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Maine Aisa kab bola update ke liye bola gussa kyu ho raha hai
Koi baat nahinbro
Abe chodo beeti baat par miti daal...... Chill sab thik hai sab bhai hai apneMaine kab Tera mood bigada
Maine Aisa kab bola update ke liye bola gussa kyu ho raha hai
Koi baat nahinbro
Abe chodo beeti baat par miti daal...... Chill sab thik hai sab bhai hai apneMaine kab Tera mood bigada
Gussa mat hoyea kar Bhai hai apnaAbe chodo beeti baat par miti daal...... Chill sab thik hai sab bhai hai apne
Bahut hi badhiya update diya hai Ghost Rider ❣️ bhai....Update - 28
वीर की सिटी पीटी गुल हो चुकी थी और साक्षी और तनु के दूसरे की तरफ देख रही थी और स्माइल करते हुए बोली 1 बजे है 6 बजे तक टाइम हैं।
अब आगे----
तनु - वाह जी! आपको शॉक भी लगता है हमे तो पता नहीं था।
साक्षी - वैसे जानू बच गए थे, उस दिन आज कौन बचाएगा आपको।
तनु - ही ही ही ही अब मैं क्या करू पत्नियां है तुम्हारी ऐसे सरप्राइज़ मिलते रहेंगे।
वीर - ये ये ये बेड वैगरा तुमने सजाया
साक्षी - हा क्युकी मेरे पति जी को, सुहागरात माननी थी।
ये सुन कर वीर की नज़र दोनो पर पड़ती है दोनो एक से बडकर एक भरे हुए गदराये हुए बदन के मालिक सुंदरता और तीखे नैन नक्श दोनो को भर भर के दिए थे।
तभी तनु उठती है और साक्षी भी उठती है दोनो बड़ी ही सेक्सी अंदाज में चल कर वीर के पास आती है और तनु गेट बंद करने लगती है और साक्षी वीर के एकदम करीब खड़ी हो जाती है और कहती है सुहागरात माननी थी आपको घूर रहे थे जोड़े को तो कह देते हमसे।
वीर तनु के साथ तो कोम्फेटेबल था लेकिन साक्षी उसकी मां थी , जिससे वो बेहद प्यार करता था , लेकिन गभराहट वीर की जा नही रही थी, और वो साक्षी के लिए तड़प भी रहा था तभी वीर के पैर लड़खाते है और वो पिछे को होता है।
तभी पीछे से उसकों तनु पकड़ लेती है और साक्षी कहती है कब तक मेरी ब्रा और पैंटी खराब करोगे, अब तुम्हारी वाइफ खुद तुम्हे प्यार करेगी, तुम्हारा और मेरा साथ तो हमेशा का है बच्चू।
वीर कुछ कहता तभी साक्षी उसका हाथ थाम कर बेड पर ले कर चलने लगती है और तनु उसके पीछे पीछे वीर के दूसरा हाथ थाम कर बेड पर लाती है।
दोनो को ऐसे सजा और सवार देख कर वीर की सास तेज़ हो गई थी ऊपर से आज साक्षी के मौजूदगी उसे अहसास दिला रही थी।
साक्षी उसे बेड पर लिटा देती है और तनु और साक्षी एक दुसरे की तरफ हस्ते हुए देखती है और वीर की तरफ देखती है वीर ये तो समझ गया था की दोनो को आज कोई नहीं रोक सकता लेकिन तनु को वीर नजरो से देख रहा था।
तभी तनु हस्ते हुए कहती है पति जी आप की दोनो वाइफ तैयार है,सजी है, क्यो ऐसे ही हमसे शुरवात करना चाहते थे , ना अब हमे जी भर कर प्यार करना, वैसे भी आप हमारे हो और तनु स्माइल करते हुआ साक्षी को देखती है दोनो वीर को पा कर बहुत खुश थी, और अब वीर को इस प्यार की आदत डालनी पड़ेगी।
वीर कुछ बोलता उसके पहले तनु उसके फेस के पास फेस का कर उसकी आंखो में देखती है, और मौके का फ़ायदा उठा कर साक्षी उसके ऊपर आ कर लेट जाती है और उसके आधे शरीर पर कब्जा कर लेती है और उसका एक हाथ बहुत कस के अपने हाथ मैं दबा लेती है।
जिससे वीर की सास ही तेज हो जाती है, और वीर कुछ कहता उसके पहले उसके दूसरे तरफ उसके आधे शरीर पर तनु लेट जाती है, और उसका एक हाथ पकड़ लेती है।
और जैसे ही वीर को साक्षी और तनु के सीने के उबार अपने सीने पर फील हुआ उसकी सास एक बार अटक गई और वो अपनी आंखो से साक्षी की नजरो को देखने लगा।
तभी साक्षी कहती है "वैसे बात करना अच्छा नहीं लग रहा था, ऐसे ज्यादा अच्छा लग रहा है" और बोलते बोलते साक्षी एक हाथ से वीर के गले पर और होठ मैं उंगली फिराने लगती है।
वीर की सास तेज चलने लगी थी और तभी वीर का लन्ड साक्षी की नाभी पर फील होने लगा जिससे साक्षी की सास तेज चलने लगी, और वो भी तेजी से सास लेने लगी और वीर से कहती है इंतजार नहीं हो रहा तुमसे।
तभी तनु वीर की नजरो मैं देख रही थी और वीर के हाथ को बहुत कस के पकड़ लिया और वीर के गले पर अपने होठ रख दिए।
वही वीर को दोनो तरफ से हो रहे हमले बरदाश नहीं हो रहे थे, लेकिन उसे अच्छा तो बहुत लग रहा था।
तभी साक्षी अपने सीने वीर के सीने मैं गाड़ते हुए कहती है वैसे वो गलत छेद है, ये सुन कर वीर की सास अटक जाती है और साक्षी उसके होठ के करीब जाने लगी और धीरे से कामुक आवाज़ मैं कहती है वैसे पति और पत्नी की बेशर्मी जितनी ज्यादा हो प्यार उतना गहरा होता है, अभी तक आपने गुस्सा देखा है, अब प्यार देखने की बारी है।
तभी वीर अपना सर उधर कर लेता है जिससे उसके गले को पागलों की तरह चूम रही तनु के होठ अलग हो जाते है और तनु उसे घूरने लगती है और बच्चो की आवाज़ मैं कहती है " क्या कर रहे हो"
तभी तनु को एहसाह होता है की उसके बगल साक्षी भी मौजूद है जिससे वो वीर की नाक पकड़ कर हिलाती है और कहती है हाए जान अगर तुम्हारी 3 पत्नी जो बहार लेती है अगर वो ऐसे शरमाते हुए देख लेंगी ना तो वो तुम्हे खा जाएगी।
साक्षी - तनु जरा अलमारी से रस्सी लाओ ज़रा।
तनु - ही ही ही ही रुको लाती हूं।
वीर कुछ बोलता तभी साक्षी अब पूरा उसके ऊपर आ गई, और वीर की सास तेज़ हो गई, और साक्षी कहती है हिम्मत है तो बोल लो कुछ, मैं तुम्हारी वो साक्षी हूं , जिसके आगे तुम कुछ नहीं कर सकते।
और उसके बाद साक्षी वीर के मुंह के जस्ट सामने आ जाती है और वीर की गर्म सास उसे फील होने लगती है , और दोनो एक दूसरे को देख रहे थे, लेकिन तभी साक्षी उसके नाक के पास अपनी नाक लड़ा देती है और वीर की हालत खराब हो गई, बेशक उसने सेक्स पहले किया था लेकिन वो आज तीसरी बार सेक्स कर रहा था वो भी साक्षी के साथ जो उसकी पत्नी थी, अब बचपन से जिसे देखा था वो एहसाह वीर भूल नहीं पा रहा था।
तभी वीर को अपने हाथों मैं कुछ फील होता है तब तक साक्षी हंसते हुए कहती है," बहुत छटपटा रहे थे, ना अब तो आपके हाथ भी बांध दिए गए, अब आपके हाथ तब खुलेंगे जब हमे लगेगा।
वीर तनु और साक्षी का ये रूप देख कर मन ही मन खुश था, लेकिन ये रूप उसे बहुत हैरान भी कर रहा था, तो वो दोनो को अपनी टिमटिमाती आंखो से देखेंने लगा जिसे देखते ही तनु जो अपना जोड़ा सही कर रही थी, वो वीर के बाजू में आ कर लेट जाती है , और अपनी अल्पिन निकल देती है, और वीर की शर्ट तो पहले भी नही पहनी थी बस बनियान थी जिसे तनु ने फाड़ कर फेक दिया और अब वीर का बदन जिसमें 6 पैक ऊबर रहे थे, वो सामने आ जाता है।
