीं"
तनु मन मैं कहती है मेरे भी कोई अपना है जो मेरे नखरे उठा रहा है मेरी डाट सुनता है , दात खाता है पागलों जैसा प्यार करता है मुझसे ही ही ही।
तनु - आई लव यू, थैंक्यू मुझे स्पेशल फील करवाने के लिया।
तनु कहती है समझ गई मैं
वीर - क्या
तनु - अब मेरी साड़ी कभी कही भी उतर सकती है।
वीर - हा ये तो है, वैसे मार भी तो मैं खाता रहता हूं।
तनु - हा तो मेरा गुस्सा दिखता है, प्यार नही दिखाता तुम्हे अभी भी आंखो में आसू है।
वीर -awww मेरा बच्चा आई लव यू ना।
वीर तनु को देखता है जो इस वक्त सच्ची बहुत प्यारी लग रही थी।
तभी तनु उठने को होती है तभी वीर उसके ऊपर लेट जाता है और कहता है ऐसे सोने मैं ज्यादा अच्छा लगता है ।
तनु - सुबह सब को क्या बोलोगे।
तनु - अरे इतनी तेज सो गया।
तनु - हाय कुत्ते ने पूरा शरीर तोड़ दिया , जरा भी रहम नहीं किया की दूसरी बार है, लेकिन इतना प्यार करता है मुझसे , तुम भी मेरे लिए बहुत स्पेशल हो वीर।
तभी तनु भी कुछ पुरानी यादों में खो जाती है।
साक्षी - एक दिन देखना कोई तेरे साथ बहुत गंदा तरीके से चोदेगा , पूरा शरीर मैं कटेगा और जगह जगह दातों के निशान होंगे।
तनु - ऐसा करने वाला पैदा नहीं हुआ अभी किसी भी में इतनी हिम्मत नहीं की मेरे गुस्सा के सामने टिक सके , और मेरा दिल जीत सके, और निशान देने की बात तो छोड़ो ये चुतियाप है
साक्षी - उस दिन देखूंगी मैं देखना तू खुद उसे जान से ज्यादा चाहेगी।
तभी तनु अपने शरीर पर नज़र डालती है जिसे वीर ने जगह कटा था दातों के निशान थे।
तनु - कल क्या मुंह दिखाऊंगी साक्षी को इस दिन इतनी बात बोल रही थी।
तभी तनु देखती है अभी भी वो वीर के नीचे सो रही है, तो अब ऐसा सीधा और मासूम से प्यार नहीं होगा तो क्या होगा।
फिर तनु भी वीर को दुपका कर सो जाती है बिना कपड़ो के ही।
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To be continued....like thok do....der se aaya but bde update ke sath aaya....
Ye sab to acha hai but aapne bola tha daily updates aayenge chahe chote ho ya bade . just reminding your words . BTW NICE UPDATEUpdate 25...
तनु - हमारा केवल चहरा सेम है बस और कुछ नही आज के बाद ऐसा मत करना वर्ना मैं क्या कोई नहीं बचा पाएगा
अंजली - बड़ी मां के जाने से उदास हो ना
तब तक तनु जा चुकी थी
अब आगे
अंजली - वो कौन थे, तनु जिन्होंने रोशनी मां को मार दिया और तुम इतना गुस्सा मैं इसीलिए हो ना क्युकी तुम उन्हे नहीं बचा पाई
तनु - तुमसे मतलब नही है चुप चाप अपना काम करो और निकल जाओ और आज जो कुछ भी हुआ उसे किसी को बताना मत
अंजली कुछ कहती उसके पहले वहा वो लड़का आ गया और अब रूही भी उठ चुकी थी।
उस लड़के ने और रूही ने अंजली को ले कर घर आ गए।
तभी वहा एक अजीब से बूढ़ा आ गया और वो तनु के पास आ कर कुछ दिया और बोला और चला गया।
रूही - तुम कौन हो, और वहा क्या कर रहा था
लड़का - म म म मेरा नाम रोहित है
रूही - तो डर क्यो रहे हो ,
रोहित - घर में कौन कौन है, मैं मेरा भाई छोटा और मेरी मां
तब तक अंजली और रूही घर आ गई और जमींदार ने अंजली को इसी हालत देख कर पुरे गांव में हड़कंप मचा दिया
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इधर दूसरे तरफ उस दिन से अंजली की मुलाकात नहीं हुई तनु और साक्षी से।
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जंगल मैं कई लोगो की लाश थी, उनमें से एक जिंदा था अभी जो अपनी अंतिम सास ले रहा था, जिसने अंजली को तलवार मारी थी।
तभी उसके पास एक बच्चा रोते हुए आता है
"पापा पापा पापा आपको क्या हुआ पापा"
"बेटा अपना ध्यान रखना मैं उसे लेने मैं हार गया लेकिन तू मेरी मौत का बदला लेना और उसे अपना बना लेना, तभी मेरी मौत का सहारा मिलेगा"
ये कह कर उसकी अंतिम सास भी बंद हो गई, और वो लड़का चिल्लाते हुए वही रोता रहा, और फिर गांव में निकल गया और बोला " आपके हर जख्म का बदला लूंगा मैं हर उस चीज़ का, और उसे हर एक दिन भुगतना पड़ेगा पापा"
तभी वो लड़का निकल गया।
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और अंजली और रूही बैठ कर बात कर रही थी तभी वहा जमींदार आता है और कहता है "बेटा अब तुम दोनो का यह रुकना सही नहीं है अब बहुत कुछ देख लिया है तूने और अब तू शहर जाएगी समझी अगले हफ्ते"
अंजली - मेरी पत्नी साथ जाएगी
जमींदार - तेरी हरकते कब सही होगी, हा एक जगह पैर टिकते ना तेरे तो आज कही न जाना पड़ता
ऐसे ही जमींदार उन्हें सुना कर वहा से निकल जाता है
रूही - ले सुन ली, और मुझे भी सुनवा दिया तूने
अंजली - हम साथ साथ है hehehe
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इधर रमेश और राजेश बगीचे में खेल रहा था तभी उनकी बॉल टकरा जाती है एक लड़के से।
रमेश - भाई मेरी बॉल दे दे
राजेश - क्या नाम है बे तेरे पहले इधर देखा नहीं
"वीर नाम है मेरा" उस लड़के ने कहा
वीर - अभी नया नया आया हूं, गांव में
राजेश - कहा रहता है
वीर - यही जंगल मैं अकेला
राजेश - कोई नही आज से हमारे साथ रह लेना
तभी वीर कहता है ये जंगल मैं कोई आंटी मार गई ना
रमेश - हा बहुत रोकड़ा है उनके पास सारी उनकी बेटी के नाम रोशनी आंटी थी वो पता नहीं कौन लोग थे वो बेचारी को मार गया
ऐसे ही वो लोग बात करते करते घर चले गया और देखते देखते ही तीनो की दोस्ती गहरी होती है।
तभी वीर एक दिन बाहर घूम रहा था तभी उसे सामने से साक्षी और तनु बैठी हुई दिखाई दी और वो उन्हें ही घूरने लगा
तभी उसकी नज़र राजेश पर पड़ती है जो एक पेड़ पर बैठ कर उसी को देख रहा था।
राजेश - यहा क्या कर रहा है तू
वीर - कूच भी तो नहीं नही
राजेश - कुछ ज्यादा ही साक्षी और तनु के पास नही बतकता तू
वीर - वो वो मैं मेरा कुछ काम है
राजेश - चल ठीक है मैं तेरा साथ दूंगा बदले मैं मुझे जायदाद चहिए बस
वीर - ठीक है लेकिन तू मुझसे कभी कुछ नही पूछेगा ।
राजेश - ठीक है
तभी उन दोनो की नज़र अंजली पर पड़ जाती है और वीर उसे देखता ही रह जाता है सेम टू सेम तनु की कॉपी
राजेश - अबे ये जमीनदार की बेटी है, लेकिन राज की बात है ये लड़की तनु की बहन है
राजेश - बस राज है कभी पूछियो मत
वीर उसे देखता हुआ कहता है मेरा प्लान पूरा होने में तू मदद करेगी
वीर - तुझे जायदाद चहिए ना
राजेश - हा
तभी वीर उससे कुछ कहता है और राजेश हस देता है और कहता है "तू तो पक्का कामिना है बे"
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इधर अंजली और रूही का शहर जाने का टाइम हो गया था जिस बस से वो जा रही थी उसी बस से रोहित भी जा रहा था।
अंजली - तुम कुछ बोलते क्यों नहीं रोहित बोलने के पैसे लगते है क्या
रोहित - नहीं मम्मी कहती हैं, किसी से बात नही करना चहिए मुझे बस पैसे कमाने है और खुद को कामयाब बना कर बहन को अच्छा से पालना है
तभी अंजली हस्ती हुई कुछ कहती उसके पहले कोई अंजली को कहता है "क्या मैं इधर बैठ सकता हूं"
अंजली कुछ कहती उसके पहले अंजली के साथ एक आदमी बोलता है पीछे बैठ जा इतनी सीट खाली है
ऐसे ही अंजली और रूही कॉलेज आ गई और धीरे धीरे वीर ऐसे ही उसके करीब आने की कोशिश करता लेकिन अंजली हमेशा रोहित के साथ रहती।
एक दिन अंजली उधर बैठी थी अकेला कॉलेज में तभी उधर वीर उसके बगल में बैठ जाता है और कहता है "अगर महारानी आपकी आज्ञा हो तो हम आपको कुछ कह सकते है"
अंजली - ही ही ही ही बिलकुल कह सकती है आप
वीर - मैं लड़का हूं यार
अंजली - वैसे आज आपकी इच्छा पूरी हो गई है ना हमे अकेला पा कर
वीर - हा सालो की इच्छा पूरी हुई मेरी
अंजली - चलो बताओ फिर क्या काम है , जो सालो से परेशान हो
वीर - वो मैं
तभी वहा खुदते हुआ अचनक से रूही आ जाती है और कहती है "चलो मेरा साथ मैं कुछ दिखाती हूं"
अंजली - अरे उसे बोलने तो दे
वीर - तू कौन
रूही - मैं इसकी पत्नी हूं, अब बागो यह से
वीर - ये बहनचोद कहा से आ गई ये तो कॉलेज में थी क्लास मैं।
तभी उन दोनो के जाने के बाद राजेश बोलता है सीसे का था दिल मेरा पत्थर का जमाना था
वीर - राजेश अब पानी सर से ऊपर जा चुका है
राजेश - मतलब
वीर कुछ नही अब तू देखना
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रोहित अपने रूम में सोया था तभी उसे कॉल आती है।
रोहित - हेलो
"हेलो हमारी बात रोहित से हो रही है"
रोहित - जी
"सर आपकी जॉब लग गई है, आपको आपकी फैमिली सहित रहने के लिए क्वार्टर भी दिया जाएगा"
रोहित उससे जॉब की सारी डिटेल निकलवा लेता है और अपनी फैमिली के साथ वही निकल जाता है।
कुछ दिन बाद रोहित उस जगह आ जाता है और अपनी छोटे भाई को एक एड्रेस देता है वही आने को।
रोहित मम्मी - बेटा ये तो बहुत बडी बिल्डिंग है, लेकिन शायद ये अभी बनी नहीं है।
अजय (रोहित का छोटा भाई) - चलो ना ऊपर चलने को बोला है
दोनो ऊपर जाते है तो ऊपर कोई नही होता है तभी उनकी नज़र रोहित पर पड़ती है जो एक दम कोने बेहोश पड़ा होता है और उसकी हालत खराब होती है।
वो जैसे ही उस कोने में जाते है एक आदमी जो वही खड़ा था उन्हें उधर ही धकेल देता है।
और काफी टाइम बाद रोहित बेहोसी की हालत से बाहर आता है तो उसके सामने एक लड़की खड़ी होती है।
रोहित - ये कैसा मजाक है, तुमने मुझे क्यो बुलाया यह
लड़की - अबे मैं खुद मरने आई हूं, तुम्हे क्यों बुलाऊँगी
रोहित कुछ नहीं बोलता तभी उसे अहसास होता है और वो नीचे झांकता है तो चिल्ला देता है नहीं
रोहित - मां मां मां , भाई भाई भाई
लड़की आगे जा कर उसके कंधे पर हाथ रख देती है और कहती है ये दुनिया है यहां ऐसा ही होता है कोई अपना नहीं होता
रोहित - मैने किसी का क्या बिगाड़ा था , मैने तो इस दुनिया मैं कभी किसी से राबता नही रखा
लड़की - रोना बंद करो पहले तभी तो आगे कुछ करोगे,
रोहित रोते रोते उस लड़की को जकड़ लेता है, वो लड़की रोहित की बाहों मैं होती है और अपना फोन निकल कर फेक देती है, और रोहित को जकड़ लेती है।
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उस दिन के बाद से रोहित कभी नही दिखा लेकिन उसके कारनामे पुरे शहर में फैलने लगे , पैसों के लिए जान लेना उसका पेसा बन गया , और उस लड़की जिसने रोहित को उस टाइम सभला था , वो थी पल्लवी।
पल्लवी - रोहित मैने तुम्हारा दिया गया नंबर ट्रेस किया ये किसी वीर के नाम है।
रोहित - वीर,वीर,वीर ही ही ही ही ही कब तक बचोगे बच्चू
पल्लवी - वो वो एक .......