वही साक्षी भी वीर के पास वापिस उसके आधे शरीर पर कब्ज़ा कर लेती है, और उसके होठ एकदम करीब आ जाती है , और वीर अपनी आखें बंद कर लेता है।
तभी वीर को हल्का से दर्द का अहसास होता है जिससे उसकी आह निकल जाती है, तभी वीर अपनी आंखो को खोलता है तो देखता है तनु उसे नोचने मैं मस्त थी, जिसकी सास भारी थी, होठ कांप रहे थे और उसके पूरे आधे सीने पर वो काट रही थी, और अपने होठ के और दातों के निशान छोड़ रही थी।
इस हमले से वीर की सास अटक गई थी लेकिन फिर भी वो ठीक था, लेकिन उसे तनु पर बहुत प्यार आ रहा था, और आता भी क्यू नहीं , साहब पहले ही मजा लूट चुके है, इसलिया तनु जानती थी उसे क्या करना है, और वीर को प्यार कर रही थी।
वीर को तभी अहसास हुआ की उसके दूसरे छोर पर उसके आधे शरीर पर साक्षी लटकी हुई, जिसकी ओर देखते ही वीर की सास चढ़ गई, और साक्षी अपने नाखून वीर के कंधे पर गड़ा दी, और उसके होठ के जस्ट बगल अपने होठ रख दी।
यह वीर पागल हुआ जा रहा था उसे एक नसीब ना हुई , आज दोनो उसे खाए जा रही है, इस दोहरे हमले से वीर की सास तेज़ थी।
वीर के हाथ बंधे हुए थे, और वीर कुछ नहीं कर सकता तभी साक्षी ने और तनु ने एक साथ हमला कर दिया।
साक्षी ने पहली बार अपने होठ वीर के होठ पर रख दिए और तनु ने अपने जिस्म वीर के जिस्म पर रख कर उसके शरीर से चिपक गई और अपने होठ वीर के गले पर रख और वीर के गाल से गाल सटा रही थी।
वही साक्षी वीर के होठ को चूमे पड़ी थी, और उसके होठ से होठ मिला कर वीर के जीभ से अपनी जीभ मिला रही चुकी थी , ये साक्षी की पहली किस थी , उसने पहली बार किसी को चूमा था साक्षी के रोम रोम हिल चुका था, उसकी मदहोशी से साफ पता चल रहा था।
तभी साक्षी ने अपने एक हाथ से वीर के गाल पर रखा और दूसरा हाथ वीर के कंधे पर और उसके होठ को काटना शुरू कर दिया जिसमें वीर ने उसका पूरा साथ दे रहा था।
वही दूसरी तरफ तनु वीर से इतना कस कर के चिपकी हुई थी की वीर के रोए भी खड़े हो चुके थे और वीर के आधे शरीर को अपनी लाल लिपस्टिक से लाल कर चुकी थी
तभी तनु की नज़र साक्षी पर पड़ती है तो वो हैरान हो गई थी क्युकी साक्षी इतनी हार्ड किस कर रही थी की वीर के होठ भी लाल हो गया थे, और उनमें हल्की सी सूजन थी।
तभी तनु को अपनी किस याद आ गई, वीर की अदा सेम टू सेम उसी के जैसे थी वीर ने उसके गाल और कंधे पकड़ कर ऐसी ही जोरदार किस करी थी तभी उसने कहा बाद मैं सोचूंगी ये सब ये कह कर वो साक्षी के पीछे एक थप्पड मारती है और उसकी चोटी खींच लेती है जिससे उसकी की रुक जाती है।
और किस के रुकते ही वीर थोड़ी तेज तेज सास लेते है और साक्षी मुंह बना कर तनु को देखती है जैसे उसकी पसंदीदा चीज किसी ने छीन ली।
साक्षी - क्या है
तनु - सास ले खुद भी और उसे भी रोज़ रात और दिन अब यही करना है, उसकी हालात भी देख कब से उसे पकड़ के उसे ही खाए जा रही थी।
तभी साक्षी सास लेती है और पानी का बॉटल से पानी पीती है और फिर से अपने मुंह में पानी भर लेती है और वीर को किस करते हुए पिलाने लगती है।
तभी साक्षी की नज़र वीर पर पड़ती है तो उसे हसी आ जाती है, वीर की आधी साइड लाल थी , और आधी साइड वाइड।
तभी साक्षी तनु को देखती है और तनु कहती है, मेरा छोड़ अपना देख तूने उसका पूरा मुंह लाल कर दिया है।
तभी दोनो एक दूसरे की तरफ देखती है और फिर वीर को देखती है और दोनो की लाल आंखें बहुत कुछ कह रही थी।
तभी वीर कहता है फिर होने वाला है मेरे साथ और वीर कहता है अरे मुझे 2 मिनट के लिए खोल दो बस 2 मिनट के लिए प्लीज।
तभी तनु उसके ऊपर लेट जाती है और साक्षी उसके बगल वापिस अपनी साइड और दोनो वीर को देखती हुई अपनी सास पकड़ते हुए बोलती है " जी नहीं खोलेंगे"
वीर - यार बस 2 मिनट।
तभी वीर की नजरो मैं देखती हुआ साक्षी कहती है क्या बात है
तनु - दर्द कर रहा है
तभी दोनो हस्ते हुए वीर के लन्ड की ओर देखती है और वीर अपनी आंख फाड़े फाड़े देख रहा था तभी साक्षी ने जींस का बैटन ओपन कर दिया और तेज से सास लेने लगी और तनु ने अपनी सास पकड़ते हुआ हस्ते हुआ अपने हाथ से वीर का लन्ड सेट किया और दोनो वापिस अपनी अपनी जगह पर आ गए।
तनु - अब ठीक है
साक्षी अब वापिस वीर के होठ वीर को कोने कोने चूमने लगती है और अब उसकी सास पूरी तरह से गर्म हो चुकी थी और इधर तनु का भी यही हाल था वो वीर के होठ को काट रही थी और ऊपर से वीर के जिस्म से खेल रही थी।
वीर की दोनो भरी हुई पत्नियां वीर को पूरा खा रही थी, इधर वीर की हालत बहुत खराब हो चुकी थी उसका बस चलता तो अब वो अभी के अभी दोनो को चोदना शुरू कर देता।
लेकिन वो ऐसे नही करना चाहता था क्युकी आज उसकी दोनो पत्नियां उसे धीरे धीरे प्यार कर रही थी, जैसा सुहागरात में होता है, लेकिन दोनो बहुत गरम हो चुकी थी , लेकिन वीर के हिस्से का काम तो वीर के बिना नही हो सकता था।
दोनो इतनी गरम थी की कुछ समझ नहीं आ रहा था साक्षी तेज से सास लेते हुए तनु को देखती है और वीर का लन्ड जो अब 90 डिग्री पर खड़ा था वो दोनो को चूब रहा था वीर और साक्षी के दूसरे को बहुत प्यारी भरी नज़र से देख रहे थे।
तभी वीर तनु की तरफ देखता है और तनु उसका हाथ खोल देती है, और जैसे ही वीर का हाथ छूटा तनु और साक्षी की दिल की धड़कन तेज हो गई।
तनु तो फिर भी ठीक थी, लेकिन साक्षी की ये सही मैं सुहागरात थी बेशक दोनो वीर से कही ज्यादा जानती थी , लेकिन वो भी वीर को पति मान कर आज से ही उसको अपना सब कुछ शॉप दी थी, लेकिन वो शर्म और हया उसके चेहरे पर आ रही थी।
तभी वीर आगे बढ़ा साक्षी का हाथ पकड़ कर के अपने सीने से लगा लिया, और उसकी कमर को जकड़ कर के उसे बहुत कस कर सट कर होठ से होठ मिला दिया, और दोनो के होठ से होठ मिलते ही, वीर ने साक्षी के जिस्म को मसलना शुरू कर दिया।
वही वीर के हाथ अब साक्षी की गांड़ पर गए जिससे साक्षी मदहोश होने लगी और तभी वीर ने अपना एक साथ साक्षी के चूची पर रख कर मसलना शुरू कर दिया।
इस दोहरे हमले से साक्षी बावली सी हो गई, और वीर ने बेड पर टेक लगा लिया और साक्षी के जिस्म पर अपनी छाप छोड़ने लगा इधर साक्षी इस दोहरे हमले से पागल हुए जा रही थी, अगर ऐसे ही चला तो वो पानी छोड़ देती।
इधर तनु बस चुप चाप इनके काम कीड़ा को देखने लगी, और तनु मन मैं कहती है ये रात साक्षी को ज्यादा प्यार मिलना चहिए उसे इसकी ज्यादा जरूरत है और वो आराम से बैठ गई।
इधर वीर अपनी किस तोड़ते हुए कहता है मैने इसके लिए बहुत वेट किया , फाइनली आज दोनो चीज एक साथ हुई आप भी हमारी सुहागरात भी, इधर वीर अब साक्षी को थोड़ा साइड कर देता है और उसको एक हाथ से हग किया हुआ था और उसी हाथ से उसके जिस्म को छेड़ रहा था।
इधर वीर एक साइड खाली थी , जिसे तनु अजीब नज़रों से देख रही थी की ये क्या कर रहा है , तभी वीर ने उसे अपनी ओर खींच लिया, और उसकी आंखो में देखेते हुए बोला "बच्चू आज हमारी सुहागरात है समझी, कोई सान पट्टी नही , दुनिया की नजरो मैं चाहे जो भी हो तुम दोनो मेरे नजरो मैं तो पत्नी ही रहोगी, और ऐसे कोने कोने क्यो बैठी थी, अब तो हर रोज आपको झेलना पड़ेगा, आप को तो पता ही है।
तभी तनु हस देती है और उसकी आखों में हल्की नमी थी, तभी वो वीर के गले लग जाती है और वीर उसे अलग कर के उसके होठ पर हमला कर देता है और एक हाथ से तनु की कमर और चूची बहुत जोर जोर से दबा रहा था और तनु वीर के हाथ को रोकने की कोशिश करती है।
तभी तनु को एक हाथ और अपनी कमर पर फील होता है, वो हिल नही पा रही थी की क्युकी वीर उसे पकड़ हुआ था तभी साक्षी के साथ से तनु की कमर सहलाते हुए, दूसरे हाथ से तनु के चूचों को दबा देती हैं उसकी भी पकड़ बहुत तेज थी।
इधर तनु की आंखे अब खुद बा खुद बंद होने लगी और तभी उसके ऊपर लटते हुए साक्षी उसके कान को मुंह में भर लेती है और अब तनु छटपटाने लगती है और वीर स्माइल करते हुए उसके होठ को छोड़ देता है।
तनु - तेरी आ आआ आआ आ तेरी बारी आने दे फिर बताऊंगी मैं इतने कस के निचोड़ा है तूने।
साक्षी - ही ही ही ही आदत डाल ले बन्नो।
तभी वीर एक बार और किस करना शुरू कर देता है, इस बार भी तनु ने साथ दिया और दोनो ने साक्षी और वीर ने बहुत कस के तनु को निचोड़ा जिससे तनु की आह ही निकल जा रही थी।
तभी तनु को सास लेने के लिए वीर ने छोड़ा तो तनु लुड़क गई और तकिया पर और अपना बदन सहलाते हुआ बोलती है रुक तुझे तो बताती हुं, उसकी नाक की बाली और कान के जमके, उसका जोड़ा सब उसकी प्यार की गवाई दे रहा था तभी साक्षी बोली जब ये मुझे निचोड़ रहा था तब तो तू चुप चाप आंखे सेक रही थी, जो हाल तनु का था वही हाल साक्षी का भी था।
इधर वीर ने अब साक्षी को देखा और उसकी आंखें मैं देखते हुए, उसे अपने ऊपर बैठा लिया और उसके कानो से झुमके उतारने लगा , और साक्षी इस एहसाह से सिहर सी उठी, और अगले ही पल फिर ने उसके दूसरे झुमके उतारने लगा , वो बस अपनी आखों को बंद कर के ये एहसास ले रही थी क्युकी उसे पता था अब क्या होने वाला है, तभी साक्षी ने अपनी आखों को खोला और देखा तो पाया कि वीर उसकी बाली खोल रहा है नाक की और उसके बालो से हटाते हुए मांग टीका निकल रहा है।
और अब साक्षी के बाल जो बंधे हुए थे, उसे हमेशा बंधे बाल पसन्द थे, वीर ने उसे खोल दिया और कहा "खुले बालो मैं अच्छी लगती हो"
साक्षी - ठीक है फिर आपकी जैसी मर्जी पति जी
फिर वीर साक्षी के गले पर से गहने उतारने शुरू कर दिए और साक्षी के सारे गहने उतर जाने के बाद वीर उसकी साड़ी का पल्लू भी हटा दिया , जिससे एक बार फिर साक्षी की नज़र चोड़ी हो गई और उसने साक्षी को उठा कर खड़ा किया और साक्षी की साड़ी खोल दी जिससे साक्षी अब ब्लाउज और पेटिकोट मैं रह गई थी, जिससे वो अपने लाल गाल लिए चुप चाप बेड पर बैठ गई एक दम कोने और मन ही मन इस feeling को जी रही थी, जिससे तनु हसने लगी और वीर ने अब तनु को अपनी बाहों में भर कर उसके गहने उतारने शुरू कर दिया जिसके अहसास से अब उसकी सिसक निकल आई , वही तनु के सारे गहने उतर जाने के बाद वो स्माइल करती हुई वीर को गले लगा दी, और वीर ने उसकी पतली सी कमर के थाम लिया और दोनो ऐसे ही खड़े रहे, और फिर साक्षी भी चुप चाप खड़ी हो कर दोनो के बीच घुस गई।
तभी साक्षी को वीर ने उठा कर बेड पर रख दिया और तनु ने अपनी साड़ी उतारनी शुरू कर दी और पेटीकोट और ब्लाउज मैं आ कर बेड पर बैठ गई।
तभी वीर ने साक्षी को लिटा कर अपना जींस उतार कर फेक दिया और साक्षी के ऊपर लेट गया जिससे साक्षी को अपनी चूत के ऊपर वीर का लन्ड गड़ने लगा इधर वीर बस उसे चूमे जा रहा था और ऊपर से साक्षी को चोदने लगा, जिससे साक्षी की सास अटक गई।
और तनु ने तभी वीर को एक चपत मारी जिससे वीर होश में आया और तनु साक्षी के होठ को चूमने लगी और वीर साक्षी के पेट को चूमने और उसका हाथ तनु की हिप्स पर थे और साक्षी बस आहे भर रही थी, और साक्षी इस मजे से अपनी आखें बंद कर ली और तनु ने उसके चूचों को दबनाना शुरू दिया और साक्षी आहे भरते हुए तनु को जकड़ लिया और तनु को जकड़ते ही दोनो के चूचों के मिलते ही दोनो की एक साथ आह निकल पड़ी।
और वीर ने साक्षी के ऊपर तिरछे लेते लेते तनु को पकड़ लिया और उसकी कमर को चूमना शुरू कर दिया, जिससे तनु पागल हुए जा रही थी, और तनु के साथ खेलने के बाद वीर वापिस साक्षी पर आता है और उसके पेटिकोट को खोल देता है जिससे साक्षी की सास तेज़ हो गई थी।
और वीर ने 2 सैकंड मैं साक्षी के पेटिकोट निकल दिया और ऊपर से तनु ने उसका ब्लाउज निकल दिया और साक्षी ने भी जल्दी से तनु का ब्लाउज उतार दिया।
क्युकी दोनो को नही पता था वीर कब किसके साथ क्या करे।
इधर वीर ने जैसे ही अपना मुंह साक्षी की झांग पर रखा साक्षी के पूरे शरीर में करंट दौड़ गया और इधर वीर के हाथ तनु के झाग से खेल रहे थे और उसकी गांड़ को दबा रहे थे तभी तनु के भी पेटीकोट वीर ने उतार दिए और अब साक्षी के ऊपर साइड आ कर वीर तनु और साक्षी के ऊपर आ गया और तीनो की सास बहुत तेज चल रही थी।
तभी वीर के दोनो हाथ दोनो के चूचों को दबाने मैं शुरू हो गए धीरे धीरे दोनो के ब्रा उतार गई।
ब्रा के गिरते ही साक्षी की आंखे बंद और हार्ट बीट तेज हो गई , और वीर के आखों के सामने जैसे ही साक्षी और तनु के चूचों दिखे वीर पागलों जैसे उन्हें काटना चूसना शुरू कर दिया और वीर के हर अहसास से इधर साक्षी और तनु दोनो की हालत खराब होती जा रही थी और ऊपर से तनु फिर भी कंट्रोल में थी लेकिन साक्षी की चूत पानिया गई थी।
इधर वीर के हाथ साक्षी और तनु के हाथ थाम रखे थे, और दोनो की हाथों से चूड़ियों की छन छन पूरे रूम में फेल गई थी।
तभी वीर ने तनु को इशारा किया और तनु साक्षी के ऊपर आ गई और आते ही तनु की पँटी उतार गई और अगले ही पल साक्षी की पूरी लाल हो गई और उसकी पँटी उतार गई और उसकी पैंटी उतरते ही तनु ने उसका हाथ बहुत जोर से थाम लिया जिसेसे तनु उसकी आंखो में देखती है और उसके होठ को नोचने लगती है।
इधर वीर ने अपना मुंह साक्षी की चूत पर रखते ही साक्षी सिहर उठी उसके हाथ तनु के हाथ में थे और वो छटपटा रही थी और तनु उसे पागलों जैसे चूमे जा रही थी
साक्षी - तनु तनु तनु
तनु - हा बाबा तुम्हारे पास हूं ना,
साक्षी - तनु उम्मम्मम्मम