रोहित - ये क्या बकवास है
पल्लवी - अभी यही अच्छा है रोहित की हम सही टाइम का इंतजार करे, तुमने कभी कुछ बुरा नही किया है तो अभी भी मत करो।
रोहित - क्यू क्यों किया उसने ऐसा क्यों मैने क्या बिगाड़ा था किसी का, और वो खुद एक xxxxx है।
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इधर रोहित की गैर मौजूदगी में अंजली और वीर करीब आते जा रहा थे।
वीर - क्यो ना हम सगाई कर ले क्यों।
अंजली - ठीक है, गांव चल कर पिता श्री से बात करेंगे।
इधर वीर उसके पास से हो कर रमेश और राजेश के पास आता है और कहता है प्लान शुरू करो।
इधर वो सभी गांव आ गए और शादी की तैयारी शुरू हो गई।
और मौके पर रमेश और राजेश निकल गया और वीर की शादी दोनो से हो गई।
इधर अंजली जब ये सुनती है तो पैर पटकते हुए अपना पापा के पास जाति है और कहती है ये सब आप क्यों करवा रहे है।
जमींदार - बेटी तनु तेरी बहन है, सगी और इसीलिए ये सब मुझे करवाना पड़ रहा है।
ये सुन कर अंजली वही फुट फूट कर रोने लगती है और अपनी बहन के लिए खुश हो कर ये घर छोड़ कर चली जाती है।
इधर सब कुछ होने के बाद जमींदार के घर आता है एक लड़का
जमीनदार - देखो तुम जो जो कहते थे , वो वो हो गया ना अब मेरी बेटी का पीछा छोड़ दो , सारी जमीन और हिस्सा तुमको दे दिया मेरी तनु और अंजली का पीछा
तभी वो लड़का हस्ते हुए निकल जाता है और बस गोलियों की आवाज़ आती है।
वही इन सब चीजों से अंजली एक दम सदमे में आ जाती है।
तभी अंजलि को रूही सभलती है और उसे सारी सचाई बताती है।
अंजली - तुझे कैसे पता, की ये वीर का काम है और किसी का नहीं।
रूही - में एक हैकर हूं, दीदी आप भूल गई क्या।
अंजली - मेरी वजह से पिता जी मारे गया।
रूही - नहीं इन सब की वजह है तनु और साक्षी का पास्ट वो दोनो कुछ गहरा राज छिपा रही है, लेकिन दीदी ये सब वीर भी नहीं कर रहा है उससे कोई और करवा रहा है।
अंजली - ये लड़का किसका है।
रूही - दीदी ये सड़क पर पड़ा था अनाथ था इसे मैं अपना नाम दूंगी।
रूही - ये लीजिए फोन और सारी बात तनु को बता दीजिए।
अंजली ने उसकी बात मान कर ठीक वैसा ही किया।
तनु ने पूरी बात सुनी तो वो अब और टूट चुकी थी उसका सब कुछ छीन लिया गया था , और दूसरी तरफ साक्षी हर दिन जिल्लत की जिंदगी जी रही थी।
उन दोनो को उनकी मां के एक वचन ने रोक रखा था, और ऐसे ही ज़िंदगी वो सब जी रही थी।
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वीर कार चला रहा था और एक जंगल मैं आ कर रुकता है जैसा जैसा तुम तुम कह रहे हो वैसा वैसा मैने किया।
आदमी - हा ठीक है जैसे बोलूं वैसा ही करने का अब जा यहां से और आज तनु के पास जा और ये दवाई मिला कर तनु को दे दे और उस चीज़ को मेरे पास लाओ।
वीर कार ले कर तनु के घर आ जाता है और तनु बेहोश भी हो जाती है लेकिन तनु की खुबसूरती देख कर वीर का मन डोल गया और उसने उसके साथ वो किया जिसके बाद उसे काव्या मिली।
इधर वीर को जिस काम के लिया भेजा गया था वो काम हुआ ही नहीं।
लेकिन उस रात से वीर के साथ अजीब अजीब से चीज होने लगी उसका लन्ड खड़ा होना बंद हो गया शरीर में एनर्जी कम होती चली जा रही थी और उसकी याददस्त कमजोर होती जा रही थी और उसका गले पर एक लाल निशान आ गया था।
और ये सब बात वीर के नोटिस करते ही उसने ये बात राजेश हो बताई।
राजेश - हमे जायदाद जल्दी से जल्दी ले लेनी चहिए अंजली की शादी करा के।
**************
अंजली उदास हो कर बैठी थी और कुछ काम कर रही थी तभी उसके पास रूही आ गई और कहती है "उदास मत हो मैने बहुत कुछ पता किया "
अंजली - तो अभी हमे क्या करना चाहिए
रूही - बताती हूं,सबसे पहले तो तुम्हे याद करना है मैं तुम्हारी वाइफ हूं
अंजालि - हा तो
तभी रूही उसे पकड़ कर के अपनी तरफ खीच लेती है और अपने होठ उसके होठ से मिला देती है
और धीरे धीरे दोनो के जिस्म से कपडे उतार जाता है।
रूही - अब ठीक है
अंजली - तूने ये अच्छा नहीं किया
रूही - क्या मतलब
अंजलि उसे एक थप्पड दे देती है और कहती बेहसर्म ऐसे करते हुए तुझे शर्म नहीं आई अपनी ही बहन के साथ मैं तो तुम्हे बहन मानती थी, आज के बाद अपनी सकल मत दिखाना।
रूही - तो इसमें मेरी क्या गलती अगर बचपन से मुझे आपने वाइफ वाइफ कह कर अपने करीब रखा और अब मैं ऐसी बन गई तो मुझे छोड़ दे रही हो
अंजली गुस्सा मैं निकल जाती है और जैसे ही वो बाहर जाती है रमेश उसे ले कर चला जाता है।
फिर काला साया आ जाता है और वीर की जगह sid आ जाता है और इससे इनका पूरा किया धरा बिगड़ जाता है।
और उस दिन से रूही और अंजली की कभी मुलाकात नही हुई।
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और फिर रमेश और अंजली इंडिया वापिस आ जाते है, और वीर के गांव आ जाते है जहा वीर रहता था।
और फिर शादी हुई और राजेश और रमेश पैसे लें कर कागजाद ले कर निकल गया।
(नोट - ये पार्ट आपने शुरूवात मैं पड़ा है इसीलिए ज्यादा डिपली नहीं लिखा)
**********
इधर शादी होने के बाद तनु अंजली के पास आती है और कहती है रूही कहा है।
अंजली -
तनु - उससे बात करो और बोलो राजेश और रमेश पर नज़र रखे और तुम वापिस सिटी जाओ और वीर का छुपा हुआ बिजनेस सभालो और अच्छा से नज़र रखो, कुछ गडबड ना हो, क्युकी मुझे शक है ये सब के पीछे वीर नही कोई था जो हमारे साथ हुआ पास्ट मैं इतनी जिल्लत हमे उठानी पड़ी।
अंजलि - हा कोई और है जो तुम्हे उस राज को हटीयाना चाहता है और उसका कनेक्शन रोशनी मां से है, लेकिन मैं वीर को मारना चाहती हूं।
तनु - ये वीर नही है कोई और है ।
अंजलि - में जा रही हूं , लेकिन तू अपना ख्याल रखना ।
तनु - में तो कबका मर गई हूं, अंजू बस एक जिंदा लाश हूं अब।
अंजली - मेरा सोच मेरा साथ कौन है हर कोई तो मेरा खिलाफ है
फिर अंजली वहा से निकल गई और रूही रमेश और राजेश और रोहित पर नजर बनाए रखी थी
और हर छोटी छोटी बात तनु से बताती उसने ही बताया था कि वीर पर कोई हमला करेगा।
अंजली - रूही
अंजली चिल्लाते हुआ सोच से बाहर आ जाती है।
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एक बड़ी सी बिल्डिंग में एक आदमी सिगरेट जलाते हुआ कहता है "तुम्हे क्या लगा अंजली तुम इतनी आसानी से मेरा खेल बिगाड़ लोगी , सालो पहले तो मेरा हो जाना चहिए था उसे लेकिन रोशनी ने तुम्हे बच्चा लिया, लेकिन अब मैं तुम्हे गेम बिगड़ने नही दूंगा"
हा हा हा हा हा मैने ही रोहित को बताया की उसके बेटे के मरने के पिछे कोई और नहीं तुम्हारा हाथ है, वीर तो एक प्यादा था मेरी जान , बाजी तो अभी शुरू हुई है।
रोहित के होते हुआ मुझे कुछ करने की जरुरत नहीं, विलन बनते नही उन्हें ये दुनिया खुद बनाती है , तुम बदल गया ना वीर लेकिन रोहित फिर भी तुम्हारी जान ले लेगा और उसके बाद तनु को उसे बहार निकलना पड़ेगा।
लेकिन मुझे ये समझ नही आ रहा आखिर उस रात ऐसा क्या हुआ की वीर तनु से डरने लगा।
***************
अंजली - रूही रूही, रूही रूही, मेरी रूही को छोड़ दो।
रोहित - ऐसे ही मेरा बेटा भी तड़प रहा होगा जब तूने उसे मारा होगा।
तभी रचना के एक गोली फायर की और वो गोली सीधे जा कर रूही के पैर में लग गई।
अंजली - मेरी बच्चू रूही हिम्मत रख तुम्हे कुछ नहीं होगा , क्यो मेरे पीछे पड़े हो हमने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है, हा हू मैं वीर की पत्नी इसलिए मुझे मारने आए हो, तुम।
रोहित - नही वीर का और मेरा मामला अलग है , वो हम एक दूसरे से निपटा लेंगे , वक्त आने पर क्युकी वीर के पीछे जो है उसे मरना पड़ेगा , लेकिन तुम अंजली तुमसे ये उम्मीद नहीं थी।
अंजली फुट फूट कर रो रही थी और रूही रूही कर रही थी।
रोहित - वीर को जब तक बचा सको, बचा लो।
अंजली - मैने तुम्हारा क्या बिगाड़ा था रोहित।
रोहित - क्यों मारा तूने मेरे बेटे को क्यो मैने तो तुम्हे और वीर को कुछ नहीं कहा , अपनी दुश्मनी के बौजुद भी कुछ नही कहा , क्युकी मुझे पता था वीर इतना घटिया इंसान है still तुम उसके साथ हो मतलब ये वीर हो ही नही सकता फिर तुमने मेरा बेटा को क्यो मारा।
अंजली - मैं तुमको अपना भाई बनाई, तुम्हारी मां को इज्जत दिलवाई , और तुम्हारे भाई को पढ़वाया और तुम कहते हो मैने तुम्हारे बेटे को मरवाया बहुत खूब रोहित अच्छा सिला दिया आपने।
रचना - कामिनी
तभी रोहित उसे रोक देता है और अंजली से कहता है ठीक है तुमने नहीं किया तो किसने किया फिर।
अंजली - हवस इंसान को खोखला कर देती है ऐसा कौन है, जो साक्षी और मेरे पीछे पड़ा हो, और किसे मेरे मरने से फायदा होगा।
रोहित - कुछ समझ नहीं आ रहा , लेकिन तुम जाओ और ध्यान रहे तुम्हरा सामना जिससे होगा और इस इंडिया का सबसे खूंखार आदमी है , मुझे इसके आलावा कुछ नही पता , और मैने वीर पर कोई हमला नहीं किया , मैने हमेशा केवल अपने खबरी भेजे है, जिन्हे कोई ना कोई मार दिया जो मुझे नहीं पता
अंजली - तो तुम ये क्यों कहते रमेश से ये तेरे आदमी है ,
रोहित - दहशत बनाने के लिय,तुम्हे हॉस्पिटल भेज देता हूं, ज्यादा खून नहीं बहा होगा रूही का।
रचना - मैं छोड़ दूंगी डैड
अंजली - मेरी नजरो से दूर हो जाओ सब के सब वर्ना अच्छा नहीं होगा, में तनु की बहन हूं , तनु की और वो आएगी
****************
इधर होटल में वीर तनु को अपनी गोद मैं बैठाया हुआ था की तभी उसके फोन पर एक मैसेज आता है, जिसे देख कर के तनु जल्दी से उठ जाती है और वीर को चलने के इशारा करती है, वीर कुछ कहता उसके पहले तनु जोर से चिल्ला देती है।
वीर तनु को गुस्से मैं देख कर डर जाता है और चुप चाप कार चलाने लगते है।
वीर कार ले कर एक घुमशुम घर पर आता है और तनु वीर का हाथ थाम कर अंदर ले जाती है और अंदर जाते ही अंजली बेहोश पड़ी होती है जो बहुत रोने के वजह से बेहोश हो गई थी।
तनु - ये लड़की कभी सुधर ही नही सकती, इसको बोलती हूं आम करती है इमली
वीर - बहन किसकी है
तनु - क्या बोला
वीर - केके कुछ नहीं
तभी तनु की नज़र रूही पर पड़ती है जिसका खून बहुत जा चुका था, तभी वो वीर के हाथ में अपने नाखून गड़ा देती है जिससे वीर बेहोश हो जाता है।
और फिर आधे घंटे बाद जब होश आता है अंजली को तो वो देखती है वो रूही की गोद मे पड़ी है
अंजली - रूही रूही रूही तू ठीक है वो उठ कर उसे गले लगा लेती है।
रूही - अरे मुझे क्या होगा , कौन सा मुझे गोली लगी थी
अंजली आंखे फाड़े रूही को घूर रही थी, और तभी उसकी नज़र तनु पर पड़ती है जो अपनी गोद मैं वीर का सर सहला रही थी उसे होश में लाने के लिए, जिस पर उसे बहुत प्यार आ रहा था, वीर चाहे जैसा भी हो वीर से वो बहुत प्यार करने लगी थी, हद से ज्यादा।
तनु मन मैं कहती है अभी सो रहा है उठेगा तोबच्चो जैसा हाल कर लेगा
मुंह फूला कर , ऊपर से गुस्सा करेगा।
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इन सब से दूर एक आदमी अपना फोन पटक देता है और कहता है पहले वीर का बाप और अब वीर और अब सारे पत्ते मेरे फेल क्यो हो जाते है
तभी वो कॉल कर के कहता है अपने आदमी से "जिस घर मैं वो है सब को उड़ा दो साक्षी को छोड़ कर"
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To be continued saara past cover kar diya.... Bas sakshi aur tanu ko chod kar.... Aur roshni waala part chodkar ..... Ye sab in dono ki side story hai....aur baaki dhere dhere aane jaan jaoge.....
And mera pc chal bsaisliya phone par tyep kar ke update de rha but ab se regularly aayga.... Kyuki main cheez yhi thi...
Baaki ab se acha updates aaynge.....pyare pyare jo samaj main aaye....
Bahot badhiya shaandar updateUpdate 22 - sakshi real identity....