तनु ने उसके होठ चूम लिएं जिससे वो कुछ ना कह सकी लेकिन तभी वीर साक्षी को छोड़ देता है और तनु की चूत पर अपना मुंह रख देता है जिससे तनु की आह निकलने वाली थी की साक्षी ने उसके होठ को थाम लिया, और उसके दोनो चूची को दबाने लगीं और दोनो इस कदर गर्म हो गई थी की दोनो को कुछ भी परवाह नहीं थी।
तभी तनु जो साक्षी के ऊपर लेटी हुई थी उसकी कमर और गांड़ पकड़ लेता है और जोरदार धक्का लगाते हुए वीर तनु की चूत में लन्ड उतार देता है और मौके पर ही साक्षी ने तनु का मुंह अपने मुंह में ले लिया, और एक हाथ से उसकी चूत सहलाने लगी।
तनु - शीट आआआआहह यारर थोडा आराम से aaaahahaa वीईईई वीर नही बच्चा जान आराम से ना आए कामिनी काट क्यो रही है।
साक्षी उसके होठ को अपने हाथ से बंद कर देती है और उसकी पीठ को एक हाथ से पकड़ लेती है और उसके चूचों को बारी बारी चूसने लगती है।
इधर तनु की सिसकारियां पूरे रूम मैं फेल गई थी और वो वीर को रुकने का बोल रही थी।
तभी साक्षी धीरे से उसकी ओर देख कर कहती है सारी दुनिया जिससे डरती है आज उसको एक लड़के ने परेशान कर दिया कहती थी ना मैं एक दिन ऐसे आएगा जब कोई तुम्हे प्यार से जोतेगा और तू खुद साथ देगी।
तनु - आआआहह्ह मम्मी ree थोड़ा धीरे यार पूरा जल रही है , कामिनी वो मेरे प्यार है उसी ने तो जीना सिखाया और तनु उसके होठ मैं होठ दे देती है और उसी टाइम वीर ने तनु की चूत से निकल कर साक्षी की चूत में डाल देता है जिससे साक्षी की चीख निकल जाती है।
साक्षी - आह्हह्हह आह्हह्हह्ह वीर वीर यार आह्हह्हशा उम्म उम्मम् धीरे आह।
साक्षी - आआआआहहह वीर आराम से आआहाह्ह ऐसे ही आआआहहहह उफ्फफ्फ तुमसे धीरे नही होता क्या तोड़ के रख देते हो यार हो यार दिन भर तो चुप रहते हो डाट खाते हो आआआआह मम्मी यार रात को हिम्मत इतनी आ जाती है
साक्षी - अह्हहहहह वीर मर जाऊंगी अब थोड़ा थड़ी रेस्ट दे दो थोडी देर के लिए रेस्ट दे दो आआआआआहहह यार
साक्षी की चीख सुन कर तनु उसके बाल सहलाने लगती है और वीर उठ जाता है
इधर साक्षी छूटते ही सोफे पर बैठ जाती है और उसी सोफे पर तनु के कंधे पकड़ कर वीर शुरू रहता है।
तनु - आह आराम से ऐसे ही दक्के लगाओ आआआआ येसस्सस्स yessss बेब आआआआहहह जान थोड़ा होले होले होले।
तनु - प्राण ही निकल लेते हो यार तुम , रात को तो पूरे फॉर्म में रहते हो आआ आआ
वीर - तुमसे कितना प्यार करता हूं
तनु - आआआआहहह उम्मम्म्म उम्मम्म्मम प्यार अरे प्यार तो मैं भी करती हूं बच्चा आहा , इस डायन की बारी अब छोड़ो मुझे हटो aaaaah दईया छोड़ दो यार थोड़ा सास लेने दो तोड़ कर रख देते हो।
तनु के छोड़ते ही वीर साक्षी की लेने लगता है और तनु साक्षी के चूत पर मुंह रख देती है।
साक्षी - आआआहहहह अहाशहहह वीर वीर fuck fuck fuck ohhhh goddddddd सस्ससास
साक्षी - यार वीर आआआहह्हह अहाहहह उम्मम्मम् तेज तेज तेज डक्के मारो आआ वीर वीर वीईईईईईईई बीयर
साक्षी का पूरा जिस्म अकड़ने लगा और जो झड़ने लगी थी।
साक्षी - यार अब छोड़ दो यार वाइफ हूं तुम्हारी थोड़ा रेस्ट दे दो हम दोनो को तुम तो रुक जाते हो बार बार हमारी चूत है मशीन नही बस थोड़ा रेस्ट।
तभी वीर साक्षी को दबा लेते है और उसके ऊपर लेट कर चोदने लगता है और उसके पूरे अंदर डाल देता है
और पूरा पानी साक्षी की चूत में निकल देता है।
साक्षी और तनु वीर के नीचे दबी रहती है और दोनो की चूत में वीर में एक एक बार पानी छोड़ दिया था।
साक्षी और तनु अपनी सास पकड़ रहे थे। दोनो की पिछले 1 घंटे लगातार चूदाई हो रही थी दोनो का शरीर जवाब दे गया था।
साक्षी - जब उसका पानी एक बार आ गया था, तो तूने दुबारा खड़ा क्यो करवाया डायन।
तनु - क्युकी मैं वीर को जानती हूं एक बार से उसका दिल नही भरता और 2 बार मैं 45 मिनट तक चला अब वो थक गया है तो रेस्ट करो , और गुस्सा मत हो।
साक्षी - क्यो गुस्सा से क्या हुआ
तभी साक्षी की नजर वीर के लन्ड पर पड़ती है जो वापिस खड़ा हो रहा था तभी साक्षी मासूम सी सकल बना कर कहती हैं समझ गई।
तनु - क्या समझी
साक्षी - जितना पसंदीदा पत्नी, उतनी उसकी ठोकाई होती है।
तभी साक्षी और तनु और वीर एक दूसरे को जकड़ कर लेट जाते है और 15 मिनट बाद साक्षी नोटिस करती है की उसे कुछ आवाज आ रही थी।
तभी वो देखती है की वीर तनु का मुंह दबाए उसे चोद रहा रहा था।
तनु - उम्मम्म्म इम्म्म यार आआआआह्हह्हह
तभी वीर अपना हाथ हटा देता है और तनु कहती है दिल नही भरता ना तुम्हारा।
वीर - तुमसे मेरे दिल भर जाएगा मजाक मत करो।
तभी तनु का बदन अकड़ने लगता है और वीर उसे पकड़े रहता है और तनु को झड़ने देते है।
तभी तनु को छोड़ कर वीर साक्षी के पास आता है और कहता है बस एक बार बार बस एक बार लास्ट बार प्लीज ना वाइफ
साक्षी - यार
तब तक साक्षी को वीर बड़ी सी तकिया पर टिका देता है और उसकी दमदार चूदाई शुरू कर देता है।
साक्षी का तो दिमाग ही हिल गया इतना तेज तेज दकके वीर लगा रहा था और उसके गाल पूरे लाल लाल थे, आज उसका पति उसकी ऐसी दमदार चूदाई कर रहा था की उसे दर्द और मजा का मिला जुला अहसास हो रहा था।
तभी वीर झड़ने को आता है और दोनो एक साथ झड़ जाते है और वीर साक्षी और तनु एक दुसरे के ऊपर पड़े हुए थे, और तनु कहती है मजा आई सुहागरात को।
साक्षी - हा बहुत ज्यादा ही ही ही पूरा शरीर दर्द कर रहा है लेकिन फिर भी धीरे धीरे जगह बन जाएगी तो मजा ही मजा आएगा वैसे भी इतना प्यार पति है
तनु - गुड और एक राज की बात बता
साक्षी - क्या
तनु - ये सुहागरात ना भी होती तो भी इतनी चूदाई होती तुम्हारीबस ये एक्स्ट्रा राउंड नही लगता लास्ट वाला , और अब आदत डाल लो कभी भी साड़ी उठानी पड़ जा
ये सुन कर साक्षी हसने लगती है और कहती है हम दोनो को पूरा निचोड़ दिया है या
तनु - यार पूरा शरीर दर्द कर रहा है , हाए वैसे बहुत प्यार करता है हम सब से मुझे इस बात की खुशी है, मैं क्या हूं इससे इसे फरक नही पड़ता
साक्षी - हा कहता है मुझसे एक दिन तुम और तनु साथ रहो मेरे बस बाकी खुश रखने की जिमेदारी मेरी है
तनु - प्यार जीता है इसने हम सब का मेरे लिया इतना कुछ कर रहा है प्रोमिस वीर तुम्हे कभी उदास नही होने दूंगी बस थोड़ा गुस्सा वाली हूं मैं, इस लिया बहक जाती हूं
साक्षी - तुम्हे लगता है तुम्हारे गुस्सा से उसे फर्क पड़ता है वो गुस्से मैं भी तुम्हे वाइफ समझता है, और तुम्हारे साथ रहना चाहते
तनु - बहुत प्यार करता है और ये अजीब ही है देखो इस
तभी दोनो की नज़र वीर पर पड़ती है जो नींद मैं भी दोनो को चिपकाए हुआ था, और साक्षी और तनु को नींद मैं ही धुड़ रहा था
उसकी इस हरकत पर दोनो हसने लगी और तनु एक थप्पड मारती है वीर के सर पर जिससे वीर कुनमुना जाता है और दोनो को जकड़ लेता