इधर तनु के जाते ही यशस्वी जल्दी से पानी पीने लगती है जिसका बदन अभी भी कांप रहा था और वो बोलती है बच गया आज शहर वर्ना तनु समसाम बना देती, वीर तुमको मैं क्या बोलूं तुमने तनु से प्यार किया , उसके जिस्म से नही नाग रानी का दिल जीत लिया आज तुम्हे उससे सब से ज्यादा प्यार है।
अब आगे
इधर वीर चुप चाप कार घर में खड़ी कर देता है और ऊपर की तरफ निकल जाता है और उसने काव्या के लिया बहुत कुछ लिया था।
तभी वीर हस्ते हुआ ऊपर चला जाता है और ऊपर जाते ही सारा सामान साक्षी को पकड़ा देता है और काव्या जब उसकी देखती है तो वीर उसको इग्नोर कर के बाहर आ कर बैठ जाता है।
काव्या - पापा क्या हुआ, मुझसे क्यों बात नही कर रहे।
वीर - जाओ तुम टीवी देखो ना, सुबह से भी किस नहीं दी।
काव्या - उफ फो पापा आप भी टोरी ,
काव्या अपनी टूटी आवाज मैं टोरी बोल रही थी उसे ये देख कर बहुत अच्छा लगा।
वीर - नहीं चहिए आपका सॉरी जाओ।
काव्या - aw पापा गुस्सा फूक दो, देखो आपकी काव्या है ना आपके साथ, आपका हाथ पकड़ कर के वो मैं डोरमैन देख रही थी।
ये सुन कर वीर हसी आ जाती है और काव्या कूद कर उसकी गोद मैं बैठ जाती है।
और अपने हाथो से उसे समोशा खिलाने लगती है।
काव्या - यू आर बेस्ट पापा ।
तभी वहां पर तनु आ जाती है और वीर को देखती है तो उसकी आंखें भर आती है।
तभी साक्षी की नज़र तनु पर पड़ जाती है, और उसको देख कर साक्षी की आवाज़ भारी हो जाती है और वो उसके पास आ कर कहती हैं क्या हुआ।
तभी साक्षी की भारी आवाज़ सुन कर तनु की आंखे लाल हो जाती है।
तभी तनु चुप चाप उसके आगे जा कर उसे बाहों मैं भर लेती है और उसके होठ पर अपने होठ रख देती है।
साक्षी उसे हटाने लगती है और तनु उसके गाल पकड़ कर के वापिस पकड़ लेती है होठ चूमने लगती है।
अनु - तुम दोनो बेशरम की तरह ये क्या कर रही हो इसलिए बचपन से तुम दोनो को मेरी मां अलग कर दिया करती थी।
तभी साक्षी तनु आंख मैं देखती है और कहती हैं देख तू बता दे क्या हुआ वर्ना तू अच्छे से जानती है मैं क्या कर सकती हूं।
तभी अनु जो समोसा खा रही थी वो डर जाती है और कांपने लगती है, अपनी बहन की ऐसी डरवानी आवाज सुन कर वो कांप जाती है और तभी तनु उसे बाहर जाने का इशारा करती है।
अनु जाने लगती है लेकिन उसे आज भी बचपन की कुछ बातें याद आ गई और वो कांप जाती है।
तभी अनु बस वीर के बाजू में बैठ जाती है और उसका हाथ थाम लेती है।
तनु - क्या करेगी तू, हा मैं तुझे डरती हूं क्या।
साक्षी - डरती तो मैं भी किसी से नहीं, तू भी जानती है।
इतना कहते ही साक्षी की आवाज़ भारी हो जाती है बाल अपने आप खुल जाते है, उसके नाक में एक बड़ी सी बाली आ जाती है।
तनु - जिस चीज की डर था वही हुआ, वीर के प्यार ने इसे जगा ही दिया , साक्षी अपने असलियत में आ चुकी थी।
साक्षी - तू सच सच बता दे क्या छुपा रही है, वर्ना अच्छा नहीं होगा, तेरी आखों में आसू क्यों थे।
तभी वीर पता नहीं कहा से रूम में आ जाता है और पीछे से साक्षी को जकड़ लेता है।
वीर - आप बहुत अच्छी लग रही हो ऐसे बड़ी बड़ी बाली में, क्या बात है कही जा रही हो क्या मुझे छोड़ कर।
वीर पीछे से उसकी कमर को जकड़ लेता है और साक्षी वीर की पकड़ मैं थी और उसके हाथ में अपने हाथ रख देती है और कहती है मैं कहा जाऊंगी आपको छोड़कर भला।
तभी तनु कहती है देखो ना वही तो।
साक्षी को वीर बहुत कस के जकड़ लेता है और साक्षी कहती है फिर से लड़ लिया तुम दोनो ने, अच्छा चलो तुम बाहर मैं आती हूं।
वीर फिर बाहर चला जाता है और साक्षी अब वापिस नॉर्मल आवाज मैं आ जाती है और कहती है तू कुछ तो छुपा रही है।
तनु - नहीं छुपा रही , वैसे भी तू जानती है मेरा गुस्सा जो भी था वो मैं सभाल ले रही।
साक्षी जाने लगती है और तभी तनु उसको मासूम नज़र से देखती है।
साक्षी - चल अच्छा सॉरी मुझे लगा , तुझे कोई दिक्कत है , वैसे भी मुझे कोई शौक नही है तेरे पीछे आने का हु।
तनु उसे जकड़ लेती है , और साक्षी कहती है हाए अब रात को लेस्बियन करेंगे ही ही ही ही।
तनु - हट छीनरी कही की।
साक्षी - ही ही ही ही अच्छा हट मैं जा रही मुझे अच्छा नहीं लग रहा ऐसा लग रहा जैसा मेरी जान कोई लेना चाहता है, कोई मेरे वीर को छीन लेने चाहता है।
तनु - धत ऐसा नहीं होगा, हमारा वीर तो बस हमारा है ना, मेरे होते हुए कुछ होगा भला, लेकिन तू देख मैने वीर को पा लिया उसका प्यार तू तो अभी भी नहीं पा पाई ।
साक्षी - ज्यादा मत बोलो समझी , मुझसे वो बहुत प्यार करता है।
तनु - डायन कही की।
साक्षी - तू डायन मत कहा कर अच्छा नहीं लगता।
तनु - ठीक है य
साक्षी - मैं जा रही तू गांड़ मारा वैसे भी वीर को मेरी जरुरत है।
तनु - आज बच गया सब वर्ना रायता फैल ही जाता, मुझे अपने जज़्बात संभालने पड़ेंगे, क्युकी साक्षी को रोक पाना किसी के बस की बात नही।
तनु - साक्षी को खतरा महसूस हुआ , इसीलिए आज वो अपने असली अवतार में आ गई थी, लेकिन वीर को साक्षी के इस रूप में भी अपनापन दिखा रहा था इसलिए उसने साक्षी को संभाल लिया।
तनु एक टक वीर को देख रही थी कैसे हम दोनो टूटे हुए थे और जी रहे थे फिर ये भाई साब आए।
तनु - इतने लात घुसा खा कर भी वो वीर को मुझ मैं प्यार दिखा और उसके प्यार ने मुझे वापिस पहले जैसा कर दिया, और ठीक यही साक्षी के साथ भी हुआ, उसे एहसाह दिला कर की वीर उसके बिना कुछ नहीं है, और ये सच भी है की वीर हमे बहुत चाहता है।
तनु - बड़ी मां आज आप होती तो हमे देख कर बहुत खुश होती, देखो हम पहले जैसे हो गए , आप जैसा चाहती थी वैसे हो गए हम साक्षी बिलकुल पहले जैसी हो गई नटखट , शैतान , प्यारी सी इमोशन से भरी और मैं भी वैसे हो गई।
तनु - आपके जाने के बाद हमने वादा किया था हम कभी अपनी असलियत नी अपनाएंगे, भूल जाएंगे ये दुनिया बस नफ़रत से भरी है हवस से भरी है इसी वजह से हमने सब छोड़ दिया था ,क्युकी ये दुनिया मैं हमरा कोई नहीं था लेकिन फिर वीर आया उसने हमे एहसाह दिलाया प्यार का सहारा दिया और उसने हमे पहला जैसा कर दिया।
तनु - आपकी मौत के वक्त हम कुछ नहीं कर सके छोटे था, लेकिन अब वीर ने हमे जीना सीखा दिया और अगर उस पर किसी ने आंख भी उठाई तो हर उस आंख को बंद होना पड़ेगा।
तनु - छोड़ो ये बात , पुरानी बात को छोड़ो वैसे भी हमे बस वीर से मतलब उसे कुछ नहीं होने देंगे, उसे गधे को ये बात पता चल भी गई तो भी उसे फरक नहीं लड़ेगा।
तभी वीर को देखती है तनु और वीर उसे देख कर दूसरी तरफ सर कर लेता है।
तनु को हसी आ जाती है और कहती है अच्छा बच्चू हमसे चालाकी मैं भी देखू कैसे रूठे रहोगे , ज्यादा ही गुस्सा हो गई।
तभी तनु बाहर आती है और वीर की तरफ आगे बड़ती है और वीर उसे इग्नोर कर देता है और चुप चाप उठ कर tv देखने जाने लगता है तभी तनु भी जाने लगती है और कुछ सोच कर रुक जाती है और देखती है साक्षी अनु को बाहों मैं भर कर फुसला रही थी।
अनु अपनी बाहों को फैला कर तनु को आने का इशारा करती है।
तनु उसकी बाहों मैं आ जाती है और गले लगा कर कहती है हम दोनो ने नाराज़ है तू।
अनु - नहीं गुस्सा करती हो, लेकिन प्यार भी तो करती है हमसे।
तनु - तू बेस्ट है मेरी बहन।
अनु - ही ही ही ही मैं तो हूं ही बेस्ट सबकी लाडली हूं मैं, वैसे आप दोनो के होते हुए , हम सब को कौन छू पाएगा।
साक्षी - ए तू जा पहले अपने गुबार को मना ले वर्ना मैं अन्दर चली जाऊंगी।
तनु - तूने तो इसे मना लिया , साक्षी।
साक्षी - 2 घंटे से मना रही तब मानी वर्ना ये भी गुबार बन कर बैठी थी।
तनु हस्ते हुआ अंदर चली जाती है,
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Well well well well......
Aap hamre villains ke baare jaan hi gya hai.... Toh herione ke baare main bhi thoda jaan lo..... Ye update bas sakshi ke liya tha....Sakshi ke paas bhi power hai.... And normal question tha abhi tak use kyu nhi ki power toh pad kar samaj gya honge....past se juda hai mom sakshi ki mom.... Aur next update bas romance par rhega aur shayad thoda bahut villains ke upar rhe.... Pad kar smaj jaoge....but sakshi kya hai jaan jaoge dhere dhere ..... Bye bye saionara ..... Revos jarur dena.....
Shandaar updateUpdate 25...
तनु - हमारा केवल चहरा सेम है बस और कुछ नही आज के बाद ऐसा मत करना वर्ना मैं क्या कोई नहीं बचा पाएगा
अंजली - बड़ी मां के जाने से उदास हो ना
तब तक तनु जा चुकी थी
अब आगे
अंजली - वो कौन थे, तनु जिन्होंने रोशनी मां को मार दिया और तुम इतना गुस्सा मैं इसीलिए हो ना क्युकी तुम उन्हे नहीं बचा पाई
तनु - तुमसे मतलब नही है चुप चाप अपना काम करो और निकल जाओ और आज जो कुछ भी हुआ उसे किसी को बताना मत
अंजली कुछ कहती उसके पहले वहा वो लड़का आ गया और अब रूही भी उठ चुकी थी।
उस लड़के ने और रूही ने अंजली को ले कर घर आ गए।
तभी वहा एक अजीब से बूढ़ा आ गया और वो तनु के पास आ कर कुछ दिया और बोला और चला गया।
रूही - तुम कौन हो, और वहा क्या कर रहा था
लड़का - म म म मेरा नाम रोहित है
रूही - तो डर क्यो रहे हो ,
रोहित - घर में कौन कौन है, मैं मेरा भाई छोटा और मेरी मां
तब तक अंजली और रूही घर आ गई और जमींदार ने अंजली को इसी हालत देख कर पुरे गांव में हड़कंप मचा दिया
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इधर दूसरे तरफ उस दिन से अंजली की मुलाकात नहीं हुई तनु और साक्षी से।
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जंगल मैं कई लोगो की लाश थी, उनमें से एक जिंदा था अभी जो अपनी अंतिम सास ले रहा था, जिसने अंजली को तलवार मारी थी।
तभी उसके पास एक बच्चा रोते हुए आता है
"पापा पापा पापा आपको क्या हुआ पापा"
"बेटा अपना ध्यान रखना मैं उसे लेने मैं हार गया लेकिन तू मेरी मौत का बदला लेना और उसे अपना बना लेना, तभी मेरी मौत का सहारा मिलेगा"
ये कह कर उसकी अंतिम सास भी बंद हो गई, और वो लड़का चिल्लाते हुए वही रोता रहा, और फिर गांव में निकल गया और बोला " आपके हर जख्म का बदला लूंगा मैं हर उस चीज़ का, और उसे हर एक दिन भुगतना पड़ेगा पापा"
तभी वो लड़का निकल गया।
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और अंजली और रूही बैठ कर बात कर रही थी तभी वहा जमींदार आता है और कहता है "बेटा अब तुम दोनो का यह रुकना सही नहीं है अब बहुत कुछ देख लिया है तूने और अब तू शहर जाएगी समझी अगले हफ्ते"
अंजली - मेरी पत्नी साथ जाएगी
जमींदार - तेरी हरकते कब सही होगी, हा एक जगह पैर टिकते ना तेरे तो आज कही न जाना पड़ता
ऐसे ही जमींदार उन्हें सुना कर वहा से निकल जाता है
रूही - ले सुन ली, और मुझे भी सुनवा दिया तूने
अंजली - हम साथ साथ है hehehe
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इधर रमेश और राजेश बगीचे में खेल रहा था तभी उनकी बॉल टकरा जाती है एक लड़के से।
रमेश - भाई मेरी बॉल दे दे
राजेश - क्या नाम है बे तेरे पहले इधर देखा नहीं
"वीर नाम है मेरा" उस लड़के ने कहा
वीर - अभी नया नया आया हूं, गांव में
राजेश - कहा रहता है
वीर - यही जंगल मैं अकेला
राजेश - कोई नही आज से हमारे साथ रह लेना
तभी वीर कहता है ये जंगल मैं कोई आंटी मार गई ना
रमेश - हा बहुत रोकड़ा है उनके पास सारी उनकी बेटी के नाम रोशनी आंटी थी वो पता नहीं कौन लोग थे वो बेचारी को मार गया
ऐसे ही वो लोग बात करते करते घर चले गया और देखते देखते ही तीनो की दोस्ती गहरी होती है।
तभी वीर एक दिन बाहर घूम रहा था तभी उसे सामने से साक्षी और तनु बैठी हुई दिखाई दी और वो उन्हें ही घूरने लगा
तभी उसकी नज़र राजेश पर पड़ती है जो एक पेड़ पर बैठ कर उसी को देख रहा था।
राजेश - यहा क्या कर रहा है तू
वीर - कूच भी तो नहीं नही
राजेश - कुछ ज्यादा ही साक्षी और तनु के पास नही बतकता तू
वीर - वो वो मैं मेरा कुछ काम है
राजेश - चल ठीक है मैं तेरा साथ दूंगा बदले मैं मुझे जायदाद चहिए बस
वीर - ठीक है लेकिन तू मुझसे कभी कुछ नही पूछेगा ।
राजेश - ठीक है
तभी उन दोनो की नज़र अंजली पर पड़ जाती है और वीर उसे देखता ही रह जाता है सेम टू सेम तनु की कॉपी
राजेश - अबे ये जमीनदार की बेटी है, लेकिन राज की बात है ये लड़की तनु की बहन है
राजेश - बस राज है कभी पूछियो मत
वीर उसे देखता हुआ कहता है मेरा प्लान पूरा होने में तू मदद करेगी
वीर - तुझे जायदाद चहिए ना
राजेश - हा
तभी वीर उससे कुछ कहता है और राजेश हस देता है और कहता है "तू तो पक्का कामिना है बे"
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इधर अंजली और रूही का शहर जाने का टाइम हो गया था जिस बस से वो जा रही थी उसी बस से रोहित भी जा रहा था।
अंजली - तुम कुछ बोलते क्यों नहीं रोहित बोलने के पैसे लगते है क्या
रोहित - नहीं मम्मी कहती हैं, किसी से बात नही करना चहिए मुझे बस पैसे कमाने है और खुद को कामयाब बना कर बहन को अच्छा से पालना है
तभी अंजली हस्ती हुई कुछ कहती उसके पहले कोई अंजली को कहता है "क्या मैं इधर बैठ सकता हूं"
अंजली कुछ कहती उसके पहले अंजली के साथ एक आदमी बोलता है पीछे बैठ जा इतनी सीट खाली है
ऐसे ही अंजली और रूही कॉलेज आ गई और धीरे धीरे वीर ऐसे ही उसके करीब आने की कोशिश करता लेकिन अंजली हमेशा रोहित के साथ रहती।
एक दिन अंजली उधर बैठी थी अकेला कॉलेज में तभी उधर वीर उसके बगल में बैठ जाता है और कहता है "अगर महारानी आपकी आज्ञा हो तो हम आपको कुछ कह सकते है"
अंजली - ही ही ही ही बिलकुल कह सकती है आप
वीर - मैं लड़का हूं यार
अंजली - वैसे आज आपकी इच्छा पूरी हो गई है ना हमे अकेला पा कर
वीर - हा सालो की इच्छा पूरी हुई मेरी
अंजली - चलो बताओ फिर क्या काम है , जो सालो से परेशान हो
वीर - वो मैं
तभी वहा खुदते हुआ अचनक से रूही आ जाती है और कहती है "चलो मेरा साथ मैं कुछ दिखाती हूं"
अंजली - अरे उसे बोलने तो दे
वीर - तू कौन
रूही - मैं इसकी पत्नी हूं, अब बागो यह से
वीर - ये बहनचोद कहा से आ गई ये तो कॉलेज में थी क्लास मैं।
तभी उन दोनो के जाने के बाद राजेश बोलता है सीसे का था दिल मेरा पत्थर का जमाना था
वीर - राजेश अब पानी सर से ऊपर जा चुका है
राजेश - मतलब
वीर कुछ नही अब तू देखना
***************
रोहित अपने रूम में सोया था तभी उसे कॉल आती है।
रोहित - हेलो
"हेलो हमारी बात रोहित से हो रही है"
रोहित - जी
"सर आपकी जॉब लग गई है, आपको आपकी फैमिली सहित रहने के लिए क्वार्टर भी दिया जाएगा"
रोहित उससे जॉब की सारी डिटेल निकलवा लेता है और अपनी फैमिली के साथ वही निकल जाता है।
कुछ दिन बाद रोहित उस जगह आ जाता है और अपनी छोटे भाई को एक एड्रेस देता है वही आने को।
रोहित मम्मी - बेटा ये तो बहुत बडी बिल्डिंग है, लेकिन शायद ये अभी बनी नहीं है।
अजय (रोहित का छोटा भाई) - चलो ना ऊपर चलने को बोला है
दोनो ऊपर जाते है तो ऊपर कोई नही होता है तभी उनकी नज़र रोहित पर पड़ती है जो एक दम कोने बेहोश पड़ा होता है और उसकी हालत खराब होती है।
वो जैसे ही उस कोने में जाते है एक आदमी जो वही खड़ा था उन्हें उधर ही धकेल देता है।
और काफी टाइम बाद रोहित बेहोसी की हालत से बाहर आता है तो उसके सामने एक लड़की खड़ी होती है।
रोहित - ये कैसा मजाक है, तुमने मुझे क्यो बुलाया यह
लड़की - अबे मैं खुद मरने आई हूं, तुम्हे क्यों बुलाऊँगी
रोहित कुछ नहीं बोलता तभी उसे अहसास होता है और वो नीचे झांकता है तो चिल्ला देता है नहीं
रोहित - मां मां मां , भाई भाई भाई
लड़की आगे जा कर उसके कंधे पर हाथ रख देती है और कहती है ये दुनिया है यहां ऐसा ही होता है कोई अपना नहीं होता
रोहित - मैने किसी का क्या बिगाड़ा था , मैने तो इस दुनिया मैं कभी किसी से राबता नही रखा
लड़की - रोना बंद करो पहले तभी तो आगे कुछ करोगे,
रोहित रोते रोते उस लड़की को जकड़ लेता है, वो लड़की रोहित की बाहों मैं होती है और अपना फोन निकल कर फेक देती है, और रोहित को जकड़ लेती है।
*************
उस दिन के बाद से रोहित कभी नही दिखा लेकिन उसके कारनामे पुरे शहर में फैलने लगे , पैसों के लिए जान लेना उसका पेसा बन गया , और उस लड़की जिसने रोहित को उस टाइम सभला था , वो थी पल्लवी।
पल्लवी - रोहित मैने तुम्हारा दिया गया नंबर ट्रेस किया ये किसी वीर के नाम है।
रोहित - वीर,वीर,वीर ही ही ही ही ही कब तक बचोगे बच्चू
पल्लवी - वो वो एक .......
रोहित - ये क्या बकवास है
पल्लवी - अभी यही अच्छा है रोहित की हम सही टाइम का इंतजार करे, तुमने कभी कुछ बुरा नही किया है तो अभी भी मत करो।
रोहित - क्यू क्यों किया उसने ऐसा क्यों मैने क्या बिगाड़ा था किसी का, और वो खुद एक xxxxx है।
***********
इधर रोहित की गैर मौजूदगी में अंजली और वीर करीब आते जा रहा थे।
वीर - क्यो ना हम सगाई कर ले क्यों।
अंजली - ठीक है, गांव चल कर पिता श्री से बात करेंगे।
इधर वीर उसके पास से हो कर रमेश और राजेश के पास आता है और कहता है प्लान शुरू करो।
इधर वो सभी गांव आ गए और शादी की तैयारी शुरू हो गई।
और मौके पर रमेश और राजेश निकल गया और वीर की शादी दोनो से हो गई।
इधर अंजली जब ये सुनती है तो पैर पटकते हुए अपना पापा के पास जाति है और कहती है ये सब आप क्यों करवा रहे है।
जमींदार - बेटी तनु तेरी बहन है, सगी और इसीलिए ये सब मुझे करवाना पड़ रहा है।
ये सुन कर अंजली वही फुट फूट कर रोने लगती है और अपनी बहन के लिए खुश हो कर ये घर छोड़ कर चली जाती है।
इधर सब कुछ होने के बाद जमींदार के घर आता है एक लड़का
जमीनदार - देखो तुम जो जो कहते थे , वो वो हो गया ना अब मेरी बेटी का पीछा छोड़ दो , सारी जमीन और हिस्सा तुमको दे दिया मेरी तनु और अंजली का पीछा
तभी वो लड़का हस्ते हुए निकल जाता है और बस गोलियों की आवाज़ आती है।
वही इन सब चीजों से अंजली एक दम सदमे में आ जाती है।
तभी अंजलि को रूही सभलती है और उसे सारी सचाई बताती है।
अंजली - तुझे कैसे पता, की ये वीर का काम है और किसी का नहीं।
रूही - में एक हैकर हूं, दीदी आप भूल गई क्या।
अंजली - मेरी वजह से पिता जी मारे गया।
रूही - नहीं इन सब की वजह है तनु और साक्षी का पास्ट वो दोनो कुछ गहरा राज छिपा रही है, लेकिन दीदी ये सब वीर भी नहीं कर रहा है उससे कोई और करवा रहा है।
अंजली - ये लड़का किसका है।
रूही - दीदी ये सड़क पर पड़ा था अनाथ था इसे मैं अपना नाम दूंगी।
रूही - ये लीजिए फोन और सारी बात तनु को बता दीजिए।
अंजली ने उसकी बात मान कर ठीक वैसा ही किया।
तनु ने पूरी बात सुनी तो वो अब और टूट चुकी थी उसका सब कुछ छीन लिया गया था , और दूसरी तरफ साक्षी हर दिन जिल्लत की जिंदगी जी रही थी।
उन दोनो को उनकी मां के एक वचन ने रोक रखा था, और ऐसे ही ज़िंदगी वो सब जी रही थी।
**********
वीर कार चला रहा था और एक जंगल मैं आ कर रुकता है जैसा जैसा तुम तुम कह रहे हो वैसा वैसा मैने किया।
आदमी - हा ठीक है जैसे बोलूं वैसा ही करने का अब जा यहां से और आज तनु के पास जा और ये दवाई मिला कर तनु को दे दे और उस चीज़ को मेरे पास लाओ।
वीर कार ले कर तनु के घर आ जाता है और तनु बेहोश भी हो जाती है लेकिन तनु की खुबसूरती देख कर वीर का मन डोल गया और उसने उसके साथ वो किया जिसके बाद उसे काव्या मिली।
इधर वीर को जिस काम के लिया भेजा गया था वो काम हुआ ही नहीं।
लेकिन उस रात से वीर के साथ अजीब अजीब से चीज होने लगी उसका लन्ड खड़ा होना बंद हो गया शरीर में एनर्जी कम होती चली जा रही थी और उसकी याददस्त कमजोर होती जा रही थी और उसका गले पर एक लाल निशान आ गया था।
और ये सब बात वीर के नोटिस करते ही उसने ये बात राजेश हो बताई।
राजेश - हमे जायदाद जल्दी से जल्दी ले लेनी चहिए अंजली की शादी करा के।
**************
अंजली उदास हो कर बैठी थी और कुछ काम कर रही थी तभी उसके पास रूही आ गई और कहती है "उदास मत हो मैने बहुत कुछ पता किया "
अंजली - तो अभी हमे क्या करना चाहिए
रूही - बताती हूं,सबसे पहले तो तुम्हे याद करना है मैं तुम्हारी वाइफ हूं
अंजालि - हा तो
तभी रूही उसे पकड़ कर के अपनी तरफ खीच लेती है और अपने होठ उसके होठ से मिला देती है
और धीरे धीरे दोनो के जिस्म से कपडे उतार जाता है।
रूही - अब ठीक है
अंजली - तूने ये अच्छा नहीं किया
रूही - क्या मतलब
अंजलि उसे एक थप्पड दे देती है और कहती बेहसर्म ऐसे करते हुए तुझे शर्म नहीं आई अपनी ही बहन के साथ मैं तो तुम्हे बहन मानती थी, आज के बाद अपनी सकल मत दिखाना।
रूही - तो इसमें मेरी क्या गलती अगर बचपन से मुझे आपने वाइफ वाइफ कह कर अपने करीब रखा और अब मैं ऐसी बन गई तो मुझे छोड़ दे रही हो
अंजली गुस्सा मैं निकल जाती है और जैसे ही वो बाहर जाती है रमेश उसे ले कर चला जाता है।
फिर काला साया आ जाता है और वीर की जगह sid आ जाता है और इससे इनका पूरा किया धरा बिगड़ जाता है।
और उस दिन से रूही और अंजली की कभी मुलाकात नही हुई।
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और फिर रमेश और अंजली इंडिया वापिस आ जाते है, और वीर के गांव आ जाते है जहा वीर रहता था।
और फिर शादी हुई और राजेश और रमेश पैसे लें कर कागजाद ले कर निकल गया।
(नोट - ये पार्ट आपने शुरूवात मैं पड़ा है इसीलिए ज्यादा डिपली नहीं लिखा)
**********
इधर शादी होने के बाद तनु अंजली के पास आती है और कहती है रूही कहा है।
अंजली -
तनु - उससे बात करो और बोलो राजेश और रमेश पर नज़र रखे और तुम वापिस सिटी जाओ और वीर का छुपा हुआ बिजनेस सभालो और अच्छा से नज़र रखो, कुछ गडबड ना हो, क्युकी मुझे शक है ये सब के पीछे वीर नही कोई था जो हमारे साथ हुआ पास्ट मैं इतनी जिल्लत हमे उठानी पड़ी।
अंजलि - हा कोई और है जो तुम्हे उस राज को हटीयाना चाहता है और उसका कनेक्शन रोशनी मां से है, लेकिन मैं वीर को मारना चाहती हूं।
तनु - ये वीर नही है कोई और है ।
अंजलि - में जा रही हूं , लेकिन तू अपना ख्याल रखना ।
तनु - में तो कबका मर गई हूं, अंजू बस एक जिंदा लाश हूं अब।
अंजली - मेरा सोच मेरा साथ कौन है हर कोई तो मेरा खिलाफ है
फिर अंजली वहा से निकल गई और रूही रमेश और राजेश और रोहित पर नजर बनाए रखी थी
और हर छोटी छोटी बात तनु से बताती उसने ही बताया था कि वीर पर कोई हमला करेगा।
अंजली - रूही
अंजली चिल्लाते हुआ सोच से बाहर आ जाती है।
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एक बड़ी सी बिल्डिंग में एक आदमी सिगरेट जलाते हुआ कहता है "तुम्हे क्या लगा अंजली तुम इतनी आसानी से मेरा खेल बिगाड़ लोगी , सालो पहले तो मेरा हो जाना चहिए था उसे लेकिन रोशनी ने तुम्हे बच्चा लिया, लेकिन अब मैं तुम्हे गेम बिगड़ने नही दूंगा"
हा हा हा हा हा मैने ही रोहित को बताया की उसके बेटे के मरने के पिछे कोई और नहीं तुम्हारा हाथ है, वीर तो एक प्यादा था मेरी जान , बाजी तो अभी शुरू हुई है।
रोहित के होते हुआ मुझे कुछ करने की जरुरत नहीं, विलन बनते नही उन्हें ये दुनिया खुद बनाती है , तुम बदल गया ना वीर लेकिन रोहित फिर भी तुम्हारी जान ले लेगा और उसके बाद तनु को उसे बहार निकलना पड़ेगा।
लेकिन मुझे ये समझ नही आ रहा आखिर उस रात ऐसा क्या हुआ की वीर तनु से डरने लगा।
***************
अंजली - रूही रूही, रूही रूही, मेरी रूही को छोड़ दो।
रोहित - ऐसे ही मेरा बेटा भी तड़प रहा होगा जब तूने उसे मारा होगा।
तभी रचना के एक गोली फायर की और वो गोली सीधे जा कर रूही के पैर में लग गई।
अंजली - मेरी बच्चू रूही हिम्मत रख तुम्हे कुछ नहीं होगा , क्यो मेरे पीछे पड़े हो हमने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है, हा हू मैं वीर की पत्नी इसलिए मुझे मारने आए हो, तुम।
रोहित - नही वीर का और मेरा मामला अलग है , वो हम एक दूसरे से निपटा लेंगे , वक्त आने पर क्युकी वीर के पीछे जो है उसे मरना पड़ेगा , लेकिन तुम अंजली तुमसे ये उम्मीद नहीं थी।
अंजली फुट फूट कर रो रही थी और रूही रूही कर रही थी।
रोहित - वीर को जब तक बचा सको, बचा लो।
अंजली - मैने तुम्हारा क्या बिगाड़ा था रोहित।
रोहित - क्यों मारा तूने मेरे बेटे को क्यो मैने तो तुम्हे और वीर को कुछ नहीं कहा , अपनी दुश्मनी के बौजुद भी कुछ नही कहा , क्युकी मुझे पता था वीर इतना घटिया इंसान है still तुम उसके साथ हो मतलब ये वीर हो ही नही सकता फिर तुमने मेरा बेटा को क्यो मारा।
अंजली - मैं तुमको अपना भाई बनाई, तुम्हारी मां को इज्जत दिलवाई , और तुम्हारे भाई को पढ़वाया और तुम कहते हो मैने तुम्हारे बेटे को मरवाया बहुत खूब रोहित अच्छा सिला दिया आपने।
रचना - कामिनी
तभी रोहित उसे रोक देता है और अंजली से कहता है ठीक है तुमने नहीं किया तो किसने किया फिर।
अंजली - हवस इंसान को खोखला कर देती है ऐसा कौन है, जो साक्षी और मेरे पीछे पड़ा हो, और किसे मेरे मरने से फायदा होगा।
रोहित - कुछ समझ नहीं आ रहा , लेकिन तुम जाओ और ध्यान रहे तुम्हरा सामना जिससे होगा और इस इंडिया का सबसे खूंखार आदमी है , मुझे इसके आलावा कुछ नही पता , और मैने वीर पर कोई हमला नहीं किया , मैने हमेशा केवल अपने खबरी भेजे है, जिन्हे कोई ना कोई मार दिया जो मुझे नहीं पता
अंजली - तो तुम ये क्यों कहते रमेश से ये तेरे आदमी है ,
रोहित - दहशत बनाने के लिय,तुम्हे हॉस्पिटल भेज देता हूं, ज्यादा खून नहीं बहा होगा रूही का।
रचना - मैं छोड़ दूंगी डैड
अंजली - मेरी नजरो से दूर हो जाओ सब के सब वर्ना अच्छा नहीं होगा, में तनु की बहन हूं , तनु की और वो आएगी
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इधर होटल में वीर तनु को अपनी गोद मैं बैठाया हुआ था की तभी उसके फोन पर एक मैसेज आता है, जिसे देख कर के तनु जल्दी से उठ जाती है और वीर को चलने के इशारा करती है, वीर कुछ कहता उसके पहले तनु जोर से चिल्ला देती है।
वीर तनु को गुस्से मैं देख कर डर जाता है और चुप चाप कार चलाने लगते है।
वीर कार ले कर एक घुमशुम घर पर आता है और तनु वीर का हाथ थाम कर अंदर ले जाती है और अंदर जाते ही अंजली बेहोश पड़ी होती है जो बहुत रोने के वजह से बेहोश हो गई थी।
तनु - ये लड़की कभी सुधर ही नही सकती, इसको बोलती हूं आम करती है इमली
वीर - बहन किसकी है
तनु - क्या बोला
वीर - केके कुछ नहीं
तभी तनु की नज़र रूही पर पड़ती है जिसका खून बहुत जा चुका था, तभी वो वीर के हाथ में अपने नाखून गड़ा देती है जिससे वीर बेहोश हो जाता है।
और फिर आधे घंटे बाद जब होश आता है अंजली को तो वो देखती है वो रूही की गोद मे पड़ी है
अंजली - रूही रूही रूही तू ठीक है वो उठ कर उसे गले लगा लेती है।
रूही - अरे मुझे क्या होगा , कौन सा मुझे गोली लगी थी
अंजली आंखे फाड़े रूही को घूर रही थी, और तभी उसकी नज़र तनु पर पड़ती है जो अपनी गोद मैं वीर का सर सहला रही थी उसे होश में लाने के लिए, जिस पर उसे बहुत प्यार आ रहा था, वीर चाहे जैसा भी हो वीर से वो बहुत प्यार करने लगी थी, हद से ज्यादा।
तनु मन मैं कहती है अभी सो रहा है उठेगा तोबच्चो जैसा हाल कर लेगा
मुंह फूला कर , ऊपर से गुस्सा करेगा।
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इन सब से दूर एक आदमी अपना फोन पटक देता है और कहता है पहले वीर का बाप और अब वीर और अब सारे पत्ते मेरे फेल क्यो हो जाते है
तभी वो कॉल कर के कहता है अपने आदमी से "जिस घर मैं वो है सब को उड़ा दो साक्षी को छोड़ कर"
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To be continued saara past cover kar diya.... Bas sakshi aur tanu ko chod kar.... Aur roshni waala part chodkar ..... Ye sab in dono ki side story hai....aur baaki dhere dhere aane jaan jaoge.....