और दोनो हस्ते हुआ उसे सहलाने लगती है और कब सो जाती है पता ही नही चलता
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Ye shuagraat ka laat updated tha isliye bahut time laga main esa ache se finish karna chahta tha..... Aur update ki length bahut badi hai... Khair chodo yar koi fayada nhi batane ka
Fantastic updateUpdate - 28
वीर की सिटी पीटी गुल हो चुकी थी और साक्षी और तनु के दूसरे की तरफ देख रही थी और स्माइल करते हुए बोली 1 बजे है 6 बजे तक टाइम हैं।
अब आगे----
तनु - वाह जी! आपको शॉक भी लगता है हमे तो पता नहीं था।
साक्षी - वैसे जानू बच गए थे, उस दिन आज कौन बचाएगा आपको।
तनु - ही ही ही ही अब मैं क्या करू पत्नियां है तुम्हारी ऐसे सरप्राइज़ मिलते रहेंगे।
वीर - ये ये ये बेड वैगरा तुमने सजाया
साक्षी - हा क्युकी मेरे पति जी को, सुहागरात माननी थी।
ये सुन कर वीर की नज़र दोनो पर पड़ती है दोनो एक से बडकर एक भरे हुए गदराये हुए बदन के मालिक सुंदरता और तीखे नैन नक्श दोनो को भर भर के दिए थे।
तभी तनु उठती है और साक्षी भी उठती है दोनो बड़ी ही सेक्सी अंदाज में चल कर वीर के पास आती है और तनु गेट बंद करने लगती है और साक्षी वीर के एकदम करीब खड़ी हो जाती है और कहती है सुहागरात माननी थी आपको घूर रहे थे जोड़े को तो कह देते हमसे।
वीर तनु के साथ तो कोम्फेटेबल था लेकिन साक्षी उसकी मां थी , जिससे वो बेहद प्यार करता था , लेकिन गभराहट वीर की जा नही रही थी, और वो साक्षी के लिए तड़प भी रहा था तभी वीर के पैर लड़खाते है और वो पिछे को होता है।
तभी पीछे से उसकों तनु पकड़ लेती है और साक्षी कहती है कब तक मेरी ब्रा और पैंटी खराब करोगे, अब तुम्हारी वाइफ खुद तुम्हे प्यार करेगी, तुम्हारा और मेरा साथ तो हमेशा का है बच्चू।
वीर कुछ कहता तभी साक्षी उसका हाथ थाम कर बेड पर ले कर चलने लगती है और तनु उसके पीछे पीछे वीर के दूसरा हाथ थाम कर बेड पर लाती है।
दोनो को ऐसे सजा और सवार देख कर वीर की सास तेज़ हो गई थी ऊपर से आज साक्षी के मौजूदगी उसे अहसास दिला रही थी।
साक्षी उसे बेड पर लिटा देती है और तनु और साक्षी एक दुसरे की तरफ हस्ते हुए देखती है और वीर की तरफ देखती है वीर ये तो समझ गया था की दोनो को आज कोई नहीं रोक सकता लेकिन तनु को वीर नजरो से देख रहा था।
तभी तनु हस्ते हुए कहती है पति जी आप की दोनो वाइफ तैयार है,सजी है, क्यो ऐसे ही हमसे शुरवात करना चाहते थे , ना अब हमे जी भर कर प्यार करना, वैसे भी आप हमारे हो और तनु स्माइल करते हुआ साक्षी को देखती है दोनो वीर को पा कर बहुत खुश थी, और अब वीर को इस प्यार की आदत डालनी पड़ेगी।
वीर कुछ बोलता उसके पहले तनु उसके फेस के पास फेस का कर उसकी आंखो में देखती है, और मौके का फ़ायदा उठा कर साक्षी उसके ऊपर आ कर लेट जाती है और उसके आधे शरीर पर कब्जा कर लेती है और उसका एक हाथ बहुत कस के अपने हाथ मैं दबा लेती है।
जिससे वीर की सास ही तेज हो जाती है, और वीर कुछ कहता उसके पहले उसके दूसरे तरफ उसके आधे शरीर पर तनु लेट जाती है, और उसका एक हाथ पकड़ लेती है।
और जैसे ही वीर को साक्षी और तनु के सीने के उबार अपने सीने पर फील हुआ उसकी सास एक बार अटक गई और वो अपनी आंखो से साक्षी की नजरो को देखने लगा।
तभी साक्षी कहती है "वैसे बात करना अच्छा नहीं लग रहा था, ऐसे ज्यादा अच्छा लग रहा है" और बोलते बोलते साक्षी एक हाथ से वीर के गले पर और होठ मैं उंगली फिराने लगती है।
वीर की सास तेज चलने लगी थी और तभी वीर का लन्ड साक्षी की नाभी पर फील होने लगा जिससे साक्षी की सास तेज चलने लगी, और वो भी तेजी से सास लेने लगी और वीर से कहती है इंतजार नहीं हो रहा तुमसे।
तभी तनु वीर की नजरो मैं देख रही थी और वीर के हाथ को बहुत कस के पकड़ लिया और वीर के गले पर अपने होठ रख दिए।
वही वीर को दोनो तरफ से हो रहे हमले बरदाश नहीं हो रहे थे, लेकिन उसे अच्छा तो बहुत लग रहा था।
तभी साक्षी अपने सीने वीर के सीने मैं गाड़ते हुए कहती है वैसे वो गलत छेद है, ये सुन कर वीर की सास अटक जाती है और साक्षी उसके होठ के करीब जाने लगी और धीरे से कामुक आवाज़ मैं कहती है वैसे पति और पत्नी की बेशर्मी जितनी ज्यादा हो प्यार उतना गहरा होता है, अभी तक आपने गुस्सा देखा है, अब प्यार देखने की बारी है।
तभी वीर अपना सर उधर कर लेता है जिससे उसके गले को पागलों की तरह चूम रही तनु के होठ अलग हो जाते है और तनु उसे घूरने लगती है और बच्चो की आवाज़ मैं कहती है " क्या कर रहे हो"
तभी तनु को एहसाह होता है की उसके बगल साक्षी भी मौजूद है जिससे वो वीर की नाक पकड़ कर हिलाती है और कहती है हाए जान अगर तुम्हारी 3 पत्नी जो बहार लेती है अगर वो ऐसे शरमाते हुए देख लेंगी ना तो वो तुम्हे खा जाएगी।
साक्षी - तनु जरा अलमारी से रस्सी लाओ ज़रा।
तनु - ही ही ही ही रुको लाती हूं।
वीर कुछ बोलता तभी साक्षी अब पूरा उसके ऊपर आ गई, और वीर की सास तेज़ हो गई, और साक्षी कहती है हिम्मत है तो बोल लो कुछ, मैं तुम्हारी वो साक्षी हूं , जिसके आगे तुम कुछ नहीं कर सकते।
और उसके बाद साक्षी वीर के मुंह के जस्ट सामने आ जाती है और वीर की गर्म सास उसे फील होने लगती है , और दोनो एक दूसरे को देख रहे थे, लेकिन तभी साक्षी उसके नाक के पास अपनी नाक लड़ा देती है और वीर की हालत खराब हो गई, बेशक उसने सेक्स पहले किया था लेकिन वो आज तीसरी बार सेक्स कर रहा था वो भी साक्षी के साथ जो उसकी पत्नी थी, अब बचपन से जिसे देखा था वो एहसाह वीर भूल नहीं पा रहा था।
तभी वीर को अपने हाथों मैं कुछ फील होता है तब तक साक्षी हंसते हुए कहती है," बहुत छटपटा रहे थे, ना अब तो आपके हाथ भी बांध दिए गए, अब आपके हाथ तब खुलेंगे जब हमे लगेगा।
वीर तनु और साक्षी का ये रूप देख कर मन ही मन खुश था, लेकिन ये रूप उसे बहुत हैरान भी कर रहा था, तो वो दोनो को अपनी टिमटिमाती आंखो से देखेंने लगा जिसे देखते ही तनु जो अपना जोड़ा सही कर रही थी, वो वीर के बाजू में आ कर लेट जाती है , और अपनी अल्पिन निकल देती है, और वीर की शर्ट तो पहले भी नही पहनी थी बस बनियान थी जिसे तनु ने फाड़ कर फेक दिया और अब वीर का बदन जिसमें 6 पैक ऊबर रहे थे, वो सामने आ जाता है।
वही साक्षी भी वीर के पास वापिस उसके आधे शरीर पर कब्ज़ा कर लेती है, और उसके होठ एकदम करीब आ जाती है , और वीर अपनी आखें बंद कर लेता है।
तभी वीर को हल्का से दर्द का अहसास होता है जिससे उसकी आह निकल जाती है, तभी वीर अपनी आंखो को खोलता है तो देखता है तनु उसे नोचने मैं मस्त थी, जिसकी सास भारी थी, होठ कांप रहे थे और उसके पूरे आधे सीने पर वो काट रही थी, और अपने होठ के और दातों के निशान छोड़ रही थी।
इस हमले से वीर की सास अटक गई थी लेकिन फिर भी वो ठीक था, लेकिन उसे तनु पर बहुत प्यार आ रहा था, और आता भी क्यू नहीं , साहब पहले ही मजा लूट चुके है, इसलिया तनु जानती थी उसे क्या करना है, और वीर को प्यार कर रही थी।
वीर को तभी अहसास हुआ की उसके दूसरे छोर पर उसके आधे शरीर पर साक्षी लटकी हुई, जिसकी ओर देखते ही वीर की सास चढ़ गई, और साक्षी अपने नाखून वीर के कंधे पर गड़ा दी, और उसके होठ के जस्ट बगल अपने होठ रख दी।
यह वीर पागल हुआ जा रहा था उसे एक नसीब ना हुई , आज दोनो उसे खाए जा रही है, इस दोहरे हमले से वीर की सास तेज़ थी।
वीर के हाथ बंधे हुए थे, और वीर कुछ नहीं कर सकता तभी साक्षी ने और तनु ने एक साथ हमला कर दिया।
साक्षी ने पहली बार अपने होठ वीर के होठ पर रख दिए और तनु ने अपने जिस्म वीर के जिस्म पर रख कर उसके शरीर से चिपक गई और अपने होठ वीर के गले पर रख और वीर के गाल से गाल सटा रही थी।
वही साक्षी वीर के होठ को चूमे पड़ी थी, और उसके होठ से होठ मिला कर वीर के जीभ से अपनी जीभ मिला रही चुकी थी , ये साक्षी की पहली किस थी , उसने पहली बार किसी को चूमा था साक्षी के रोम रोम हिल चुका था, उसकी मदहोशी से साफ पता चल रहा था।
तभी साक्षी ने अपने एक हाथ से वीर के गाल पर रखा और दूसरा हाथ वीर के कंधे पर और उसके होठ को काटना शुरू कर दिया जिसमें वीर ने उसका पूरा साथ दे रहा था।
वही दूसरी तरफ तनु वीर से इतना कस कर के चिपकी हुई थी की वीर के रोए भी खड़े हो चुके थे और वीर के आधे शरीर को अपनी लाल लिपस्टिक से लाल कर चुकी थी
तभी तनु की नज़र साक्षी पर पड़ती है तो वो हैरान हो गई थी क्युकी साक्षी इतनी हार्ड किस कर रही थी की वीर के होठ भी लाल हो गया थे, और उनमें हल्की सी सूजन थी।
तभी तनु को अपनी किस याद आ गई, वीर की अदा सेम टू सेम उसी के जैसे थी वीर ने उसके गाल और कंधे पकड़ कर ऐसी ही जोरदार किस करी थी तभी उसने कहा बाद मैं सोचूंगी ये सब ये कह कर वो साक्षी के पीछे एक थप्पड मारती है और उसकी चोटी खींच लेती है जिससे उसकी की रुक जाती है।
और किस के रुकते ही वीर थोड़ी तेज तेज सास लेते है और साक्षी मुंह बना कर तनु को देखती है जैसे उसकी पसंदीदा चीज किसी ने छीन ली।
साक्षी - क्या है
तनु - सास ले खुद भी और उसे भी रोज़ रात और दिन अब यही करना है, उसकी हालात भी देख कब से उसे पकड़ के उसे ही खाए जा रही थी।
तभी साक्षी सास लेती है और पानी का बॉटल से पानी पीती है और फिर से अपने मुंह में पानी भर लेती है और वीर को किस करते हुए पिलाने लगती है।
तभी साक्षी की नज़र वीर पर पड़ती है तो उसे हसी आ जाती है, वीर की आधी साइड लाल थी , और आधी साइड वाइड।
तभी साक्षी तनु को देखती है और तनु कहती है, मेरा छोड़ अपना देख तूने उसका पूरा मुंह लाल कर दिया है।
तभी दोनो एक दूसरे की तरफ देखती है और फिर वीर को देखती है और दोनो की लाल आंखें बहुत कुछ कह रही थी।
तभी वीर कहता है फिर होने वाला है मेरे साथ और वीर कहता है अरे मुझे 2 मिनट के लिए खोल दो बस 2 मिनट के लिए प्लीज।
तभी तनु उसके ऊपर लेट जाती है और साक्षी उसके बगल वापिस अपनी साइड और दोनो वीर को देखती हुई अपनी सास पकड़ते हुए बोलती है " जी नहीं खोलेंगे"
वीर - यार बस 2 मिनट।
तभी वीर की नजरो मैं देखती हुआ साक्षी कहती है क्या बात है
तनु - दर्द कर रहा है
तभी दोनो हस्ते हुए वीर के लन्ड की ओर देखती है और वीर अपनी आंख फाड़े फाड़े देख रहा था तभी साक्षी ने जींस का बैटन ओपन कर दिया और तेज से सास लेने लगी और तनु ने अपनी सास पकड़ते हुआ हस्ते हुआ अपने हाथ से वीर का लन्ड सेट किया और दोनो वापिस अपनी अपनी जगह पर आ गए।
तनु - अब ठीक है
साक्षी अब वापिस वीर के होठ वीर को कोने कोने चूमने लगती है और अब उसकी सास पूरी तरह से गर्म हो चुकी थी और इधर तनु का भी यही हाल था वो वीर के होठ को काट रही थी और ऊपर से वीर के जिस्म से खेल रही थी।
वीर की दोनो भरी हुई पत्नियां वीर को पूरा खा रही थी, इधर वीर की हालत बहुत खराब हो चुकी थी उसका बस चलता तो अब वो अभी के अभी दोनो को चोदना शुरू कर देता।
लेकिन वो ऐसे नही करना चाहता था क्युकी आज उसकी दोनो पत्नियां उसे धीरे धीरे प्यार कर रही थी, जैसा सुहागरात में होता है, लेकिन दोनो बहुत गरम हो चुकी थी , लेकिन वीर के हिस्से का काम तो वीर के बिना नही हो सकता था।
दोनो इतनी गरम थी की कुछ समझ नहीं आ रहा था साक्षी तेज से सास लेते हुए तनु को देखती है और वीर का लन्ड जो अब 90 डिग्री पर खड़ा था वो दोनो को चूब रहा था वीर और साक्षी के दूसरे को बहुत प्यारी भरी नज़र से देख रहे थे।
तभी वीर तनु की तरफ देखता है और तनु उसका हाथ खोल देती है, और जैसे ही वीर का हाथ छूटा तनु और साक्षी की दिल की धड़कन तेज हो गई।
तनु तो फिर भी ठीक थी, लेकिन साक्षी की ये सही मैं सुहागरात थी बेशक दोनो वीर से कही ज्यादा जानती थी , लेकिन वो भी वीर को पति मान कर आज से ही उसको अपना सब कुछ शॉप दी थी, लेकिन वो शर्म और हया उसके चेहरे पर आ रही थी।
तभी वीर आगे बढ़ा साक्षी का हाथ पकड़ कर के अपने सीने से लगा लिया, और उसकी कमर को जकड़ कर के उसे बहुत कस कर सट कर होठ से होठ मिला दिया, और दोनो के होठ से होठ मिलते ही, वीर ने साक्षी के जिस्म को मसलना शुरू कर दिया।
वही वीर के हाथ अब साक्षी की गांड़ पर गए जिससे साक्षी मदहोश होने लगी और तभी वीर ने अपना एक साथ साक्षी के चूची पर रख कर मसलना शुरू कर दिया।
इस दोहरे हमले से साक्षी बावली सी हो गई, और वीर ने बेड पर टेक लगा लिया और साक्षी के जिस्म पर अपनी छाप छोड़ने लगा इधर साक्षी इस दोहरे हमले से पागल हुए जा रही थी, अगर ऐसे ही चला तो वो पानी छोड़ देती।
इधर तनु बस चुप चाप इनके काम कीड़ा को देखने लगी, और तनु मन मैं कहती है ये रात साक्षी को ज्यादा प्यार मिलना चहिए उसे इसकी ज्यादा जरूरत है और वो आराम से बैठ गई।
इधर वीर अपनी किस तोड़ते हुए कहता है मैने इसके लिए बहुत वेट किया , फाइनली आज दोनो चीज एक साथ हुई आप भी हमारी सुहागरात भी, इधर वीर अब साक्षी को थोड़ा साइड कर देता है और उसको एक हाथ से हग किया हुआ था और उसी हाथ से उसके जिस्म को छेड़ रहा था।
इधर वीर एक साइड खाली थी , जिसे तनु अजीब नज़रों से देख रही थी की ये क्या कर रहा है , तभी वीर ने उसे अपनी ओर खींच लिया, और उसकी आंखो में देखेते हुए बोला "बच्चू आज हमारी सुहागरात है समझी, कोई सान पट्टी नही , दुनिया की नजरो मैं चाहे जो भी हो तुम दोनो मेरे नजरो मैं तो पत्नी ही रहोगी, और ऐसे कोने कोने क्यो बैठी थी, अब तो हर रोज आपको झेलना पड़ेगा, आप को तो पता ही है।