And mera pc chal bsaisliya phone par tyep kar ke update de rha but ab se regularly aayga.... Kyuki main cheez yhi thi...
Baaki ab se acha updates aaynge.....pyare pyare jo samaj main aaye....
Bahot badhiya shaandar updateUpdate 23
साक्षी - ए तू जा पहले अपने गुबार को मना ले वर्ना मैं अन्दर चली जाऊंगी।
तनु - तूने तो इसे मना लिया , साक्षी।
साक्षी - 2 घंटे से मना रही तब मानी वर्ना ये भी गुबार बन कर बैठी थी।
तनु हस्ते हुआ अंदर चली जाती है,
अब आगे -
तनु जब अंदर जाती है, तो देखती है वीर टीवी देख रहा था।
तनु - नाराज़ हो मुझसे।
तनु - अच्छा जी हमे इग्नोर कर रहे है आप ज़रा हम भी तो देखे कब तक हमे ऐसे इग्नोर करते हैं।
ये कह कर तनु वीर के बगल बैठ जाती है और वीर उसे इग्नोर कर के टीवी देखता है।
तनु इतना भाव रुको अभी बताती हूं रुको।
वीर - हा जाओ, मेरी और 2 वाइफ है वो मुझे नहीं मना करेंगी, जाओ हू।
ये सुन कर तनु हस देती है और कहती है,"अरे बाप रे इतना गुस्सा अपनी तनु से"
तनु - मैं भी देखू कैसे दूर रहते हो।
ये कह कर तनु खड़ी होती है और अपना साडी उतार देती है और और ब्लाउज और पेटिकोट में आ जाती है।
तनु - साड़ी बड़ी गंदी हो गई थी।
तभी तनु अपना ब्लाउज उतारने लगती है और अपनी तिरछी नज़र से देखती है तो वीर उसे ही घुर रहा था जैसे अभी ही खा जाएगा।
और अब तनु बस ब्रा में और पेटिकोट मैं होती है ये देख कर के वीर बस तनु को घुर रहा था और खड़ा हो जाता है।
तभी तनु कहती हैं ," बाबू क्या हुआ ये भी उतार दूं, हो जाए एक राउंड जल्दी से वैसे भी आपकी ही तो हूं ना"
ये सुन कर वीर हड़बड़ा जाता है और वापिस बैठ जाता है और तनु वही ब्रा मैं और ब्लाउज मैं ही गिर पड़ती है और हस्ते हुए।
फिर वो खड़ी हो कर कहती है अरे मैं भूल गई थी आप तो गुस्सा हैं, हा चलो अब जल्दी से साड़ी पहन लेती हूं।
तनु एक नई साड़ी निकाल लेती है और पहन लेती है।
तनु - क्या देख रहे हो।
वीर - मूवी
तनु - मूवी मेरी कमर मैं चल रही है क्या।
वीर वापिस अपनी नज़र टीवी पर गड़ा देता है और तनु हस्ते हुआ अंगड़ाई लेने लगती है और जब वो अंगड़ाई ले रही थी तो वीर की नज़र तनु की क़मर पर पड़ जाती हैं, दूध जैसी उसकी कमर और उस पर पतली से कमरबंद।
तभी वीर बस उसे ही देखे जा रहा था और उसकी नज़र का पीछा करते हुए तनु देखती हैं तो कहती है सुनिए जी
वीर- हा
तनु - आप गुस्सा है, ऐसा नहीं देखते कुछ कुछ हो जाएगा आपको।
वीर- कौन गुस्सा है
तनु - अरे आप गुस्सा था ना
वीर - न न नही तो मेरा मतलब हा
तनु मन ही मन हस रही थी और तनु उठ कर वीर के जस्ट बगल बैठ जाती है और वीर धीरे से उससे सट जाता है
तनु वीर की इस हरक़त से स्माइल करने लगती है।
तभी वीर की ओर तनु देखने लगती है और उसके ओर आगे बदने लगती है , और वीर को लगा तनु उसे किस करेगी तो वो अपनी आंखो को बंद कर लेता है।
थोड़ी देर में वीर को कुछ फील नहीं होता तो वो आंखो को खोल कर देखता है तो तनु बस रिमोट लेने आई थी।
वीर अब और गुस्सा हो जाता है और तनु के हाथ से रिमोट ले लेता है और उसका मुंह अब पूरा लाल हो गया था पकोड़े जैसा नाक फुली हुई थी।
और ये देख कर तनु बड़ी मुस्किल से हसी रोक पाई , अगर वो हस देती तो सब खराब हो जाता है।
तनु मन मैं कहती है देखू तो कितना दूर रह पाते है हमसे, पत्नी हूं तुम्हरी, तुम्हे अच्छे से जानती हूं बच्चू कैसे मनाते है , प्यार ऐसे ही नहीं हो गया है आपको हमसे।
तनु स्माइल करती है और वीर से कहती है "क्या हुआ रिमोट दे दो"
वीर - मुझे ये देखना है।
तभी साक्षी और अनु अंदर आती है और वीर से कहती है ये क्या देख रहे हो वीर।
वीर - मुझे पसंद है
साक्षी - तुम्हे नापतोल का एडवरटाइजमेंट पसंद है।
वीर - क्या फिर वो हड़बड़ा कर कहता है हा मुझे पसन्द है लेना है अपने लिए ये
अनु - तुम्हे स्पोर्ट ब्रा लेनी है अपने लिएचलो ठीक है साइज बताओ बुक कर देती हूं मैं
वीर अब जल्दी से चैनल बदल लेता है और साक्षी और अनु हसने लगती है और तनु बस मुस्करा रही होती है क्युकी उसे तो अच्छा से पता था वीर तो उसे देखे जा रहा था।
वीर अब बाहर आ जाता है।
अनु - अच्छा आओ गुस्सा मत हो स्पोर्ट्स ब्रा मत पहनना , आओ अंडरलाइन वाली ब्रा दिला दूंगी, आओ मेरा साइज हो जाए तो लेते जाओ आओ।
ये सुन कर तनु और साक्षी हसने लगती है।
साक्षी - तनु कामिनी मानने आई थी या और गुस्सा दिलाने।
तनु उसको और अनु को सारी बात बता देती है और अनु कहती है दीदी मजा आता होगा ना।
साक्षी - तू उसके साथ बाहर जा खाने के लिए कुछ लेती आना इसी बहाने।
तनु - हा ये सही रहेगा अकेले रहूंगी तो और मजा आएगा
वही ये सब सुन कर अनु कुछ सोचती है और मुस्कुराते हुए बाहर आ जाती है, और जैसे ही बाहर आती है वीर पर उसकी नज़र पड़ जाती है, वीर उसको देख कर उसके पास जाता है और तभी अनु उसको देख कर कहती है क्यो तुमसे कहा था कुछ दीदी को मानने को तुम जरा भी नही माने हा
वीर - आज पक्का मना लूंगा , अब एक हग कर लेने दो प्लीज
अनु - जी नहीं, बेशर्म वैसे भी मुझे अच्छा से पता है तुम्हारी दोनो वाइफ भाभीं है एक मैं ही हूं पतली कमरिया इसी लिया इतना उछल रहा है तू मेरा काम करो वर्ना सच्ची बता रही में क्राइम पेट्रोल मैं अगला एपिसोड तेरा आएगा।
वीर - क्या आएगा
अनु - गुस्साई पत्नी ने किया पति का कतल
वीर - ही ही ही ही
अनु - हस मत बंदर
तभी ये दोनो आगे बात करते की बाहर तनु और साक्षी आ जाती है, और इन दोनो को देख कर इनके पास आती है और साक्षी कहती है वीर तनु के साथ जा कर तू बाहर से खाना लेता आ और कुछ कपड़े लेते आना हम सब के लिए
वीर मान जाता है और तभी काव्या भागती हुई आती है और कहती उफ आप लोग भी ना मम्मी रुको मैं तैयार होती हूं, जल्दी से।
इतना सुन कर सब हस देते है तभी उसको पीछे से अनु पकड़ लेती है और कहती है क्यो बच्चूइन सब को जाने दो आप और मैं कार्टून देखते है कोई रोकने वाला नहीं क्या कहते हो।
काव्या खुस हो कर कहती है अच्छा मम्मी आप अकेले जाओ
तभी ये दोनो निकल पड़ते है और तनु कार में आ कर बैठ जाति है और वीर उसको देख रहा होता है और तनु कहती है "क्या कार अपने आप चलेगी"
वीर कार ले कर निकल पड़ता है और दोनो जल्दी से एक होटल में रुकते है, वीर कुछ कहता उसके पहले तनु अंदर जानें लगती है और तनु को सब घूर घुर कर देखने लगते है और उसके जिस्म के खुशबू किसी को भी पागल करने के लिए बहुत थी।
तभी वीर ये देख कर के तनु का हाथ पकड़ लेटा है और तनु भी कस कर के थाम लेता है और वीर एक टेबल पर आ का बैठ जाता है और तनु उसका हाथ पकड़ हुए देख रही थी
तनु मन मैं कहती है मुझे आपको मानना आता है बच्चू।
तनु को वीर भी घूर रहा था और वीर को ऐसे घूरते देख तनु हस देती है और सब के सामने उठ कर वीर की गोद मैं बैठ जाती है।
और अब ऐसे वीर जब देखता है तो तनु उसकी आंखो में देख रही होती है।
वीर को अब बहुत अच्छा लग रहा होता है आज पहली बार उसे ऐसे प्यार का अनुभव हो रहा था, पहली बार वीर को किसी ने इतना प्यार का अहसास दिलाया था।
तनु - नाराज़ हो हमसे
वीर - नहीं, बस थोड़ा बुरा लगा।
तनु - सॉरी, देखो आपकी जान ऐसे सॉरी बोल रही है ना
वीर - ही ही ही ही कोई बात नहीं लेकिन ऐसे मुझसे गुस्सा क्यो थी, मैने क्या किया था तुम्हारा, मैं तो बस तुमसे प्यार करता हूं , तुम्हे पता है मैं तुमसे प्यार करता हू
तनु - सोरी ना, वो मैं तुमसे कुछ छुपा रही थी और प्यार करते करते उगल दी, इसलिए गुस्सा लग गई , मैं भी चाहती हूं गुस्सा ना हू लेकिन मैं चाह कर भी अपने आप को नहीं बदल सकती।
वीर - तो मत बदलो ना, मैं तुमसे ऐसे प्यार करता हूं जैसी तुम हो, बदल कर प्यार करूंगा तो वो प्यार थोड़ी होगा, तुम जैसे हो हमे पसंद हों , वैसे भी अगर मैं तुम्हारे बारे मैं सब जान गया तो भी मुझे फर्क नहीं पड़ेगा
तनु - पक्का फरक नहीं पड़ेगा
वीर - प्यार करती हो हमसे
तनु - जान से ज्यादा करती हूं
वीर - तो प्यार मेरी तुम तो मेरी वाइफ हो अगर प्यार है तो मुझे तुम जैसी हो एक्सेप्ट हो बस मेरी हो वैसे भी अब तो मेरी वाइफ बन गई हो अब तो झेलना पड़ेगा ना।
तनु - awww कुत्ते झेलने पड़ेगा , रुको बताती हूं
वीर तभी उसकी कमर जकड़ लेता है और तनु से नज़रे नहीं मिलाता
तनु - वैसे अब बताओ क्या बात है।
वीर - कुछ तो नही
तनु - तुम्हे पता है अगर तुम अपनी वाइफ को छोड़ कर कही भागने का प्लान है तो उसे वही भूल जाना वर्ना वापिस खीच के लाउंगी और बहुत मरूंगी।
वीर - केकेके क्या मतलब
तनु - मुझसे कुछ छिपा नहीं सकते बच्चू, मैं तुम्हारी वाइफ हूं समझे पहला प्यार बेशक साक्षी से बहुत करीब हो लेकिन मैं यहां रहती हूं (उसके दिल पर उंगली रखते हुआ)
वीर - हा
तनु - वैसे साक्षी और अनु हम सब से इतना प्यार करने के लिए शुकिया हम सब को जीना सिखाना के लिया बहुत बहुत थैंक्यू पति जी अब हम सब आपके हो गया।
वीर - हा
तनु - अब बताओ
वीर - मतलब
तनु - तुम्हारी पत्नी हुं, जानती हूं तुम्हे अच्छा से साक्षी और अनु के टाइम अगर तुम्हारा नियत ना बिगड़े तो समझती हूं , लेकिन मैं स्पेशल हूं, अगर मेरी टाइम नियत ना बिगड़े मतलब कुछ बात है।
वीर - मुझे नहीं पता हटो मेरे ऊपर से
तनु - बताओ
वीर - बहुत अजीब हो रहा हमेशा कोई न कोई मेरा पीछा करता रहता हैं , मुझे मारने की कोशिश करता है मैं तुम्हारे साथ रहना चाहता हूं हमेशा लेकिन वो मुझे मार देंगे मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूं तनु , साक्षी और अनु की बकिती कुछ नहीं भुला मैं।
तनु वीर की आंखो में देखती है और उसकी आंखो से आसू पूछती है और कहती है इतना सब कुछ दिल में दबाए बैठे थे हा
वीर - हा
तनु - तुम कही नहीं जाओगे, मतलब कही नहीं वैसे भी तुम्हे क्या लगता है तुम्हारी तनु नॉर्मल है।
वीर बस टूक टुकी लगाए उसे देख रहा था।
तनु - प्यार करती हूं तुमसे तुम्हारी साक्षी और तनु के होते तुम्हे कौन छू लेगा, मैं अभी कुछ बता नहीं सकती बट यकीन करो मेरा कोई तुम्हे कुछ नहीं कर सकता समझें।
वीर - कभी कभी तुम्हारी बात पहेली जैसी लगती है, लेकिन तुम जैसी भी हो हमे पसन्द हो इसीलिए तुम मुझे पसंद हो।
तनु - हा हा पता है तुम्हारी पहली नज़र से ही देख रही हूं चुपके चुपके मुझे घूरते था, साक्षी के साथ गांव आए थे तब भी मुझे घूर रहे थे, तुम्हे क्या लगता है मुझे पता नहीं होता था।
वीर उसकी बात सुन शरमा जाता है
तनु हस्ती है और कहती है बता दूं साक्षी को की जब इसे पता नही था की मैं इसकी वाइफ हूं तब से लाइन मार रहा है चुपके चुपके घूरता पीछा करता।
वीर - नही प्लीज़ मत बताना
तनु - ही ही ही ही ही पागल
तभी तनु की आंख लाल हो जाती है और कहती है प्रोमिस आपको कुछ नही होने दूंग
वीर - देखो मैं नहीं जानता तुम क्या हो लेकिन इतना तो बहुत पहले से जानता था कि तुम नॉर्मल नहीं हो लेकिन बस मेरा साथ मत छोड़ना शायद आगे कुछ ऐसी बात निकल कर आए जिससे सब हमसे दूर हो जाए और हमे पापी बोले , लेकिन तुम साथ देना मेरा।
तनु - पत्नी हूं तुम्हारी समझे अब जो भी होगा पत्नी ही रहूंगी समझे मिस्टर sid
तनु - अब बस चुप मेरे हो बस मुझे पता है तुमने कुछ हिंट दिया साक्षी को ले कर लेकिन अब तो पति हो तो चिल मैं स्भाल लुंगी लेकिन अच्छा लगा सुन कर मैं पहली पत्नी हूं।
वीर की आंख नम हो गईं उससे इतना प्यार का अहसास तनु ने दिलाया था।
तनु उसके ऊपर बैठ कर उसे अपने सीने मैं लगा लेती है और मुस्कुराती है
तनु - पागल चुप ऐसे उदास नहीं होते ना अब तो हसने के दिन है अब हर रात सुहागरात और दिन बस बेड तोड़ देना है हम दोनो को मिलकर, अब बाहर नहीं जाना आपको
वीर - पहला कौनसा जाने देती थी।
तनु - ही ही ही एक बार सब ठीक हो जाए फिर जाने देना।
वीर - तुम्हे कैसा पता था की मेरे ऊपर खतरा है।
तनु - शाहप्यार करो बस बाकी चीज टाइम के साथ जान जाओगे लेकिन तुमसे बहुत प्यार करती हूं , तुमने प्यार का अहसास दिलाया हमे।
तनु - अच्छा जी मतलब मैं संभाल लुंगी तो तुम अपना डंडा चुभाने लगे।
वीर - आई लव यू
तनु - आई लव यू टू पागल तुम्हे भी मानना कोई आसान काम नही है।
तनु मन मैं सोचती है तुम सच में बहुत प्यारे हो वीर तुम हर पल मुझे एहसाह दिलाते हो प्यार की तुम नई नई वजह देते हो प्यार की "कभी बेटी को अपना कर , कभी प्यार जाता कर , कभी गुस्सा सह कर, अभी तुम्हे पता है मैं इंसान से बड़ कर कुछ हूं तुम्हे फिर भी फर्क नहीं पड़ा और कुछ जानना नहीं है"
तनु - तुम्हे तो कभी प्यार की कमी नहीं होने दूंगी पागल लड़का
वीर - सुनो
तनु- क्या
वीर - कार मैं प्यार करोगी
तनु - धत
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रचन - खाना अच्छा था ना।
अंजली - हा बहुत अच्छा था, क्यो।
रचना - चलो अब घूमने चलते है रात को फिर तुम्हे सब बता दूंगी अपने बारे मैं बस मेरा साथ मत छोड़ना
अंजलि - चलो
रचना - अंजलि चलो मेरी कार से चलते है इस टाइम कोई बॉडीगार्ड नहीं रहते।
अंजली - अच्छा चलो
रचना - ही ही ही ही चलो
अंजलि - बहुत खुश हो।
रचना - बचपन का सपना था, अब पूरा होने की उम्मीद जगी है
अंजलि - प्रोमिस होगा।
रचना - चलो फिर चलते है
अंजली और रचना घूमते घूमते एक घर के पास आ गया।
अंजलि यहां क्यों रोक दी कार
रचना - चलो ना अंदर
अंजली - पता नहीं ऐसा क्या सरप्राइज़ देना है आपको
रचना - प्रोमिस आपको disappoint नही करूंगी
अंजली अंदर जाती है तो उसके सामने रोहित और लड़की बैठे होते है
रचना जल्दी से गेट बंद कर देती है।
रचना - वेलकम मिसेज वीर अंजली
अंजली अपनी नम आंखों से रचना को देख रही थी
रचना - कामिनी औकात दिखा दी अपनी
अंजली कुछ और कहती उसके पहले रूही उसके पास भागते हुए आती हैं
रूही - दीदी मुझे बचा लो दीदी ये मुझे मार देंगे दीदी , मेरा बेटा को मार देंगे दीदी
इससे पहले कुछ और कहती रूही रचना ने बंदूक से हवा में फायर किया
ही ही ही ही ही ही
"गेम शुरू हो चुका है अंजली मेरे भाई को मार दिया कामिनी अब तेरी बारी"
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To be continued ...... Mujhe pta hai bahut se questions hai lekin stay tuned dhere dhere sab khul jaynge aur maine bola hai pahle hi sabhi charcter ki side stroy aaygi... I mean imp kirdaar ki lekin time aane par....
Badhiya shaandar updateUpdate - 24 ruhi aur past .... Part 1
basically is update main aaap jaan jaoge....bahut si cheez ke ans mil jayge aapko jaise sakshi aur tanu normal life kyu jee rhe tha.... Lekin iska part 2 (update 25 bhi aaj hi aayga wo long rhega usmain aap past achi tarah samaj jayenge but anjali aur ruhi ki side se baaki ka past reason sab sakshi aur tanu ki story ke sath hi aage aaygii..
Ab story
रूही - दीदी मुझे बचा लो दीदी ये मुझे मार देंगे दीदी , मेरा बेटा को मार देंगे दीदी
इससे पहले कुछ और कहती रूही रचना ने बंदूक से हवा में फायर किया
ही ही ही ही ही ही
"गेम शुरू हो चुका है अंजली मेरे भाई को मार दिया कामिनी अब तेरी बारी"
अब आगे ---
"दीदी दीदी उठो ना कितना सोती हो आप", एक छोटी सी बच्ची तुतला कर बोलती है।
"छोटी सोने दे देख परेशान मत कर , वैसे ही पापा आज कल सोने नहीं देते, जब देखो पड़ो पड़ो पड़ो , मुझे पसन्द नहीं गांव का स्कूल" कुनुमुनाते हुए एक और बच्ची बोलती है।
"उहफो दीदी उठो तो तभी तो देख पाओगी सुन्दर सी दुनिया मुझे देखो मैं तो दिन भर घर रहती हूं, अगर मेरी मम्मी होती , मेरी बहन होती तो वो भी मुझे अपने साथस्कूल ले जाती ना दीदी", नम आंखों से छोटी बच्ची बड़ी बच्ची को बोलती है।
इतना सुन कर सो रही लड़की एक जोरदार तमाचा देती है।
"तेरी हिम्मत कैसे हुईं, ये कहने की रूही क्या मैं तेरी बहन नहीं हा तूने मुझे अनाथ कर दिया", अंजलि बोलती है।
"अरे मेरा कहने का वो मतलब नहीं था दीदी" रूही टूटी आवाज मैं कहती है।
तभी अंजली उसे गले लगा लेती है, और कहती है बहन नहीं पत्नी है तू मेरी समझी।
रूही - हट चलो वर्ना चाचा गुस्सा करेंगे।
अंजली - तू चल नीचे मैं आती हूं
रूही - दीदी मुझे अकेला मत छोड़ो, मुझे अकेला डर लगता है।
अंजली - aww मेरी पत्नी को डर लगता है, चलो चले दोनो साथ
दोनो जैसे ही नीचे आए नीचे अंजली के पापा जमींदार वही मौजूद थे जो इन दोनो को देख कर बोला।
"अरे रूही इतनी देर से उठाने गई थी, आई क्यो नहीं", जमींदार की इतनी बोली सुन रूही कांप कर वही खड़ी हो गई।
"खबरदार मेरी पत्नी से केवल में ऊंची आवाज मैं बात कर सकती हूं, और कोई नही" अंजली की आवाज़ सुन कर जमींदार भी हसने लगता है , और हस्ते हुआ कहता है,"अच्छा अब खाना खा लो और पढ़ाई करने के लिए निकल जाओ"
"नही पापा मैं नहीं जाऊंगी, मैं एक ही शर्त पर पढ़ाई करूंगी जब रूही मेरे साथ रहेगी हमेशा और पढ़ाई करेगी" अंजली ने जमीदार को कहा।
और अंजली की बात सुन कर जमींदार हस्ते हुए कहता है," अच्छा ठीक है मेरे बच्चियों अब खाना खाओ और निकल जाओ"
जमीदार की बात सुन कर अंजली खुशी से कुद पड़ती है और रूही का हाथ पकड़ के कहती है," अब तू भी मेरे साथ चलेगी स्कूल"
फिर दोनो स्कूल के लिए निकल पड़ते है जो पास मैं पढ़ता था।
दोनो क्लास में चली जाती है तो सभी अंजली को बहुत इज्ज़त देते थे क्युकी वो जमींदार की बेटी थी।
जैसे ही अंजली क्लास मैं आई उसने अपने हाथ मैं रूही का हाथ पकड़ रखा था जिससे सब रूही को बस घूर रहा था।
रूही एक सीट मैं बैठी थी की वहा एक लड़की आ कर बैठ जाती है जिसे देख कर के अंजली कहती है ,"आप कही और बैठ जाओ ये हम दोनो की सीट है"
अंजली की बात सुन कर वो लड़की मासूम सी सकल बना कर जाने ही वाली होती है की तभी उसे एक और आवाज़ सुनाई पड़ती है," क्यो ये सीट तेरे बाप की है, तू इसे घर से ले आई थी"
उस लड़की की आवाज़ सुन कर रूही डर जाती है, और रूही को डरता हुआ देख कर अंजली उसका हाथ थाम लेती है और उस लड़की के सामने खड़ी हो जाती है और कहती है ," नही सीट मैं घर से तो नही लाई थी, लेकिन सीट तो तेरे घर से भी नही आई, और मेरी रूही से बात करते वक्त आवाज़ नीचे गर्म मुझे सिर्फ चाय पसंद है"।
इससे पहले की अंजली कुछ और कहती दूसरी लड़की जो चुप चाप खड़ी थी वो बोलती है," चुप रहो तनु हर टाइम आवाज नही निकलते, और अंजली तुम हमे मां ने लड़ने से मना किया है, वर्ना हम क्या है ये तुम्हे जरूर बताते"
रूही - आप सब मत लड़ो, मेरी दीदी से
रूही की इस आवाज़ से तीनो लड़कियां का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया।
और इसी तरह अंजली और तनु की दुश्मनी शुरू हो गई, लेकिन दोनो मैं एक चीज नॉर्मल थी दोनो का चहरा बिलकुल एक जैसा था जिसकी वजह से बहुत बार तनु को लोग अंजली समझ लेते थे।
एक बार रूही अपनी सहेली के साथ खेलने के लिए चली गई थी।
अंजली - पापा मेरी दुल्हन कहा गई।
जमीनदार - तुम्हारी दुल्हन अपनी सहेली के साथ खेलने गई है।
अंजली - लेकिन क्यो मुझसे क्यों नहीं पूछा इसने
जमींदार - अरे तू भी चली जा बगीचा मैं।
अंजली भागते हुए बगीचा मैं पहुंच जाती है और चिल्लाती है ," रूही "
"रूही "
तभी उसे एक तरफ रूही की चीख सुनाई पड़ती है उस चीख को सुन कर के अंजली जल्दी से भागते हुए उसी ओर आ जाती है, जब अंजली वहा आ कर देखती हैं, तो रूही एक तरफ बेहोश होती है, और उसके साथ अनु भी बेहोश पड़ी होती है।
ये देख कर के अंजली बहुत जोर से चीखतीं है," तुम दोनो ने क्या किया मेरी बहन के साथ, मैं तुम दोनो की जान ले लुंगी।
तभी पेड़ के एकदम ऊपर वाली टहनी से कुद कर साक्षी नीचे आती है और कहती तुम्हे ऐसा लगता है की तुम मेरा कुछ कर पाओगी।
अंजली अब ध्यान से तनु और साक्षी को देखती है और कहती है त तुम दोनो चाहे जो भी कहो मैं अपनी बहन के लिए किसी से भी लड़ने के लिए तैयार हूं।
तभी रूही रोते हुए अंजली के गले लग जाती है जो अब होश में आ चुकी थी और कहती है," दीदी ये दोनोअगर नही आई होती तो ये कामिना हमारी इज्जत लूट लेता"
अंजली कुछ और कहती तभी वहा एक औरत आती है जिसके चहरे से ही नूर टपक रहा था वो आते ही तनु और साक्षी को एक बहुत जोर का थप्पड़ देती है और कहती हैं "मैने कहा था ना तुम दोनो को कुछ उल्टा पलटी हरकत मत करना मेरी बात तो तुम्हे सुननी नहीं है"
साक्षी - मां हमने कुछ नहीं किया , हम तो बस पेड़ से फल तोड़ रहा थे यही हमारे पास आया था और
तनु इशारे से अंजली की तरफ देखती है
तभी साक्षी की मां कहती है तुम जाओ बेटा रूही और अनु को ले कर तुम जमीदार की बेटी हो ना।
तनु - चलो जाओ , भागो बड़ी मां नहीं आई होती तो आज तुमको खा जाती मैं
अंजली - अरे चल चल
अंजली उन दोनो को लेकर चली जाती है और जाते हुए उसे बस इतना सुनाई पड़ा " मम्मी ये सब वापिस हमारे लिए आए था, ये क्यो बार बार हमे मारने आ जाते है"
तभी उसे रूही कहती है "दीदी बड़ा अजीब चीज हुआ आपको पता है , वो मैं खेल रही थी ना तब एक अंकल आए और हमे और अनु को पकड़ लिया और हस्ते हुए बोले अब वो सिर्फ मेरा है सिर्फ मेरा हा हा हा हा हा"
तभी अंजलि उसे इग्नोर कर के अनु का हाथ पकड़ लेती है और कहती है बेटा आपका क्या नाम है
अनु - ही ही ही मेरा नाम अनु है आप बिल्कुल मेरी तनु दीदी की तरह हो वो गुस्सैल है, और आप नरम दिल
रूही - हमसे बात क्यो नहीं कर रही
अंजली कुछ नहीं कहती और चुप चाप अनु को घर छोड़ कर वापिस आ जाती है
और जब वो जा रही होती है तो उसे दो लड़के दिखते है जो बहुत तेजी से भागते हुए चले जा रहे थे।
तभी वो दोनो वापिस घर आ जाते है और अंजली को बहुत गंदी फील आ रही थी फिर भी छोटी सी अंजली ने हिम्मत कर के बाहर आई और और जंगल की ओर आने लगी , तभी उसे एक लड़का दिखता है बहुत सीधा स्कूल का अंजली उसे बुलाती है
लडका - हा
अंजाली - चलो मेरे साथ आम के बाग वहा मुझे बाहर छोड़ देना फिर वापिस आ जाना
लडका उसकी बात मान कर चल देता है और दोनो आम की बगिया में आ जाते है और लड़का वही बाहर खडा रहता है