तभी तनु हस देती है और उसकी आखों में हल्की नमी थी, तभी वो वीर के गले लग जाती है और वीर उसे अलग कर के उसके होठ पर हमला कर देता है और एक हाथ से तनु की कमर और चूची बहुत जोर जोर से दबा रहा था और तनु वीर के हाथ को रोकने की कोशिश करती है।
तभी तनु को एक हाथ और अपनी कमर पर फील होता है, वो हिल नही पा रही थी की क्युकी वीर उसे पकड़ हुआ था तभी साक्षी के साथ से तनु की कमर सहलाते हुए, दूसरे हाथ से तनु के चूचों को दबा देती हैं उसकी भी पकड़ बहुत तेज थी।
इधर तनु की आंखे अब खुद बा खुद बंद होने लगी और तभी उसके ऊपर लटते हुए साक्षी उसके कान को मुंह में भर लेती है और अब तनु छटपटाने लगती है और वीर स्माइल करते हुए उसके होठ को छोड़ देता है।
तनु - तेरी आ आआ आआ आ तेरी बारी आने दे फिर बताऊंगी मैं इतने कस के निचोड़ा है तूने।
साक्षी - ही ही ही ही आदत डाल ले बन्नो।
तभी वीर एक बार और किस करना शुरू कर देता है, इस बार भी तनु ने साथ दिया और दोनो ने साक्षी और वीर ने बहुत कस के तनु को निचोड़ा जिससे तनु की आह ही निकल जा रही थी।
तभी तनु को सास लेने के लिए वीर ने छोड़ा तो तनु लुड़क गई और तकिया पर और अपना बदन सहलाते हुआ बोलती है रुक तुझे तो बताती हुं, उसकी नाक की बाली और कान के जमके, उसका जोड़ा सब उसकी प्यार की गवाई दे रहा था तभी साक्षी बोली जब ये मुझे निचोड़ रहा था तब तो तू चुप चाप आंखे सेक रही थी, जो हाल तनु का था वही हाल साक्षी का भी था।
इधर वीर ने अब साक्षी को देखा और उसकी आंखें मैं देखते हुए, उसे अपने ऊपर बैठा लिया और उसके कानो से झुमके उतारने लगा , और साक्षी इस एहसाह से सिहर सी उठी, और अगले ही पल फिर ने उसके दूसरे झुमके उतारने लगा , वो बस अपनी आखों को बंद कर के ये एहसास ले रही थी क्युकी उसे पता था अब क्या होने वाला है, तभी साक्षी ने अपनी आखों को खोला और देखा तो पाया कि वीर उसकी बाली खोल रहा है नाक की और उसके बालो से हटाते हुए मांग टीका निकल रहा है।
और अब साक्षी के बाल जो बंधे हुए थे, उसे हमेशा बंधे बाल पसन्द थे, वीर ने उसे खोल दिया और कहा "खुले बालो मैं अच्छी लगती हो"
साक्षी - ठीक है फिर आपकी जैसी मर्जी पति जी
फिर वीर साक्षी के गले पर से गहने उतारने शुरू कर दिए और साक्षी के सारे गहने उतर जाने के बाद वीर उसकी साड़ी का पल्लू भी हटा दिया , जिससे एक बार फिर साक्षी की नज़र चोड़ी हो गई और उसने साक्षी को उठा कर खड़ा किया और साक्षी की साड़ी खोल दी जिससे साक्षी अब ब्लाउज और पेटिकोट मैं रह गई थी, जिससे वो अपने लाल गाल लिए चुप चाप बेड पर बैठ गई एक दम कोने और मन ही मन इस feeling को जी रही थी, जिससे तनु हसने लगी और वीर ने अब तनु को अपनी बाहों में भर कर उसके गहने उतारने शुरू कर दिया जिसके अहसास से अब उसकी सिसक निकल आई , वही तनु के सारे गहने उतर जाने के बाद वो स्माइल करती हुई वीर को गले लगा दी, और वीर ने उसकी पतली सी कमर के थाम लिया और दोनो ऐसे ही खड़े रहे, और फिर साक्षी भी चुप चाप खड़ी हो कर दोनो के बीच घुस गई।
तभी साक्षी को वीर ने उठा कर बेड पर रख दिया और तनु ने अपनी साड़ी उतारनी शुरू कर दी और पेटीकोट और ब्लाउज मैं आ कर बेड पर बैठ गई।
तभी वीर ने साक्षी को लिटा कर अपना जींस उतार कर फेक दिया और साक्षी के ऊपर लेट गया जिससे साक्षी को अपनी चूत के ऊपर वीर का लन्ड गड़ने लगा इधर वीर बस उसे चूमे जा रहा था और ऊपर से साक्षी को चोदने लगा, जिससे साक्षी की सास अटक गई।
और तनु ने तभी वीर को एक चपत मारी जिससे वीर होश में आया और तनु साक्षी के होठ को चूमने लगी और वीर साक्षी के पेट को चूमने और उसका हाथ तनु की हिप्स पर थे और साक्षी बस आहे भर रही थी, और साक्षी इस मजे से अपनी आखें बंद कर ली और तनु ने उसके चूचों को दबनाना शुरू दिया और साक्षी आहे भरते हुए तनु को जकड़ लिया और तनु को जकड़ते ही दोनो के चूचों के मिलते ही दोनो की एक साथ आह निकल पड़ी।
और वीर ने साक्षी के ऊपर तिरछे लेते लेते तनु को पकड़ लिया और उसकी कमर को चूमना शुरू कर दिया, जिससे तनु पागल हुए जा रही थी, और तनु के साथ खेलने के बाद वीर वापिस साक्षी पर आता है और उसके पेटिकोट को खोल देता है जिससे साक्षी की सास तेज़ हो गई थी।
और वीर ने 2 सैकंड मैं साक्षी के पेटिकोट निकल दिया और ऊपर से तनु ने उसका ब्लाउज निकल दिया और साक्षी ने भी जल्दी से तनु का ब्लाउज उतार दिया।
क्युकी दोनो को नही पता था वीर कब किसके साथ क्या करे।
इधर वीर ने जैसे ही अपना मुंह साक्षी की झांग पर रखा साक्षी के पूरे शरीर में करंट दौड़ गया और इधर वीर के हाथ तनु के झाग से खेल रहे थे और उसकी गांड़ को दबा रहे थे तभी तनु के भी पेटीकोट वीर ने उतार दिए और अब साक्षी के ऊपर साइड आ कर वीर तनु और साक्षी के ऊपर आ गया और तीनो की सास बहुत तेज चल रही थी।
तभी वीर के दोनो हाथ दोनो के चूचों को दबाने मैं शुरू हो गए धीरे धीरे दोनो के ब्रा उतार गई।
ब्रा के गिरते ही साक्षी की आंखे बंद और हार्ट बीट तेज हो गई , और वीर के आखों के सामने जैसे ही साक्षी और तनु के चूचों दिखे वीर पागलों जैसे उन्हें काटना चूसना शुरू कर दिया और वीर के हर अहसास से इधर साक्षी और तनु दोनो की हालत खराब होती जा रही थी और ऊपर से तनु फिर भी कंट्रोल में थी लेकिन साक्षी की चूत पानिया गई थी।
इधर वीर के हाथ साक्षी और तनु के हाथ थाम रखे थे, और दोनो की हाथों से चूड़ियों की छन छन पूरे रूम में फेल गई थी।
तभी वीर ने तनु को इशारा किया और तनु साक्षी के ऊपर आ गई और आते ही तनु की पँटी उतार गई और अगले ही पल साक्षी की पूरी लाल हो गई और उसकी पँटी उतार गई और उसकी पैंटी उतरते ही तनु ने उसका हाथ बहुत जोर से थाम लिया जिसेसे तनु उसकी आंखो में देखती है और उसके होठ को नोचने लगती है।
इधर वीर ने अपना मुंह साक्षी की चूत पर रखते ही साक्षी सिहर उठी उसके हाथ तनु के हाथ में थे और वो छटपटा रही थी और तनु उसे पागलों जैसे चूमे जा रही थी
साक्षी - तनु तनु तनु
तनु - हा बाबा तुम्हारे पास हूं ना,
साक्षी - तनु उम्मम्मम्मम
तनु ने उसके होठ चूम लिएं जिससे वो कुछ ना कह सकी लेकिन तभी वीर साक्षी को छोड़ देता है और तनु की चूत पर अपना मुंह रख देता है जिससे तनु की आह निकलने वाली थी की साक्षी ने उसके होठ को थाम लिया, और उसके दोनो चूची को दबाने लगीं और दोनो इस कदर गर्म हो गई थी की दोनो को कुछ भी परवाह नहीं थी।