जैसे ही अंजली बाग मैं आती है वो देखती है उसके सामने साक्षी और तनु जमीन पर खून से लतपथ पड़े है और उसकी मां रोशनी सामने खड़ी थी जो अपनी अंतिम सास ले रही थी।
रोशनी - कभी भी याद रखना अपनी शक्ति का इस्तेमाल मत करना साक्षी तुम क्या हो इसे राज रखना, और हमेशा अपनी बहन का साथ देना तनु, तुम्हारी शक्ति का इस्तेमाल मत करना एक आम सी ज़िंदगी जीना
रोशनी - मेरी मौत के साथ मेने तुम सभी के पीछे पड़े सभी लोगो को मार दिया , तुम सब आराम से जीना लेकिन उस चीज की हमेशा रक्षा करना।
तनु - आप ही नहीं रहेंगी तो फिर हमे क्यों जीने दे रही है ये दुनिया तो हमे कभी एक्सेप्ट नहीं करेगी मां।
रोशनी - इसलिए कह रही आम ज़िंदगी जियो और इस चीज की रक्षा करो और याद रहे कोई आएगा जो तुम्हे चाहेगा, तुम कैसी भी हो वो तुम्हे अपनाएगा तब तुम सब खुद ब खुद अपनी पूरी शक्ति पा लोगे।
ये सुन कर अंजली वहा से भागती हुई निकल जाती है, और उसे रास्ते में एक अंकल मिलते है जो लड़खड़ा रहे थे उसके शरीर पर तलवार घुसी हुई थी जो बहुत अजीब थी।
वो अंजली को देख कर के अपनी तलवार अंजली के पेट में घुसाने के लिए फेक देता है लेकिन वो तलवार अंजली को लगती उसके पहले रूही उसे ढकेल देती है और वो तलवार गिर जाती है।
रूही - दीदी भागो
लेकिन वो दोनो बच्चियां थी उनके पास साक्षी और तनु जैसी शक्ति नही थी वो कुछ कहती उसके पहले वो आदमी तलवार रूही की तरफ़ फेक देता है तभी अंजलि उसके सामने आ जाती है और अंजली के पेट में तलवार घुस जाती है।
रूही - क्यो किया अपने ऐसा
अंजली - अपनी वाइफ को केवल में छू सकती हूं बस बचपन से आज तक केवल तू ही मेरी अपनी है तुझे आंखो के सामने मारता नही देख सकती थी।
तभी वहा पर साक्षी आ जाती है और फिर जब अंजली की नींद खुलती हैं वो अपने आप को उसी जगह पाती है और उसकी चोट काफी भर चुकी थी।
तनु - क्यो आई थी यह
अंजली अपना सिर उठा कर देखती है तभी तनु कहती है बेहोश हैं वो
अंजली - पता नहीं तुम्हे दर्द मैं नहीं देखा गया पता नहीं क्यो, तुम्हारे साथ कोई रिश्ता है
तनु - हमारा केवल चहरा सेम है बस और कुछ नही आज के बाद ऐसा मत करना वर्ना मैं क्या कोई नहीं बचा पाएगा, अब तो बड़ी मां भी नहीं रोकेंगी
अंजली - बड़ी मां के जाने से उदास हो ना
तब तक तनु जा चुकी थी
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To be continued ismain aap ruhi ko jaan gya honge...... Lekin ab iska duara part jo aayga usmain bahut si cheez saamne aa jaygiii....veer, rohit, aur sab toh 1 update ismain lag jayga.... Tab tk keep supporting reply subah de dunga.....
I know romance update chahiye tha lekin ye past khatam hone do fir romance hi hoga
Badhiya shaandar updateUpdate 25...
तनु - हमारा केवल चहरा सेम है बस और कुछ नही आज के बाद ऐसा मत करना वर्ना मैं क्या कोई नहीं बचा पाएगा
अंजली - बड़ी मां के जाने से उदास हो ना
तब तक तनु जा चुकी थी
अब आगे
अंजली - वो कौन थे, तनु जिन्होंने रोशनी मां को मार दिया और तुम इतना गुस्सा मैं इसीलिए हो ना क्युकी तुम उन्हे नहीं बचा पाई
तनु - तुमसे मतलब नही है चुप चाप अपना काम करो और निकल जाओ और आज जो कुछ भी हुआ उसे किसी को बताना मत
अंजली कुछ कहती उसके पहले वहा वो लड़का आ गया और अब रूही भी उठ चुकी थी।
उस लड़के ने और रूही ने अंजली को ले कर घर आ गए।
तभी वहा एक अजीब से बूढ़ा आ गया और वो तनु के पास आ कर कुछ दिया और बोला और चला गया।
रूही - तुम कौन हो, और वहा क्या कर रहा था
लड़का - म म म मेरा नाम रोहित है
रूही - तो डर क्यो रहे हो ,
रोहित - घर में कौन कौन है, मैं मेरा भाई छोटा और मेरी मां
तब तक अंजली और रूही घर आ गई और जमींदार ने अंजली को इसी हालत देख कर पुरे गांव में हड़कंप मचा दिया
*************
इधर दूसरे तरफ उस दिन से अंजली की मुलाकात नहीं हुई तनु और साक्षी से।
*************
जंगल मैं कई लोगो की लाश थी, उनमें से एक जिंदा था अभी जो अपनी अंतिम सास ले रहा था, जिसने अंजली को तलवार मारी थी।
तभी उसके पास एक बच्चा रोते हुए आता है
"पापा पापा पापा आपको क्या हुआ पापा"
"बेटा अपना ध्यान रखना मैं उसे लेने मैं हार गया लेकिन तू मेरी मौत का बदला लेना और उसे अपना बना लेना, तभी मेरी मौत का सहारा मिलेगा"
ये कह कर उसकी अंतिम सास भी बंद हो गई, और वो लड़का चिल्लाते हुए वही रोता रहा, और फिर गांव में निकल गया और बोला " आपके हर जख्म का बदला लूंगा मैं हर उस चीज़ का, और उसे हर एक दिन भुगतना पड़ेगा पापा"
तभी वो लड़का निकल गया।
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और अंजली और रूही बैठ कर बात कर रही थी तभी वहा जमींदार आता है और कहता है "बेटा अब तुम दोनो का यह रुकना सही नहीं है अब बहुत कुछ देख लिया है तूने और अब तू शहर जाएगी समझी अगले हफ्ते"
अंजली - मेरी पत्नी साथ जाएगी
जमींदार - तेरी हरकते कब सही होगी, हा एक जगह पैर टिकते ना तेरे तो आज कही न जाना पड़ता
ऐसे ही जमींदार उन्हें सुना कर वहा से निकल जाता है
रूही - ले सुन ली, और मुझे भी सुनवा दिया तूने
अंजली - हम साथ साथ है hehehe
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इधर रमेश और राजेश बगीचे में खेल रहा था तभी उनकी बॉल टकरा जाती है एक लड़के से।
रमेश - भाई मेरी बॉल दे दे
राजेश - क्या नाम है बे तेरे पहले इधर देखा नहीं
"वीर नाम है मेरा" उस लड़के ने कहा
वीर - अभी नया नया आया हूं, गांव में
राजेश - कहा रहता है
वीर - यही जंगल मैं अकेला
राजेश - कोई नही आज से हमारे साथ रह लेना
तभी वीर कहता है ये जंगल मैं कोई आंटी मार गई ना
रमेश - हा बहुत रोकड़ा है उनके पास सारी उनकी बेटी के नाम रोशनी आंटी थी वो पता नहीं कौन लोग थे वो बेचारी को मार गया
ऐसे ही वो लोग बात करते करते घर चले गया और देखते देखते ही तीनो की दोस्ती गहरी होती है।
तभी वीर एक दिन बाहर घूम रहा था तभी उसे सामने से साक्षी और तनु बैठी हुई दिखाई दी और वो उन्हें ही घूरने लगा
तभी उसकी नज़र राजेश पर पड़ती है जो एक पेड़ पर बैठ कर उसी को देख रहा था।
राजेश - यहा क्या कर रहा है तू
वीर - कूच भी तो नहीं नही
राजेश - कुछ ज्यादा ही साक्षी और तनु के पास नही बतकता तू
वीर - वो वो मैं मेरा कुछ काम है
राजेश - चल ठीक है मैं तेरा साथ दूंगा बदले मैं मुझे जायदाद चहिए बस
वीर - ठीक है लेकिन तू मुझसे कभी कुछ नही पूछेगा ।
राजेश - ठीक है
तभी उन दोनो की नज़र अंजली पर पड़ जाती है और वीर उसे देखता ही रह जाता है सेम टू सेम तनु की कॉपी
राजेश - अबे ये जमीनदार की बेटी है, लेकिन राज की बात है ये लड़की तनु की बहन है
राजेश - बस राज है कभी पूछियो मत
वीर उसे देखता हुआ कहता है मेरा प्लान पूरा होने में तू मदद करेगी
वीर - तुझे जायदाद चहिए ना
राजेश - हा
तभी वीर उससे कुछ कहता है और राजेश हस देता है और कहता है "तू तो पक्का कामिना है बे"
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इधर अंजली और रूही का शहर जाने का टाइम हो गया था जिस बस से वो जा रही थी उसी बस से रोहित भी जा रहा था।
अंजली - तुम कुछ बोलते क्यों नहीं रोहित बोलने के पैसे लगते है क्या
रोहित - नहीं मम्मी कहती हैं, किसी से बात नही करना चहिए मुझे बस पैसे कमाने है और खुद को कामयाब बना कर बहन को अच्छा से पालना है
तभी अंजली हस्ती हुई कुछ कहती उसके पहले कोई अंजली को कहता है "क्या मैं इधर बैठ सकता हूं"
अंजली कुछ कहती उसके पहले अंजली के साथ एक आदमी बोलता है पीछे बैठ जा इतनी सीट खाली है
ऐसे ही अंजली और रूही कॉलेज आ गई और धीरे धीरे वीर ऐसे ही उसके करीब आने की कोशिश करता लेकिन अंजली हमेशा रोहित के साथ रहती।
एक दिन अंजली उधर बैठी थी अकेला कॉलेज में तभी उधर वीर उसके बगल में बैठ जाता है और कहता है "अगर महारानी आपकी आज्ञा हो तो हम आपको कुछ कह सकते है"
अंजली - ही ही ही ही बिलकुल कह सकती है आप
वीर - मैं लड़का हूं यार
अंजली - वैसे आज आपकी इच्छा पूरी हो गई है ना हमे अकेला पा कर
वीर - हा सालो की इच्छा पूरी हुई मेरी
अंजली - चलो बताओ फिर क्या काम है , जो सालो से परेशान हो
वीर - वो मैं
तभी वहा खुदते हुआ अचनक से रूही आ जाती है और कहती है "चलो मेरा साथ मैं कुछ दिखाती हूं"
अंजली - अरे उसे बोलने तो दे
वीर - तू कौन
रूही - मैं इसकी पत्नी हूं, अब बागो यह से
वीर - ये बहनचोद कहा से आ गई ये तो कॉलेज में थी क्लास मैं।
तभी उन दोनो के जाने के बाद राजेश बोलता है सीसे का था दिल मेरा पत्थर का जमाना था
वीर - राजेश अब पानी सर से ऊपर जा चुका है
राजेश - मतलब
वीर कुछ नही अब तू देखना
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रोहित अपने रूम में सोया था तभी उसे कॉल आती है।
रोहित - हेलो
"हेलो हमारी बात रोहित से हो रही है"
रोहित - जी
"सर आपकी जॉब लग गई है, आपको आपकी फैमिली सहित रहने के लिए क्वार्टर भी दिया जाएगा"
रोहित उससे जॉब की सारी डिटेल निकलवा लेता है और अपनी फैमिली के साथ वही निकल जाता है।
कुछ दिन बाद रोहित उस जगह आ जाता है और अपनी छोटे भाई को एक एड्रेस देता है वही आने को।
रोहित मम्मी - बेटा ये तो बहुत बडी बिल्डिंग है, लेकिन शायद ये अभी बनी नहीं है।
अजय (रोहित का छोटा भाई) - चलो ना ऊपर चलने को बोला है
दोनो ऊपर जाते है तो ऊपर कोई नही होता है तभी उनकी नज़र रोहित पर पड़ती है जो एक दम कोने बेहोश पड़ा होता है और उसकी हालत खराब होती है।
वो जैसे ही उस कोने में जाते है एक आदमी जो वही खड़ा था उन्हें उधर ही धकेल देता है।
और काफी टाइम बाद रोहित बेहोसी की हालत से बाहर आता है तो उसके सामने एक लड़की खड़ी होती है।
रोहित - ये कैसा मजाक है, तुमने मुझे क्यो बुलाया यह
लड़की - अबे मैं खुद मरने आई हूं, तुम्हे क्यों बुलाऊँगी
रोहित कुछ नहीं बोलता तभी उसे अहसास होता है और वो नीचे झांकता है तो चिल्ला देता है नहीं
रोहित - मां मां मां , भाई भाई भाई
लड़की आगे जा कर उसके कंधे पर हाथ रख देती है और कहती है ये दुनिया है यहां ऐसा ही होता है कोई अपना नहीं होता
रोहित - मैने किसी का क्या बिगाड़ा था , मैने तो इस दुनिया मैं कभी किसी से राबता नही रखा
लड़की - रोना बंद करो पहले तभी तो आगे कुछ करोगे,
रोहित रोते रोते उस लड़की को जकड़ लेता है, वो लड़की रोहित की बाहों मैं होती है और अपना फोन निकल कर फेक देती है, और रोहित को जकड़ लेती है।
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उस दिन के बाद से रोहित कभी नही दिखा लेकिन उसके कारनामे पुरे शहर में फैलने लगे , पैसों के लिए जान लेना उसका पेसा बन गया , और उस लड़की जिसने रोहित को उस टाइम सभला था , वो थी पल्लवी।
पल्लवी - रोहित मैने तुम्हारा दिया गया नंबर ट्रेस किया ये किसी वीर के नाम है।
रोहित - वीर,वीर,वीर ही ही ही ही ही कब तक बचोगे बच्चू
पल्लवी - वो वो एक .......
रोहित - ये क्या बकवास है
पल्लवी - अभी यही अच्छा है रोहित की हम सही टाइम का इंतजार करे, तुमने कभी कुछ बुरा नही किया है तो अभी भी मत करो।
रोहित - क्यू क्यों किया उसने ऐसा क्यों मैने क्या बिगाड़ा था किसी का, और वो खुद एक xxxxx है।
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इधर रोहित की गैर मौजूदगी में अंजली और वीर करीब आते जा रहा थे।
वीर - क्यो ना हम सगाई कर ले क्यों।
अंजली - ठीक है, गांव चल कर पिता श्री से बात करेंगे।
इधर वीर उसके पास से हो कर रमेश और राजेश के पास आता है और कहता है प्लान शुरू करो।
इधर वो सभी गांव आ गए और शादी की तैयारी शुरू हो गई।
और मौके पर रमेश और राजेश निकल गया और वीर की शादी दोनो से हो गई।
इधर अंजली जब ये सुनती है तो पैर पटकते हुए अपना पापा के पास जाति है और कहती है ये सब आप क्यों करवा रहे है।
जमींदार - बेटी तनु तेरी बहन है, सगी और इसीलिए ये सब मुझे करवाना पड़ रहा है।
ये सुन कर अंजली वही फुट फूट कर रोने लगती है और अपनी बहन के लिए खुश हो कर ये घर छोड़ कर चली जाती है।
इधर सब कुछ होने के बाद जमींदार के घर आता है एक लड़का
जमीनदार - देखो तुम जो जो कहते थे , वो वो हो गया ना अब मेरी बेटी का पीछा छोड़ दो , सारी जमीन और हिस्सा तुमको दे दिया मेरी तनु और अंजली का पीछा
तभी वो लड़का हस्ते हुए निकल जाता है और बस गोलियों की आवाज़ आती है।
वही इन सब चीजों से अंजली एक दम सदमे में आ जाती है।
तभी अंजलि को रूही सभलती है और उसे सारी सचाई बताती है।
अंजली - तुझे कैसे पता, की ये वीर का काम है और किसी का नहीं।
रूही - में एक हैकर हूं, दीदी आप भूल गई क्या।
अंजली - मेरी वजह से पिता जी मारे गया।
रूही - नहीं इन सब की वजह है तनु और साक्षी का पास्ट वो दोनो कुछ गहरा राज छिपा रही है, लेकिन दीदी ये सब वीर भी नहीं कर रहा है उससे कोई और करवा रहा है।
अंजली - ये लड़का किसका है।
रूही - दीदी ये सड़क पर पड़ा था अनाथ था इसे मैं अपना नाम दूंगी।
रूही - ये लीजिए फोन और सारी बात तनु को बता दीजिए।
अंजली ने उसकी बात मान कर ठीक वैसा ही किया।
तनु ने पूरी बात सुनी तो वो अब और टूट चुकी थी उसका सब कुछ छीन लिया गया था , और दूसरी तरफ साक्षी हर दिन जिल्लत की जिंदगी जी रही थी।
उन दोनो को उनकी मां के एक वचन ने रोक रखा था, और ऐसे ही ज़िंदगी वो सब जी रही थी।
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वीर कार चला रहा था और एक जंगल मैं आ कर रुकता है जैसा जैसा तुम तुम कह रहे हो वैसा वैसा मैने किया।
आदमी - हा ठीक है जैसे बोलूं वैसा ही करने का अब जा यहां से और आज तनु के पास जा और ये दवाई मिला कर तनु को दे दे और उस चीज़ को मेरे पास लाओ।
वीर कार ले कर तनु के घर आ जाता है और तनु बेहोश भी हो जाती है लेकिन तनु की खुबसूरती देख कर वीर का मन डोल गया और उसने उसके साथ वो किया जिसके बाद उसे काव्या मिली।
इधर वीर को जिस काम के लिया भेजा गया था वो काम हुआ ही नहीं।
लेकिन उस रात से वीर के साथ अजीब अजीब से चीज होने लगी उसका लन्ड खड़ा होना बंद हो गया शरीर में एनर्जी कम होती चली जा रही थी और उसकी याददस्त कमजोर होती जा रही थी और उसका गले पर एक लाल निशान आ गया था।
और ये सब बात वीर के नोटिस करते ही उसने ये बात राजेश हो बताई।
राजेश - हमे जायदाद जल्दी से जल्दी ले लेनी चहिए अंजली की शादी करा के।
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अंजली उदास हो कर बैठी थी और कुछ काम कर रही थी तभी उसके पास रूही आ गई और कहती है "उदास मत हो मैने बहुत कुछ पता किया "
अंजली - तो अभी हमे क्या करना चाहिए
रूही - बताती हूं,सबसे पहले तो तुम्हे याद करना है मैं तुम्हारी वाइफ हूं
अंजालि - हा तो
तभी रूही उसे पकड़ कर के अपनी तरफ खीच लेती है और अपने होठ उसके होठ से मिला देती है
और धीरे धीरे दोनो के जिस्म से कपडे उतार जाता है।
रूही - अब ठीक है
अंजली - तूने ये अच्छा नहीं किया
रूही - क्या मतलब
अंजलि उसे एक थप्पड दे देती है और कहती बेहसर्म ऐसे करते हुए तुझे शर्म नहीं आई अपनी ही बहन के साथ मैं तो तुम्हे बहन मानती थी, आज के बाद अपनी सकल मत दिखाना।
रूही - तो इसमें मेरी क्या गलती अगर बचपन से मुझे आपने वाइफ वाइफ कह कर अपने करीब रखा और अब मैं ऐसी बन गई तो मुझे छोड़ दे रही हो
अंजली गुस्सा मैं निकल जाती है और जैसे ही वो बाहर जाती है रमेश उसे ले कर चला जाता है।
फिर काला साया आ जाता है और वीर की जगह sid आ जाता है और इससे इनका पूरा किया धरा बिगड़ जाता है।
और उस दिन से रूही और अंजली की कभी मुलाकात नही हुई।
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और फिर रमेश और अंजली इंडिया वापिस आ जाते है, और वीर के गांव आ जाते है जहा वीर रहता था।
और फिर शादी हुई और राजेश और रमेश पैसे लें कर कागजाद ले कर निकल गया।
(नोट - ये पार्ट आपने शुरूवात मैं पड़ा है इसीलिए ज्यादा डिपली नहीं लिखा)
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इधर शादी होने के बाद तनु अंजली के पास आती है और कहती है रूही कहा है।
अंजली -
तनु - उससे बात करो और बोलो राजेश और रमेश पर नज़र रखे और तुम वापिस सिटी जाओ और वीर का छुपा हुआ बिजनेस सभालो और अच्छा से नज़र रखो, कुछ गडबड ना हो, क्युकी मुझे शक है ये सब के पीछे वीर नही कोई था जो हमारे साथ हुआ पास्ट मैं इतनी जिल्लत हमे उठानी पड़ी।
अंजलि - हा कोई और है जो तुम्हे उस राज को हटीयाना चाहता है और उसका कनेक्शन रोशनी मां से है, लेकिन मैं वीर को मारना चाहती हूं।
तनु - ये वीर नही है कोई और है ।
अंजलि - में जा रही हूं , लेकिन तू अपना ख्याल रखना ।
तनु - में तो कबका मर गई हूं, अंजू बस एक जिंदा लाश हूं अब।
अंजली - मेरा सोच मेरा साथ कौन है हर कोई तो मेरा खिलाफ है
फिर अंजली वहा से निकल गई और रूही रमेश और राजेश और रोहित पर नजर बनाए रखी थी
और हर छोटी छोटी बात तनु से बताती उसने ही बताया था कि वीर पर कोई हमला करेगा।
अंजली - रूही
अंजली चिल्लाते हुआ सोच से बाहर आ जाती है।
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एक बड़ी सी बिल्डिंग में एक आदमी सिगरेट जलाते हुआ कहता है "तुम्हे क्या लगा अंजली तुम इतनी आसानी से मेरा खेल बिगाड़ लोगी , सालो पहले तो मेरा हो जाना चहिए था उसे लेकिन रोशनी ने तुम्हे बच्चा लिया, लेकिन अब मैं तुम्हे गेम बिगड़ने नही दूंगा"
हा हा हा हा हा मैने ही रोहित को बताया की उसके बेटे के मरने के पिछे कोई और नहीं तुम्हारा हाथ है, वीर तो एक प्यादा था मेरी जान , बाजी तो अभी शुरू हुई है।
रोहित के होते हुआ मुझे कुछ करने की जरुरत नहीं, विलन बनते नही उन्हें ये दुनिया खुद बनाती है , तुम बदल गया ना वीर लेकिन रोहित फिर भी तुम्हारी जान ले लेगा और उसके बाद तनु को उसे बहार निकलना पड़ेगा।
लेकिन मुझे ये समझ नही आ रहा आखिर उस रात ऐसा क्या हुआ की वीर तनु से डरने लगा।
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अंजली - रूही रूही, रूही रूही, मेरी रूही को छोड़ दो।
रोहित - ऐसे ही मेरा बेटा भी तड़प रहा होगा जब तूने उसे मारा होगा।
तभी रचना के एक गोली फायर की और वो गोली सीधे जा कर रूही के पैर में लग गई।
अंजली - मेरी बच्चू रूही हिम्मत रख तुम्हे कुछ नहीं होगा , क्यो मेरे पीछे पड़े हो हमने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है, हा हू मैं वीर की पत्नी इसलिए मुझे मारने आए हो, तुम।
रोहित - नही वीर का और मेरा मामला अलग है , वो हम एक दूसरे से निपटा लेंगे , वक्त आने पर क्युकी वीर के पीछे जो है उसे मरना पड़ेगा , लेकिन तुम अंजली तुमसे ये उम्मीद नहीं थी।
अंजली फुट फूट कर रो रही थी और रूही रूही कर रही थी।
रोहित - वीर को जब तक बचा सको, बचा लो।
अंजली - मैने तुम्हारा क्या बिगाड़ा था रोहित।
रोहित - क्यों मारा तूने मेरे बेटे को क्यो मैने तो तुम्हे और वीर को कुछ नहीं कहा , अपनी दुश्मनी के बौजुद भी कुछ नही कहा , क्युकी मुझे पता था वीर इतना घटिया इंसान है still तुम उसके साथ हो मतलब ये वीर हो ही नही सकता फिर तुमने मेरा बेटा को क्यो मारा।
अंजली - मैं तुमको अपना भाई बनाई, तुम्हारी मां को इज्जत दिलवाई , और तुम्हारे भाई को पढ़वाया और तुम कहते हो मैने तुम्हारे बेटे को मरवाया बहुत खूब रोहित अच्छा सिला दिया आपने।
रचना - कामिनी
तभी रोहित उसे रोक देता है और अंजली से कहता है ठीक है तुमने नहीं किया तो किसने किया फिर।
अंजली - हवस इंसान को खोखला कर देती है ऐसा कौन है, जो साक्षी और मेरे पीछे पड़ा हो, और किसे मेरे मरने से फायदा होगा।
रोहित - कुछ समझ नहीं आ रहा , लेकिन तुम जाओ और ध्यान रहे तुम्हरा सामना जिससे होगा और इस इंडिया का सबसे खूंखार आदमी है , मुझे इसके आलावा कुछ नही पता , और मैने वीर पर कोई हमला नहीं किया , मैने हमेशा केवल अपने खबरी भेजे है, जिन्हे कोई ना कोई मार दिया जो मुझे नहीं पता
अंजली - तो तुम ये क्यों कहते रमेश से ये तेरे आदमी है ,
रोहित - दहशत बनाने के लिय,तुम्हे हॉस्पिटल भेज देता हूं, ज्यादा खून नहीं बहा होगा रूही का।
रचना - मैं छोड़ दूंगी डैड
अंजली - मेरी नजरो से दूर हो जाओ सब के सब वर्ना अच्छा नहीं होगा, में तनु की बहन हूं , तनु की और वो आएगी
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इधर होटल में वीर तनु को अपनी गोद मैं बैठाया हुआ था की तभी उसके फोन पर एक मैसेज आता है, जिसे देख कर के तनु जल्दी से उठ जाती है और वीर को चलने के इशारा करती है, वीर कुछ कहता उसके पहले तनु जोर से चिल्ला देती है।
वीर तनु को गुस्से मैं देख कर डर जाता है और चुप चाप कार चलाने लगते है।
वीर कार ले कर एक घुमशुम घर पर आता है और तनु वीर का हाथ थाम कर अंदर ले जाती है और अंदर जाते ही अंजली बेहोश पड़ी होती है जो बहुत रोने के वजह से बेहोश हो गई थी।
तनु - ये लड़की कभी सुधर ही नही सकती, इसको बोलती हूं आम करती है इमली
वीर - बहन किसकी है
तनु - क्या बोला
वीर - केके कुछ नहीं
तभी तनु की नज़र रूही पर पड़ती है जिसका खून बहुत जा चुका था, तभी वो वीर के हाथ में अपने नाखून गड़ा देती है जिससे वीर बेहोश हो जाता है।
और फिर आधे घंटे बाद जब होश आता है अंजली को तो वो देखती है वो रूही की गोद मे पड़ी है
अंजली - रूही रूही रूही तू ठीक है वो उठ कर उसे गले लगा लेती है।
रूही - अरे मुझे क्या होगा , कौन सा मुझे गोली लगी थी
अंजली आंखे फाड़े रूही को घूर रही थी, और तभी उसकी नज़र तनु पर पड़ती है जो अपनी गोद मैं वीर का सर सहला रही थी उसे होश में लाने के लिए, जिस पर उसे बहुत प्यार आ रहा था, वीर चाहे जैसा भी हो वीर से वो बहुत प्यार करने लगी थी, हद से ज्यादा।
तनु मन मैं कहती है अभी सो रहा है उठेगा तोबच्चो जैसा हाल कर लेगा
मुंह फूला कर , ऊपर से गुस्सा करेगा।
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इन सब से दूर एक आदमी अपना फोन पटक देता है और कहता है पहले वीर का बाप और अब वीर और अब सारे पत्ते मेरे फेल क्यो हो जाते है
तभी वो कॉल कर के कहता है अपने आदमी से "जिस घर मैं वो है सब को उड़ा दो साक्षी को छोड़ कर"
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To be continued saara past cover kar diya.... Bas sakshi aur tanu ko chod kar.... Aur roshni waala part chodkar ..... Ye sab in dono ki side story hai....aur baaki dhere dhere aane jaan jaoge.....
And mera pc chal bsaisliya phone par tyep kar ke update de rha but ab se regularly aayga.... Kyuki main cheez yhi thi...
Baaki ab se acha updates aaynge.....pyare pyare jo samaj main aaye....