तभी तनु जो साक्षी के ऊपर लेटी हुई थी उसकी कमर और गांड़ पकड़ लेता है और जोरदार धक्का लगाते हुए वीर तनु की चूत में लन्ड उतार देता है और मौके पर ही साक्षी ने तनु का मुंह अपने मुंह में ले लिया, और एक हाथ से उसकी चूत सहलाने लगी।
तनु - शीट आआआआहह यारर थोडा आराम से aaaahahaa वीईईई वीर नही बच्चा जान आराम से ना आए कामिनी काट क्यो रही है।
साक्षी उसके होठ को अपने हाथ से बंद कर देती है और उसकी पीठ को एक हाथ से पकड़ लेती है और उसके चूचों को बारी बारी चूसने लगती है।
इधर तनु की सिसकारियां पूरे रूम मैं फेल गई थी और वो वीर को रुकने का बोल रही थी।
तभी साक्षी धीरे से उसकी ओर देख कर कहती है सारी दुनिया जिससे डरती है आज उसको एक लड़के ने परेशान कर दिया कहती थी ना मैं एक दिन ऐसे आएगा जब कोई तुम्हे प्यार से जोतेगा और तू खुद साथ देगी।
तनु - आआआहह्ह मम्मी ree थोड़ा धीरे यार पूरा जल रही है , कामिनी वो मेरे प्यार है उसी ने तो जीना सिखाया और तनु उसके होठ मैं होठ दे देती है और उसी टाइम वीर ने तनु की चूत से निकल कर साक्षी की चूत में डाल देता है जिससे साक्षी की चीख निकल जाती है।
साक्षी - आह्हह्हह आह्हह्हह्ह वीर वीर यार आह्हह्हशा उम्म उम्मम् धीरे आह।
साक्षी - आआआआहहह वीर आराम से आआहाह्ह ऐसे ही आआआहहहह उफ्फफ्फ तुमसे धीरे नही होता क्या तोड़ के रख देते हो यार हो यार दिन भर तो चुप रहते हो डाट खाते हो आआआआह मम्मी यार रात को हिम्मत इतनी आ जाती है
साक्षी - अह्हहहहह वीर मर जाऊंगी अब थोड़ा थड़ी रेस्ट दे दो थोडी देर के लिए रेस्ट दे दो आआआआआहहह यार
साक्षी की चीख सुन कर तनु उसके बाल सहलाने लगती है और वीर उठ जाता है
इधर साक्षी छूटते ही सोफे पर बैठ जाती है और उसी सोफे पर तनु के कंधे पकड़ कर वीर शुरू रहता है।
तनु - आह आराम से ऐसे ही दक्के लगाओ आआआआ येसस्सस्स yessss बेब आआआआहहह जान थोड़ा होले होले होले।
तनु - प्राण ही निकल लेते हो यार तुम , रात को तो पूरे फॉर्म में रहते हो आआ आआ
वीर - तुमसे कितना प्यार करता हूं
तनु - आआआआहहह उम्मम्म्म उम्मम्म्मम प्यार अरे प्यार तो मैं भी करती हूं बच्चा आहा , इस डायन की बारी अब छोड़ो मुझे हटो aaaaah दईया छोड़ दो यार थोड़ा सास लेने दो तोड़ कर रख देते हो।
तनु के छोड़ते ही वीर साक्षी की लेने लगता है और तनु साक्षी के चूत पर मुंह रख देती है।
साक्षी - आआआहहहह अहाशहहह वीर वीर fuck fuck fuck ohhhh goddddddd सस्ससास
साक्षी - यार वीर आआआहह्हह अहाहहह उम्मम्मम् तेज तेज तेज डक्के मारो आआ वीर वीर वीईईईईईईई बीयर
साक्षी का पूरा जिस्म अकड़ने लगा और जो झड़ने लगी थी।
साक्षी - यार अब छोड़ दो यार वाइफ हूं तुम्हारी थोड़ा रेस्ट दे दो हम दोनो को तुम तो रुक जाते हो बार बार हमारी चूत है मशीन नही बस थोड़ा रेस्ट।
तभी वीर साक्षी को दबा लेते है और उसके ऊपर लेट कर चोदने लगता है और उसके पूरे अंदर डाल देता है
और पूरा पानी साक्षी की चूत में निकल देता है।
साक्षी और तनु वीर के नीचे दबी रहती है और दोनो की चूत में वीर में एक एक बार पानी छोड़ दिया था।
साक्षी और तनु अपनी सास पकड़ रहे थे। दोनो की पिछले 1 घंटे लगातार चूदाई हो रही थी दोनो का शरीर जवाब दे गया था।
साक्षी - जब उसका पानी एक बार आ गया था, तो तूने दुबारा खड़ा क्यो करवाया डायन।
तनु - क्युकी मैं वीर को जानती हूं एक बार से उसका दिल नही भरता और 2 बार मैं 45 मिनट तक चला अब वो थक गया है तो रेस्ट करो , और गुस्सा मत हो।
साक्षी - क्यो गुस्सा से क्या हुआ
तभी साक्षी की नजर वीर के लन्ड पर पड़ती है जो वापिस खड़ा हो रहा था तभी साक्षी मासूम सी सकल बना कर कहती हैं समझ गई।
तनु - क्या समझी
साक्षी - जितना पसंदीदा पत्नी, उतनी उसकी ठोकाई होती है।
तभी साक्षी और तनु और वीर एक दूसरे को जकड़ कर लेट जाते है और 15 मिनट बाद साक्षी नोटिस करती है की उसे कुछ आवाज आ रही थी।
तभी वो देखती है की वीर तनु का मुंह दबाए उसे चोद रहा रहा था।
तनु - उम्मम्म्म इम्म्म यार आआआआह्हह्हह
तभी वीर अपना हाथ हटा देता है और तनु कहती है दिल नही भरता ना तुम्हारा।
वीर - तुमसे मेरे दिल भर जाएगा मजाक मत करो।
तभी तनु का बदन अकड़ने लगता है और वीर उसे पकड़े रहता है और तनु को झड़ने देते है।
तभी तनु को छोड़ कर वीर साक्षी के पास आता है और कहता है बस एक बार बार बस एक बार लास्ट बार प्लीज ना वाइफ
साक्षी - यार
तब तक साक्षी को वीर बड़ी सी तकिया पर टिका देता है और उसकी दमदार चूदाई शुरू कर देता है।
साक्षी का तो दिमाग ही हिल गया इतना तेज तेज दकके वीर लगा रहा था और उसके गाल पूरे लाल लाल थे, आज उसका पति उसकी ऐसी दमदार चूदाई कर रहा था की उसे दर्द और मजा का मिला जुला अहसास हो रहा था।
तभी वीर झड़ने को आता है और दोनो एक साथ झड़ जाते है और वीर साक्षी और तनु एक दुसरे के ऊपर पड़े हुए थे, और तनु कहती है मजा आई सुहागरात को।
साक्षी - हा बहुत ज्यादा ही ही ही पूरा शरीर दर्द कर रहा है लेकिन फिर भी धीरे धीरे जगह बन जाएगी तो मजा ही मजा आएगा वैसे भी इतना प्यार पति है
तनु - गुड और एक राज की बात बता
साक्षी - क्या
तनु - ये सुहागरात ना भी होती तो भी इतनी चूदाई होती तुम्हारीबस ये एक्स्ट्रा राउंड नही लगता लास्ट वाला , और अब आदत डाल लो कभी भी साड़ी उठानी पड़ जा
ये सुन कर साक्षी हसने लगती है और कहती है हम दोनो को पूरा निचोड़ दिया है या
तनु - यार पूरा शरीर दर्द कर रहा है , हाए वैसे बहुत प्यार करता है हम सब से मुझे इस बात की खुशी है, मैं क्या हूं इससे इसे फरक नही पड़ता
साक्षी - हा कहता है मुझसे एक दिन तुम और तनु साथ रहो मेरे बस बाकी खुश रखने की जिमेदारी मेरी है
तनु - प्यार जीता है इसने हम सब का मेरे लिया इतना कुछ कर रहा है प्रोमिस वीर तुम्हे कभी उदास नही होने दूंगी बस थोड़ा गुस्सा वाली हूं मैं, इस लिया बहक जाती हूं
साक्षी - तुम्हे लगता है तुम्हारे गुस्सा से उसे फर्क पड़ता है वो गुस्से मैं भी तुम्हे वाइफ समझता है, और तुम्हारे साथ रहना चाहते
तनु - बहुत प्यार करता है और ये अजीब ही है देखो इस
तभी दोनो की नज़र वीर पर पड़ती है जो नींद मैं भी दोनो को चिपकाए हुआ था, और साक्षी और तनु को नींद मैं ही धुड़ रहा था
उसकी इस हरकत पर दोनो हसने लगी और तनु एक थप्पड मारती है वीर के सर पर जिससे वीर कुनमुना जाता है और दोनो को जकड़ लेता
और दोनो हस्ते हुआ उसे सहलाने लगती है और कब सो जाती है पता ही नही चलता
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Ye shuagraat ka laat updated tha isliye bahut time laga main esa ache se finish karna chahta tha..... Aur update ki length bahut badi hai... Khair chodo yar koi fayada nhi batane ka